सरकारी ऐप से चलेगी अब टैक्सी सेवा, उत्तराखंड में ओला-उबर को मिलेगी टक्कर..
उत्तराखंड: प्रदेश में टैक्सी सेवाओं को सुव्यवस्थित और डिजिटल बनाने की दिशा में सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। प्रदेश में अब ओला-ऊबर की तरह काम करने वाला सरकारी मोबाइल एप विकसित किया जाएगा, जिससे टैक्सी और मैक्सी सेवाओं को एक पंजीकृत प्लेटफॉर्म पर लाया जा सके। सचिव परिवहन बृजेश संत ने इस संबंध में उत्तराखंड टैक्सी मैक्सी महासंघ के साथ हुई बैठक में निर्देश जारी किए। इसके साथ ही देहरादून में वाहनों की मैन्युअल फिटनेस जांच दोबारा शुरू करने के लिए परिवहन मुख्यालय द्वारा केंद्र सरकार को पत्र भेजा जाएगा।
उत्तराखंड टैक्सी-मैक्सी महासंघ की सचिव परिवहन बृजेश कुमार संत के साथ हुई बैठक में वाहनों की फिटनेस जांच को लेकर अहम चर्चा हुई। बैठक में परिवहन मुख्यालय के अधिकारी भी शामिल हुए। महासंघ ने मांग की कि चूंकि हाईकोर्ट ने 15 मई तक ऑटोमेटेड फिटनेस जांच पर स्टे दिया है, इसलिए देहरादून में मैन्युअल फिटनेस जांच की सुविधा भी बहाल की जाए, ताकि वाहन मालिकों को असुविधा का सामना न करना पड़े।
15 दिन का ग्रीन कार्ड देने पर चर्चा
वाहनों की फिटनेस जांच को लेकर उठ रही मांगों के बीच, सचिव परिवहन बृजेश कुमार संत ने परिवहन मुख्यालय के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए इस मुद्दे पर केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय को पत्र भेजा जाए। वर्तमान में, मंत्रालय द्वारा डोईवाला में ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर संचालित होने के कारण देहरादून में मैन्युअल फिटनेस जांच के लिए शुल्क जमा कराने की प्रक्रिया बंद कर दी गई थी, जिससे वाहन मालिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बैठक में चारधाम यात्रा पर बाहरी राज्यों से आने वाले व्यावसायिक वाहनों को 15 दिन का ग्रीन कार्ड देने पर चर्चा हुई। सचिव परिवहन ने इस पर अपनी सहमति दे दी है। जल्द ही इस संबंध में आदेश जारी हो जाएगा। राज्य के भीतर के वाहनों का ग्रीन कार्ड पूर्व की भांति पूरे यात्रा सीजन के लिए ही बनेगा।