कहा – यह महोत्सव राज्य की कृषि क्षमता और किसानों की आत्मनिर्भरता का प्रतीक
देहरादून। प्रदेश के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने आईटी पार्क सहस्त्रधारा स्थित नाबार्ड के कार्यालय में राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) द्वारा दो दिवसीय ‘सेब महोत्सव 2.0’ का शुभारम्भ किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न जनपदों से लगे स्टोलों का भी अवलोकन कर किसानों से संवाद भी किया। नाबार्ड ने पिछले वर्ष भी एक दिवसीय ‘सेब महोत्सव 1.0’ का आयोजन किया था। इस महोत्सव का उद्देश्य उत्तराखंड राज्य के सेब एवं कीवी उत्पादक कृषकों एवं कृषक उत्पादक संगठनों को ग्राहकों से सीधे जोड़ने के लिए एक मंच प्रदान करना है। इसके पिछले संस्करण की सफलता से प्रेरित होकर इस वर्ष ‘सेब महोत्सव 2.0’ का भी आयोजन किया जा रहा है।
इस अवसर पर कृषि मंत्री गणेश जोशी ने नाबार्ड द्वारा आयोजित इस आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि सेब महोत्सव उत्तराखंड के सेब उत्पादकों की मेहनत, नवाचार और कृषि उद्यमिता का उत्सव है। उन्होंने कहा कि यह पर्वतीय राज्य की कृषि क्षमता और किसानों की आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। उन्होंने आगामी सेब महोत्सव में कृषि एवं उद्यान के उत्पादों को लगाने का नाबार्ड के अधिकारियों को कहा।
मंत्री जोशी ने कहा कि नाबार्ड ने उत्तराखंड जैसे राज्य में कृषि एवं ग्रामीण विकास को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। राज्य सरकार कृषि के विविधीकरण पर विशेष बल दे रही है। बागवानी, सुगंधित एवं औषधीय पौधों, डेयरी, मत्स्य पालन, रेशम उत्पादन, मधुमक्खी पालन और मशरूम उत्पादन जैसे क्षेत्रों को प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे किसानों को पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर उच्च मूल्य वाली फसलों की ओर आकर्षित किया जा सके।
उन्होंने बताया कि नाबार्ड द्वारा राज्य में 138 किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को 20 करोड़ रुपये का अनुदान दिया गया है। साथ ही, कुल 34 वॉटरशेड एवं स्प्रिंगशेड परियोजनाओं के माध्यम से 11,164 हेक्टेयर भूमि का उपचार किया गया है, जिससे 5,045 परिवार लाभान्वित हुए हैं। बागवानी आधारित विकास कार्यक्रमों के तहत 4,163 एकड़ भूमि पर सेब, कीवी, अखरोट, आम, अमरूद और अन्य फलों के बाग स्थापित किए गए हैं।
मंत्री जोशी ने बताया कि नाबार्ड ने कृषि के विभिन्न आयामों पर आधारित 20 नवाचार पायलट परियोजनाएं भी शुरू की हैं, जिनमें जैविक उत्पादों की ट्रेसबिलिटी, एक्वापोनिक्स, मोरिंगा आधारित एकीकृत कृषि मॉडल, फार्म टूरिज्म, प्राकृतिक खेती, औषधीय एवं सुगंधित पौधों पर आधारित मॉडल और शून्य ऊर्जा कूल चैंबर जैसे अभिनव प्रयोग शामिल हैं। इन पहलों का उद्देश्य कृषि उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ ग्रामीण आजीविका के अवसरों को सृजित करना और पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ावा देना है।
उन्होंने यह भी बताया कि हरिद्वार जिले में नाबार्ड द्वारा 500 किसानों के साथ जैविक खेतों के डिजिटलीकरण की परियोजना संचालित की जा रही है। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि उत्तराखंड के 27 कृषि उत्पादों को भौगोलिक संकेतक (GI) टैग प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 6 नाबार्ड के प्रयासों से मिले हैं। वहीं, राज्य सरकार द्वारा दिलवाए गए 18 GI टैग में से 10 GI टैग नाबार्ड से सहायतित एफपीओ को प्राप्त हुए हैं।
उन्होंने भरोसा जताया कि राज्य सरकार किसान केंद्रित नीतियों को और अधिक सशक्त बनाएगी, बागवानी को प्रोत्साहित करेगी और नाबार्ड जैसे संस्थानों के माध्यम से किसानों एवं ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाएगी। मंत्री जोशी ने कहा कि सेब महोत्सव 2.0 हमारे सामूहिक प्रयासों का प्रतीक है, जिससे उत्तराखंड को एक सतत और समृद्ध कृषि राज्य के रूप में स्थापित किया जा सकेगा।
इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी, मुख्य महाप्रबंधक पंकज यादव, जीएम शशि कुमार, डीजीएम संजय कुमार, डीजीएमओ निर्मल कुमार सहित कई लोग उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी होंगे मुख्य अतिथि के रूप में शामिल
देहरादून। देहरादून में अंतर्राष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन उत्तराखण्ड, के तहत दीपावली महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस भव्य कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुति, डांडिया उत्सव और दीपावली मेले का विशेष आकर्षण होगा। कार्यक्रम रविवार 12 अक्टूबर 2025 को शाम 5 बजे से चौधरी फार्म हाउस, जी.एम.एस. रोड, देहरादून में आयोजित होगा।
आयोजन समिति के अनुसार यह उत्सव वैश्य समाज को एकजुट करने, सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने और सामुदायिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से होगा।मुख्य अतिथि के रूप में उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शामिल होंगे।
आयोजन में प्रदेश अध्यक्ष दीपक सिंघल, प्रदेश महामंत्री रमेश गोयल, प्रदेश कोषाध्यक्ष रमेश अग्रवाल, प्रदेश संगठन महामंत्री लच्छू गुप्ता, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष विशाल गुप्ता और महानगर अध्यक्ष निकुंज गुप्ता मिडिया प्रभारी मधु जैन सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
सांस्कृतिक कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुति, पारंपरिक डांडिया रास और दीपावली मेले में हस्तशिल्प, खानपान स्टॉल और बच्चों के लिये विशेष आकर्षण की व्यवस्था की जाएगी।
प्रवासी उत्तराखंडियों की संस्था ने धराली-थराली आपदा पीड़ितों के प्रति जताई संवेदना
देहरादून/नई दिल्ली। उत्तराखंड प्रवासियों की लब्ध-प्रतिष्ठित सामाजिक संस्था गढ़वाल हितैषिणी सभा ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष में ₹3 लाख 51 हजार का चेक सौंपा। यह सहायता राशि हाल ही में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों, विशेष रूप से धराली और थराली में आई प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवारों की मदद के लिए प्रदान की गई।
यह शिष्टमंडल मुख्यमंत्री से नई दिल्ली स्थित उत्तराखंड निवास में मिला। इसमें सभा अध्यक्ष सूरत सिंह रावत, महासचिव पवन कुमार मैठानी, कोषाध्यक्ष धीरेन्द्र सिंह रावत, सांस्कृतिक सचिव एडवोकेट वीरेन्द्र सिंह नेगी, कार्यकारिणी सदस्य प्रताप सिंह महर और सीमा गुसांई शामिल थे।
सभा महासचिव पवन कुमार मैठानी ने बताया कि मुख्यमंत्री धामी ने सभा की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि प्रवासी उत्तराखंडियों का यह योगदान मातृभूमि के प्रति गहरा लगाव दर्शाता है। उन्होंने कहा कि गढ़वाल हितैषिणी सभा हमेशा से आपदा पीड़ितों की सहायता में अग्रणी रही है — चाहे उत्तरकाशी भूकंप हो, केदारनाथ आपदा हो या इस वर्ष की धराली-थराली की प्राकृतिक आपदा।
सभा अध्यक्ष सूरत सिंह रावत ने बताया कि इस बार आपदा को देखते हुए सभा ने आपदा राहत कोष स्थापित किया, जिसमें सदस्यों और अन्य सामाजिक संगठनों से ऑनलाइन दान की अपील की गई। उन्होंने कहा कि सभी सदस्यों ने उत्साहपूर्वक सहयोग किया।
सभा कोषाध्यक्ष धीरेन्द्र सिंह रावत ने बताया कि सभा को 80G की सुविधा प्राप्त है, जिससे दानदाताओं को आयकर में छूट भी प्राप्त होगी।
शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने दिए निर्देश, सभी जिलों में भर्ती प्रक्रिया शीघ्र शुरू होगी
देहरादून। प्रदेशभर के राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापकों के रिक्त 2100 पदों पर शीघ्र भर्ती की जायेगी। इस संबंध में विभागीय अधिकारियों को निर्देश दे दिये गये हैं। इसके अलावा आपदा से क्षतिग्रस्त विद्यालयों के निर्माण एवं मरम्मत कार्यों के शीघ्र आंगणन तैयार करने के निर्देश भी विभागीय अधिकारियों को दिये।
सूबे के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने अपने शासकीय आवास पर विद्यालयी शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक ली। जिसमें उन्होंने विभागीय अधिकारियों को प्राथमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत सहायक अध्यापकों के 2100 पदों पर शीघ्र भर्ती करने के निर्देश दिये। उन्होंने बताया कि सरकार प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से पिछले दो वर्षों से प्राथमिक शिक्षकों की निरंतर नियुक्ति कर रही है। जिसके तहत 3000 से अधिक रिक्त पदों को भरा जा चुका है। जबकि कुछ अभ्यर्थियों द्वारा एनआईओएस डीएलएड को शामिल करने को लेकर न्यायालय में चले जाने के कारण भर्ती प्रक्रिया बाधित हो गई थी।
सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के उपरांत राज्य कैबिनेट ने बेसिक शिक्षक सेवा नियमावली में आवश्यक संशोधन कर वर्ष 2017 से 2019 एनआईओएस डीएलएड प्रशिक्षुओं को प्राथमिक शिक्षक भर्ती में शामिल करने के साथ ही सहायक अध्यापक (विशेष शिक्षा) के पदों को नियमावली में शामिल कर लिया है। जिससे नई प्राथमिक शिक्षक भर्ती में इन अभ्यर्थियों को भी मौका मिल सकेगा। डॉ. रावत ने बताया कि प्राथमिक शिक्षकों का जिला संवर्ग होने के कारण भर्ती प्रक्रिया भी जिला स्तर से ही सम्पन्न होनी है। जिसके लिये सभी जनपदों के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को शीघ्र भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दे दिये गये हैं। ताकि प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों के शतप्रतिशत पदों को भरा जा सके।
इसके अलावा बैठक में डॉ. रावत ने अधिकारियों को शिक्षकों का त्रिस्तरीय ढांचा तैयार करने, आपदा से क्षतिग्रस्त विद्यालयों के पुनर्निर्माण व मरम्मत कार्यों के लिये शीघ्र आंगणन तैयार करने, धारा-27 के अंतर्गत शिक्षकों के स्थानांतरण में तेजी लाने के निर्देश भी अधिकारियों को दिये।
बैठक में महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा दीप्ति सिंह, निदेशक एससीईआरटी वंदना गर्ब्याल, निदेशक प्राथमिक शिक्षा अजय नौडियाल, निदेशक माध्यमिक शिक्षा डॉ. मुकुल कुमार सती सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने हर संभव सहयोग का दिया आश्वासन
देहरादून/नई दिल्ली। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव से भेंट कर उत्तराखंड में सात जल विद्युत परियोजनाओं (कुल क्षमता 647 मेगावाट) के विकास एवं निर्माण की स्वीकृति के लिए समर्थन मांगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गंगा और उसकी सहायक नदियों की निर्मलता, अविरलता तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को खेलों के माध्यम से रोजगारपरक अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से हल्द्वानी में खेल विश्वविद्यालय स्थापित किया जा रहा है। इसके लिए गौलापार क्षेत्र में लगभग 12.317 हैक्टेयर वन भूमि हस्तांतरित करने का प्रस्ताव वन विभाग को भेजा गया है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से अनुरोध किया कि इस संबंध में आवश्यक अनुमोदन हेतु संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने मुख्यमंत्री को सैद्धांतिक सहमति देते हुए हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर सचिव, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन भारत सरकार तन्मय कुमार, उत्तराखंड के प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते एवं स्थानिक आयुक्त अजय मिश्रा उपस्थित रहे।
विकास कार्यों में जनप्रतिनिधियों की सहभागिता सुनिश्चित की जाय: ब्लॉक प्रमुख
जिलाधिकारी का योजनाओं में पारदर्शिता पर जोर
पौड़ी। विकासखंड पौड़ी के सभागार में बुधवार को प्रथम क्षेत्र पंचायत बैठक का आयोजन किया गया। इसमें प्रतिभाग करते हुए जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने सभी विभागों को जनप्रतिनिधियों तथा ग्रामीणों से समन्वय करके योजनाओं का क्रियान्वयन करने को कहा।
बैठक में ब्लॉक प्रमुख अस्मिता नेगी ने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है ताकि विकास योजनाओं का वास्तविक लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँच सके। ग्रामीण अंचलों के लोगों की अपेक्षाओं पर खरा उतरना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों को योजनाओं की पूरी जानकारी होनी चाहिए, ताकि वे आमजन को जागरूक कर सकें और योजनाओं का अधिकतम लाभ दिला सकें।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनप्रतिनिधि जनता और शासन-प्रशासन के बीच की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। यदि अधिकारी व जनप्रतिनिधि समन्वय के साथ कार्य करें तो विकास कार्यों की गति स्वतः ही तेज होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बीडीसी की आगामी बैठकों में विभागीय योजनाओं सम्बन्धी ब्रोशर्स व अन्य प्रचार-प्रसार सामग्री का सदस्यों/प्रतिनिधियों में वितरण करवाना सुनिश्चित करें ताकि उन्हें योजनाओं की स्पष्ट जानकारी मिल सके। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि पात्र व्यक्तियों को योजनाओं का लाभ समय से पारदर्शिता के साथ मिले। उन्होंने सभी विभागों को अनिवार्य रूप से बीडीसी बैठक में प्रतिभाग करने के निर्देश दिये। साथ ही उन्होंने कहा कि सभी बीडीसी में विचार करने योग्य प्रस्तावों का जरूर संज्ञान लिया जाएगा।
जनप्रतिनिधियों द्वारा खाद्यान वितरण, पेंशन प्रकरणों तथा ग्राम स्वच्छता समिति के व्यय में पारदर्शिता संबंधी शिकायतों पर जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुँचे। ग्राम पंचायत स्तर पर आवश्यक कार्यों के लिए सर्वे एवं अनुमान तैयार करने के भी निर्देश दिए गए। बीडीसी बैठक में अधिकारियों ने जनप्रतिनिधियों को विभागीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी दी।
इसके पश्चात स्वच्छता ही सेवा पखवाड़े के अंतर्गत स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिलाधिकारी द्वारा जनप्रतिधियों को भी सम्मानित किया गया।
मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ शिवमोहन शुक्ला, परियोजना निदेशक डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय, खण्ड विकास अधिकारी सौरभ हांडा, मुख्य कृषि अधिकारी डॉ वीके यादव, मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डॉ विशाल शर्मा, जिला उद्यान अधिकारी राजेश तिवारी, ज्येष्ठ उप प्रमुख अर्चना तोपवाल, कनिष्ठ उप प्रमुख नीरज पटवाल सहित क्षेत्र पंचायत सदस्य, प्रधानगण व अधिकारीगण उपस्थित थे।
केदारनाथ धाम में लगेगा अत्याधुनिक 33 केवी सब स्टेशन, बिजली व्यवस्था होगी और मजबूत
देहरादून। केदारनाथ धाम में बिजली आपूर्ति को और सुदृढ़ बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) यहां अत्याधुनिक तकनीक से लैस 33/11 केवी सब स्टेशन का निर्माण कर रहा है। यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक अनिल कुमार ने बताया कि यह नया बिजलीघर केदारनाथ क्षेत्र की बिजली व्यवस्था को स्थिरता और विश्वसनीयता प्रदान करेगा। परियोजना को तेज़ी से आगे बढ़ाया जा रहा है, ताकि धाम में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
उनके अनुसार, यह आधुनिक सब स्टेशन 2×5 एमवीए क्षमता का होगा और इसमें नवीनतम सुरक्षा उपकरण, उन्नत नियंत्रण प्रणाली तथा उच्च क्षमता वाले ट्रांसफॉर्मर लगाए जाएंगे। इससे प्रतिकूल मौसम या आपात स्थिति में भी बिजली बहाली तुरंत संभव हो सकेगी। एमडी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में यूपीसीएल प्रदेश के दुर्गम और ऊंचाई वाले क्षेत्रों तक आधुनिक विद्युत सुविधाएं पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस परियोजना के पूर्ण होने के बाद केदारनाथ धाम की बिजली व्यवस्था और अधिक भरोसेमंद बन जाएगी।
तीन चरण में आयोजित होंगे विभिन्न कार्यक्रम
कैबिनेट मंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी जानकारी
देहरादून। सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर एकता मार्च आयोजित किया जाएगा। राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर इस दौरान विभिन्न कार्यक्रम होंगे । बुधवार को सचिवालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में खेल मंत्री रेखा आर्या ने इसकी जानकारी दी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि 31 अक्टूबर को होने वाले एकता मार्च के लिए मेरा भारत पोर्टल के माध्यम से फ्री में रजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है। रजिस्ट्रेशन के लिए संख्या और आयु की कोई सीमा तय नहीं की गई है। यह प्रक्रिया 6 अक्टूबर से शुरू हो चुकी है।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि आयोजनों के दूसरे चरण में 31 अक्टूबर से 16 नवंबर तक राज्य के सभी 13 जिलों में एकता मार्च निकाले जाएंगे । यह लगभग 8 से 10 किलोमीटर की पैदल यात्रा के रूप में होगा। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि दो चरणों के बाद चयनित लोगों को 26 नवंबर से 6 दिसंबर तक चलने वाले तीसरे चरण में हिस्सा लेने का मौका मिलेगा। इस चरण में सरदार वल्लभभाई पटेल के जन्म स्थल गुजरात के नडियाड से नर्मदा जिले में स्थित स्टैचू ऑफ यूनिटी तक 152 किलोमीटर की पदयात्रा होगी।
खेल मंत्री रेखा आर्या ने प्रदेश के लोगों से ज्यादा से ज्यादा संख्या में इस आयोजन में हिस्सा लेने की अपील की। इस अवसर पर विशेष प्रमुख खेल सचिव अमित सिन्हा, खेल निदेशक आशीष चौहान, मेरा युवा भारत की उपनिदेशक मोनिका नामदार आदि उपस्थित रहे।
सरकार की प्राथमिकता प्रदेशवासियों को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और प्रमाणित औषधियाँ उपलब्ध कराना- पुष्कर सिंह धामी
देहरादून। केंद्र सरकार द्वारा बच्चों के लिए प्रतिबंधित कफ सिरप को लेकर जारी गाइडलाइन के सख्त अनुपालन हेतु उत्तराखंड सरकार ने कार्रवाई तेज कर दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के दिशा-निर्देशों में खाघ सरंक्षा व औषधि प्रशासन विभाग की टीमें प्रदेशभर में औचक निरीक्षण अभियान चला रही हैं। इसी क्रम में देहरादून क्षेत्र में औषधि विभाग ने कई मेडिकल स्टोरों और शिशु रोग अस्पतालों के मेडिकल स्टोरों का निरीक्षण किया, जहां से पेडियाट्रिक कफ सिरप के नमूने जब्त कर परीक्षण के लिए राज्य औषधि प्रयोगशाला भेजे गए हैं। स्वास्थ्य सचिव एवं आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार के निर्देशों में यह सघन अभियान लगातार सभी जनपदों में जारी है। विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी मेडिकल स्टोर या अस्पताल में प्रतिबंधित, असुरक्षित या बिना अनुमति वाली औषधियाँ न बेची जाएं और बच्चों की सेहत के साथ किसी भी प्रकार का जोखिम न उठाया जाए।
देहरादून क्षेत्र में औचक निरीक्षण अभियान
स्वास्थ्य सचिव एवं आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार से प्राप्त आदेशों तथा अपर आयुक्त एफडीए व ड्रग कंट्रोलर ताजबर सिंह जग्गी के दिशा-निर्देशों के अनुसार औषधि विभाग की टीम ने देहरादून क्षेत्र में स्थित मेडिकल स्टोरों एवं शिशु रोग (Paediatric) अस्पतालों के मेडिकल स्टोरों का औचक निरीक्षण किया। अपर आयुक्त एफडीए व ड्रग कंट्रोलर ताजबर सिंह जग्गी ने कहा निरीक्षण के दौरान कई मेडिकल स्टोरों में Dextromethorphan Hydrobromide, Chlorpheniramine Maleate एवं Phenylephrine Hydrochloride युक्त पेडियाट्रिक कफ सीरप्स का भंडारण पाया गया। इन औषधियों को नियमानुसार सीज़ (जब्त) करने की कार्यवाही की गई। साथ ही, कुल 06 पेडियाट्रिक कफ सीरप्स के नमूने फॉर्म-17 में परीक्षण हेतु एकत्रित किए गए हैं। नमूने अब राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशाला को भेजे जाएंगे, जहाँ उनकी गुणवत्ता और वैधता का परीक्षण किया जाएगा।
नियमों के पालन को लेकर विभाग सख्त
अपर आयुक्त एफडीए व ड्रग कंट्रोलर ताजबर सिंह जग्गी ने कहा निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि किसी भी मेडिकल स्टोर पर Coldrif, Respifresh TR, Relife कफ सीरप उपलब्ध नहीं थी। विभाग ने स्पष्ट किया कि निरीक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रदेश में केवल अनुमोदित, सुरक्षित और चिकित्सकीय रूप से स्वीकृत औषधियाँ ही उपलब्ध हों। विभाग ने सभी औषधि विक्रेताओं को चेतावनी दी है कि यदि किसी भी स्टोर पर बिना अनुमति या प्रतिबंधित औषधियाँ पाई जाती हैं, तो उनके विरुद्ध खाद्य, औषधि एवं प्रसाधन अधिनियम, 1940 तथा संबंधित नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सरकार की प्रतिबद्धता, जनस्वास्थ्य सर्वोपरि- पुष्कर सिंह धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि सरकार की प्राथमिकता प्रदेशवासियों को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और प्रमाणित औषधियाँ उपलब्ध कराना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि औषधि विक्रेताओं और अस्पतालों में नियमित निरीक्षण और सैंपलिंग प्रक्रिया को और तेज किया जाए।
लापरवाही या नियम उल्लंघन बर्दाश्त नहीं- डॉ. धन सिंह रावत
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि औषधि विभाग का यह अभियान जनस्वास्थ्य की रक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक कदम है। किसी भी स्तर पर लापरवाही या नियम उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग ने आम जनता से भी अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध या बिना लेबल औषधि की जानकारी निकटतम औषधि निरीक्षक या विभागीय हेल्पलाइन को दें, ताकि त्वरित कार्रवाई की जा सके।
निरीक्षण टीम और नेतृत्व
इस निरीक्षण अभियान का नेतृत्व उप औषधि नियंत्रक हेमंत सिंह नेगी ने किया। उनके साथ
सहायक औषधि नियंत्रक सुधीर सिंह, औषधि निरीक्षक मानेंद्र सिंह राणा, औषधि निरीक्षक श्रीमती निधि रतूड़ी, तथा औषधि निरीक्षक विनोद जगुड़ी टीम में सम्मिलित रहे। टीम ने कहा कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और सभी जिलों में मेडिकल स्टोरों की निरंतर निगरानी की जाएगी ताकि आमजन तक केवल सुरक्षित और मानक औषधियाँ ही पहुँच सकें।
मुख्यमंत्री धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने मिलावट करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के दिए आदेश
देहरादून। त्योहारी सीजन को देखते हुए प्रदेशभर में मिलावटखोरों के खिलाफ खाद्य संरक्षा एंव औषधि प्रशासन विभाग यानि एफडीए का सघन अभियान जारी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने मिलावट करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि त्योहारी मौसम में उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं होगा। इस अवसर पर उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाजार में बिक रहे मावा, पनीर, घी, दूध और मिठाइयों की गुणवत्ता पर सख्त निगरानी रखी जाए ताकि मिलावटखोरी पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
सभी जनपदों में सघन छापेमारी अभियान जारी
स्वास्थ्य सचिव एवं आयुक्त, खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग, डॉ. आर. राजेश कुमार ने त्योहारी सीजन में अपर आयुक्त (खाद्य सुरक्षा) ताजबर सिंह जग्गी को निर्देशित किया है कि सभी जनपदों में निरंतर निरीक्षण और छापेमारी अभियान चलाया जाए। राज्य के सीमावर्ती जिलों में भी विशेष सतर्कता बरती जा रही है ताकि बाहरी राज्यों से नकली और बिना मानक खाद्य सामग्री की आपूर्ति पर रोक लगाई जा सके। विभागीय टीमें मोबाइल वैन के माध्यम से तेजी से सैंपलिंग कार्य कर रही हैं। डॉ. राजेश कुमार ने कहा कि प्रयोगशालाओं को निर्देश दिए गए हैं कि सैंपलों की जांच शीघ्रता से की जाए, जिससे दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तुरंत सुनिश्चित हो सके।
त्योहारी सीजन में जांच की रफ्तार तेज
आयुक्त डॉ आर राजेश कुमार ने बताया कि मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब्स लगातार बाजारों में जाकर मावा, खोया, पनीर, मिठाई और तेल जैसे उत्पादों की मौके पर जांच कर रही हैं। विभागीय टीमें प्रदेश के हर जिले, कस्बे और प्रमुख बाजारों में सैंपलिंग कर रही हैं ताकि हर उपभोक्ता तक सुरक्षित, शुद्ध और गुणवत्ता युक्त खाद्य पदार्थ पहुंच सकें। सरकार का स्पष्ट संदेश है “मिलावटखोरी के खिलाफ कोई रियायत नहीं, उपभोक्ता की सेहत सर्वाेपरि।”
अपर आयुक्त ताजबर जग्गी कर रहे हैं अभियान का नेतृत्व
अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी स्वयं विभिन्न जिलों में चल रहे छापेमारी अभियानों का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि देहरादून, हरिद्वार, उधमसिंह नगर और नैनीताल जिलों के साथ चारधाम यात्रा मार्गों व पर्यटन स्थलों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। इन क्षेत्रों में अतिरिक्त टीमें तैनात की गई हैं, जो मावा, पनीर, घी और मिठाइयों के सैंपल एकत्र कर प्रयोगशालाओं में जांच हेतु भेज रही हैं। जांच में दोषी पाए जाने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध तत्काल सीलिंग, लाइसेंस निरस्तीकरण और जुर्माने की कार्रवाई की जा रही है।
भगवानपुर में नकली डेयरी उत्पादों की बड़ी खेप पकड़ी गई
खाद्य सुरक्षा विभाग एवं पुलिस की संयुक्त टीम ने भगवानपुर के बालेकी युसुफपुर गांव में एक वाहन को रोककर जांच की। वाहन में बिना गुणवत्ता प्रमाणीकरण और स्वास्थ्य मानकों के पनीर सप्लाई की जा रही थी। जांच में यह भी पाया गया कि उत्पादों पर किसी प्रकार का एफएसएसएआई मानक अंकन या लेबलिंग नहीं थी, जो उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है। टीम ने मौके पर ही उत्पादों को जब्त कर वाहन चालक और सप्लायर के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत मामला दर्ज किया। अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने बताया कि भगवानपुर क्षेत्र में नकली डेयरी उत्पादों की आपूर्ति करने वाले गिरोहों पर विभाग की विशेष नजर है। आने वाले दिनों में लगातार कार्रवाई की जाएगी।
ऋषिकेश में भी मिली नकली घी और मिल्क पाउडर की खेप
इसी क्रम में ऋषिकेश में भी खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की। एक वाहन को रोककर जांच की गई, जिसमें 5 क्विंटल क्रीम, 35 किलोग्राम घी और 50 किलोग्राम स्किम्ड मिल्क पाउडर सप्लाई करते हुए पाया गया। इन सभी उत्पादों के पास गुणवत्ता प्रमाण पत्र या अनुमोदन दस्तावेज नहीं थे। टीम ने मौके पर उत्पाद जब्त किए और नमूने जांच हेतु भेज दिए हैं। प्रारंभिक जांच में संभावना है कि ये उत्पाद अन्य राज्यों से अवैध रूप से लाए गए नकली उत्पाद हैं। विभाग ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी और दोषियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
उपभोक्ता हित में जीरो टॉलरेंस नीति-सीएम धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि सरकार की प्राथमिकता जनस्वास्थ्य और उपभोक्ता सुरक्षा है। उन्होंने कहा कि राज्य में मिलावटखोरी के लिए कोई स्थान नहीं है। त्योहारी सीजन में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर समझौता करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति लागू की जाएगी। मुख्यमंत्री ने जनता से भी अपील की है कि वे गुणवत्ता वाले उत्पादों का उपयोग करें, असत्यापित उत्पाद खरीदने से बचें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी विभाग को दें।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत की अपील
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि स्वच्छ और सुरक्षित भोजन न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य बल्कि समाज के समग्र विकास की नींव है। सरकार इस दिशा में पूरी गंभीरता से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि मिलावटखोरी रोकने के लिए विभाग को हर संभव संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं। साथ ही उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे “त्योहारी सीजन में चौकन्ने रहें और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
जनजागरूकता अभियान भी जारी
अपर आयुक्त ने बताया कि खाद्य संरक्षा एंव औषधि प्रशासन विभाग राज्यभर में जनजागरूकता अभियान भी चला रहा है, जिसमें स्कूली बच्चों, व्यापारियों और उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य पहचानने के तरीके बताए जा रहे हैं। इस अभियान के तहत विभाग द्वारा सुरक्षित भोजन-स्वस्थ जीवन थीम पर पोस्टर, सोशल मीडिया कैंपेन और स्थानीय कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। अपर आयुक्त एफडीए ताजबर सिंह जग्गी ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे खाद्य पदार्थ खरीदते समय पैकेजिंग, लेबलिंग और निर्माण तिथि की जांच अवश्य करें। उन्होंने कहा है कि हमारे उपभोक्ता हमारे लिए सर्वाेपरि हैं। किसी भी मिलावटखोर को बख्शा नहीं जाएगा। विभाग ने यह भी कहा कि उपभोक्ता किसी संदिग्ध खाद्य उत्पाद या विक्रेता की सूचना खाद्य संरक्षा एंव औषधि प्रशासन विभाग की हेल्पलाइन या स्थानीय कार्यालय में तुरंत दें।
