हल्द्वानी में एक घर में सड़ा-गला शव मिलने से हड़कंप, जांच में जुटी पुलिस..
उत्तराखंड: हल्द्वानी से एक सनसनीखेज घटना की खबर सामने आई है। टीपी नगर चौकी क्षेत्र के नीलकंठ कॉलोनी में एक घर में सड़ी-गली लाश मिलने से हड़कंप मच गया। टीपी नगर चौकी इंचार्ज पंकज जोशी का कहना हैं कि बुधवार को ग्राम प्रधान ललित मोहन नेगी ने सूचना दी कि एक घर खुला हुआ है वहां से बदबू आ रही है उसके बाथरूम में एक लाश पड़ी हुई है। ग्राम प्रधान की सूचना में पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। इसके बाद शव भाई को सौंप दिया है।
चौकी इंचार्ज पंकज जोशी ने कहा कि परिवार में दो भाई हैं माता पिता की मौत हो चुकी है। एक भाई बीते बुधवार को काम से दिल्ली गया था, वह किसी प्राइवेट कंपनी में काम करता है। और हरीश पंत घर पर ही था। जो बाथरूम में मृत मिला है। बताया गया है कि कमरे से दो बियर और एक पव्वा भी मिला है। कहा कि प्रथम दृष्टया शराब अधिक पीने से मौत लग रही है। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट के बाद ही मौत के सही कारणों का पता लग पाएगा।
टिहरी में यहां मकान ढह, कई घरों में आई दरारे, ग्रामीणों में दहशत..
उत्तराखंड: प्रदेश में बारिश ने कहर बरसाया तो वहीं टिहरी जिला भी इससे अछूता नहीं रहा है। बता दे कि लगातार हो रही तेज बारिश के चलते टिहरी झील के समीप बसे पीपोला गांव में एक मकान ढह गया। वहीं कई मकानों पर दरारें पड़ गई है। जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। जानकारी के अनुसार टिहरी झील के बढ़ते जलस्तर के कारण गांव के मकानों में दरारें पड़ रही हैं और इन्हीं के कारण मकान खतरे की जद में आ रहे हैं। बीते दिनों एक घर अचानक ध्वस्त हो गया है।
गनीमत रही कि रात को मकान के अंदर सो रहे लोग आनन-फानन में बाहर आ गए। वरना बड़ा हादसा हो सकता था।वहीं गांव भू-धंसाव की चपेट में है, इसलिए ग्रामीणों ने जल्द उनका पुनर्वास करने की मांग की है। टिहरी जिले के जाखणीधार ब्लॉक के पिपोला-खास गांव के ग्रामीणों ने डीएम से मुलाकात कर समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा है।
ग्रामीणों का कहना है कि टिहरी बांध की झील के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के चलते गांव के मकानों में दरारें आ गई हैं। 23 परिवारों को संयुक्त विशेषज्ञ समिति ने विस्थापन की संस्तुति की है, इसके बावजूद भी टीएचडीसी और पुनर्वास विभाग कार्रवाई करने को तैयार नहीं है। गांव के 7 ऐसे परिवार हैं, जिनके भवनों का मूल्यांकन हो चुका है, लेकिन सर्वे सीट पुनर्वास विभाग में धूल फांक रही है। वहीं डीएम ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया है कि जल्द समस्या का समाधान किया जाएगा।
घर में मिला डेंगू का लार्वा तो भरना पड़ेगा जुर्माना, इन कर्मियों को मिलेगा मानदेय..
उत्तराखंड: देहरादून में तेजी से डेंगू फैल रहा है। इसको लेकर प्रशासन सतर्क हो गया है। यदि आपके घर में किसी कंटेनर में पानी भरा हुआ है और उसमें डेंगू के लार्वा पनप रहे हैं ताे न सिर्फ आपकी सेहत खतरे में है बल्कि आपको इसके बदले में जुर्माना भी चुकाना पड़ेगा। इसके लिए शहर में डेंगू के बढ़ते मामलाें काे देखते हुए नगर निगम विशेष अभियान चला रहा है। डोर टू डोर सर्वे के दौरान ऐसे भवन मालिकों से जुर्माना लगाएगा, जाे डेंगू के लार्वा काे पनपने में मददगार साबित हाे रहे हैं।
मिली जानकारी के अनुसार नगर आयुक्त ने नगर निगम के सुपरवाइजर और स्वास्थ्य विभाग की आशा कार्यकर्ता प्रतिदिन अपने क्षेत्र में घरों और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान जिन लोगों के घरों और प्रतिष्ठानों में उनकी लापरवाही से डेंगू के मच्छरों के पनपने की आशंका है, उनसे जुर्माना वसूला जाएगा। साथ ही नगर निगम ने प्रत्येक वार्ड की हर गली मोहल्ले में सभी छोटे-बड़े सरकारी, गैर सरकारी परिसर में फॉगिंग करना शुरू कर दिया है।शहर की खुली नालियों और सभी सम्भावित स्थानों पर लार्वानाशक दवाओं का छिड़काव किया गया।
बताया जा रहा है कि घरों से आर्थिक दंड 200 रुपए और 500 रुपए व्यवसायिक प्रतिष्ठानों से लिया जाएगा। लापरवाही का दोहराव होने पर घरों से 500 रुपए और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों से 2000 रुपए जुर्माना वसूल किया जाएगा। इतना ही नहीं जो लोग टीम को अपने घरों और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण करने से रोकें, उनकी सूची बनाकर उनसे भी नियम अनुसार आर्थिक जुर्माना वसूला जाएगा। वहीं डेंगू की रोकथाम के कार्य में शामिल आशा कार्यकर्ताओं के लिए 1500 रुपए और आशा के लिए 2500 रुपए मानदेय देने की स्वीकृति प्रदान की है।
चमोली जिले में हुआ बड़ा हादसा,दरोगा समेत 16 लोगों की करंट लगने से मौत..
उत्तराखंड: चमोली जिले से बड़ा हादसे की खबर है। बताया जा रहा है कि चमोली में नमामि गंगे के सीवर ट्रीटमेंट प्लांट के पास करंट फैल गया है। जिस समय हादसा हुआ, उस वक्त साइट पर 24 लोग मौजूद थे, झुलसे से करीब 16 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों की संख्या में इजाफा हो सकता है। वहीं सीएम धामी ने मामले की जांच के आदेश दिए है।
जानकरी के अनुसार चमोली जिले में नमामि गंगे प्रोजेक्ट की साइट पर बड़ा हादसा हो गया। बताया जा रहा है कि ट्रीटमेंट प्लांट में काम करने वाले युवक की रात्रि में मौत हुई, सुबह पुलिस कार्रवाई के लिए पहुंची। तो इस दौरान मृतक के स्वजनों सहित अन्य लोगों की भीड़ जमा हो गई। इसी बीच वहां करंट फैला और मौजूद लोग इसकी चपेट में आ गए।
जिससे बड़ी संख्या में कई लोग झुलस गए। घायलों को आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने 10 लोगों को मृत घोषित कर दिया। झुलसने वालों में तीन की हालत अभी भी गंभीर बताई जा रही है। वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चमोली घटना पर दुख जताते हुए न्यायिक जांच के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने घटना की विस्तृत और गहन जांच के निर्देश दिए है। उन्होंने डीएम चमोली से घटना की जानकारी ली। घायलों को देहरादून लाया जा रहा।
केदारनाथ में मोबाइल फोन की नो एंट्री, मंदिर समिति ने लगाया प्रतिबंध..
उत्तराखंड: हाल ही में कई विवादास्पद वीडियो के कारण सुर्खियों में रहे केदारनाथ मंदिर में मोबाइल फोन प्रवेश, फोटोग्राफी और वीडियो रिकॉर्डिंग पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। मंदिर के डिजाइन के प्रभारी बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने मंदिर परिसर के भीतर विभिन्न स्थानों पर पट्टिकाएं लगाई हैं।
ये नोटिस बोर्ड दर्शाते हैं कि मंदिर के मैदान में सेल फोन की अनुमति नहीं है, मंदिर के अंदर किसी भी प्रकार की फोटोग्राफी या वीडियो रिकॉर्डिंग सख्त वर्जित है, और मंदिर की निगरानी सीसीटीवी कैमरों द्वारा की जाती है। हाल ही में गढ़वाल हिमालय के केदारनाथ मंदिर में रिकॉर्ड किए गए ऐसे कई वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे हैं, जहां तीर्थ पुरोहितों से लेकर आम भक्तों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने आपत्ति जताई है और धार्मिक स्थलों पर इस तरह के कृत्यों की गलत तरीके से निंदा की है।
नैनीताल में भाजपा नेत्री की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत..
उत्तराखंड: नैनीताल जनपद अंतर्गत रामनगर क्षेत्र से एक दुखद खबर सामने आई है। यहां एक भाजपा महिला नेत्री की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई।मिली जानकारी के अनुसार रामनगर के ग्राम ढिकुली निवासी नंदी रावत उम्र 48 वर्ष पत्नी गोविंद सिंह रावत बीजेपी में ग्रामीण मंडल महिला मोर्चा की पूर्व अध्यक्ष थी। रविवार की देर शाम नंदी रावत टेंपो से उतारकर अपने घर की तरफ जा रही थी। इस बीच किसी अज्ञात वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी।
गंभीर रुप से घायल नंदी रावत को तुरंत रामनगर चिकित्सालय पहुंचाया गया। जहां उनकी हालत चिंताजनक होने पर उन्हें हायर सेंटर रेफर काशीपुर रेफर कर दिया गया। काशीपुर के चिकित्सालय में उपचार के दौरान सोमवार को उन्होंने दम तोड़ दिया। भाजपा नेत्री की मौत पर जहां क्षेत्र में शोक की लहर है वही भाजपा कार्यकर्ताओं ने दुख प्रकट किया।
हंसल मेहता की फिल्म में इस भूमिका में नजर आएंगी करीना..
देश-विदेश: हंसल मेहता ने हिंदी सिनेमा में एक से बढ़कर एक फिल्में दी हैं। वह अलीगढ़, शाहिद और फराज जैसी बेहतरीन फिल्मों के लिए भी जाने जाते हैं। उन्होंने स्कैम 1992: द हर्षद मेहता स्टोरी और स्कूप के लिए भी काफी प्रशंसा हासिल की है। इसके बाद अब हंसल मेहता अपने अगले प्रोजेक्ट की तैयारी में लगे हुए हैं। वह करीना कपूर के साथ अपनी अगली फिल्म को लेकर सुर्खियों में हैं। अब हंसल मेहता ने खुलासा कर दिया है कि उनकी फिल्म में करीना कपूर का क्या किरदार होने वाला है।
मेहता ने जब से करीना के साथ अपनी अगली फिल्म की शूटिंग शुरू की है, वह कई बार उनकी तारीफों के पुल बांध चुके हैं। हाल ही में उन्होंने करीना और फिल्म में उनकी भूमिका को लेकर बातचीत की। मेहता ने इस फिल्म में करीना कपूर के रोल का भी खुलासा कर दिया है। उन्होंने कहा, करीना का किरदार फिल्म में ऐसा है, जो उन्होंने इससे पहले आज तक नहीं किया। इस थ्रिलर फिल्म में करीना पुलिस की वर्दी पहने नजर आएंगी। वह फिल्म में एक दमदार पुलिसकर्मी की भूमिका में दिखेंगी।
कैसी होगी फिल्म की कहानी
बता दें कि हंसल मेहता की इस फिल्म की कहानी लंदन में सेट की गई है, जो पुलिस के इर्द-गिर्द घूमती है। करीना इस फिल्म में मुख्य भूमिका में नजर आएंगी। मेहता का कहना हैं कि अभी तक करीना को दर्शकों ने ज्यादातर मसालेदार या रोमांटिक फिल्मों में देखा होगा, लेकिन इतने संजीदा किरदार में उन्हें देखना दर्शकों के लिए बेशक किसी तोहफे से कम नहीं होगा। वहीं करीना के वर्कफ्रंट की बात करें तो वह अक्षय कुमार की फिल्म द क्रू में नजर आएंगी। इसके अलावा वह सिंघम अगेन में भी दिखाई देंगी।
प्रदेश में जल्द विकसित किए जाएंगे दो नए हिल स्टेशन, मिलेगी ये सुविधाएं..
उत्तराखंड: प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए धामी सरकार लगातार प्रयास कर रही है। बताया जा रहा है कि सरकार अब नए हिल स्टेशन बनाने की कवायद शुरू कर रही है। ये हिल स्टेशन गढ़वाल और कुमाऊं मंडल में विकसित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अफसरों को इसके लिए स्थल चयन करने के निर्देश दिए हैं।
जानकारी के अनुसार प्रदेश में नए हिल स्टेशन बनाने के पीछे सरकार की मंशा पर्यटकों का उत्तराखंड के अन्य टूरिस्ट स्पॉट से रूबरू कराने की है। मुख्यमंत्री चामी ने इसके लिए सचिव शैलेश बगोली और विनय शंकर पांडेय की दोनों मंडलों के पर्वतीय क्षेत्रों में एक एक ऐसे स्थल चयनित करने के निर्देश दिए है , जहां हिल स्टेशन विकसित करने की संभावनाएं हैं। माना जा रहा है कि इससे स्थानीय लोगों के सामने रोजगार के अवसर बढ़ने वहाँ पलायन पर भी अंकुश लगेगा ।
आपको बता दे कि उत्तराखंड में ब्रिटिश काल के बाद कोई हिल स्टेशन विकसित नहीं हुआ है। मसूरी लेंसडौन नैनीताल व रानीखेत पर पर्यटकों का लगातार दबाव रहता है । वहीं इन शहरों में अब इतना स्थान नहीं बचा कि वहां अन्य निर्माण कार्य कर उसे और विकसित किया जा सके। इन शहरों के सौंदर्यीकरण पर बेतरतीब निर्माण कार्यों का भी प्रभाव पड़ा है।
प्रदेश में भारी बारिश का कहर, भू-स्खलन के कारण 241 सड़कें बंद..
उत्तराखंड: प्रदेश में बारिश का कहर जारी है। भारी बारिश के कारण प्रदेश में जगह-जगह से भू-स्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं। जिसके कारण प्रदेश की 241 सड़कें बंद हैं। इसके साथ ही मौसम विभाग ने आने वाले तीन दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। प्रदेश में भारी बारिश की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने 10 से 12 जुलाई तक प्रदेशभर के सभी जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। प्रदेश कई जिलों में भारी बारिश को देखते हुए स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया है। भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए लोगों से सावधानी बरतने की अपील की गई है।
भारी बारिश का कहर, प्रदेश की 241 सड़कें बंद..
प्रदेश में भारी बारिश के कारण लगातार भू-स्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं। भारी बारिश पहाड़ी क्षेत्रों के लिए आफत बन रही है। बीते 24 घंटे में ही भूस्खलन और स्लिप आने से प्रदेश की 241 सड़कें बंद हुई हैं। बता दें कि इसमें से 160 सड़कें एक दिन पहले से बंद थीं। जबकि रविवार को 81 सड़कें बंद हुई हैं। रविवार देर शाम तक सिर्फ 70 सड़कों को खोला जा सका था, जबकि 171 सड़कें अवरुद्ध रहीं। लगातार हो रही बारिश के कारण सड़कों को खोलने में दिक्कतें हो रही हैं।
सीएम अधिकारियों को दिए अलर्ट रहने के निर्देश..
भारी बारिश के चलते प्रदेश की नदियां और नाले उफान पर हैं। जिसे देखते हुए सीएम धामी ने सभी अधिकारियों से अलर्ट रहने को कहा है। सीएम धामी ने ट्वीट करते हुए लिखा ‘ कुछ दिनों से प्रदेश में हो रही अत्यधिक बारिश के मद्देनज़र मेरा सभी से निवेदन है कि ऐसे समय में आप पूर्ण सतर्कता बनाए रखें व अनावश्यक यातायात से बचें।नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता पर रखते हुए किसी भी प्रकार की परिस्थिति से निपटने हेतु प्रशासन को भी रेड अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं।’
आपदा की स्थिति के लिए हेल्पलाइन नंबर हुए जारी..
प्रदेश में किसी भी प्रकार की आपदा की स्थिति के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं। सूचना राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष के फोन नंबरों 0135-2710335, 2664314, 2664315, 2664316, फैक्स नंबर 0135-2710334, 2664317. टोल फ्री नंबर 1070, 9058441404 एवं 8218887005 पर दी जा सकती है।
उत्तराखंड में GST वादों के निपटारे के लिए बनेगा ट्रिब्यूनल..
व्यापारियों को नहीं जाना पड़ेगा कोर्ट..
उत्तराखंड: जीएसटी वादों का निपटारा करने के लिए उत्तराखंड में ट्रिब्यूनल का गठन किया जाएगा। इससे प्रदेश के व्यापारियों व कंपनियों को टैक्स संबंधित छोटे-छोटे वादों को लेकर न्यायालय में नहीं जाना पड़ेगा। इन वादों का समाधान ट्रिब्यूनल स्तर पर किया जाएगा। इससे व्यापारियों का खर्च और समय भी बचेगा। ट्रिब्यूनल में चार सदस्य होंगे। इसमें दो सदस्य न्यायिक सेवा और दो सदस्य जीएसटी और एसजीएसटी से तकनीकी क्षेत्र के होंगे।
सरकार ने राज्य में माल और सेवा कर अपीलीय अधिकरण के गठन को मंजूरी दे दी है। केंद्र सरकार ने वर्ष 2017 में जीएसटी लागू किया। जीएसटी में टैक्स रिटर्न या भुगतान को लेकर राज्य कर विभाग की ओर से व्यापारियों को नोटिस जारी किए जाते हैं। इस पर व्यापारी छोटे-छोटे टैक्स वादों को लेकर न्यायालय चले जाते हैं।
अभी तक विभागीय स्तर पर ऐसे वादों का निपटारा करने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। जीएसटी परिषद ने सभी राज्यों को वादों का निपटारा करने के लिए ट्रिब्यूनल का गठन के दिशानिर्देश दिए हैं। इसी क्रम में सरकार ने ट्रिब्यूनल के गठन की अनुमति दे दी है। ट्रिब्यूनल में न्यायिक सेवा के दो रिटायर्ड जज और तकनीकी क्षेत्र से दो अधिकारी सदस्य होंगे।
व्यापारियों का वैट मामलों में माफ होगा ब्याज और जुर्माना..
जीएसटी से पहले लागू वैट प्रणाली में व्यापारियों के टैक्स संबंधित वादों के निपटाने के लिए सरकार ने वन टाइम सेटेंलमेंट योजना की अवधि तीन माह बढ़ाई है। जिसमें बकायेदार व्यापारियों को ब्याज और जुर्माना माफ किया जाएगा। प्रदेश में वर्तमान में बकाया टैक्स के 41 हजार मामले लंबित है। सरकार ने वैट प्रणाली के लंबित बकाया टैक्स मामलों का निपटारा करने को वन टाइम सेटेंलमेंट योजना को 1 जुलाई से 30 सितंबर 2023 तक बढ़ाया है। निर्धारित अवधि में व्यापारियों को बकाया राशि पर ब्याज और जुर्माने माफ किए जाएंगे।
