श्रद्धालुओं के लिए खुले केदारनाथ और गंगोत्री-यमुनोत्री के कपाट..
उत्तराखंड: केदारनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ चारधाम यात्रा का श्रीगणेश हो गया है। आज विधि-विधान से सुबह सात बजे पहले केदारनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोले गए। इस दौरान हेलिकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गई। हजारों श्रद्धालुओं के जयकारों के साथ बाबा केदार की पंचमुखी डोली केदारनाथ पहुंची है। इसके बाद यमुनोत्री और फिर गंगोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए दर्शन के लिए खोल दिए गए हैं।
कल देर शाम तक 16 हजार से अधिक श्रद्धालु भी पहले दिन बाबा केदार के दर्शन के लिए केदारपुरी पहुंच गए थे। आज सुबह केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के बाद यमुनोत्री धाम के कपाट सुबह 10.29 बजे और फिर गंगोत्री धाम के कपाट 12.25 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। अब बदरीनाथ धाम के कपाट 12 मई को सुबह छह बजे खुलेंगे।
उत्तराखंड के सोमेश्वर में बादल फटने से मची तबाही, मकानों में घुसा मलबा..
उत्तराखंड: बुधवार शाम को प्रदेश में मौसम बदला और कई स्थानों पर जमकर बारिश हुई। अल्मोड़ा जिले के सोमेश्वर में बादल फटने से तबाही मच गई। भारी बारिश होने से जहां कई वाहन मलबे में दब गए तो वहीं कई घरों में पानी के साथ ही मलबा घुस गया। अब तक बारिश के कारण जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है। सोमेश्वर में पहले तो जंगल की आग ने जमकर कहर बरपाया। लेकिन अब जिस बारिश से आग से राहत मिलने की उम्मीद थी उसी बारिश ने तांडव मचा दिया। जिससे जिलों अल्मोड़ा और बागेश्वर को जोड़ने वाला हाईवे अल्मोड़ा-कौसानी हाईवे बंद हो गया है।
भारी बारिश के कारण मकानों में दरारें पड़ गई हैं। अचानक आई आफत की बारिश के कारण पानी मलबे के साथ घरों के आगे नाले के जैसा बहने लगा। ये मंजर देख हर कोई डर गया और लोग अपने घरों को छोड़ सुरक्षित स्थानों की ओर दौड़ पड़े। बारिश के पानी के साथ ही मलबा लोगों के घरों में घुस गया। इतना ही नहीं बड़े-बड़े बोल्डर लोगों के घरों तक पहुंच गए।
चनौदा और अघूरिया में भी फटा बादल..
सोमेश्वर में एक नहीं तीन स्थानों पर बादल फटने की घटनाएं सामने आई। सोमेश्वर मुख्यालय के साथ ही चनौदा और अघूरिया में बादल फटने से भारी नुकसान हुआ है। चनौदा में गांव के पीछे की ओर भारी बारिश अपने साथ मलबा और बोल्डर बहा लाई। देखते ही देखते गांव में लोगों के घरों के आगे मलबा इकट्ठा हो गया। जिस से लोग डरकर बाहर की और दौड़े। अघूरिया में भी बादल फटने के कारण लोग दहशत में है। पूरी रात गांव के लोग डर के मारे सो नहीं पाए। एक घंटे तक लगातार भारी बारिश ने अपना कहर बरपाया।
चारधाम यात्रा- चेकपोस्ट पर ग्रीन कार्ड-ट्रिप कार्ड की होगी चेकिंग..
उत्तराखंड: चारधाम यात्रा के लिए परिवहन विभाग ने पांच चेकपोस्ट पर अधिकारी-कर्मचारी मुस्तैद कर दिए हैं। सभी चेकपोस्ट पर यात्रा में आने वाले व्यावसायिक वाहनों के ग्रीन कार्ड, ट्रिप कार्ड चेक किए जाएंगे। संयुक्त परिवहन आयुक्त एसके सिंह का कहना हैं कि चारधाम यात्रा चेकपोस्ट के लिए सभी अधिकारी-कर्मचारियों की रोस्टरवार ड्यूटी लगाई गई है। डामटा चेकपोस्ट को हटाकर विकासनगर-यमुना पुल मार्ग पर बाड़वाला चेकपोस्ट बनाया गया है। बाकी भद्रकाली, तपोवन, कुठालगेट, सोनप्रयाग चेकपोस्ट पर भी अधिकारी-कर्मचारी तैनात कर दिए गए हैं। सभी जगहों पर टैक्सी, मैक्सी, मिनी बस, बस आदि व्यावसायिक वाहनों की चेकिंग की जाएगी।
ये काम हैं जरूरी..
यात्रा के लिए पर्यटन विभाग की वेबसाइट पर पंजीकरण, ट्रिप कार्ड जरूर लें।
यात्रा में संचालित सभी कॉमर्शियल वाहनों का ग्रीन कार्ड भी जरूरी है।
वाहन के सभी प्रपत्र आरसी, फिटनेस, बीमा, प्रदूषण, परमिट, उत्तराखंड में मोटर वाहन का कर जमा करा प्रमाणपत्र, चालक का लाइसेंस, ग्रीन कार्ड, ट्रिप कार्ड, यात्री सूची की वैध मूल प्रमाण प्रति साथ रखें।
चालक के लाइसेंस में पर्वतीय मार्गों का पृष्ठांकन जरूरी है।
चारधाम यात्रा मार्गों पर एक धाम की यात्रा तीन दिन, दो धाम की यात्रा पांच दिन, तीन धाम की यात्रा सात दिन, चारधाम की चात्रा के लिए 10 दिन की अवधि निर्धारित है।
चालक, परिचालक वर्दी पहनें। यात्रा शुरू करते समय व वापसी में यात्रा चेकपोस्ट पर वाहन की प्रविष्टि जरूर कराएं।
यात्रा के दौरान ये न करें
पर्वतीय मार्गों पर अकुशल एवं अप्रशिक्षित वाहन चालक के साथ यात्रा न करें।
ओवर स्पीड न करें।
चालक लगातार स्टेयरिंग ड्यूटी न करें, विश्राम भी करें।
पर्वतीय मार्गों पर रात 10 बजे से सुबह चार बजे तक वाहन संचालन प्रतिबंधित है।
यात्रा में पदनाम के बोर्ड, सायरन, हूटर, लाल, पीली, नीली बत्ती, प्रेशर हॉर्न, मल्टी टोन हॉर्न व फैंसी लाइट लगाना प्रतिबंधित है।
वाहनों को प्राकृतिक स्त्रोतों के पानी में न धोएं। वाहन खाई की ओर पार्क न करें।
हाईकोर्ट के लिए गौलापार में वन भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया अंतिम चरण में..
उत्तराखंड: हाईकोर्ट गौलापार में बनाया जाएगा। वन भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। लोनिवि एक-दो दिन में वन भूमि हस्तांरण के लिए ऑनलाइन आवेदन कर देगा। उधर जिला प्रशासन हाईकोर्ट के आवासीय परिसर के लिए चोरगलिया रोड पर वर्ग-4 की जमीन देखी जा रही है। आपको बता दें कि, भारत सरकार के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की क्षेत्रीय अधिकार प्राप्त समिति की 24 जनवरी 2024 को हुई 84वीं बैठक के निर्णय पर चर्चा और विचार विमर्श किया गया। इसके तहत आरईसी ने उच्च न्यायालय के स्थानांतरण के लिए 26.08 हेक्टेयर भूमि के प्रस्ताव को खारिज कर दिया था। इसके बाद जिला प्रशासन ने हाईकोर्ट के लिए जिले में कई जगह जमीन खोजी। चौसला (बेलबसानी) में भी जमीन चिह्नित की गई लेकिन हाईकोर्ट के न्यायाधीशों ने इसे खारिज कर दिया था। हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल ने प्रमुख सचिव लॉ-कैम-एलआर उत्तराखंड सरकार को पत्र भेजा था। इसमें गौलापार में हाईकोर्ट के लिए 20.8 हेक्टेयर जमीन के लिए नए सिरे से प्रस्ताव बनाने को कहा था।
उधर नोडल एजेंसी पीडब्लूडी ने वन भूमि हस्तांतरण का प्रस्ताव नए सिरे से तैयार कर लिया है। एक दो दिन में इसे वेबसाइट में अपलोड कर दिया जाएगा। उधर हाईकोर्ट के आवासीय परिसर के लिए जिला प्रशासन चोरगलिया रोड पर जमीन खोज रहा है। सूत्रों के अनुसार प्रशासन ने एक-दो जगह जमीन भी चिह्नित कर ली है। ये जमीन वर्ग-1 की है। बता दे कि कि प्रशासन इस जमीन के बारे में जल्द ही हाईकोर्ट के जजों को दिखाएगा। वहां से हामी भरने पर प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
उत्तराखंड में 3600 बेसिक टीचरों की भर्ती का रास्ता साफ, बीएड की बाध्यता खत्म, जल्द शुरू होगी भर्ती..
उत्तराखंड में 3600 बेसिक टीचरों की भर्ती का रास्ता साफ, बीएड की बाध्यता खत्म, जल्द शुरू होगी भर्ती..
उत्तराखंड: शिक्षा विभाग ने राजकीय प्रारम्भिक शिक्षा (अध्यापक) (संशोधन) सेवा नियमावली, 2024 को अपनी मंजूरी दे दी है। नई नियमावली में बेसिक शिक्षक भर्ती के लिये आवश्यक शैक्षिक योग्यता बीएड की बाध्यता खत्म कर दी है। अब केवल डीएलएड धारक ही बेसिक शिक्षक के पात्र होंगे। प्रदेशभर के डीएलएड प्रशिक्षितों को प्राथमिक शिक्षक बनने का रास्ता साफ हो गया है। सरकार ने राजकीय प्रारम्भिक शिक्षा सेवा नियमावली, 2012 में संशोधन कर उत्तराखंड राजकीय प्रारम्भिक शिक्षा (अध्यापक) (संशोधन) सेवा नियमावली, 2024 को अपनी मंजूरी दे दी है। नई नियमावली में बेसिक शिक्षक भर्ती के लिये आवश्यक शैक्षिक योग्यता बीएड की बाध्यता खत्म कर दी है। अब केवल डीएलएड धारक ही बेसिक शिक्षक के पात्र होगा।
बता दे कि सरकार के इस फैसले के बाद जल्द ही करीब 3600 प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी। शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने विभागीय अधिकारियों को इसके निर्देश दे दिए हैं। प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया खत्म होने से प्रदेशभर के प्राथमिक विद्यालयों में रिक्त शिक्षकों के सभी पद भर दिये जाएंगे। जिससे सूबे की प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।
जंगल की आग मामले में बरती लापरवाही, अल्मोड़ा में रेंज अधिकारी को किया अटैच..
उत्तराखंड: जंगल की आग के कारण प्रदेश में कहर मच रखा है। वनाग्नि के मामले में लापरवाही बरतने पर अल्मोड़ा में रेंज अधिकारी को प्रभागीय कार्यालय में अटैच कर दिया गया है। वनाग्नि पर काबू पाने की लगातार कोशिश की जा रही है। इस मामले में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी का कहना है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। जंगलों में आग मामले में लापरवाही बरतने पर अल्मोड़ा वन प्रभाग के जोरासी में तैनात रेंज अधिकारी को प्रभागीय कार्यालय में अटैच कर दिया गया है।
आग की घटनाओं में वृद्धि ना हो और इन घटनाओं पर काबू पाया जा सके इसलिए पीसीसीएफ (हाफ) धनंजय मोहन ने हर जिले के लिए नोडल अधिकारी की तैनाती की है। बता दें कि मुख्यालय में महत्वपूर्ण पदों पर जमे सीनियर आईएफएस अधिकारियों को नोडल अधिकारी बनवाया गया है। ये नोडल अधिकारी जहां आग की घटनाओं की मानीटरिंग करेंगे तो वहीं इसकी रिपोर्ट भी पेश करेंगे।
जंगलों में आग लगाने वालों की अब खैर नहीं है। आग लगाने वालों के खिलाफ अब कड़ी कार्रवाई की जाएगी। डीजीपी अभिनव कुमार का कहना हैं कि पुलिस द्वारा ऐसे लोगों पर सख्त नजर रखी जा रही है। जो लोग जंगल में आग लगने की घटनाओं में लिप्त पाए जाएंगे उन पर गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा। इसके साथ ही उनकी संपत्ति की भी कुर्की की जाएगी।
पिथौरागढ़ हेली- हेली सेवा का विरोध कर रहे दो लोगों को गिरफ्तार करने से आक्रोश..
उत्तराखंड: पिथौरागढ़ में लंबे समय से स्थानीय लोग हेलीकॉप्टर से आदि कैलाश और ओम पर्वत यात्रा का विरोध कर रहे हैं। इस विरोध में आंदोलन कर लोगों में से पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। रं समाज के दो लोगों की गिरफ्तारी से लोगों में आक्रोश और भी बढ़ गया है। आंदोलन कर रहे रं समाज के एक पुरूष और एक महिला को गिरफ्तार कर लिया है। जिसके बाद से लोगों का गुस्सा और भी बढ़ गया है। लोगों का कहना है कि नआंदोलन शांतिपूर्वक तल रहा था। ऐसे में इस तरह से गिरफ्तारी बिल्कुल गलत है।
हेलीकॉप्टर पर पथराव करने पर की गई गिरफ्तारी.
जहां एक ओर दो लोगों की गिरफ्तारी से लोगों में आक्रोश है तो वहीं इस पूरे मामले पर पुलिस का कहना है कि हेलीकॉप्टर पर पथराव करने और अभद्रता की शिकायत मिलने पर ये कार्रवाई की गई है। गिरफ्तारी के बाद रं समाज की महिला, पुरुष और जनप्रतिनिधि आक्रोशित होकर बड़ी संख्या में तवाघाट चौराहे पर पहुंचे। लेकिन इसी बीच पुलिस दोनों को धारचूला ले आई। थोड़ी दी देर बाद कोतवाली के बाहर लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई। हालांकि दोनों को एसडीएम कोर्ट में मुचलका भरने के बाद छोड़ दिया गया। लेकिन इसके बाद से रं समाज के लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि हेली सेवा का विरोध जारी रहेगा।
आपको बता दें कि हेली सेवा के माध्यम से यात्रा कराने के विरोध में होम स्टे, टैक्सी यूनियन, व्यास जनजाति संघर्ष समिति और व्यास घाटी के लोग तीन दिनों से धरने पर बैठे हुए हैं। लोगों की मांग है कि आदि कैलाश और ओम पर्वत यात्रा को हेलीकॉप्टर से ना कराया जाए। बल्कि इसके पुराने रूट से ही कराया जाए। हेली सेवा से यात्रा कराए जाने पर लोगों का रोजगार कम हो रहा है।
उत्तराखंड में खुले में बिक रहे सभी मसालों की जांच के आदेश..
चारधाम यात्रा मार्गों पर भी होगी सैंपलिंग..
उत्तराखंड: प्रदेश में खुले में बिक रहे सभी मसालों की जांच होगी। जांच के बाद अगर कुछ गड़बड़ी सामने आई तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। चारधाम यात्रा मार्गों पर भी खाद्य पदार्थों के साथ ही मसालों की सैंपलिंग की जाएगी। राज्य खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने इसकी शुरुआत कर दी है। कई देशों में एमडीएच, एवरेस्ट मसालों की गुणवत्ता जांच पर सवाल उठने पर देश में भी ब्रांडेड, नॉन ब्रांडेड मसालों की गुणवत्ता जांच शुरू हो गई है। इसके तहत ही बाजारों में खुले में बिक रहे मसालों की जांच शुरू कर दी गई है।
चारधाम यात्रा मार्गों पर सैंपलिंग के लिए मोबाइल वैन ऋषिकेश से रवाना कर दी गई। प्रदेश में तमाम स्वयं सहायता समूह ऐसे हैं जो अपने स्तर से मसाले पिसवाकर बाजार में बेच रहे हैं। तमाम ऐसी चक्कियां भी हैं, जहां मसाले पीसकर बाजार में बेचे जाते हैं। इन पर भी नजर रखी जाएगी।राज्य औषधि विश्लेषण प्रयोगशाला रुद्रपुर में ही मसालों की भी जांच होगी। चूंकि प्रदेश में एकमात्र लैब है, जहां सभी तरह के खाद्य पदार्थों के सैंपल जांच को भेजे जाते हैं। इसलिए मसालों की जांच में थोड़ा समय लग सकता है। जांच रिपोर्ट आने तक मसालों की बिक्री रोकना मुश्किल है। प्रदेश में ब्रांडेड, नॉन ब्रांडेड के साथ ही खुले में बिक रहे सभी मसालों की सैंपलिंग की जाएगी। इसके लिए निर्देश दिए जा चुके हैं। कुछ जगहों पर सैंपलिंग शुरू की जा चुकी है।
चारधाम यात्रा के लिए ऑफलाइन पंजीकरण की व्यवस्था शुरू..
उत्तराखंड: प्रदेश में 10 मई से चारधाम यात्रा शुरू होने वाली है इसके लिए सरकार ने पूरी व्यवस्था कर दी है। सरकार ने ऑनलाइन पंजीकरण के साथ ही ऑफलाइन पंजीकरण के द्वार खोल दिये हैं, अब श्रद्धालु ऋषिकेश और हरिद्वार से ऑफलाइन पंजीकरण भी करवा पाएंगे। शनिवार को पर्यटन विभाग की बैठक में यह निर्णय लिया गया है बता दें कि अब श्रद्धालु 8 मई से ऋषिकेश और हरिद्वार में ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन करवा पाएंगे। मिली जानकारी के अनुसार पर्यटन सचिव सचिन कुर्वे का कहना हैं कि श्रद्धालु हरिद्वार में राही मोटल तथा ऋषिकेश में यात्रा पंजीकरण कार्यालय एवं ट्रांजिट कैम्प में यात्री अपना ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। प्रत्येक धाम के लिए प्रतिदिन ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन की सीमा ऋषिकेश में एक हजार और हरिद्वार में 500 निर्धारित की गयी है। श्रद्धालु चारों धामों की यात्रा के लिए पंजीकरण काउन्टरों पर अधिकतम तीन दिन के लिए रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। इसके साथ ही तीर्थ पुरोहितों के साथ समन्वय के लिए अहम फैसला किया गया है। पर्यटन विभाग और तीर्थ पुरोहित महापंचायत के पुरोहित के साथ बैठक में चारों धाम में समन्वय के लिए तीर्थ पुरोहित तय किए गए हैं। हर धाम में दो तीर्थ पुरोहित को इसके लिए चुना गया है।
तीर्थ पुरोहित धामों के यात्रा प्रबन्धन की वास्तविक स्थिति से पर्यटन विभाग को समय पर अवगत करवाते रहेंगे। साथ ही श्रद्धालुओं हेतु अतिरिक्त सुविधाओं के लिए विभाग को अपने सुझाव भी देंगे। पयर्टन सचिव का कहना हैं कि तीर्थपुरोहित और पर्यटन विभाग के समन्वय से यात्रा के दौरान आने वाली समस्याओं को शीघ्रता से हल करने में सुविधा होगी। साथ ही भविष्य के लिए बेहतर योजना तैयार करने में सहायता मिलेगी। उत्तराखंड में चारधाम यात्रा बहुत जल्द शुरू होने वाली है इसके लिए सरकार ने पूरी व्यवस्था कर दी है। सरकार ने ऑनलाइन पंजीकरण के साथ ही ऑफलाइन पंजीकरण के द्वार खोल दिये हैं, अब श्रद्धालु ऋषिकेश और हरिद्वार से ऑफलाइन पंजीकरण भी करवा पाएंगे। शनिवार को पर्यटन विभाग की बैठक में यह निर्णय लिया गया है बता दें कि अब श्रद्धालु 8 मई से ऋषिकेश और हरिद्वार में ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन करवा पाएंगे।
पर्यटन सचिव सचिन कुर्वे ने कहा कि श्रद्धालु हरिद्वार में राही मोटल तथा ऋषिकेश में यात्रा पंजीकरण कार्यालय एवं ट्रांजिट कैम्प में यात्री अपना ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। प्रत्येक धाम के लिए प्रतिदिन ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन की सीमा ऋषिकेश में एक हजार और हरिद्वार में 500 निर्धारित की गयी है। श्रद्धालु चारों धामों की यात्रा के लिए पंजीकरण काउन्टरों पर अधिकतम तीन दिन के लिए रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। इसके साथ ही तीर्थ पुरोहितों के साथ समन्वय के लिए अहम फैसला किया गया है। पर्यटन विभाग और तीर्थ पुरोहित महापंचायत के पुरोहित के साथ बैठक में चारों धाम में समन्वय के लिए तीर्थ पुरोहित तय किए गए हैं। तीर्थ पुरोहित धामों के यात्रा प्रबन्धन की वास्तविक स्थिति से पर्यटन विभाग को समय पर अवगत करवाते रहेंगे। साथ ही श्रद्धालुओं हेतु अतिरिक्त सुविधाओं के लिए विभाग को अपने सुझाव भी देंगे। पयर्टन सचिव ने कहा कि तीर्थपुरोहित और पर्यटन विभाग के समन्वय से यात्रा के दौरान आने वाली समस्याओं को शीघ्रता से हल करने में सुविधा होगी। साथ ही भविष्य के लिए बेहतर योजना तैयार करने में सहायता मिलेगी।
ऋषिकेश से कर्णप्रयाग तक 125 किमी रेल लाइन तैयार, 2025 में ट्रेन से कर सकेंगे चारधाम यात्रा..
उत्तराखंड: रेलवे की चारधाम परियोजना का काम तेजी के साथ चल रहा है। रेलवे का दावा है कि अगले साल की यात्रा भक्त ट्रेन से कर सकते हैं। ऋषिकेश से कर्णप्रयाग के बीच 125 किलोमीटर रेल लाइन बिछाने का काम अबतक लगभग पूरा हो गया है। अगले साल यानी 2025 में आप ट्रेन से चारधाम की यात्रा कर सकेंगे। रेलवे की चारधाम परियोजना के तहत गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ व बद्रीनाथ को रेलवे से जोड़ने का काम तेजी से चल रहा है। रेलवे बोर्ड की सीईओ जया वर्मा सिन्हा पिछले दिनों इसका निरीक्षण कर चुकी हैं।
इस परियोजना में 327 किमी का रेलवे ट्रैक तैयार किया जाना है। तीन चरणों में बंटी इस परियोजना को रेलवे 2025 तक पूरा करने की दावा कर रही है। इसकी शुरुआत मुरादाबाद रेल मंडल से काफी पहले हो चुकी है। ऋषिकेश से कर्णप्रयाग के बीच 125 किलोमीटर रेल लाइन बिछाने का काम लगभग पूरा हो गया है। अब सुरंगों में फिनिशिंग व उन्हें मौसम की दृष्टि से मजबूत बनाने का काम चल रहा है। भारी बारिश व भूकंप का असर भी यहां नहीं होगा। रेल प्रशासन का कहना है कि कार्य पूरा होने के बाद ऋषिकेश-कर्णप्रयाग के बीच की दूरी मात्र डेढ़ से दो घंटे में पूरी हो जाएगी। ट्रैक को इस प्रकार बनाया जा रहा है कि ट्रेन 100 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ सके।
चारधाम की यात्रा करने में जहां लोगों को 15 दिन लग जाते थे। वहीं रेलवे की इस परियोजना के पूरा होने के बाद यह यात्रा चार से से पांच दिन में हो जाएगी।
105 किमी हिस्से में सिर्फ सुरंगें इस परियोजना में 153 किमी का रेल रूट मुरादाबाद मंडल में आता है। इसमें से 125 किमी का रेल रूट कुल 16 हजार 216 करोड़ रुपये की लागत से तैयार गो रहा है। इसमें से 105 किमी की रेल लाइन सुरंग से होकर गुजरेगी। इस लाइन के बीच कुल 12 स्टेशन बनाए जा रहे हैं।जिसमें कुछ रेलवे स्टेशनों व सुरंगों का निर्माण पूरा हो चुका है। इस परियोजना को विस्तार देकर बद्रीनाथ और केदारनाथ तक बढ़ाया जाएगा। 125 किमी का रेल रूट कुल 16 हजार 216 करोड़ रुपये से तैयार हो रहा है। इसमें से 105 किमी की रेल लाइन सुरंग से होकर गुजरेगी।
