उत्तराखंड

केदारनाथ यात्रा में सेवा, समर्पण और सहभागिता का संदेश दे रहे जवान..

केदारनाथ यात्रा में सेवा, समर्पण और सहभागिता का संदेश दे रहे जवान..

 

 

उत्तराखंड: नेशनल डिजास्टर रिलीफ फोर्स (एनडीआरएफ) के जवान केदारनाथ यात्रा में पूरे समर्पण के साथ बाबा केदार के भक्तों की सेवाएं कर रहे हैं। गौरीकुंड से केदारनाथ तक कुल 47 जवान बीते एक पखवाड़े से सेवाएं दे रहे हैं। केदारनाथ सहित पैदल मार्ग पर आए दिन हो रही बर्फबारी से पैदल मार्ग भैरव व कुबेर गदेरा हिमखंड जोन में अति संवेदनशील बना है। यहां पर तैनात इंस्पेक्टर अमीर चंद्र कोठियाल के नेतृत्व में एनडीआरएफ के सुरक्षा जवान श्रद्धालुओं को हाथ पकड़कर रास्ता पार करा रहे हैं।

बता दे कि कुछ दिन पूर्व एक महिला अपने बच्चे को गोद में लेकर केदारनाथ दर्शन को पहुंची थी। भैरव गदेरा हिमखंड जोन में फिसलन के चलते बच्चे के साथ रास्ता पार करना आसान नहीं था। ऐसे में एनडीआरएफ के एक जवान ने नवजात को अपनी गोद में लेकर रास्ता पार करवाया। यह फोटो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई। इधर, एनडीआरएफ के कमांडेंट सुदेश द्राल का कहना हैं कि टीम की प्राथमिकता बाबा केदार के भक्तों को सुरक्षित यात्रा कराना है। क्षेत्र में खराब मौसम व मानइस तापमान में हमारे जवान निरंतर मुस्तैद हैं।

वही डीएम मयूर दीक्षित का कहना है कि यात्रा में एनडीआरएफ के साथ एसडीआरएफ, पुलिस और डीडीआरएफ के जवान बेहतरीन कार्य कर रहे हैं। यात्रा में ड्यूटी देने वाले सभी सुरक्षा कर्मियों को प्रशासन द्वारा सम्मानित किया जाएगा।वहीं, पुलिस अधीक्षक डा. विशाखा अशोक भदाणे केदारनाथ में तैनात पुलिस जवानों का मनोबल बढ़ाने के लिए उनसे निरंतर संवाद कर रही है। साथ ही बीते 20 दिनों में वह स्वयं भी चार बार पैदल मार्ग से केदारनाथ पहुंच चुकी है। उन्होंने पैदल मार्ग से धाम में तैनात पुलिस जवानों को बारिश व बर्फ से बचाने के लिए पर्याप्त मात्रा में रेनकोट भेजे हैं। उन्होंने सोनप्रयाग, गौरीकुंड, जंगलचट्टी, भीमबली, छोटी लिनचोली, बड़ी लिनचोली, छानी कैंप, रुद्रा प्वाइंट, बेस कैंप, हेलिपैड और केदारनाथ मंदिर में तैनात जवानों से स्वयं की सुरक्षा के साथ यात्रियों की सुरक्षा की अपील की है।

 

 

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