सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर रील नहीं बना पाएंगे पुलिस वाले, नहीं माने तो होगी सख्त कार्रवाई..
उत्तराखंड: फेसबुक, इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर आए दिन पुलिसकर्मियों की रील और वीडियो देखने को मिल जातें है। कई बार तो वीडियो देखने में खूब मजेदार लगती है। लेकिन कई बार वर्दी में रील देखने से आरोप लगते हैं कि पुलिस की छवि धूमिल की जा रही है। ऐसे में उत्तराखंड पुलिस ने पुलिसकर्मियों के लिए इंटरनेट मीडिया नीति तैयार कर ली है। आपको बता दे कि इस नीति के तहत कुल 41 तरह के क्रियाकलापों पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। कोई भी पुलिसकर्मी अब वर्दी, सरकारी वाहन या दफ्तर में सोशल मीडिया के लिए रील या फोटो नहीं बना सकेगा। इसके साथ ही पुलिसकर्मियों के लिए पांच क्रियाकलापों को शर्त के साथ छूट प्रदान की गई है। इसके लिए डीजीपी अभिनव कुमार ने दिशा निर्देश जारी किए हैं।
नियमों का पालन न करने पर होगी कार्रवाई..
पुलिस के मुख्य प्रवक्ता डॉ. निलेश आनंद भरणे का कहना हैं कि बीते कुछ समय से देखने में आ रहा था कि पुलिसकर्मी वर्दी में सोशल मीडिया पर वीडियो प्रसारित कर रहे हैं। इसके साथ ही बहुत से प्लेटफार्म पर सरकारी आदेशों को भी हूबहू प्रसारित किया जा रहा था। जिसे देखते हुए पुलिस कर्मियों के लिए इंटरनेट मीडिया नीति बनाई गई है। नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाही की जाएगी।
सुरक्षा और साइबर सिक्योरिटी के लिए दिए हैं सुझाव..
इंटरनेट मीडिया नीति में देश में प्रचलित कई नियमों का भी हवाला दिया गया है। इसके साथ ही ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट की ओर से निर्धारित दिशा निर्देशों को भी इस नीति में शामिल किया गया है। नई नीति में इंटरनेट मीडिया अकाउंट की सुरक्षा और साइबर सिक्योरिटी के लिए सुझाव भी दिए गए हैं। बता दें बहुत से पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के यूट्यूब चैनल हैं। जिससे वह अच्छी खासी कमाई भी कर लेते हैं। इस नीति के अनुसार कोई भी पुलिसकर्मी इस तरह के चैनल या क्रियाकलापों से आय प्राप्त नहीं कर पाएंगे। यदि ऐसा जरुरी भी है तो इसके लिए किसी सक्षम अधिकारी से अनुमति लेनी होगी।
ये हैं प्रतिबंधित गतिविधियां
ड्यूटी के बाद वर्दी पहने किसी भी प्रकार की ऐसी वीडियो जिससे पुलिस की छवि धूमिल होती हो, इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म पर अपलोड किया जाना प्रतिबंधित रहेगा।
सरकारी कार्य के दौरान अपने कार्यालय व कार्यस्थल पर वर्दी में वीडियो व रील बनाने और किसी भी कार्मिक की ओर से अपने व्यक्तिगत इंटरनेट मीडिया के प्लेटफार्म पर लाइव टेलीकास्ट प्रतिबंधित होगा।
कार्यस्थल से संबंधित किसी वीडियो के जरिए शिकायतकर्ता के संवाद का लाइव टेलीकास्ट या वीडियो इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म पर प्रसारित करना भी प्रतिबंधित होगा।
थाना, पुलिस लाइन, कार्यालय के निरीक्षण, पुलिस ड्रिल व फायरिंग में भाग लेने का लाइव टेलीकास्ट और कार्रवाई से संबंधित वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित नहीं किए जाएंगे।
पुलिसकर्मी की ओर से सरकारी और व्यक्तिगत इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म पर किसी प्रकार की कोचिंग, लेक्चर, लाइव प्रसारण, चेट इत्यादि में आमंत्रित किए जाने पर उसमें भाग लेने से पहले अपने वरिष्ठ अधिकारी को सूचित कर अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य होगा।
इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म से किसी भी व्यक्तिगत, व्यवसायिक कंपनी या उत्पाद व सेवा का प्रचार-प्रसार किया जाना प्रतिबंधित किया गया है।
किसी भी गोपनीय सरकारी दस्तावेज, हस्ताक्षरित रिपोर्ट या पीड़ित के प्रार्थनापत्र को सरकारी या व्यक्तिगत इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म पर नहीं डाला जाएगा।
पुलिस कार्मिकों की ओर से ऐसी कोई जानकारी साझा नहीं की जाएगी, जो उन्हें अपनी विभागीय नियुक्ति के कारण प्राप्त हुई हो।
किसी भी गोपनीय सरकारी दस्तावेज, हस्ताक्षरित रिपोर्ट या पीड़ित के प्रार्थनापत्र को सरकारी या व्यक्तिगत इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म पर नहीं डाला जाएगा।
किसी भी यौन शोषित पीड़िता या किशोर व किशोरी और विधि विवादित किशोर (जुवेनाइल आफेन्डर्स) की पहचान या नाम व अन्य संबंधित विवरण सरकारी और व्यक्तिगत इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म पर उजागर नहीं किया जाएगा।
पुलिस के ‘सराहनीय कार्य’ से संबंधित पोस्ट में आरोपियों की फोटो व वीडियो सरकारी और व्यक्तिगत इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म पर ब्लर करने के बाद ही प्रसारित होगी।
जिन आरोपियों की शिनाख्त परेड बाकी है उनका चेहरा इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित नहीं होगा।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्राप्त पोस्ट, फोटो, वीडियो को बिना सत्यापन के फॉरवर्ड नहीं किया जाएगा।
पुलिस कर्मियों द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर किसी भी व्यक्ति को ट्रोल या बुली नहीं किया जाएगा।
सरकारी और व्यक्तिगत सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर पुलिस कार्मिकों द्वारा मित्रों का चयन करते समय सतर्कता बरतना अपेक्षित है। पुलिसकर्मी ऐसे किसी व्यक्ति को मित्र न बनाए या फॉलो न करें जो असामाजिक और आपराधिक गतिविधियों में लिप्त हो।
पुलिसकर्मियों द्वारा गश्त या वाहन चैकिंग के दौरान मौके पर मोबाइल से फोटो या वीडियो लेते समय Geo Tagging के विकल्प को बंद रखा जाएगा।
बाल श्रम और बाल विवाह से मुक्ति को लेकर बनेगा राज्यस्तरीय रिसोर्स सेंटर, समिति की गई गठित..
उत्तराखंड: मिशन शक्ति योजना के साथ मिशन सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0 योजना की समीक्षा एवं अनुश्रवण के लिए राज्यस्तरीय मूल्यांकन एवं अनुश्रवण समिति का गठन कर दिया गया है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित इस समिति में 24 सदस्य हैं। सरकार ने बाल श्रम एवं और बाल विवाह से मुक्ति के लिए राज्यस्तरीय रिसोर्स सेंटर बनाने का भी निर्णय लिया है। मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधु ने इन संबंध में आदेश जारी किए। राज्यस्तरीय मूल्यांकन एवं अनुश्रवण समिति में गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव, न्याय एवं विधि परामर्शी विभाग, वित्त विभाग, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, शिक्षा, युवा कल्याण एवं खेल, पंचायती राज ग्राम्य विकास, कौशल विकास, आवास एवं शहरी विकास, श्रम विभाग, पेयजल, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति उपभोक्ता, समाज कल्याण, कृषि के प्रमुख सचिव या सचिव सदस्य होंगे।
गजेंद्र नौटियाल को बनाया गया सदस्य..
इनके साथ ही डीन गो.ब.पंत विवि के होम साइंस के नामित प्रतिनिधि, निदेशक महिला कल्याण, निदेशक महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास, मिशन निदेशक एनआरएचएम, निपसिड के प्रतिनिधि, पर्वतीय बाल मंच की प्रतिनिधि अदिति पी कौर व बचपन बचाओ आंदोलन के राज्य समन्वयक गजेंद्र नौटियाल को सदस्य बनाया गया है। प्रमुख सचिव महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग समिति के सदस्य सचिव होंगे।
समिति बाल श्रम, बाल विवाह, स्कूल ड्रॉप आउट, बालिका सुरक्षा विषय पर विभागों व जिलाधिकारियों के साथ नियमित समीक्षा करेगी। बचपन बचाओ आंदोलन के साथ मिलकर बाल श्रम एवं बाल विवाह से बच्चों की मुक्ति एवं संरक्षण के लिए राज्यस्तरीय रिसोर्स सेंटर भी स्थापित होगा। यह सेंटर राज्य, जिले, ब्लाॅक व ग्राम स्तर पर बाल संरक्षण से संबंधित योजनाओं एवं मुद्दों पर सहायता उपलब्ध कराएगा।
छह महीने के अंदर होंगे निकाय चुनाव, हाईकोर्ट में पेश हुए शहरी विकास सचिव ने दी जानकारी..
उत्तराखंड: मंगलवार को नैनीताल हाईकोर्ट में उत्तराखंड के शहरी विकास सचिव नितिन भदौरिया पेश हुए। उन्होंने हाईकोर्ट को कहा कि छह महीने में प्रदेश में नगर निकायों का चुनाव करा लिए जाएंगे। प्रदेश में अगले छह महीने के अंदर स्थानीय निकाय चुनाव करवा लिए जाएंगे। मंगलवार को हाईकोर्ट में शहरी विकास सचिव नितिन भदौरिया ने कोर्ट को इस बारे में आश्वस्त किया। कोर्ट ने सचिव के बयान रिकॉर्ड कर दोनों याचिकाओं को लंबित रखा है। राज्य में समय पर निकाय चुनाव न कराए जाने पर दायर अलग-अलग जनहित याचिकाओं पर मंगलवार को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी एवं न्यायमूर्ति विवेक भारती शर्मा की खंडपीठ ने सुनवाई की। मामले की अगली सुनवाई 16 अप्रैल को होगी।
राज्य सरकार ने हाईकोर्ट को बताया कि निकाय चुनावों को कराने की प्रक्रिया को भी शुरू कर दिया गया है। इसके साथ ही आरक्षण तय करने के लिए एक सदस्यीय न्यायिक आयोग का गठन भी किया गया है। आपको बता दें कि जसपुर निवासी मो. अनीश और नैनीताल निवासी राजीव लोचन साह ने समय पर निकाय चुनाव ना होने पर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी। जिसमें उन्होंने कहा था कि कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी सरकार निकायों का चुनाव कार्यक्रम घोषित नहीं कर रही है।
‘मेरा गांव मेरी सड़क योजना’ के तहत ग्राम्य विकास मंत्री ने दी 24 सड़कों को मंजूरी..
उत्तराखंड: ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने प्रदेश के कई जिलों में ‘मेरा गांव मेरी सड़क योजना’ के तहत 24 सड़कों को स्वीकृति दी है। बता दें इससे पहले इस वित्तीय वर्ष में इस योजना में 37 सड़क मार्ग स्वीकृत किए जा चुके हैं। जिसे सम्मिलित करते हुए इस वित्तीय वर्ष में अब तक 61 गांव को सड़क मार्ग से जोड़े जाने की मंजूरी दी जा चुकी है।
आपको बता दे कि विगत वर्ष इस योजना में 49 गांव के लिए सड़कें स्वीकृत की गयी थीं। जिन पर कार्य शुरू किया जा चुका है। ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि लोक निर्माण विभाग और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की परिधि से बाहर सम्पर्कविहीन गांवों को सड़क से जोड़ने की दिशा में सीएम धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार ग्रामीण अंचलों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।
इन सड़कों के बनने से ग्रामीणों को हर मौसम में बेहतर यातायात की सुविधा मिलेगी। ‘मेरा गांव मेरी सड़क योजना’ में मुख्य सड़क से एक किमी की दूरी पर स्थित संपर्क विहीन गांवों की सभी मौसम की सम्पर्कता के लिए सड़क बनाई जाती है। इस योजना से ग्रामीणों को सभी मौसम में आवागमन के लिए संपर्क मार्ग उपलब्ध होने के साथ-साथ स्थानीय उपज को बाजार तक लाने की सुविधा होगी।
उत्तराखंड के इन जिलों में लगने वाले हैं रोजगार मेला..
उत्तराखंड: बागेश्वर में रोजगार मेला लगने वाला है। अगर आप भी नौकरी की तालाश कर रहे है। तो ये आपके लिए अच्छा मौका है। बताया जा रहा है कि जिला सेवायोजन अधिकारी कार्यालय द्वारा 18 जनवरी को रोजगार मेले का आयोजन होने वाला है। वहीं सुरक्षा जवान और सुरक्षा अधिकारी का भर्ती के लिए पिथौरागढ़ में रोजगार मेला लगेगा।
बता दे कि बागेश्वर में विशाल रोजगार मेले का आयोजन होने वाला है। बताया जा रहा है कि इस मेले में कई पदों पर सीधी भर्ती की जाएगी। मेले में टैक्नोसीम टेनिंग सर्विसेज मारूति कंपनी के प्रतिनिधि साक्षात्कार लेंगे। चयनित अभ्यर्थियों का दो वर्षीय सीटीएस कोर्स कराया जाएगा तथा इस दौरान आवश्यक सुविधा प्रदान की जाएगी। इस मेले में प्रतिभाग करने के लिए इच्छुक अभ्यर्थियों को अपने समस्त शैक्षिक योग्यता प्रमाण पत्र, स्थायी निवास प्रमाण पत्र, 4 पासपोर्ट साइज फोटो तथा बायोडाटा के साथ उपस्थित होना होगा हैं। अधिक जानकारी के लिए मोबाइल नंबर 7465964718 पर संपर्क कर सकते हैं।
वहीं दूसरी ओर सिक्योरिटी एण्ड इंटेलिजेंस सर्विसेज इण्डिया लि०, देहरादून द्वारा जनपद पिथौरागढ़ के समस्त विकास खण्ड स्तर पर सुरक्षा जवान और सुरक्षा अधिकारी की भर्ती शिविर कार्यकम आयोजित किये जायेंगें। जिसमें पुरूष अभ्यर्थी ही पात्र होगें। अभ्यर्थी की शैक्षिक योग्यता सुरक्षा जवान हेतु 10वीं फेल / पास हों, आयु 21 से 36 वर्ष तथा सुरक्षा अधिकारी हेतु इण्टर/ स्नातक, आयु 21 से 36 वर्ष एवं लम्बाई 168 से 170 सेमी० तथा वजन 56 कि०ग्रा० होने के साथ ही शारीरिक रूप से स्वस्थ होना चाहिये।
चयनित अभ्यर्थियों को सुरक्षा जवान हेतु 15,000.00 से 18000.00 रूपये तथा सुरक्षा अधिकारी हेतु 18000.00 से 25000.00 रूपये मानदेय सहित पी०एफ, ग्रैचुइटी, इ०एस०आई० द्वारा मेडिकल सुविधा, रहना खाना आदि सुविधा दी जायेगी। प्रशिक्षण स्थल देहरादून पर अपनी उपस्थिति देने के उपरान्त इच्छुक चयनित अभ्यर्थियों से कम्पनी द्वारा प्रशिक्षण हेतु रू0 500.00 Prospectus Fee तथा रू0 13500.00 शुल्क लिया जायेगा। जिसमें उन्हें कैन्टीन, यूनिफॉर्म, बोर्डिंग एवं लॉजिग आदि सुविधा अनुमन्य होगी। इस संबंध में कोई मार्ग व्यय देय नहीं होगा। इच्छुक अभ्यर्थियों को अपने साथ शैक्षिक योग्यता के मूल प्रमाण पत्र, आधार कार्ड तथा उनकी छायाप्रति एवं एक पासपोर्ट साइज फोटो लाना अनिवार्य है।
भारत करेगा यूनेस्को की इस समिति की अध्यक्षता, दिल्ली में होगी बैठक..
देश-विदेश: भारत पहली बार यूनेस्को की वैश्विक धरोहर समिति की अध्यक्षता और मेजबानी करेगा। यूनेस्को में भारत के स्थाई प्रतिनिधि विशाल वी शर्मा ने इसकी जानकारी दी है। भारत 21 से 31 जुलाई तक इस समिति की अध्यक्षता करेगा। वैश्विक धरोहर समिति की बैठक वर्ष में एक बार होती है। यह समिति वैश्विक धरोहर सम्मेलन के कार्यन्वय को देखती है। राष्ट्रों के अनुरोध पर वित्तीय सहायता आवंटित करती है। किसी देश की संपत्ति को वैश्विक धरोहर सूची में शामिल किया जाना है या नहीं, इसमें इस समिति का अंतिम फैसला होता है। यह अंकित संपत्तियों के संरक्षण की स्थिति पर रिपोर्टों की जांच करता है और साथ ही संपत्तियों का उचित प्रबंधन नहीं होने पर कार्रवाई भी करता है। वैश्विक धरोहर सूची में संपतति को शामिल करने और हटाने का फैसला भी यही लेती है।
झाझरा में क्लोरीन गैस के रिसाव से मचा हड़कंप..
उत्तराखंड: राजधानी देहरादून के झाझरा में मंगलवार सुबह प्लाट में रखे गैस सिलिंडरों से क्लोरीन गैस का रिसाव हो गया। लोगों को सांस लेने में परेशानी होने लगी।जिससे मौके पर हड़कंप मच गया है। आसपास के इलाकों को खाली कराकर रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है। स्थानीय लोगों को घरों से रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार आज तड़के सुबह थाना प्रेम नगर को सूचना मिली कि झांझरा क्षेत्र में स्थित एक प्लॉट में रखें गैस सिलेंडरों से क्लोरीन गैस का रिसाव हो रहा है। सूचना पर थाना प्रेमनगर से पुलिस बल और पुलिस स्टेशन देहरादून से फायर कर्मियों की टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। इस बीच एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमो को सूचित करते हुए मौके पर बुलाया गया। रेस्क्यू टीमों ने मौके पर राहत एवं बचाव कार्य प्रारंभ करते हुए आस-पास के क्षेत्र में स्थित घरों से लोगों को रेस्क्यू पर करते हुए सुरक्षित स्थानों पर ले गए। लोगों को आंखों में जलन की शिकायत थी। इसके बाद दो लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
वहीं घटना की सूचना पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह खुद मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू कार्यो का जायजा लिया। मौके पर पुलिस ,फायर सर्विस व एन0डी0आर0एफ CBRN टीम भी मौजूद है। सभी के द्वारा संयुक्त आपरेशन चलाते हुए गैस लीकेज को रोकने व सिलिंडर को घटनास्थल से हटाने का प्रयास किया जा रहा है।
हरिद्वार में घटी यात्रियों की संख्या, रातभर गुलजार रहने वाले बाजार भी पड़े सूने..
उत्तराखंड: सर्दी में धर्मनगरी में यात्रियों की संख्या घट गई है। इससे गंगा घाटों पर कम यात्री नजर आ रहे हैं। होटल, धर्मशालाएं और आश्रम भी खाली चल रहे हैं। रातभर यात्रियों से गुलजार रहने वाले बाजार सूने पड़े हुए हैं। शहर में इन दिनों कड़ाके की सर्दी पड़ रही है। सुबह से कोहरे की सफेद चादर छा जाती है। हालांकि, दो दिन से सुबह दस बजे के बाद धूप निकल रही है, लेकिन इससे भी लोगों को ठंड से राहत नहीं मिल रही है। रविवार को भी शहर का अधिक तापमान 18 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान छह डिग्री दर्ज किया गया।
सर्दी से पारा गिरने से बेहद कम संख्या में यात्री शहर में पहुंच रहे हैं। इससे दुकानदारों की दुकादारी पर भी असर पड़ रहा है। ठंड के कारण हरकी पैड़ी क्षेत्र में भी गंगा स्नान करने के लिए सामान्य दिनों के मुकाबले कम श्रद्धालु आ रहे हैं। गंगा के अन्य घाटों पर तो बेहद कम संख्या में श्रद्धालु नजर आ रहे हैं। ठंड के चलते सामान्य दिनों की अपेक्षा काफी कम भीड़ गंगा घाटों पर दिख रही है। हालत यह है कि जहां ब्रह्मकुंड की धारा में स्नान करने की अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता था, वहीं रविवार को दोपहर में इक्का दुक्का लोग दिखाई दिए। हरकी पैड़ी गंगा घाट पर भी स्नान करने वालों से अधिक स्थानीय लोग दिखे।
देहात क्षेत्र में दिनभर कड़ाके की सर्दी रहने से खेती का कार्य बुरी तरह से प्रभावित हो गया है। सबसे अधिक गन्ने की छिलाई करने में किसानों और मजदूराें को परेशानी हो रही हैं। क्योंकि, कड़ाके की ठंड में गन्ने की कटाई, छिलाई और फिर ढुलाई करने के लिए ठंड में लोगों के हाथ काम नहीं कर रहे हैं। लोग किसी तरह से रुक-रुक कर गन्ने के खेतों में कार्य कर रहे हैं।
उत्तराखंड में आज इन क्षेत्रों में होगी बारिश और बर्फबारी..
उत्तराखंड: प्रदेश में बीते दो महीनों से बारिश नहीं हुई है। जिस कारण प्रदेशभर में सूखी ठंड सता रही है और मौसम शुष्क बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार आज से प्रदेश में मौसम का मिजाज बदल सकता है। प्रदेश में ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने आज प्रदेश में मौसम के करवट लेने की संभावना जताई है। मौसम विभाग का कहना हैं कि राजधानी देहरादून समेत प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में बारिश की संभावना है। इसके साथ ही प्रदेश के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी होने के आसार हैं जबकि निचले क्षेत्रों में बारिश हो सकती है। बारिश ना होने के कारण बीते कुछ समय से प्रदेश में मैदानी क्षेत्रों में कोहरा और पहाड़ों में पाला लोगों को परेशान कर रहा है। लेकिन बारिश और बर्फबारी होने के कारण आने वाले कुछ दिनों में प्रदेश में तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। जिस से कड़ाके की ठंड पड़ेगी।
मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह ने कहा कि ताजा पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत में सक्रिय होने के कारण मंगलवार को 3000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी होने के आसार हैं। इसके साथ ही निचले इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है। जिस से न्यूनतम तापमान में भी एक से दो डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है।
देहरादून में दो दिन में 10 पहुंची इन्फ्लुएंजा पीड़ितों की संख्या..
उत्तराखंड: सर्दी, खांसी और बुखार के मरीजों की कोविड और इन्फ्लुएंजा की जांच की जा रही है। रविवार को कोविड की 63 जांच हुईं। सभी संदिग्ध मरीजों की रिपोर्ट निगेटिव है। वहीं, इन्फ्लुएंजा के चार नए मरीज मिले हैं। सभी को अस्पताल में भर्ती किया गया है। इनमें एक बुजुर्ग और तीन वयस्क हैं। जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. सीएस रावत का कहना हैं कि रविवार को इन्फ्लुएंजा के चार मरीज मिले हैं। इसमें एक मरीज इंदिरेश अस्पताल, एक मरीज कैलाश अस्पताल और दो मरीज दून अस्पताल में भर्ती हैं। स्वास्थ्य विभाग ने इन सभी मरीजों के इन्फ्लुएंजा-ए पॉजिटिव होने की जानकारी दी है। मरीजों की एच-1 एन-1 रिपोर्ट पॉजिटिव के बारे में रिपोर्ट जारी नहीं की गई है।
इन दिनों कोविड के साथ ही स्वाइन फ्लू का खतरा भी बढ़ गया है। मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आ रही है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग की ओर से मरीजों को इन्फ्लुएंजा-ए पॉजिटिव ही बताया जा रहा है। जबकि इन्फ्लुएंजा पॉजिटिव आने पर इन्फ्लुएंजा के सब टाइप की जांच की जाती है। इन्फ्लुएंजा के सब टाइप स्वाइन फ्लू को प्रजेंट करते हैं। शनिवार को भी जिले में इन्फ्लुएंजा के छह मरीज मिले थे। यह सभी मरीज अस्पतालों में भर्ती किए गए थे। जिले में रोजाना इन्फ्लुएंजा के मरीज बढ़ रहे हैं। पिछले दो दिन में 10 मरीज मिल चुके हैं।
