उत्तराखंड

अब हर महीने आएगा बिजली बिल, यूपीसीएल ने बदला बिलिंग पैर्टन..

अब हर महीने आएगा बिजली बिल, यूपीसीएल ने बदला बिलिंग पैर्टन..

 

 

उत्तराखंड: प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए यूपीसीएल अब अपना बिलिंग पैर्टन बदलने जा रहा है जिसका लाभ 20 लाख घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को मिलेगा। इससे अब आपका बिल कम आने की उम्मीद है। जी हां अब राज्य में 2 महीनों में आने वाले बिजली के घरेलू बिलों (Uttarakhand Domestic Electricity Bill) को हर महीने भेजा जाएगा। शुरुआत में देहरादून शहर और ऋषिकेश डिवीजन से इसकी शुरुआत की जा रही है।

यूपीसीएल के बिजली बिलों का चक्र बदलने से उपभोक्ताओं का बिल अब पहले की अपेक्षा कम आएगा। ऊर्जा निगम अब तक बिजली उपयोग करने का समय 15 दिनों से अधिक होने पर पूरे महीने का बिल तैयार करता है। भले ही बिजली का उपयोग 15 दिन ही क्यों न किया हो। इसी तरह बिजली उपयोग का समय 16 दिन या उससे अधिक 45 दिन तक होने की स्थिति में भी एक महीने का बिल जारी किया जाता है। 46 दिन या उससे अधिक 75 दिन तक दो महीने का बिल जारी किया जाता है, जिससे उपभोक्ता को स्लैब के अनुसार अधिक बिजली दरों का भुगतान करना पड़ता था।

बताया जा रहा है कि राज्य में 1 से 4 किलोवाट तक के उपभोक्ताओं के लिए नए साल से हर महीने बिल देने के लिए काफी समय से कसरत की जा रही थी। अब इसकी शुरुआत देहरादून और ऋषिकेश शहर से करने की तैयारी हो चुकी है। उम्मीद की जा रही है कि नए साल के पहले महीने से ही इस पर काम पूरा कर लिया जाएगा। हालांकि नियमित रूप से इसकी शुरुआत वित्तीय वर्ष 2023 से की जाएगी। हर महीने का बिल 25 से 35 दिन और दो महीने का बिल 55 से 65 दिन के भीतर तैयार किया जाएगा। इसमें भी जितने दिनों का बिल तैयार होगा, भुगतान उसी के अनुरूप तय दरों के अनुसार करना होगा।

ऐसे तय होंगी बिजली की यूनिट..

ऊर्जा निगम ने एक महीने में 30.417 दिन तय किए हैं। अब यदि आपका बिजली बिल 50 दिन में आता है, तो आपकी 100 यूनिट तक बिजली खर्च तय करने का सिस्टम बदल जाएगा। 100 यूनिट को 50 से गुणा करने के बाद आने वाले आंकड़े को 30.417 दिन से भाग देने पर आनी वाली 164.38 यूनिट को पहला स्लैब माना जाएगा। इस तरह बिजली बिल का जो पहला स्लैब 100 यूनिट तक माना जाता है। वो 50 दिन के बिल पर पहला स्लैब 164.38 यूनिट माना जाएगा। इस तरह आम लोगों को पहले स्लैब के रूप में 64.38 यूनिट का अतिरिक्त लाभ मिलेगा। यही फार्मूला अन्य स्लैब पर भी लागू होगा। नई व्यवस्था में फिक्सड चार्ज की गणना भी हर महीने की बजाय प्रतिदिन के अनुसार होगी।

 

 

 

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