हिमखंड हटाकर गौरीकुंड-केदारनाथ मार्ग खोला गया, छह से दस फीट बर्फ काटी गई..
उत्तराखंड: केदारनाथ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए राहत की खबर है। भारी बर्फबारी के कारण बंद हुआ गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग अब आवाजाही के लिए खोल दिया गया है। हिमखंड जोन में 6 से 10 फीट तक बर्फ काटकर रास्ता बनाया गया हैं। मार्ग को घोड़ा-खच्चर संचालन के लिए सुरक्षित किया जा रहा है। जल्द ही केदारनाथ धाम तक आवश्यक सामानों की ढुलाई शुरू होगी। प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि मार्ग पूरी तरह सुरक्षित होने तक सतर्कता बरतें और अनावश्यक जोखिम न लें।
बुधवार देर शाम को मजदूरों की टीम ने लिनचोली से छानी कैंप और छानी कैंप से रुद्रा प्वाइंट होते हुए केदारनाथ तक बर्फ हटाने का काम पूरा कर लिया। हिमखंड जोन में 6 से 10 फीट तक जमी बर्फ काटकर मार्ग को सुगम बनाया गया। वहीं, फिसलन वाले स्थानों पर मिट्टी और पत्थर डालकर सुरक्षा के इंतजाम किए जा रहे हैं। हालांकि मार्ग खोल दिया गया है, लेकिन प्रशासन ने यात्रियों से सावधानी बरतने और सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। खासकर हिमखंड जोन और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में फिसलन को लेकर सतर्कता आवश्यक है।
20 दिन में नौ किमी क्षेत्र में बर्फ हटाई..
हिमखंड जोन में आठ से दस फीट तक बर्फ काटकर रास्ता तैयार किया गया है। लोनिवि के अधिशासी अभियंता विनय झिक्वांण का कहना हैं कि गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग को धाम तक पैदल आवाजाही के लिए खोल दिया गया है। 70 मजूदरों ने 20 दिन में 9 किमी क्षेत्र में बर्फ हटा दी है। दूसरे चरण में रुद्रा प्वाइंट से हेलिपैड और हेलिपैड से मंदिर तक बर्फ हटाई जाएगी। एमआई-26 हेलिपैड क्षेत्र से बर्फ हटाना पहली प्राथमिकता है। दस अप्रैल तक केदारनाथ में सभी प्रमुख जगहों से बर्फ हटा दी जाएगी।