धामी सरकार के बड़े फैसलों को राष्ट्रीय स्तर पर भुनाएगी भाजपा..
उत्तराखंड: भाजपा धामी सरकार के समान नागरिक संहिता, सख्त नकल विरोधी कानून, दंगा रोधी कानून, लैंड जिहाद, जबरन धर्मांतरण रोकने के कानून को राष्ट्रीय स्तर पर भुनाएगी। इन बड़े फैसलों का जनता के बीच में प्रचार करने के लिए पार्टी ने सीएम पुष्कर सिंह धामी को राजस्थान, उत्तरप्रदेश और जम्मू कश्मीर के प्रमुख स्टार प्रचारकों में शामिल किया है।
धामी इन तीनों राज्यों में चुनाव प्रचार करेंगे। माना जा रहा है कि उत्तराखंड जैसे छोटे राज्य में बड़े फैसलों और निर्णयों से सीएम पुष्कर सिंह धामी की डिमांड राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ी है। लोकसभा चुनाव को लेकर भाजपा ने टॉप स्टार प्रचारकों की सूची जारी कर दी है। इस सूची में भी देवभूमि से सीएम पुष्कर सिंह धामी टॉप पर हैं। तीनों राज्यों में करीब 30 से 40 स्टार प्रचारक हैं लेकिन उत्तराखंड से सिर्फ सीएम धामी का नाम शामिल है। भाजपा केंद्रीय नेतृत्व लोस चुनाव में धामी सरकार के बड़े फैसलों को देशभर में नजीर के रूप में प्रदर्शित करना चाहता है।
ग्रीन बोनस और बाहरी लोगों से पड़ने वाला बोझ घटाने को मांगेंगे अनुदान..
उत्तराखंड: प्रदेश को केंद्र सरकार से ग्रीन बोनस और बाहरी राज्यों से आने वाली आबादी के बदले अनुदान मिले, इसके लिए राज्य सरकार 16वें वित्त आयोग से पैरवी करेगी। आयोग के समक्ष राज्य का पक्ष रखे जाने के लिए तैयार होने वाले विषयों को लेकर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने बुधवार को अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए।उन्होंने ताकीद किया कि इन्हीं दिशा-निर्देशों के आधार पर समय पर रिपोर्ट तैयार की जाए। उन्होंने इसके लिए विभागीय स्तर पर नोडल अफसर बनाने के भी निर्देश दिए। बता दें कि केंद्र सरकार ने नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष डॉ. अरविंद पनगढिया की अध्यक्षता में चार सदस्यीय 16वें वित्त आयोग का गठन किया है। आयोग एक अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक पांच की अवधि के लिए अपनी रिपोर्ट 31 अक्तूबर 2025 तक उपलब्ध करानी है।
सभी विभागों की यह पहली बैठक..
आपको बता दे कि उत्तराखंड को भी आयोग के समक्ष अपना पक्ष रखना है, ताकि राज्य की आर्थिक, सामाजिक, पर्यावरणीय, सांस्कृतिक व अन्य आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अपनी सिफारिशों के मानकों का निर्धारण कर सके। 16वें वित्त आयोग के संबंध में सभी विभागों की यह पहली बैठक थी। बैठक में बताया गया कि 15वें वित्त आयोग से राज्य को पांच साल के लिए 28 हजार करोड़ रुपये का राजस्व घाटा अनुदान मिला। सीएस ने इसके लिए तैयारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने आपदा, पर्यावरण और विभागों के स्तर पर अपग्रेडेशन वाले कार्यों के लिए भी रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए।
अकाली दल से नहीं बनी बात, भाजपा ने पंजाब में अकेले चुनाव लड़ने का किया ऐलान..
देश-विदेश: पंजाब की सभी 13 सीटों पर बीजेपी अकेले चुनाव लड़ेगी। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने इसकी जानकारी एक्स पर दी। पंजाब में शिरोमणि अकाली दल और भाजपा के गठबंधन की अटकलें लगाई जा रही थीं। मगर सुनील जाखड़ ने इन अटकलों पर विराम लगा दिया है। एक्स पर जारी एक वीडियो में जाखड़ ने कहा कि भाजपा पंजाब में अकेली ही लोकसभा चुनाव लड़ेगी। सुनील जाखड़ का कहना हैं कि भारतीय जनता पार्टी पंजाब में अकेले लोकसभा चुनाव लड़ने जा रही है। उन्होनें कहा कि लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं से मिले फीडबैक के बाद भारतीय जनता पार्टी ने यह फैसला लिया है। जाखड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा ने जो काम किए हैं, वे किसी से छिपे नहीं हैं। भाजपा नेता ने यह भी कहा कि पिछले 10 वर्षों में किसानों की उपज न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदी गई है।
सीएम केजरीवाल से इस्तीफे की मांग, दिल्ली में BJP कार्यकर्ताओं का जोरदार प्रदर्शन..
देश-विदेश: दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के इस्तीफे की मांग को लेकर भाजपा ने दिल्ली मे विरोध प्रदर्शन किया। भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता अरविंद केजरीवाल के सीएम पद से इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। बीजेपी नेता मनजिंदर सिंह सिरसा का कहना है कि वे शराब घोटाले से ध्यान भटकाना चाहते हैं, वे कहते रहते हैं कि उन्हें (जेल से) आदेश मिल रहे हैं। केजरीवाल ईडी की हिरासत में ड्रामा कर रहे हैं।
अरविंद केजरीवाल को इस्तीफा देना होगा..
उन्होंने कहा कि मैंने एलजी और ईडी निदेशक को लिखित शिकायत दी है कि उन्होंने जो झूठा पत्र पेश किया है, उस पर कार्रवाई की जानी चाहिए। जिस तरह से गैंगस्टर और जबरन वसूली करने वाले जेल से गिरोह संचालित करते हैं, वे सीएम कार्यालय को संचालित करना चाहते हैं। अरविंद केजरीवाल जैसा भ्रष्ट व्यक्ति सीएम नहीं बन सकता। उन्हें इस्तीफा देना होगा।
हरिद्वार सीट पर बसपा ने जिसे बनाया था उम्मीदवार, उसी ने ज्वाइन की BJP..
उत्तराखंड: हरिद्वार में बहुजन समाज पार्टी को बड़ा झटका लगा है। हरिद्वार लोकसभा सीट से प्रत्याशी भावना पांडे ने बसपा से इस्तीफा दे दिया है। बता दें कुछ समय पहले ही भावना पांडे ने बसपा ज्वाइन की थी। जिसके बाद उन्हें हरिद्वार सीट से मैदान में उतारा था। जानकारी के अनुसार भावना पांडे ने होली पर बीजेपी प्रत्याशी त्रिवेंद्र सिंह रावत से होली पर मुलाकात के बाद बसपा छोड़ने का फैसला लिया है। बता दें 22 मार्च को बसपा के प्रदेश प्रभारी और प्रदेश अध्यक्ष की मौजूदगी में भावना ने बसपा ज्वाइन की थी।
वहीं सोमवार को भावना पांडे ने होली के मौके पर भाजपा प्रत्याशी त्रिवेंद्र सिंह रावत से मुलाकात की। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार वह आज भाजपा ज्वाइन कर सकती हैं। जिसके बाद वे त्रिवेंद्र सिंह रावत के समर्थन में उतरेंगी। बसपा के प्रदेश अध्यक्ष चौधरी शीशपाल ने जानकारी दी की जॉइनिंग के बाद से भावना पांडे पार्टी नेताओं के संपर्क में नहीं हैं और ना ही किसी का फोन उठा रही हैं। बसपा प्रदेश अध्यक्ष का कहना हैं कि उनके पास नेताओं की कमी नहीं है। जल्द ही नए प्रत्याशी की घोषणा की जाएगी।
सूत्रों की मानें तो बसपा से एक मुस्लिम उम्मीदवार का नाम तय कर लिया गया है। जिसकी जल्द ही घोषणा की जाएगी। भावना पांडे के बसपा में शामिल होने के बाद से कयास लगाए जा रहे थे कि वो मुस्लिम वोट बैंक में उतनी ज्यादा सेंध नहीं लगा पाएंगी। उल्टा भावना पांडे पार्वती वोट बैंक में सेंधमारी कर सकती हैं। जिसका नुकसान सीधे तौर पर भाजपा को होना था। लेकिन बसपा से इस्तीफा देने के बाद से समीकरण में बड़ा बदलाव होने की उम्मीद है। बता दें बीते दिनों पहले बसपा के वरिष्ठ नेता हरिदास व उनके बेटे आदित्य बृजवाल ने बसपा छोड़ भाजपा का दामन थामा था।
दुनिया भर में प्रसिद्ध है देवभूमि की ये होली, यहां महिलाओं की होती है बैठकी तो पुरुष गाते हैं फाग..
उत्तराखंड: देश में होली के रंगों की धूम मची हुई है। साल भर हर एक शख्स इस रंगों के त्यौहार का बड़ी बेसबरी से इंतजार करता है। यहां हर जगह होली अलग अलग तरीके से मनाई जाती है। कहीं लठमार होली होती है तो कहीं फूलों की होली खेली जाती है। उत्तराखंड की खड़ी और बैठकी होली देशभर में मशहूर है। देश के कई स्थानों की होली ना केवल विशेष महत्व रखती है बल्कि ये निराले अंदाज में भी मनाई जाती है। ऐसी ही विशेष होली देवभूमि उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र में मनाई जाती है। जहां होली सिर्फ रंगों से नहीं बल्कि रागों से भी खेली जाती है। कुमाऊं की होली का समृद्ध इतिहास 400 सालों से भी ज्यादा पुराना है।
देश के कई स्थानों की होली ना केवल विशेष महत्व रखती है बल्कि ये निराले अंदाज में भी मनाई जाती है। ऐसी ही विशेष होली देवभूमि उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र में मनाई जाती है। जहां होली सिर्फ रंगों से नहीं बल्कि रागों से भी खेली जाती है। कुमाऊं की होली का समृद्ध इतिहास 400 सालों से भी ज्यादा पुराना है।चीर बंधन के बाद कुमाऊं के हर घर में आए दिन होली के गीत गाए जाते हैं। जिसकी शुरूआत गांव के मंदिर से होती है। कुमाऊं में बैठकी होली, पौष माह के पहले रविवार से ही शुरू हो जाती है। बैठकी होली को कुमाऊंनी होली का सबसे लोकप्रिय रूप माना जाता है। इसमें रात को संगीत सभाएं लगती हैं और स्वांग के बिना तो ये होली अधूरी मानी जाती है।
कुमाऊं में एकादशी की शुरूआत से गांवों में ढोल झांझर और कदमों की खास ताल से खड़ी होली का गायन शुरू हो जाता है। चीर बंधन के साथ शिव स्तुति से खड़ी होली का गायन शुरू होता है। ढोल नगाड़ों की थाप पर धुन, लल और ताल के साथ नृत्य करते लोग ही इस होली का मुख्य आकर्षण होते हैं।बैठकी होली की तरह ही यहां महिला होली भी मनाई जाती है। जहां महिलाओं की बैठकें लगती हैं। जिसमें गीत-संगीत सिर्फ महिलाओं पर ही आधारित होते हैं। राग-दादरा और राग कहरवा में गाए जाने वाले कुमाऊंनी होली में राधा कृष्ण, राजा हरिशचन्द्र, श्रवण कुमार सहित रामायण और महाभारत काल की गाथाओं का वर्णन भी किया जाता है।
उत्तराखंड HC ने 13 मार्गों पर चलने वाली निजी बसों के परमिट पर रोक जारी की..
उत्तराखंड: नैनीताल हाईकोर्ट ने शुक्रवार को 13 राजकीय मार्गों पर निजी बसों के परमिट जारी करने पर फिलहाल रोक लगा दी है। मुख्य न्यायाधीश रितु बाहरी और न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की युगलपीठ में इस मामले में सरकार को जवाब दाखिल करने को कहा है। मामले के अनुसार उत्तरांचल रोड़वेज कर्मचारी यूनियन के प्रदेश महामंत्री अशोक चौधरी ने राजकीय मार्गों पर निजी वाहन कंपनियों को परमिट जारी करने के आदेश के खिलाफ याचिका दायर की थी। उनका कहना था कि सरकार ने उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों के लिए निर्धारित 13 मार्गों को निजी वाहनों के लिए खोल दिया है। सरकार का यह निर्णय गलत है। इससे रोड़वेज की आमदनी प्रभावित होगी और पूरे रोड़वेज पर असर पड़ेगा।
सरकार की ओर से कहा गया कि याचिका पोषणीय नहीं है। क्योंकि याचिकाकर्ताओं ने इस संबंध में सरकार के समक्ष कोई आपत्ति दर्ज नहीं करवाई। सरकार के इस निर्णय को अपीलीय प्राधिकरण में चुनौती देनी चाहिए। जिस पर याचिकाकर्ता की ओर से बताया गया कि आपत्ति दर्ज करवाई गई थी पर उसे दरकिनार कर दिया गया। जिसके बाद कोर्ट ने इस मामले में जारी परमिट पर अस्थाई रोक लगाते हुए सरकार से जवाब प्रस्तुत करने को कहा है।
राज्य हित में एक विवि एक शोध पर काम शुरू, राज्यपाल ने दिए निर्देश..
उत्तराखंड: राज्य हित में विश्वविद्यालयों ने एक विश्वविद्यालय एक शोध पर काम शुरू कर दिया है। गुरुवार को राजभवन में हुई राज्य विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की बैठक में सभी कुलपतियों ने वर्तमान तक की प्रगति का संक्षिप्त प्रस्तुतीकरण दिया। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने सभी को जनवरी 2025 तक शोध कार्य पूरा कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उनका कहना हैं कि विश्वविद्यालय राज्य के सामाजिक और आर्थिक विकास में अपनी अहम भूमिका निभाए। राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालयों के शोध एवं अनुसंधान का लाभ लोगों को मिले तभी इसकी सार्थकता होगी। सभी कुलपतियों को कार्य को लेकर स्वायत्तता दी गई है।
कुलपति आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और टेक्नोलॉजी का उपयोग करते हुए विश्वविद्यालयों में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करें। उन्होंने विश्वविद्यालयों के हर क्रिया-कलापों में तकनीकी का अधिकाधिक उपयोग करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि राज्यपाल ने सभी विवि को पूर्व में राज्य हित में एक विवि एक शोध के निर्देश दिए थे। विश्वविद्यालयों ने इस पर काम शुरू कर दिया है।
शराब घोटाले में क्या है गड़बड़ी, कैसे शुरू हुई जांच और कितने लोग हुए गिरफ्तार..
देश-विदेश: एक तरफ देश लोकसभा चुनावों की तैयारी कर रहा है तो दूसरी तरफ दिल्ली की सियासत में एक बड़ा उफान देखने को मिला है। इस बार ये गाज दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के ऊपर गिरी है। शराब घोटाले में सीएम अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार किया गया है। आजाद भारत में ऐसा कम ही हुआ है जब किसी मुख्यमंत्री को इस तरह से गिरफ्तार किया गया हो। वहीं इससे पहले आप पार्टी को दो बड़े नेता मनीष सिसोदिया और संजय सिंह पहले ही जेल जा चुके हैं। और अब अरविंद केजरीवाल से पूछताछ की जा रही है। जहां केजरीवाल की गिरफ्तारी को आप के कार्यकर्ता भाजपा की साजिश बता रहे हैं तो वहीं कांग्रेस के भी कुछ नेताओं ने केजरीवाल को अपना समर्थन दिया है। देश भर में आप के कार्यकर्ता अपने मुखिया की गिरफ्तारी से नाराज है और जगह जगह प्रदर्शन कर रहे हैं। आइये जानते हैं कि शराब घोटाला क्या है।
क्या है दिल्ली की नई शराब नीति..
दिल्ली सरकार ने राज्य में नई शराब नीति को 17 नवंबर 2021 को लागू किया था।
इसके तहत राजधानी में 32 जोन बनाए गए और हर जोन में ज्यादा से ज्यादा 27 दुकानें खुलनी थीं।
इस तरह से कुल मिलाकर 849 दुकानें खुलनी थीं।
नई शराब नीति में दिल्ली की सभी शराब की दुकानों को प्राइवेट कर दिया गया।
इसके पहले दिल्ली में शराब की 60 प्रतिशत दुकानें सरकारी और 40 प्रतिशत प्राइवेट थीं।
नई नीति लागू होने के बाद 100 प्रतिशत प्राइवेट हो गईं। सरकार ने तर्क दिया था कि इससे 3,500 करोड़ रुपये का फायदा होगा।
इसी के साथ एक और परिवर्तन देखने को यह मिला कि नई नीति के बाद शराब की दुकान के लिए जो लाइसेंस लगता था, उसकी फीस कई गुना बढ़ गई थी। तकनीकी भाषा में उसे एल 1 लाइसेंस कहते हैं जिसके लिए कोई दुकानदार पहले 2 लाख रुपये देते थे, बाद में पांच करोड़ तक देने पड़ रहे थे। लेकिन फिर विवाद इसलिए खड़ा हुआ क्योंकि नीति लागू होने के बाद राजस्व में भारी कमी के आरोप लगने लगे।
कैसे हुई मामले में जांच?
ये बात है साल 2022 की जब दिल्ली के तत्कालीन मुख्य सचिव ने आबकारी नीति में अनियमितता होने के संबंध में एक रिपोर्ट उपराज्यपाल को सौंपी थी। इसमें नीति में गड़बड़ी होने के साथ ही तत्कालीन उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया पर शराब कारोबारियों को अनुचित लाभ पहुंचाने का आरोप लगाया गया था।
इस रिपोर्ट के आधार पर उपराज्यपाल ने नई आबकारी नीति (2021-22) के क्रियान्वयन में नियमों के उल्लंघन और प्रक्रियात्मक खामियों का हवाला देकर 22 जुलाई,2022 को सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। इस पर सीबीआई ने सिसोदिया समेत 15 के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। इस आधार पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया था।
सीबीआई और ईडी का आरोप..
वहीं सीबीआई और ईडी का आरोप है कि आबकारी नीति को संशोधित करते समय अनियमितता की गई और लाइसेंस धारकों को अनुचित लाभ दिया गया। इसमें लाइसेंस शुल्क माफ या कम किया गया। इस नीति से सरकारी खजाने को 144.36 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
वहीं मामले में जांच की सिफारिश करने के बाद 30 जुलाई 2022 को दिल्ली सरकार ने नई आबकारी नीति को वापस लेते हुए पुरानी व्यवस्था बहाल कर दी थी।
दिल्ली शराब घोटाले में कौन-कौन गिरफ्तार.
वहीं अब तक इस मामले में जिन लोगों की गिरफ्तारी हुई है उनमें विजय नायर, अभिषेक बोइनपल्ली, समीर महेंद्रू, पी सरथ चंद्रा, बिनोय बाबू, अमित अरोड़ा, गौतम मल्होत्रा, राघव मंगुटा, राजेश जोशी, अमन ढाल, अरुण पिल्लई, मनीष सिसोदिया, दिनेश अरोड़ा, संजय सिंह, के. कविता हैं । वहीं अब दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार किया गया है।
गिरफ्तारी से देशभऱ में प्रदर्शन..
केजरीवाल की गिरफ्तारी से देशभऱ में प्रदर्शन हो रहे हैं। उनके समर्थक खासा नाराज हैं। इस बीच दिल्ली के आईटीओ पर विरोध प्रदर्शन कर रहे आम आदमी पार्टी (आप) के कार्यकर्ताओं को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में बारिश का अलर्ट..
उत्तराखंड: प्रदेश में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदल गया है। जहां बुधवार को मौसम के तेवर तल्ख थे। वहीं गुरुवार को राजधानी देहरादून में सुबह से ही बदल छाए हुए हैं। मौसम विभाग ने आने वाले दो दिनों तक पर्वतीय जिलों के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों की ओर से जारी किए पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले दो दिनों तक चमोली, उत्तरकाशी रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ की ऊंचाई वाली चोटियों में हल्का हिमपात होने की संभावना है। वहीं आसपास के क्षेत्रों में गरज चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। आपको बता दें कि दून में अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। जो कि इस वर्ष अब तक का सर्वाधिक है। वहीं, न्यूनतम तापमान सामान्य के आसपास बना हुआ है। जिससे सुबह-शाम हल्की ठंड का एहसास हो रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक अगले कुछ दिन पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है। कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बौछारें और निचले इलाकों में झोंकेदार हवा चलने के आसार हैं।
