देहरादून। केदारपुरम स्थित राजकीय बालिका निकेतन में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने नवरात्रि के पावन पर्व पर कन्याओं का कंजक पूजन किया। उन्होंने नन्हीं कन्याओं के चरण पखारकर उनका पूजन किया और उनके साथ बैठकर भोजन ग्रहण किया।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि कन्याओं में माँ दुर्गा का साक्षात् स्वरूप दिखाई देता है। उनके चरण पखारते ही उन्हें मन को अपार शांति मिला।

उन्होंने कहा कि सच्ची दुर्गा पूजा यही है—नारी शक्ति का सम्मान और बेटियों के प्रति स्नेह।
इस अवसर पर उन्होंने बालिका निकेतन में स्थित स्पेशल एडॉप्शन एजेंसी की यूनिट का भी दौरा किया और नवजात बच्चों का हालचाल जाना। मंत्री ने माँ दुर्गा से प्रार्थना की कि सभी बेटियाँ सदैव सुखी, स्वस्थ एवं समृद्ध हों और समाज में नारी शक्ति का प्रकाश फैले।
उच्च जोखिम गर्भधारण वाली महिलाओं को मिला विशेष परामर्श और जांच
देहरादून। स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान के तहत प्रदेशभर में आयोजित स्वास्थ्य शिविरों में न केवल आम लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है बल्कि गर्भवती महिलाओं को प्रसव पूर्व स्वास्थ्य संबंधी परामर्श भी दिया जा रहा है। अभियान के तहत अब तक 80 हजार से अधिक गर्भवती महिलाओं की एएनसी (एंटीनेटल केयर ) जांच की गई, जिसमें गर्भस्थ शिशु और मां के स्वास्थ्य का आंकलन किया गया।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान के तहत प्रदेशभर में लगाये जा रहे स्वास्थ्य शिविरों में 80,515 गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच की गई। जिसमें अल्मोड़ा जनपद में 2195, बागेश्वर 1131, चमोली 2285, चम्पावत 1758, देहरादून 15728, हरिद्वार 14472, नैनीताल 7853, पौड़ी 2375, पिथौरागढ़ 2067, रूद्रप्रयाग 1936, टिहरी 4650, ऊधमसिंह नगर 21509 तथा उत्तरकाशी में 2556 गर्भवती महिलाएं शामिल हैं।
स्वास्थ्य शिविरों में इन महिलाओं की उच्च रक्तचाप, वजन, शारीरिक जांच, मुधमेह, एचआईवी व यूरीन के अलावा अन्य जांच की गई। इसके अलावा उच्च जोखिम गर्भधारण वाली महिलाओं की पहचान कर उन्हें आवश्यक चिकित्सीय परामर्श एवं सोनोग्राफी जांच कराने की सलाह दी गई। विशेषकर ऐसी महिलाओं को अतिरिक्त परामर्श दिया गया जिनका पहला प्रसव ऑपरेशन से हुआ हो, पहले गर्भपात या मृत शिशु का जन्म हुआ हो, जिनका वजन व ऊचांई कम हो, कम उम्र में गर्भधारण किया हो, गंभीर एनीमिया, उच्च रक्तचाप, मधुमेह या किसी अन्य गंभीर बीमारी से ग्रसित हो। इस दौरान डॉक्टरों ने गर्भवती महिलाओं को संतुलित आहार, नियमित दवा सेवन, हरी सब्जियां, दूध, सोयाबीन, फल, चना व गुड़ के सेवन पर बल दिया। एनीमिक महिलाओं को आयरन-फोलिक एसिड की गोलियां भी वितरित की।
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में मातृ-मृत्यु दर में कमी लाने के लिये राज्य सरकार खासी गंभीर है। इसके लिये स्वास्थ्य विभाग द्वारा एएनएम, आशा कार्यकर्ताओं व आंगनबाड़ी सेविकाओं के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को संस्थागत प्रसव के लिये लगातार प्रेरित किया जा रहा है, साथ ही प्रसव पूर्व जांच को बढ़ावा देने के लिये पंचायत स्तर पर काम किया जा रहा है।
बयान-
स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान के तहत स्वास्थ्य शिविरों में 80 हजार से अधिक गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांचे की गई। गर्भवती महिलाओं की एएनसी जांच होनी बेहद जरूरी है, इससे मां और बच्चे की सेहत का समय पर पता चल जाता है और गर्भावस्था के समय होने वाले जोखिम से बचा जा सकता है।– डॉ. धन सिंह रावत, स्वास्थ्य मंत्री, उत्तराखंड।
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा, संकट की घड़ी में प्रदेशवासियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है प्राधिकरण
देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने एक अनुकरणीय कदम उठाते हुए हाल ही में उत्तरकाशी के धराली और चमोली जिले के थराली में आई भीषण आपदा से प्रभावित लोगों की मदद के लिए सराहनीय पहल की है। विगत दिनों इन क्षेत्रों में आई प्राकृतिक आपदा के कारण भारी जनहानि हुई। कई परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया और सैकड़ों लोग अब भी जीवन की मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। प्रभावित क्षेत्रों में आज भी खाद्यान्न, जस्ती एवं अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुओं की सख्त आवश्यकता बनी हुई है।
जनहित को सर्वोपरि मानते हुए एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने निर्णय लिया है कि प्राधिकरण में कार्यरत सभी नियमित अधिकारी और कर्मचारी अपने सितंबर माह के एक दिन का वेतन आपदा पीड़ितों की सहायता के लिए देंगे। इस कटौती से प्राप्त राशि को एकमुश्त संकलित कर मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष में जमा कराया जाएगा। एमडीडीए की इस पहल से जहां आपदा पीड़ितों को तात्कालिक राहत मिलेगी, वहीं यह भी संदेश गया है कि संकट की घड़ी में सरकारी संस्थान और कर्मचारी समाज के साथ मजबूती से खड़े हैं। इस निर्णय की व्यापक स्तर पर सराहना हो रही है।
एमडीडीए उपाध्यक्ष एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा आपदा की इस विकट घड़ी में प्रभावित परिवारों की पीड़ा हम सभी की साझा पीड़ा है। एक दिन का वेतन देना हमारे कर्तव्य और सामाजिक दायित्व का प्रतीक है। हमारी कोशिश है कि आपदा पीड़ितों तक हरसंभव मदद पहुंचाई जाए। यह योगदान भले ही छोटा लगे, लेकिन इसका उद्देश्य प्रभावित परिवारों के साथ भावनात्मक रूप से जुड़ना और यह विश्वास दिलाना है कि पूरा प्रदेश उनके साथ खड़ा है।
एक की करंट से मौत, दूसरे की वजह अब भी रहस्य
हरिद्वार। हरिद्वार वन प्रभाग में लगातार चार दिनों के भीतर दो हाथियों की मौत से हड़कंप मच गया है। 26 सितंबर को खानपुर रेंज के रसूलपुर क्षेत्र और 29 सितंबर को शाह मंसूर बीट में हाथियों के शव मिले। इनमें से एक हाथी की मौत खेत में लगी करंट वाली फैंसिंग से हुई, जबकि दूसरे की मौत का कारण अभी साफ नहीं हो पाया है।
पहली घटना में रसूलपुर बीट में हाथी का शव वन और राजस्व विभाग की सीमा पर मिला था। मौत का कारण स्पष्ट न होने पर सैंपल जांच के लिए आईवीआरआई बरेली और भारतीय वन्यजीव संस्थान देहरादून भेजे गए हैं। पानी के नमूने भी जांच के लिए लिए गए हैं।
वहीं, शाह मंसूर में खेत में हाथी का शव मिला, जहां इलेक्ट्रिक फैंसिंग लगी थी। मामले में खेत मालिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध ने बताया कि दूसरी घटना में हाथी की मौत करंट लगने से हुई है। वहीं पहली घटना में अभी जांच रिपोर्ट का इंतजार है।
उन्होंने बताया कि जिस क्षेत्र में ये घटनाएं हुई हैं, वहां बड़े पैमाने पर अवैध इलेक्ट्रिक फैंसिंग पाई गई है। ऐसे में एक विशेष अभियान चलाकर इस तरह की फैंसिंग को हटाने की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही मामले की जांच एसडीओ स्तर के अधिकारी को सौंपी गई है।
सामाजिक, शैक्षणिक एवं समसामयिक विषयों पर किया विचार-विमर्श
देहरादून। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) से आज राजभवन में जैन समुदाय के प्रतिनिधिमण्डल ने शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर राज्यपाल ने प्रतिनिधिमण्डल के सदस्यों से सामाजिक, शैक्षणिक एवं समसामयिक विषयों पर विचार-विमर्श किया।
राज्यपाल ने जैन समुदाय की अहिंसा, सत्य, अनुशासन और शिक्षा जैसे उच्च जीवन मूल्यों की परंपरा की सराहना की। उन्होंने कहा कि जैन समाज ने सदैव सेवा, संस्कार और समाजहित के कार्यों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। विशेषकर शिक्षा और संस्कारों के क्षेत्र में उनकी पहल आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायी है। प्रतिनिधिमण्डल ने राज्यपाल को अपनी गतिविधियों, सामाजिक पहलों तथा इनसे जुड़ी चुनौतियों की जानकारी दी।
दिल्ली पब्लिक स्कूल रुद्रपुर में सीबीएसई नेशनल फेंसिंग चैंपियनशिप-2025 का शुभारंभ
रुद्रपुर/उधमसिंह नगर। दिल्ली पब्लिक स्कूल रुद्रपुर में मंगलवार को सीबीएसई की नेशनल फेंसिंग चैंपियनशिप-2025 का भव्य शुभारंभ हुआ। प्रतियोगिता में देश के लगभग सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की टीमें हिस्सा ले रही है।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि पहली बार उत्तराखंड की धरती पर इस स्तर की फेंसिंग चैंपियनशिप का आयोजन होना पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड अब केवल देवभूमि और वीरभूमि ही नहीं, बल्कि खेल भूमि के रूप में भी अपनी अलग पहचान बना रहा है।
रेखा आर्या ने कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड को खिलाड़ियों की नर्सरी बनाना है और आने वाले वर्षों में प्रदेश को खेल जगत की सुपर पावर के रूप में स्थापित करना है।

उन्होंने कहा कि फ़ेंसिंग केवल एक खेल नहीं, बल्कि अनुशासन, गति और रणनीति का अद्भुत संगम है।
मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि खिलाड़ियों के लिए प्रदेश सरकार लगातार ठोस कदम उठा रही है। पदक विजेता खिलाड़ियों को अधिकतम नगद इनाम राशि और सरकारी नौकरी से लेकर युवा खिलाड़ियों के लिए छात्रवृत्ति योजनाओं तक विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि उत्तराखंड में हर सप्ताह किसी न किसी राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता का आयोजन हो रहा है, जो प्रदेश में तेजी से विकसित होती खेल संस्कृति का प्रमाण है।
कार्यक्रम का शुभारंभ सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ हुआ। स्कूल के बच्चों ने पारंपरिक रंग-बिरंगे परिधानों में उत्तराखंड की लोक संस्कृति और संगीत की झलक पेश की। बच्चों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और पूरे माहौल में उत्साह और उमंग भर दी।
इस अवसर पर नेशनल फेंसिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया के महासचिव राजीव मेहता, उत्तरांचल ओलंपिक संघ के अध्यक्ष महेश नेगी, महासचिव डीके सिंह, फेंसिंग एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के अध्यक्ष सुरजीत सिंह ग्रोवर, बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य दीपक गुलाटी, भाजपा काशीपुर के जिला सह प्रभारी भारत भूषण चुघ और कुमाऊं विश्वविद्यालय के पूर्व स्पोर्ट्स ऑफिसर नागेन्द्र शर्मा सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।
सीएम धामी ने सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के अभियान में तेज़ी लाने के दिए निर्देश
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शासकीय आवास पर लोक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाने के लिए चलाए जा रहे अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि दिवाली से पूर्व सभी प्रमुख और सहायक सड़कें पूरी तरह से गड्ढा मुक्त हों।
सीएम धामी ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि बरसात के कारण पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हुई सड़कों का शीघ्र पुनर्निर्माण किया जाए। उन्होंने डेंजर जोन क्षेत्रों में सुरक्षा दीवारों के निर्माण को तेज करने और सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए रिफ्लेक्टर लगाने पर विशेष ध्यान देने के लिए कहा।
इसके अलावा, अधिकारियों को अभियान की साप्ताहिक समीक्षा करने और कार्य की प्रगति से संबंधित रिपोर्ट समय-समय पर प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए गए।
गुजरात के यात्री से 1.91 लाख की ठगी, गुप्तकाशी पुलिस ने खोला राज़
देहरादून। गुप्तकाशी पुलिस ने हेली टिकट बुकिंग के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह ऑनलाइन भुगतान के जरिए लोगों से लाखों की ठगी कर चुका है। गुजरात के एक यात्री से इन्होंने करीब दो लाख रुपये हड़प लिए थे।
गुजरात के सूरत निवासी सूर्यप्रकाश मिश्रा ने थाना गुप्तकाशी में 7 जुलाई को शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर एक फर्जी हेली कंपनी की वेबसाइट देखकर उन्होंने 32 यात्रियों के टिकट बुक करने की बात तय की थी। व्हाट्सएप चैटिंग के माध्यम से बुकिंग फाइनल हुई और उन्हें एक अकाउंट नंबर भेजा गया। मिश्रा ने 1,91,812 रुपये ऑनलाइन जमा कर दिए, लेकिन भुगतान के बाद न तो टिकट मिले और न ही सामने वाले ने फोन रिसीव किया।
एसपी अक्षय प्रह्लाद कोंडे ने बताया कि करीब दो माह की जांच के बाद पुलिस ने मामले का खुलासा किया। जांच में आरोपियों के 18 बैंक खाते और कई मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। ठगी के मास्टरमाइंड को बिहार के नवादा और अन्य तीन आरोपियों को ओडिशा के मयूरगंज से पकड़ा गया है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आकर्षण गुप्ता (18) निवासी बिहार, अनंत कुमार सिंह (25), सौभाग्य शेखर महतो (26) और दौलागोबिंदा (ओडिशा निवासी) के रूप में हुई है। पुलिस इनके आपराधिक इतिहास की भी छानबीन कर रही है।
मास्टरमाइंड का खेल
पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी आकर्षण गुप्ता ही व्हाट्सएप कॉल और टेलीग्राम का इस्तेमाल कर पीड़ितों से बातचीत करता था। उसने अपने साथियों के नाम से सिम, खाते और एटीएम कार्ड लिए हुए थे। रकम मिलते ही वह तुरंत खाते से पैसा निकाल लेता और अपने साथियों को मामूली हिस्सा देकर बाकी रकम खुद रख लेता था।
भविष्य में होने वाली परीक्षाओं पर लिया जा सकता है बड़ा निर्णय
देहरादून। स्नातक स्तरीय परीक्षा मामले की सीबीआई जांच के बाद अब अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने आगामी परीक्षाओं को लेकर रणनीति बनाने की तैयारी तेज कर दी है। इसी क्रम में मंगलवार को आयोग अध्यक्ष जीएस मर्तोलिया की अध्यक्षता में बोर्ड बैठक बुलाई गई है, जिसमें आगे होने वाली परीक्षाओं पर बड़ा निर्णय लिया जा सकता है।
आयोग के परीक्षा कैलेंडर के अनुसार, 5 अक्तूबर को सहकारी निरीक्षक और सहायक विकास अधिकारी (सहकारिता) की परीक्षा प्रस्तावित है। इसके बाद 12 अक्तूबर को सहायक कृषि अधिकारी वर्ग-1 और प्राविधिक सहायक वर्ग-1 की परीक्षा होनी है। वहीं, 28 अक्तूबर से वन दरोगा भर्ती के 124 पदों के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा निर्धारित है।
स्नातक स्तरीय परीक्षा की जांच के चलते आयोग अब हर कदम पर अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है। यही वजह रही कि सोमवार को 5 अक्तूबर की परीक्षा के एडमिट कार्ड देर रात तक जारी नहीं किए जा सके। माना जा रहा है कि मंगलवार की बैठक में ही परीक्षाओं की समय-सारणी और आयोजन से जुड़ा अहम फैसला सामने आ सकता है।

