उत्तराखंड

पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तानी श्रद्धालुओं की चारधाम यात्रा पर लगा ब्रेक, 77 ने कराया था पंजीकरण..

पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तानी श्रद्धालुओं की चारधाम यात्रा पर लगा ब्रेक, 77 ने कराया था पंजीकरण..

 

उत्तराखंड: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हाल ही में हुए आतंकी हमले का असर अब उत्तराखंड की चारधाम यात्रा पर भी दिखाई देने लगा है। इस हमले के बाद पाकिस्तानी हिंदू श्रद्धालुओं के लिए चारधाम यात्रा का रास्ता बंद कर दिया गया है। इस वर्ष पाकिस्तान से कुल 77 श्रद्धालुओं ने चारधाम यात्रा, केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के लिए पंजीकरण कराया था, लेकिन अब उन्हें यात्रा की अनुमति नहीं मिल पाएगी। इस बार विदेशी श्रद्धालुओं में सबसे ज्यादा पंजीकरण संयुक्त राज्य अमेरिका, नेपाल और मलेशिया से किये गए हैं। चारधाम यात्रा को लेकर इस बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उत्साह दिखा है, लेकिन सुरक्षा कारणों से पाकिस्तानी नागरिकों की भागीदारी पर रोक लगाई गई है। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम क्षेत्र में हुए आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने विदेशी नागरिकों की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। विशेष रूप से पाकिस्तान से आने वाले तीर्थयात्रियों पर रोक, संवेदनशीलता और सुरक्षा चिंताओं को ध्यान में रखकर लगाई गई है।

30 अप्रैल से शुरू हो रही चारधाम यात्रा के लिए ऑनलाइन पंजीकरण का आंकड़ा 21 लाख पार हो चुका है। इसमें विदेशों से 24729 यात्रियों ने यात्रा पर आने के लिए पंजीकरण कराया है। इसमें पाकिस्तान से पंजीकरण करने वालों की संख्या 77 है। पहलगाम में पर्यटकों पर आतंकी हमले से पूरे देश में आक्रोश है। केंद्र सरकार ने पाकिस्तान से आने वाले लोगों को वीजा न देने के साथ भारत में रह रहे पाकिस्तानी लोगों को 48 घंटे के भीतर वापस लौटने का सख्त निर्णय लिया है।

पहलगाम आतंकी घटना ने चारधाम यात्रा पर आने के लिए पाकिस्तानी हिंदुओं के अरमानों पर पानी फेर दिया। पंजीकरण करने वाले पाकिस्तानी अब चारधाम यात्रा नहीं कर सकेंगे। जबकि अन्य देशों के यात्री अपने यात्रा प्लान के अनुसार चारधामों के दर्शन कर सकते हैं। पर्यटन विभाग के पंजीकरण आंकड़ों के अनुसार यूएस, नेपाल, मलेशिया से पंजीकरण करने वाले यात्रियों की संख्या सबसे अधिक है। अब तक लगभग 100 से अधिक देशों के लोगों ने चारधाम यात्रा पर आने के लिए पंजीकरण कराया है।

 

 

Share Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *