अब घर बैठे ऐसे बनाएं डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र..
उत्तराखंड: प्रदेश के करीब सवा लाख पेंशनरों व पारिवारिक पेंशनरों को अब जीवन प्रमाणपत्र जमा करने के लिए कोषागारों के चक्कर नहीं काटने होंगे। अब वे घर पर बैठे ऑनलाइन डिजिटल प्रमाणपत्र जनरेट कर सकेंगे और यह प्रमाण पत्र स्वतः ही एकीकृत वित्त प्रबंधन प्रणाली (आईएफएमएस) के माध्यम से कोषागार पहुंच जाएगा।
अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने इस नई व्यवस्था को लागू करने के संबंध में अफसरों को पत्र जारी कर दिया है। जीवन प्रमाणपत्र की चालू व्यवस्था के साथ-साथ विकल्प के रूप ई-जीवन प्रमाणपत्र की व्यवस्था भी लागू की गई है। यूआईडीएआई द्वारा तैयार आधार फेस आरडी एप्लीकेशन में चेहरे के सत्यापन के माध्यम से डिजिटल प्रमाणपत्र जमा होगा। जो पेंशनर एप्लीकेशन के माध्यम से जीवन प्रमाणपत्र जनरेट करेंगे, उन पर कोषागार में उपस्थित होने की अनिवार्यता नहीं होगी।
जीवन प्रमाणपत्र जमा होने के बाद एसएफटीपी सर्वर के माध्यम से आईएफएमएस सर्वर को उपलब्ध हो जाएगा। उपलब्ध डाटा के आधार पर वित्तीय डाटा सेंटर से कोषागार स्तर पर एक एमआईएस रिपोर्ट होगी। एमआईएस रिपोर्ट के आधार पर पेंशनरों के प्रमाणपत्र स्वीकृत या अस्वीकृत होंगे। जिसकी सूचना एसएमएस के माध्य पेंशनर को मिल जाएगी।
पेंशनरों को ये करना होगा..
सुनिश्चत करेंगे कि आधार संख्या कोषागार में पंजीकृत हो। यदि आधार संख्या प्रोफाइल में उपलब्ध नहीं है तो पेंशनर को पेंशन प्राधिकार पत्र, आधार कार्ड व बैंक पासबुक की प्रति लेकर नजदीकी कोषागार में आधार पंजीकृत कराना होगा। कोषागार संबंधित पेंशनर का जीआरडी नंबर का प्रयोग कर पेंशन मास्टर खोलेगा और उसमें आधार नंबर व मोबाइल नंबर सेव करेगा। पेंशनर गूगल प्ले स्टोर पर जाकर जीवन प्रमाणपत्र व आधार फेस आरडी एप्लीकेशन इंस्टाल करेगा। एप के प्रयोग से अपने चेहरे को मोबाइल फोन की सहायता से स्कैन कर ऑपरेटर के रूप में स्वयं को पंजीकृत किया जाएगा।
जो पेंशनर http://www.jeevanpramaan.gov.inमें पंजीकृत हो जाएंगे, वे भविष्य में जीवन प्रमाणपत्र स्मार्ट फोन, टेबलेट पर एप्लीकेशन से डाउनलोड कर फिंगर प्रिंट स्कैनर/ आधार फेस आरडी एप का प्रयोग कर घर से भी डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र दे सकेंगे। वे नजदीकी जीवन प्रमाणपत्र केंद्र या नागरिक सुविधा केंद्र में भी संपर्क कर सकते हैं।
उत्तराखंड में यहां स्थापित होगा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर ब्लड बैंक..
उत्तराखंड: थलीसैंण व गुप्तकाशी में उप जिला चिकित्सालय बनेंगे। इसके साथ ही प्रदेश में एक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर ब्लड बैंक बनाने को भी मंजूरी मिली है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत उत्तराखंड के लिये दो वर्षीय पीआईपी को भारत सरकार ने मंजूरी दे दी है। इसके लिए करीब 1100 करोड़ की विभिन्न योजनाओं को सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई है। इसके तहत मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर ब्लड बैंक के निर्माण को स्वीकृति मिल गई है।
थलीसैंण व गुप्तकाशी में बनेंगे उप जिला चिकित्सालय
पौड़ी जिले में आईपीएचएस मानकों के तहत थलीसैंण और रूद्र्रप्रयाग जिले के गुप्तकाशी में 50-50 बेड के उप जिला चिकित्सालयों के निर्माण की स्वीकृत प्रदान की गई है। जबकि एल.डी. भट्ट उप जिला चिकित्सालय काशीपुर में 200 शैयायुक्त चिकित्सालय के निर्माण को मंजूरी मिली है। नेशनल प्रोग्राम कोर्डिनेशन कमेटी (एनपीसीसी) भारत सरकार की दिल्ली में सम्पन्न बैठक में वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 हेतु द्विवर्षीय पीआईपी को दे दी गई है। राज्य की ओर से एनएचएम के अंतर्गत विभिन्न परियोजनाओं के लिये आगामी दो वर्षों के लिए करीब 1100 करोड़ के प्रस्ताव की पीआईपी (प्रोग्राम इम्पलीमेंटेशन प्लान) भेजी गई थी। जिस पर दो दिन पूर्व नई दिल्ली में आयोजित एनपीसीसी की बैठक में कुछ संशोधनों के साथ सभी प्रस्तावों को सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।
जी.बी. पंत चिकित्सालय नैनीताल में मिलेंगी ये सुविधाएं
आपको बता दें कि जी.बी. पंत चिकित्सालय नैनीताल में टाईप-4 व टाईप-3 आवास तथा बी.डी. पाण्डेय चिकित्सालय नैनीताल में टाईप-4 आवास, ट्रांजिस्ट हॉस्टल, मेडिसिन स्टोर, कार्डिक केयर यूनिट, न्यू ओपीडी ब्लॉक व पार्किंग की स्वीकृति मिली है। इसके साथ ही रूद्रप्रयाग जिले कें प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों फाटा तथा गुप्तकाशी में एक-एक एमओ ट्रांजिस्ट हॉस्टल की स्वीकृति दी गई है। जबकि टीबी सेनिटोरियम भंवाली नैनीताल व उप जिला चिकित्सालय हल्द्वानी में नवीनीकरण कार्यों की स्वीकृति दी गई है।
दुर्गम क्षेत्र से डोली से अस्पताल लाने के लिए मिली सहायता
एनपीसीसी भारत सरकार द्वारा आगामी दो वर्षों हेतु मातृ स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत नई गतिविधियों के संचालन हेतु 412.32 लाख रूपए, गर्भवती महिलाओं को दुर्गम क्षेत्र से रोड साइड और घर पहुंचाने के लिए 262 अतिरिक्त डोली-पालकी के लिए 78.60 लाख रूपए, 34 एफआरयू के सुदृढ़ीकरण हेतु 89.90 लाख रूपए, आशा एवं एनएनएम को एडवोकेसी टूल के लिए 41.44 लाख रूपए की अतिरिक्त धनराशि भी स्वीकृत की गई है। इसके साथ ही प्रदेश में 13 वन स्टॉप सेंटर एवं 27 सीएचसी बर्थ वेटिंग होम के संचालन हेतु 34 लाख रूपए की धनराशि तथा यूबीटी किट एवं ट्रेनिंग हेतु 4 लाख रूपए की धनराशि स्वीकृत की गई है।
छात्र-छात्राओं की इन विषयों में भी होगी पढ़ाई, मिलेगी ये सुविधाएं..
उत्तराखंड: अब उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत राजकीय महाविद्यालय देवीधूरा (चंपावत) में हिंदी, समाजशास्त्र एवं राजनीति विज्ञान विषयों में भी अब स्नातकोत्तर स्तर पर कक्षाएं संचालित हो सकेंगी। राजकीय महाविद्यालय देवीधूरा में स्नातकोत्तर स्तर पर उक्त विषयों में पढ़ाई शुरू किए जाने की मांग स्थानीय स्तर पर युवाओं द्वारा काफी समय से की जा रही थी। जिसका संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उच्च शिक्षा विभाग को निर्देश दिए थे। इसी कड़ी में अब उच्च शिक्षा विभाग ने हिंदी, समाजशास्त्र एवं राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर स्तर पर कक्षाएं प्रारंभ करने को सैद्धांतिक सहमति प्रदान कर दी है।
स्कूल-कॉलेजों में बुक बैंक की स्थापना..
वहीं प्रदेश में जल्द विद्यालयी शिक्षा विभाग के तहत स्कूल-कॉलेजों में बुक बैंक की स्थापना की जाएगी। विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने देहरादून में आयोजित बैठक में स्कूल व कॉलेजों में बुक बैंक की स्थापना को लेकर विभागीय अधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बुक बैंक की स्थापना से नई कक्षा में प्रवेश लेने वाले छात्रों के लिए पाठ्यक्रम संबंधी पुस्तकें आसानी से उपलब्ध रहेंगी। डॉ. रावत ने राज्य में चयनित पीएम-श्री और कलस्टर विद्यालयों के निर्माण कार्य में तेजी लाने को कहा।
वहीं दूसरी ओर श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय में देवभूमि उद्यमिता केंद्र की स्थापना की गई है। बताया जा रहा है कि ये केंद्र राज्य के युवा उद्यमियों की क्षमता को बढ़ाने और उनके विचारों को वास्तविकता में बदलने का मंच प्रदान करेगा। उन्होंने बताया कि देवभूमि उद्यमिता केंद्र में विभिन्न योजनाएं शुरू की हैं, जिनमें शिक्षा, प्रशिक्षण और आर्थिक समर्थन की सुविधाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि उद्यमिता केंद्र छात्रों को विभिन्न व्यापारिक क्षेत्रों के लिए आवश्यक ज्ञान, सीख और समर्थन प्रदान करेगा।
धामी सरकार में 11 और नेताओं को दी दायित्वों की सौगात..
उत्तराखंड: धामी सरकार ने गुरुवार रात दायित्वधारियों की तीसरी सूची जारी कर दी। 11 और भाजपा नेताओं को दायित्वों की सौगात दे दी है। इससे पहले जारी हुईं दो सूचियों में कई वरिष्ठ नेताओं को दायित्व दिए जा चुके हैं। गुरुवार रात जारी सूची के अनुसार चंडी प्रसाद भट्ट को सीमान्त क्षेत्र अनुश्रवण परिषद का उपाध्यक्ष बनाया गया है। वहीं, विनोद उनियाल को राज्य स्तरीय महिला उद्यमिता परिषद का उपाध्यक्ष, श्यामवीर सैनी को प्रदेश स्तरीय गन्ना विकास सलाहकार समिति का उपाध्यक्ष, राजकुमार को उत्तराखंड बागवानी विकास परिषद का उपाध्यक्ष, दीपक मेहरा को उत्तराखंड वन एवं पर्यावरण सलाहकार समिति का उपाध्यक्ष, विनय रोहिला को उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति का उपाध्यक्ष, उत्तम दत्ता को उत्तराखंड मत्स्य पालक विकास अभिकरण का उपाध्यक्ष, दिनेश आर्य को उत्तराखंड राज्य स्तरीय पेयजल अनुश्रवण परिषद का उपाध्यक्ष बनाया है।
वहीं, गणेश भंडारी को राज्य स्तरीय लघु सिंचाई सलाहकार समिति का उपाध्यक्ष, देवेन्द्र भसीन को उत्तराखंड राज्य उच्च शिक्षा उन्नयन समिति का उपाध्यक्ष और विश्वास डाबर को अवस्थापना अनुश्रवण परिषद का उपाध्यक्ष बनाया गया है। इन नेताओं में कई भाजपा के जिलाध्यक्ष भी हैं। बता दें कि लंबे समय से दायित्वधारियों की दूसरी सूची का इंतजार किया जा रहा था।
कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत के एक्शन से मचा हड़कंप, तहसीलदार को दिया ये निर्देश..
उत्तराखंड: कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने मंगलवार को भीमताल के समीप जंतवाल गांव के तीन निर्माणाधीन भवनों का औचक निरीक्षण किया। जिसमें आयुक्त को कई अनियमिताएं दिखी। निरीक्षण में जंतवाल गांव में निर्माणाधीन भवन के पास अवैध खनन करने पर दो बिल्डरों और जे सी बी संचालक के खिलाफ तहसीलदार, पटवारी को जांच और चालान काटने के निर्देश दिए।
निरीक्षण में उन्होंने पाया कि वन विभाग की जमीन में बन रहे बिना आज्ञा के निर्माणाधीन होम स्टे और अवैध तरीके से चीड़ के करीब 6 पेड़ काटे गए। जिस पर आयुक्त ने होम स्टे निर्माण में रोक लगाने के निर्देश दिए। साथ ही सम्बंधित अधिकारियों को अवैध खनन करने पर चालान, दो माह से निर्माणाधीन होम स्टे में चोरी की बिजली पर मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए।
साथ ही तहसीलदार, वन विभाग, विद्युत विभाग के अधिकारियों मामले की जांच करने की बात कही। इस दौरान उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए पटवारी और अधिकारियों को ग्रामीण इलाकों में समय समय में निरीक्षण और कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं करने की बात कही। उन्होंने पुलिस कर्मियों को पर्वतीय इलाकों में जे सी बी के कार्यों का विवरण रखने के निर्देश दिए। इस दौरान तहसीलदार संजय कुमार समेत सम्बंधित विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
समान नागरिक संहिता- 22 जनवरी के बाद आयोजित होगा विशेष सत्र..
उत्तराखंड: नए साल में उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू हो सकता है। 22 जनवरी के बाद प्रदेश सरकार कभी भी विधानसभा का विशेष सत्र आहूत कर सकती है। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने एक बार फिर जल्द यूसीसी लागू करने के संकेत दिए हैं। माना जा रहा है कि अयोध्या में भगवान राम के मंदिर का उद्घाटन 22 जनवरी को होना है। इस राम भक्ति के बीच सीएम धामी यूसीसी लागू करने की कवायद शुरू कर देंगे।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में गठित विशेषज्ञ समिति नए साल में सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंप देगी। विशेषज्ञ समिति ने पहले ही ड्राफ्ट रिपोर्ट तैयार होने के संकेत दिए हैं। जनवरी महीने के तीसरे हफ्ते में समिति का कार्यकाल भी समाप्त हो रहा है। सूत्र बता रहे हैं कि विस का विशेष सत्र 27 जनवरी से पांच फरवरी के बीच हो सकता है। लेकिन सबकुछ तात्कालिक राजनीतिक परिस्थितियों पर भी निर्भर करेगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान प्रदेश की जनता से प्रदेश में यूसीसी लागू करने का वादा किया था। सत्ता की बागडोर हाथों में थामने के बाद अपनी सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में धामी ने सबसे पहला फैसला यूसीसी को लेकर किया। 27 मई 2022 को विशेषज्ञ समिति बनी थी। सरकार ने समिति का कई बार कार्यकाल बढ़ाया। अब 27 जनवरी को समिति का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। सियासी जानकारों का मानना है कि लोकसभा चुनाव से पहले सीएम धामी प्रदेश में यूसीसी लागू करने का वादा पूरा सकते हैं।
नए साल में सीएम दे सकते हैं ये तीन बड़े तोहफे..
लोकसभा चुनाव से पहले सीएम राज्य आंदोलनकारियों, पार्टी के विधायकों और वरिष्ठ नेताओं व कार्यकर्ताओं को तोहफे दे सकते हैं। इनमें मंत्रिमंडल विस्तार, दायित्वों का आवंटन और राज्य आंदोलनकारियों व उनके आश्रितों के लिए सरकारी सेवा में प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का मसला है। पार्टी के कई वरिष्ठ विधायकों की मंत्रिमंडल में खाली पड़ी चार सीटों पर नजर है। वे लोस चुनाव से पहले मंत्रिमंडल विस्तार की उम्मीद लगाए बैठे हैं। भाजपा नेतृत्व भी इसका संकेत दे चुका है। दायित्वों के आवंटन पर भी पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं की नजर लगी है। राज्य आंदोलनकारियों के क्षैतिज आरक्षण के मसले पर प्रवर समिति अपनी रिपोर्ट स्पीकर को सौंप जा चुकी है। अब विधानसभा सत्र आहूत होने का इंतजार हो रहा है। सूत्रों के अनुसार सीएम इन तीनों फैसलों पर भी नए साल में निर्णय ले सकते हैं।
ISRO में युवाओं के लिए निकली वैकेंसी, 69,100 तक होगी सैलरी..
देश-विदेश: इसरो ने टेक्नीशियन बी पदों पर भर्ती निकाली है और साथ ही एप्लीकेशन का प्रोसेस भी शुरू कर दिया है। यानी कि जो भी युवा इस वैकेंसी का हिस्सा बनना चाहता है वे ऑफिशियल वेबसाइट isro.gov.in पर जाकर अपना आवेदन पत्र जमा कर दें। इस आर्टिकल में वैकेंसी की जरूरी और जानकारियां दी गई हैं हालांकि उम्मीदवारों को ये सलाह दी जाती है कि आवेदन से पहले एक बार ऑफिशियल नोटिफिकेशन जरूर पढ़ें-
बता दे कि आवेदन की प्रक्रिया 9 दिसंबर से शुरू हो गई है और उम्मीदवार 31 दिसंबर तक वेबसाइट पर जाकर अपना एप्लीकेशन फॉर्म जमा कर सकते हैं। ध्यान रखें कि आखिरी तारीख के बाद उम्मीदवारों को मौका नहीं दिया जाएगा। इसरो की इस भर्ती के लिए सिलेक्ट होने पर उम्मीदवारों को पे लेवल 3 के अनुसार सैलरी मिलेगी। यानी कि 21,700 रुपये से 69,100 रुपये तक सैलरी मिलेगी।
टेक्नीशियन बी पदों पर अप्लाई करने वाले उम्मीदवारों के लिए ये बेहद आवश्यक है कि उनके पास मान्यता प्राप्त संस्थान से 10वी पास और आईटीआई पास का सर्टिफिकेट होना चाहिए। योग्यता की डिटेल चेक करने के लिए नोटिफिकेशन चेक कर लें। उम्मीदवार आवेदन से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि उनकी उम्र 18 साल से 35 साल के बीच होनी चाहिए। हालांकि रिजर्व्ड कैटेगरी के उम्मीदवारों को उम्र में छूट दी जाएगी। टेक्नीशियन बी पदों पर सिलेक्ट होने के लिए उम्मीदवारों को एक लिखित परीक्षा और स्किल टेस्ट देना होगा। ऑनलाइन आवेदन करते समय उम्मीदवारों को एप्लीकेशन फीस भी देनी होगी। फीस की जानकारी नोटिफिकेशन में दी हुई है।
7708 करोड़ की लागत से टिहरी झील के चारों ओर बनेगी सड़क..
उत्तराखंड: टिहरी झील में कई विकास योजनाएं धरातल पर उतरने वाली है। बताया जा रहा है कि जिले 7708 करोड़ की लागत से टिहरी झील विकास परियोजना को धरातल पर उतारा जाएगा। उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद द्वारा इस परियोजना की डीपीआर तैयार किया जा रहा है। परियोजना निर्माण से जहां पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, वहीं, टिहरी जिले के 173 गांवों के 84 हजार आबादी को प्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलेगा।
जानकारी के अनुसार गढ़ी कैंट स्थित उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद के सभागार में पर्यटन मंत्री ने पर्यटन और संस्कृति विभाग के कार्यों की समीक्षा के साथ 7708.27 करोड़ की लागत से टिहरी झील के चारों ओर रिंगरोड हेतु फिजीबिलिटी, संरेखण, सर्वेक्षण, भूमि अधिग्रहण की अभी तक की प्रगति की भी समीक्षा की। मंत्री का कहना हैं कि टिहरी झील के 42 किमी क्षेत्रफल को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाएगा। प्रस्तावित रिंग रोड के निर्माण से देश-दुनिया से आने वाले पर्यटकों के लिए टिहरी पहुंचना आसान होगा। झील में सालभर जलक्रीड़ा और साहसिक खेलों का आयोजन को बढ़ावा मिलेगा। इससे सरकार का राजस्व भी बढ़ेगा। कहा, वर्तमान में परियोजना की फिजिबिलिटी सर्वेक्षण के लिए कार्य किया जा रहा है। परियोजना में कोठी से डोबरा चांटी पुल तक के क्षेत्र को विकसित करने को विभाग डीपीआर तैयार कर रहा है।
वहीं उन्होंने कहा, झील के चारों ओर सड़क का निर्माण और पर्यटकों के लिए मूलभूत सुविधाओं के विकास कार्य किए जाएंगे। कहा, परियोजना के बनने से 173 गांव की लगभग 84 हजार लोगों को लाभ मिलेगा। साथ ही रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। कहा, चारधाम यात्रा पर आने वाले तीर्थ यात्री भी रिंग रोड का मुख्य व वैकल्पिक मार्ग के रूप में उपयोग कर सकेंगे। वहीं कैबिनेट मंत्री महाराज ने संस्कृति विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभाग में पंजीकृत कलाकारों के लंबित भुगतान शीघ्र किया जाए। इसके साथ ही राजकीय मेलों को मिलने वाले अनुदान का भुगतान तत्काल करें।
गढ़वाल केंद्रीय विवि में 150 से अधिक हुई शिक्षकों की संख्या..
उत्तराखंड: गढ़वाल केंद्रीय विवि के बिड़ला, पौड़ी एवं टिहरी परिसर में चार विभागों में 23 नई फैकल्टी नियुक्त हुई है। इससे पूर्व विवि में करीब 130 से अधिक नई फैकल्टी नियुक्त हो गई है। अभी कई विभागों में नियुक्ति प्रक्रिया जारी है। मिशन मोड के तहत विवि में चल रही शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया के तहत अलग-अलग विभागों में अभी तक करीब 150 से अधिक शिक्षकों की नियुक्तियां हो गई है। विवि की कुलपति प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल के निर्देशन में ऑनलाइन माध्यम से विभिन्न विभागों में असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर व प्रोफेसर के पदों पर साक्षात्कार के माध्यम से नियुक्ति प्रक्रिया जारी है। अभी हाल ही में अर्थशास्त्र, मानव विज्ञान विभाग, भूगर्भ विज्ञान विभाग व रक्षा एवं स्त्रांतेजिक विभाग में 23 पदों के लिए नियुक्ति प्रक्रिया संपन्न हुई।
साक्षात्कार में सफल रहे अभ्यर्थियों के लिफाफे गत छह दिसंबर को खोले गए जिनमें अर्थशास्त्र विषय में 10 पदों में से दो एसोसिएट प्रोफेसर व आठ असिस्टेंट प्रोफेसर, मानव विज्ञान विभाग में एक एसोसिएट प्रोफेसर व दो असिस्टेंट प्रोफेसर, भूगर्भ विज्ञान विभाग में एक प्रोफेसर व एक एसोसिएट प्रोफेसर, रक्षा एवं स्त्रांतेजिक विभाग में दो एसोसिएट प्रोफेसर व छह असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्तियां हुई। कुलसचिव डाॅ. धीरज शर्मा ने कहा कि विवि में मिशन मोड में नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है। करीब दो सौ से अधिक शिक्षकों के पदों पर नियुक्तियां होनी है। उन्होंने बताया कि अन्य विभागों में नियुक्ति प्रक्रिया अभी जारी है।
कर्मचारियों की पदोन्नति व नई नियुक्तियों को लेकर युद्धस्तर पर हो रहा कार्य..
गढ़वाल विवि में शिक्षकों के पदों पर नियुक्तियों के साथ ही कर्मचारियों की पदोन्नति व नए पदों पर नियुक्तियां किए जाने को लेकर युद्धस्तर पर कार्य किया जा रहा है। कुलसचिव डाॅ. धीरज शर्मा ने कहा कि विवि में सभी श्रेणियों के पदों पर नई नियुक्तियां होनी है, जबकि कई पदों पर पदोन्नति की प्रक्रिया भी जल्द ही पूरी होगी। उन्होंने बताया कि वित्त अधिकारी व खेल निदेशक सहित अन्य पदों के लिए विज्ञप्ति जारी की जा रही है। विवि का प्रयास है कि जनवरी तक यह प्रक्रिया संपन्न हो जाए।
26 से 28 दिसंबर तक विंटर लाइन कार्निवल में झलकेगी उत्तराखंड की लोक संस्कृति..
उत्तराखंड: पहाड़ों की रानी मसूरी में 26 से लेकर 28 दिसंबर तक विंटर लाइन कार्निवल का आयोजन किया जाएगा। प्रशासन के स्तर पर इसकी तैयारियां तेज हो गई हैं। विंटर लाइन कार्निवल मसूरी महोत्सव समिति की ओर से किया जाएगा। विंटर लाइन कार्निवल 2023 में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मसूरी महोत्सव समिति ने कार्निवल के लिए विभिन्न स्थलों की सजावट, प्रकाश व्यवस्था एवं मंच तैयार करने समेत अन्य कार्यों के लिए निविदा आमंत्रित की हैं।
मसूरी होटल एसोसिएशन अध्यक्ष संजय अग्रवाल का कहना हैं कि सोमवार को जिलाधिकारी ने कार्निवल की तैयारी को लेकर देहरादून में बैठक बुलाई है। कार्निवल भव्य तरीके से किया जाएगा और इससे पर्यटकों की संख्या में इजाफा होगा। पर्यटन के ऑफ सीजन में कार्निवल से पर्यटन की गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
लोक संस्कृति कर्मी प्रदीप भंडारी का कहना हैं कि उत्तराखंड की लोक संस्कृति और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विंटर लाइन कार्निवल का आयोजन मील का पत्थर साबित होगा। कहा कि कार्निवल में उत्तराखंड के लोक कलाकारों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, जिससे पर्यटक उत्तराखंड की लोक संस्कृति से रूबरू हो सकें। मसूरी महोत्सव समिति सचिव एवं एसडीएम मसूरी डॉ. संदीप सैनी ने बताया कि कार्निवल की प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां जोरशोर से चल रही हैं।
