उत्तराखंड में एकल महिलाओं को 75 प्रतिशत तक सब्सिडी देने की योजना..
उत्तराखंड: धामी सरकार एकल महिलाओं के सशक्तीकरण की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। बताया जा रहा है कि सरकार द्वारा महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना शुरू की जा रही है। इसके तहत लाथार्थी महिलाओं को सस्ता लोन दिया जाएगा। इस योजना के तहत सस्ती दरों पर 75 प्रतिशत तक अनुदान दिए जाने की योजना बनाई जा रही है। जिसके लिए आगामी कैबिनेट बैठक में प्रस्ताव लाया जाएगा।
जानकारी के अनुसार महिला बाल विकास विभाग इस संबंध में अगली कैबिनेट में प्रस्ताव लाने जा रहा है। इसके तहत अधिकतम दो लाख रुपये वाली परियोजना की लागत पर प्रदेश सरकार की ओर से 75 प्रतिशत तक सब्सिडी दिए जाने की योजना है। इसके लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि महकमे के सर्वे के अनुसार प्रदेश में लगभग चार लाख एकल महिलाएं है। लेकिन प्रस्तावित योजना में 25 वर्ष से 45 वर्ष तक की एकल महिलाओं को शामिल किया जाएगा। ऐसी महिलाओं की कुल संख्या डेढ़ लाख तक पहुंच रही है।
विभाग चयनित महिलाओं को स्वरोजगार करने में मदद करेगा। उन्हें सहकारी बैंक से 50 हजार से दो लाख रुपये तक लागत वाली परियोजना पर अधिकतम 75% तक सब्सिडी दी जाएगी। शेष 25% धनराशि भी बिना गारंटर के लोन स्वरूप दी जाएगी। इसके लिए महिला की सालाना आय 72 हजार रुपये से कम होनी चाहिए। एकल महिलाओं में विधवा, तलाकशुदा, परित्यक्ता व अविवाहित महिलाएं शामिल होंगी।
बताया जा रहा है कि इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर एकल महिलाओं के लिए यह योजना घोषित की गई थी, जिसे अब धरातल पर उतारा जाना है। इस योजना के तहत महिलाएं अपना कोई भी स्वरोजगार शुरू करने के साथ ही अपनी आर्थिकी को मजबूत कर सकेंगी। इसके लिए कैबिनेट मंत्री ने प्रस्ताव बना कर अगली कैबिनेट बैठक में लाने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं।
ये हैं पात्रता की शर्तें..
महिला उत्तराखंड की मूल निवासी हो
न्यूनतम आयु 25 वर्ष और अधिकतम 45 वर्ष
मासिक आय छह हजार रुपये से अधिक न हो
किसी भी संगठित सेवा, सरकारी, गैर सरकारी उपक्रम में कार्यरत न हो
राजकीय व पारिवारिक पेंशन प्राप्त न करती हो
विधवा, विकलांग जैसी कल्याणकारी योजनाओंं से पेंशन प्राप्त करने वाली महिलाएं भी पात्र होंगी।
सर्दी में बेघरों के लिए व्यवस्थाएं होंगी दुरुस्त, धामी सरकार ने जारी किये 1.35 करोड़..
उत्तराखंड: प्रदेश में ठंड का प्रकोप दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है। जिसके चलते बेसहारा और बेघर लोगों को दिक्कतों का सामना करना पढ़ रहा है। बीते मंगलवार को सीएम ने देहरादून के विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण किया था। इसके साथ ही ISBT के पास स्थित मलिन बस्ती में रह रहे लोगो का हालचाल जाना और वहां की व्यवस्थाओं को परखा। सीएम धामी ने प्रदेश में बेसहारा एवं बेघर लोगों को सर्दी से बचाव की कारगर व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के लिए सभी जिलाधिकारियों एवं नगर आयुक्तों को निर्देश दिए। सीएम ने तहसील एवं विकासखण्ड स्तर पर यह व्यवस्था बनाये जाने को भी कहा था।
निरिक्षण के दौरान दिए थे निर्देश..
सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि सर्दी के मौसम में विभिन्न स्थलों पर अलाव की व्यवस्था के साथ बेसहारा लोगो को कंबल व कपड़ों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। निरीक्षण के दौरान सीएम ने अधिकारियों को रैन बसेरों की स्थिति में और सुधार किये जाने के साथ ही शहर में जगह-जगह अलाव जलाने की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए थे।
सरकार ने जारी की 1.35 करोड़ की धनराशि..
सीएम के निर्देशों के बाद सचिव आपदा प्रबंधन डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा ने प्रदेश के सभी डीएम को 1.35 करोड़ की धनराशि जारी की गई है। रंजीत सिन्हा ने कहा कि इस संबंध में डीएम हरिद्वार द्वारा शीतलहर के प्रकोप से बचाव के लिए सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाने तथा निशुल्क कम्बल वितरण, रेनबसेरों में व्यवस्थाएं सुनिश्चित किये जाने के लिए 15 लाख की धनराशि आवंटित किये जाने के लिए कहा गया था।
पौड़ी के लिए जारी की 15 लाख की धनराशि..
इसी क्रम में राज्य में शीतलहर के प्रकोप से बचाव के लिए सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाने और निशुल्क कम्बल वितरण, रैनबसेरों में व्यवस्थायें सुनिश्चित किये जाने के लिए राज्य आपदा मोचन निधि मद के रिस्पॉन्स और रिलीफ मद से एक करोड़ 35 लाख की धनराशि सभी डीएम को स्वीकृत की गई है। जिसमें जनपद पौड़ी को 15 लाख तथा जनपदों को 10-10 लाख की धनराशि शामिल है।
उत्तराखंड को स्वास्थ्य क्षेत्र में मिलेगा JRD टाटा मेमोरियल अवार्ड..
उत्तराखंड: स्वास्थ्य के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन के लिये उत्तराखंड को जे.आर.डी. टाटा मेमोरियल अवार्ड से सम्मानित किया जायेगा। आगामी 18 दिसम्बर को इंडिया हैबिटैट सेंटर नई दिल्ली में आयोजित 7वें जेआरडी टाटा अवार्ड कार्यक्रम में सूबे के चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत इस सम्मान को प्राप्त करेंगे। आपको बता दें यह पुरस्कार राज्य को 42 विभिन्न स्वास्थ्य सूचकांकों में देशभर में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिये दिया जा रहा है। विषम भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद स्वास्थ्य के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन के लिये उत्तराखंड को यह सम्मान मिलना अपने आप में गौरव की बात है।
राज्य सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण के प्रयास में जुटी है। इसी का परिणाम है कि हाई फोकस बड़े राज्यों की श्रेणी में स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर प्रदर्शन के लिये प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर 7वें जे.आर.डी. टाटा मेमोरियल अवार्ड के लिये चयनित किया गया है। जिसमें उत्तराखंड को अवार्ड के साथ-साथ पांच लाख की धनराशि भी वित्तीय सहायोग के तौर पर दी जायेगी। पुरस्कार के लिये उत्तराखंड का चयन भारत सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2015-16 एवं 2019-21 में देशभर में कराये गये नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे चार व पांच में विभिन्न स्वास्थ्य सूचकांकों में बेहतर प्र्रदर्शन एवं सैम्पल रजिस्ट्रेशन सिस्टम के माध्यम से आंकड़ों में दर्ज प्रगति के आधार पर किया गया है।
जिसके अंतर्गत प्रजनन स्वास्थ्य, किशोर-किशोरी स्वास्थ्य, लैंगिक समानता, परिवार नियोजन, जल स्वच्छता, महिला सशक्तिकरण, लिंग आधारित हिंसा, जनसंख्या उर्वरता स्तर पर आधारित 42 सूचकांक शामिल हैं। देशभर से हाई फोकस बड़े राज्यों की श्रेणी में उत्तराखंड के साथ ही असम, बिहार, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, मध्य प्रदेश, उडीसा, राजस्थान व उत्तर प्रदेश भी प्रतिस्पर्धा में सम्मिलित रहे हैं।
जानिए 16 दिसंबर को मनाया जाता है विजय दिवस..
देश-विदेश: देश में आज विजय दिवस मनाया जा रहा है। इस खास मौके पर पीएम मोदी ने 1971 युद्ध में पाकिस्तान पर भारत की जीत के नायकों को श्रद्धांजलि दी। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, आज विजय दिवस पर हम उन सभी बहादुर नायकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं, जिन्होनें 1971 में भारत की सेवा करते हुए निर्णायक जीत सुनिश्चित की थी। उनकी वीरता और समर्पण देश के लिए बेहद गर्व का स्रोत है। उनके बलिदान और अटूट भावना हमेशा लोगों के दिलों और हमारे राष्ट्र के इतिहास में अंकित रहेगी। भारत उनके साहस को सलाम करता है और उनकी अदम्य भावना को याद करता है। आपको बता दें कि 1971 की जंग में भारत ने पाकिस्तान सेना को आत्मसमर्पण करने पर मजबूर कर दिया था। भारत ने पाकिस्तान के दो टुकड़े कर दिए थे और बांग्लादेश नाम का नया देश अस्तित्व में आया था। हर साल 16 दिसंबर को देश में विजय दिवस मनाया जाता है।
अब घर बैठे ऐसे बनाएं डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र..
उत्तराखंड: प्रदेश के करीब सवा लाख पेंशनरों व पारिवारिक पेंशनरों को अब जीवन प्रमाणपत्र जमा करने के लिए कोषागारों के चक्कर नहीं काटने होंगे। अब वे घर पर बैठे ऑनलाइन डिजिटल प्रमाणपत्र जनरेट कर सकेंगे और यह प्रमाण पत्र स्वतः ही एकीकृत वित्त प्रबंधन प्रणाली (आईएफएमएस) के माध्यम से कोषागार पहुंच जाएगा।
अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने इस नई व्यवस्था को लागू करने के संबंध में अफसरों को पत्र जारी कर दिया है। जीवन प्रमाणपत्र की चालू व्यवस्था के साथ-साथ विकल्प के रूप ई-जीवन प्रमाणपत्र की व्यवस्था भी लागू की गई है। यूआईडीएआई द्वारा तैयार आधार फेस आरडी एप्लीकेशन में चेहरे के सत्यापन के माध्यम से डिजिटल प्रमाणपत्र जमा होगा। जो पेंशनर एप्लीकेशन के माध्यम से जीवन प्रमाणपत्र जनरेट करेंगे, उन पर कोषागार में उपस्थित होने की अनिवार्यता नहीं होगी।
जीवन प्रमाणपत्र जमा होने के बाद एसएफटीपी सर्वर के माध्यम से आईएफएमएस सर्वर को उपलब्ध हो जाएगा। उपलब्ध डाटा के आधार पर वित्तीय डाटा सेंटर से कोषागार स्तर पर एक एमआईएस रिपोर्ट होगी। एमआईएस रिपोर्ट के आधार पर पेंशनरों के प्रमाणपत्र स्वीकृत या अस्वीकृत होंगे। जिसकी सूचना एसएमएस के माध्य पेंशनर को मिल जाएगी।
पेंशनरों को ये करना होगा..
सुनिश्चत करेंगे कि आधार संख्या कोषागार में पंजीकृत हो। यदि आधार संख्या प्रोफाइल में उपलब्ध नहीं है तो पेंशनर को पेंशन प्राधिकार पत्र, आधार कार्ड व बैंक पासबुक की प्रति लेकर नजदीकी कोषागार में आधार पंजीकृत कराना होगा। कोषागार संबंधित पेंशनर का जीआरडी नंबर का प्रयोग कर पेंशन मास्टर खोलेगा और उसमें आधार नंबर व मोबाइल नंबर सेव करेगा। पेंशनर गूगल प्ले स्टोर पर जाकर जीवन प्रमाणपत्र व आधार फेस आरडी एप्लीकेशन इंस्टाल करेगा। एप के प्रयोग से अपने चेहरे को मोबाइल फोन की सहायता से स्कैन कर ऑपरेटर के रूप में स्वयं को पंजीकृत किया जाएगा।
जो पेंशनर http://www.jeevanpramaan.gov.inमें पंजीकृत हो जाएंगे, वे भविष्य में जीवन प्रमाणपत्र स्मार्ट फोन, टेबलेट पर एप्लीकेशन से डाउनलोड कर फिंगर प्रिंट स्कैनर/ आधार फेस आरडी एप का प्रयोग कर घर से भी डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र दे सकेंगे। वे नजदीकी जीवन प्रमाणपत्र केंद्र या नागरिक सुविधा केंद्र में भी संपर्क कर सकते हैं।
उत्तराखंड में यहां स्थापित होगा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर ब्लड बैंक..
उत्तराखंड: थलीसैंण व गुप्तकाशी में उप जिला चिकित्सालय बनेंगे। इसके साथ ही प्रदेश में एक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर ब्लड बैंक बनाने को भी मंजूरी मिली है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत उत्तराखंड के लिये दो वर्षीय पीआईपी को भारत सरकार ने मंजूरी दे दी है। इसके लिए करीब 1100 करोड़ की विभिन्न योजनाओं को सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई है। इसके तहत मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर ब्लड बैंक के निर्माण को स्वीकृति मिल गई है।
थलीसैंण व गुप्तकाशी में बनेंगे उप जिला चिकित्सालय
पौड़ी जिले में आईपीएचएस मानकों के तहत थलीसैंण और रूद्र्रप्रयाग जिले के गुप्तकाशी में 50-50 बेड के उप जिला चिकित्सालयों के निर्माण की स्वीकृत प्रदान की गई है। जबकि एल.डी. भट्ट उप जिला चिकित्सालय काशीपुर में 200 शैयायुक्त चिकित्सालय के निर्माण को मंजूरी मिली है। नेशनल प्रोग्राम कोर्डिनेशन कमेटी (एनपीसीसी) भारत सरकार की दिल्ली में सम्पन्न बैठक में वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 हेतु द्विवर्षीय पीआईपी को दे दी गई है। राज्य की ओर से एनएचएम के अंतर्गत विभिन्न परियोजनाओं के लिये आगामी दो वर्षों के लिए करीब 1100 करोड़ के प्रस्ताव की पीआईपी (प्रोग्राम इम्पलीमेंटेशन प्लान) भेजी गई थी। जिस पर दो दिन पूर्व नई दिल्ली में आयोजित एनपीसीसी की बैठक में कुछ संशोधनों के साथ सभी प्रस्तावों को सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।
जी.बी. पंत चिकित्सालय नैनीताल में मिलेंगी ये सुविधाएं
आपको बता दें कि जी.बी. पंत चिकित्सालय नैनीताल में टाईप-4 व टाईप-3 आवास तथा बी.डी. पाण्डेय चिकित्सालय नैनीताल में टाईप-4 आवास, ट्रांजिस्ट हॉस्टल, मेडिसिन स्टोर, कार्डिक केयर यूनिट, न्यू ओपीडी ब्लॉक व पार्किंग की स्वीकृति मिली है। इसके साथ ही रूद्रप्रयाग जिले कें प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों फाटा तथा गुप्तकाशी में एक-एक एमओ ट्रांजिस्ट हॉस्टल की स्वीकृति दी गई है। जबकि टीबी सेनिटोरियम भंवाली नैनीताल व उप जिला चिकित्सालय हल्द्वानी में नवीनीकरण कार्यों की स्वीकृति दी गई है।
दुर्गम क्षेत्र से डोली से अस्पताल लाने के लिए मिली सहायता
एनपीसीसी भारत सरकार द्वारा आगामी दो वर्षों हेतु मातृ स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत नई गतिविधियों के संचालन हेतु 412.32 लाख रूपए, गर्भवती महिलाओं को दुर्गम क्षेत्र से रोड साइड और घर पहुंचाने के लिए 262 अतिरिक्त डोली-पालकी के लिए 78.60 लाख रूपए, 34 एफआरयू के सुदृढ़ीकरण हेतु 89.90 लाख रूपए, आशा एवं एनएनएम को एडवोकेसी टूल के लिए 41.44 लाख रूपए की अतिरिक्त धनराशि भी स्वीकृत की गई है। इसके साथ ही प्रदेश में 13 वन स्टॉप सेंटर एवं 27 सीएचसी बर्थ वेटिंग होम के संचालन हेतु 34 लाख रूपए की धनराशि तथा यूबीटी किट एवं ट्रेनिंग हेतु 4 लाख रूपए की धनराशि स्वीकृत की गई है।
छात्र-छात्राओं की इन विषयों में भी होगी पढ़ाई, मिलेगी ये सुविधाएं..
उत्तराखंड: अब उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत राजकीय महाविद्यालय देवीधूरा (चंपावत) में हिंदी, समाजशास्त्र एवं राजनीति विज्ञान विषयों में भी अब स्नातकोत्तर स्तर पर कक्षाएं संचालित हो सकेंगी। राजकीय महाविद्यालय देवीधूरा में स्नातकोत्तर स्तर पर उक्त विषयों में पढ़ाई शुरू किए जाने की मांग स्थानीय स्तर पर युवाओं द्वारा काफी समय से की जा रही थी। जिसका संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उच्च शिक्षा विभाग को निर्देश दिए थे। इसी कड़ी में अब उच्च शिक्षा विभाग ने हिंदी, समाजशास्त्र एवं राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर स्तर पर कक्षाएं प्रारंभ करने को सैद्धांतिक सहमति प्रदान कर दी है।
स्कूल-कॉलेजों में बुक बैंक की स्थापना..
वहीं प्रदेश में जल्द विद्यालयी शिक्षा विभाग के तहत स्कूल-कॉलेजों में बुक बैंक की स्थापना की जाएगी। विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने देहरादून में आयोजित बैठक में स्कूल व कॉलेजों में बुक बैंक की स्थापना को लेकर विभागीय अधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बुक बैंक की स्थापना से नई कक्षा में प्रवेश लेने वाले छात्रों के लिए पाठ्यक्रम संबंधी पुस्तकें आसानी से उपलब्ध रहेंगी। डॉ. रावत ने राज्य में चयनित पीएम-श्री और कलस्टर विद्यालयों के निर्माण कार्य में तेजी लाने को कहा।
वहीं दूसरी ओर श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय में देवभूमि उद्यमिता केंद्र की स्थापना की गई है। बताया जा रहा है कि ये केंद्र राज्य के युवा उद्यमियों की क्षमता को बढ़ाने और उनके विचारों को वास्तविकता में बदलने का मंच प्रदान करेगा। उन्होंने बताया कि देवभूमि उद्यमिता केंद्र में विभिन्न योजनाएं शुरू की हैं, जिनमें शिक्षा, प्रशिक्षण और आर्थिक समर्थन की सुविधाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि उद्यमिता केंद्र छात्रों को विभिन्न व्यापारिक क्षेत्रों के लिए आवश्यक ज्ञान, सीख और समर्थन प्रदान करेगा।
धामी सरकार में 11 और नेताओं को दी दायित्वों की सौगात..
उत्तराखंड: धामी सरकार ने गुरुवार रात दायित्वधारियों की तीसरी सूची जारी कर दी। 11 और भाजपा नेताओं को दायित्वों की सौगात दे दी है। इससे पहले जारी हुईं दो सूचियों में कई वरिष्ठ नेताओं को दायित्व दिए जा चुके हैं। गुरुवार रात जारी सूची के अनुसार चंडी प्रसाद भट्ट को सीमान्त क्षेत्र अनुश्रवण परिषद का उपाध्यक्ष बनाया गया है। वहीं, विनोद उनियाल को राज्य स्तरीय महिला उद्यमिता परिषद का उपाध्यक्ष, श्यामवीर सैनी को प्रदेश स्तरीय गन्ना विकास सलाहकार समिति का उपाध्यक्ष, राजकुमार को उत्तराखंड बागवानी विकास परिषद का उपाध्यक्ष, दीपक मेहरा को उत्तराखंड वन एवं पर्यावरण सलाहकार समिति का उपाध्यक्ष, विनय रोहिला को उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति का उपाध्यक्ष, उत्तम दत्ता को उत्तराखंड मत्स्य पालक विकास अभिकरण का उपाध्यक्ष, दिनेश आर्य को उत्तराखंड राज्य स्तरीय पेयजल अनुश्रवण परिषद का उपाध्यक्ष बनाया है।
वहीं, गणेश भंडारी को राज्य स्तरीय लघु सिंचाई सलाहकार समिति का उपाध्यक्ष, देवेन्द्र भसीन को उत्तराखंड राज्य उच्च शिक्षा उन्नयन समिति का उपाध्यक्ष और विश्वास डाबर को अवस्थापना अनुश्रवण परिषद का उपाध्यक्ष बनाया गया है। इन नेताओं में कई भाजपा के जिलाध्यक्ष भी हैं। बता दें कि लंबे समय से दायित्वधारियों की दूसरी सूची का इंतजार किया जा रहा था।
कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत के एक्शन से मचा हड़कंप, तहसीलदार को दिया ये निर्देश..
उत्तराखंड: कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने मंगलवार को भीमताल के समीप जंतवाल गांव के तीन निर्माणाधीन भवनों का औचक निरीक्षण किया। जिसमें आयुक्त को कई अनियमिताएं दिखी। निरीक्षण में जंतवाल गांव में निर्माणाधीन भवन के पास अवैध खनन करने पर दो बिल्डरों और जे सी बी संचालक के खिलाफ तहसीलदार, पटवारी को जांच और चालान काटने के निर्देश दिए।
निरीक्षण में उन्होंने पाया कि वन विभाग की जमीन में बन रहे बिना आज्ञा के निर्माणाधीन होम स्टे और अवैध तरीके से चीड़ के करीब 6 पेड़ काटे गए। जिस पर आयुक्त ने होम स्टे निर्माण में रोक लगाने के निर्देश दिए। साथ ही सम्बंधित अधिकारियों को अवैध खनन करने पर चालान, दो माह से निर्माणाधीन होम स्टे में चोरी की बिजली पर मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए।
साथ ही तहसीलदार, वन विभाग, विद्युत विभाग के अधिकारियों मामले की जांच करने की बात कही। इस दौरान उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए पटवारी और अधिकारियों को ग्रामीण इलाकों में समय समय में निरीक्षण और कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं करने की बात कही। उन्होंने पुलिस कर्मियों को पर्वतीय इलाकों में जे सी बी के कार्यों का विवरण रखने के निर्देश दिए। इस दौरान तहसीलदार संजय कुमार समेत सम्बंधित विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
समान नागरिक संहिता- 22 जनवरी के बाद आयोजित होगा विशेष सत्र..
उत्तराखंड: नए साल में उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू हो सकता है। 22 जनवरी के बाद प्रदेश सरकार कभी भी विधानसभा का विशेष सत्र आहूत कर सकती है। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने एक बार फिर जल्द यूसीसी लागू करने के संकेत दिए हैं। माना जा रहा है कि अयोध्या में भगवान राम के मंदिर का उद्घाटन 22 जनवरी को होना है। इस राम भक्ति के बीच सीएम धामी यूसीसी लागू करने की कवायद शुरू कर देंगे।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में गठित विशेषज्ञ समिति नए साल में सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंप देगी। विशेषज्ञ समिति ने पहले ही ड्राफ्ट रिपोर्ट तैयार होने के संकेत दिए हैं। जनवरी महीने के तीसरे हफ्ते में समिति का कार्यकाल भी समाप्त हो रहा है। सूत्र बता रहे हैं कि विस का विशेष सत्र 27 जनवरी से पांच फरवरी के बीच हो सकता है। लेकिन सबकुछ तात्कालिक राजनीतिक परिस्थितियों पर भी निर्भर करेगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान प्रदेश की जनता से प्रदेश में यूसीसी लागू करने का वादा किया था। सत्ता की बागडोर हाथों में थामने के बाद अपनी सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में धामी ने सबसे पहला फैसला यूसीसी को लेकर किया। 27 मई 2022 को विशेषज्ञ समिति बनी थी। सरकार ने समिति का कई बार कार्यकाल बढ़ाया। अब 27 जनवरी को समिति का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। सियासी जानकारों का मानना है कि लोकसभा चुनाव से पहले सीएम धामी प्रदेश में यूसीसी लागू करने का वादा पूरा सकते हैं।
नए साल में सीएम दे सकते हैं ये तीन बड़े तोहफे..
लोकसभा चुनाव से पहले सीएम राज्य आंदोलनकारियों, पार्टी के विधायकों और वरिष्ठ नेताओं व कार्यकर्ताओं को तोहफे दे सकते हैं। इनमें मंत्रिमंडल विस्तार, दायित्वों का आवंटन और राज्य आंदोलनकारियों व उनके आश्रितों के लिए सरकारी सेवा में प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का मसला है। पार्टी के कई वरिष्ठ विधायकों की मंत्रिमंडल में खाली पड़ी चार सीटों पर नजर है। वे लोस चुनाव से पहले मंत्रिमंडल विस्तार की उम्मीद लगाए बैठे हैं। भाजपा नेतृत्व भी इसका संकेत दे चुका है। दायित्वों के आवंटन पर भी पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं की नजर लगी है। राज्य आंदोलनकारियों के क्षैतिज आरक्षण के मसले पर प्रवर समिति अपनी रिपोर्ट स्पीकर को सौंप जा चुकी है। अब विधानसभा सत्र आहूत होने का इंतजार हो रहा है। सूत्रों के अनुसार सीएम इन तीनों फैसलों पर भी नए साल में निर्णय ले सकते हैं।
