चुनाव प्रचार गरमाने उत्तराखंड आएंगे योगी आदित्यनाथ, इन शहरों में भरेंगे हुंकार..
उत्तराखंड: सीएम योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के तीन जनसभाओं की तारीखें तय की गई हैं। भाजपा उनके लिए दो अतिरिक्त जनसभाओं का आयोजन कराने की कोशिश कर रही है। योगी आदित्यनाथ 13 और 14 अप्रैल को उत्तराखंड में चुनावी प्रचार के लिए कार्यक्रम आयोजित करेंगे। वहाँ पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी जनसभाओं को संबोधित करेंगे।प पार्टी के प्रदेश महामंत्री आदित्य कोठारी ने घोषणा की कि योगी आदित्यनाथ 13 अप्रैल को हल्द्वानी में जनसभा करेंगे, जिसके बाद 14 अप्रैल को उनकी श्रीनगर गढ़वाल में और उसके बाद रुड़की में जनसभा होगी। पार्टी उनकी एक जनसभा अल्मोड़ा और दूसरी सहसपुर में कराने का प्रयास कर रही है। पहले योगी के आगमन से एक दिन पहले, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 12 अप्रैल को चुनाव प्रचार के लिए आएंगे।
लोकसभा चुनाव के महापर्व के दौरान प्रधानमंत्री ने 11 अप्रैल को ऋषिकेश में एक विशाल जनसभा का आयोजन किया है। यह जनसभा एक ऐसी व्यवस्था के साथ आयोजित की गई है कि इसमें तीन लोकसभा सीटों के 24 विधानसभा क्षेत्रों के नागरिक शामिल होंगे। पार्टी ने इस आयोजन को सफल बनाने के लिए एक लाख की भीड़ को आमंत्रित करने का लक्ष्य रखा है।
कांग्रेस ने जारी किया घोषणापत्र, अग्निवीर भर्ती को खत्म करने का दावा..
उत्तराखंड: कांग्रेस ने अपना घोषणापत्र जारी किया है। इस घोषणापत्र के माध्यम से कांग्रेस ने अपनी नीतियों और कार्यक्रमों का सारांश प्रस्तुत किया है। टिहरी लोकसभा समन्वयक मंत्री प्रसाद नैथानी ने इस संबंध में पत्रकारवार्ता की। उन्होंने मीडिया के सामने कांग्रेस की पांच न्याय 25 गारंटी की जानकारी दी, जिससे लोगों को पारदर्शिता और निष्पक्षता की दिशा में भरोसा मिला।
इस घोषणापत्र के माध्यम से कांग्रेस ने अपने विचार और विचारों को सार्वजनिक रूप से जाने दिया है, जिससे लोगों को उनकी राजनीतिक दृष्टि और नीतियों की जानकारी मिली है। शनिवार को पत्रकारवार्ता में मंत्री प्रसाद नैथानी ने बताया कि सत्ता में आने पर कांग्रेस पुरानी पेंशन योजना को लागू करेगी। सैनिकों को वन रैंक वन पेंशन दी जाएगी और अग्निवीर भर्ती को खत्म करने के सथ पूर्व की भांति फौज की भर्ती शुरू की जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के मदरसा एक्ट आदेश पर लगाई रोक..
17 लाख मदरसा छात्रों को मिली राहत..
देश-विदेश: 22 मार्च को इलाहाबाद हाईकोर्ट के दिए आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में यूपी बोर्ड ऑफ मदरसा एजुकेशन एक्ट 2004 को असंवैधानिक बताया था। सुप्रीम कोर्ट का कहना हैं कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के ये कहना कि मदरसा बोर्ड संविधान के धर्मनिरपेक्ष सिद्धांत का उल्लंघन करता है, ये ठीक नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने इसके साथ ही मदरसा बोर्ड के 17 लाख छात्रों और 10 हजार अध्यापकों को अन्य स्कूलों में व्यवस्थित कराने की प्रक्रिया पर भी रोक लगा दी है।
आपको बता दे कि मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की पीठ ने इस मामले में केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस भी जारी किया है। अंशुमान सिंह राठौर नामक एक वकील ने यूपी मदरसा कानून की संवैधानिकता को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिस पर हाईकोर्ट ने मदरसा कानून को असंवैधानिक मानते हुए इसे खत्म कर दिया था।
हाईकोर्ट की जस्टिस विवेक चौधरी और जस्टिस सुभाष विद्यार्थी की डिविजन बेंच ने अपने आदेश में कहा कि सरकार के पास यह शक्ति नहीं है कि वह धार्मिक शिक्षा के लिए बोर्ड का गठन करे या फिर किसी विशेष धर्म के लिए स्कूल शिक्षा बोर्ड बनाए। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने अपने आदेश में राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि वह राज्य के मदरसों में पढ़ रहे छात्रों को अन्य स्कूलों में व्यवस्थित करे। यह संपूर्ण घटनाक्रम न्यायिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है और धार्मिक शिक्षा के क्षेत्र में न्यायिक निर्णयों का महत्व अत्यंत उच्च है।
बीजेपी में शामिल हुए गौरव वल्लभ, कहा, मैं सनातन विरोधी नारे नहीं लगा सकता..
देश-विदेश: गौरव वल्लभ ने कांग्रेस से आज सुबह ही इस्तीफा दिया था। इस्तीफा देते समय उन्होनें कहा था कि मैं सनातन विरोधी नारे नहीं लगा सकता। वहीं अब गौरव वल्लभ ने बीजेपी का दामन थाम लिया है। बीजेपी मुख्यालय पहुंचक उन्होनें पार्टी की सदस्यता ली। पार्टी के महासचिव विनोद तावड़े ने उन्हें पार्टी में शामिल कराया। बीजेपी में शामिल होने से पहले अपने एक्स हैंडल से पोस्ट कर वल्लभ ने कहा कि कांग्रेस पार्टी आज जिस प्रकार से दिशाहीन होकर आगे बढ़ रही है, उसमें खुद को सहज महसूस नहीं कर पा रहा हूं। मैं ना तो सनातन विरोधी नारे लगा सकता हूं और ना ही सुबह- शाम देश के वेल्थ क्रिएटर्स को गाली दे सकता। इसलिए मैं कांग्रेस पार्टी के सभी पदों व प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहा हूं।
सनातन विरोधी बयानों से नाराज..
वहीं गौरव वल्लभ ने गठबंधन सहयोगियों के सनातन विरोधी बयानों पर पार्टी की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए लिखा कि अयोध्या में भगवान राम की प्रतिष्ठा पर कांग्रेस पार्टी के रूख से मैं परेशान हूं। जन्म से हिंदू और पेशे से शिक्षक होने के नाते, पार्टी का यह रूख पार्टी और उसके गठबंधन से जुड़े कई लोग सनातन धर्म के खिलाफ बोलते हैं और इस मामले पर पार्टी की चुप्पी अप्रत्यक्ष स्वीकृति देने जैसी है।
कौन है गौरव वल्लभ?
गौरव वल्लभ 42 साल के है और जोधपुर जिले के पीपाड़ गांव के रहन वाले हैं। पीपाड़ में प्रारंभिक शिक्षा के बाद गौरव ने पाली के बांगड़ कॉलेज से उच्च शिक्षा ग्रहण की। इसके बाद महर्षि दयानन्द सरस्वती यूनिवर्सिटी अजमेर से ग्रेजुएशन की डिग्री ली और राजस्थान यूनिवर्सिटी जयपुर से पीएचडी की। एजुकेशन के दौरान गौरव वल्लभ मेधावी छात्र रहे। कॉलेज के दिनों मे हर तरह के कॉम्पिटिशन मे वे हिस्सा लेते और अव्वल आते थे। बाद में गौरव जमशेदपुर के एक्सएलआरआई कॉलेज में प्रोफेसर बन गए। गौरव वल्लभ अर्थव्यवस्था के अच्छे जानकार हैं। वे कांग्रेस से जुड़कर राजनीति में आए। प्रखर वक्ता होने और तर्कशक्ति की नॉलेज के चलते उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय प्रवक्ता बनाया गया। 2019 के विधानसभा चुनाव में उन्होनें जमशेदपुर पूर्व सीट से तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास के खिलाफ कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा था। हालांकि वे चुनाव जीत नहीं पाए।
पिथौरागढ़ के प्राइमरी स्कूलों में टीचरों की कमी, धामी सरकार ने हाईकोर्ट से मांगी रिपोर्ट..
उत्तराखंड: हाईकोर्ट ने पिथौरागढ़ के 292 प्राइमरी स्कूलों में अध्यपकों की कमी को लेकर दायर जनहित याचिका पर राज्य सरकार से पूछा है कि ऐसे कितने स्कूल है जिनमें टीचरों की कमी है। ऐसे कितने स्कूल हैं जिनमें छात्र नहीं हैं और ऐसे कितने स्कूल है जिनके भवन जीर्णशीर्ण हालत में है। कोर्ट ने इसकी रिपोर्ट चार सप्ताह के भीतर तलब की है। कोर्ट ने इस संबंध में केंद्र सरकार को भी रिपोर्ट देने के लिए कहा है।
मुख्य न्यायाधीश रितु बाहरी एवं न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार पिथौरागढ़ निवासी राजेश पांडे ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि पिथौरागढ़ जनपद में 292 ऐसे प्राइमरी स्कूल हैं, जिनमें एक-एक शिक्षक नियुक्त हैं। कुछ स्कूल ऐसे हैं जिनमें छात्रों की संख्या 11, 21, 24 हैं लेकिन उनमें अध्यापक नहीं हैं। कुछ स्कूलों के भवन खस्ताहाल हैं जो कभी भी गिर सकते हैं। याचिका में कहा गया कि सरकार उनके बच्चों के भविष्य से खेल रही है।
सरकार ने स्कूल तो खोल दिए लेकिन अध्यापकों की नियुक्ति नहीं की। जनहित याचिका में कोर्ट से प्रार्थना की गई कि स्कूलों में अध्यापकों की नियुक्ति कराई जाए और स्कूल भवनों को सुधारा जाए। सुनवाई पर सरकार की ओर से कहा गया कि जिन स्कूलों में छात्र नही हैं और जिनमें छात्रों की संख्या कम रह गई है उनको दूसरे स्कूलों में मर्ज कर दिया गया है। कोर्ट ने केंद्र सरकार से भी रिपोर्ट पेश करने को कहा है। ताकि छात्रों के भविष्य को सुधारा जा सके।
हरक सिंह रावत ने फिर बदले रंग, भाजपा का दामन थामने की तैयारी..
उत्तराखंड: कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत एक बार फिर भाजपा का दामन थामने की तैयारी कर रहे हैं। बता दें बीते कुछ समय से हरक सिंह रावत ईडी से परेशान चल रहे थे। आपको बता दें कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत को दो अप्रैल को ईडी के सामने पेश होना था, लेकिन ईडी की ओर से हरक सिंह को राहत दे दी गई थी। ईडी ने फिलहाल अगले आदेश तक कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत की पेशी को टाल दिया है। अब हरक सिंह को मिली इस राहत को लेकर सियासी गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।
BJP का दामन थाम सकते हैं हरक सिंह रावत..
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार हरक सिंह रावत आज भाजपा का दामन थाम सकते हैं। बता दें कभी बीजेपी सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे कद्दावार नेता हरक सिंह रावत कांग्रेस ज्वाइन करने के बाद से ही परेशानी में हैं। विजलेंस, CBI से लेकर ED तक उनके दरवाजे पर पहुंच चुकी है। हालांकि हरक सिंह रावत ने भाजपा में शामिल होने की बात पर हामी नहीं भरी है। लेकिन राजनीति में कुछ भी हो सकता है। बद्रीनाथ से पार्टी विधायक राजेंद्र भंडारी 12 घंटे पहले कांग्रेस प्रत्याक्षी के साथ भाषण दे रहे थे और 12 घंटे बाद बीजेपी में भी शामिल हो गए।
राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा 3-4 अप्रैल को करेंगे जनसभा..
उत्तराखंड: प्रदेश में लोकसभा चुनाव को लेकर तैयारियां तेज है। जनसभाओं का दौर जारी है। पीएम मोदी के बाद अब भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा लोकसभा चुनाव में प्रचार के लिए उत्तराखंड आ रहे है। जेपी नड्डा का चार व पांच अप्रैल को उत्तराखंड दौरा प्रस्तावित किया गया है। बता दें कि उनके कार्यक्रम की तिथि में बदलाव हुआ है। मिली जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय अध्यक्ष चार अप्रैल को पिथौरागढ़ में जनसभा करेंगे और उसके बाद तीन बजे विकासनगर में चुनावी जनसभा होगी। इसी दिन वह देहरादून में प्रवास करेंगे और टिहरी संसदीय क्षेत्र की कोर कमेटी की बैठक लेंगे। इसके बाद पांच अप्रैल को उनका हरिद्वार में रोड शो होगा। इसी दिन वह संतों के साथ एक बड़ी बैठक करेंगे।
वहीं आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को जनपद उधमसिंहनगर के रुद्रपुर में विजय शंखनाद रैली में प्रतिभाग कर उत्तराखंड में चुनावी शंखनाद किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शंख भेंट कर उनका स्वागत किया। उन्होंने मां नंदा देवी, गोल्ज्यू देवता, मां राज राजेश्वरी एवं उत्तराखंड की धरती को नमन करते हुए बड़ी संख्या में आशीर्वाद देने आए लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में ये उनकी पहली चुनावी सभा है। उन्होंने इसे प्रचार सभा नहीं विजय सभा बताया।
उन्होंने उत्तराखंड की जनता की तपस्या का प्रतिफल, राज्य का विकास करके लौटाने का वादा किया। देवभूमि की जनता के आशीर्वाद को उन्होंने अपनी बड़ी पूंजी बताई। उन्होंने उधम सिंह नगर को *मिनी इंडिया* बताते हुए कहा कि जब भी वो उत्तराखंड की पवित्र धरती में आते हैं तो खुद को धन्य महसूस करते हैं।
केदारनाथ यात्रा- हेली सेवा की बुकिंग के लिए अब यहां करना होगा रजिस्ट्रेशन..
उत्तराखंड: चारधाम यात्रा की तैयारियां तेज है। प्रशासन यात्रा की तैयारियों में जुटा हुआ है। 10 मई को केदारनाथ धाम के कपाट खुल रहे हैं। इसी दिन से सिरसी, फाटा और गुप्तकाशी से हेली सेवा का संचालन शुरू हो जाएगा। लेकिन इस बार केदारनाथ यात्रा के लिए आपको ज्यादा पैसे देने होंगे। जी हां बताया जा रहा है कि केदारनाथ हेली सेवा के किराये में पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाएगी। इतना ही नहीं केदारनाथ हेली सेवा से जाने के लिए यात्रियों का पंजीकरण अनिवार्य होगा। बिना पंजीकरण के यात्री हेली सेवा की ऑनलाइन टिकट बुकिंग नहीं कर पाएंगे।
मिली जानकारी के अनुसार केदारनाथ हेली सेवा के लिए उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण ने एविएशन कंपनियों के साथ तीन साल का अनुबंध किया है। अनुबंध की शर्तों के अनुसार, इस बार हेली कंपनियां किराये में पांच प्रतिशत तक बढ़ोतरी करेगी। इस बार भी टिकटों की बुकिंग आईआरसीटीसी के माध्यम से टिकटों की बुकिंग की जाएगी। चारधाम यात्रा में केदारनाथ हेली सेवा से जाने के लिए यात्रियों का पंजीकरण अनिवार्य होगा। बिना पंजीकरण के यात्री हेली सेवा की ऑनलाइन टिकट बुकिंग नहीं कर पाएंगे। साथ ही एक बार में एक व्यक्ति अपनी आईडी से अधिकतम छह सीटों की बुकिंग कर सकेगा, जबकि समूह में यात्रा करने वाले यात्री एक बार में 12 सीट बुक कर सकते हैं।
बताया जा रहा है कि पिछले यात्रा सीजन में पवन हंस, कैट्रल एविएशन, हिमालयन हेली, एयरो एविएशन समेत अन्य कंपनियों से हेली सेवा का संचालन किया था। यात्रा के दौरान हेलीकॉप्टर से केदारनाथ जाने के लिए टिकटों की मारामारी रहती है। पिछली यात्रा में 1.50 लाख से अधिक तीर्थयात्री हेलीकॉप्टर से केदारनाथ धाम पहुंचे थे।
इलेक्ट्रिक गाड़ियों को प्रमोट करने के लिए आज से लागू हो रही नई स्कीम..
उत्तराखंड: भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए सरकार की ओर से Fame-2 सब्सिडी को 31 मार्च 2024 तक ही दिया जा रहा था। अब एक अप्रैल 2024 से केंद्र सरकार की ओर से ऐसे वाहनों के लिए नई स्कीम को लागू किया गया है। अब देश में इलेक्ट्रिक दोपहिया और तीन पहिया वाहनों पर कितनी और किस तरह से सब्सिडी मिलेगी। भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए 500 करोड़ रुपये की नई योजना इलेक्ट्रिक मोबिलिटी प्रमोशन स्कीम (EMPS 2024) आज से लागू हो गई है और जुलाई के अंत तक जारी रहेगी। इसका उद्देश्य भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने में तेजी लाना है। केंद्र सरकार की ओर से शुरू की गई इस योजना का लक्ष्य 3,72,215 इलेक्ट्रिक वाहनों को सपोर्ट देना है। मंत्रालय ने कहा था कि एडवांस तकनीक को प्रोत्साहित करने के लिए प्रोत्साहन का फायदा केवल उन्हीं वाहनों को दिया जाएगा जिनमें एडवांस तकनीक वाली बैटरी लगी होगी।
ईएमपीएस 2024 सरकार की आत्मनिर्भर भारत पहल के अनुरूप है, जो भारत में एक मजबूत, प्रतिस्पर्धी और आत्मनिर्भर ईवी विनिर्माण उद्योग को बढ़ावा देता है। यह घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने और ईवी सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए चरणबद्ध विनिर्माण कार्यक्रम को अपनाता है। ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा देने के साथ ही इस योजना से ईवी वेल्यू चेन में महत्वपूर्ण रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
नई स्कीम के शुरू होने के बाद से अब देशभर में FAME II स्कीम को खत्म कर दिया गया। फेम-2 का उद्देश्य इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना था। निर्माताओं और उपभोक्ताओं को कुल 11,500 करोड़ रुपये की सब्सिडी प्रदान करने के बाद कल समाप्त हो गई। 2019 में 10,000 करोड़ रुपये के बजट के साथ पेश की गई इस योजना ने 15 लाख से अधिक इलेक्ट्रिक वाहनों को समर्थन दिया है, जिसमें टाटा मोटर्स और ओला महत्वपूर्ण लाभार्थी हैं, जिसमें इलेक्ट्रिक वाहनों के 221 मॉडल शामिल हैं।
2023-24 के लिए FAME II बजट आवंटन 5,171.97 करोड़ रुपये था। भारी उद्योग मंत्रालय ने बताया कि पूरे आवंटन का उपयोग पहले तीन वर्षों में किया गया था, जिसमें 2022-23 में थोड़ी कमी आई है। इस वर्ष के अंतरिम बजट में, वित्त मंत्री ने FAME III योजना के लिए 2671.33 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, लेकिन इसका विवरण नई सरकार द्वारा जुलाई 2024 में मुख्य बजट में घोषित किए जाने की संभावना है।
आज से नया शिक्षा सत्र शुरू, होगी मिशन कोशिश की शुरुआत..
उत्तराखंड: प्रदेश में 16 हजार से अधिक सरकारी विद्यालयों में सोमवार से नए शिक्षा सत्र की शुरुआत के साथ ही मिशन कोशिश शुरू होगा। माध्यमिक शिक्षा निदेशक एमएस बिष्ट का कहना हैं कि सभी विद्यालयों में मिशन कोशिश के तहत छात्र-छात्राओं को कोर्स का रिवीजन कराया जाएगा। सरकारी विद्यालयों में सोमवार से नया शिक्षा सत्र शुरू हो रहा है, लेकिन छात्र-छात्राओं को शुरुआत में पुरानी किताबों से पढ़ना पड़ेगा। हर साल की तरह इस साल भी एक अप्रैल से मुफ्त पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध कराना विभाग के लिए चुनौती बना है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि शुरुआत में बुक बैंक के माध्यम से पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएंगी।
उधर, शिक्षकों का कहना है बुक बैंक से सभी छात्र-छात्राओं को पुस्तकें नहीं मिल पाएंगी। यदि किसी कक्षा में पिछले साल 15 छात्र थे और अबकी उसमें छात्र-छात्राओं की संख्या बढ़कर 20 हो गई तो पांच छात्र-छात्राओं को नई पुस्तकों के लिए इंतजार करना पड़ेगा। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि छात्र-छात्राओं को मुफ्त पाठ्य पुस्तकों के लिए जून महीने तक इंतजार करना पड़ सकता है।
इन जिलों में हैं इतने विद्यालय..
उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में 1,250 प्राथमिक विद्यालय हैं, जबकि बागेश्वर में 561, चमोली में 919, चंपावत में 477, देहरादून में 881, हरिद्वार में 666, नैनीताल में 937, पौड़ी में 1,405, पिथौरागढ़ में 1,023, रुद्रप्रयाग में 521, टिहरी गढ़वाल में 1,266, ऊधमसिंह नगर में 783 एवं उत्तरकाशी जिले में 686 प्राथमिक विद्यालय हैं। इसके साथ ही प्रदेश में 2,548 उच्च प्राथमिक विद्यालय एवं 2,313 माध्यमिक विद्यालय हैं।
