73 नये नर्सिंग कॉलेजों के लिए 146 करोड़ रुपये की किस्त जारी..
देश-विदेश: केंद्र सरकार ने देश के अलग-अलग राज्यों में 75 नए नर्सिंग कॉलेजाें की स्थापना के लिए 146 करोड़ की पहली किस्त जारी कर दी है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अप्रैल 2023 को 157 नए नर्सिंग कॉलेजों की स्थापना को मंजूरी दी थी। इसी के तहत राज्यों से 86 नए कॉलेजों की स्थापना की अनुमति मिली है। इनमें से 73 कॉलेजों का निर्माण कार्य शुरू हो गया है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना हैं कि 157 नए नर्सिंग कॉलेजों की स्थापना पर 1570 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिनमें से 1016 करोड़ रुपये की सहायता केंद्र सरकार करेगी। इसी के तहत 146 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी की है। प्रत्येक कॉलेज के लिए 10 करोड़ रुपये का बजट खर्च किया जाएगा। ये नर्सिंग कॉलेज उन्हीं मेडिकल कॉलेज का हिस्सा होंगे, जिन्हें 2014 के बाद से अब तक स्थापित किया है। करीब 300 करोड़ रुपये की दूसरी किस्त इसी साल पहली तिमाही में जारी की जाएगी।
विदेश की मांग भी पूरी करेगा भारत..
अधिकारियों का मानना है कि आगामी वर्षों में सभी नर्सिंग कॉलेजों के शुरू होने के बाद भारत के पास सालाना नर्सिंग कर्मचारियों की संख्या पर्याप्त होगी। साथ ही भारत की नर्सें दूसरे देशों में जाकर चिकित्सा सेवा भी कर सकेगीं। इसके लिए केंद्र सरकार ने बकायदा एडवांटेज हेल्थकेयर इंडिया के तहत पहल शुरू की है। अभी यूके में 24, अमेरिका में 16, ऑस्ट्रेलिया में 12, कनाडा में पांच और गल्फ देशों में 20 हजार भारतीय नर्स अपनी सेवाएं दे रही हैं।
यूसीसी से बाहर हो सकती हैं उत्तराखंड की जनजातियां, अभी सरकार को इस पर लेना है फैसला..
उत्तराखंड: समान नागरिक संहिता से उत्तराखंड की जनजातियां अलग रह सकती हैं। प्रदेश में सात प्रमुख जनजातियां हैं, जिनके तौर तरीके और नियम अलग हैं। हालांकि, अभी सरकार को इस पर फैसला लेना है। समान नागरिक संहिता वैसे तो प्रदेश के हर नागरिक पर लागू करने का लक्ष्य है, लेकिन अनुसूचित जनजातियों को इससे बाहर रखा जा सकता है। अभी सरकार को इस पर फैसला लेना है। प्रदेश में थारू जनजाति उत्तराखंड व कुमाऊं का सबसे बड़ा जनजातीय समुदाय है। थारू जनजाति ऊधमसिंह नगर के खटीमा, नानकमत्ता, सितारगंज, किच्छा आदि क्षेत्रों में निवास करती हैं।
जनजातियों के अपने अलग रीति रिवाज..
इसके बाद जौनसारी राज्य की दूसरी सबसे बड़ी जनजाति है, जो मुख्य रूप से भाबर क्षेत्र व देहरादून के चकराता, कालसी, त्यूनी, लाखामंडल क्षेत्र, टिहरी का जौनपुर और उत्तरकाशी के परग नेकान क्षेत्र में निवास करते हैं। वहीं, भोटिया जनजाति प्रदेश की सबसे प्राचीन मानी जाती है। भोटिया जनजाति की बहुत सी उपजातियां मारछा, तोलछा, जोहारी, शौका, दरमियां, चौंदासी, व्यासी, जाड़, जेठरा, छापड़ा (बखरिया) भोटिया जनजाति महा हिमालय के तलहटी क्षेत्रों में निवास करती हैं। यह जाति पिथौरागढ़, चमोली, उत्तरकाशी में निवास करती है। उधर, बोक्सा जनजाति के लोग राज्य के तराई-भाबर क्षेत्र में ऊधमसिंहनगर के बाजपुर, गदरपुर एवं काशीपुर, नैनीताल के रामनगर, पौड़ी के दुगड्डा और देहरादून के विकासनगर, डोईवाला व सहसपुर विकासखंडों के 173 गांवों में निवास करते हैं।
नैनीताल व उधमसिंहनगर के बोक्सा बहुल क्षेत्र को बुक्सा कहा जाता है, जबकि राजी जनजाति प्रदेश की एकमात्र ऐसी है, जो आज भी जंगलों में निवास करती है। मुख्यतः पिथौरागढ़ जिले में रहती है। थारू, बोक्सा, जौनसारी, भोटिया और राजी जनजातियों को 1967 के अनुसूचित जाति के अंतर्गत रखा गया है। इन जनजातियों के अपने अलग रीति रिवाज हैं। अलग नियम हैं।
सरकारी कर्मचारियों को अब एक साथ मिल सकेगा 31 दिन का उपार्जित अवकाश..
उत्तराखंड: सरकारी कर्मचारियों को अब सालभर के 31 उपार्जित अवकाश (ईएल) एक साथ मिल सकेंगे। इस संबंध में वित्त विभाग ने शासनादेश जारी कर दिया है। बता दे कि अभी तक प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों को उपार्जित अवकाश दो हिस्सों में मिलता था। सालभर के 31 अवकाश में से 15 अवकाश एक जनवरी से 30 जून तक और बाकी 16 अवकाश एक जुलाई से 31 दिसंबर तक लेने अनिवार्य होते थे। इसके बाद ये लैप्स हो जाते थे।
लंबे समय से कर्मचारी संगठन मांग कर रहे थे कि उपार्जित अवकाश साल में कभी भी एक साथ लेने की सुविधा दी जाए। सीएम ने इस संबंध में आश्वासन दिया था। अब सचिव वित्त दिलीप जावलकर ने आदेश जारी कर दिया है। 31 दिसंबर तक सभी उपार्जित अवकाश एक साथ लिए जा सकते हैं। 300 से ऊपर के अवकाश को आगामी वर्ष में अग्रेनीत नहीं किया जाएगा। सचिवालय संघ ने इस आदेश पर सीएम पुष्कर सिंह धामी, शासन के अफसरों का आभार जताया। इस आदेश का लाभ प्रदेशभर के सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा।
मोदी सरकार के बजट में बढ़ी केंद्रीय करों में राज्य की हिस्सेदारी..
उत्तराखंड: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में जो अंतरिम बजट पेश किया है, उससे राज्य के आर्थिक विकास को मदद मिलेगी। बजट में केंद्रीय करों में राज्यांश बढ़ाने का जो अनुमान लगाया गया, उससे राज्य को आगामी वित्तीय वर्ष में 2217 करोड़ रुपये अधिक मिलने की संभावना है। सीएम पुष्कर सिंह धामी का कहना हैं कि केंद्रीय बजट में किए गए प्रावधानों से राज्य के पर्यटन विकास को पंख लगेंगे और औद्योगिक निवेश की ग्राउंडिंग में तेजी आएगी।
वित्त विभाग के सूत्रों के अनुसार अंतरिम बजट में वर्ष 2023-24 के संशोधित अनुमान के मुताबिक केंद्रीय करों में राज्यांश बढ़ गया है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में उत्तराखंड राज्य के लिए 11419.78 करोड़ रुपये का प्रावधान था, जो संशोधित अनुमान में 12,348 करोड़ हो गया है। इस तरह लगभग 928 करोड़ इसी वित्तीय वर्ष में अधिक मिलने की संभावना है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में राज्यांश लगभग 13637 करोड़ होने का अनुमान है। यह गत वर्ष के मूल अनुमान से 2,217 करोड़ अधिक होगा। बकौल मुख्यमंत्री प्रदेश के आर्थिक विकास के लिए यह केंद्र सरकार का महत्वपूर्ण उपहार है।
आमजन को लगा महंगाई का झटका, LPG सिलेंडर के दाम में हुआ इजाफा..
उत्तराखंड: 1 फरवरी की सुबह-सुबह LPG ग्राहकों को झटका लगा है। फरवरी के पहले दिन एलपीजी सिलेंडर के दाम में इजाफा हो गया है। बताया जा रहा है कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने आज से एलपीजी सिलेंडर के दाम में इजाफा कर दिया है। ये इजाफा 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर के दाम में किया गया है। आपको बता दे कि विंटर सीजन में बढ़ी डिमांड और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें प्रभावित होने की वजह से LPG सिलेंडर के दाम में 14 रुपए की बढ़ोतरी की गई है। ये बढ़ोतरी 19KG कॉमर्शियल सिलेंडरों की कीमतों में की गई है। जबकि घरेलू LPG गैस सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं हुआ है। कमर्शियल गैस सिलेंडर की नई कीमतें आज से लागू हैं। जिसके बाद अब दिल्ली में कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमत बढ़ने के बाद 1769.50 रुपए पहुंच गई है। वहीं कोलकाता में 19 kg कमर्शियल गैस सिलेंडर के भाव 1887.00 रुपए पहुंच गए हैं। मुंबई में 1723.50 रुपए है और चेन्नई में कमर्शियल गैस सिलेंडर का भाव 1937 रुपए पहुंच गया है।
गौरतलब है कि सरकारी तेल कंपनियों ने 1 जनवरी 2024 को 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर के दाम में कटौती की थी। पिछले महीने एलपीजी सिलेंडर के दाम में की गई कटौती बेहद मामूली रही थी। देश के अलग-अलग शहरों में 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम जनवरी में केवल एक-डेढ़ रुपये कम हुए थे। 14 किलो वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर के भाव में जनवरी में भी कोई बदलाव नहीं किया गया था। आखिरी बार घरेलू एलपीजी के रेट में बदलाव 30 अगस्त 2023 को किया गया था।
डोईवाला मार्ग पर पलटी तेज रफ्तार कार, दो युवकों की मौत, पांच घायल..
उत्तराखंड: देहरादून के बुल्लावाला-डोईवाला मार्ग पर तेज रफ्तार कार पलटने से दो युवकों की मौत हो गई। जबकि कार में सवार पांच अन्य लोग घायल हो गए। देर रात बुल्लावाला में एक जन्मदिन समारोह में आए कुछ लोग कार से डोईवाला की तरफ आ रहे थे।बुल्लावाला पुल के पास एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर पलट गई। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को ग्रामीणों की मदद से निकलकर जोलीग्रांट अस्पताल भिजवाया गया। पूर्व ग्राम प्रधान परमिंदर सिंह का कहना हैं कि घटना में यश और ऋषभ निवासी भारुवाला की मौत हो गई। जबकि पांच अन्य घायल हैं। घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है।
सीएम धामी ने मुख्य सेवक सदन में गढ़वाली फिल्म रिखुली का शुभारंभ किया..
उत्तराखंड: सीएम पुष्कर सिंह धामी ने आज सीएम आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में गढ़वाली फिल्म रिखुली का शुभारंभ किया। उन्होंने फिल्म से जुड़े कलाकारों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि फिल्में समाज को दिशा देने के साथ ही युवाओं को प्रेरणा देने का भी कार्य करती है। उनका कहना हैं कि उत्तराखण्ड का नैसर्गिक सौंदर्य फिल्मकारों के लिए आकर्षण का केंद्र बना है। राज्य में फिल्मकारों को सुविधा प्रदान करने के लिए उनके हित में कई निर्णय लिए गए हैं। फिल्मांकन के लिए पूरा उत्तराखण्ड एक डेस्टिनेशन है। उन्होंने कहा कि फिल्म रिखुली हमारी लोक परंपराओं और मान्यताओं से युवा पीढ़ी को परिचित कराने का सार्थक प्रयास है। इस अवसर पर सचिव दीपक गैरोला, परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद मुनि, फिल्म निर्देशक जगत किशोर गैरोला, अभिनेता हेमंत पाण्डे, प्रसिद्ध गीतकार नरेंद्र सिंह नेगी, फिल्म से जुड़े विजय वशिष्ठ, दीपक ठाकुर, अंजली नेगी आदि उपस्थित थे।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने लिखा गृह सचिव को पत्र..
उत्तराखंड: शूटिंग के खिलाड़ियो को जल्द ही एक बड़ी खुशखबरी मिलने जा रही है। जिसके तहत शूटिंग खिलाड़ियो को शस्त्र लाइसेंस की सुविधा उपलब्ध होगी। खेल मंत्री रेखा आर्या ने इस संबंध में सचिव गृह और पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखा है। उनका कहना हैं कि अभी तक जो भी शूटिंग से सम्बंधित खिलाड़ी होते हैं उन्हें अभ्यास के लिए शस्त्र लाइसेंस की अनुमति नही मिलती थी। ऐसे में अब उनके द्वारा यह पत्र लिखा गया है। जिसके द्वारा जल्द ही शूटिंग के खिलाड़ियो को शस्त्र लाइसेंस प्राप्त होंगे। बता दें कि पूर्व में शूटिंग स्पोर्टस से जुड़े खिलाड़ियो को अपने अभ्यास के लिए जिस शस्त्र की जरूरत होती थी उसमें उन्हें कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। रेखा आर्य का कहना हैं कि इन सभी कठिनाइयों को मेरे स्तर से जल्द दूर किया जाएगा जिसके लिए मैं प्रयत्नशील हूं।
आपको बता दे कि शूटिंग स्पोटर्स से जुड़े खिलाड़ियों को शूटिंग के अभ्यास के लिए स्वयं के शस्त्र की आवश्यकता होती है। जिसके लिए शस्त्र लाइसेन्स की प्रक्रिया बहुत लंबी है। कई बार राष्ट्रीय एवं अन्तराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों द्वारा अवगत कराया गया है। भारत सरकार द्वारा खिलाड़ियों को उनके खेल से संबंधित राज्य सरकार द्वारा जारी किए जाने वाले शासनादेश में विशेष छूट का प्रावधान किए जाने के निर्देश के बाद भी खेल से जुड़े खिलाड़ियों को शस्त्र लाइसेन्स प्राप्त करने और शस्त्र खरीदने में कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि यह स्थिति शूटिंग के खिलाड़ियों के लिए उचित प्रतीत नहीं होती है। उनके अभ्यास में व्यवधान पड़ता है। ऐसे में मैंने सचिव गृह और पुलिस महानिदेशक को इस संबंध में पत्र लिखा है। जिससे खेल से जुड़े खिलाड़ियों को अनावश्यक परेशानी न हो।
तीन फरवरी को होगी धामी कैबिनेट की बैठक..
उत्तराखंड: धामी कैबिनेट की बैठक तीन फरवरी को आयोजित की जाएगी। बैठक सीएम पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता राज्य सचिवालय के विश्वकर्मा भवन में स्थित वीर चन्द्रसिंह गढ़वाली ’सभागार’ (पंचम तल) देहरादून में होगी| तीन फरवरी को होने वाली कैबिनेट की बैठक में विधानसभा सत्र में पेश होने वाले विधेयकों को मंत्रिमंडल की मंजूरी मिलेगी। बता दें कि तीन फरवरी को होने वाली बैठक में मुख्य रूप से यूसीसी विधेयक को सदन में पेश करने की मंजूरी दी जा सकती है। साथ ही बैठक में आबकारी नीति पर भी चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही कुछ अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। वहीं बैठक में कुछ और प्रस्ताव भी आ सकते हैं।
उत्तराखंड पुलिस विभाग में इन पदों पर निकली भर्ती..
उत्तराखंड: लोक सेवा आयोग ने बंपर भर्ती निकाली है। ये भर्ती गृह विभाग के अंतर्गत एसआई (सब इंस्टपेक्टर) स्तर के लिए निकाली गई है। इस भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। योग्य और इच्छुक उम्मीदवार विभाग की वेबसाइट पर जाकर 20 फरवरी 2024 तक आवेदन कर सकते है। आपको बता दे कि आयोग ने सब इंस्टपेक्टर के 222 पदों पर भर्ती निकाली है, जिसमें नागरिक पुलिस-एलआईयू में एसआई, अग्निशमन में द्वितीय अधिकारी और पीएसी-आरबीआई में गुल्मनायक पद शामिल हैं। उपनिरीक्षक (नागरिक पुलिस एवं अभिसूचना) के 108 पद, गुल्म नायक पुरुष (पीएसी एवं आईआरबी) के 89 पद और द्वितीय अधिकारी महिला और पुरुष (अग्निशमन) के 25 पदों के लिए अर्हता रखने वाले युवा आवेदन कर सकते हैं।
बताया जा रहा है कि एसआई और गुल्मनायक पदों के लिए किसी भी विषय से ग्रेजुएट होना चाहिए। वहीं अग्निशमन में द्वितीय अधिकारी के लिए साइंस साइड से ग्रेजुएशन वाले उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। साथ ही 6 महीने का कंप्यूटर कोर्स होना भी जरूरी है। आयु सीमा की बात करें तो कम से कम 18 और अधिकतम 28 साल होनी चाहिए। अधिकतम आयु सीमा में छूट मिलेगी। परीक्षा के लिए शारीरिक मानक परीक्षा एवं लिखित परीक्षा (वस्तुनिष्ठ) का आयोजन प्रदेश के 13 परीक्षा केद्रों पर किया जाएगा।
बताया जा रहा है कि इस भर्ती में पहले फिजिकल टेस्ट होगा। फिजिकल टेस्ट क्वालिफाइंग होगा। इसमें पास होने वाले उम्मीदवारों को ही लिखित परीक्षा के लिए बुलाया जाएगा। लिखित परीक्षा के प्राप्तांक के आधार पर ही मेरिट बनेगी। एनसीसी के बी व सी सर्टिफिकेट एवं प्रादेशिक सेना में दो वर्ष का अनुभव रखने वालों को प्रेफरेंस मिलेगा। जल्द ही एग्जाम की डेट भी घोषित कर दी जाएगी।
