एसएसपी ने किए ताबड़तोड़ तबादले, कई कोतवाल और थानाध्यक्ष बदले..
उत्तराखंड: वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने जिले में तैनाती के करीब दो महीने बाद थानास्तर पर पहला बड़ा फेरबदल किया है। कुछ प्रभारियों से चार्ज छिना तो कुछ के थाने बदल दिए गए हैं।एसएसपी अजय सिंह ने रविवार सुबह तबादला सूची जारी करते हुए शहर कोतवाली क्षेत्र में डकैती के बाद कोतवाल राकेश गुसांई को यहां से हटाकर डालनवाला कोतवाली का प्रभारी निरीक्षक बनाया है।
वहीं, इंस्पेक्टर डालनवाला राजेश साह को शहर कोतवाली की जिम्मेदारी दी गई है। रायवाला थाने के इंचार्ज होशियार सिंह पंखोली को डोईवाला कोतवाली, जबकि डोईवाला कोतवाल देवेंद्र चौहान को रायवाला थानाध्यक्ष बनाया गया है। इसी तरह पटेलनगर कोतवाली के निरीक्षक सूर्यभूषण सिंह नेगी को विकासनगर को कोतवाल बनाया गया है।
विकासनगर कोतवाल संजय कुमार को पटेलनगर कोतवाली, मसूरी कोतवाल शंकर सिंह बिष्ट को ऋषिकेश कोतवाली, ऋषिकेश कोतवाल केआर पांडेय को शिकायत प्रकोष्ठ में भेजा गया है। महिला हेल्पलाइन इंचार्ज गिरीश चंद्र शर्मा को कैंट कोतवाली की कमान दी गई है। वहीं, कैंट कोतवाल सम्पूर्णानंद गैरोला को महिला हेल्पलाइन इंचार्ज बनाया गया है।
एसएसपी के पेशकार मनोज असवाल मसूरी के नए कोतवाल होंगे। वहीं, शिकायत प्रकोष्ठ प्रभारी इंस्पेक्टर कैलाश चंद्र भट्ट एसएसपी के नए पेशकार होंगे। थानाध्यक्ष कालसी रविंद्र सिंह नेगी को साइबर सेल भेजा गया है। यहां से दारोगा वैभव गुप्ता को कालसी का थानाध्यक्ष बनाया है। थानाध्यक्ष सेलाकुई मोहन सिंह नेहरू कालोनी थाने के नए इंचार्ज होंगे। यहां से दारोगा लोकेंद्र बहुगुणा को एसओजी सिटी शाखा भेजा गया। वसंत विहार थाने के दारोगा रजनीश कुमार को बिंदाल चौकी का इंचार्ज बनाया है। वहीं, चौकी इंचार्ज बिंदाल शैंकी कुमार को सेलाकुई थानाध्यक्ष बनाया गया है।
पेटीएम और फोनपे करते है यूज तो पढ़ ले ये खबर, वरना बंद हो जाएगा अकाउंट..
देश-विदेश: अगर आप भी पेमेंट ऐप Google Pay, फोन पे, पेटीएम का इस्तेमाल करते हैं तो आपके लिए बड़ा अपडेट है। जिसे जानना आपके लिए जरुरी है। बताया जा रहा है कि 1 जनवरी, 2024 से कुछ लोग इसका इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। NPCI की ओर से इनएक्टिव यूपीआई नंबर्स और आईडी को बंद करने का आदेश दिया गया है। इसके बाद गूगल पे, पेटीएम और फोनपे जैसे थर्ड पार्टी यूपीआई ऐप के साथ बैंकों को भी इनएक्टिव यूपीआई नंबर को प्लेटफॉर्म से हटाना होगा।
जानकारी के अनुसार नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने PhonePe और Google Pay जैसी थर्ड पार्टी ऐप्स और बैंकों से कहा है कि ऐसी सभी यूपीआई आईडी बंद कर दें, जिनसे एक साल से किसी तरह का लेनदेन नहीं हुआ है। ऐसा करने से पहले यूजर्स को ईमेल या मैसेज के जरिए इसकी जानकारी देने को भी कहा गया है। एनपीसीआई ने 31 दिसंबर, 2023 तक का समय दिया है।बताया जा रहा है कि NPCI का यह फैसला यूपीआई ट्रांजैक्शन के और भी ज्याद सेफ बनाना है। इस कदम से कई गलत ट्रांजैक्शन पर भी रोक लग सकती है। इस निर्देश के आने के बाद अब सभी ऐप्स और बैंक एक साल से बिना लेनदेन वाले यूपीआई आईडी और उससे जुड़े मोबाइल नंबर को वैरिफाई कर उनकी आईडी बंद करेंगे।
गौरतलब है कि कई बार ऐसा होता है कि लोग अपना मोबाइल नंबर बदलते और उससे जुड़ी यूपीआईडी को बंद नहीं करते हैं। यह नंबर किसी और को मिल जाता है और यूपीआईडी वहां एक्टिवेटेड ही रहती है। ऐसे में उस नंबर पर अगर किसी ने पैसे भेजे तो वह उस इंसान को मिलेंगे जिसके पास अब वह नंबर है। बता दें, इनएक्टिव यूपीआई आईडी की मदद से पैसे रिसीव किया जा सकता है। ऐसे में अगर इन यूपीआई ऐप नंबर्स और आईडी को नेटवर्क से हटा दिया जाता है तो किसी प्रकार का कोई लेनदेन हीं हो पाएगा।
देहरादून में होने वाले हैं क्रिकेट के महामुकाबले, खेलेंगे ये दिग्गज खिलाड़ी..
उत्तराखंड: दून में कई दिग्गज खिलाड़ी मैदान में खेलते दिखने वाले है। यहां रायपुर स्थित राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में लीजेंड्स लीग क्रिकेट के तहत क्रिकेट के सितारों का जमावड़ा लगने वाला है। जिसमें क्रिकेट के दिग्गज खिलाड़ी चौके-छक्के बरसाते हुए नजर आएंगे। दून में तीन मैच खेले जाएंगे। लीजेंड्स क्रिकेट लीग के टिकट की बिक्री भी चालू है।
मिली जानकारी के अनुसार लीजेंड्स लीग के दूसरे सीजन में 19 मैच होंगे और 18 नवंबर से शुरू होने वाले मैच नौ दिसंबर को खत्म होंगे। इस सीजन के मैच देहरादून, जम्मू, रांची, विशाखापट्टनम और सूरत में खेले जाएंगे। देहरादून के राजीव गांधी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम को भी लीजेंड्स लीग T20 क्रिकेट टूर्नामेंट के तीन मैचों की मेजबानी मिली है। टूर्नामेंट की तैयारी पूरी हो चुकी है। आगामी 24 नवंबर से होने वाले T20 मैचों को लेकर देहरादून के लोग भी काफी उत्साहित हैं। इस टूर्नामेंट में दर्शकों को मैदान में मैच देखने के लिए टिकट भी बुक करना होगा. टिकट की कीमत ₹299 से शुरू की गई हैं।
इस क्रिकेट लीग में आपको भारतीय क्रिकेट के पूर्व दिग्गज खिलाड़ी खेलते हुए नजर आयेंगे. जिसमें गौतम गंभीर, इरफान पठान, यूसुफ पठान, तिलकरत्ने दिलशान, पार्थिव पटेल, क्रिस गेल, के वी पीटरसन, दिलहार फर्नांडो, हाशिम अमला, मुनाफ पटेल,हरभजन सिंह, मोहम्मद कैफ, रॉबिन उथप्पा, ऐरॉन फिंच, अशोक डिंडा, रॉस टेलर, सुरेश रैना, मार्टिन गुप्टिल, प्रज्ञान ओझा जैसे नामी चेहरे खेलते दिखेंगे. पूर्व कप्तान गौतम गंभीर( इंडियन कैपिटल) और इरफान पठान( भीलवाड़ा किंग) की तरफ से खेलते नजर आएंगे।
बताया जा रहा है कि 18 नवंबर यानि आज से शुरू होने जा रहे लीजेंड्स लीग क्रिकेट T20 टूर्नामेंट का फाइनल 9 दिसंबर को सूरत में खेला जाएगा। वहीं इस T20 टूर्नामेंट के 24 नवंबर से देहरादून में स्थित राजीव गांधी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में मैच होने हैं। 19 नवंबर से शुरू होने जा रहे इस T20 टूर्नामेंट में कुल 19 मैच होने हैं। टूर्नामेंट की शुरुआत रांची से होनी है। रांची में 18 तारीख से लेकर 23 तारीख तक 5 मैच होने हैं। उसके बाद देहरादून स्थित राजीव गांधी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में 24, 25 और 26 नवंबर को तीन मैच होने हैं. इसके बाद 27 नवंबर से लेकर के 1 दिसंबर तक के 4 मैच जम्मू में होने हैं. जम्मू के बाद विशाखापट्टनम में 2 दिसंबर से 4 दिसंबर तक 3 मैच होने हैं. नॉक आउट के मैच क्वार्टर फाइनल से लेकर फाइनल तक के पांच मैच सूरत में होने हैं।
प्रदेश में सभी टनल प्रोजेक्ट की होगी समीक्षा- सीएम धामी..
उत्तराखंड: उत्तरकाशी में निर्माणाधीन टनल में 40 श्रमिकों के फंसने की घटना के बाद सीएम पुष्कर सिंह धामी का कहना हैं कि प्रदेश में सभी टनल प्रोजेक्ट की समीक्षा की जाएगी। शहरों की वहन क्षमता का भी हम आकलन कर रहे हैं। बता दें कि मसूरी, देहरादून-टिहरी समेत प्रदेश में कई टनल प्रोजेक्ट प्रस्तावित व विचाराधीन हैं। सीएम धामी गुरुवार को राज्य सचिवालय में मीडियाकर्मियों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि एजेंसियां बचाव कार्य में जुटी हैं और राज्य सरकार इसमें उनका सहयोग कर रही है। प्रधानमंत्री कार्यालय भी बचाव अभियान पर नजर बनाए हुए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं लगातार बचाव कार्य देख रहे हैं। वह समीक्षा कर रहे हैं और हम लोगों से जानकारी ले रहे हैं। मुझसे भी उन्होंने फीडबैक लिया है। प्रधानमंत्री व केंद्र सरकार के स्तर से निर्देश दिए गए हैं कि ऐसी कठिन परिस्थितियों में जो एजेंसियां व विशेषज्ञ काम करते हैं, उनसे संपर्क किया जाए। ऐसे सभी लोग अभियान से जुड़े हैं और उनका मार्गदर्शन प्राप्त हो रहा है।
सभी को सुरक्षित बाहर निकालना, पहली प्राथमिकता..
सीएम ने कहा, मुझे बताया गया है कि वहां अत्याधुनिक मशीन ने काम करना शुरू कर दिया है। यह मशीन हर घंटे में पांच से 10 मीटर में ड्रिल करेगी। सब ठीक रहा है, तो सभी भाइयों को हम जल्द निकाल पाएंगे। वहां जितनी भी एजेंसियां काम कर रही हैं, उन्हें राज्य सरकार की ओर से हर प्रकार का सहयोग दिया जा रहा है। मुख्य सचिव व अन्य अधिकारी उनके संपर्क में हैं। तकनीकी चीजें उन्हीं को करनी है, राज्य सरकार उनको पूरा सहयोग देगी।
सीएम का कहना हैं कि टनल में फंसे सभी श्रमिक सुरक्षित हैं। उनसे लगातार संपर्क हो रहा है। सभी को खाना, पानी, ऑक्सीजन सभी व्यवस्थाएं की जा रही हैं। टनल के दौरान जो हालात बने, उन्हें पहले नहीं देखा जाना चाहिए था, इस प्रश्न पर सीएम ने कहा कि अभी हमारी सबसे पहली प्राथमिकता सभी को सुरक्षित बाहर निकालने की है। एक प्रश्न पर सीएम ने कहा कि टनल निर्माण का कार्य एनएचआईडीसीएल कर रही है। सुरंग का काम पूरा होने वाला था। 400 मीटर का काम शेष रह गया था। इसकी मॉनिटरिंग भी वही लोग कर रहे थे। लेकिन आगे के लिए हम इस तरह के सभी निर्माण कार्यों की समीक्षा करेंगे।
सीएम ने अफसरों की बैठक में लिया अपडेट, दिए निर्देश..
देर रात इंदौर से दून पहुंचे सीएम ने सुबह सचिवालय पहुंचकर उच्चाधिकारियों की एक बैठक बुलाई, जिसमें उन्होंने सुरंग में फंसे श्रमिकों को बाहर निकालने के लिए चलाए जा रहे बचाव अभियान की जानकारी ली।उन्होंने कमिश्नर गढ़वाल और आईटी गढ़वाल से अपडेट लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे बचाव अभियान में जुटी केंद्रीय एजेंसियों को हरसंभव मदद करें। उनके साथ बेहतर समन्वय बनाएं। उन्होंने उम्मीद जताई कि विषम परिस्थितियों के बावजूद रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होगा। इसके लिए हाईपावर ड्रिलिंग मशीन से काम हो रहा है।
कोटद्वार में तीन दिन तक होगी भर्ती रैली, पढ़िए पूरी खबर..
उत्तराखंड: कोटद्वार में 26 से 28 नवंबर तक होने वाली भर्ती रैली के संबंध में गुरुवार को एआरओ कार्यालय लैंसडाउन और जिला प्रशासन पौड़ी गढ़वाल के बीच बैठक हुई। रैली के लिए की जा रही व्यवस्थाओं की समीक्षा के लिए डीएम पौड़ी ने बैठक भी ली है। एआरओ कार्यालय की ओर से जारी सूचना के आधार पर भर्ती के दौरान दलालों की गतिविधियों और फर्जी उम्मीदवारों के नामांकन को रोकने के लिए इस बार अतिरिक्त प्रयास किए जा रहे हैं। उम्मीदवारों को किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सतर्क रहने के लिए भी बताया गया है जो पैसे लेकर चयन का आश्वासन दे रहे हैं। चयन प्रक्रिया कई जांचों के साथ पूरी तरह से स्वचालित है, जो किसी के लिए भी चयन को प्रभावित करने में असंभव बनाती है। कार्यालय ने उम्मीदवारों से अपने आधार विवरण को अपडेट करने और रैली अधिसूचना में दी गई दस्तावेजी औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए कहा है। ताकि उन्हें रैली के दौरान किसी भी समस्या का सामना न करना पड़े। गढ़वाल क्षेत्र के सात जिलों से करीब 3500 उम्मीदवारों के रैली में शामिल होने की उम्मीद है।
आयोग ने इस भर्ती परीक्षा को लेकर जारी किया बड़ा अपडेट..
उत्तराखंड: लोक सेवा आयोग ने राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में कार्यदेशक / सर्वेयर शिशिक्ष (फोरमैन अनुदेशक) परीक्षा- 2023 से जुड़ा अपडेट जारी किया है। जिसमें लिखा है कि आवेदन प्रक्रिया पूर्ण करने वाले अभ्यर्थियों को अंतिम अवसर दिया गया है। वह Online Edit Window पर जाकर अपनी गलती सुधार सकते है।
बता दें कि जारी आदेश में लिखा है कि राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में कार्यदेशक / सर्वेयर शिशिक्षु (फोरमैन अनुदेशक) के रिक्त 37 पदों हेतु प्रकाशित विज्ञापन संख्या: A-2/DR(F.I)/E-5/2023-24 दिनांक 20 अक्टूबर 2023 के सापेक्ष पात्र अभ्यर्थियों से ऑनलाईन आवेदन दिनांक 10 नवम्बर 2023 तक आमंत्रित किये गये थे।
उक्त विज्ञापन के अति महत्वपूर्ण निर्देश के बिन्दु संख्या-5 के अनुसार ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 10 नवम्बर, 2023 तक आवेदन प्रक्रिया पूर्ण करने वाले अभ्यर्थियों को अंतिम अवसर प्रदान करते हुए अपने ऑनलाईन आवेदन पत्र में की गयी प्रविष्टियों में संशोधन / परिवर्तन ( Edit/Correction) किये जाने हेतु केवल एक बार के लिए आयोग की वेबसाइट http://psc.uk.gov.inपर Online Edit Window लिंक दिनांक 16.11.2023 से दिनांक 25.11.2023 (रात्रि 11:59:59 बजे) तक खोला गया है। अभ्यर्थी विस्तृत जानकारी हेतु आयोग की वेबसाईट http://psc.uk.gov.in का अवलोकन अवश्य करें।
तीन धामों के कपाट हुए बंद, पंजीकरण पोर्टल बद्रीनाथ धाम के लिए खुला..
उत्तराखंड: केदारनाथ, यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट बंद होने के बाद पर्यटन विभाग ने यात्रा पंजीकरण बंद कर दिया है। पंजीकरण पोर्टल बद्रीनाथ धाम के लिए खुला है। अब तक चारधाम यात्रा के लिए 75 लाख यात्रियों ने पंजीकरण किया है। इसमें 55.80 लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। 22 अप्रैल से शुरू हुई चारधाम यात्रा के लिए इस बार प्रदेश सरकार ने पंजीकरण अनिवार्य किया था। यात्रा शुरू होने से पहले पर्यटन विभाग ने पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सरकार को बीच-बीच में पंजीकरण रोकना पड़ा था।
बुधवार को विधि-विधान से केदारनाथ और यमुनोत्री धाम के कपाट बंद हो गए। जबकि बीते दिन गंगोत्री धाम के कपाट बंद हुए हैं। पर्यटन विभाग ने तीन धामों की यात्रा के लिए पंजीकरण बंद कर दिया है। बद्रीनाथ धाम के कपाट 18 नवंबर को बंद होंगे। तब तक बद्रीनाथ की यात्रा के लिए पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध है। पर्यटन विभाग के संयुक्त निदेशक योगेंद्र गंगवार का कहना हैं कि चारधाम यात्रा के लिए अब तक 75 लाख यात्रियों ने वेबसाइट, वाट्सएप और मोबाइल एप से पंजीकरण कराया है। जिसमें 55.80 लाख यात्रियों ने दर्शन किए हैं।
बाबा केदार के दरबार में 19.61 लाख श्रद्धालुओं ने लगाई हाजिरी..
बाबा केदार के दरबार में इस बार 19.61 लाख श्रद्धालुओं ने हाजिरी लगाई है। बुधवार को विधि विधान से बाबा केदार के कपाट शीतकाल के लिए बंद हो गए हैं। चारधाम यात्रा में अब तक दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 55.78 लाख हो गई है। चारधाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या ने नया रिकॉर्ड बनाया है। केदारनाथ में सर्वाधिक 19.61 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए, जबकि बद्रीनाथ धाम में 18 लाख, गंगोत्री में 9.05 लाख, यमुनोत्री में 7.35 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने दर्शन किए हैं। केदारनाथ, यमुनोत्री व गंगोत्री धाम के कपाट बंद हो गए हैं। जबकि 18 नवंबर को बद्रीनाथ धाम के कपाट बंद होंगे।
टनल में फंसी 40 जिंदगियों को बचाने की जंग जारी, मौके पर पहुंची गठित समिति ने शुरू की जांच..
उत्तराखंड: प्रदेश में चारधाम परियोजना के तहत निर्माणाधीन सिलक्यारा-पोल गांव सुरंग में हुए हादसे से जुड़ा बड़ा अपडेट आ रहा है। सुरंग में जहां पिछले 50 घंटे से अधिक समय से 40 श्रमिकों की जिंदगी कैद है। इन श्रमिकों को निकालने का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। टनल में बड़े स्टील पाइप डालने की तैयारी पूरी हो गई है तो वहीं अब मौके पर विशेषज्ञों की टीम पहुंच गई। जांच के लिए गठित की गई समिति ने स्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी है।
बताया जा रहा है कि सिलक्यारा टनल के अंदर फंसे मजदूरों को निकालने के लिए ऑगर मशीन की सहायता से बड़े व्यास के एमएस पाईप डालने की तैयारी अंतिम दौर में है। टनल से मजदूरों को रेस्क्यू करने के लिए मौके पर 900 मिमी व्यास वाले ह्यूम पाइप और ड्रिल मशीन पहुंच गए हैं। वहीं टनल में फंसे मजदूरों को लिए ऑक्सीजन का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। एसडीआरएफ के कमांडेंट मणिकांत मिश्रा के नेतृत्व में एसडीआरएफ की बचाव टीमों ने उत्तरकाशी में सिल्कयारा सुरंग के अंदर फंसे 40 मजदूरों को बचाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। सीएम धामी खुद हर पल की अपडेट ले रहे है। उन्होंने बैठक कर अधिकारियों को नि लगातार नजर बनाए हुए हैं। सीएम धामी ने कहा कि मैं स्थिति पर करीब से नजर रख रहा हूं।
बता दें कि सिलक्यारा सुरंग में हुए भूस्खलन के अध्ययन एवं कारणों की जाँच के लिए निदेशक उत्तराखंड भूस्खलन न्यूनीकरण एवं प्रबंधन केंद्र की अध्यक्षता में गठित समिति में शामिल विशेषज्ञों ने स्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी है। जाँच दल द्वारा सुरंग एवं ऊपर की पहाड़ी का सर्वेक्षण किया जा रहा है। विशेषज्ञों में यूएसडीएमए के निदेशक डॉ. शांतनु सरकार, वाडिया इंस्टिट्यूट ऑफ हिमालय के वैज्ञानिक डॉ. खइंग शिंग ल्युरई, जीएसआई के वैज्ञानिक सुनील कुमार यादव, वरिष्ठ वैज्ञानिक सीबीआरआई कौशिल पंडित, उपनिदेशक भूतत्व एवं खनिजकर्म जी.डी प्रसाद और भूवैज्ञानिक तनड्रिला सरकार शामिल हैं।
वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन के माध्यम से उत्तरकाशी के सिल्क्यारा के पास टनल में फंसे श्रमिकों के बारे में जानकारी ली।मुख्यमंत्री ने राहत और बचाव कार्यों की विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि विभिन्न राज्य और केंद्रीय एजेंसियां परस्पर समन्वय और तत्परता के साथ राहत और बचाव कार्य में जुटी है। मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने स्वयं मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण किया और बचाव कार्यों की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सुरंग के अंदर फंसे सभी मजदूर सुरक्षित हैं और उन्हें जल्द बाहर निकालने की पूरी कोशिश की जा रही है। अब तक प्रधानमंत्री दो बार उनसे स्थिति की जानकारी ले चुके हैं। केंद्रीय गृह मंत्री और रेल मंत्री भी उनसे बात कर चुके हैं।
पीएम मोदी ने सीएम धामी से ली रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी..
उत्तराखंड: उत्तरकाशी में यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर दिवाली के मौके पर सिलक्यारा से डंडालगांव तक निर्माणाधीन सुरंग का एक हिस्सा टूट गया है। सुरंग के अंदर करीब 40 मजूदर फंसे हुए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी ली है।सीएम धामी ने ट्विटर पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि पीएम मोदी ने उत्तरकाशी में हुए टनल हादसे को लेकर रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी ली है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राहत और बचाव कार्यों की विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि विभिन्न राज्य और केंद्रीय एजेंसियां परस्पर समन्वय और तत्परता के साथ राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने स्वयं मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण किया और बचाव कार्यों पर लगातार नजर रखें हुए हैं। बचाव कार्य के लिए बड़े व्यास के ह्यूम पाइप हरिद्वार और देहरादून से भेजे जाने की व्यवस्था कर दी गई है। सीएम ने कहा कि सुरंग के अंदर फंसे सभी मजदूर सुरक्षित हैं। सभी को जल्द बाहर निकलने की पूरी कोशिश की जा रही है।बता दें अब तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो बार मुख्यमंत्री से स्थिति की जानकारी ले चुके हैं। इसके अलावा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव भी सीएम धामी से हादसे के बारें में जानकारी ले चुके हैं।
शीतकाल के लिए बंद हुए गंगोत्री धाम के कपाट,फूलों सजाया गया धाम..
उत्तराखंड: विश्व प्रसिद्ध गंगोत्री धाम के कपाट आज मंगलवार को शीतकाल के लिए बंद हो गए हैं। कपाट बंदी के लिए गंगोत्री व यमुनोत्री धाम को फूलों सजाया गया है। मां गंगा के शीतकालीन पड़ाव मुखवा स्थित गंगा मंदिर को भी फूलों से सजाया गया है।अन्नकूट के पर्व पर गंगोत्री धाम के कपाट दोपहर 11 बजकर 45 बजे पर बंद किए गए। मंदिर के कपाट बंद होने के बाद मां गंगा की डोली जयकारों के साथ मुखबा के लिए रवाना हुई। वहीं कपाट बंद होने से अब श्रद्धालु मां गंगा के दर्शन शीतकालीन प्रवास मुखीमठ (मुखबा) में कर सकेंगे। जहां मां गंगा की रोजाना पूजा-अर्चना की जाएगी। आपको बता दे कि 15 नवंबर को माँ गंगा की उत्सव डोली 6 महीने बाद अपने मायके मुखीमठ (मुखवा) पहुंचेगी। जहां पर ग्रामीण माँ गंगा का स्वागत एक बेटी की तरह करेंगे। वही केदारनाथ धाम और यमुनोत्री धाम के कपाट 15 नवंबर को भैयादूज पर बंद होंगे।वहीं शीतकाल के लिए भगवान बद्री नारायण के कपाट बंद होने की प्रक्रिया मंगलवार यानी आज से शुरू होगी। बद्री-केदार मंदिर समिति के कार्याधिकारी आरसी तिवारी का कहना है कि केदारनाथ के कपाट बंद करने को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। भगवान बद्री नारायण के कपाट बंद की प्रक्रिया मंगलवार से शुरू होगी। 18 नवंबर को बद्रीनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे।
