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कोविड-19 : केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी किये आंकड़े, 24 घंटे में रिकॉर्ड संक्रमित मामले, केंद्र ने कहा ऑक्सीजन की आवाजाही में बाधा न डालें राज्य

देश में कोरोना प्रभावितों के मामले बढ़ने के साथ- साथ रोगियों के ठीक होने की संख्‍या भी लगातार बढ़ रही है। देश में पिछले 24 घंटों के दौरान 96,551 नए मामले सामने आये, तो वहीं 70,880 रोगी ठीक हुए हैं। महाराष्‍ट्र में ही एक दिन में 14,000 से अधिक रोगी ठीक हुए हैं, जबकि आंध्र प्रदेश में एक दिन में 10,000 से अधिक रोगी ठीक हुए हैं। शुक्रवार तक कुल सक्रिय मामलों की संख्या 9,43,480 हो गई है, जबकि कुल संक्रमित लोगों की संख्या 45,62,414 तक पहुँच गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार दोपहर को यह आंकड़े जारी किये हैं।

इससे ठीक हुए रोगियों की संख्‍या 35,42,663 हो गई है और रिकवरी दर 77.65 प्रतिशत पर पहुंच गई है। 60 प्रतिशत ठीक हुए नए रोगी पांच राज्‍यों अर्थात महाराष्‍ट्र, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश से हैं।

स्रोत – केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय

पिछले 24 घंटों में 96,551 नए मामले सामने आए हैं। इसमें से अकेले महाराष्ट्र से 23,000 से अधिक और आंध्र प्रदेश से 10,000 से अधिक मामले सामने आए हैं। नए मामलों में लगभग 57 प्रतिशत मामले केवल पांच राज्यों से सामने आए हैं। ये वही राज्य हैं, जो नए ठीक हुए रोगियों के मामलों में भी 60 प्रतिशत योगदान दे रहे हैं।

शुक्रवार तक देश में सक्रिय मामलों की कुल संख्‍या 9,43,480 हो गई है। महाराष्‍ट्र का इस तालिका में पहला स्‍थान है, जहां 2,60,000 से अधिक मामले सामने आए हैं। इसके बाद कर्नाटक में 1,00,000 से अधिक सक्रिय मामले सामने आए हैं।

कुल सक्रिय मामलों में से लगभग 74 प्रतिशत सबसे अधिक प्रभावित राज्‍यों महाराष्‍ट्र, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश से सामने आए हैं। इन राज्‍यों का कुल सक्रिय मामलों में 48 प्रतिशत से अधिक योगदान है।

स्रोत – केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय

पिछले 24 घंटों में 1209 मौत दर्ज हुई हैं। महाराष्ट्र में 495 लोगों की जान गई है, जबकि कर्नाटक में 129 और उत्तर प्रदेश में 94 लोगों ने जान गंवाई है। इस प्रकार अब तक कुल 76,271 लोग कोरोना के शिकार बने हैं। शुक्रवार तक कुल संक्रमित लोगों की संख्या 45,62,414 तक पहुँच गई है। इनमें से ठीक होने अथवा अस्पताल से छुट्टी दी गई मरीजों की संख्या 35,42,663 है।

ऑक्‍सीजन की आवाजाही पर किसी प्रकार का प्रतिबंध न लगाने के निर्देश

इधर, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस बात पर जोर दिया कि अस्‍पताल में भर्ती हर रोगी को ऑक्‍सीजन उपलब्‍ध कराना प्रत्‍येक राज्‍य की जिम्‍मेदारी है। मंत्रालय के अनुसार उसकी जानकारी में आया है कि कुछ राज्‍य विभिन्‍न अधिनियमों के प्रावधानों का इस्तेमाल करके ऑक्‍सीजन की अंतरराज्‍यीय मुक्त आवाजाही को रोकने की कोशिश कर रहे हैं। इसके अलावा, वे अपने राज्‍य में स्थित विनिर्माताओं अथवा आपूर्तिकर्ताओं को ऑक्‍सीजन की आपूर्ति केवल राज्‍यों के अस्‍पतालों के लिए ही करने के लिए भी मजबूर कर रहे हैं।

इस बात को ध्‍यान में रखते हुए स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने दोहराया है कि कोविड के गंभीर रोगियों के इलाज के लिए अस्‍पतालों में ऑक्‍सीजन का महत्‍वपूर्ण स्‍थान है। राज्‍यों व केन्‍द्र शासित प्रदेशों को लिखे पत्र में केन्‍द्रीय स्‍वास्‍थ्‍य सचिव राजेश भूषण ने इस बात पर जोर दिया है कि मेडिकल ऑक्‍सीजन की पर्याप्‍त और बाधारहित आपूर्ति कोविड-19 के मध्‍यम और गंभीर मामलों के इलाज के लिए एक महत्‍वपूर्ण जरूरत है। स्‍वास्‍थ्‍य सचिव ने सभी राज्‍यों व केन्‍द्र शासित प्रदेशों से यह सुनिश्चित करने का अनुरोध किया कि राज्‍यों के बीच मेडिकल ऑक्‍सीजन की आवाजाही पर कोई प्रतिबंध लागू न किया जाए। उन्‍होंने इस बात पर जोर दिया कि अस्‍पताल में भर्ती हर रोगी को ऑक्‍सीजन उपलब्‍ध कराना प्रत्‍येक राज्‍य की जिम्‍मेदारी है।

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