प्रदेश में बनाएं जाएंगे 13 निर्भया हॉस्टल, केंद्र ने दी 48 करोड़ की मंजूरी..
उत्तराखंड: केंद्रीय महिला व बाल विकास मंत्रालय ने प्रदेश में 13 निर्भया हॉस्टल बनाने की मंजूरी दे दी है। इसके लिए केंद्र की और से 48 करोड़ की राशि स्वीकृत कर दी गई है। जानकारी के अनुसार 50 बेड के ये निर्भया हॉस्टल उत्तरकाशी, पौड़ी, बागेश्वर, रुद्रप्रयाग, भीमताल, हल्द्वानी, भगवानपुर, सेलाकुई, पिथौरागढ़, चंपावत, अल्मोड़ा, कर्णप्रयाग और टिहरी में बनाए जाएंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इन छात्रावासों के निर्माण से राज्य के अलग-अलग जनपदों में कामकाजी महिलाओं और हायर एजुकेशन के लिए आने वाली युवतिओं को आवासीय सुविधा मिलेगी। केंद्र की ओर से स्वीकृति मिलने के बाद सीएम ने केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया है।
मुख्य सचिव डॉ संधु को लेकर बड़ी खबर, केंद्र ने जारी किया बड़ा आदेश..
उत्तराखंड: मुख्य सचिव डॉ एस एस संधु से जुड़ी बड़ी खबर आ रही है। बताया जा रहा है कि केंद्र ने मुख्य सचिव का कार्यकाल 6 महीने बढ़ा दिया गया। जिसके आदेश जारी किए गए है। मिली जानकारी के अनुसार उत्तराखंड के मुख्य सचिव एसएस संधू का कार्यकाल बढ़ा दिया गया है।
वह इसी महीने रिटायर होने वाले थे। उन्हें 6 माह का सेवा विस्तार मिला है। 1 अगस्त 2023 से 30 जनवरी 2024 तक कार्यकाल बढ़ाया गया है। 20 जुलाई को एक्सटेंशन के आदेश किये गए।बताया जा रहा है कि उन्हें बद्रीनाथ, केदारनाथ पुनर्निर्माण की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है। गौरतलब है कि एसएस संधू की ईमानदार कार्यप्रणाली को लेकर नौकरशाही में चर्चा होती रहती हैं। उनका नाम प्रधानमंत्री की गुड बुक में हैं।
चमोली हादसे के बाद बड़ी कार्रवाई: यूपीसीएल और जल संस्थान के दो अधिकारी सस्पेंड..
उत्तराखंड: चमोली हादसे के प्रकरण में बड़ी कार्रवाई की गई है। बताया जा रहा है कि सीएम पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर तीन अधिकारियों को निलंबित किया गया है। प्रारंभिक जांच में इन अधिकारियों की लापरवाही पाई गई। जिसके बाद कार्रवाई की गई है। इसके साथ ही एसटीपी प्लांट का संचालन व रखरखाव का काम देख रही ज्वाइंट वेंचर कंपनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
जानकारी के अनुसार शासन ने मुख्य महाप्रबंधक उत्तराखण्ड जल संस्थान द्वारा एस०टी०पी० का संचालन एवं रख-रखाव करने वाली फर्म के कार्यों के समुचित अनुश्रवण का दायित्व देख रहे हरदेव लाल, अपर सहायक अभियन्ता को निलम्बित किया गया है। साथ ही इस प्रकरण में महाप्रबंधक उत्तराखण्ड पावर कॉर्पोरेशन लि. द्वारा कुंदन सिंह रावत, प्रभारी अवर अभियंता विद्युत वितरणखण्ड गोपेश्वर को भी प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
सीएम धामी के निर्देश पर राजस्व उपनिरीक्षक तहसील चमोली द्वारा सुपरवाइजर ज्वाइन्ट वेन्चर कम्पनी एवं अन्य संबंधित के विरूद्ध नमामि गंगे के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट पर विद्युत उपकरणों के संचालन में घोर लापरवाही बरते जाने के संबंध में एफआईआर भी दर्ज कर दी गई है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिला अस्पताल गोपेश्वर में भर्ती चमोली हादसे के बाकी सभी 5 घायलों को भी एयरलिफ्ट कर ऋषिकेश एम्स में भर्ती किया गया है। सीएम ने कहा कि एम्स ऋषिकेश में घायलों को मानसिक दबाव से मुक्त करने और उच्च स्तरीय स्वास्थ्य जांच के लिए भेजा गया है।
हल्द्वानी में एक घर में सड़ा-गला शव मिलने से हड़कंप, जांच में जुटी पुलिस..
उत्तराखंड: हल्द्वानी से एक सनसनीखेज घटना की खबर सामने आई है। टीपी नगर चौकी क्षेत्र के नीलकंठ कॉलोनी में एक घर में सड़ी-गली लाश मिलने से हड़कंप मच गया। टीपी नगर चौकी इंचार्ज पंकज जोशी का कहना हैं कि बुधवार को ग्राम प्रधान ललित मोहन नेगी ने सूचना दी कि एक घर खुला हुआ है वहां से बदबू आ रही है उसके बाथरूम में एक लाश पड़ी हुई है। ग्राम प्रधान की सूचना में पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। इसके बाद शव भाई को सौंप दिया है।
चौकी इंचार्ज पंकज जोशी ने कहा कि परिवार में दो भाई हैं माता पिता की मौत हो चुकी है। एक भाई बीते बुधवार को काम से दिल्ली गया था, वह किसी प्राइवेट कंपनी में काम करता है। और हरीश पंत घर पर ही था। जो बाथरूम में मृत मिला है। बताया गया है कि कमरे से दो बियर और एक पव्वा भी मिला है। कहा कि प्रथम दृष्टया शराब अधिक पीने से मौत लग रही है। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट के बाद ही मौत के सही कारणों का पता लग पाएगा।
टिहरी में यहां मकान ढह, कई घरों में आई दरारे, ग्रामीणों में दहशत..
उत्तराखंड: प्रदेश में बारिश ने कहर बरसाया तो वहीं टिहरी जिला भी इससे अछूता नहीं रहा है। बता दे कि लगातार हो रही तेज बारिश के चलते टिहरी झील के समीप बसे पीपोला गांव में एक मकान ढह गया। वहीं कई मकानों पर दरारें पड़ गई है। जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। जानकारी के अनुसार टिहरी झील के बढ़ते जलस्तर के कारण गांव के मकानों में दरारें पड़ रही हैं और इन्हीं के कारण मकान खतरे की जद में आ रहे हैं। बीते दिनों एक घर अचानक ध्वस्त हो गया है।
गनीमत रही कि रात को मकान के अंदर सो रहे लोग आनन-फानन में बाहर आ गए। वरना बड़ा हादसा हो सकता था।वहीं गांव भू-धंसाव की चपेट में है, इसलिए ग्रामीणों ने जल्द उनका पुनर्वास करने की मांग की है। टिहरी जिले के जाखणीधार ब्लॉक के पिपोला-खास गांव के ग्रामीणों ने डीएम से मुलाकात कर समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा है।
ग्रामीणों का कहना है कि टिहरी बांध की झील के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के चलते गांव के मकानों में दरारें आ गई हैं। 23 परिवारों को संयुक्त विशेषज्ञ समिति ने विस्थापन की संस्तुति की है, इसके बावजूद भी टीएचडीसी और पुनर्वास विभाग कार्रवाई करने को तैयार नहीं है। गांव के 7 ऐसे परिवार हैं, जिनके भवनों का मूल्यांकन हो चुका है, लेकिन सर्वे सीट पुनर्वास विभाग में धूल फांक रही है। वहीं डीएम ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया है कि जल्द समस्या का समाधान किया जाएगा।
घर में मिला डेंगू का लार्वा तो भरना पड़ेगा जुर्माना, इन कर्मियों को मिलेगा मानदेय..
उत्तराखंड: देहरादून में तेजी से डेंगू फैल रहा है। इसको लेकर प्रशासन सतर्क हो गया है। यदि आपके घर में किसी कंटेनर में पानी भरा हुआ है और उसमें डेंगू के लार्वा पनप रहे हैं ताे न सिर्फ आपकी सेहत खतरे में है बल्कि आपको इसके बदले में जुर्माना भी चुकाना पड़ेगा। इसके लिए शहर में डेंगू के बढ़ते मामलाें काे देखते हुए नगर निगम विशेष अभियान चला रहा है। डोर टू डोर सर्वे के दौरान ऐसे भवन मालिकों से जुर्माना लगाएगा, जाे डेंगू के लार्वा काे पनपने में मददगार साबित हाे रहे हैं।
मिली जानकारी के अनुसार नगर आयुक्त ने नगर निगम के सुपरवाइजर और स्वास्थ्य विभाग की आशा कार्यकर्ता प्रतिदिन अपने क्षेत्र में घरों और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान जिन लोगों के घरों और प्रतिष्ठानों में उनकी लापरवाही से डेंगू के मच्छरों के पनपने की आशंका है, उनसे जुर्माना वसूला जाएगा। साथ ही नगर निगम ने प्रत्येक वार्ड की हर गली मोहल्ले में सभी छोटे-बड़े सरकारी, गैर सरकारी परिसर में फॉगिंग करना शुरू कर दिया है।शहर की खुली नालियों और सभी सम्भावित स्थानों पर लार्वानाशक दवाओं का छिड़काव किया गया।
बताया जा रहा है कि घरों से आर्थिक दंड 200 रुपए और 500 रुपए व्यवसायिक प्रतिष्ठानों से लिया जाएगा। लापरवाही का दोहराव होने पर घरों से 500 रुपए और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों से 2000 रुपए जुर्माना वसूल किया जाएगा। इतना ही नहीं जो लोग टीम को अपने घरों और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण करने से रोकें, उनकी सूची बनाकर उनसे भी नियम अनुसार आर्थिक जुर्माना वसूला जाएगा। वहीं डेंगू की रोकथाम के कार्य में शामिल आशा कार्यकर्ताओं के लिए 1500 रुपए और आशा के लिए 2500 रुपए मानदेय देने की स्वीकृति प्रदान की है।
चमोली जिले में हुआ बड़ा हादसा,दरोगा समेत 16 लोगों की करंट लगने से मौत..
उत्तराखंड: चमोली जिले से बड़ा हादसे की खबर है। बताया जा रहा है कि चमोली में नमामि गंगे के सीवर ट्रीटमेंट प्लांट के पास करंट फैल गया है। जिस समय हादसा हुआ, उस वक्त साइट पर 24 लोग मौजूद थे, झुलसे से करीब 16 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों की संख्या में इजाफा हो सकता है। वहीं सीएम धामी ने मामले की जांच के आदेश दिए है।
जानकरी के अनुसार चमोली जिले में नमामि गंगे प्रोजेक्ट की साइट पर बड़ा हादसा हो गया। बताया जा रहा है कि ट्रीटमेंट प्लांट में काम करने वाले युवक की रात्रि में मौत हुई, सुबह पुलिस कार्रवाई के लिए पहुंची। तो इस दौरान मृतक के स्वजनों सहित अन्य लोगों की भीड़ जमा हो गई। इसी बीच वहां करंट फैला और मौजूद लोग इसकी चपेट में आ गए।
जिससे बड़ी संख्या में कई लोग झुलस गए। घायलों को आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने 10 लोगों को मृत घोषित कर दिया। झुलसने वालों में तीन की हालत अभी भी गंभीर बताई जा रही है। वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चमोली घटना पर दुख जताते हुए न्यायिक जांच के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने घटना की विस्तृत और गहन जांच के निर्देश दिए है। उन्होंने डीएम चमोली से घटना की जानकारी ली। घायलों को देहरादून लाया जा रहा।
केदारनाथ में मोबाइल फोन की नो एंट्री, मंदिर समिति ने लगाया प्रतिबंध..
उत्तराखंड: हाल ही में कई विवादास्पद वीडियो के कारण सुर्खियों में रहे केदारनाथ मंदिर में मोबाइल फोन प्रवेश, फोटोग्राफी और वीडियो रिकॉर्डिंग पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। मंदिर के डिजाइन के प्रभारी बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने मंदिर परिसर के भीतर विभिन्न स्थानों पर पट्टिकाएं लगाई हैं।
ये नोटिस बोर्ड दर्शाते हैं कि मंदिर के मैदान में सेल फोन की अनुमति नहीं है, मंदिर के अंदर किसी भी प्रकार की फोटोग्राफी या वीडियो रिकॉर्डिंग सख्त वर्जित है, और मंदिर की निगरानी सीसीटीवी कैमरों द्वारा की जाती है। हाल ही में गढ़वाल हिमालय के केदारनाथ मंदिर में रिकॉर्ड किए गए ऐसे कई वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे हैं, जहां तीर्थ पुरोहितों से लेकर आम भक्तों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने आपत्ति जताई है और धार्मिक स्थलों पर इस तरह के कृत्यों की गलत तरीके से निंदा की है।
उत्तराखण्ड : श्री बदरीनाथ- केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) की बोर्ड बैठक में पहली बार कर्मचारी सेवा नियमावली का विस्तृत मसौदा पेश कर शासन को प्रेषित किया गया।। इसके साथ ही BKTC में कार्यरत करीब 400 अस्थायी कर्मचारियों को उपनल की तर्ज पर वेतन और अन्य सुविधाएं देने के संबंध में भी प्रस्ताव पारित किया गया।
बुधवार को बीकेटीसी अध्यक्ष अजेंद्र अजय की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में उन्होंने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा तथा प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल दिशा- निर्देशन में श्री बदरीनाथ- केदारनाथ मंदिर समिति ने धामों की मान्यताओं परंपराओं के अनुसार तीर्थयात्रा को संचालित किया है। बेहतर यात्रा प्रबंधन के फलस्वरूप अभी तक दस लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने श्री बदरीनाथ धाम तथ ग्यारह लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने केदारनाथ धाम के दर्शन किए हैं। कहा कि मंदिर समिति अधिकारियों- कर्मचारियों, सहित शासन-प्रशासन, हक हकूकधारियों, धामों के तीर्थपुरोहितों के सहयोग से यात्रा सरल सुगम माहौल में संचालित हुई है।

बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी योगेन्द्र सिंह ने बैठक का ऐजेंडा प्रस्तुत करते हुए पिछली बोर्ड बैठक के निर्णयों की अनुपालन आख्या सदन के समक्ष रखी, सदस्यों ने चर्चा की तथा अपने सुझाव रखे।
बैठक में सर्वसम्मति से त्रिजुगीनारायण व श्री तुंगनाथ मंदिर परिसरों के विकास, सौंदर्यीकरण, विस्तारीकरण सहित श्री केदारनाथ धाम स्थित भैरवनाथ शिला में परिक्रमा निर्माण कार्यों हेतु कार्ययोजना तैयार करने की स्वीकृति दी गयी।
BKTC के कर्मचारियों-अधिकारियों की सेवा नियमावली तैयार करने के लिए पहल की गई। अभी तक BKTC में सेवा नियमावली नहीं होने के कारण कई तरह की विसंगतियां पैदा हो रहीं थीं। बैठक में सेवा नियमावली का मसौदा रख कर इसे शासन की स्वीकृति के लिए भेजने का निर्णाय लिया गया।
मंदिर समिति ने कार्मिकों के हित में एक अन्य बड़ा निर्णय लिया है। BKTC ने अपने 400 अस्थाई कर्मचारियों के मानदेय को उपनल की तर्ज पर बढाये जाने का प्रस्ताव शासन को भेजने का निर्णय लिया है। अभी तक अस्थाई कार्मिकों को मानदेय का कोई निश्चित फ्रेम नहीं है और ना ही अस्थाई कर्मचारियों को ईपीएफ की सुविधा हासिल है। अस्थाई कर्मचारियों को ईपीएफ की सुविधा भी उपलब्ध करायी जायेगी।
सचिवालय की तर्ज पर मंदिर समिति ने अपना सुरक्षा संवर्ग बनाने का भी फैसला किया है तथा पदों के सृजन हेतु शासन को प्रस्ताव भेजने का निर्णय लिया है। ताकि यात्रियों को सुगम व सरल तरीके से दर्शन व्यवस्था सुनिश्चित कराई जा सके।
BKTC ने यात्रा व्यवस्थाओं में सुधार, कार्यालयीय व्यवस्थाओं में पारदर्शिता के लिए सूचना प्रौद्योगिकी (IT) का अधिक से अधिक उपयोग करने का निर्णय लिया है। एकाउंट सेक्सन व यात्री सुविधाओं को ऑनलाइन करने, ई- आफिस, ई- फाइलिंग आदि हेतु सूचना प्रौद्योगिकी पर जोर देने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए BKTC में IT विंग स्थापित करने और पद सृजन हेतु प्रस्ताव पारित किया गया है।

श्री केदारनाथ धाम में तीर्थयात्रियों की संख्या में भारी वृद्धि को देखते हुए वहां अपर मुख्य कार्याधिकारी (ACEO) का पद सृजन हेतु शासन को प्रस्ताव भेजने पर सहमति बनी। इसके अलावा श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में सुरक्षा दीवार बनाये जाने, BKTC के अस्थाई कर्मचारियों को स्वास्थ्य तथा जोखिम को देखते मेडिकल बीमा व ग्रुप इंश्योरेंस सुविधा प्रदान किये जाने के संबंध में भी निर्णय लिया गया।
BKTC ने बदरीनाथ धाम में इंडियन ग्लोबल फाउंडेशन नामक संस्था को यात्री विश्राम गृह बनाने की अनुमति देने का प्रस्ताव भी पारित किया है। संस्था अपने संसाधनों से विश्राम गृह का निमार्ण करा कर यात्रियों की सुविधार्थ BKTC को यह गेस्ट हाउस सौंपेगी।
बीकेटीसी ने प्रदेश व प्रदेश के बाहर विभिन्न स्थानों पर स्थित अपनी संपत्तियो का ब्यौरा जुटाने और अवैध कब्जाधारियों के विरूद्ध समुचित कार्यवाही का निर्णय भी लिया है।
बैठक में मंदिर समिति उपाध्यक्ष किशोर पंवार,सदस्य महेंद्र शर्मा, डा वीरेंद्र असवाल, राजपाल जरदारी, भास्कर डिमरी, कृपा राम सेमवाल, नंदा देवी, श्रीनिवास पोस्ती, पुष्कर जोशी, आशुतोष डिमरी, रणजीत सिंह राणा, मुख्य कार्याधिकारी योगेन्द्र सिंह, वरिष्ठ वित्त अधिकारी भारत चंद्र, अधिशासी अभियंता अनिल ध्यानी, विशेष कार्याधिकारी रमेश सिंह रावत आदि मौजूद रहे।
नैनीताल में भाजपा नेत्री की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत..
उत्तराखंड: नैनीताल जनपद अंतर्गत रामनगर क्षेत्र से एक दुखद खबर सामने आई है। यहां एक भाजपा महिला नेत्री की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई।मिली जानकारी के अनुसार रामनगर के ग्राम ढिकुली निवासी नंदी रावत उम्र 48 वर्ष पत्नी गोविंद सिंह रावत बीजेपी में ग्रामीण मंडल महिला मोर्चा की पूर्व अध्यक्ष थी। रविवार की देर शाम नंदी रावत टेंपो से उतारकर अपने घर की तरफ जा रही थी। इस बीच किसी अज्ञात वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी।
गंभीर रुप से घायल नंदी रावत को तुरंत रामनगर चिकित्सालय पहुंचाया गया। जहां उनकी हालत चिंताजनक होने पर उन्हें हायर सेंटर रेफर काशीपुर रेफर कर दिया गया। काशीपुर के चिकित्सालय में उपचार के दौरान सोमवार को उन्होंने दम तोड़ दिया। भाजपा नेत्री की मौत पर जहां क्षेत्र में शोक की लहर है वही भाजपा कार्यकर्ताओं ने दुख प्रकट किया।
