स्थानीय जनता ने पुलिस थाना गुप्तकाशी का किया घेराव
नजीमाबाद से गौ मांस आने की अफवाहे फैलने पर गुप्तकाशी में लोगों ने जमकर काटा हंगामा
मांस का निरीक्षण करने पर निकला बकरे का मांस
केदारघाटी की जनता ने पुलिस पर लगाये गुपचुप तरीके से कार्यवाही करने के आरोप
रुद्रप्रयाग। केदारनाथ यात्रा के सबसे मुख्य पड़ाव और केदारघाटी के मुख्य बाजार गुप्तकाशी में बाहर से गौ मांस आने की झूठी अफवाहों के बीच जनता ने जमकर बबाल काटा। इस बीच रुद्रप्रयाग से लेकर गुप्तकाशी तक धरना-प्रदर्शन किया, लेकिन बाद में हकीकत कुछ ओर ही निकली। गुप्तकाशी में गौ मांस नहीं, बल्कि बकरे का मांस निकला। एक मांस विक्रेता ने नजीमाबाद से कटा हुआ बकरे का मांस मंगवाया था, लेकिन स्थानीय जनता ने इसे कुछ ओर ही समझ दिया और जमकर प्रदर्शन किया। बाद में पुलिस ने किसी तरह से मामला शांत करवाया।
केदारघाटी के मुख्य बाजार और केदारनाथ यात्रा के मुख्य पड़ाव गुप्तकाशी में कल देर सांय नजीमाबाद से गौ मांस आने की अफवाहे फैल गई। इस बीच आज गुप्तकाशी के व्यापारियों ने बाजार को बंद रखते हुये बाजार और थाने में प्रदर्शन किया। इतना ही नहीं पूरे जिले में इसके विरोध में प्रदर्शन होने लगा। आज सुबह पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पशु चिकित्सक से मांस का निरीक्षण करवाया। निरीक्षण के दौरान पता चला कि यह मांस गौ का नहीं, बल्कि बकरे का है। अब केदारघाटी की आक्रोशित जनता पुलिस पर ही आरोप लगा रही है। घाटी के जिला पंचायत सदस्य गणेश तिवाड़ी, कनिष्ठ प्रमुख शैलेन्द्र कोटवाल, वरिष्ठ नेता हिन्दू सेवा संगठन भरत सिंह रावत, कुंवर सिंह का कहना है कि पुलिस ने क्या कार्यवाही की। इसका कुछ पता नहीं है। अगर पुलिस ने कुछ कार्यवाही की है तो उसका उजागर सबके सामने होना चाहिएए। पुलिस भी मांस विक्रेताओं के साथ मिली हुई है। इधर, पुलिस उपाधीक्षक प्रबोध घिल्डियाल ने कहा कि एक मांस विक्रेता ने नजीमाबाद से मछली और बकरी का कटा हुआ मांस यहां मंगवाया था।
जनता ने थाने में पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई थी। आइस बाॅक्स में बीस किलो से अधिक मांस था। इसका पशु चिकित्सक की ओर से निरीक्षण किया गया तो वह बकरे का निकला। कटे हुये मांस से लोगों की तबियत खराब हो जाती, इसलिए इसको नष्ट किया गया। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने गलत अफवाह फैलाई कि यह गौ का मांस था, जबकि वह बकरे का ही मांस था। उन्होंने कहा कि गलत अफवाह फैलाने वालों पर कार्यवाही की जाएगी। साथ ही उन्होंने सभी लोगों से अफवाह पर विश्वास ना करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह केदारघाटी भगवान केदारनाथ की भूमि है। यहां इस प्रकार के कृत्यों को नहीं होने दिया जायेगा। इसके खिलाफ पुलिस प्रशासन भी खड़ा है। यदि ऐसा कभी भविष्य में किया गया तो पुलिस प्रशासन उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही करेगा।
उत्तराखंड के इस विभाग में हुए बंपर तबादले, देखें किसे मिली कौन-सी जिम्मेदारी…
उत्तराखंड: शिक्षा विभाग से जुड़ी बड़ी अपडेट आ रही है। बताया जा रहा है शासन ने विभाग में अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बड़ा फेरबदल किया है, जिसके आदेश जारी कर दिए गए है। ये आदेश शिक्षा सचिव की तरफ से जारी किए गए हैं, देखें किसे मिली कौन-सी जिम्मेदारी..
1- अपर राज्य परियोजना निदेशक मुकुल कुमार सती को संयुक्त शिक्षा निदेशक माध्यमिक शिक्षा की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है।
2- राज्य परियोजना निदेशक डॉ मुकुल सती को संयुक्त शिक्षा निदेशक की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई हैं।
3- प्रभारी मुख्य शिक्षा अधिकारी हरिद्वार कमलेश कुमार गुप्ता को इसके अतिरिक्त रुड़की में प्रभारी प्राचार्य की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
4- अपर शिक्षा निदेशक माध्यमिक की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं महावीर बिष्ट को अपर शिक्षा निदेशक माध्यमिक की भी अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है।
5- प्रभारी मुख्य शिक्षा अधिकारी चंपावत जितेंद्र सक्सेना को समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत उप राज्य परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा की जिम्मेदारी दी गई है।
6- उपनिदेशक प्रभारी प्राचार्य डायट रुड़की दिनेश लाल को उपनिदेशक एससीईआरटी की जिम्मेदारी दी गई है।
7- धनवीर सिंह को उप शिक्षा अधिकारी जाखणी धार को उप शिक्षा अधिकारी लक्सर हरिद्वार के पद पर संबंधित किए जाने के आदेश किए गए हैं।
देहरादून से यूपी और दिल्ली का सफर हुआ मंहगा..
उत्तराखंड: अगर आप बस का सफर करते है तो आपको झटका लगने वाला है। परिवहन विभाग की बसों में सफर महंगा हो गया। बताया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से वाहनों का किराया बढ़ाने से उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों में भी सफर महंगा हो गया है। अब यूपी और दिल्ली के सफर के लिए ज्यादा किराया देना होगा । मंगलवार से 13 ऐसे रूटों पर किराये में पांच रुपये से लेकर 60 रुपये तक की बढ़ोतरी लागू कर दी है।
आपको बता दे कि उत्तर प्रदेश सरकार ने बसों के किराये में न्यूनतम 25 पैसे प्रति किमी की वृद्धि की है। जिससे उत्तर प्रदेश के सीमाक्षेत्र में उत्तराखंड ने भी परिवहन निगम की बसों का किराया बढ़ा दिया है। उत्तराखंड की बसें उत्तर प्रदेश के कई शहरों के लिए संचालित होती हैं। इसके साथ उत्तराखंड की बसें उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद, कानपुर, लखनऊ, आगरा, सहारनपुर, अलीगढ़ भी जाती हैं।उत्तराखंड परिवहन निगम की बसें उत्तर प्रदेश की सीमा में जितने किलोमीटर चलेंगी, उसी हिसाब से किराया अधिक देना होगा।
रूट पुराना किराया नया किराया
देहरादून से दिल्ली 375 420
देहरादून से रुड़की 115 120
देहरादून से सहारनपुर 100 110
ऋषिकेश से दिल्ली 380 420
हरिद्वार से दिल्ली 330 365
हल्द्वानी से दिल्ली 390 450
हल्द्वानी से देहरादून 500 530
कोटद्वार से दिल्ली 290 345
पिथौरागढ़ से दिल्ली 850 905
पिथौरागढ़ से देहरादून 955 985
रामनगर से दिल्ली 350 400
कोटद्वार से देहरादून 240 255
टनकपुर से दिल्ली 515 575
सड़क हादसों की रोकथाम और बचाव जरूरी: हर्षवर्द्धनी..
रुद्रप्रयाग। आपदा प्रबन्धन, विद्यालय एवं सड़क सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत पुलिस ने शिक्षकों के बीच पहुंचकर सड़क सुरक्षा, यातायात प्रबन्धन एवं साइबर अपराध के प्रति जागरूक किया। साथ ही शिक्षकों को अपने विद्यालयों में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं को जागरूक करने की अपील की।
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान रुद्रप्रयाग में आयोजित कार्यक्रम में पुलिस उपाधीक्षक ऑपरेशन्स एवं यातायात हर्षवर्द्धनी सुमन ने बताया कि सड़क सुरक्षा से तात्पर्य है कि सभी सड़क सुरक्षा उपायों का प्रयोग करके सड़क हादसों की रोकथाम और बचाव किया जाना है। सभी को वाहन संचालन करते समय या पैदल चलते वक्त दूसरों का सम्मान करना चाहिए। कहा कि सड़क सुरक्षा एवं यातायात प्रबन्धन के उपाय जैसे सड़क की स्थिति के अनुसार सुरक्षित ढंग से वाहन का संचालन, वाहन लाईटों और हॉर्न का प्रयोग, सीट बेल्ट का पहनना, वाहन पर लगे शीशों का सही प्रयोग, निर्धारित गति सीमा में ही अपने वाहन को चलाना, मोड़ों पर हार्न का प्रयोग करना है, ताकि स्वयं व दूसरों के जीवन को संकट मे आने से बचाया जा सके।
कहा कि साइबर अपराध वर्तमान दौर में सबसे अधिक होने वाला अपराध है। सरल भाषा में जानकारी दी गई कि हम आप सब लोग इतनी मेहनत करते हैं, तब जाकर उसका मेहनताना मिलता है। फिर क्यों कोई बिना कुछ किए ही किसी को पैसे देगा। इसके लिए न केवल ऐसी परिस्थितियों में सतर्क रहना है, बल्कि औरों को भी जागरुक करना है। साइबर अपराध हो जाने की दशा में तुरन्त साइबर अपराध हेल्पलाइन नम्बर 1930 पर कॉल किए जाने के बारे में अवगत कराया। इस अवसर पर डायट प्राचार्य एवं मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद सिमल्टी, जिला कोर्डिनेटर आनंद सिंह जगवाण सहित अन्य शिक्षक उपस्थित थे।
अगले आदेशों तक इनसे नहीं लिया जाएगा लोन..
उत्तराखंड: धामी सरकार के सहकारिता मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने जोशीमठ आपदा को देखते हुए प्रभावितों को बड़ी राहत दी है। उन्होंने अगले आदेशों तक जोशीमठ प्रभावितों से ऋण कि किश्त नहीं लेने के साथ ही अधिकारियों को कई आदेश दिए है। आपको बता दे कि देहरादून के UKCDP सभागार में सहकारिता मंत्री डॉ धन सिंह रावत की अध्यक्षता में कई एजेण्डा बिन्दुओं पर समीक्षा बैठक हुई । बैठक में सहकारिता विभाग के स्टाफिंग पैटर्न की अद्यतन स्थिति की समीक्षा के साथ ही सहकारी समितियों में स्टाफिंग पैटर्न की अद्यतन स्थिति पर भी समीक्षा हुई ।इसके साथ ही जोशीमठ के आपदा पीड़ितों को लेकर बड़ा फैसला हुआ। मंत्री रावत ने निर्देश दिए कि जोशीमठ प्रभावितों में अगर किसी ने भी सहकारिता बैंक से ऋण लिया हैं तो अगले आदेशों तक उनसे ऋण कि किश्त नहीं ली जाएगी। ज़ब उनकी स्थिति ठीक हो जाएगी तब लोन का पैसा लिया जाएगा। मुख्य रूप से बैठक में सहकारिता विभाग की वित्तीय और भौतिक प्रगति की समीक्षा की गई। इसके साथ ही समितियों के वन टाइम सेटलमेंट की भी समीक्षा हुई।
उत्तराखंड में इन 1500 पदों पर भर्ती के लिए आज लास्ट डेट..
उत्तराखंड: प्रदेश में नर्सिंग की सरकारी नौकरी के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए जरूरी खबर हैं। उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड (यूकेएमएसएसबी) द्वारा आयोजित की जाने वाली नर्सिंग अधिकारी परीक्षा 2023 के लिए आवेदन करने के लिए आज लास्ट डेट हैं। इच्छुक उम्मीदवारों बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट, http://ukmssb.co.inपर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
आपको बता दे कि उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड ने नर्सिंग अधिकारी के 1564 पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। इसके लिए 1 फरवरी शाम पांच बजे तक आवेदन किया जा सकता है। कुल 1564 पदों में से 1152 पद महिला अधिकारी के होंगे, जबकि 412 पद पुरुष अधिकारी के होंगे। 1152 पदों में 70 प्रतिशत यानी 623 पद डिप्लोमा धारियों के लिए और 30 प्रतिशत यानी 529 पद डिग्री धारकों के लिए होंगे।
इसी प्रकार, पुरुषों के 412 में से 70 प्रतिशत यानी 281 पद डिप्लोमा धारकों व 30 प्रतिशत यानी 131 पद डिग्री धारकों के लिए होंगे। आवेदन http://www.ukmssb.org/ पर कर सकते हैं। केवल वही उम्मीदवार आवेदन कर सकेंगे, जिनके पास उत्तराखंड का स्थायी निवास प्रमाण पत्र होगा। आवेदन के दौरान उम्मीदवारों को 300 रुपये के शुल्क का भुगतान ऑनलाइन माध्यमों से करना होगा। हालांकि, राज्य के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों, एससी, एसटी और दिव्यांगों के लिए शुल्क 150 रुपये ही है।
माइकल जैक्सन की बायोपिक के मुख्य अभिनेता का एलान..
जाफर निभाएंगे किंग ऑफ पॉप की भूमिका..
देश-विदेश: अपने गानों पर पूरी दुनिया को नचाने वाले मशहूर पॉप गायक माइकल जैक्सन को किसी भी परिचय की जरूरत नहीं है। डांसिंग और सिंगिंग के सरताज रहे जैक्सन को दुनिया उनके गुणों के कारण आए दिन याद करती है। ऐसे में अगर आपको बता दिया जाए कि इस महान शख्सियत की जिंदगी को बड़े पर्दे तक लाने की तैयारी की जा रही है, तो हमें यकीन है कि आपके चेहरे खिल उठेंगे। जी हां, माइकल जैक्सन के जीवन पर फिल्म बनने जा रही है और अब माइकल की इस बायोपिक में उनकी भूमिका निभाने वाले मुख्य अभिनेता के नाम का भी खुलासा हो गया है।
आपको बता दे कि ‘किंग ऑफ पॉप’ कहे जाने वाले माइकल जैक्सन की भूमिका और कोई नहीं बल्कि उनके 26 वर्षीय भतीजे, जाफर जैक्सन निभाएंगे। एंटोनी फुक्वा द्वारा निर्देशित इस बायोपिक ‘माइकल’ में किंग ऑफ पॉप की भूमिका के लिए जाफर जैक्सन को चुना गया है। लायंस गेट ने सोमवार को माइकल जैक्सन की कास्टिंग की घोषणा की। आपको बता दें, ‘माइकल’ का निर्माण ग्राहम किंग द्वारा किया जा रहा है।
ग्राहम किंग ने जाफर के बारे में बयान देते हुए कहा, ‘मैं दो साल पहले जाफर से मिला था और जिस तरह से उन्होंने माइकल के व्यक्तित्व को व्यवस्थित रूप से व्यक्त किया है, उससे मैं प्रभावित हो गया हूं। यह इतना शक्तिशाली था कि दुनिया भर में खोज करने के बाद भी, यह स्पष्ट था कि वह इस भूमिका को निभाने वाले एकमात्र व्यक्ति हैं।’ इंस्टाग्राम पर एलान करते हुए जाफर की एक ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीर साझा की है, जिसमें वह अपने किरदार में पूरी तरह खोए नजर आ रहे हैं। वहीं जाफर जैक्सन ने अपने ट्विटर हैंडल पर अपने अंकल की भूमिका निभाने के लिए आभार व्यक्त किया और लिखा, ‘ मैं मेरे अंकल माइकल की जीवन की कहानी को पर्दे पर लाने के लिए विनम्र और सम्मानित महसूस कर रहा हूं। मैं आपसे जल्द ही मिलूंगा।
आयोग ने जारी किया बड़ा आदेश, आज होगी इन मुद्दों को लेकर बड़ी बैठक..
उत्तराखंड: लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष के आदेशानुसार निम्न महत्वपूर्ण व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया गया। आयोग में समस्त गोपनीय / अतिगोपनीय अनुभागों की सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता किये जाने के दृष्टिगत उन्हें केन्द्रीकृत स्थल पर ले जाने का निर्णय लिया जा चुका है । अब उक्त स्थल पर केवल अधिकृत व्यक्ति को ही द्विस्तरीय सुरक्षा जाँच के पश्चात् प्रवेश दिया जाएगा, जिसमें Frisking , फिजीकल स्कैनिंग , बॉयोमैट्रिक वैरीफिकेशन एवं चौबीस घण्टे सशस्त्र सुरक्षागार्ड की तैनाती आदि शामिल है । उपरोक्त परिसर में कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए द्वार पर ही क्लॉक रूम स्थापित करते हुए उसमें लौकर उपलब्ध कराए जाएं ।
उक्त स्थल पर अनुभागों को स्थापित करने के लिए कार्यदायी संस्था से अतिशीघ्र कार्य कराया जाए तथा गोपनीय कार्यों यथा- प्रश्नपत्रों का निर्माण , उत्तरपुस्तिकाओं एवं ओएमआर का भण्डारण उनका मूल्यांकन , ओएमआर स्कैनिंग आदि के लिए वहीं समस्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाए । आयोग के गोपनीय अनुभागों की दिनांक 31 जनवरी , 2023 को होने वाली सिक्योरिटी ऑडिट / सुरक्षा समीक्षा हेतु सचिव परीक्षा नियन्त्रक एवं प्रोग्रामर आई.टी. सैल आयोग की ओर से प्रतिभाग करेंगे । गोपनीय / अतिगोपनीय अनुभागों में विषय विशेषज्ञों द्वारा इण्टरनेट एक्सेस उनके द्वारा केवल सर्व किये जाने तक ही सीमित रखा जाए ।
हॉटस्पॉट डिस्सेबिल एवं इण्टरनेट के माध्यम से कोई भी सामग्री उक्त अनुभागों से बाहर न भेजी जा सके . इस हेतु आवश्यक प्रबन्ध किये जाएं विषय विशेषज्ञों हेतु ई – लाईब्रेरी एवं वांछित पुस्तकों की व्यवस्था अनुभाग में ही प्रदान की जाए । सभी आवश्यक प्रक्रियाएं / व्यवस्थाएं जैसे सीसीटीवी कैमरे का संचालन , सीसीटीवी रिकॉर्डिंग का डाटा सुरक्षित रखा जाना द्विस्तीय जाँच सुरक्षा चक्र आदि सही प्रकार से निरन्तर संचालित हो रहे हैं ।
इस हेतु चैकलिस्ट तैयार की जाए तथा साप्ताहिक आधार पर क्रियान्वयन रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए गोपनीय अनुभागों की सीसीटीवी कैमरे की मॉनिटरिंग परीक्षा नियन्त्रक एवं अन्य अनुभागों की मॉनिटरिंग सचिव द्वारा सुनिश्चित की जाएगी । आयोग के प्रवेश द्वार पर रखी गई विजीटर बुक एवं फोन कॉल विवरण का समय – समय पर निरीक्षण किया जाए । विभिन्न परीक्षाओं के गोपनीय प्रश्न बैंक एवं प्रश्न – पत्र की सुरक्षा सुनिश्चित किये जाने हेतु डबल लोक व्यवस्था लागू की जा चुकी है ।
चैंपियन बनने के बाद फूट-फूट कर रोईं कप्तान शेफाली वर्मा..
देश-विदेश: भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने दक्षिण अफ्रीका में आयोजित पहले अंडर-19 टी20 विश्व कप को अपने नाम कर लिया है। उसने रविवार (29 जनवरी) को खेले गए खिताबी मुकाबले में इंग्लैंड को हरा दिया। इस जीत के बाद कप्तान शेफाली वर्मा भावुक हो गईं और वह अपने आंसुओं को नहीं रोक पाईं। आईसीसी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर दो वीडियो शेयर किए हैं। एक वीडियो में शेफाली रोती हुई नजर आईं। भारतीय कप्तान को अपने आंसुओं को नियंत्रित करने के लिए संघर्ष करना पड़ा।
आपको बता दे कि फाइनल में टीम इंडिया ने इंग्लैंड को सात विकेट से हरा दिया। यह महिला अंडर-19 टी20 विश्व कप का पहला संस्करण था और भारत ने जीतकर इतिहास रच दिया। पहले बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड की पूरी टीम 68 रन पर सिमट गई। जवाब में भारत ने 14 ओवर में तीन विकेट गंवाकर लक्ष्य हासिल कर लिया।
शेफाली ने फाइनल जीतने के बाद क्या कहा?
शेफाली ने किसी तरह अपनी आंसुओं को रोकते हुए कहा, ”जिस तरह से सभी लड़कियां प्रदर्शन कर रही हैं और एक-दूसरे का समर्थन कर रही हैं, उससे मैं बहुत खुश हूं। सपोर्ट स्टाफ का धन्यवाद। उन्होंने हर दिन हमारा समर्थन किया। उन्होंने हमें बताया कि हम कप जीतने के लिए यहां हैं और उनकी वजह से हम जीतने में सफल रहे। खिलाड़ियों ने मेरा बहुत समर्थन किया।”
सरकार के बीबीसी डॉक्यूमेंट्री बैन करने के फैसले पर होगी ‘सुप्रीम’ सुनवाई..
देश-विदेश: गुजरात दंगों पर बीबीसी डॉक्यूमेंट्री बैन पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई के लिए तैयार हो गया है। कोर्ट इस मामले पर छह फरवरी को सुनवाई करेगा। बता दें, याचिकाकर्ता एमएल शर्मा ने सोमवार को मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष मामले की जल्द सुनवाई की अपील की। इसके बाद कोर्ट ने इसे सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया। अधिवक्ता एमएल शर्मा ने अपनी जनहित याचिका में एक संवैधानिक सवाल उठाया है। उन्होंने याचिका में शीर्ष अदालत से यह तय करने का आग्रह किया है कि संविधान के अनुच्छेद 19 (1) और (2) के तहत नागरिकों को 2002 के गुजरात दंगों पर समाचार, तथ्य और रिपोर्ट देखने का अधिकार है या नहीं।
याचिकाकर्ता ने पूछे दो सवाल..
आपको बता दे कि याचिका में उन्होंने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के 21 जनवरी, 2023 के बीबीसी डॉक्यूमेंट्री को बैन करने के आदेश को अवैध, दुर्भावनापूर्ण, मनमाना और असंवैधानिक बताया है। साथ ही इसे रद्द करने का निर्देश देने की मांग की है। उनकी याचिका में कहा गया है कि क्या केंद्र सरकार प्रेस की स्वतंत्रता पर अंकुश लगा सकती है जो कि संविधान के अनुच्छेद 19 (1) (2) के तहत गारंटीकृत मौलिक अधिकार है।
साथ ही इसमें यह भी कहा गया है कि ‘क्या राष्ट्रपति द्वारा भारत के संविधान के अनुच्छेद 352 के तहत आपातकाल घोषित किए बिना, केंद्र सरकार द्वारा आपातकालीन प्रावधानों को लागू किया जा सकता है?’ वरिष्ठ अधिवक्ता ने दावा किया है कि बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री में ‘रिकॉर्डेड तथ्य’ हैं। इन तथ्यों को पीड़ितों के लिए न्याय के कारण को आगे बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
21 जनवरी को केंद्र ने लगाया था बैन..
बता दें कि 21 जनवरी को केंद्र सरकार ने विवादास्पद बीबीसी डॉक्यूमेंट्री “इंडिया: द मोदी क्वेश्चन” को देश में प्रतिबंधित कर दिया था। हालांकि, कई शिक्षण संस्थानों में छात्र संगठनों ने डॉक्यूमेंट्री के प्रदर्शन को लेकर हंगामा किया है, जिस पर विवाद की स्थिति भी पैदा हुई है।
