उत्तराखंड सरकार और JSW नियो एनर्जी लिमिटेड के बीच 15 हजार करोड़ का MOU साइन..
उत्तराखंड: सीएम पुष्कर सिंह धामी ने वैश्विक निवेशक सम्मेलन से पूर्व अधिक से अधिक निवेश को जमीन पर उतारने के लिए आज बुधवार को नई दिल्ली में रोड शो किया। इस दौरान उन्होंने जेएसडब्ल्यू नियो एनर्जी लिमिटेड के साथ 15 हजार करोड़ का एमओयू साइन किया। कंपनी की मदद से अल्मोड़ा में 1500 मेगावाट के दो पंप स्टोरेज का विकास किया जाएगा। जिसे अगले पांच से छह वर्षों में विकसित किया जाएगा।
अल्मोडा के जोसकोटे गांव में साइट एक में यह योजना निचला बांध/जलाशय कोसी नदी से आठ से दस किमी की दूरी पर प्रस्तावित है। वहीं, कुरचौन गांव में साइट दो में यह ऊपरी जलाशय कोसी नदी से 16 किमी की दूरी पर प्रस्तावित है। योजना से 1000 लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। वहीं, इस योजना से एक बड़ी आबादी को पेयजल की आपूर्ति व कृषि के लिए सिंचाई की सुविधा मिलेगी।
आपको बता दें कि राज्य सरकार ने पीएसपी के विकास को बढ़ावा देने के लिए उत्तराखंड पंप स्टोरेज परियोजना नीति तैयार की है, जो डेवलपर्स को प्रमुख प्रोत्साहन प्रदान करती है। इसी के तहत ये एमओयू किया गया है। एमओयू साइन करने के साथ ही मुख्यमंत्री ने सभी निवेशकों को सम्मेलन में शामिल होने का निमंत्रण भी दिया। एमओयू साइन करने के दौरान सचिव डॉ. मीनाक्षी सुंदरम, विनय शंकर पाण्डेय, एमडी सिडकुल रोहित मीणा व जेएसडब्ल्यू नियो एनर्जी लिमिटेड के निदेशक ज्ञान बद्र कुमार मौजूद रहे।
सिंगापुर और ताइवान का दौरा टला..
सीएम का पांच अक्तूबर से सिंगापुर और ताइवान का दौरा फिलहाल टल गया है। सात अक्तूबर को मध्य क्षेत्र परिषद की बैठक को इसकी वजह माना जा रहा है। यह बैठक नरेंद्रनगर में होगी, जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे। अब मुख्यमंत्री 15 अक्तूबर को दुबई में रोड शो करेंगे। वही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिथौरागढ़ दौरे पर सीएम ने कहा, उनका दौरा प्रस्तावित है। उनका उत्तराखंड से गहरा रिश्ता है। उत्तराखंड लोग भी उन्हें चाहते हैं। हमारे लिए उनका उत्तराखंड में आना उत्सव की तरह है। हम उनके आने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
बेसिक के एलटी में समायोजित शिक्षकों की जुड़ेगी पुरानी सेवा..
उत्तराखंड: शिक्षा विभाग में तैनात बेसिक के एलटी में समायोजित, पदोन्नत शिक्षकों को पुरानी सेवा जोड़ते हुए वरिष्ठता का लाभ मिलेगा। सचिव शिक्षा रविनाथ रमन ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। यह फैसला हाईकोर्ट के अंतिम निर्णय के अधीन रखा गया है। राजकीय शिक्षक संघ के इस आदेश से सीधी भर्ती के 18 हजार एलटी शिक्षकों व प्रवक्ताओं की वरिष्ठता प्रभावित होगी।
शिक्षा विभाग में बेसिक के एलटी में समायोजित शिक्षक पिछले कई वर्षों से उनकी पुरानी सेवा को जोड़कर चयन और प्रोन्नत वेतनमान दिए जाने की मांग कर रहे थे। जूनियर हाईस्कूल के सहायक अध्यापक एवं प्राथमिक स्कूल के प्रधानाध्यापक का कहना था कि उन्हें जिस तिथि से वेतनमान 5500 से 9000 रुपये मिल रहा था, उसी तिथि से उनकी एलटी में सेवा जोड़कर चयन और प्रोन्नत वेतनमान दिया जाए। विभाग की ओर से इसकी अनदेखी पर विभाग में 1980 से 1995 के बीच नियुक्त हुए शिक्षक इसके खिलाफ हाईकोर्ट चले गए।
उन्हें सिंगल बैंच से राहत नहीं मिली। डबल बैंच में इस मामले में उनकी सेवाएं जोड़ने का आदेश दिया, लेकिन वरिष्ठता के संबंध में कोई टिप्पणी नहीं की। डबल बैंच के फैसले के खिलाफ शिक्षा निदेशक ने उच्चतम न्यायालय में विशेष अनुज्ञा याचिका(एसएलपी) दायर की। जिसे न्यायालय ने ठुकरा दिया। इस पर विभाग ने सात जुलाई 2014 के आदेश पर अमल करते हुए शिक्षकों को पुरानी सेवा जोड़ते हुए उन्हें चयन एवं प्रोन्नत वेतनमान का लाभ दिया। इस बीच विभाग की ओर से पूरे मामले को लेकर हाईकोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल कर दी। कुछ शिक्षक वरिष्ठता की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में चले गए। सुप्रीम कोर्ट ने विभाग को हाईकोर्ट के पूर्व के आदेश पर पूरी तरह से पालन करने के निर्देश दिए।
एक क्लिक पर मिलेगा नगर निगम की सेवाओं का लाभ, सीएम ने लांच की एप..
उत्तराखंड: आम नागरिक अब नगर निगम की सेवाओं का लाभ एक क्लिक पर ले सकते हैं। साथ ही अपनी शिकायतों को भी सीधे नगर निगम के अधिकारियों तक पहुंचा सकते हैं। इसके लिए नगर निगम की ओर से एक एप तैयार किया है। जिसकी लॉचिंग रविवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने आवास में की। अभी तक विभिन्न सेवाओं के लाभ के लिए नगर निगम में आम लोगों को इधर से उधर भटकना पड़ता था।
अब निगम ने ऐसा एप तैयार किया है, जिसमें जन्म मृत्यु प्रमाणपत्र, पशुुओं का रजिस्ट्रेशन एवं डेयरी रजिस्ट्रेशन, प्रॉपर्टी टैक्स, म्यूटेशन के लिए रजिस्ट्रेशन एवं सेल्फ एसेसमेंट सहित सभी सेवाओं को जोड़ा गया है। इससे अब एक क्लिक पर इन सभी सेवाओं का घर बैठे लाभ लिया जा सकता है। नगर आयुक्त मनुज गोयल का कहना है कि एप के माध्यम से नगर निगम से संबंधित शिकायतों को दर्ज व इनका निस्तारण भी किया जाएगा। इस एप के माध्यम से प्राप्त होने वाली शिकायतों के के निगरानी के लिए नगर निगम के किसी वरिष्ठ अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
ऐसे कर सकते हैं एप में शिकायत..
इस एप के माध्यम से शिकायत कंप्यूटर के साथ ही फोन से भी कर सकते हैं। फोन से शिकायत करने के लिए मोबाइल पर गूगल प्ले स्टोर अथवा एप्पल प्ले स्टोर खोल कर एप डाउनलोड कर सकते हैं। एप डाउनलोड करने के बाद एप खोलें। उसमें जो विकल्प होंगे, उस पर क्लिक कर शिकायत का विवरण भेज सकते हैं। एप के माध्यम से नगर निगम से संबंधित सफाई, लाइट, पशु, घर-घर कूड़ा गाड़ी, नाली या सड़क संबंधित शिकायत दर्ज करा सकते हैं। लोग अपने द्वारा की गई शिकायत का स्टेटस भी इस एप के माध्यम से देख सकते हैं। साथ ही अपना फीडबैक भी दे सकते हैं।
पंजीकरण एवं टैक्स जमा कराने की भी होगी सुविधा..
इस एप के माध्यम से नागरिक जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, पालतू पशु रजिस्ट्रेशन, डेयरी रजिस्ट्रेशन, प्रॉपर्टी टैक्स, म्यूटेशन के लिए रजिस्ट्रेशन एवं सेल्फ एसेसमेंट भी इस एप के माध्यम से किया जा सकता है। यह एप नगर निगम एवं नगर निगम के नागरिकों के बीच एक सेतु की तरह सिद्ध होगा। एक क्लिक पर लोग अपनी शिकायतों को नगर निगम तक पहुंचा सकते हैं। लोगों को उनकी शिकायत पर हुई कार्रवाई से भी अवगत कराया जाएगा। सफाई संबंधित शिकायतों पर ध्यान केंद्रित करते हुए नगर निगम की ओर से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी शिकायत का निस्तारण 24 घंटे के अंदर हो जाए।
सीएम धामी ने शहीद स्थल रामपुर तिराहा शहीद स्मारक पर राज्य आन्दोलनकारियों को दी श्रद्धांजलि..
उत्तराखंड: सीएम पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को शहीद स्थल रामपुर तिराहा, मुजफ्फरनगर में राज्य आन्दोलनकारी शहीदों की पुण्य स्मृति पर आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर शहीद राज्य आन्दोलनकारियों को श्रद्धांजलि दी। सीएम ने कहा कि 02 अक्टूबर 1994 को उत्तराखण्ड के अलग राज्य की प्राप्ति के लिए आन्दोलन कर रहे हमारे नौजवानों और माता-बहनों के साथ क्रूरता पूर्वक बर्ताव किया गया।
अनेक आन्दोलनकारियों की इसमें शहादत हुई। यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना थी। राज्य आन्दोलनकारियों के द्वारा किये गये संघंर्षों के परिणामस्वरूप हमें उत्तराखण्ड अलग राज्य मिला। राज्य आंदोलनकारियों के सपनों एवं संकल्पों के आधार पर राज्य के विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने रामपुर तिराहा, मुजफ्फरनगर स्थित शहीद स्थल में उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों की उपलब्धता एवं स्थानीय उत्पादों के स्थल के रूप में विकसित किए जाने की बात कही।
उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों की आशाओं और आकांक्षाओं को पूर्ण करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। सभी आंदोलनकारियों को पूरा मान-सम्मान और अधिकार देने का संकल्प लिया है। राज्य सरकार ने राज्य आंदोलनकारियों को सरकारी नौकरियों में दस प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय लिया है। राज्य आंदोलनकारियों की पेंशन बढ़ाने के साथ ही राज्य आंदोलकारियों की मृत्यु के पश्चात उनके आश्रितों को भी पेंशन देने का निर्णय लिया है। सरकार राज्य आंदोलनकारियों को ’एक समान पेंशन’ देने के लिए कार्ययोजना तैयार कर रही है।
उद्योगों में नौकरी के लिए राज्य आंदोलनकारियों को प्राथमिकता के लिए समुचित व्यवस्था की जा रही है। राज्य सरकार उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का ’’विकल्प रहित संकल्प’’ लेकर आगे बढ़ रही है। सरकार की नीतियों के केंद्र में राज्य का सर्वांगीण विकास है। राज्य सरकार उत्तराखंड को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मागदर्शन में उत्कृष्ट उत्तराखंड बनाने के लिए वचनबद्ध है। आज केदारनाथ पुनर्निर्माण, बदरीनाथ के मास्टर प्लान कार्य के साथ ही मानसखंड मंदिर माला मिशन पर कार्य चल रहा है। वाइब्रेंट विलेज के तहत सीमांत क्षेत्र में बसे गांवों को प्रथम पंक्ति में लाने का कार्य किया जा रहा है।
केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट ने शहीद राज्य आंदोलनकारियों को नमन करते हुए कहा कि हमारे शहीद आन्दोलनकारियों के बलिदान की बदौलत हमें उत्तराखंड राज्य मिला। उन्होंने कहा कि भारत रत्न स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेई जी के प्रधानमंत्रित्व काल में उत्तराखण्ड अलग राज्य बना। राज्य निर्माण के बाद उन्होंने उत्तराखण्ड को विशेष औद्योगिक पैकेज भी दिया। उन्होंने कहा आज केन्द्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राज्य में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य में हर क्षेत्र में तेजी से विकास हो रहा है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने शहीद राज्य आंदोलनकारियों को नमन करते हुए कहा कि युवा साथियों एवं मातृशक्ति ने इस आंदोलन का नेतृत्व किया। शहीदों के सपनों के अनुसार आज राज्य में विकास की नींव रखी जा रही है। मुजफ्फरनगर के स्थानीय लोगों ने भी आंदोलनकारियों का साथ दिया।
अब CM धामी जाएंगे सिंगापुर और ताइवान, करेंगे महत्वपूर्ण बैठक..
उत्तराखंड: ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट के लिए सीएम धामी कमर कर चुके है। लंदन दौरे के बाद अब सिंगापुर और ताइवान दौरे पर जाने वाले है। बताया जा रहा है कि सीएम का सिंगापुर और ताइवान दौरा पांच अक्तूबर को प्रस्तावित है। जिसकी तैयारियां जारी है। जानकारी के अनुसार लंदन दौरे में 12500 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश पक्का करने के बाद अब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अगले दौरों की तैयारी में जुट गए हैं। उन्होंने निवेशक सम्मेलन से जुड़े अधिकारियों से भी तैयारियों के संबंध में जानकारी ली। उनकी अगली उड़ान सिंगापुर और ताइवान के लिए होगी।
मुख्यमंत्री पांच अक्तूबर को इन दोनों देशों के निवेशकों को देवभूमि में निवेश के लिए आकर्षित करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री 16 अक्तूबर को रोड शो के लिए दुबई जाएंगे। इन देशों से उत्तराखंड सरकार को पर्यटन और सेवा क्षेत्र में बड़े निवेश की उम्मीद है।
भारत मंडपम में देश में आकांक्षी ब्लॉकों के लिए संकल्प सप्ताह का पीएम मोदी ने किया शुभारंभ..
उत्तराखंड: पीएम मोदी ने भारत मंडपम में देश में आकांक्षी ब्लॉकों के लिए संकल्प सप्ताह का शुभारंभ किया। संकल्प सप्ताह आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम के प्रभावी कार्यान्वयन से जुड़ा है। आकांक्षी ब्लॉकों के लिए चलने वाले कार्यक्रम संकल्प सप्ताह भर चलेगा। इस दौरान पीएम मोदी ने लोगों से बातचीत भी की। उद्घाटन कार्यक्रम में भारत मंडपम में देशभर से लगभग 3,000 पंचायत और ब्लॉक स्तर के जन प्रतिनिधि और पदाधिकारियों ने भाग लिया। इसके साथ ही ब्लॉक और पंचायत स्तर के पदाधिकारियों, किसानों और अन्य क्षेत्रों के व्यक्तियों सहित लगभग दो लाख लोग कार्यक्रम से वर्चुअल रूप से जुड़ेंगे।
329 जिलों के 500 ब्लॉकों में लागू..
आपको बता दें कि राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम सात जनवरी, 2023 को पीएम मोदी ने लॉन्च किया था। इसका उद्देश्य नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए ब्लॉक स्तर पर प्रशासन में सुधार करना है। इसे देश के 329 जिलों के 500 आकांक्षी ब्लॉकों में लागू किया जा रहा है। आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम को लागू करने तथा एक प्रभावी ब्लॉक विकास रणनीति तैयार करने के लिए देश भर में गांव और ब्लॉक स्तर पर चिंतन शिविर आयोजित किए गए। ‘संकल्प सप्ताह’ इन्हीं चिंतन शिविरों का परिणाम है। 3 अक्टूबर से 9 अक्टूबर 2023 तक मनाए जाने वाले संकल्प सप्ताह में प्रत्येक दिन एक विशिष्ट थीम को समर्पित है, जिस पर सभी आकांक्षी ब्लॉक काम करेंगे। पहले छह दिनों की थीम में संपूर्ण स्वास्थ्य सुपोषित परिवार, स्वच्छता, कृषि,शिक्षा, समृद्धि दिवस शामिल हैं। सप्ताह के अंतिम दिन यानी नौ अक्टूबर 2023 को पूरे सप्ताह के दौरान किए गए कार्यों का संकल्प सप्ताह समावेश समारोह उत्सव के रूप में मनाया जाएगा।
राज्य में अन्तिम रूप से एकीकरण के उपरान्त मतदेय स्थलों की संख्या 11647 से बढ़कर हुयी 11724..
उत्तराखंड: मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री वी.षणमुगम की अध्यक्षता में शुक्रवार को भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के क्रम में राज्य में मतदान प्रतिशत में वृद्धि के लिए मतदान के समय विशेषकर शहरी क्षेत्रों में मतदान के प्रति मतदाताओं की उदासीनता को कम करने के उद्देश्य से मतदान केन्द्रों पर मतदाताओं को अधिक से अधिक सुविधा उपलब्ध कराने के दृष्टिगत ग्रुप हाउसिंग सोसायटी और ऊंची इमारतों के परिसरों तथा शहरी / अर्द्ध शहरी क्षेत्रों के आस-पास के झुग्गी-झोपड़ी समूहों के पास ही मतदान केन्द्रों को स्थापित किये जाने हेतु मतदेय स्थलों के मानकीकरण एवं पुनर्निर्धारण के संबंध में वर्तमान नियमों के परिपेक्ष्य में राज्य के मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के साथ बैठक आयोजित हुई।
बैठक में मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि, प्रायः यह देखने में आया है कि, शहरी क्षेत्र के मतदाता मतदान के प्रति उदासीन रहते है, इसको ध्यान में रखते हुए आयोग द्वारा ग्रुप हाउसिंग सोसायटी और ऊंची इमारतों के परिसरों तथा शहरी / अर्द्ध शहरी क्षेत्रों के आस-पास के झुग्गी-झोपड़ी समूहों के पास ही मतदान केन्द्रों को स्थापित किये जाने हेतु मतदेय स्थलों के मानकीकरण एवं पुनर्निर्धारण के कार्य को समय प्रदान किये जाने के उद्देश्य से भारत निर्वाचन आयोग द्वारा वर्तमान पुनरीक्षण कार्यक्रम को संशोधित किया गया है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि, वर्तमान में राज्य के सभी मतदेय स्थलों का शत् प्रतिशत भौतिक सत्यापन कराये जाने के पश्चात, मतदेय स्थलों के पुनर्निर्धारण / संशोधन के संबंध में विभिन्न स्तरों से प्राप्त सुझाव / प्रस्तावों के आधार पर जिला निर्वाचन अधिकारियों द्वारा नियत प्रारूप पर मतदेय स्थलों का आलेख्य प्रकाशन करते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर प्रकाशित किया गया है, जिसकी प्रति जिला निर्वाचन अधिकारियों द्वारा मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के जिला स्तरीय पदाधिकारियों को भी यथासमय उपलब्ध करायी गयी है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में राज्य में स्थापित 11647 मूल मतदेय स्थल एवं आलेख्य मतदेय स्थलों की सूची पर प्राप्त प्रस्तावों पर जनपद स्तर पर मान्तया प्राप्त राजनैतिक दलों के साथ विचार-विमर्श करने के उपरान्त जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारियों से प्राप्त विवरण के अनुसार मतदेय स्थलों के पुनर्निर्धारण / संशोधन / परिवर्तन प्रस्ताव Manual on Polling Stations तथा आयोग से समय-समय पर प्राप्त दिशा-निर्देशों के अनुसार तैयार कर आयोग के अनुमोदनार्थ प्रस्तुत किये गये है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि उक्त पुनर्निधारण में मतदाताओं के लिए 02 किमी से अधिक पैदल दूरी के कारण 99 मतदेय स्थल नये प्रस्तावित किये गये है तथा वर्तमान में मतदाताओं की संख्या 1500 से अधिक होने के कारण 5 मतदेय स्थलों की संख्या को बढाया गया है। इस प्रकार के कुल 104 मतदेय स्थलों की वृद्धि हुई है। इसके अतिरिक्त एक ही भवन में एक से अधिक मतदेय स्थलों की समीक्षा में 27 मतदेय स्थलों को समायोजित/विलय कर कम किया गया। 121 मतदेय स्थलों के कुछ ग्राम, वार्ड, मुहल्ले (अनुभाग) आदि को मतदाताओं की सुविधा के दृष्टिगत उसी मतदान क्षेत्र के अन्तर्गत अन्य मतदेय स्थल में सम्मिलित किया गया है। 524 मतदेय स्थल भवनों से संबंधित शिक्षण संस्थानों के उच्चीकरण, मतदेय स्थल भवनों के नाम में परिवर्तन / संशोधन के फलस्वरूप मतदेय स्थल / भवन के नाम में परिवर्तन तथा 187 मतदेय स्थल भवन के क्षतिग्रस्त होने, अथवा जीर्ण-शीर्ण होने के कारण उसी मतदान क्षेत्र के अन्तर्गत अन्य उपयुक्त शासकीय भवन में, भवन परिवर्तन का प्रस्ताव है।
उन्होंने बताया कि विधान सभा सामान्य निर्वाचन, 2022 के दौरान कोविड गाइडलान के अनुरूप 1200 से अधिक मतदाताओं वाले 59 मतदेय स्थलों को तद्समय सहायक मतदेय स्थल के रूप में तैयार किये जाने का अनुमोदन प्राप्त हुआ था तथा तद्समय 09 मतदेय स्थलों के मतदाताओं को माईग्रेशन के कारण कम किया गया था, जिन्हें वर्तमान प्रस्तावों में समायोजित कर लिया गया है। इस प्रकार राज्य में अन्तिम रूप से एकीकरण के उपरान्त मतदेय स्थलों की संख्या 11647 से बढ़कर 11724 हो गयी है।
उन्होंने बताया कि पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत पोलिंग स्टेशन का सुव्यवस्थीकरण एवं पुनः व्यवस्था, कन्ट्रोल टेबल का अद्यतीकरण जैसे कार्य 09 अक्टूबर, 2023 तक सम्पन्न किए जाएंगे। जबकि अर्हता तिथि 01 अक्टूबर 2024 के संदर्भ में पूरक और एकीकृत ड्राफ्ट रोल को 10 अक्टूबर, 2023 से 26 अक्टूबर, 2023 तक तैयार किया जाना सुनिश्चित किया जाएगा। एकीकृत मसौदा निर्वाचक नामावली का प्रकाशन 27 अक्टूबर 2023 को किया जाएगा। 27 अक्टूबर 2023 से 09 दिसम्बर के मध्य दावे तथा आपत्तियां दर्ज की जाएंगी। 4, 5, 25, 26 नवम्बर 2023 को विशेष शिविर दिवस आयोजित किए जाएंगे। 26 दिसम्बर 2023 को दावों और आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। 01 जनवरी 2024 को मानकों की जांच तथा अन्तिम प्रकाशन हेतु आयोग की अनुमति ली जाएगी। इसके साथ ही इस दिन सप्लीमेंटस की प्रिंटिंग तथा डाटाबेस का अद्यतीकरण किया जाएगा। निर्वाचक नामावली का अन्तिम प्रकाशन 05 जनवरी 2024 को किया जाएगा।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बैठक में सभी उपस्थित राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों से अनुरोध किया गया कि. मतदेय स्थलों के संशोधन के संबंध में यदि कोई उपयुक्त प्रस्ताव हो, तो उसे आयोग की नियत समय सीमा से पूर्व सम्बन्धित जिला निर्वाचन अधिकारी को उपलब्ध कराये जाने हेतु जिला स्तरीय पदाधिकारियों को निर्देशित किया जाय, ताकि उस प्रस्ताव पर विचार-विमर्श के उपरान्त आयोग का अनुमोदन प्राप्त किया जा सकें।
बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी, डा. विजय कुमार जोगदण्डे व सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री मस्तू दास के अतिरिक्त आम आदमी पार्टी से श्री जोत सिंह बिष्ट, भारतीय जनता पार्टी से श्री पुनीत मित्तल, श्री राजीव शर्मा, श्री संजीव विज, इण्डियन नेशनल कांग्रेस से श्री अमरजीत सिंह, बहुजन समाज पार्टी, श्री प्रमोद कुमार, प्रतिनिधि बहुजन समाज पार्टी श्री जय प्रकाश व कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्कसिस्ट) से श्री अनन्त आकाश उपस्थित थे।
स्टेडियम खाली कराकर कुत्ता टहलाने वाली IAS को सरकार ने रिटायर कर दिया..
देश-विदेश: केंद्र सरकार ने IAS रिंकू दुग्गा को जबरन रिटायर कर दिया है। 54 साल की रिंकू अरुणाचल प्रदेश में इंडीजीनस अफेयर्स की प्रिंसिपल सेक्रेटरी थीं। रिंकू दुग्गा वहीं अफसर हैं जो एक साल पहले दिल्ली में अपने कुत्ते को घुमाने के लिए एथलीटों से स्टेडियम खाली कराए जाने को लेकर चर्चा में आईं थीं
आपको बता दे कि रिंकू दुग्गा को जो पिछले साल कथित तौर पर अपने कुत्ते को घुमाने के लिए एथलीटों का स्टेडियम खाली करने को लेकर विवादों में आई थीं, उन्हे सरकार ने अनिवार्य रूप से सेवानिवृत्त कर दिया है। नौकरशाह रिंकू दुग्गा अरुणाचल प्रदेश में कार्यरत थीं, जब सरकार ने उन्हें अनिवार्य रूप से सेवानिवृत्त कर दिया। पीटीआई ने एक अफसर के हवाले से कहा कि सरकार को किसी भी सरकारी कर्मचारी को सेवानिवृत्त करने का अधिकार है। रिंकू दुग्गा को सेंट्रल सिविल सर्विसेज (पेंशन) 1972 के नियम 56(J) के तहत जबरन रिटायर किया गया है।
1994 बैच की IAS थीं रिंकू दुग्गा..
बता दे कि रिंकू दुग्गा 1994 बैच के AGMUT (अरुणाचल प्रदेश-गोवा-मिजोरम और केंद्र शासित प्रदेश) कैडर के अधिकारी हैं। उनके पति संजीव खिरवार 1994 बैच के आईएएस अफसर हैं। खिरवार को पिछले साल दिल्ली से ट्रांसफर कर दिया गया था।बताया जा रहा हैं कि दिल्ली के त्यागराज स्टेडियम में एथलीटों को अपना प्रशिक्षण जल्दी खत्म करने के लिए मजबूर किया जा रहा था, ताकि आईएएस दंपत्ति वे अपने कुत्ते को शाम की सैर के लिए सुविधा केंद्र में ला सकते हैं।
कुत्ता टहलाने और एथलीटों को बाहर किए जाने के मामले की केंद्र सरकार ने जांच कराई थी। रिपोर्ट रिंकू दुग्गा और उनके पति खिरवार के खिलाफ थी। इस रिपोर्ट से एथलीटों और जनता में भारी आक्रोश फैल गया। इसके बाद दिल्ली सरकार में प्रमुख सचिव (राजस्व) के रूप में काम करने वाले खिरवार को लद्दाख में स्थानांतरित कर दिया गया था। वहीं दुग्गा को अरुणाचल प्रदेश में स्वदेशी मामलों के प्रमुख सचिव के रूप में तैनात किया गया था।
निवेश के समझौतों से उत्साहित सीएम पुष्कर सिंह धामी..
उत्तराखंड: सीएम पुष्कर सिंह धामी ने निवेशक सम्मेलन को लेकर लंदन में आयोजित रोड शो में सहयोग के लिए वहां रह रहे प्रवासी भारतीयों खासतौर पर उत्तराखंड के प्रवासी लोगों का आभार व्यक्त किया है। विदेशी निवेशकों से हुए समझौतों से उत्साहित सीएम ने लंदन दौरे को सफल बताया। सीएम ने प्रसन्नता व्यक्त की कि प्रवासी उत्तराखंड निवासी विदेश में रहकर भी अपनी संस्कृति से जुड़े हुए हैं। अपनी मेहनत से उत्तराखंड के प्रवासी भाइयों ने अपना खास मुकाम बनाया है। उनका कहना हैं कि जिस अपनत्व भाव से उनका स्वागत किया गया उससे वे भावविभोर हैं। विदेश में रह रहे उत्तराखंड के प्रवासी भाई-बहन, उत्तराखंड के ब्रांड एंबेसडर हैं। सीएम ने कहा कि लंदन भ्रमण बहुत ही सफल रहा है। निवेशकों से उत्साहवर्धक बात हुई है। निवेश के महत्वपूर्ण एमओयू हुए हैं। प्रधानमंत्री का उत्तराखंड से विशेष लगाव है। उनके मार्गदर्शन में राज्य का विकास हुआ है।
धामी सरकार में दायित्वों का बंटवारा, इन 10 नेताओं को मिली बड़ी जिम्मेदारी..
उत्तराखंड: प्रदेश में नेताओं का लंबे समय से चला रहा है इंतजार खत्म हो गया है। बताया जा रहा है कि लोकसभा चुनाव से पहले धामी सरकार ने दायित्वों का बंटवारा कर दिया है। 10 नेताओं को बड़ी जिम्मेदारी दी है। जिसकी सूची जारी कर दी गई है। आपको बता दे कि पिछले लंबे समय से भाजपा में दायित्वों बांटे जाने की इंतजार हो रहा था। सीएम धामी के लंदन जाने से पहले ही दायित्व बांटे जाने की सुगबुगाहट थी। गढ़वाल और कुमाऊं के नेताओं में इस बात को लेकर असमंजस की स्थिति थी कि आखिरकार राज्य सरकार किसको दायित्व से नवाजेगी। इसी कड़ी में पहली लिस्ट 10 दायित्वधारियों की जारी की गई है।
बताया जा रहा है कि कुछ बड़े नेता और कुछ छोटे नेताओं को बड़े दायित्व दिए गए हैं। बुधवार देर रात शासन ने भाजपा के 10 वरिष्ठ नेताओं को दायित्व दिए जाने का आदेश जारी कर दिया। इनमें पांच विभिन्न परिषदों व संस्थाओं में अध्यक्ष और पांच उपाध्यक्ष बनाए गए हैं। माना जा रहा है अब जल्द ही दूसरी लिस्ट भी जारी कर दी जाएगी। साथ ही दर्जा भी तय किया जाएगा।
इन्हें मिली जिम्मेदारी
1. ज्योति प्रसाद गैरोला : उपाध्यक्ष, बीस सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति (राज्य स्तरीय )
2. रमेश गड़िया : उपाध्यक्ष, उत्तराखंड राज्य स्तरीय जलागम परिषद
3. मधु भट्ट : उपाध्यक्ष, उत्तराखंड संस्कृत साहित्य एवं कला परिषद
4. मुफ्ती शमून कासमी : अध्यक्ष, उत्तराखंड मदरसा शिक्षा परिषद्
5. बलराज पासी : अध्यक्ष, उत्तराखंड राज्य बीज एवं जैविक उत्पाद प्रमाणीकरण संस्था
6. सुरेश भट्ट : उपाध्यक्ष, राज्य स्तरीय राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य एवं अनुश्रवण परिषद
7. अनिल डब्बू : अध्यक्ष, कृषि उत्पादन एवं विपणन बोर्ड (मंडी)
8. कैलाश पंत : अध्यक्ष, उत्तराखंड राज्य सलाहकार श्रम संविदा बोर्ड
9. शिव सिंह बिष्ट : उपाध्यक्ष, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना राज्य स्तरीय अनुश्रवण परिषद्
10. नारायण राम टम्टा : अध्यक्ष, हरिराम टम्टा परंपरागत शिल्प उन्नयन संस्था
