प्रथम वूमेंस उत्तराखंड प्रीमियर लीग में अल्मोड़ा फ्लेमिंग बर्ड ने चमोली प्रिंसेस को हराया..
उत्तराखंड: क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड की ओर से अभिमन्यु क्रिकेट एकेडमी में चल रही प्रथम वूमेंस उत्तराखंड प्रीमियर लीग में बुधवार को पांचवा मुकाबला अल्मोड़ा फ्लेमिंग बर्ड और चमोली प्रिंसेस के बीच खेला गया। मुकाबले में अल्मोड़ा फ्लेमिंग बर्ड की कप्तान जेसिया अख्तर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। कप्तान जेसिया ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए टुर्नाम्नेट का पहला शतक ठोका, उन्होंने 56 गेंदों में 107 रनों की नाबाद पारी खेलकर चमोली प्रिंसेस के सामने 20 ओवर में 149 रनों का लक्ष्य दिया। चमोली प्रिंसेस की टीम इस लक्ष्य के सामने शुरुआत से ही दबाव में दिखी और पूरी टीम कुल 58 रन बनाकर आउट हो गई। कंचन परिहार ने 25 रनों का योगदान दिया। अल्मोड़ा फ्लेमिंग बर्ड टीम की और से अंजलि कठैत ने 3 विकेट और रूचि चौहान ने दो चटकाए।
सर्दियों के सीजन में नहीं होगा उत्तराखंड में बिजली संकट..
केंद्र से मिली 1589 मेगावाट बिजली..
उत्तराखंड: प्रदेश में सर्दियों के सीजन में बिजली की किल्लत नहीं होगी। केंद्र ने छह माह के लिए 1589 मेगावाट बिजली दे दी है। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण की ओर से इस संबंध में आदेश जारी किया गया। यह बिजली एक अक्तूबर से मिलनी शुरू होगी। यूपीसीएल के एमडी अनिल कुमार का कहना हैं कि केंद्र ने गैर आवंटित कोटे से एक अक्तूबर से 31 मार्च 2024 तक माहवार बिजली आवंटन का आदेश जारी किया है। इसके तहत अक्तूबर माह में 456 मेगावाट, नवंबर में 378 मेगावाट, दिसंबर में 78 मेगावाट, जनवरी में 169 मेगावाट, फरवरी में 195 मेगावाट और मार्च में 313 मेगावाट बिजली मिलेगी।
केंद्र ने अपने सेंट्रल पूल से चंडीगढ़, हिमाचल, जम्मू कश्मीर और उत्तराखंड को नार्दर्न ग्रिड से बिजली देने का ये आदेश जारी किया है। पिछले दिनों सीएम पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह से अक्तूबर के बाद प्रदेश में बिजली संकट की आशंका के बीच माहवार बिजली की मांग की थी। उन्होंने सैद्धांतिक मंजूरी दी थी।
सर्दियों में प्रदेश की नदियों का जलस्तर गिर जाता है, जिससे यूजेवीएनएल का बिजली उत्पादन गिर जाता है। पिछले साल का आंकड़ा देखें तो एक अक्तूबर को यूजेवीएनएल का उत्पादन 2.4 करोड़ यूनिट, एक नवंबर को 1.2 करोड़ यूनिट, एक दिसंबर को 90 लाख यूनिट, एक जनवरी को एक करोड़ यूनिट उत्पादन हुआ था जबकि मांग इसके सापेक्ष कहीं ज्यादा होती है। वर्तमान में यूपीसीएल 4.4 करोड़ यूनिट की मांग पूरी कर रहा है, जिसमें यूजेवीएनएल से करीब 2.1 करोड़ यूनिट बिजली मिल रही है।
उत्तराखंड में पहाड़ों में भी स्थापित होंगे धान की खरीद के लिए केंद्र..
उत्तराखंड: प्रदेश में एक अक्तूबर से 31 दिसंबर तक धान की खरीद की जाएगी। इस बार 8.96 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही चावल का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2183 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है। राज्य में मोटे अनाजों की खरीद के लिए पहली बार पर्वतीय क्षेत्रों में क्रय केंद्र स्थापित किए जाएंगे। प्रदेश की खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रेखा आर्या ने इस संबंध में विधानसभा में अधिकारियों की बैठक ली। उनका कहना हैं कि खरीफ-खरीद सत्र 2023-24 को एक अक्तूबर से 31 दिसंबर तक चलेगा। पहले यह समयावधि 31 जनवरी तक की गई थी।
इसके बाद मंडुवा के उत्पादन के लिए 1.26 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य रखा गया है, जबकि इसका न्यूनतम समर्थन मूल्य 3,846 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। मंत्री आर्या का कहना है कि सहकारिता, एफसीआई, यूपीसीयू और यूसीसीएफ आदि से क्रय केंद्र खोले गए हैं। इन संस्थाओं को निर्देशित किया गया कि किसानों को चावल की खरीद के संबंध में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
नियमानुसार 72 घंटे के भीतर भुगतान किया जाए। इसके अलावा बोरों की भी व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसानों को खरीद केंद्रों तक अपनी फसल पहुंचाने में दिक्कत न हो। बैठक में प्रमुख सचिव खाद्य एल फैनई, अपर सचिव सहकारिता अलोक पांडेय, अपर आयुक्त पीएस पांगती, मुख्य विपणन अधिकारी महेंद्र सिंह आदि उपस्थित थे
सीएम धामी ने 15 ग्राम पंचायतों को किया सम्मानित..
उत्तराखंड: सीएम पुष्कर सिंह धामी ने गांवों में स्वच्छता की मिसाल बनने वाले नैनीताल, चंपावत, देहरादून, ऊधम सिंह नगर जिले की 15 ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधानों को सम्मानित किया। इस अवसर पर स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पांच पर्यावरण मित्रों को भी सम्मानित किया गया। इससे पूर्व सीएम ने मुख्य सेव सदन में आयोजित कार्यक्रम में स्वच्छता सेवा पखवाड़ा अभियान की शुरुआत की। यह अभियान दो अक्तूबर तक चलेगा। उन्होंने स्वच्छता ही सेवा गीत का भी विमोचन किया। सीएम धामी ने सभी पंचायतों और स्वच्छता दूतों का आभार जताया। कहा, स्वच्छता दूत ही स्वच्छता अभियान की धुरी बताया।
कहा, जो सम्मान राज्य ने प्राप्त किया, वो इनके बिना असंभव था। भारतीय संस्कृति और दर्शन में स्वच्छता हमेशा से सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। ये हमारे मूल्यों और संस्कारों का अभिन्न अंग है। पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रहे स्वच्छ भारत मिशन की वजह से देश स्वच्छता के प्रति, पुनः जागृत हुआ है। उन्होंने अपेक्षा की कि इस महाअभियान में सभी पंचायत प्रतिनिधि, समुदाय स्तरीय संगठन, स्वयं सेवी संगठन एवं समस्त नागरिक अपना महत्वपूर्ण योगदान देंगे और पिछले वर्षों की भांति अभियान को सफल बनाएंगे।
उत्तराखंड में खाली पदों को नहीं भर पा रहा विभाग, समग्र शिक्षा में है ऐसा हाल..
उत्तराखंड: केंद्र और राज्य सरकार जहां कई विभागों में खाली पदों को भरने के लिए न सिर्फ जोर दे रही, बल्कि इसके लिए पैसा भी देने को तैयार हैं, इसके बावजूद समग्र शिक्षा में आउटसोर्स के 1519 पदों को पिछले तीन साल से भी अधिक समय से नहीं भर जा सके हैं। इससे प्रारंभिक और माध्यमिक शिक्षा व्यवस्था को पहले से बेहतर बनाने की योजना पर असर पड़ रहा है। राज्य में समग्र शिक्षा अभियान के तहत आउटसोर्स के 1797 पदों में से 1519 पद खाली हैं। यह हाल तब है, जबकि केंद्र सरकार इन पदों पर खर्च होने वाली 90 प्रतिशत धनराशि देने को तैयार हैं, लेकिन विभाग इन पदों को नहीं भर पा रहा है।
अधिकतर पद सीआरपी और बीआरपी के..
इससे बीआरपी के 285, सीआरपी के 670, रिसोर्स पर्सन आईईडी के 161, लेखाकार कम सपोर्ट स्टाफ के 331, डाटा एंट्री ऑपरेटर 14 और परिचारक के आउटसोर्स के 20 पद सहित कई अन्य पद खाली हैं। विभागीय अफसरों का कहना है कि इसमें अधिकतर पद सीआरपी और बीआरपी के हैं। इन सभी पदों को भरने के लिए आउटसोर्स एजेंसी का चयन करने के साथ ही न्यूनतम शैक्षिक योग्यता तय की जानी है। समग्र शिक्षा के अधिकतर पद खाली होने से स्कूल स्तर पर आठ लाख से अधिक छात्र-छात्राओं को केंद्र की योजना का समय पर लाभ नहीं मिल पा रहा है। छात्र-छात्राओं को मुफ्त किताबें, स्कूल ड्रेस तय समय पर नहीं मिल पा रहीं, जबकि स्कूल स्तर से राज्य परियोजना कार्यालय को सूचनाओं का आदान प्रदान भी समय पर नहीं हो पा रहा है।
नियुक्तियों को लटका रहा विभाग..
बेरोजगारों का कहना है कि 26 मई 2023 को सभी के लिए शिक्षा परिषद समग्र शिक्षा योजना की कार्यकारिणी परिषद की बैठक हुई थी। बैठक में नियुक्तियों के संबंध में निर्णय के बाद भी विभाग शासन को और शासन विभाग को प्रस्ताव भेजकर नियुक्तियों को जानबूझकर लटकाए हुए है। समग्र शिक्षा में कंप्यूटर प्रोग्रामर, कनिष्ठ अभियंता, लेखाकार, मैनेजर टेक्नोलॉजी मैनेजमेंट, कंप्यूटर ऑपरेटर, वाहन चालक, टेक्निकल एक्सपर्ट एमआईएस, सहायक अभियंता के पद भी पिछले काफी समय से खाली हैं।
ये है केंद्र की योजना..
केंद्र सरकार ने समग्र शिक्षा अभियान की शुरुआत चार अगस्त 2021 में की थी, ताकि देश की शिक्षा व्यवस्था को पहले से बेहतर बनाया जा सके, जबकि इससे पहले केंद्र सरकार ने सर्व शिक्षा अभियान शुरू किया, जो प्रारंभिक शिक्षा से संबंधित था, लेकिन समग्र शिक्षा अभियान प्रारंभिक और माध्यमिक शिक्षा का सम्मिलित रूप है। इसके लिए केंद्र सरकार राज्य को 90 प्रतिशत धनराशि देती है, जबकि 10 प्रतिशत धनराशि राज्य को वहन करनी होती है। समग्र शिक्षा में सीआरपी, बीआरपी के पदों को आउटसोर्स से भरने के लिए राज्य परियोजना निदेशालय से शैक्षिक योग्यता के संबंध में प्रस्ताव मांगा गया है। इसके लिए आउटसोर्स एजेंसी का भी चयन किया जाना है। न्यूनतम शैक्षिक योग्यता तय होने और एजेंसी के चयन के बाद ही खाली पद भरे जा सकेंगे।
उत्तराखंड मीट- माउथ आर्गन पर सदाबहार गीतों की मच गई धूम..
उत्तराखंड: जरा होले-होले चलो, छूकर मेरे मन को, लाखों है निगाहों में, हम पंछी मस्ताने जैसे सदाबहार गीतों की दिलकश धुनों को माउथ आर्गन पर बजाकर हार्मोनिका प्लेयर्स ने समा बांध दिया। देहरादून में हुई पहली उत्तराखंड माउथ आर्गन लवर्स मीट में प्रदेश से ही नहीं लखनऊ, दिल्ली एनसीआर, आगरा से भी हार्मोनिका प्लेयर्स अपने हुनर का जलवा बिखरने पहुंचे थे। देहरादून के क्रास मॉल रोड के पास स्थित एक होटल में माउथ आर्गन के दिग्गज प्लेयर राजेश गोस्वामी और वरिष्ठ साथी गोपाल शर्मा ने कार्यक्रम उद्घाटन किया।
तीन चरणों में हुई इस मीट में 25 से अधिक माउथ आर्गन प्लेयर्स ने अपनी प्रस्तुति से उपस्थित श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। बचपन में अपनी आंखें खो चुके प्रकाश मधवाल और दिग्गज राजेश गोस्वामी कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण रहे। मधवाल ने सांसों की जरूरत हो जैसे, देखा न हाय रे, मैं दुनिया भुला दूंगा की सुरीली धुनें सुना कर सबको चकित कर दिया।
आ जा सनम मधुर चांदनी में हग की धुन हूबहू बजाकर सबको थिरकने के लिए मजबूर किया। लखनऊ से आए संदीप जोशी ने जुल्मी संग आंख लड़ी समेत कई गीतों की धुनें सुनाई। उनकी बजाई बेडो पाको बारह मासा व अन्य पहाड़ी धुनों को खूब दाद मिली। कार्यक्रम संयोजक आलोक बहुगुणा ने तुमने मुझे देखा, लाखों हैं निगाहों में, अनिल क्षेत्री ने किसी न किसी से सुनाया।
सुबीर चक्रवर्ती ने रात के हमसफर, विकास बिष्ट ने पुकारता चला हूं मैं, देवेंद्र पांडेय ने छू कर मेरे मन को, शुभम थपलियाल ने छोड़ दो आंचल,मनोज माथुर ने छलकाय जाम, राकेश खंडूड़ी ने रहे न रहे हम, भुवन शाह ने मेरे दिल ये पुकारे, नवीन कुमार ने जरा होले-होले चले मेरे साजना गीतों की धुन से सबका मनोरंजन किया। मीट में देहरादून, दिल्ली और उत्तराखंड के प्लेयर्स ने संयुक्त प्रस्तुति भी दी।
पीएम के जन्मदिन पर सीएम धामी ने किया ‘स्वच्छता लीग मैराथन’ का शुभारंभ..
उत्तराखंड: सीएम पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर देहरादून के परेड ग्राउंड में नगर निगम देहरादून द्वारा आयोजित ‘स्वच्छता लीग मैराथन’ का शुभारंभ किया। इस दौरान सीएम धामी ने पीएम के नौ साल की उपलब्धियां गिनाते हुए उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की। सीएम धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री के नौ साल के कार्यकाल में देश ने अनेक उपलब्धियां हासिल की हैं।
आज दुनिया में भारत का मान, सम्मान और स्वाभिमान बढ़ा है। भारत की अध्यक्षता में आयोजित जी-20 की देशभर में 200 से भी अधिक बैठकें देश के अनेक स्थानों पर हुई।
जी-20 की तीन बैठकें आयोजित करने का अवसर उत्तराखंड को भी मिला। इस समिट में पूरी दुनिया ने भारत की संस्कृति और सामर्थ्य को देखा। सीएम ने कहा कि प्रधामंत्री जी का देवभूमि उत्तराखंड से विशेष लगाव है। उनके नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में शामिल होने की दिशा में अग्रसर है।
पीएम मोदी के 73वें जन्मदिन पर बद्रीनाथ-केदारनाथ धाम में हुई विशेष पूजा..
उत्तराखंड: पीएम नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर आज देवभूमि उत्तराखंड में सुबह चारों धामों बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमनोत्री में विशेष पूजा अर्चना की गई। सीएम धामी ने पीएम मोदी को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी हैं। देवभूमि उत्तराखंड के चारों धामों में पीएम मोदी के जन्मदिन के अवसर पर विशेष पूजा अर्चना की गई। इसके साथ ही मंदिर में यज्ञ-हवन किया गया। पीएम के जन्मदिन पर पूजा कर उनकी आरोग्यता, दीर्घायु और देश की सुख-समृद्धि की कामना की गई।
पंचबद्री और पंच केदार में भी की गई पूजा..
पीएम मोदी के बर्थडे के अवसर पर पंचबद्री और पंचकेदार के साथ उत्तराखंड के कई मंदिरों में पूजा कर पीएम के लिए आरोग्य, दीर्घायु और यश की कामना की। भाजपा कार्यर्ताओं ने प्रदेशभर में 2,799 शक्ति केंद्रों पर हवन करवाया गया।
सीएम धामी ने पीएम मोदी को दी जन्मदिन की शुभकामनाएं..
पीएम नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पीएम मोदी को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी हैं। इसके साथ ही सीएम धामी ने पीएम मोदी के आरोग्य के लिए भगवान बद्रीविशाल से कामना की है।
बिजली ज्यादा खर्च करने पर लगेगा जोरदार झटका..
उत्तराखंड: प्रदेश में बिजली कनेक्शन की स्वीकृत क्षमता से अधिक लोड इस्तेमाल करना अब भारी पड़ेगा। ऊर्जा निगम ने ऐसे उपभोक्ताओं पर पूरे प्रदेश में कार्रवाई शुरू कर दी गई है। अकेले देहरादून के ही केंद्रीय, उत्तर और दक्षिण डिवीजन में 10 हजार नोटिस जारी किए गए हैं। विद्युत नियामक आयोग की ओर से विद्युत दरों में प्रति किलोवाट – प्रतिमाह के हिसाब से फिक्स चार्ज तय है। यूपीसीएल ने फील्ड में हुई कई जांचों में पाया कि कई उपभोक्ता कम विद्युत भार का कनेक्शन लेकर ज्यादा का प्रयोग कर रहे हैं।
अगर किसी के घर में दो या तीन किलोवाट का बिजली कनेक्शन है, लेकिन बिजली का लोड लगातार चार, पांच किलोवाट या इससे अधिक जा रहा है। यूपीसीएल का तर्क है कि इससे उसे आर्थिक घाटा हो रहा है। ओवरलोड, ट्रांसफार्मर फुंकने, सप्लाई में बार-बार बाधा आने जैसी समस्याएं आ रही हैं।
यूपीसीएल के देहरादून शहरी क्षेत्र के एसई राहुल जैन का कहना हैं कि तीन बिलिंग चक्र में लगातार क्षमता से अधिक विद्युत भार का उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। यदि नोटिस होने पर भी ऐसे उपभोक्ता ने अपना विद्युत भार नहीं बढ़ाया तो उनसे पांच बिलिंग चक्र के बाद अतिरिक्त लोड के हिसाब से जुर्माना वसूला जाएगा।
दो से चार किलोवाट तक 70 रुपये प्रति किलोवाट प्रतिमाह फिक्स चार्ज है। यदि किसी का तीन किलोवाट का कनेक्शन है तो फिक्स चार्ज 210 रुपये प्रति माह बनता है। दो महीने के बिल में 420 रुपये फिक्स चार्ज जुड़ता है। अगर कोई उपभोक्ता तीन से बढ़ाकर चार किलोवाट का कनेक्शन कर देता तो बिल पर फिक्स चार्ज बढ़कर प्रतिमाह 280 हो जाएगा। दो महीने के बिल में 560 रुपये देने होंगे यानी एक किलोवाट की बढ़ोतरी पर 140 रुपये अधिक देने होंगे।
मिनिस्टीरियल कर्मचारियों को मिलेगा ग्रेड वेतन का लाभ..
हाईकोर्ट ने की सरकार की अपील खारिज…
उत्तराखंड: नैनीताल हाईकोर्ट ने एकलपीठ के आदेश को बरकरार रखते हुए प्रदेश सरकार की स्पेशल अपील को खारिज कर दिया है। एकलपीठ ने अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों में कार्यरत तृतीय संवर्ग के मिनिस्टीरियल कर्मचारियों को ग्रेड वेतन का लाभ सरकार को एक जनवरी 2013 से देने का फैसला पारित किया है।
बीते गुरुवार को मुख्य न्ययायधीश न्यायमूर्ति विपिन सांघी एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ में सरकार की स्पेशल अपील पर सुनवाई हुई। सरकार ने हाईकोर्ट में स्पेशल अपील दायर कर एकलपीठ के तृतीय संवर्ग में कार्यरत कर्मचारियों को ग्रेड वेतन का लाभ एक जनवरी 2013 से देने के आदेश को चुनौती दी थी।
ये था विवाद..
आपको बता दे कि अशासकीय विद्यालयों में कार्यरत मिनिस्टीरियल कर्मचारियों की ओर से नारायण दत्त पांडे व अन्य ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता हरेंद्र बेलवाल की ओर से कोर्ट को अवगत कराया कि अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में यह लाभ अध्यापकों व चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को पूर्व से दिया जा रहा है। एकलपीठ के इस आदेश के खिलाफ सरकार ने हाईकोर्ट में स्पेशल अपील दायर कर चुनौती दी थी। खंडपीठ ने सरकार की स्पेशल अपील को खारिज करते हुए एकलपीठ के आदेश को सही माना है।
