ISRO में युवाओं के लिए निकली वैकेंसी, 69,100 तक होगी सैलरी..
देश-विदेश: इसरो ने टेक्नीशियन बी पदों पर भर्ती निकाली है और साथ ही एप्लीकेशन का प्रोसेस भी शुरू कर दिया है। यानी कि जो भी युवा इस वैकेंसी का हिस्सा बनना चाहता है वे ऑफिशियल वेबसाइट isro.gov.in पर जाकर अपना आवेदन पत्र जमा कर दें। इस आर्टिकल में वैकेंसी की जरूरी और जानकारियां दी गई हैं हालांकि उम्मीदवारों को ये सलाह दी जाती है कि आवेदन से पहले एक बार ऑफिशियल नोटिफिकेशन जरूर पढ़ें-
बता दे कि आवेदन की प्रक्रिया 9 दिसंबर से शुरू हो गई है और उम्मीदवार 31 दिसंबर तक वेबसाइट पर जाकर अपना एप्लीकेशन फॉर्म जमा कर सकते हैं। ध्यान रखें कि आखिरी तारीख के बाद उम्मीदवारों को मौका नहीं दिया जाएगा। इसरो की इस भर्ती के लिए सिलेक्ट होने पर उम्मीदवारों को पे लेवल 3 के अनुसार सैलरी मिलेगी। यानी कि 21,700 रुपये से 69,100 रुपये तक सैलरी मिलेगी।
टेक्नीशियन बी पदों पर अप्लाई करने वाले उम्मीदवारों के लिए ये बेहद आवश्यक है कि उनके पास मान्यता प्राप्त संस्थान से 10वी पास और आईटीआई पास का सर्टिफिकेट होना चाहिए। योग्यता की डिटेल चेक करने के लिए नोटिफिकेशन चेक कर लें। उम्मीदवार आवेदन से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि उनकी उम्र 18 साल से 35 साल के बीच होनी चाहिए। हालांकि रिजर्व्ड कैटेगरी के उम्मीदवारों को उम्र में छूट दी जाएगी। टेक्नीशियन बी पदों पर सिलेक्ट होने के लिए उम्मीदवारों को एक लिखित परीक्षा और स्किल टेस्ट देना होगा। ऑनलाइन आवेदन करते समय उम्मीदवारों को एप्लीकेशन फीस भी देनी होगी। फीस की जानकारी नोटिफिकेशन में दी हुई है।
7708 करोड़ की लागत से टिहरी झील के चारों ओर बनेगी सड़क..
उत्तराखंड: टिहरी झील में कई विकास योजनाएं धरातल पर उतरने वाली है। बताया जा रहा है कि जिले 7708 करोड़ की लागत से टिहरी झील विकास परियोजना को धरातल पर उतारा जाएगा। उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद द्वारा इस परियोजना की डीपीआर तैयार किया जा रहा है। परियोजना निर्माण से जहां पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, वहीं, टिहरी जिले के 173 गांवों के 84 हजार आबादी को प्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलेगा।
जानकारी के अनुसार गढ़ी कैंट स्थित उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद के सभागार में पर्यटन मंत्री ने पर्यटन और संस्कृति विभाग के कार्यों की समीक्षा के साथ 7708.27 करोड़ की लागत से टिहरी झील के चारों ओर रिंगरोड हेतु फिजीबिलिटी, संरेखण, सर्वेक्षण, भूमि अधिग्रहण की अभी तक की प्रगति की भी समीक्षा की। मंत्री का कहना हैं कि टिहरी झील के 42 किमी क्षेत्रफल को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाएगा। प्रस्तावित रिंग रोड के निर्माण से देश-दुनिया से आने वाले पर्यटकों के लिए टिहरी पहुंचना आसान होगा। झील में सालभर जलक्रीड़ा और साहसिक खेलों का आयोजन को बढ़ावा मिलेगा। इससे सरकार का राजस्व भी बढ़ेगा। कहा, वर्तमान में परियोजना की फिजिबिलिटी सर्वेक्षण के लिए कार्य किया जा रहा है। परियोजना में कोठी से डोबरा चांटी पुल तक के क्षेत्र को विकसित करने को विभाग डीपीआर तैयार कर रहा है।
वहीं उन्होंने कहा, झील के चारों ओर सड़क का निर्माण और पर्यटकों के लिए मूलभूत सुविधाओं के विकास कार्य किए जाएंगे। कहा, परियोजना के बनने से 173 गांव की लगभग 84 हजार लोगों को लाभ मिलेगा। साथ ही रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। कहा, चारधाम यात्रा पर आने वाले तीर्थ यात्री भी रिंग रोड का मुख्य व वैकल्पिक मार्ग के रूप में उपयोग कर सकेंगे। वहीं कैबिनेट मंत्री महाराज ने संस्कृति विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभाग में पंजीकृत कलाकारों के लंबित भुगतान शीघ्र किया जाए। इसके साथ ही राजकीय मेलों को मिलने वाले अनुदान का भुगतान तत्काल करें।
गढ़वाल केंद्रीय विवि में 150 से अधिक हुई शिक्षकों की संख्या..
उत्तराखंड: गढ़वाल केंद्रीय विवि के बिड़ला, पौड़ी एवं टिहरी परिसर में चार विभागों में 23 नई फैकल्टी नियुक्त हुई है। इससे पूर्व विवि में करीब 130 से अधिक नई फैकल्टी नियुक्त हो गई है। अभी कई विभागों में नियुक्ति प्रक्रिया जारी है। मिशन मोड के तहत विवि में चल रही शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया के तहत अलग-अलग विभागों में अभी तक करीब 150 से अधिक शिक्षकों की नियुक्तियां हो गई है। विवि की कुलपति प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल के निर्देशन में ऑनलाइन माध्यम से विभिन्न विभागों में असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर व प्रोफेसर के पदों पर साक्षात्कार के माध्यम से नियुक्ति प्रक्रिया जारी है। अभी हाल ही में अर्थशास्त्र, मानव विज्ञान विभाग, भूगर्भ विज्ञान विभाग व रक्षा एवं स्त्रांतेजिक विभाग में 23 पदों के लिए नियुक्ति प्रक्रिया संपन्न हुई।
साक्षात्कार में सफल रहे अभ्यर्थियों के लिफाफे गत छह दिसंबर को खोले गए जिनमें अर्थशास्त्र विषय में 10 पदों में से दो एसोसिएट प्रोफेसर व आठ असिस्टेंट प्रोफेसर, मानव विज्ञान विभाग में एक एसोसिएट प्रोफेसर व दो असिस्टेंट प्रोफेसर, भूगर्भ विज्ञान विभाग में एक प्रोफेसर व एक एसोसिएट प्रोफेसर, रक्षा एवं स्त्रांतेजिक विभाग में दो एसोसिएट प्रोफेसर व छह असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्तियां हुई। कुलसचिव डाॅ. धीरज शर्मा ने कहा कि विवि में मिशन मोड में नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है। करीब दो सौ से अधिक शिक्षकों के पदों पर नियुक्तियां होनी है। उन्होंने बताया कि अन्य विभागों में नियुक्ति प्रक्रिया अभी जारी है।
कर्मचारियों की पदोन्नति व नई नियुक्तियों को लेकर युद्धस्तर पर हो रहा कार्य..
गढ़वाल विवि में शिक्षकों के पदों पर नियुक्तियों के साथ ही कर्मचारियों की पदोन्नति व नए पदों पर नियुक्तियां किए जाने को लेकर युद्धस्तर पर कार्य किया जा रहा है। कुलसचिव डाॅ. धीरज शर्मा ने कहा कि विवि में सभी श्रेणियों के पदों पर नई नियुक्तियां होनी है, जबकि कई पदों पर पदोन्नति की प्रक्रिया भी जल्द ही पूरी होगी। उन्होंने बताया कि वित्त अधिकारी व खेल निदेशक सहित अन्य पदों के लिए विज्ञप्ति जारी की जा रही है। विवि का प्रयास है कि जनवरी तक यह प्रक्रिया संपन्न हो जाए।
26 से 28 दिसंबर तक विंटर लाइन कार्निवल में झलकेगी उत्तराखंड की लोक संस्कृति..
उत्तराखंड: पहाड़ों की रानी मसूरी में 26 से लेकर 28 दिसंबर तक विंटर लाइन कार्निवल का आयोजन किया जाएगा। प्रशासन के स्तर पर इसकी तैयारियां तेज हो गई हैं। विंटर लाइन कार्निवल मसूरी महोत्सव समिति की ओर से किया जाएगा। विंटर लाइन कार्निवल 2023 में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मसूरी महोत्सव समिति ने कार्निवल के लिए विभिन्न स्थलों की सजावट, प्रकाश व्यवस्था एवं मंच तैयार करने समेत अन्य कार्यों के लिए निविदा आमंत्रित की हैं।
मसूरी होटल एसोसिएशन अध्यक्ष संजय अग्रवाल का कहना हैं कि सोमवार को जिलाधिकारी ने कार्निवल की तैयारी को लेकर देहरादून में बैठक बुलाई है। कार्निवल भव्य तरीके से किया जाएगा और इससे पर्यटकों की संख्या में इजाफा होगा। पर्यटन के ऑफ सीजन में कार्निवल से पर्यटन की गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
लोक संस्कृति कर्मी प्रदीप भंडारी का कहना हैं कि उत्तराखंड की लोक संस्कृति और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विंटर लाइन कार्निवल का आयोजन मील का पत्थर साबित होगा। कहा कि कार्निवल में उत्तराखंड के लोक कलाकारों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, जिससे पर्यटक उत्तराखंड की लोक संस्कृति से रूबरू हो सकें। मसूरी महोत्सव समिति सचिव एवं एसडीएम मसूरी डॉ. संदीप सैनी ने बताया कि कार्निवल की प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां जोरशोर से चल रही हैं।
‘डेस्टिनेशन उत्तराखंड’ नए निर्माण की शुरुआत, मंजिल तक पहुंचाएंगे- सीएम धामी..
उत्तराखंड: सीएम पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को एफआरआई में सूचना एवं लोक संपर्क विभाग की पुस्तिका ‘सशक्त नेतृत्व समृद्ध उत्तराखंड’ का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि विकास पुस्तिका राज्य सरकार की संचालित योजनाओं, नीतियों को जन-जन तक पंहुचाने का माध्यम होती है। उनका कहना हैं कि सूचना तकनीकी के इस दौर में विकास पुस्तिकाओं को ई-बुक के रूप में भी प्रस्तुत करें। जिससे लोग अपने मोबाइल एवं अन्य माध्यमों से भी जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर सकें और योजनाओं से लाभान्वित हो सकें।
सीएम पुष्कर सिंह धामी का कहना हैं कि देहरादून में आयोजित वैश्विक निवेशक सम्मेलन की सफलता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा रही है। निवेशक सम्मेलन को सफल बनाने में निवेशकों, केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों ने भी सहभागिता सुनिश्चित कर इसे सफल बनाने में पूर्ण सहयोग एवं योगदान दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समिट में साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
समिट में इंग्लैंड, आबूधाबी समेत अन्य देशों के साथ-साथ भारत के विभिन्न राज्यों के लोगों ने भी प्रतिभाग किया। यह उत्तराखंड की अनंत संभावनाओं को तलाशने की शुरुआत है। प्रधानमंत्री एवं केंद्रीय गृह मंत्री ने ‘डेस्टिनेशन उत्तराखंड’ को एक नए उत्तराखंड के निर्माण की शुरूआत बताया है। हम इस शुरूआत को इसकी मंजिल तक पहुंचाएंगे। इस दौरान पांडवाज बैं, प्रीतम भरतवाण एवं लोक कलाकारों ने उत्तराखंड की लोक संस्कृति पर आधारित प्रस्तुति दी। सभी ने लोक कलाकारों के प्रदर्शन की सराहना की।
मुख्यमंत्री धामी ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए मीडिया और सभी का धन्यवाद व्यक्त किया। कहा कि सरकार और जनता के बीच मीडिया महत्वपूर्ण कड़ी है। मीडिया ही सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं, कार्यक्रमों और नीतियों को जनता तक ले जाती है। जनहित के मुद्दों और आम लोगों की समस्याओं की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित करती है। सचिव सूचना शैलेश बगौली, महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने आभार व्यक्त किया।
श्रमिकों के साथ भोजन कर सीएम ने दिया धन्यवाद..
सीएम धामी ने पिछले एक सप्ताह से ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट की व्यवस्थाओं से जुड़े श्रमिकों एवं पर्यावरण मित्रों के साथ भोजन कर उनके अथक परिश्रम की सराहना कर धन्यवाद दिया। सीएम ने कहा कि इस महत्वपूर्ण आयोजन की सफलता में हमारे श्रमिक भाइयों का विशेष योगदान रहा है, उनके श्रम की जितनी प्रशंसा की जाए कम है।
फरवरी से अप्रैल 2024 तक होंगी बोर्ड CBSE परीक्षाएं..
उत्तराखंड: जल्द ही 10वीं और 12वीं कक्षा दोनों के छात्रों के लिए http://www.cbse.gov.inपर व्यापक सीबीएससी डेटशीट 2024 प्रकाशित की जाएगी। 15 फरवरी से 10 अप्रैल, 2024 के बीच निर्धारित, कक्षा 10वीं और 12वीं के थ्योरी एग्जाम होंगे, जबकि प्रैक्टिकल एग्जाम 01 जनवरी से 14 फरवरी, 2024 के बीच होंगे। 2023 के CBSE के परीक्षा परिणामों की घोषणा करते हुए, CBSE ने पुष्टि की थी कि 2024 की बोर्ड परीक्षाएं 15 फरवरी 2024 से शुरू होंगी। बाद में, बोर्ड ने कहा कि ये परीक्षाएं लगभग 55 दिनों तक चलेंगी और इनके 10 अप्रैल, 2024 तक समाप्त होने की उम्मीद है।CBSE आमतौर पर परीक्षा से लगभग 1 से 1.5 महीने पहले डेट शीट या टाइम टेबल जारी करता है।
CBSE दिसंबर में कक्षा 10 CBSE बोर्ड परीक्षा तिथि पत्र 2024 और CBSE कक्षा 12 बोर्ड परीक्षा तिथि पत्र 2024 के लिए विषय-विशिष्ट कार्यक्रम की घोषणा करने की तैयारी के अंतिम चरण में है। 2023 में, CBSE डेटशीट दिसंबर में जारी की गई थी। पेपर के सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक होने की संभावना है। छात्र सीधे आधिकारिक वेबसाइट – http://cbse.gov.in से बोर्ड परीक्षाओं के लिए विस्तृत विषय-वार डेट शीट पीडीएफ आसानी से पा सकेंगे और डाउनलोड कर सकेंगे। इस डेट शीट में प्रत्येक विषय की परीक्षा तिथियों, परीक्षा समय और महत्वपूर्ण निर्देशों के बारे में विशिष्ट विवरण होंगे जिनका छात्रों को परीक्षा देते समय पालन करना होगा।
CBSE और UPMSP द्वारा प्रैक्टिकल परीक्षा की तारीखों की घोषणा पहले ही की जा चुकी है। झारखंड, महाराष्ट्र और तमिलनाडु जैसे बोर्ड पहले ही अपनी 2024 बोर्ड परीक्षाओं के लिए विस्तृत डेटशीट जारी कर चुके हैं।CBSE कक्षा 10 की परीक्षा में हिंदी, अंग्रेजी, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, गणित और अन्य सहित कई विषय शामिल होते हैं। इन परीक्षाओं में थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों घटक शामिल हैं। CBSE बोर्ड परीक्षा कक्षा 10वीं की डेटशीट में सभी विषयों, जैसे हिंदी, अंग्रेजी, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, गणित और अन्य के लिए विषयवार परीक्षा तिथियां शामिल होंगी। इसी तरह, कक्षा 12वीं के लिए, डेट शीट में तीनों स्ट्रीम – कला, विज्ञान और वाणिज्य के विषयों को शामिल किया जाएगा, जिसमें प्रत्येक स्ट्रीम के विभिन्न विषयों के लिए परीक्षा कार्यक्रम का विवरण होगा
उच्च शिक्षा का द्वितीय सत्र निवेशकों के साथ हुआ आयोजित..
उत्तराखंड: प्रदेश में निहित शिक्षा सामर्थ्य को संवारने के लिए इन्वेस्टर्स समिट के तहत विद्यालयी, तकनीकी और उच्च शिक्षा का द्वितीय सत्र निवेशकों के साथ आयोजित हुआ। सत्र में निवेशकों और डेलीगेट्स का स्वागत करते हुए विद्यालयी, उच्च और तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने कहा कि आज उत्तराखंड राज्य शिक्षा के क्षेत्र में मॉडल के रूप विकसित हो रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में निवेशकों द्वारा रुचि दिखाने पर आभार व्यक्त करते हुए कहा कि निवेशकों को सरकार द्वारा हर संभव सहयोग किया जाएगा। निवेशकों की किसी भी प्रकार की समस्याओं के समाधान के लिए शासन और प्रशासन प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 ने देश की शिक्षा व्यवस्था को नया स्वरूप प्रदान किया है और राज्य ने इसे प्रभावी रूप से लागू भी किया है। राज्य के 200 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में 08 ट्रेड में व्यवसायिक शिक्षा दी जा रही है तथा 331 विद्यालय में प्रक्रिया अंतिम चरण पर है। मुख्यमंत्री शोध प्रोत्साहन योजना के माध्यम से राज्य के उच्च शिक्षण संस्थाओं में शोध गतिविधि को बढ़ावा देने के लिए शिक्षकों और शोधार्थियों को रुपए 18 लाख तक का शोध अनुदान दिया जा रहा है। वर्तमान में 22 निजी विश्वविद्यालय सहित 275 निजी महाविद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में कार्य कर रहे है। इन संस्थाओं में से कई संस्थाओं द्वारा उत्कृष्ट नैक और एनआईआरएफ रैंकिंग में शामिल है।
उच्च शिक्षा सचिव शैलेश बगोली ने कहा कि राज्य में सभी बच्चों को गुणवत्ता युक्त शिक्षा के साथ ही शिक्षा की पहुंच सुलभ हो इसके लिए राज्य सरकार प्रयासरत है। राज्य में विद्यालय, उच्च और तकनीकी का समेकित विकास हो, इसके लिए निजी और सरकारी संस्थानों को एक साथ मिलकर कार्य करना होगा। राज्य के पहाड़ी क्षेत्रों में भी बेहतर निजी और आवासीय स्कूल खुले, यह सरकार की प्राथमिकता में शामिल है। इन्वेस्टर्स समिट के तहत शिक्षा के क्षेत्र में हुए करार से उम्मीद है जल्द पहाड़ी क्षेत्रों में अच्छी शिक्षा का लाभ वहां के नौनिहाल ले सकेंगे।
सत्र में उत्तराखंड राज्य निवेश के लिए किस प्रकार बेहतर है, इस पर पैनलिस्ट द्वारा चर्चा की गई। उनका मानना है कि उत्तराखंड राज्य अपने नैसर्गिक सौंदर्यता से परिपूर्ण है। इसके साथ ही यहां फ्रेंडली और सहयोगी सुशासन है। कानून की दृष्टि से भी सुरक्षात्मक राज्य है। शिक्षा के माध्यम से राज्य की तस्वीर और बेहतर की जा सकती है। इसके लिए अवस्थित क्षमताओं का विकास, विद्यार्थियों को दक्ष और परिणाम आधारित शिक्षा व्यवस्था पर कार्य करना होगा, जिसकी शुरुआत हो चुकी है। सत्र में सचिव रविनाथ रमन, शूलिनी यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रो0 अतुल खोसला, संपर्क फाउंडेशन से विनीत नय्यर, यूपीएस के चांसलर डॉक्टर सुनील राय, दून स्कूल के चेयरमैन अनूप सिंह बिश्नोई, शारदा यूनिवर्सिटी के चांसलर प्रदीप कुमार गुप्ता सहित निवेशक और डेलीगेट्स मौजूद थे।
पीएम मोदी ने थपथपाई सीएम धामी की पीठ..
उत्तराखंड: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2023 का उद्घाटन किया। इस दौरान पीएम मोदी ने सीएम धामी की पीठ थपथपाई। पीएम मोदी ने सिल्कयारा सुरंग से सफल बचाव के लिए राज्य सरकार की सराहना करते हुए उत्तराखंड के सीएम की पीठ थपथपाई। पीएम मोदी ने उत्तरकाशी टनल रेस्क्यू के लिए उत्तराखंड सरकार सहित सभी का धन्यवाद किया। पीएम मोदी ने कहा कि तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा।
पहाड़ की जवानी और पहाड़ का पानी पहाड़ के काम आएगा..
मंच से अपने संबोधन के अंत में आखिरकार पीएम मोदी ने उस कहावत का जिक्र कर ही दिया जो उत्तराखंड के लिए अक्सर कही जाती है। पीएम मोदी ने कहा कि उत्तराखंड के लिए कहा जाता है कि पहाड़ की जवानी और पहाड़ का पानी पहाड़ के काम नहीं आता है। जाहिर है कि पीएम को उत्तराखंड के बारे में पूरा होमवर्क करे आए थे। पीएम ने इसके साथ ही साफ कर दिया कि उत्तराखंड के विकास के प्रति वो पूरी तरह से तैयार हैं। पीएम ने कहा कि, मोदी ने ठाना है कि अब पहाड़ की जवानी और पहाड़ का पानी दोनों ही पहाड़ के काम आएगा। आपको बता दें कि पीएम पहले भी उत्तराखंड के विकास को लेकर अपनी इच्छा इंगित कर चुके हैं। उन्होंने अपने केदारनाथ दौरे पर कहा था कि आने वाला दशक उत्तराखंड का दशक होगा।
रोमांच के शौकीनों को टिहरी में मिलेगा गोवा का लुत्फ..
यहां शुरू होगी फ्लाईबोर्ड और क्रूज बोट..
उत्तराखंड: टिहरी में एशिया के सबसे बड़े बांध की टिहरी झील में अब पैरासेलिंग, हॉट एयर बैलून, पैराग्लाइडिंग के बाद फ्लाईबोर्ड और क्रूज बोट की सुविधा भी मिलने लगेगी। पर्यटक यहां एडवेंचर का लुत्फ ले सकेंगे। अब आपको गोवा भोपाल नहीं जाना होगा, आपको गोवा भोपाल का लुत्फ उत्तराखंड के टिहरी जिले में मिलेगा। बता दे कि पर्यटन विभाग और टाडा मिलकर टिहरी झील को विश्व स्तरीय साहसिक गंतव्य बनाने के लिए कार्य करने में जुट हुआ है।
जहां कोटी कालोनी में एडवेंचर स्पोर्टस , बोटिंग की सफलता के बाद टाडा (टिहरी विशेष क्षेत्र पर्यटन विकास प्राधिकरण) टिहरी बांध की झील में तीन नए बोटिंग प्वाइंट विकसित कर रहा है। यहां पर्यटक अगले महीने से आलीशान क्रूज बोट का लुत्फ उठा सकेंगे। वहीं बताया जा रहा है कि टाडा ने टिहरी झील में दो फ्लाईबोर्ड उतारने की निविदा आमंत्रित की है। माना जा रहा है कि इस माह के अंत तक झील में फ्लाईबोर्ड की सवारी कर पर्यटक नए रोमांच का आनंद उठाएंगे।
रिपोर्ट की माने तो जिला पर्यटन विभाग और टाडा झील में फ्लाईबोर्ड उतारने की योजना तैयार है। जहां एक ओर क्रूज बोट की असेंबलिंग का कार्य अंतिम चरण में है। कोटी कालोनी के अलावा डोबरा पुल, पीपलडाली और कोटेश्वर झील में नए बोटिंग प्वाइंट बनाने की कवायद चल रही है तो वहीं विभाग ने 300 वर्ग मीटर क्षेत्रफल की जेटी के लिए भी टेंडर निकाले हैं, जो कोटी कॉलोनी बोटिंग प्वाइंट के विस्तार और नए बोटिंग प्वाइंट पर प्लेटफार्म बनाने के काम आएगी। गौरतलब है कि बीते एक दशक में टिहरी बांध की झील साहसिक पर्यटन का बड़ा गंतव्य बनकर उभर रहा है यहां वॉटर स्कूटर, स्पीड बोट के बाद टिहरी झील में मरीना, हाउस बोट और पैरासेलिंग गतिविधियां कराई जा रही हैं। वहीं अब पर्यटकों को फ्लाईबोर्ड और क्रूज बोट की सुविधा भी मिल सकेगी. जिससे पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।
इस वरिष्ठ IAS अधिकारी के वीआरएस की मिली मंजूरी..
उत्तराखंड: शासन की वरिष्ठ अधिकारी के वीआरएस को स्वीकृति मिल गई है। राज्यपाल ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी मनीषा पंवार के वीआरएस को मंजूरी दे दी है। उन्होंने स्वास्थ्य कारणों के कारण वीआरएस लेने की वजह बताई थी। जिसके बाद अब वीआरएस मंजूरी आदेश भी जारी कर दिए गए है। जानकारी के अनुसार राज्य सरकार में वरिष्ठ आईएएस अफसर मनीषा पवार का वीआरएस मंजूर हो गया है। बताया जा रहा है कि मनीषा पंवार कई अहम जिम्मेदारी निभा चुकी है।
वह हमेशा सुर्खियों में बनी रहती है। देहरादून 1990 बैच की वरिष्ठ आईएएस अफसर अपर मुख्य सचिव मनीषा पंवार ने स्वास्थ्य कारणों से वीआरएस मांगते हुए अब नौकरी न करने का निर्णय लिया था। कार्मिक महकमें से उनके पत्र को राज्यपाल सचिवालय भेजा गया था जहां से मंजूरी के बाद उनका स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति का फैसला मंजूर हो गया है
बताया जा रहा है कि अपर मुख्य सचिव मनीषा पंवार बीते लंबे अरसे से बीमार चल रही है। उत्तराखंड की नौकरशाही में वरिष्ठता के क्रम में वो तीसरे नंबर पर आती है। उनका वीआरएस मंजूर हो गया है।इससे पहले उनके पति पूर्व आईएएस अधिकारी उमाकांत पंवार भी वीआरएस ले चुके हैं। कार्मिक एवं सतर्कता अनुभाग ने अखिल भारतीय सेवाएं (डेथ कम रिटायरमेंट रूल्स) 1958 के नियम 16(2) के तहत तीन माह की नोटिस अवधि से उन्हें राहत दे दी गई है।
