इन ग्राम प्रधानों को मिल सकती है प्रोत्साहन राशि, शासन को भेजा गया प्रस्ताव..
उत्तराखंड: प्रदेश के सभी 7,795 ग्राम प्रधानों को कोविड काल में किए गए काम के लिए प्रोत्साहन राशि देने की तैयारी है। हर प्रधान को 10 हजार रुपये मिलेंगे, इसके लिए पंचायतीराज निदेशालय की ओर से शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। प्रदेश में कोविड के दौरान वर्ष 2019-20 और 2020-21 में कोरोना वायरस से बचाव के लिए ग्रामीणों ने जरूरतमंदों की मदद के लिए हाथ बढ़ाए थे। कई गांवों में क्वारंटीन सेंटर बनाए गए। जरूरतमंदों को भोजन, दवा एवं अन्य सुविधाएं मुहैया कराई गई, लेकिन कोविड काल के बाद सरकार की ओर से ग्राम विकास अधिकारियों को प्रोत्साहन के रूप में 10-10 हजार रुपये की धनराशि दी गई, जबकि प्रधानों को छोड़ दिया गया।
इसके बाद से ही ग्राम प्रधान लगातार सरकार से प्रोत्साहन राशि की मांग करते आ रहे हैं। उनका कहना है कि गांवों में कोरोना वायरस से बचाव के लिए ग्राम प्रधानों ने काम किया, जबकि प्रोत्साहन राशि उन्हें न देकर वीडीओ को दी गई। पंचायतीराज निदेशालय के अधिकारियों का कहना हैं कि ग्राम प्रधानों की मांग पर निदेशालय की ओर से प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया है। वीडीओ की तर्ज पर ग्राम प्रधानों को भी कोविड में किए गए कार्य के लिए प्रोत्साहन राशि दी जा सके, इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया है।
बनभूलपुरा थाना क्षेत्र में रहेगा कर्फ्यू, अन्य जगह आज से खुलेंगे स्कूल..
उत्तराखंड: जिला प्रशासन ने रविवार को कर्फ्यू के आदेश जारी किए हैं। डीएम वंदना के अनुसार अब सिर्फ बनभूलपुरा थाना क्षेत्र में ही कर्फ्यू लागू रहेगा, जबकि अन्य क्षेत्रों में कर्फ्यू समाप्त हो जाएगा। जोनल मजिस्ट्रेट और कुमाऊं मंडल विकास निगम के जीएम एपी वाजपेयी का कहना हैं कि सोमवार से बाकी क्षेत्रों में विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्र खुल जाएंगे। कुमाऊं विश्वविद्यालय और उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय (यूओयू) की परीक्षाएं भी सोमवार से होंगी। यूओयू के परीक्षा नियंत्रक ने कहा कि एलबीएस हल्दूचौड़, एमबीपीजी हल्द्वानी और राजकीय डिग्री कॉलेज रामनगर में यूओयू की परीक्षाएं 12 फरवरी से होंगी, जैसा कि निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार होगा।
उपद्रवियों पर NSA की कार्रवाई को करन माहरा ने कहा- ये कार्रवाई भड़काने वाली बात..
उत्तराखंड: हल्द्वानी में गुरूवार को जिस तरीके से अतिक्रमण हटाने को लेकर उपद्रवियों के द्वारा अतिक्रमण हटाने गई टीम पर हमला किया गया। उसको लेकर धामी सरकार सख्त नजर आ रही है। धामी सरकार उपद्रवियों खिलाफ एक्शन के तहत कार्रवाई करने के मूड में है। जिसके तहत NSA के तहत करवाई भी की जाएगी। लेकिन उपद्रवियों पर NSA की कार्रवाई को विपक्ष सही नहीं मान रहा है। हल्द्वानी हिसा को लेकर धामी सरकार सख्त एक्शन लेने के मूड में नजर आ रही है। जिसके तहत उपद्रवियों की पहचान करने के बाद उनपर एनएसए के तहत करावई की जाएगी। लेकिन विपक्ष उपद्रवियों के खिलाफ एनएसए की कार्रवाई को गलत बता रहा है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा का कहना है कि एनएसए के तहत कार्रवाई ठीक नही हैं। ये ज्यादातर आंतकवादियों पर की जाती है।
विपक्ष ने कार्रवाई को बताया भड़काने वाली बात..
एनएसए नेशनल सिक्योरिटी एक्ट कानून है जिसके तहत यदि किसी व्यक्ति से कोई खास खतरा सामने रहता है तो उस व्यक्ति को हिरासत में लिया जा सकता है। अगर सरकार को लगता है कि कोई व्यक्ति देश के लिए खतरा है तो उसे गिरफ्तार भी किया जाता है। सरकार जहां हल्द्वानी की घटनाक्रम को गंभीर मानते हुए सख्त कार्रवाई कर बड़ा संदेश भी देने की कोशिश कर रही है। तो वहीं विपक्ष इस कार्रवाई को भड़काने वाली बता रहा है। हालांकि भाजपा का कहना है कि जो भी कार्रवाई उपद्रवियों पर बनती है वह की जाएगी,किसी भी कीमत पर उपद्रवियों को बख्शा नहीं जाएगा। कांग्रेस हल्द्वानी की घटना को अधिकारियों की लापरवाही को भी जिम्मेदार मान रही है। जिसके तहत कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जिला अधिकारी और एसएसपी के ट्रांसफर की भी मांग कर रहे हैं। तो वहीं उपद्रवियों पर एनएसए की कार्रवाई को कांग्रेस सही नहीं मान रही है।
उत्तराखंड के ग्रेजुएट छात्रों को UK में पोस्ट ग्रेजुएशन करने का मौका मिलेगा..
उत्तराखंड: शेवेनिंग अंतरराष्ट्रीय छात्रवृत्ति कार्यक्रम के अन्तर्गत राज्य सरकार 10 ग्रेजुएट छात्रों को यूनाइटेड किंगडम (UK) में अध्ययन का अवसर मिलेगा। जिसमें पांच छात्र और पांच छात्राएं शामिल होंगी। इस सबंध में शेवेनिंग इंडिया की प्रमुख सुप्रिया चावला ने सचिवालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भेंट की। शेवेनिंग इंडिया की प्रमुख सुप्रिया चावला ने ने कहा कि शेवनिंग चार दशकों से 160 देशों में काम कर रहा है। संगठन द्वारा उच्च शिक्षा के लिए विद्यार्थियों को इंग्लैंड के किसी भी विश्वविद्यालय में प्रवेश की सुविधा प्रदान करता है, जिसकी लागत आमतौर पर एक वर्ष के लिए 40 लाख रुपये होती है।
आपको बता दे कि राज्य सरकार इस लागत में 20 लाख रुपये का योगदान देती है और शेवनिंग इंडिया शेष 20 लाख रुपये वहन करता है। जिससे बच्चे विश्वविद्यालय पढ़ाई में कुशल बन सकें। शेवेनिंग छात्रवृत्ति के लिए सफल विद्यार्थियों को उनकी नेतृत्व क्षमता और शैक्षणिक उत्कृष्टता के आधार पर चुना जाता है। शेवेनिंग ने दुनिया भर में कई प्रभावशाली नेताओं और परिवर्तन-निर्माताओं को तैयार किया है।
सीएम धामी का कहना हैं कि राज्य सरकार द्वारा राज्य के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को आगे लाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य में उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा मेधावी छात्रवृत्ति प्रोत्साहन योजना चलाई जा रही है। सीएम ने कहा कि राज्य के सरकारी महाविद्यालयों के जिन मेधावी छात्र-छात्राओं को इस छात्रवृत्ति योजना के तहत विदेश भेजा जा रहा है। उनको अपने शैक्षणिक और व्यावसायिक लक्ष्यों को आगे बढ़ाने और आवश्यक कौशल और ज्ञान प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
योजना के तहत 10 छात्रों को मिलेगा मौका..
प्रदेश के शिक्षा मंत्री डॉ रावत ने कहा कि शेवेनिंग अंतरराष्ट्रीय छात्रवृत्ति कार्यक्रम में राज्य 10 सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले ग्रेजुएट छात्रों को भेजा जाएगा। जिसमें पांच छात्र और पांच छात्राएं शामिल होंगी। छात्रवृत्ति कार्यक्रम को अपने शैक्षणिक और व्यावसायिक लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के साथ-साथ अपने प्रदेश में सकारात्मक प्रभाव डालने के लिए आवश्यक कौशल और ज्ञान प्राप्त करने का एक अच्छा अवसर है।
आज उत्तराखंड पहुंचेंगी कुमारी शैलजा, लोस चुनाव का होमवर्क करेंगी चेक..
उत्तराखंड: लोकसभा चुनावों के लिए कांग्रेस ने कमर कस ली है। लोकसभा के चुनावों की तैयारियों का जायजा लेने के लिए कांग्रेस प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा आज अपने दो दिवसीय उत्तराखंड दौरे पर आ रही हैं। प्रभारी बनने के बाद ये उनका दूसरा उत्तराखंड दौरा है। कुमारी शैलजा का ये उत्तराखंड दौरा बेहद ही महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कुमारी शैलजा दो दिवसीय इस दौरे के दौरान संगठन के कामकाज की नब्ज टटोलेंगी। इसके साथ ही वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के लोस चुनाव का होमवर्क को भी वो चेक करेंगी।
दो दिन में करेंगी सात बड़ी बैठकें..
मिली जानकारी के अनुसार कुमारी शैलजा दो दिन में सात बड़ी बैठकें करेंगी। माना जा रहा है कि इन बैठकों के जरिए वो नेताओं से चुनावी फीडबैक लेंगी। इसके साथ ही वो पार्टी के सभी वरिष्ठ नेताओं, विधायकों, पूर्व विधायकों के साथ ही सभी फ्रंटल संगठनों के साथ वन टू वन बैठक करेंगी। कुमारी शैलजा के कांग्रेस प्रदेश प्रभारी बनने के बाद ये दूसरा उत्तराखंड दौरा है। इस से पहले वो एक दिवसीय दौरे पर उत्तराखंड आई थी। देहरादून में पार्टी के नेताओं से बैठक करने के बाद वो उसी दिन दिल्ली के लिए रवाना हो गई थी। मिली जानकारी के अनुसार 10 फरवरी को शैलजा कुमारी प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में पार्टी के विधायकों, पूर्व मंत्री व विधायक व 2022 के विधानसभा चुनाव में पार्टी प्रत्याशियों के साथ बैठक करेंगी। इसके बाद 11 फरवरी को वो जिला व महानगर अध्यक्षों के साथ बैठक करेंगी।
हल्द्वानी पहुंची मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, DGP और ADG लॉ एंड आर्डर भी मौजूद..
उत्तराखंड: हल्द्वानी के बनभूलपुरा में हिंसा के बाद हालात का जायजा लेने के लिए उत्तराखंड की मुख्य सचिव राधा रतूड़ी मौके पर पहुंची है। इसके साथ ही डीजीपी अभिनव कुमार और एडीजी लॉ एंड ऑर्डर एपी अंशुमन हल्द्वानी पहुंचे हैं। डीजीपी और एडीजी लॉ एंड ऑर्डर मौके पर स्थिति का जायजा ले रहे हैं। हल्द्वानी पहुंचकर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी का कहना हैं कि “हम लोग पहले पूरी स्थिति को अच्छे से अध्ययन करेंगे और फिर उसके क्या लीगल बिंदु है वो देखेंगे। सरकार के खिलाफ कोई भी कार्रवाई होगी तो जो भी उसमें दोषी होंगे उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
हम स्थिति का पूरा अध्ययन करने के बाद मुख्यमंत्री को विस्तृत जानकारी देंगे। दंगाइयों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई होगी। ” इसके साथ ही मुख्य सचिव ने अस्पताल जाकर घायलों से मुलाकात कर उनका हाल-चाल जाना है। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी के साथ ही डीजीपी अभिनव कुमार और एडीजी लॉ एंड ऑर्डर एपी अंशुमन भी हल्द्वानी पहुंचे हैं। वो स्थिति का जायजा ले रहे हैं। बता दें कि सीएम धामी खुद इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं। सीएम धामी ने एडीजी लॉ एंड ऑर्डर को हल्द्वानी में ही कैंप करने के निर्देश दिए हैं। जिसके बाद वो हल्द्वानी पहुंचे हैं।
इन तीन हस्तियों को मिलेगा भारत रत्न- केंद्र सरकार..
देश-विदेश: सरकार ने तीन हस्तियों को भारत रत्न देने का ऐलान किया है। ये तीन हस्तियां हैं पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह, एम एस स्वामी नाथन और नरसिम्हा राव। इन तीनों को भारत देने की आधिकारिक घोषणा कर दी गई है। पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह, पीवी नरसिम्हा राव और कृषि वैज्ञानिक डॉ. एमएस स्वामीनाथन को सरकार ने एक साथ भारत रत्न दिए जाने का ऐलान किया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर दी जानकारी
नरेंद्र मोदी ने चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न देने की बात करते हुए लिखा, “हमारी सरकार का यह सौभाग्य है कि देश के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह जी को भारत रत्न से सम्मानित किया जा रहा है। यह सम्मान देश के लिए उनके अतुलनीय योगदान को समर्पित है। उन्होंने किसानों के अधिकार और उनके कल्याण के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया था। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे हों या देश के गृहमंत्री और यहां तक कि एक विधायक के रूप में भी, उन्होंने हमेशा राष्ट्र निर्माण को गति प्रदान की। वे आपातकाल के विरोध में भी डटकर खड़े रहे। हमारे किसान भाई-बहनों के लिए उनका समर्पण भाव और इमरजेंसी के दौरान लोकतंत्र के लिए उनकी प्रतिबद्धता पूरे देश को प्रेरित करने वाली है।
हल्द्वानी हिंसा मामले पर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने की समीक्षा बैठक..
उत्तराखंड: हल्द्वानी बनभूलपुरा बवाल मामले पर सीएम धामी ने सख्त रुख अपनाया है। बता दें कि सीएम पुष्कर सिंह धामी ने प्रशासन को उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। वहीं मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं घटना के बाद पुलिस-प्रशासन हर गतिविधि पर पैनी नजर बनाए हुई है।
हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र के मालिक के बगीचे में नगर निगम के भूमि पर अवैध रूप से बनाए गए मस्जिद और मदरसे के हटाने के दौरान हुए बवाल के बाद स्थिति गंभीर बनी हुई है। मिली जानकारी के अनुसार हल्द्वानी के बनभूलपुरा में गुरुवार शाम को अतिक्रमण हटाने को लेकर बवाल हो गया। जिसके बाद प्रशासन ने देर शाम उपद्रवियों के पैर में गोली मारने के आदेश जारी किए। इस दौरान छह लोगों की मौत हो गई। प्रशासन ने शहर में कर्फ्यू लगा दिया है। घटना के बाद पुलिस प्रशासन हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए हैं। वहीं हल्द्वानी के बनभूलपुरा में हुई घटना पर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रशासन को उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाले किसी भी दंगाई को बख्शा नहीं जाएगा।
आपको बता दे कि पुलिस-प्रशासन की संयुक्त टीम बुलडोजर के साथ बनभूलपुरा थाना क्षेत्र में अवैध मस्जिद और मदरसे को अतिक्रमण मुक्त करने पहुंची थी। इसके बाद इलाके में तनाव का फैल गया। इस दौरान पुलिस-प्रशासन की टीम पर दंगाइयों ने पथराव और हमला कर दिया। घटना में पुलिस-प्रशासन और मीडियाकर्मी सहित 300 से अधिक लोग घायल हो गए। वहीं पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दो दंगाईयों की मौत हुई है। वहीं मामले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रशासन को उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाले किसी भी दंगाई को बख्शा नहीं जाएगा।
वित्त मंत्री ने लोकसभा में अर्थव्यवस्था पर श्वेत पत्र पेश किया, जानिए क्या होता है श्वेत पत्र..
देश-विदेश: आज संसद में श्वेत पत्र पेश किया गया है। बता दें कि एक फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश करने के दौरान कहा था कि मोदी सरकार यूपीए सरकार की नाकामियों पर श्वेत पत्र लेकर आएगी। इसी ऐलान के बाद आज संसद में श्वेत पत्र पेश कर दिया गया है। श्वेत पत्र एक सरकारी दस्तावेज होता है। इसके जरिए सरकार अपनी नीतियों और उपलब्धियों को हाई लाइट करने का प्रयास करेगी और उनका रिएक्शन जानने की कोशिश भी करेगी। श्वेत पत्र संभवत: फिस्कल पॉलिसी, मॉनेटरी पॉलिसी, ट्रेड पॉलिसी नीति और एक्सचेंज रेट पॉलिसी जैसे विभिन्न विषयों को कवर करते हुए पिछले कुछ सालों में भारत सरकार की ओवर ऑल इकोनॉमिक पॉलिसी का वर्णन मूल्यांकन और विश्लेषण करेगा।
श्वेत पत्र के जरिए यूपीए और एनडीए सरकार के कार्यकाल में हुए कार्यों की तुलना की जाएगी। साथ ही सरकार अपने कार्यकाल में उठाए गए सकारात्मक कदमों के बारे में भी बताएगी। श्वेत पत्र एक रिपोर्ट होती है, जिसके जरिए सरकार की उपलब्धियों के बारे में बताया जाता है। श्वेत पत्र में शामिल दस्तावेज कई रंगों में होते हैं। इन्हीं रंगों के हिसाब से दस्तावेजों का वितरण किया जाता है।
कौन जारी करता है श्वेत पत्र?
सरकार के अलावा कोई भी कंपनी, या संस्था श्वेत पत्र ला सकती है। आमतौर पर कंपनियां इसके जरिए अपनी स्थिति के बारे में बताती है। इससे कंपनी के ग्राहकों और उत्पादों के बारे में विस्तृत जानकारी भी मिलती है। रिपोर्ट्स के अनुसार साल 1922 में ब्रिटेन में पहली बार श्वेत पत्र लाया गया था। अंतरिम बजट पेश करते समय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दावा किया था कि साल 2014 में पीएम नरेंद्र मोदी ने देश की बागडोर संभाली, तब भारतीय अर्थव्यवस्था क्राइसिस में थी। इस स्थिति के लिए उन्होनें मनमोहन सरकार के मिस मैनेजमेंट को जिम्मेदार ठहराया।
जानिए क्या है उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना, छात्रों और शिक्षकों को कैसे मिलेगा इसका लाभ..
उत्तराखंड: मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना के लिए शासन ने दो करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। योजना के तहत छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को शोध के लिए सरकार 18 लाख रुपये तक देगी। प्रदेश के राजकीय महाविद्यालयों एवं राज्य विश्वविद्यालयों में उच्च गुणवत्तायुक्त शैक्षणिक वातारण के विकास, नई तकनीकों को बढ़ावा देने एवं राजकीय महाविद्यालयों एवं राज्य विवि के शिक्षकों एवं छात्रों को शोध के लिए प्रोत्साहित करने के लिए सीएम उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना शुरू की गई है। उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना हैं कि उत्तराखंड पहला ऐसा राज्य है। जो शिक्षकों को भी शोध के लिए 18 लाख रुपये तक देने जा रहा है।
राज्य से संबंधित शोध विषयों, जिसमें सामाजिक, आर्थिक, समसामयिक आदि को प्रोत्साहित किया जाएगा। शोध प्रस्तावों में विशिष्ट समस्या समाधान और क्रियात्मक शोध विषयों को वरीयता दी जाएगी। राज्य के किसी विभाग या विशिष्ट समस्याओं के समाधान को लेकर भी अनुरोध के आधार पर शोध प्रस्तावों को आमंत्रित किया जा सकता है। इसके लिए राज्य स्तरीय राज्य शोध एवं विकास प्रकोष्ठ चयन एवं मूल्यांकन समिति का गठन किया जाएगा।
आदेश में कहा गया है कि सीएम उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना के तहत अवमुक्त की जा रही धनराशि उसी कार्य के लिए व्यय की जाएगी। जिसके लिए स्वीकृत की जा रही है। स्वीकृत धनराशि राजकीय महाविद्यालय एवं विवि में कार्यरत नियमित शिक्षकों एवं संस्थागत छात्र-छात्राओं को शोध कार्य के लिए दी जाएगी।
