उत्तराखंड में आज इन क्षेत्रों में होगी बारिश और बर्फबारी..
उत्तराखंड: प्रदेश में बीते दो महीनों से बारिश नहीं हुई है। जिस कारण प्रदेशभर में सूखी ठंड सता रही है और मौसम शुष्क बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार आज से प्रदेश में मौसम का मिजाज बदल सकता है। प्रदेश में ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने आज प्रदेश में मौसम के करवट लेने की संभावना जताई है। मौसम विभाग का कहना हैं कि राजधानी देहरादून समेत प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में बारिश की संभावना है। इसके साथ ही प्रदेश के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी होने के आसार हैं जबकि निचले क्षेत्रों में बारिश हो सकती है। बारिश ना होने के कारण बीते कुछ समय से प्रदेश में मैदानी क्षेत्रों में कोहरा और पहाड़ों में पाला लोगों को परेशान कर रहा है। लेकिन बारिश और बर्फबारी होने के कारण आने वाले कुछ दिनों में प्रदेश में तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। जिस से कड़ाके की ठंड पड़ेगी।
मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह ने कहा कि ताजा पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत में सक्रिय होने के कारण मंगलवार को 3000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी होने के आसार हैं। इसके साथ ही निचले इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है। जिस से न्यूनतम तापमान में भी एक से दो डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है।
देहरादून में दो दिन में 10 पहुंची इन्फ्लुएंजा पीड़ितों की संख्या..
उत्तराखंड: सर्दी, खांसी और बुखार के मरीजों की कोविड और इन्फ्लुएंजा की जांच की जा रही है। रविवार को कोविड की 63 जांच हुईं। सभी संदिग्ध मरीजों की रिपोर्ट निगेटिव है। वहीं, इन्फ्लुएंजा के चार नए मरीज मिले हैं। सभी को अस्पताल में भर्ती किया गया है। इनमें एक बुजुर्ग और तीन वयस्क हैं। जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. सीएस रावत का कहना हैं कि रविवार को इन्फ्लुएंजा के चार मरीज मिले हैं। इसमें एक मरीज इंदिरेश अस्पताल, एक मरीज कैलाश अस्पताल और दो मरीज दून अस्पताल में भर्ती हैं। स्वास्थ्य विभाग ने इन सभी मरीजों के इन्फ्लुएंजा-ए पॉजिटिव होने की जानकारी दी है। मरीजों की एच-1 एन-1 रिपोर्ट पॉजिटिव के बारे में रिपोर्ट जारी नहीं की गई है।
इन दिनों कोविड के साथ ही स्वाइन फ्लू का खतरा भी बढ़ गया है। मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आ रही है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग की ओर से मरीजों को इन्फ्लुएंजा-ए पॉजिटिव ही बताया जा रहा है। जबकि इन्फ्लुएंजा पॉजिटिव आने पर इन्फ्लुएंजा के सब टाइप की जांच की जाती है। इन्फ्लुएंजा के सब टाइप स्वाइन फ्लू को प्रजेंट करते हैं। शनिवार को भी जिले में इन्फ्लुएंजा के छह मरीज मिले थे। यह सभी मरीज अस्पतालों में भर्ती किए गए थे। जिले में रोजाना इन्फ्लुएंजा के मरीज बढ़ रहे हैं। पिछले दो दिन में 10 मरीज मिल चुके हैं।
डॉक्टरों की सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष होगी,जल्द कैबिनेट में लाया जाएगा प्रस्ताव..
उत्तराखंड: सूबे में विशेषज्ञ चिकित्सकों की भारी कमी को देखते हुए सरकार ने उनकी सेवानिवृत्ति की अधिवर्षता आयु 60 वर्ष से बढ़ाकर 65 वर्ष करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही विशेषज्ञ चिकित्सकों का पृथक कैडर भी बनेगा। जिसका प्रस्ताव शीघ्र कैबिनेट में लाया जाएगा। शनिवार को स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत की अध्यक्षता में सचिवालय में स्वास्थ्य विभाग की उच्चस्तरीय बैठक हुई। जिसमें विभाग के अंतर्गत प्रदेशभर में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी को दूर करने के लिए पृथक कैडर बनाने, वेतन वृद्धि और सेवानिवृत्ति की आयु 60 वर्ष से बढ़ाकर 65 वर्ष किए जाने का निर्णय लिया गया। इसके लिए विभागीय अधिकारी एक सप्ताह के भीतर प्रस्ताव तैयार कर शासन को प्रस्तुत करेंगे। जिसे आगामी कैबिनेट में रखा जाएगा।
सभी 1300 पदों पर तकनीशियनों की आवश्यकता..
इसके साथ ही विभाग में चिकित्सकों के रिक्त पदों के सापेक्ष नियत वेतनमान पर चिकित्सकों की तैनाती करने और पीजी कोर्स करने गए एमबीबीएस डॉक्टरों के विकल्प के रूप में कुछ अस्थाई पदों की स्वीकृत का भी निर्णय लिया गया। इसका प्रस्ताव भी कैबिनेट में रखा जाएगा। डॉ. रावत का कहना हैं कि स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत तकनीकी संवर्ग के कुल 1300 पद रिक्त हैं, जिनके सापेक्ष विभाग को केवल 250 पद भरने की ही स्वीकृति कैबिनेट ने पूर्व में दी थी। जबकि विभाग को पूरे प्रदेश में सभी 1300 पदों पर तकनीशियनों की आवश्यकता है।
इसके लिए विभागीय अधिकारियों को सभी पदों को पुनर्जीवित करने व भरने की स्वीकृति संबंधी प्रस्ताव कैबिनेट में लाने के निर्देश दिए गए हैं। ताकि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, उप जिला चिकित्सालयों व जिला चिकित्सालयों में तकनीशियनों की कमी को दूर किया जा सके।
कॉलेजों में सुपर स्पेशिलिस्टों का बढ़ेगा वेतनमान..
सूबे के विभिन्न राजकीय मेडिकल कॉलेजों में प्रोफेसर एवं एसोसिएट प्रोफेसर के रिक्त 156 पदों को भरने का रास्ता खुल गया है। सचिवालय में विभाग की उच्च स्तरीय बैठक में इन पदों को भरने के लिए न्यूनतम आयु सीमा 62 वर्ष करने का निर्णय लिया गया है। जिसका प्रस्ताव चिकित्सा शिक्षा विभाग शासन को भेजेगा। इससे पहले राज्य कैबिनेट भर्ती की अधिकतम आयु सीमा निर्धारित कर चुकी है। आने वाले समय में सूबे के मेडिकल कॉलेजों को 53 प्रोफेसर व 103 एसोसिएट प्रोफेसर मिल सकेंगे।
इसी प्रकार, चिकित्सा शिक्षा के अंतर्गत विभिन्न राजकीय मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशिलिस्टी विभागों के रिक्त पदों का वेतनमान बढ़ाने का निर्णय लिया गया है, जिसका विभाग कैबिनेट के लिए प्रस्ताव तैयार करेगा। इन सुपर स्पेशिलिटी संकायों में कार्डियोलॉजी, यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, रेडियोलॉजी, न्यूरोसर्जरी तथा प्लास्टिक एवं बर्न सर्जरी विभाग शामिल हैं।
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने रुद्रप्रयाग के जिला जज को किया निलंबित..
उत्तराखंड: नैनीताल हाईकोर्ट ने रुद्रप्रयाग के जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनुज कुमार संगल को निलंबित कर दिया है। आपको बता दे कि अनुज कुमार संगल पर उत्तराखंड हाईकोर्ट का रजिस्ट्रार (विजिलेंस) रहते अपने अधीन कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का उत्पीड़न करने का आरोप है। अनुज कुमार संगल पर आरोप है कि इस उत्पीड़न से त्रस्त होकर कर्मचारी ने जहर का सेवन कर लिया था। आरोप है कि उन्होंने आवास पर तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हरीश अधिकारी से गाली-गलौज कर और सेवा से हटाने की धमकी देकर प्रताड़ित किया था। परेशान होकर कर्मचारी ने जहर खा लिया था।
ढाई साल की बच्ची इन्फ्लुएंजा-ए के साथ ही एच-1 एन-1 पॉजिटिव..
उत्तराखंड: दून अस्पताल में एक ढाई साल की बच्ची इन्फ्लुएंजा-ए के साथ ही एच-1 एन-1 पॉजिटिव आई है। एच-1 एन-1 इन्फ्लुएंजा का सब टाइप है और यह स्वाइन फ्लू को प्रजेंट करता है। बच्ची को दून अस्पताल में भर्ती कर आइसोलेट किया गया है। इसकी रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग की ओर से शुक्रवार को रिपोर्ट जारी की गई है। जिले में कोविड की 47 जांच की गई। हालांकि सभी रिपोर्ट निगेटिव है।
जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. सीएस रावत का कहना हैं कि दून अस्पताल में एक ढाई साल की बच्ची इन्फ्लुएंजा पॉजिटिव पाई गई है। वहीं, दून अस्पताल की रिपोर्ट के अनुसार बच्ची एच-1 एन-1 पॉजिटिव भी है। बता दें कि इन दिनों बच्चों के साथ ही बुजुर्ग भी इन्फ्लुएंजा-ए, एच-1 एन-1 और एच-3 एन-2 पॉजिटिव आ रहे हैं।
बच्चों में कर रहे इन्फ्लुएंजा की जांच- डॉ. मुखीजा..
दून अस्पताल के बाल रोग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर मेजर डॉ. गौरव मुखीजा का कहना हैं कि बच्चों में इन्फ्लुएंजा की जांच हम इसलिए कर रहे हैं क्योंकि हमें बच्चों में एच-1 एन-1, एच-3 एन-1, एच-3 एन-2, एच-1 एन-2 का डर सता रहा है। यह सभी इन्फ्लुएंजा के सब टाइप है और स्वाइन फ्लू को प्रजेंट करते हैं। हालांकि हर साल बच्चों को सर्दी और जुकाम होता है तो इन्फ्लुएंजा-ए और बी की वजह से होता है। यह घातक नहीं होता है। इसके साथ ही इन्फ्लुएंजा के सब टाइप की जांच में बच्चे बहुत कम ही पॉजिटिव आते हैं। इन्फ्लुएंजा के सब टाइप मरीज के फेफड़ों पर असर डालते हैं। इसमें घातक निमोनिया होता है।
लक्षण
शरीर में दर्द होना
बुखार
बुखार के साथ ठंड लगना
सर्दी होना
उत्तराखंड के 4000 अतिथि शिक्षकों को सरकार का तोहफा,बढ़ने जा रहा है मानदेय..
उत्तराखंड: नए साल में प्रदेश के 4000 अतिथि शिक्षकों के लिए अच्छी खबर है। उन्हें मानदेय वृद्धि का तोहफा मिलने जा रहा है। शिक्षा मंत्री डॉ.धन सिंह रावत का कहना हैं कि मानदेय वृद्धि के लिए विभाग से प्रस्ताव मांगा गया है। जल्द ही इसे मंजूरी के लिए वित्त और कार्मिक विभाग को भेजा जाएगा। आपको बता दें कि प्रदेश के विभिन्न दुर्गम और अति दुर्गम विद्यालयों में अतिथि शिक्षक वर्ष 2015 से कार्यरत हैं। शुरूआत में इन्हें प्रतिवादन के हिसाब से मानदेय दिया गया। जिसे विभिन्न वर्षों में बढ़ाया गया है। वर्ष 2018 में इनका मानदेय बढ़ाकर 15000 हजार रुपये किया गया, जबकि वर्ष 2020-21 में इसे 25000 रुपये किया गया। अतिथि शिक्षक इसके बाद से उनके सुरक्षित भविष्य के लिए नीति बनाए जाने एवं उनका मानदेय बढ़ाए जाने की लगातार मांग करते आ रहे हैं।
शिक्षा मंत्री डॉ.धन सिंह रावत का कहना हैं कि अतिथि शिक्षकों के मसले पर सरकार का हमेशा सकारात्मक निर्णय रहा है। उनके मानदेय वृद्धि की मांग पर विभाग से इसका प्रस्ताव मांग लिया गया है। अधिकारियों को कहा गया है कि जल्द प्रस्ताव दिया जाए। इसके साथ ही उनकी कुछ अन्य मांगों को लेकर भी सकारात्मक निर्णय लिया गया है।
धामी सरकार का बड़ा फैसला कृषि और उद्यान भूमि खरीद पर रोक का आदेश जारी..
उत्तराखंड: प्रदेश में कृषि और औद्यानिकी के लिए जिलाधिकारी की अनुमति से जमीन खरीदने पर सरकार ने नए साल से रोक लगाने का फैसला लिया था। इस संबंध में आज शुक्रवार को आदेश जारी कर दिए गए हैं। इससे पहले धामी सरकार जमीन खरीदने वालों की पृष्ठभूमि की जांच का फैसला भी ले चुकी है।वर्तमान में उत्तराखंड राज्य के लिए नया भू-कानून तैयार करने के लिए प्रारूप समिति गठित की गई है, इसलिए प्रदेश हित व जनहित में यह निर्णय लिया गया कि भू-कानून समिति की आख्या प्रस्तुत करने तक या अग्रिम आदेशों तक जिलाधिकारी राज्य से बाहर के व्यक्तियों को कृषि एवं उद्यान के उद्देश्य से भूमि क्रय करने की अनुमति के प्रस्ताव में निर्णय नहीं लेंगे।
कृषि भूमि खरीदने वालों की संख्या बढ़ी..
राज्य में पिछले कुछ वर्षों में तेजी से कृषि भूमि खरीदने वालों की संख्या में इजाफा हुआ है। लगातार ये मुद्दा उठ रहा है कि कृषि भूमि को बाहरी राज्यों के लोग आकर खरीद रहे हैं। इसके लिए पूर्व में भू-कानून बनाने के लिए सुभाष कुमार की समिति बनाई गई थी। इस समिति ने सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंप दी थी। इसी रिपोर्ट से अब प्रारूप तैयार किया जा रहा है। इसके बाद सरकार भू-कानून पर नए साल में अहम फैसला ले सकती है।
आपको बता दे कि पिछले साल मई माह में धामी सरकार ने कैबिनेट में ये निर्णय लिया था कि राज्य में भूमि खरीदने वाले की पहले पृष्ठभूमि और मकसद की जांच होगी। उसके बाद अनुमति दी जाएगी। तब सीएम धामी ने कहा था कि प्रदेश में जमीन बेरोक-टोक खरीदी जाती थी, लेकिन अब पूरी पृष्ठभूमि जांचने के बाद अनुमति दी जाएगी। इसके लिए अध्यादेश लाने की भी तैयारी की जा रही है।
राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा से पहले गजब का उत्साह..
उत्तराखंड: राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा को लेकर देशभर में गजब का उत्साह देखने को मिल रहा है। देश के साथ-साथ देवभूमि उत्तराखंड में भी ऊर्जा का माहौल है। शुक्रवार को सीएम पुष्कर सिंह धामी ने अपनी बैठक की शुरुआत ‘राम आएंगे’ भजन से की। गुरुवार को सीएम धामी ने बैठक से पहले रामन भजन सुने। सीएम धामी ने x पर पोस्ट कर लिखा कि प्रतिदिन होने वाली प्रातकाल बैठक की शुरुआत आज पीएम मोदी द्वारा शेयर किए गए राम भजन से की। आपको बता दें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम भजन सोशल मीडिया पर शेयर किया था। जिसकी गूंज शुक्रवार को उत्तराखंड सचिवालय में भी गूंजी।
इन शहरों में नई पेयजल योजनाओं से बुझेगी प्यास, अमृत-2 के पहले चरण में शुरू हुआ काम..
उत्तराखंड: अगले दो साल के भीतर प्रदेश के 19 शहरों में 264 करोड़ से ऊपर की पेयजल योजनाओं से लोगों की प्यास बुझेगी। इन परियोजनाओं पर शासन की अनुमति मिलने के बाद काम शुरू हो चुका है। इनमें से सात के तो निर्माण कार्य शुरू हो गए जबकि 13 परियोजनाओं के टेंडर की प्रक्रिया जारी है। आपको बता दे कि अटल मिशन फॉर रिजूविनेशन एंड अर्बन ट्रांसफोर्मेशन (अमृत) के तहत राज्य के देहरादून, हरिद्वार, हल्द्वानी, रुद्रपुर, काशीपुर, रुड़की व नैनीताल में पेयजल, सीवर, बाढ़ के पानी की निकासी व शौचालय निर्माण के कार्य हुए थे। पिछले साल केंद्र सरकार ने अमृत 2.0 योजना शुरू की थी। इसके लिए प्रदेश के 38 शहरों का चयन किया गया था।
परियोजनाओं की तकनीकी परख चल रही
इनमें से पहले चरण में 19 की डीपीसी को शासन व केंद्र की अनुमति मिलने के बाद काम शुरू हो गया। इनमें से नरेंद्रनगर, मुनिकीरेती, दुगड्डा और शास्त्रीनगर देहरादून की पेयजल योजनाओं का काम तो इसी साल पूरा हो जाएगा। शक्तिगढ़, लालकुआं, पोखरी की पेयजल योजनाओं का काम अगले साल तक पूरा होगा। बाकी परियोजनाओं के टेंडर की प्रक्रिया चल रही है। कुछ परियोजनाओं की तकनीकी परख चल रही है। इस आधार पर टेंडर जारी किए जाएंगे। इन परियोजनाओं की जिम्मेदारी शहरी विकास विभाग और पेयजल निगम संयुक्त रूप से संभालेगा।
किस निकाय में होंगे अमृत-2 के पहले चरण के काम
नरेंद्रनगर टिहरी गढ़वाल, शक्तिगढ़ ऊधमसिंह नगर, पौड़ी, मुनिकीरेती ढालवाला टिहरी गढ़वाल, लालकुआं नैनीताल, दुगड्डा पौड़ी, शास्त्रीनगर देहरादून, पोखरी चमोली, गौचर चमोली, सतपुली पौड़ी, बनबसा चंपावत, स्वर्गाश्रम पौड़ी, कर्णप्रयाग चमोली, डीडीहाट पिथौरागढ़, नानकमत्ता ऊधमसिंह नगर, देवप्रयाग टिहरी गढ़वाल, गजा टिहरी गढ़वाल, धारचूला पिथौरागढ़ और कपकोट बागेश्वर।
उत्तराखंड के लाल धान ने देश में बनाई विशेष पहचान..
उत्तराखंड: नई दिल्ली में आयोजित नेशनल वन डिस्ट्रिक वन प्रोडक्ट अवार्ड में उत्तराखंड के लाल धान ने अपनी विशेष पहचान बनाई है। ओडीओपी अवार्ड उत्तरकाशी जिले को दूसरा पुरस्कार मिला है। देशभर के लगभग पांच सौ जिलों के बीच उत्तरकाशी को कृषि की श्रेणी में ये सम्मान मिला है। जबकि राज्य अवार्ड में भी उत्तराखंड को दूसरा स्थान मिला है।
आपको बता दे कि सीएम पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में हासिल इस उपलब्धि से राज्य एवं जिले में खेती-किसानी को लाभदायक व्यवसाय में बदलने की सरकार की मुहिम को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान और सम्मान मिलने से राज्य में आम लोगों के जीवन को बेहतर बनाने और उन्हें आजीविका के नए अवसर प्रदान कराने के सरकार के अभिनव और प्रतिबद्ध प्रयाद फलीभूत हो रहे हैं । कुछ समय पहले ही उत्तराखंड के लाल धान को जीआई टैग और अब राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिलना राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि है।
नई दिल्ली स्थित प्रगति मैदान के भारत मंडपम में केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की अध्यक्षता में आत्म निर्भर भारत उत्सव का आयोजन हुआ। उत्सव का उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि विदेश मंत्री डा. एस. जयशंकर ने किया। इस दौरान देशभर के जिलों के बीच कृषि की श्रेणी में उत्तरकाशी जिले ने लाल धान की खेती को लेकर दूसरा स्थान हासिल किया है। इस दौरान मुख्य अतिथि केंद्रीय विदेश मंत्री डा. एस. जयशंकर ने हाथों जिलाधिकारी उत्तरकाशी अभिषेक रूहेला ने जिलों की श्रेणी में प्रथम रनर अप का नेशनल ओडीओपी पुरस्कार ग्रहण किया।
राज्यों के बीच उत्तराखंड को मिला दूसरा स्थान
ओडीओपी अवार्ड में राज्यों के बीच उत्तराखंड राज्य को भी दूसरा स्थान मिला है। जिलों की श्रेणी में उत्तरकाशी जिले को नेशनल ओडीओपी अवार्ड प्रदान करते हुए केन्द्र सरकार के द्वारा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य व जिले में कृषि के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय प्रयासों को सराहा गया है। सीएम धामी ने राष्ट्रीय स्तर पर मिले सम्मान की सराहना की है। उन्होंने कहा कि टीम वर्क से आगे भी इस तरह के नए उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाएं। सीएम धामी ने राज्य और जिले की टीम को बधाई दी।
CM ने पारंपरिक खेती को बढ़ावा देने की मुहिम की थी शुरू
उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में विशिष्ट गुणों वाले लाल धान का उत्पादन होता है। जिले के पुरोला क्षेत्र सहित रवांई घाटी में परंपरागत रूप से बड़े पैमाने पर लाल धान की खेती होती है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पारम्परिक खेती के क्षेत्र में विद्यमान सम्भावनाओं को देखते हुए लाल धान और अन्य पारम्पारिक फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने की हिदायत देते हुए अधिकारियों को इस दिशा में प्रतिबद्ध प्रयास करने की अपेक्षा की थी।
सीएम धामी के विजन और मिशन पर अमल करते हुए जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग के द्वारा जिले में लाल धान की पारंपरिक खेती का संरक्षण व संवर्द्धन के लिए बहुआयामी प्रयास करने के साथ ही गंगा घाटी के इलाकों में भी इसकी पैदावार करने के लिए किसानों को प्रोत्साहित कर पिछले वर्ष से लाल धान की खेती शुरू करवाई गई। इस मुहिम में स्वयं डीएम अभिषेक रुहेला और अन्य अधिकारी खुद खेतों में उतर कर रोपाई की थी।
किसानों को दी मदद और महत्वपूर्ण जानकारी
जिला प्रशासन ने किसानों को लाल धान के बीज, खाद व अन्य तकनीकी जानकारी देने के साथ ही कृषि विभाग की टीम निरंतर लाल धान की खेती को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों को जमीन पर उतारने में जुटी रही।जिलाधिकारी अभिषेक रूहेला ने किसानों को तकनीकी जानकारी और अन्य मदद उपलब्ध कराई। उत्साहित किसानों ने बड़े पैमाने पर लाल धान की खेती को अपनाया।
ऐसा हुआ ओडोओपी पुरस्कार हेतु चयन
वन डिस्ट्रिक वन प्रोडक्ट के तहत उत्तरकाशी जिले सेे लाल धान को पूर्व नामित किया गया था। जिला प्रशासन, कृषि विभाग और उद्योग विभाग ने राष्ट्रीय पुरस्कार हेतु के लिए गत अगस्त में भारत सरकार से आवेदन किया था। जिसके बाद भारत सरकार के दल ने बीते अक्टूबर व नवंबर माह में जिले का दौरा कर जिले के दावे की पड़ताल की और तय मानकों पर जिले के दावे को उपयुक्त पाया। नेशनल वन डिस्ट्रिक वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) अवार्ड में लाल धान और उत्तरकाशी जिला देश भर से दावेदार लगभग 500 जिलों के बीच सराहना और सम्मान का पात्र बना। इस उपलब्धि पर जिले में हर्ष की लहर है।
