दुबई के बाद देश के इन शहरों में रोड शो करेंगे सीएम धामी..
उत्तराखंड: सीएम पुष्कर सिंह धामी अपने कैबिनेट मंत्रियों के साथ वैश्विक निवेशक सम्मेलन से पहले निवेश लक्ष्य को साधने के लिए घरेलू रोड शो में उतरेंगे। धामी अपने तीन कैबिनेट मंत्रियों के साथ चेन्नई, अहमदाबाद और मुंबई में रोड शो करेंगे। इन तीनों रोड शो का नेतृत्व खुद मुख्यमंत्री धामी करेंगे। जिसके तहत वह बुधवार को चेन्नई जाएंगे। जहां मुख्यमंत्री व कैबिनेट मंत्री निवेशकों को उत्तराखंड में निवेश करने के लिए आमंत्रित करेंगे।
मिली जानकारी के अनुसार धामी सरकार अब निवेशक सम्मेलन से पूर्व सरकार हजारों करोड़ रुपये के निवेश की ग्राउंडिंग को पूरा करने के लिए घरेलू रोड शो में जुटेगी। अभी चेन्नई, मुंबई और अहमदाबाद के रोड शो तय हुए हैं। सोमवार को रोड शो की तैयारी बैठक हुई, जिसमें स्थान तय कर लिए गए। बताया जा रहा है कि 26 अक्तूबर को चेन्नई में होने वाले रोड शो में सीएम के साथ कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज शामिल होंगे। दूसरा रोड शो 28 अक्तूबर को मुंबई में होगा, जिसमें कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल के साथ धामी भी रहेंगे। तीसरा रोड शो एक नवंबर को गुजरात के अहमदाबाद में होगा, जिसमें मुख्यमंत्री धामी के साथ कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल मौजूद रहेंगे।
गौरतलब है कि नई दिल्ली में निवेशकों को आकर्षित करने के अभियान के शुरुआत के साथ सरकार अब तक विदेश में रोड शो कर चुकी है। इसके लिए सरकार निवेशकों के साथ एमओयू भी कर रही है। ब्रिटेन और संयुक्त अरब अमीरात के दौरे पर प्रदेश सरकार को काफी कामयाबी मिली। इन तीनों ही स्थानों पर हुए रोड शो में सरकार 54,550 करोड़ रुपये के एमओयू कर चुकी है। सरकार ने निवेशक सम्मेलन के जरिये ढाई लाख करोड़ रुपये का निवेश का लक्ष्य रखा है।
धामी सरकार इन कर्मियों को देने वाली है दिवाली का तोहफा..
उत्तराखंड: धामी सरकार राज्य कर्मचारियों को दिवाली से पहले बड़ा तोहफा देने की तैयारी कर रही है। वित्त विभाग ने इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी है। राज्य में लगभग 1.40 लाख कर्मचारी इस दायरे में आएंगे। राज्य सरकार कर्मचारियों को दिवाली के मौके पर बोनस के रूप में 7000 रुपये देती है। 4800 ग्रेड पे तक के कर्मचारियों को इसका लाभ मिलता है। चूंकि, नवंबर माह के दूसरे हफ्ते दिवाली का पर्व है।
मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश के राज्य कर्मचारी, शिक्षकों और अराजपत्रित कर्मचारियों को नंवबर माह में बोनस दिया जा सकता है। प्रशासन की ओर से इस पर फाइल तैयार करने का काम किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि नवंबर के पहले हफ्ते तक इसका भुगतान होने की उम्मीद है। राज्य सरकार पर बोनस के रूप में लगभग 100 करोड़ का वित्तीय बोझ पड़ेगा। उक्त बोनस का लाभ समूह ‘ग’ ‘घ’ व समूह ‘ख’ एवं कैजुअल/दैनिक वेतन भोगी लगभग 01 लाख 50 हजार से अधिक कर्मचारियों को प्राप्त होगा। उत्पादकता असंबद्ध बोनस (तदर्थ बोनस) पर लगभग रू0 120.00 करोड़ का एकमुश्त व्यय भार राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।
वहीं कर्मचारियों द्वारा सरकार पर चार फीसदी महंगाई भत्ते के लिए भी दबाव बनाना शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार जुलाई से दिसंबर माह तक चार फीसदी महंगाई भत्ता केंद्रीय कर्मचारियों को इसी माह दे चुका है। अब कर्मचारियों ने भी मांग उठानी शुरू कर दी है। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रदेश महामंत्री शक्ति प्रसाद भट्ट और उत्तरांचल मिनिस्टीरियल फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष पूर्णानंद नौटियाल का कहना हैं कि मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में दिवाली से पहले महंगाई भत्ता देने की मांग की गई है।
यमुनोत्री धाम में बर्फबारी, हेमकुंड साहिब में जमीं चार इंच तक बर्फ..
उत्तराखंड: यमुनोत्री धाम सहित आसपास की चोटियों पर बर्फबारी का सिलसिला जारी है। धाम में पहुंचे श्रद्धालुओं इस मनमोहक दृश्य का लुत्फ उठा रहे हैं। यमुनोत्री धाम से तीर्थ पुरोहित मनमोहन उनियाल का कहना है कि धाम में एक घंटे से बर्फबारी के साथ ही ओले भी पड़ रहें हैं। दोपहर बाद रोजाना बारिश बर्फबारी से तापमान में गिरावट जारी है।
दूसरी तरफ बर्फबारी के बाद प्रसिद्ध हेमकुंड साहिब के प्राकृतिक सौंदर्य में निखार आ गया है। हेमकुंड साहिब के कपाट शीतकाल के लिए 11 अक्तूबर को बंद हो गए थे। कपाट बंंद होने के बाद निरीक्षण के लिए श्री गुरुद्वारा हेमकुंड साहिब ट्रस्ट की तीन सदस्यीय टीम हेमकुंड साहिब पहुंची।
चार इंच तक बर्फ जम गई..
गुरुद्वारे के वरिष्ठ प्रबंधक सरदार सेवा सिंह ने बताया कि इस वक्त यहां चार इंच तक बर्फ जम गई है, यहां चारों ओर बर्फ ही बर्फ नजर आ रही है। उन्होंने बताया कि हेमकुंड साहिब के कपाट बंद होने के बाद गोविंदघाट से किसी भी आम व्यक्ति को हेमकुंड साहिब जाने की अनुमति नहीं दी जाती है।
मौसम विज्ञान केंद्र ने उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जिले के कुछ इलाकों में 23 और 24 अक्तूबर को हल्की बारिश की संभावना जताई है। हालांकि, अन्य जिलों में मौसम शुष्क रहेगा। बीते पांच सालों के आंकड़ों पर नजर डाले तो सिर्फ साल 2022 में दशहरा पर्व के दिन पूरे प्रदेश भर में बारिश हुई थी। जिसके चलते रावण दहन के लिए इंतजार करने के साथ आयोजन स्थल पर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा था।
इस दिन बंद होंगे विश्व प्रसिद्ध यमुनोत्री धाम के कपाट..
उत्तराखंड: दशहरा के पावन पर्व पर विश्व प्रसिद्ध यमुनोत्री धाम के कपाट बंद होने की तिथि व मुहूर्त तय किया गया। मंगलवार को मां यमुना के शीतकालीन प्रवास खरशाली गांव स्थित मंदिर परिसर में पुरोहित समाज की बैठक में मुहूर्त निकाला गया। यमुनोत्री धाम के कपाट 15 नवंबर बुधवार को भाई दूज के पावन पर्व पर 11 बजकर 57 मिनट पर अभिजीत मुहूर्त (मकर लग्न) में विशेष पूजा अर्चना के बाद छह माह के लिए बंद किए जाएंगे।
आपको बता दें कि गंगोत्री धाम के कपाट बंद होने की तिथि व मुहूर्त शारदीय नवरात्र के पहले दिन तय किया गया था। गंगोत्री धाम के कपाट शीतकाल के लिए 14 नवंबर को अन्नकूट के पावन पर्व पर अभिजीत मुहूर्त की शुभ बेला पर 11 बजकर 45 मिनट पर बंद किए जाएंगे। बद्रीनाथ धाम के कपाट बंद करने के शुभ मुहूर्त की घोषणा आज की जाएगी। जबकि 15 नवंबर को भैया दूज के दिन केदारनाथ धाम और यमुनोत्री धाम के कपाट बंद होंगे।
विजिलेंस ने परीक्षा कराने वालों से शुरू की पूछताछ..
जल्द हो सकती है कुछ लोगों की गिरफ्तारी..
उत्तराखंड: दरोगा भर्ती धांधली मामले में विजिलेंस ने शनिवार को छह लोगों से पूछताछ की। यह पूछताछ रविवार को भी जारी रहेगी। विजिलेंस जल्द ही आरोपियों और दरोगाओं को भी पूछताछ के लिए बुला सकती है। बताया जा रहा है कि विजिलेंस जल्द ही कुछ लोगों की गिरफ्तारी भी कर सकती है।
आपको बता दें कि अधीनस्थ चयन सेवा आयोग की ओर से कराई गई भर्तियों की जांच में पिछले साल दरोगा भर्ती धांधली का भी खुलासा हुआ था। पता चला था कि 339 पदों के लिए 2015 में हुई सीधी भर्ती में 30 से भी ज्यादा दरोगा नकल कर पास हुए थे। यह परीक्षा पंतनगर विवि के माध्यम से आयोजित की गई थी।
मामले में कार्रवाई तेज..
शुरुआती पड़ताल के बाद विजिलेंस ने पिछले साल आठ अक्तूबर को विवि के नरेंद्र सिंह जादौन, हाकम सिंह, आरएमएस कंपनी के मालिक समेत आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। अगली कार्रवाई के क्रम में जनवरी 2023 में कुल 20 दरोगाओं को निलंबित भी कर दिया गया, लेकिन अभी तक विजिलेंस किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंची थी। अब इस मामले में कार्रवाई तेज कर दी गई है।
एसपी विजिलेंस धीरेंद्र सिंह गुंज्याल ने बताया कि जांच में परीक्षा आयोजित कराने वाले कुल छह लोगों के नाम सामने आए हैं। इन लोगों को शनिवार को विजिलेंस कार्यालय बुलाया गया था। सुबह करीब 10 बजे से शाम छह बजे तक उनसे पूछताछ की गई। इसके बाद रविवार को भी इन लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। एसपी ने बताया कि इस मामले में आरोपियों के बयान दर्ज करने के लिए भी उन्हें नोटिस जारी किए जाएंगे। साथ ही कुछ दरोगाओं से भी जल्द पूछताछ हो सकती है।
तुंगनाथ पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या पहली बार एक लाख पार..
अष्टमी पर उमड़ा भक्तों का सैलाब..
उत्तराखंड: पंचकेदार में तृतीय तुंगनाथ की यात्रा ने नया कीर्तिमान बनाया है। पहली बार दर्शनार्थियों की संख्या एक लाख के पार पहुंच गई है। बाबा के भक्तों के उमड़ने से यात्राकाल में मस्तूरा से तुंंगनाथ तक कारोबार को भी नई गति मिली है। 26 अप्रैल से शुरू हुई तृतीय केदार की यात्रा को नया आयाम मिल रहा है। इस वर्ष प्रतिदिन औसतन 500 श्रद्धालु प्रतिदिन पहुंच रहे हैं। रविवार को शारदीय नवरात्र की अष्टमी को सुबह से मंदिर में भक्तों की भीड़ जुटी रही। दोपहर 12 बजे तक तीन हजार श्रद्धालुओं के दर्शन करते ही तृतीय केदार तुंगनाथ में इस वर्ष दर्शनार्थियों की संख्या 1,00,500 पहुंच गई।
उत्तराखंड राज्य निर्माण के 23 वर्षों में यह पहला अवसर है, जब यात्राकाल में तृतीय केदार में इतने श्रद्धालु पहुंचे हैं। यहां चोपता से तुंगनाथ तक पूरे पैदल मार्ग पर रौनक बनी हुई है। मंदिर के प्रबंधक बलवीर सिंह नेगी का कहना हैं कि कपाट खुलने के बाद से प्रतिदिन मंदिर में भक्तों की खूब भीड़ उमड़ रही है। यात्रा के बढ़ने से स्थानीय स्तर पर कारोबार को भी गति मिली और साथ ही कई लोगों को रोजगार मिल रहा है। मंदिर के मठाधिपति राम प्रसाद मैठाणी ने बताया, वह पिछले 50 वर्ष से भी अधिक समय से यात्रा को देखते आ रहे हैं, लेकिन तुंंगनाथ में इतने भक्त पहली बार पहुंचे हैं। इससे पूर्व तुंगनाथ में वर्ष 2019 में पूरे यात्राकाल में 25 हजार श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन किए थे।
10,095 श्रद्धालु कर चुके द्वितीय केदार में दर्शन..
बता दे कि पंचकेदार में द्वितीय मद्महेश्वर में इस वर्ष अभी तक 10,095 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। 22 मई से शुरू हुई द्वितीय केदार की यात्रा में भी पहली बार इतनी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे हैं, जबकि अभी एक माह से अधिक की यात्रा शेष है। पंच गौंडारी व ग्राम प्रधान वीर सिंह पंवार का कहना है कि जब से उन्होंने होश संभाला, यह पहला मौका है, जब द्वितीय केदार की यात्रा में दर्शनार्थियों की संख्या 10 हजार के पार पहुंची है। बताया, कपाट बंद होने तक दर्शनार्थियों का आंकड़ा 15 हजार के पार होने की उम्मीद है।
प्रमुख सचिव प्रधानमंत्री भारत सरकार पीके मिश्रा ने किये केदारनाथ धाम के दर्शन..
उत्तराखंड: प्रमुख सचिव प्रधानमंत्री भारत सरकार पीके मिश्रा केदारनाथ धाम पहुंचकर बाबा केदार के दर्शन एवं पूजा-अर्चना कर देश की खुशहाली एवं प्रगति की कामना की। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट केदारपुरी को दिव्य एवं भव्य बनाने के लिए चल रहे निर्माण एवं पुनर्निर्माण कार्यों का प्रमुख सचिव ने संबंधित अधिकारियों के साथ स्थलीय निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति का जायजा लिया।निर्माण कार्यों में जुटे मजदूरों एवं कर्मचारियों का ध्यान रखने एवं सुविधाएं उपलब्ध करवाने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रमुख सचिव प्रधानमंत्री भारत सरकार पीके मिश्रा के एक दिवसीय केदारनाथ भ्रमण में पहुंचने पर वीआईपी हैलीपैड़ में जिलाधिकारी डाॅ. सौरभ गहरवार एवं पुलिस अधीक्षक डाॅ. विशाखा अशोक भदाणे ने स्वागत किया। इस अवसर पर मंदिर समिति एवं तीर्थ पुरोहित समाज ने परंपरागत मंत्रोच्चारण एवं रुद्राक्ष की माला पहनाकर उनका स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने मंदिर में प्रवेश कर बाबा श्री केदारनाथ का रुद्राभिषेक एवं विशेष पूजा-अर्चना कर समस्त देशवासियों की खुशहाली एवं जनकल्याण की कामना की।
एक दिवसीय केदारनाथ भ्रमण पर पहुचें प्रमुख सचिव प्रधानमंत्री भारत सरकार पीके मिश्रा, प्रधानमंत्री जी के सलाहकार अमित खरे, मुख्य सचिव उत्तराखंड सरकार एसएस संधु, उप सचिव पीएमओ मंगेश घिल्डियाल, पर्यटन विभाग उत्तराखंड सरकार के विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) भास्कर खुल्बे, पर्यटन सचिव सचिन कुर्वे करीब 9 बजे वायु सेना के हेलिकॉप्टर से वीआईपी हैलीपैड पर पहुचें। जिसके बाद उन्होंने मंदिर में प्रवेश कर धर्मपत्नी के साथ बाबा केदारनाथ का रूद्राभिषेक एवं विशेष पूजा-अर्चना कर समस्त विश्व एवं जन कल्याण की कामना की।
करीब 30 मिनट की पूजा अर्चना के बाद उन्होंने केदारपुरी में चल रहे पुनर्निर्माण एवं विकास कार्यों का निरीक्षण शुरू किया। इसी बीच उन्होंने तीर्थ पुरोहित समाज से मुलाकात कर केदारनाथ धाम के विकास कार्यों के लिए उनके सुझाव लिए एवं समस्याएं भी सुनी। सर्वप्रथम उन्होंने मुख्य सचिव से केदारपुरी में बने पुराने एवं नए आवासों की बनावट एवं क्षमता की जानकारी ली। जिसके बाद उन्होंने ईशानेश्वर मंदिर एवं भीम शिला के दर्शन किए। इस दौरान मुख्य सचिव ने उन्हें आपदा के समय भीम शिला ने कैसे मंदिर की रक्षा की यह जानकारी दी। इसके पश्चात् उन्होंने शंकराचार्य समाधि के दर्शन कर निर्माणाधीन शिव उद्यान का निरीक्षण कर प्रगति की जानकारी ली।
श्री केदारनाथ मंदिर परिसर के समाने बन रहे भवनों का निरीक्षण करते हुए उन्होंने संबंधित एजेंसियों एवं जिलाधिकारी से भवनों का उद्देश्य पूछा वहीं सभी एजेंसियों को कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने भवनों के निर्माण में आ रही समस्याओं की जानकारी भी ली। जिलाधिकारी को भवनों के अधिग्रहण में तेजी लाते हुए गोल चबूतरे से मंदिर परिसर तक कॉरिडोर का कार्य तेजी से पूर्ण करने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने रेन शेल्टर, मंदाकिनी एवं सरस्वती नदियों के घाट पर चल रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए पूरे क्षेत्र में क्या व्यवस्थाएं और सुविधा दी जाएगी उसकी जानकारी ली।
उन्होंने सभी अधिकारियों एवं संबंधित एजेंसियों को निर्माण कार्यों में इस्तेमाल हो रही सामग्री की जानकारी लेते हुए गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखने के निर्देश भी दिए। उन्होंने समस्त अधिकारियों, कर्मचारी एवं निर्माण एजेंसियों की पीठ थपथपाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के ड्रीम प्रोजेक्ट पर सभी के समन्वय से कठिन परिस्थितियों के बीच बेहतरीन कार्य हो रहा है इसे आगे भी जारी रखते हुए समय पर सभी कार्य पूरे किए जाएं। वहीं उन्होंने निर्माण कार्यों में जुटे मजदूरों एवं कर्मचारियों का ध्यान रखने एवं सुविधाएं उपलब्ध करवाने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए।
इस अवसर पर एडीएम बीर सिंह बुदियाल, मुख्य कार्यकारी अधिकारी केडीए योगेन्द्र सिंह, उप जिलाधिकारी ऊखीमठ जितेंद्र वर्मा, सीओ विमल रावत, कार्यकारी अधिकारी आरसी तिवारी, एसएचओ केदारनाथ मंजुल रावत, केदार सभा के राजकुमार तिवारी समेत अन्य तीर्थ पुरोहित, अधिकारी, कर्मचारी एवं श्रद्धालु मौजूद रहे।
’50 साल बाद पहुचें केदारनाथ’
प्रमुख सचिव प्रधानमंत्री भारत सरकार पीके मिश्रा ने अपना अनुभव बताते हुए कहा कि वह करीब 50 साल बाद श्री केदारनाथ धाम में दर्शनों को पहुंचे हैं। अपनी पिछली यात्रा के दौरान उन्होंने पैदल यात्रा कर केदार घाटी का अनुभव लिया था। उन्होंने कहा कि पिछले 50 सालों में केदार घाटी में बड़े परिवर्तन हो गए हैं। उन्होंने कहा कि यहां बाबा केदारनाथ का आशीर्वाद प्राप्त करना सौभाग्य की बात है।
पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने शहीद पुलिस जवानों को दी श्रद्धांजलि..
उत्तराखंड: मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा व कानून व्यवस्था बनाए रखने का उत्तरदायित्व राज्यों की पुलिस बल व अर्द्धसैनिक बलों का है। अपने इस उत्तरदायित्व को निभाते हुए पुलिस कर्मी अपने जीवन की आहुति को भी तत्पर रहते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस व्यवस्था किसी भी राज्य की सुरक्षा एवं समृद्धि का एक आवश्यक अंग है।
हमारे राज्य की पुलिस भी सेवा की भावना के अनुरूप कार्य करते हुए शान्ति एवं कानून व्यवस्था को बनाये रखने के लिए अनेकों चुनौतियों नशा, साइबर क्राईम, महिला अपराध, यातायात व्यवस्था, चारधाम यात्रा, आपदा, भूस्खलन, कांवड़ यात्रा आदि का प्रबंधन करती है।
उत्तराखण्ड पुलिस द्वारा इस वर्ष भी कांवड़ यात्रा में आये करीब 4 करोड़ से अधिक एवं चारधाम यात्रा में अब तक पहुंचे लगभग 50 लाख श्रद्धालुओ को सुगम यात्रा एवं दर्शन कराते हुए गन्तव्य तक सुरक्षित पहुंचाने में सराहनीय योगदान दिया है। जी-20 सम्मेलन, की राज्य में हुई तीन बैठकों में चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था को उत्तराखण्ड पुलिस द्वारा सुनिश्चित कराया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2025 तक उत्तराखण्ड को नशा मुक्त राज्य बनाने का लक्ष्य रखा गया है। जिसके लिए सरकार द्वारा उत्तराखण्ड पुलिस के अन्तर्गत एक त्रिस्तरीय एण्टी नारकोटिक फोर्स का गठन किया गया है। इस दिशा में आगे बढ़ते हुए वर्ष 2021 से अब तक 04 हजार से ज्यादा नशे के सौदागरों के विरुद्ध कार्यवाही करते हुए लगभग 40 करोड़ रूपये के नारकोटिक पदार्थ बरामद किए गए हैं।
भू-माफिया तथा नकल माफियाओं से सम्बन्धित अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए कठोर कानून लाये गये हैं। राज्य में माताओं और बहनों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश के प्रत्येक थाने पर “महिला हैल्प डेस्क’’ खोले गये हैं। महिला सुरक्षा के लिए उत्तराखण्ड पुलिस एप के अन्तर्गत गौरा शक्ति मॉड्यूल बनाया गया, जिसमें एक लाख से अधिक पंजीकरण हो चुके हैं। वैवाहिक मामलों में काउंसलिंग हेतु प्रत्येक जनपद में महिला काउंसलिंग सेल खोले गये हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की स्मार्ट पुलिसिंग की परिकल्पना को साकार करते हुए पुलिस जवानों के कार्यस्थल एवं उनके बैरकों को स्मार्ट बनाये जाने के लिए भवन निर्माण के लिए 36 करोड़ रूपये की धनराशि को बढ़ाते हुए 57 करोड़ रूपया स्वीकृत किया गया है।
एनसीआरबी द्वारा जारी क्राइम इन इंडिया 2021 रिपोर्ट के अनुसार चोरी अथवा लूटी गयी सम्पत्तियों की बरामदगी में उत्तराखण्ड राज्य 68 प्रतिशत के साथ प्रथम स्थान पर है। गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा सम्पूर्ण देश के थानों की स्वच्छता, अपराध एवं कानून व्यवस्था के आधार पर जो समीक्षा की गयी, जिसमें चम्पावत जनपद का ’’थाना बनवसा’’ देश के 16 हजार से अधिक थानों में शीर्ष तीन में स्थान बनाने में सफल हुआ।
पुलिस महानिदेशक श्री अशोक कुमार ने कहा कि 21 अक्टूबर का दिन राज्य पुलिस बलों, केंद्रीय सशस्त्र बलों एवं सभी केंद्रीय पुलिस संगठनों के लिए एक महत्वपूर्ण दिन है। 21 अक्टूबर 1959 को भारत की उत्तरी सीमा पर लद्दाख के 16 हजार फीट ऊँचे बर्फीले एवं दुर्गम क्षेत्र हॉटस्प्रिंग में केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल की एक गश्ती टुकड़ी के 10 बहादुर जवानों ने एस. आई. करन सिंह के नेतृत्व में चीनी अतिक्रमणकारियों से लोहा लिया और अत्यन्त बहादुरी से लड़ते हुए अपनी मातृभूमि की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी थी।
इन्ही वीर सपूतों के बलिदान की स्मृति में प्रत्येक वर्ष पूरे देश में 21 अक्टूबर को “पुलिस स्मृति दिवस” के रूप में मनाया जाता है। विगत एक वर्ष में भारत में राज्य पुलिस एवं केन्द्रीय सुरक्षा बलों के कुल 188 कर्मियों ने कर्तव्यपालन के दौरान अपने प्राणों की आहुति दी है। उत्तराखण्ड पुलिस के 04 जवानों उप निरीक्षक प्रदीप सिंह रावत, आरक्षी लक्ष्मण सिंह, आरक्षी चमन सिंह तोमर और आरक्षी जवाहर सिंह ने इस वर्ष ड्यूटी के दौरान अपने प्राणों की आहुति दी है।
इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री श्री भगत सिंह कोश्यारी, मेयर श्री सुनील उनियाल गामा, विधायक श्री खजान दास, श्री विनोद चमोली, श्री मुन्ना सिंह चौहान, श्रीमती सविता कपूर, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मधु चौहान, अपर मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी, पूर्व पुलिस महानिदेशक श्री अनिल रतूड़ी एवं पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
राधा रतूड़ी ने दी विभागों को कागजी प्रक्रियाओं को समय में पूरा करने की नसीहत..
उत्तराखंड: एसीएस श्रीमती राधा रतूड़ी ने विभागों को कागजी प्रक्रियाओं को कम से कम समय में पूरा करने की कड़ी नसीहत दी है। योजनाओं के सम्बन्ध में विभागों से कार्यवृत (मिन्ट्स) समय पर न मिलने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए एसीएस श्रीमती रतूड़ी ने सभी विभागों को स्पष्ट किया है कि योजनाओं के क्रियान्वयन को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए विभागीय प्रक्रियाओं को निर्धारित डेडलाइन पर पूरा करें। उन्होंने अधिकारियों को अर्न्तविभागीय समन्वय पर विशेष ध्यान देने की कड़ी हिदायत दी है।
सचिवालय में प्रधानमंत्री द्वारा हाल ही में पिथौरागढ़ भ्रमण के दौरान घोषित की गयी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के दौरान एसीएस श्रीमती राधा रतूड़ी ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि मा0 प्रधानमंत्री जी द्वारा शिलान्यास एवं लोकार्पित की गई योजनाओं की क्रियान्वयन की नियमित मॉनिटरिंग प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा की जा रही है इसके साथ ही उत्तराखण्ड के 51 सीमान्त गांवों के विकास के लिए संचालित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम की सीधी मॉनिटरिंग गृह सचिव भारत सरकार द्वारा की जा रही है तथा इस सम्बन्ध में प्रत्येक सप्ताह समीक्षा बैठक की जा रही है। वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत चयनित इन 51 गांवों की अर्थव्यवस्था, आजीविका, सामाजिक संरचना, बुनियादी ढांचे, शिक्षा, बिजली और दूरसंचार सुविधाओं को मजबूत करने एवं इनके समग्र विकास को सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार के सभी विभागों को मिशन मोड पर कार्य करना होगा।
चारधाम यात्रा के श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को मानसखण्ड मंदिरों एवं आदि कैलाश हेतु प्रोत्साहित करने के विषय पर चर्चा करते हुए एसीएस श्रीमती रतूड़ी ने लोक निर्माण विभाग को गढ़वाल एवं कुमाऊँ क्षेत्र की कनेक्टिविटी को मजबूत करने हेतु कार्य करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को सीमावर्ती क्षेत्रों को विकास के सम्बन्ध में केन्द्र सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन में सहयोग करने, राज्य सरकार द्वारा इन क्षेत्रों में किये जा रहे प्रयासों को त्वरित करने, सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़कों और पुलों के निर्माण के प्रस्ताव तत्परता से केन्द्र को भेजने के निर्देश दिए हैं।
एसीएस श्रीमती राधा रतूड़ी ने पर्यटन विभाग को आदि कैलाश व ओम पर्वत की यात्रा हेतु बेहतर सुविधाएं व कनेक्टिविटी मजबूत करने की कार्ययोजना पर कार्य करने के निर्देश दिए हैं। पर्यटन विभाग द्वारा जानकारी दी गई कि इस सम्बन्ध में एक एमओयू आईटीबीपी के साथ किया गया है। इसके साथ ही श्री केदारनाथ एवं श्री हेमकुण्ड साहिब में प्रस्तावित रोपवे हेतु निविदा हो चुकी है।
बैठक में एसीएस श्रीमती राधा रतूड़ी ने ग्राम्य विकास विभाग को राज्य में रिवर्स पलायन हेतु ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर किये जाने के साथ-साथ स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए हैं। ग्राम्य विकास विभाग द्वारा जानकारी दी गई कि राज्य में बी पी एल परिवारों को गरीबी रेखा से ऊपर लाने के लिए राज्य सरकार द्वारा लखपति दीदी योजना संचालित की जा रही है। इसके तहत वर्ष 2022-23 में 40 हजार महिलाओं को लखपति दीदी बनाया गया। वर्ष 2023-24 में 50 हजार महिलाओं को लखपति दीदी बनाये जाने का लक्ष्य है तथा 2025 तक एक लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाया जाएगा।
अपर मुख्य सचिव ने खेल विभाग को ओलम्पिक, एशियन गेम, कॉमनवेल्थ गेम व अन्य अन्तर्राष्ट्रीय खेलों में प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ियों हेतु पुरस्कार एवं बेहतर व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए।
बैठक में सचिव श्री आर मीनाक्षी सुन्दरम, श्री सचिन कुर्वे, अपर सचिव श्री विनीत कुमार, श्री जितेन्द्र कुमार सोनकर, निदेशक संस्कृति सुश्री बीना भट्ट तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
सरकार ने इन देशों को दी गैर-बासमती चावल के निर्यात की मंजूरी..
देश-विदेश: सरकार ने नेपाल, कैमरून और मलेशिया सहित सात देशों को 10,34,800 टन गैर-बासमती चावल के निर्यात की मंजूरी दे दी है। विदेश व्यापार महानिदेशालय की जारी अधिसूचना के अनुसार यह निर्यात राष्ट्रीय सहकारी निर्यात लि. एनसीईएल के जरिए किया जा सकता है। हालांकि भारत ने घरेलू आपूर्ति बढ़ाने के लिए 20 जुलाई से गैर-बासमती चावल के निर्यात पर प्रतिबंध लगाया हुआ है, लेकिन कुछ देशों की खाद्य सुरक्षा जरूरत के मद्देनजर सरकार उनके लिए गैर-बासमती चावल के निर्यात की अनुमति देती है।
आपको बता दे कि सरकार ने जिन देशों को अनुमति दी है उनमें नेपाल, कैमरून, कोटे डी आइवर, गिनी, मलेशिया, फिलिपीन और सेशल्स शामिल है। जानकारी के अनुसार नेपाल को 95,000 टन, कैमरून को 1,90,000 टन, कोटे डी आइवर को 1,42,000 टन गिनी को 1,42,000 टन, मलेशिया को 1,70,000 टन, फिलिपीन को 2,95,000 टन और सेशेल्स को 800 टन गैर-बासमती चावल का निर्यात किया जाएगा।
