अशासकीय विद्यालयों में नियुक्ति में गड़बड़ी, CM धामी ने दिए SIT जांच के आदेश..
उत्तराखंड: सीएम पुष्कर सिंह धामी ने पौड़ी जिले के अशासकीय विद्यालयों में लिपिक एवं शिक्षकों की नियुक्ति में गड़बड़ी की शिकायत पर एसआईटी जांच के निर्देश दिए हैं। सीएम ने शिक्षा सचिव को दिए निर्देश में कहा कि जांच कर मामले में कार्रवाई की जाए।पौड़ी निवासी राजेश सिंह ने सीएम से की शिकायत में कहा कि जिले के कुछ अशासकीय विद्यालयों में वित्तीय अनियमितता के साथ ही नियुक्तियों में गड़बड़ी की गई है। शिक्षा विभाग ने इस मामले की जांच कराने के बाद 4 अक्तूबर 2023 को एसआईटी से जांच कराने की सिफारिश करते हुए इससे जुड़े अभिलेख शासन को भेजे थे, लेकिन शासन स्तर से इस प्रकरण में अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। सीएम से की शिकायत में कहा गया है कि प्रकरण की एसआईसी से जांच कराई जाए। शिकायती पत्र में यह भी कहा गया कि तत्कालीन अपर निदेशक प्रारंभिक शिक्षा वीएस रावत प्रकरण की जांच कर चुके हैं।
जांच रिपोर्ट में उन्होंने कहा कि स्कूल प्रबंधक ने प्रबंध समिति के सदस्यों से जो धनराशि जमा की। उसे स्कूल के खाते के स्थान पर चंदे खाते में जमा कर वित्तीय नियमों को ताक पर रखा। प्रबंधक ने उस धनराशि को अपने निजी कार्य में खर्च किया। जबकि स्कूल के पुराने खातों को बंद कर दिया गया। स्कूल के अभिलेखों को स्कूल प्रबंधक के साथ मिलकर खुर्द बुर्द किया गया।
यह भी मामला सामने आया कि एक विद्यालय में हिंदी शिक्षक के पद पर भर्ती में विशेषज्ञ की असहमति के बावजूद नियमों को ताक पर रखकर तत्कालीन मुख्य शिक्षा अधिकारी ने भर्ती के लिए अनुमोदन कर दिया। शिकायतकर्ता के अनुसार इस प्रकरण में विभाग ने पूर्व में मुख्य शिक्षा अधिकारी का जवाब तलब किया था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। जबकि एक अन्य प्रकरण में स्कूल में लिपिक के आरक्षित पद पर सामान्य व्यक्ति की नियुक्ति कर दी गई। वहीं, एक अन्य मामले में ऐसे व्यक्ति जिस पर गबन के आरोप में मुकदमा चल रहा है। उसे अशासकीय स्कूल में प्रबंधक के पद पर नियुक्त के लिए अनुमोदन कर दिया गया।
18 जुलाई से शुरू होगी 10वीं-12वीं की अंक सुधार परीक्षा, बनाए गए 98 केंद्र..
उत्तराखंड: बोर्ड की 10वीं और 12वीं की अंक सुधार परीक्षा 18 से 24 जुलाई तक होगी। परीक्षा के लिए राज्यभर में 98 केंद्र बनाए गए हैं। वर्ष 2023 के छात्र-छात्राओं के लिए यह तीसरा व अंतिम एवं वर्ष 2024 के छात्र-छात्राओं के लिए पहली अंक सुधार परीक्षा होगी। उत्तराखंड बोर्ड के 10वीं के दो और 12वीं के एक विषय में फेल छात्र-छात्राओं को परीक्षा में पास होने के लिए तीन मौके दिए जा रहे हैं। 18 जुलाई से शुरू हो रही अंक सुधार परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर एक बजे तक होगी। इस दिन हाईस्कूल का हिंदी और इंटरमीडिएट की हिंदी, कृषि हिंदी, अंग्रेजी और संस्कृत की परीक्षा होगी। 19 जुलाई को हाईस्कूल की अंग्रेजी और इंटरमीडिएट की इतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र, गृहविज्ञान, ड्राइंग एंड पेंटिंग, राजनीति विज्ञान, समाजशास्त्र,शिक्षा शास्त्र, सैन्य विज्ञान की परीक्षा होगी। 20 जुलाई को 10वीं की उर्दू और संस्कृत एवं 12वीं की गणित, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, लेखा शास्त्र, व्यावसायिक अध्ययन व कंप्यूटर।
23 जुलाई को 10वीं के छात्रों की सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक रिटेल एवं सुबह 10 से दोपहर एक बजे तक सामाजिक विज्ञान की परीक्षा होगी। जबकि 12वीं के छात्रों की कृषि शस्य विज्ञान प्रथम, कृषि वनस्पति विज्ञान द्वितीय, कृषि भौतिक एवं जलवायु विज्ञान तृतीय, कृषि, गणित व प्रारंभिक सांख्यिकी पंचम, कृषि अर्थशास्त्र सप्तम, कृषि जंतु विज्ञान अष्टम, कृषि रसायन विज्ञान दशम की परीक्षा होगी। वहीं, 24 जुलाई को 10वीं के छात्रों की विज्ञान विषय की परीक्षा होगी। दिव्यांगों को परीक्षा के लिए अतिरिक्त समय दिया जाएगा।
UKSSSC मे जल्द खुलेगा 1200 भर्ती का पिटारा..
उत्तराखंड: आचार संहिता हटने के बाद अब उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग में भर्तियों का सिलसिला शुरू होने जा रहा है। लोकसभा चुनाव की घोषणा के बाद से देश के साथ ही उत्तराखंड में भी आचार संहिता लागू हो गई थी। आचार संहिता 4 जून को लोकसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के साथ ही समाप्त हो गई। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के सचिव सुरेंद्र रावत का कहना हैं कि प्रदेश में उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग जल्द ही 1200 नई भर्तियां निकलने जा रहा है, जो कि अगले 6 महीने में पूरी हो जाएंगी।
1200 नई भर्तियों में से 600 पद फॉरेस्ट गार्ड के हैं। 84 वन दरोगा के पद हैं। हालांकि अभी इस अध्याचन पर विभागीय स्तर से कुछ कमी है, जिसे जल्द ही पूरा करके यह भर्तियां निकाली जाएंगी। 209 कनिष्ठ सहायक के पद जो कि इंटर लेवल तक के हैं, इनकी विज्ञप्ति भी जल्द आने वाली है। 200 स्टेनो के पदों के साथ ही अन्य छोटे- छोटे मल्टी डिपार्टमेंट में कुल मिलाकर 1200 नई विज्ञप्तियां अगले 6 महीने में उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा जारी कर दी जाएंगी। इनके बारे में अभ्यर्थी समय-समय पर आयोग की वेबसाइट पर भी जानकारी ले सकते हैं।
2000 पदों पर जल्द होनी हैं परीक्षाएं..
उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के सचिव सुरेंद्र रावत ने जानकारी दी है कि इस महीने से लेकर अगले अगस्त सितंबर तक आयोग द्वारा तकरीबन 2000 ऐसे पदों पर परीक्षाएं करवाई जानी हैं, जिनके लिए पहले ही फॉर्म भरे जा चुके हैं।
आबकारी विभाग में सिपाही के 100 पद, परिवहन आरक्षी के 118, सिपाही पद और एक्साइज इंस्पेक्टर के रूप में 14 पदों पर 30 जून को होनी है परीक्षा
सहायक अध्यापक आईटी की रिटर्न परीक्षा के लिए 1544 पदों पर 18 अगस्त को होनी है परीक्षा
स्टोर कीपर यानी कि सहायक भंडारण के 24 पदों पर 21 जुलाई को होनी है परीक्षा
राज्य संपति विभाग में ड्राइवर के 33 पदों पर 7 जुलाई को होनी है परीक्षा
वन विभाग के 200 स्कॉलर पदों पर इन दिनों फिजिकल हो रहा है, तो वहीं जल्दी इस पर रिटर्न परीक्षा भी होनी है
गृह विभाग के तहत होमगार्ड प्रशिक्षक यानी जो लोग होमगार्ड के जवानों को ट्रेनिंग देते हैं, ऐसे 24 ट्रेनर के पदों पर जल्द होनी हैं परीक्षाएं
पिछले ढाई सालों में 4 हजार से ज्यादा लोगों की लगी नौकरी..
उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के सचिव सुरेंद्र कुमार का कहना हैं कि आयोग में जिस तरह से पुराना विवाद रहा है, उसके बाद से लेकर अब तक नए पदाधिकारी द्वारा आयोग में काफी सारे सुधार किए गए हैं. उन्होंने कहा कि उनकी ज्वाइनिंग से लेकर अब तक यानी कि जनवरी 2022 से लेकर के 10 जून 2024 तक आयोग द्वारा तकरीबन 4200 पदों पर नियुक्ति दी जा चुकी है।
पहली बार सरकारी विभागों के लिए खाका तैयार..
उत्तराखंड: उत्तर प्रदेश की रीति और अनुभवों के आधार पर अपनी नीति तय करने वाली प्रदेश सरकार अब अपनी टूल किट से नीतियां बनाएगी। इसमें नियोजन विभाग का लोक नीति एवं सुशासन केंद्र(सीपीपीजीजी) सहयोग करेगा। पहली बार सीपीपीजीजी ने नीति बनाने के लिए एक टूल किट का खाका तैयार किया है। यह टूल किट नीति बनाने का बुनियादी आधार सुझाएगी और वैज्ञानिक, व्यावहारिक और विषय केंद्रित नीति का दस्तावेज तैयार करने में मदद करेगी। सचिव नियोजन डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम ने साक्ष्य आधारित और डाटा केंद्रित नीति बनाने के लिए इस पॉलिसी मेकिंग टूल किट की मार्गदर्शिका सभी विभागों को भेज दी है। इसमें कदम दर कदम नीति बनाने और उसे लागू करने के लिए दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
सचिव का मानना है कि यह टूल किट प्रगतिशील नीति बनाने में निश्चित तौर पर सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने विभागों से भी अपेक्षा की है कि वे विभागीय नीति निर्माण की प्रक्रिया में इस टूल का प्रयोग करेंगे। उनका मानना है कि इससे साक्ष्य आधारित विभागीय नीतियां तैयार करने में मदद मिलेगी।
सीपीपीजीजी के अपर मुख्य कार्याधिकारी डॉ. मनोज कुमार पंत का कहते हैं, पहली बार नीति बनाने के लिए कोई मार्गदर्शिका उपलब्ध कराई गई है। हमें नहीं लगता कि किसी अन्य राज्य में ऐसा कोई प्रयोग हुआ है। इस टूल किट की मदद से विभागीय नीतियां बनाने में काफी मदद मिलेगी।
यह बात सही है कि नीति बनाते समय सामाजिक, आर्थिक, भौगोलिक और पर्यावरणीय कारण महत्वपूर्ण होते हैं और उत्तराखंड जैसे राज्य में सभी क्षेत्रों और विभागों में नीति बनाने के लिए कोई एक समान दृष्टिकोण लागू नहीं किया जा सकता। लेकिन यह मार्गदर्शिका नीति बनाने का वह बुनियादी आधार प्रदान करती है, जो इसकी आवश्यकता, साक्ष्य, प्रभाव, हित धारकों पर केंद्रित होता है।
उपचुनाव के लिए भाजपा ने ये प्रत्याशी उतारे मैदान मे..
उत्तराखंड: भारतीय जनता पार्टी ने बद्रीनाथ और मंगलौर विधानसभा उपचुनाव के लिए अपने प्रत्याशियों के नामों की घोषणा कर दी है। बद्रीनाथ विधानसभा क्षेत्र से भाजपा ने पूर्व विधायक राजेंद्र भंडारी को अपना उम्मीदवार चुना है। भंडारी ने लोकसभा चुनाव के समय कांग्रेस पार्टी छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया था। उन्होंने अपनी विधानसभा सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद अब वे भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे।
भाजपा ने मंगलौर विधानसभा सीट से करतार सिंह भड़ाना को अपना प्रत्याशी घोषित किया है। भड़ाना इससे पहले हरियाणा और उत्तर प्रदेश में विधायक के पद पर रह चुके हैं। उन्होंने लोकसभा चुनाव के समय भाजपा की सदस्यता ली थी, और तभी से यह अटकलें थीं कि उन्हें मंगलौर विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया जा सकता है। पार्टी की पर्यवेक्षक टीमों ने बद्रीनाथ और मंगलौर विधानसभा सीटों पर रायशुमारी की प्रक्रिया पूरी कर ली थी और गुरुवार को प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के माध्यम से केंद्रीय चुनाव समिति को नाम भेजे गए थे। देर रात समिति ने प्रत्याशियों के नामों की घोषणा कर दी।
वनाग्नि की चपेट में आए वनकर्मियों को एयर एम्बुलेंस से एम्स दिल्ली शिफ्ट किए जायेगा..
उत्तराखंड: बिन्सर वन्यजीव विहार में वनाग्नि की चपेट में आए चारों घायल वनकर्मियों को हल्द्वानी स्थित सुशीला तिवारी बेस अस्पताल से दिल्ली एम्स एयरलिफ्ट करने की तैयारी की जा रही है। सीएम पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर दो एयर एम्बुलेंस से दिल्ली एम्स में शिफ्ट किया जा रहा है। आपको बता दें गुरुवार को अल्मोड़ा के बिन्सर वन्यजीव विहार में वन कर्मियों की बोलेरो गाड़ी वनाग्नि की चपेट में आ गई थी। इस हादसे में चार वनकर्मियों की मृत्यु हो गई थी। जबकि चार वनकर्मी झुलस गए थे। जिन्हें एयर लिफ्ट कर हल्द्वानी अस्पताल में भर्ती कराया गया। शुक्रवार सुबह सीएम पुष्कर सिंह धामी ने इन चारों वन कर्मियों को दो एयर एंबुलेंस से दिल्ली एम्स में भर्ती कराने के निर्देश दिए हैं।
घायलों वनकर्मियों का विवरण..
कृष्ण कुमार (21) (वन कर्मी)
भगत सिंह भोज (38) (वन कर्मी)
कैलाश भट्ट (44) (वन कर्मी)
कुंदन नेगी (44) (पीआरडी जवान)
उद्यान घोटाले में सीबीआई की बड़ी कार्रवाई, कर्मियों से चल रही गहन पूछताछ..
उत्तराखंड: उद्यान घोटाला मामले में सीबीआई ने एक्शन लिया है और तीन कर्मचारियों को अपने साथ ले गई है। बताया जा रहा है कि तीनों कर्मचारियों से सीबीआई ऑफिस वसंत विहार में पूछताछ की जा रही है। सीबीआई उद्यान घोटाला मामले में तीन कर्मचारियों को अपने साथ ले गई है। तीनों से पूछताछ की जा रही है। बता दें कि सीबीआई इस मामले की जांच पिछले साल अक्टूबर 2023 से कर रही है। हाईकोर्ट के आदेश देने के बाद इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई थी।
आज शाम तक हो सकती है गिरफ्तारी..
बताया जा रहा है कि इस मामले में आज शाम तक सीबीआई बड़ी कार्रवाई कर सकती है। आज शाम तक इन कर्मचारियों में से कुछ की गिरफ्तारी भी हो सकती है। बता दें कि फालदार पौधों की ख़रीद में उद्यान विभाग में बड़ी गड़बड़ी सामने आई थी। जिसके बाद ये मामला हाईकोर्ट में जाने के बाद कोर्ट के ही आदेश पर सीबीआई ने सीबीसीआईडी से मामले की जांच से संबंधित दस्तावेज ले लिए थे। जिसके बाद सीबीआई ने प्राथमिक जांच दर्ज कर मामले में जांच शुरू कर दी थी।
जनहित याचिका दायर कर लगाए थे घोटाले का आरोप..
बता दें कि अल्मोड़ा निवासी दीपक करगेती, गोपाल उप्रेती व अन्य ने इस मामले में नैनीताल हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की थी। उन्होंने जनहित याचिका दाखिल कर उद्यान विभाग में घोटाले का आरोप लगाया था। याचिका में कहा गया है कि कि उद्यान विभाग में फलदार पौध की खरीद में गड़बड़ियां कर करोड़ों का घोटाला किया गया है।
वनाग्नि रोकने के लिए नीति आयोग बनाएगा ज्वाइंट वर्किंग ग्रुप, उपाध्यक्ष से मिले सांसद अनिल बलूनी..
उत्तराखंड: पौड़ी गढ़वाल सीट से सांसद अनिल बलूनी ने बुधवार को नई दिल्ली में नीति आयोग के उपाध्यक्ष सुमन बेरी से मुलाकात कर हिमालयी राज्यों के वनों में, खासकर उत्तराखंड में, बार-बार आग लगने की समस्या और इससे होने वाले भारी नुकसान को लेकर चिंता जताई । नीति आयोग ने पर्यावरण और वन, वित्त और ग्रह मंत्रालयों के साथ मिलकर एक ज्वाइंट वर्किंग ग्रुप बना कर इस समस्या पर एक वृहद अध्ययन करायेगा।
अनिल बलूनी ने सुमन बेरी के साथ बातचीत में हाल ही में एक बार फिर उत्तराखंड ने जंगलों में आग लगने की भयावह घटना और इससे होने वाले भारी नुकसान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उत्तराखंड सहित तमाम पर्वतीय इलाकों में हमेशा इस तरह की घटना सामने आती रहती है, जिससे न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है, बल्कि वन्य जीवन को भी इस त्रासदी का सामना करना पड़ता है। साथ ही, जान-माल की व्यापक हानि होती है। इससे राज्य की अर्थव्यवस्था को भी भारी नुकसान पहुंचता है।
वनाग्नि रोकथाम के लिए नीति आयोग बनाएगा ज्वाइंट वर्किंग ग्रुप..
सांसद ने जोर देते हुए कहा कि इस समस्या की रोकथाम के लिए योजनाओं में दूरदर्शी व दूरगामी नीतियां बनाने की जरूरत है। साथ ही, पर्वतीय राज्यों के लिए बजट में भी इसके लिए अलग से प्रावधान करने की जरूरत है ताकि पहाड़ और जंगल का संतुलन बना रहे और पर्यावरण असंतुलित न हो। उनका कहना हैं कि इसके लिए केंद्र से सहयोग एवं समन्वय की जरूरत है। उन्होंने कहा कि नीति आयोग को प्रभावित राज्यों के साथ–साथ गृह, वित्त एवं पर्यावरण मंत्रालय के साथ–साथ विशेष समन्वय करके योजनाओं और बजट में इसके लिए अलग से प्रावधान करने की जरूरत है।
विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के दिए निर्देश..
उपाध्यक्ष सुमन बेरी ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस तरह की समस्याएं और उसके निराकारण करने के लिए विदेशों में क्या-क्या कदम उठाए जा रहे हैं, उसका अध्ययन कर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाए और उसे जल्द से जल्द प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि उत्तराखंड समेत पर्वतीय राज्यों में इस तरह की समस्या की रोकथाम के लिए वन एवं पर्यावरण मंत्रालय, गृह मंत्रालय और वित्त मंत्रालय समेत प्रदेश की सरकार के साथ समन्वय स्थापित किया जाए।
हर आवश्यक कदम उठाने के लिए किया आश्वस्त..
नीति आयोग के उपाध्यक्ष सुमन बेरी ने आश्वस्त करते हुए कहा कि पर्वतीय प्रदेशों में जंगल में आग लगने से बचाव करने के लिए हर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। साथ ही, दूरगामी नीतियां और योजनाएं बनाई जाएगी ताकि ऐसी घटनाओं की रोकथाम की जा सके और राज्य ऐसी समस्याओं से बेहतर तरीके से निपट सकें।
बद्रीनाथ और मंगलौर में होगी भाजपा के विजय रथ की परीक्षा..
जानिए किस पर दांव खेलेगी पार्टी?
उत्तराखंड: प्रदेश में भाजपा क्या दो विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव में भी विजय गाथा लिख पाएगा? सियासी जानकारों का मानना है कि बद्रीनाथ और मंगलौर का चुनावी समर भाजपा के विजय रथ की कड़ी परीक्षा लेगा। चंपावत और बागेश्वर उपचुनाव के बाद लोकसभा चुनाव में जीत से भाजपा के हौसले बुलंद है और इस बार वह मंगलौर विस के अभेद्य दुर्ग को भी भेदने की रणनीति पर काम कर रही है। 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को बद्रीनाथ विस सीट पर कांग्रेस के हाथों शिकस्त मिली थी, लेकिन कांग्रेस की जीत की पटकथा लिखने वाले राजेंद्र भंडारी अब भाजपा में शामिल हैं। हाल ही में संपन्न लोकसभा चुनाव में भाजपा ने गढ़वाल संसदीय सीट पर बद्रीनाथ विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस को 8254 वोटों से पीछे छोड़ा। हालांकि भंडारी के भाजपा में आने के बाद पार्टी इससे भी बड़ी लीड की उम्मीद कर रही थी।
आपको बता दे कि बद्रीनाथ सीट पर भाजपा के भंडारी पर ही दांव लगाने की ज्यादा संभावना है। लेकिन मुकाबले में कांग्रेस भी कोई कसर नहीं छोड़ेगी। उपचुनाव में कांग्रेस के पास लोस चुनाव में मिली हार का हिसाब बराबर करने का मौका है। इस लिहाज से भाजपा के लिए बद्रीनाथ का समर आसान नहीं माना जा रहा है। मंगलौर विस सीट भाजपा ने कभी नहीं जीती। मुस्लिम और अनुसूचित जाति बहुल इस सीट पर बसपा और कांग्रेस का ही कब्जा रहा है। भाजपा ने इस सीट पर प्रत्याशी तो उतारे. लेकिन उसे कभी कामयाबी नहीं मिली। 2022 के चुनाव में पार्टी प्रत्याशी दिनेश सिंह पंवार को 18763 वोट मिले थे। लोकसभा चुनाव में हरिद्वार संसदीय सीट के अंतर्गत मंगलौर से भाजपा 21 हजार वोट हासिल किए। लेकिन जीत के लिए 30 से 40 हजार वोटों की दरकार है। भाजपा के लिए इतने वोट जुटाने के लिए खास रणनीति बनानी होगी।
उत्तराखंड में पहली बार हुआ ऐसा, पूरे जिले में लागू नहीं हुई आचार संहिता..
उत्तराखंड: देवभूमि उत्तराखंड के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ कि विधानसभा उपचुनाव में पूरे जिले के बजाए केवल संबंधित विधानसभा में ही चुनाव आचार संहिता लागू हुई है। इससे पहले विधानसभा के पूरे जिले में आचार संहिता लागू होती थी। चुनाव आयोग ने जनवरी में नियमों में बदलाव किया था, जो अब लागू हो गया है। बता दे कि नए नियमों के तहत अगर किसी जिले में नगर निगम है तो वहां उप चुनाव होने पर केवल संबंधित विधानसभा क्षेत्र में ही आदर्श आचार संहिता लागू होगी।
चूंकि, हरिद्वार जिले में दो नगर निगम हरिद्वार और रुड़की हैं, इसलिए यह नियम यहां लागू हो गया है। यहां केवल मंगलौर विधानसभा क्षेत्र में ही आचार संहिता लागू हुई है। इस विधानसभा क्षेत्र में ही तीन साल से अधिक समय से जमे अफसर हटेंगे। इस क्षेत्र में होने वाले नए कार्यों के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित स्क्रीनिंग समिति चुनाव आयोग को प्रस्ताव भेजेगी, जिस पर आयोग फैसला लेगा।
वहीं चमोली जिले में कोई नगर निगम नहीं है। लिहाजा, यहां की बद्रीनाथ विधानसभा उपचुनाव के चलते पूरे जिले में आचार संहिता लागू कर दी गई है। उत्तराखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम का कहना हैं कि उपचुनाव में नए नियम प्रभावी हो गए हैं। 14 जून से उपचुनाव के नामांकन शुरू होने जा रहे हैं। 13 जुलाई को नतीजे आ जाएंगे, लेकिन संबंधित क्षेत्रों में आचार संहिता 15 जुलाई तक लागू रहेगी। इस दौरान लोकसभा चुनाव की भांति यहां सभी आचार संहिता संबंधी नियम लागू होंगे।
