राष्ट्रीय

बराबरी का दर्जा – सेना में महिला अधिकारियों को स्थाई कमीशन देने की प्रक्रिया शुरू, 31 अगस्त तक जमा करना होगा आवेदन पत्र

भारतीय सेना में महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन ( Permanent Commission) देने के लिए रक्षा मंत्रालय की स्वीकृति के बाद सेना मुख्यालय ने महिला अधिकारियों की स्क्रीनिंग के लिए एक विशेष चयन बोर्ड के गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सेना मुख्यालय ने स्थायी कमीशन के लिए पात्र महिला अधिकारियों से आवेदन करने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। ताकि बोर्ड उनके आवेदन पर विचार कर सके।

सेना के जनसंपर्क अधिकारी कर्नल अमन आनंद ने एक विज्ञप्ति में बताया कि महिला विशेष प्रवेश योजना (Women Special Entry Scheme – WSES) और अल्प सेवा कमीशन महिला (Short Service Commission Women – SSCW) के माध्यम से भारतीय सेना में शामिल महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन देने के लिए उनसे 31 अगस्त तक सेना मुख्यालय में अपना आवेदन पत्र सम्पूर्ण दस्तावेजों के साथ जमा कराने को कहा गया है। आवेदन पत्र की प्राप्ति और उनके सत्यापन के तुरंत बाद चयन बोर्ड का गठन किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि विगत माह 23 जुलाई को रक्षा मंत्रालय ने भारतीय सेना में महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन देने के लिए स्वीकृति प्रदान की थी । इस स्वीकृति के बाद सेना में महिला अधिकारियों को बड़ी भूमिकाओं के निर्वहन के लिए रास्ता साफ़ हो गया है। अभी तक सेना की जज एवं एडवोकेट जनरल (JAG) व आर्मी एजुकेशनल कॉर्प्स (AEC) शाखा में ही महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन था।

मोदी सरकार के इस आदेश के बाद भारतीय सेना के सभी दस वर्गों अर्थात आर्मी एयर डिफेंस (AAD), सिग्नल्स, इंजीनियर्स, आर्मी ऐवियेशन, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड मैकेनिकल इंजीनियर्स (EME), आर्मी सर्विस कॉर्प्स (ASC), आर्मी आर्डनेंस कॉर्प्स (AOC) और इंटेलीजेंट कॉर्प्स में शॉर्ट सर्विस कमीशंड महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन की स्वीकृति मिल गयी है।

अभी तक आर्मी में 14 साल तक शॉर्ट सर्विस कमीशन में सेवा दे चुके पुरुष अधिकारियों को ही स्थायी कमीशन का विकल्प मिल रहा था। महिला अधिकारी इससे वंचित थीं। स्थायी कमीशन से महिलाएं 20 साल तक काम कर पाएंगी। शॉर्ट सर्विस कमिशन के तहत महिला अधिकारियों को चौदह साल में रिटायर कर दिया जाता है और उन्हें पेंशन भी नहीं मिलती है। ऐसे में रिटायरमेंट के बाद महिला अधिकारियों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो जाता। इसके अलावा भी कई ऐसी सुविधाएं हैं जो इन्हें नहीं मिलती है। हालांकि, वायुसेना और नौसेना में महिला अफसरों को पहले से ही स्थायी कमीशन मिल रहा है।

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