उत्तराखंड में बड़ा प्रशासनिक बदलाव, IAS सहित कई अधिकारियों के हुए तबादले..
उत्तराखंड: प्रदेश शासन ने आईएएस सहित 6 अधिकारियों की जिम्मेदारी में बदलाव किया गया है। जिसके आदेश सहित तबादला लिस्ट जारी की गई है। हालांकि आईएएस अधिकारियों के बड़ी संख्या में तबादले की उम्मीद लगाई जा रही थी, लेकिन फिलहाल यह सूची छह आईएएस अधिकारियों की आई है। आपको बता दे कि शासन ने मीनाक्षी सुंदरम को प्रबंध निदेशक उत्तराखंड इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड की जिम्मेदारी है। इसके साथ ही विनोद सुमन से सचिवालय प्रशासन, सामान्य प्रशासन और प्रोटोकॉल की जिम्मेदारी वापस लेते हुए सचिव कृषि एवं कृषक कल्याण की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है। वहीं विभाग विनोद सुमन के पास पहले की तरह ही बने रहेंगे। इसके साथ ही सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम अपने सभी दायित्वों के साथ उत्तराखंड निवेश एवं अवस्थापना विकास बोर्ड (यूआई आईडीबी) के प्रबंध निदेशक प्रभार भी देखेंगे।
बताया जा रहा है कि सचिव दीपेन्द्र चौधरी से कृषि और कृषक कल्याण का प्रभार हटाकर सचिव विनोद कुमार सुमन को दे दिया है। कार्मिक एवं सतर्कता विभाग की ओर से जारी आदेश के तहत सुमन से सचिवालय प्रशासन, सामान्य प्रशासन व प्रोटोकॉल हटाया गया है। ये सभी प्रभार सचिव दीपेंद्र चौधरी संभालेंगे। अपर सचिव विनीत कुमार अपने दायित्वों के साथ अब आईटीडीए और निदेशक यूसैक का अतिरिक्त प्रभार भी सभालेंगे।
वहीं विनीत कुमार को ये जिम्मेदारी आईएएस नितिका खंडेलवाल के मैटरनिटी लीव पर जाने के कारण उनकी जगह दी गई है।अपर सचिव रणवीर सिंह चौहान से निदेशक उद्यान के प्रभार कि जिम्मेदारी वापस ले ली गई है शेष यथावत रहेगा।श्रमायुक्त दीप्ति सिंह को निदेशक उद्यान का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। दीप्ति सिंह श्रमायुक्त की जिम्मेदारी फिलहाल देख रही हैं।
इस साल उत्तराखंड में होगी पुलिस की अधिकांश भर्तियां,वेटिंग लिस्ट से मिलेगा बेरोजगारों को फायदा..
उत्तराखंड: इस साल के शुरुआती छह महीनों में पुलिस की अधिकांश भर्तियां कराई जाएंगी। इसके साथ ही विभागीय पदोन्नतियों को भी समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से किया जाएगा। यह जानकारी मंगलवार को डीजीपी अभिनव कुमार ने पटेल भवन में पत्रकारों को दीं। उन्होनें पुराने साल की उपलब्धियों को गिनाने के साथ ही इस साल के लक्ष्य को भी निर्धारित किया।
डीजीपी अभिनव कुमार का कहना हैं कि इस साल कोशिश रहेगी कि पुलिस हर मानदंडों के आधार पर देश की टॉप पांच पुलिस में शामिल होगी। कहा कि उत्तराखंड पुलिस लूट चोरी आदि घटनाओं के खुलासे में देश के पहले नंबर पर है। रिकवरी में भी पुलिस का औसत देश में सबसे ज्यादा है। उत्तराखंड पुलिस को अन्य क्षेत्रों में भी देश की बेहतरीन पुलिस में शामिल करने का लक्ष्य इस बार रखा गया है। उन्होंने शांति एवं कानून व्यवस्था, घटनाओं के खुलासे आदि के लिए तकनीकी प्रशिक्षण पर भी जोर दिया। उनका कहना हैं कि आने वाले समय में प्रमुख कानूनों में बदलाव होने जा रहा है। इसके लिए भारत सरकार के निर्देशों के अनुसार ट्रेनिंग शुरू की जाएगी। अधिकारियों और कर्मचारियों को इन कानूनों के बारे में विस्तृत जानकारी देकर प्रशिक्षित किया जाएगा।
बेरोजगारों को मिलेगा फायदा
उन्होंने इस साल की चुनौतियों का भी जिक्र किया। कहा, चारधाम यात्रा, कांवड़ यात्रा, लोक सभा चुनाव, आपदा प्रबंधन और अगले साल होने वाले राष्ट्रीय खेल पुलिस के लिए चुनौती रहेंगी। लेकिन, जिस तरह से पिछले साल जी20 के एक के बाद एक तीन आयोजन कराए हैं उस तरह से पुलिस अधिकारियों के नेतृत्व में इन सब चुनौतियों से भी कुशलता से निपटा जाएगा। कुमाऊं क्षेत्र में मानसखंड विकसित होने जा रहा है। ऐसे में इस क्षेत्र विशेष और कुमाऊं क्षेत्र में आपदाओं से निपटने के लिए वहां अलग से एसडीआरएफ की बटालियन शुरू करने का प्रयास किया जाएगा।
भर्ती में वेटिंग लिस्ट से मिलेगा बेरोजगारों को फायदा
डीजीपी का कहना हैं कि पिछले दिनों कांस्टेबल और दरोगा भर्ती का प्रस्ताव भेजा गया था। लेकिन, अब नई व्यवस्था के आधार पर इसे दोबारा भेजा जाएगा। इस बार वेटिंग लिस्ट का भी प्रावधान किया जाना है। इस व्यवस्था से बेरोजगारों को फायदा मिलेगा। भर्ती होने के बाद बहुत से अभ्यर्थी दूसरी सेवाओं में चले जाते हैं। ऐसे में उनके स्थान पर पीछे रहे अभ्यर्थियों को मौका दिया जाएगा।
सड़क हादसों में कमी लाने पर होगा जोर
प्रदेश में बीते साल करीब 200 हत्याएं हुई हैं। लेकिन, सड़क दुर्घटनाओं में इससे सात गुना ज्यादा मौत हुईं। बीते साल 1400 से ज्यादा लोगों की सड़क हादसों में मौत हुई है। इन असमय मौत पर अंकुश लगाने का प्रयास भी किया जाएगा। इसके लिए सड़कों पर दुर्घटनाएं रोकने के लिए नई रणनीति के साथ काम होगा। संबंधित विभागों से सड़कों में सुधार के प्रयास भी किए जाएंगे। पहाड़ों पर हादसे रोकने के लिए अलग से रणनीतियां बनाई जाएंगी।
सात को दून में जुटेंगे भाजपा के दिग्गज, रैलियों के तय होंगे कार्यक्रम..
उत्तराखंड: लोकसभा चुनाव की रणनीति बनाने के लिए सात जनवरी को पार्टी के सभी बड़े दिग्गज जुटेंगे। इसमें लोकसभा चुनाव में पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने के लिए दिशा तय की जाएगी। प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लक्ष्मी कांत वाजपेयी, पार्टी प्रभारी दुष्यंत गौतम, सीएम पुष्कर सिंह धामी, पूर्व मुख्यमंत्री, मंत्री व सांसद शामिल होंगे।
पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत में प्रदेश अध्यक्ष भट्ट ने कहा कि लोकसभा चुनाव के मद्देनजर यह महत्वपूर्ण बैठक है। जिसमें 2024 लोकसभा चुनाव की सभी पांच सीटों को 75 फ़ीसदी मतों के साथ जीतने के लिए रणनीतिक बिंदुओं पर चर्चा होगी। इसमें केंद्र एवं राज्य के नेताओं के प्रवास तय होंगे। साथ ही स्टार प्रचारकों एवं सांगठनिक पदाधिकारियों की रैली कार्यक्रम भी बनाए जाएंगे। क्षेत्र समाज एवं वर्ग विशेष के प्रतिनिधियों को आमंत्रण अथवा स्थानीय एवं राष्ट्रीय चुनावी मुद्दों का चयन को लेकर भी मंथन होगा।
प्रदेश अध्यक्ष भट्ट का कहना हैं कि बैठक में प्रदेश के सभी मंत्रियों, सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों एवं सभी सांसदों समेत प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहेंगे। इन तमाम बिंदुओं को लेकर सभी से विस्तारपूर्वक चर्चा की जाएगी एवं उनसे सुझाव लिए जाएंगे। बैठक के निष्कर्षों का लोकसभा चुनावों की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाएगा।
अल्मोड़ा में लगने वाला है रोजगार मेला, मिलेगी सीधी नौकरी..
उत्तराखंड: नौकरी की तलाश कर रहे हाईस्कूल पास युवाओं के लिए अच्छी खबर है। उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में तीन जनवरी को रोजगार मेला लगने वाला है। बताया जा रहा है कि ये मेला आकाशवाणी स्थित मॉडल करियर सेंटर क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय में लगेगा। 3 जनवरी 2024 को लगने वाले इस एक दिवसीय रोजगार मेले में युवाओं को कई पदों पर भर्ती मिल सकेगी।
जानकारी के अनुसार इस भर्ती मेले में मारूति सुजुकी गुड़गांव कंपनी प्रतिभाग कर सकती है। बताया जा रहा है कि इसके तहत ट्रेनी के 200 पदों पर भर्ती की जाएगी। इस एक दिवसीय रोजगार मेले में अभ्यर्थियों की उम्र 18 से 20 वर्ष के बीच होनी चाहिए। अभ्यर्थियों का चयन लिखित परीक्षा व साक्षात्कार के आधार पर किया जाएगा। जो भी इच्छुक युवा रोजगार मेले में प्रतिभाग करना चाहता है वह 3 जनवरी 2024 यानि बुधवार को साढ़े 10 बजे अपने सभी शैक्षिक योग्यता के मूल प्रमाण पत्र व छाया प्रतियों, बायोडाटा व दो पासपोर्ट साइज फोटो के साथ उपस्थित हो सकते है। विभाग की कोशिश है कि इनके माध्यम से अधिक से अधिक युवाओं को नौकरी दी जाए।
देहरादून में दो कोरोना संक्रमित मिलने के बाद विभाग अलर्ट..
उत्तराखंड: राजधानी देहरादून में दो बुजुर्ग कोरोना संक्रमित मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। दोनों संक्रमित के सैंपलों में कोविड के नए स्वरूप की पहचान के लिए जीनोम सीक्वेंसिंग जांच की जा रही है। इसकी रिपोर्ट आने वाले एक सप्ताह का समय लगेगा। सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर राजेश कुमार ने लोगों से अपील की कि कोविड संक्रमण से घबराएं नहीं, सावधानी व सतर्कता बरतें। मैक्स अस्पताल में भर्ती रहे 77 वर्षीय पुरुष और दून मेडिकल कॉलेज में 72 वर्ष की महिला मरीज की कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।
कोविड के नए वैरिएंट जेएन.1 की पहचान के लिए दोनों संक्रमित मरीजों के सैंपल की जीनोम सीक्वेंसिंग जांच की जा रही है। बताया, मैक्स अस्पताल में भर्ती संक्रमित मरीज को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। बताया, मरीज पूर्व से ही कई अन्य बीमारियों से ग्रसित हैं। जिनका उपचार अस्पताल में चल रहा है, जबकि दून अस्पताल में भर्ती महिला का कोविड वार्ड में इलाज चल रहा है। डॉक्टरों की टीम महिला के स्वास्थ्य पर नजरें बनाए हैं।
स्वास्थ्य सचिव का कहना हैं कि सीएम पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर कोविड प्रबंधन को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से तैयार है। सभी डीएम, मुख्य चिकित्सा अधिकारियों और चिकित्सा अधीक्षकों को चिकित्सालय स्तर पर कोविड के उपचार को लेकर सभी तैयारियों को लेकर लगातार निर्देश दिए जा रहे हैं।उनका कहना हैं कि स्वास्थ्य विभाग की टीम रोगी के निवास स्थाकोविड के नए वैरिएंट से निपटने के लिए प्रदेश सरकार की पुख्ता तैयारियां हैं। स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट मोड़ पर रखा गया है। साथ ही संदिग्ध लक्षणों वाले मरीजों की निगरानी की जा रही है। राज्य में कोरोना के नए स्वरूप से निपटने के लिए पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं और मानव संसाधन उपलब्ध हैं।
हल्द्वानी में GST ऑफिस हुई छापेमारी कर्मचारियों और अधिकारियों में मचा हड़कंप..
उत्तराखंड: हल्द्वानी में कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत ने जीएसटी ऑफिस में छापेमारी की। अचानक कुमाऊं कमिश्नर की छापेमारी की कार्रवाई से विभाग के सारे कर्मचारियों और अधिकारियों में हड़कंप मच गया। छापेमारी के दौरान कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत ने बायोमेट्रिक हाजिरी को चेक किया। इस दौरान जीएसटी के अधिकारी मौके से गायब दिखे। कुमाऊं कमिश्नर का कहना हैं कि मुख्यमंत्री द्वारा ये निर्देश दिए गए हैं कि समय-समय पर सभी सरकारी ऑफिस में चेकिंग अभियान चलाया जाए। ताकि ये पता चल सके की सरकारी कार्यालयों में अधिकारी और कर्मचारी मौजूद है या नहीं। उनका कहना हैं कि सरकारी ऑफिस में पब्लिक से जुड़े कई सारे मामले होते हैं। ऐसे में जरूरी है की सभी अधिकारी और कर्मचारी कार्यालय में समय पर मौजूद उपस्थित हो जाएं। कुछ अधिकारी मौके से गायब मिले हैं जिनसे स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है।
जानिए आखिर क्यू मनसा देवी मंदिर में रोपवे के बाद भी पैदल दर्शन कर रहे श्रद्धालु..
उत्तराखंड: मनसा देवी मंदिर तक जाने वाले रोपवे का संचालन बंद हो गया है। जिस वजह से मंदिर आने वाले श्रद्धालु पैदल ही मंदिर तक पहुंचकर दर्शन कर रहे हैं। बता दें रोपवे का संचालन कर रही कंपनी के अनुबंध की समय सीमा खत्म हो गई है। नए साल के पहले दिन ही मनसा देवी की यात्रा करने वाले रोपवे का संचालन बंद हो गया है। जानकारी के अनुसार रोपवे का संचालन करने वाली उषा ब्रेको कंपनी के महाप्रबंधक मनोज डोभाल का कहना है कि समय बढ़ाने का निर्णय प्रदेश सरकार को करना है। सरकार की ओर से समय बढ़ाया गया तो तभी संचालन शुरू हो पाएगा।
आपको बता दें मनसा देवी मंदिर पर चलने वाले रोपवे की लीज मई 2021 में समाप्त हो गई थी। लेकिन सरकार की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधाओं को देखते हुए रोपवे का संचालन 31 दिसंबर 2023 तक बढ़ा दिया गया था। जो अब रविवार को समाप्त हो गया है। नए साल के मौके पर मनसा देवी मंदिर पर रोपवे से जाने वाले यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बच्चों, दिव्यांगों और बुजुर्ग रोपवे का अधिक इस्तेमाल करते थे। जानकारी के अनुसार मनसा देवी मंदिर के लिए चलने वाले रोपवे से रोजाना कम से कम दो हजार से लेकर सीजन में आठ हजार तक यात्री आते हैं।
बता दें कि IIT रुड़की की ओर से रोपवे की जांच पड़ताल की गई थी। रोपवे काफी पुराना होने पर इसका संचालन बंद करने की रिपोर्ट सौंपी थी। विशेषज्ञों का कहना था कि रोपवे के संचालन से नुकसान हो सकता है। इसके बावजूद प्रदेश सरकार की ओर से लोगों की जान जोखिम में डालकर रोपवे संचालन का समय बढ़ा दिया गया था।
राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड का मान बढ़ाएंगे प्रवासी खिलाड़ी..
उत्तराखंड: प्रदेश में पहली बार नए साल 2024 में राष्ट्रीय खेल होने जा रहे हैं। खास बात यह है कि इन खेलों में राज्य को पदक तालिका में सर्वश्रेष्ठ 10 राज्यों में शामिल करने के लिए दूसरे राज्यों से खेल रहे कई खिलाड़ी अपने राज्य उत्तराखंड लौटने को तैयार हैं। उत्तराखंड ओलंपिक संघ के महासचिव डीके सिंह के मुताबिक संघ की ओर से सभी खेल एसोसिएशनों को पत्र लिखकर कहा गया है कि 15 दिन के भीतर राज्य के अन्य राज्यों से खेल रहे खिलाड़ियों से संपर्क किया जाए। कुछ खिलाड़ी इस पर अपनी सहमति दे चुके हैं। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने खेल विभाग को अगले साल होने जा रहे राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड को टॉप 10 राज्यों में शामिल करने का लक्ष्य दिया है। जिसके बाद खेल विभाग और खेल एसोसिएशनों की ओर से इसके लिए कसरत शुरू कर दी गई है।
राज्य से पलायन करने के बाद अन्य राज्यों से खेल रहे उत्तराखंड के खिलाड़ियों को राज्य से खेलने के लिए आमंत्रित किया जा रहा है। उत्तराखंड ओलंपिक संघ के महासचिव डीके सिंह के अनुसार इसकी अच्छी प्रतिक्रिया सामने आ रही है। अन्य राज्यों से खेल रहे राज्य के कुछ खिलाड़ी अपने राज्य उत्तराखंड लौटने को तैयार हैं। बॉक्सिंग में सर्विसेज से खेल रहे मूल रूप से उत्तराखंड के रहने वाले पवन बड़थ्वाल और कपिल पोखरिया उत्तराखंड से खेलने के लिए सहमति दे चुके हैं।
खिलाड़ियों ने दी अपनी सहमति
गोवा से खेल रहे बॉक्सिंग खिलाड़ी हिमांशु नेगी, बीएसएफ से खेल रहे जूडो खिलाड़ी शुभम और सीआरपीएफ से वॉलीबाल खेल रहीं सीखा, एथलीट अंकिता ध्यानी भी इस साल होने वाले राष्ट्रीय खेलों में अपने राज्य से खेलने को तैयार हैं। कुछ अन्य खेल एसोसिएशनों को भी राज्य के खिलाड़ियों से इस संबंध में बात हुई है। इस पर खिलाड़ियों ने अपनी सहमति दी है। राज्य के होने के बावजूद राज्य के बाहर से खेल रहे खिलाड़ियों की सहमति के बाद इनकी सूची तैयार कर राष्ट्रीय खेलों से पहले इनके लिए प्रशिक्षण कैंप लगाए जाएंगे।
राज्य के खिलाड़ियों की प्रतिष्ठा से जुड़ा है सवाल
खेल विभाग के अधिकारियों एवं खेल एसोसिएशनों का कहना है कि पहले खिलाड़ियों के लिए राज्य में बेहतर सुविधाएं नहीं थीं, यही वजह है कि कई खिलाड़ी पलायन कर गए। लेकिन अब तमाम तरह की सुविधाएं हैं। राष्ट्रीय खेलों में पदक लाने वाले खिलाड़ियों के लिए सीधे सरकारी नौकरी तक की व्यवस्था है। राष्ट्रीय खेलों में राज्य के लिए पदक दिलाना राज्य के खिलाड़ियों की प्रतिष्ठा से जुड़ा सवाल है।
लक्ष्य, बोधित और चिराग भी उत्तराखंड से खेलेंगे
राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक विजेता लक्ष्य सेन मूल रूप से अल्मोड़ा जिले के निवासी हैं। उत्तराखंड ओलंपिक संघ के महासचिव डीके सिंह के अनुसार लक्ष्य सेन ने उत्तराखंड से खेलने पर सहमति जताई है। इसके अलावा रेलवे से खेलने वाले बोधित जोशी व अल्मोड़ा निवासी चिराग सेन भी उत्तराखंड से खेलेंगे। पदक तालिका में राज्य को टॉप 10 में शामिल करने के लिए खेल विभाग खिलाड़ियों को हर संभव सुविधा देने के लिए तैयार है। खेल मैदान, खेल प्रशिक्षक एवं अन्य सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
देहरादून में मिले दो कोरोना संक्रमित मरीज..
उत्तराखंड: सीजनल इंफ्लुएंजा के साथ देहरादून में कोविड का खतरा भी बढ़ने लगा है। लगातार दूसरे दिन कोविड का एक और मरीज मिला है। नए मरीज को दून अस्पताल में भर्ती किया गया है। इससे पहले शनिवार को मैक्स अस्पताल में एक मरीज मिला था। कोविड पॉजिटिव दोनों मरीजों की उम्र 70 पार है। वहीं, आठ साल के एक बच्चे को सीजनल इंफ्लुएंजा हो गया है। चिकित्सकों का कहना हैं कि कोविड और सीजनल इंफ्लुएंजा के लक्षण एक जैसे हैं।
दून अस्पताल के एमएस डॉ. अनुराग अग्रवाल ने कहा कि शनिवार शाम कोविड पॉजिटिव 72 वर्षीय महिला दून अस्पताल आई थीं। उन्हें निजी अस्पताल में कोविड संक्रमित पाए जाने पर रेफर किया गया था। महिला को थायराइड और हाइपरटेंशन की समस्या भी है। महिला की हालत गंभीर नहीं है इसलिए जनरल आइसोलेशन में इलाज दिया जा रहा है। जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. सीएस रावत का कहना हैं कि शनिवार को इंफ्लुएंजा के पांच संदिग्ध मरीजों की जांच हुई थी। इसमें एक आठ साल के बच्चे की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। उसकी रिपोर्ट श्रीमहंत इंदिरेश अस्पताल की ओर से दी गई है। हालांकि, बच्चा अस्पताल में भर्ती नहीं है।
मरीजों की होगी जीनोम सीक्वेंसिंग..
सर्दियों में लोग सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार और सांस की समस्या से पीड़ित हो रहे हैं। जिले में पिछले दो दिन में दो कोविड मरीज पॉजिटिव आ चुके हैं। वहीं, इंफ्लुएंजा के मरीज भी लगातार बढ़ते जा रहे हैं। जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. सीएस रावत ने कहा कि कोविड के दोनों मरीजों की रिपोर्ट पोर्टल पर एक दिन बाद जारी हो रही है। मरीजों की जीनोम सीक्वेंसिंग भी करवाई जाएगी। ऐसे में कोविड का वेरिएंट पता चल जाएगा। विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि स्वाइन फ्लू वायरस अब सीजनल इंफ्लुएंजा यानी मौसमी जुकाम-बुखार के रूप में संचारित हो रहा है। यह साधारण उपचार से ठीक हो जाता है।
आज 9500 राशन विक्रेता हड़ताल पर..
मुफ्त बांटे जाने वाले राशन का लाभांश और मानदेय न मिलने से नाराज..
उत्तराखंड: प्रदेश के 9500 राशन व्रिकेता आज से हड़ताल पर रहेंगे। ऑल इंडिया फेयर प्राइस शॉप डीलर्स फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष रेवाधर बृजवासी का कहना हैं कि राशन विक्रेता मुफ्त बांटे जाने वाले राशन का लाभांश और मानदेय न मिलने से नाराज हैं। राष्ट्रीय संगठन के कहने पर यह निर्णय लिया गया है।फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष के अनुसार राज्य के राशन विक्रेता पिछले कई साल से मानदेय की मांग कर रहे हैं, लेकिन राज्य सरकार इसकी अनदेखी कर रही है। राशन विक्रेताओं को कोरोना काल के दौरान बांटे गए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का भी लंबित भुगतान नहीं हुआ। जबकि एक्ट में व्यवस्था है राशन विक्रेताओं को नियमित रूप से इसका लाभांश मिलना चाहिए।
राशन विक्रेताओं को समय पर राशन ढुलान का भी भुगतान नहीं मिलता। खासकर पहाड़ में कई ऐसे राशन विक्रेता हैं, जिन्हें इतना लाभांश नहीं मिलता जितना ढ़ुलान में खर्च हो जाता है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा, हालांकि सरकार की ओर से हड़ताल पर रोक लगाई गई है, लेकिन राशन विक्रेता फिलहाल हड़ताल पर रहेंगे।
