कालसी ब्लॉक में 29 सितम्बर को बहुउद्देशीय शिविर
अटल आयुष्मान कार्ड, पेंशन, स्वास्थ्य जांच समेत अनेक सेवाएं एक ही स्थान पर
देहरादून। जनता की सुविधाओं और समस्याओं के निस्तारण के लिए जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में सोमवार, 29 सितम्बर को सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक विकासखंड कालसी के ग्राम उटैल स्थित बैसोगिलानी मैदान में बहुउद्देशीय शिविर आयोजित किया जाएगा। मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने बताया कि शिविर में जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहकर समस्याओं का मौके पर समाधान करेंगे और विभागीय स्टॉल लगाकर योजनाओं की जानकारी देंगे।
शिविर में अटल आयुष्मान कार्ड, यूडीआईडी, दिव्यांग प्रमाण पत्र, आधार व श्रमिक कार्ड बनाए जाएंगे। निःशुल्क स्वास्थ्य जांच, औषधि वितरण, नेत्र परीक्षण व चश्में भी उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही आय, जाति, चरित्र, स्थायी निवास, निर्विवाद उत्तराधिकार और सामाजिक पेंशन प्रकरणों का निस्तारण किया जाएगा।
समाज कल्याण विभाग वृद्धावस्था, विधवा, दिव्यांग व किसान पेंशन सहित विभिन्न योजनाओं के आवेदन करेगा। स्वास्थ्य विभाग कुपोषित बच्चों का सर्वे, नशा मुक्ति काउंसलिंग, टीकाकरण और गर्भवती महिलाओं की जांच करेगा। ग्राम्य विकास विभाग मनरेगा, पीएमएवाई, एनआरएलएम से संबंधित प्रकरणों का समाधान करेगा। शिक्षा, खाद्य, कृषि, उद्यान, सहकारिता, मत्स्य, दुग्ध, विद्युत, पेयजल, उद्योग और पर्यटन विभाग भी अपनी सेवाएं प्रदान करेंगे।
श्रम विभाग श्रमिक कार्ड बनाने और सामग्री वितरण का काम करेगा, जबकि बैंकिंग सेवाओं के तहत पीएम जीवन ज्योति, पीएम सुरक्षा योजना व स्वरोजगार योजनाओं के आवेदनों का निस्तारण किया जाएगा। जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे शिविर में आकर सरकारी योजनाओं का लाभ उठाएं।
गृह मंत्रालय ने दी विशेष अनुमति, अब प्रभावित परिवारों को मिलेगी राहत राशि
उत्तरकाशी। धराली और हर्षिल क्षेत्र में पांच अगस्त को आई भीषण आपदा में लापता हुए 67 लोग अब तक नहीं मिल पाए हैं। ऐसे में गृह मंत्रालय ने विशेष छूट देते हुए इन लोगों का मृत्यु पंजीकरण कर प्रमाण पत्र जारी करने की मंजूरी दे दी है। इससे अब प्रभावित परिवारों को आपदा राहत के तहत आर्थिक सहायता प्राप्त हो सकेगी।
सात साल का प्रावधान, पर मिली छूट
जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 के तहत सामान्यत: लापता व्यक्ति को सात साल बाद मृत घोषित किया जाता है। लेकिन आपदा की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने इस प्रावधान में छूट दी है।
ऐसे पूरी होगी प्रक्रिया
लापता व्यक्ति के परिजनों को सबसे पहले अपने मूल निवास स्थान पर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करानी होगी। इसके बाद मामला संबंधित क्षेत्र के परगना मजिस्ट्रेट या एसडीएम के पास जाएगा। एसडीएम 30 दिन का नोटिस जारी करेंगे और यदि इस अवधि में कोई आपत्ति नहीं आती है, तो मृत्यु पंजीकरण कर प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाएगा।
नामित अधिकारी
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि धराली और हर्षिल क्षेत्र के मामलों में उप जिलाधिकारी (एसडीएम) को अभिहित अधिकारी और जिलाधिकारी को अपीलीय अधिकारी नामित किया गया है। इन्हीं के जरिए प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे।
पहले भी मिली थी छूट
गौरतलब है कि चमोली जिले के रैणी गांव में 2021 की आपदा के दौरान भी कई मजदूर लापता हो गए थे। उस समय भी केंद्र सरकार ने अधिनियम में छूट देते हुए मृत्यु पंजीकरण और प्रमाण पत्र जारी करने की अनुमति दी थी। अब उसी तर्ज पर धराली आपदा प्रभावित परिवारों को राहत देने का रास्ता साफ हो गया है।
पर्यटकों को अनछुए स्थलों तक पहुंचाने और युवाओं को रोजगार देने की पहल
देहरादून। उत्तराखंड आने वाले पर्यटक अब यहां की खूबसूरत वादियों और अनछुए स्थलों की गहराई से जानकारी ले सकेंगे। पर्यटन विभाग इसके लिए प्रदेशभर में 500 नेचर गाइड तैयार कर रहा है। 15 दिन का प्रशिक्षण पूरा करने के बाद केंद्र सरकार के अधीन पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी स्किल काउंसिल इन्हें प्रमाण पत्र प्रदान करेगी।
रोजगार और पर्यटन, दोनों को बढ़ावा
पर्यटन विभाग का मानना है कि इस पहल से न सिर्फ पर्यटकों को सही मार्गदर्शन मिलेगा बल्कि स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे। विभाग की योजना है कि इस साल सभी जिलों में नेचर गाइड तैयार कर उन्हें पर्यटकों की सुविधा के लिए तैनात किया जाए।
अल्मोड़ा से शुरू हुआ प्रशिक्षण
उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद और पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी स्किल काउंसिल ने संयुक्त रूप से अल्मोड़ा जिले के बिन्सर से नेचर गाइड प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया है। यहां प्रशिक्षणार्थियों को प्रकृति, पक्षी और जैव विविधता संरक्षण की जानकारी दी जा रही है।
मुफ्त मिलेगा प्रशिक्षण
अपर निदेशक पर्यटन पूनम चंद ने बताया कि 15 दिन के प्रशिक्षण के बाद परीक्षा ली जाएगी। सफल होने पर नेचर गाइड का प्रमाण पत्र दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण पर्यटन विभाग की ओर से पूरी तरह निशुल्क होगा।
अवैध निर्माण और प्लॉटिंग पर चला एम.डी.डी.ए. का बुलडोज़र
देहरादून। शहर और आसपास अवैध प्लॉटिंग एवं अनधिकृत निर्माण करने वालों के खिलाफ मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एम.डी.डी.ए.) का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। शनिवार को प्राधिकरण की संयुक्त टीम ने कई क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए दर्जनों बीघा अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त कर दिया और कई व्यावसायिक निर्माणों को सील कर दिया।
एम.डी.डी.ए. उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि शहर को अव्यवस्थित और अवैध तरीके से फैलने नहीं दिया जाएगा। नियम विरुद्ध निर्माण और प्लॉटिंग करने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। जनता को भी संदेश दिया कि वे किसी भी अवैध कॉलोनी में निवेश कर अपने पैसे और भविष्य को खतरे में न डालें।
प्रमुख कार्यवाहियां
1. शिमला बाईपास रोड
मानवेन्द्र पुण्डीर द्वारा ग्राम हिन्दुवाला साभावाला में लगभग 40 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त।
2. सेलाकुई (सेरपुर क्षेत्र)
गुलशेर द्वारा हाईवे और आसान नदी के बीच लगभग 10 बीघा अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त।
3. चकराता रोड (शंकरपुर, सेलाकुई)
डी.सी. बंसल द्वारा लगभग 20 बीघा में की जा रही अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त।
4. कल्याणपुर धर्मावाला चौक
रासिद द्वारा लगभग 08 बीघा भूमि में अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त।

5. अद्दूवाला, शिमला बाईपास रोड
नेरन्द्र चौहान द्वारा अवैध रूप से निर्मित फार्म हाउस एवं 08 व्यावसायिक हट्स सील।
6. धर्मावाल रोड, हरबटपुर
राकेश अग्रवाल द्वारा पेट्रोल पंप के निकट अवैध व्यावसायिक निर्माण सील।
7. मुख्य चकराता रोड, खुशहालपुर सहसपुर
सलमान द्वारा अवैध व्यावसायिक निर्माण सील।
8. 75 राजपुर रोड, देहरादून
सरदार मौ. असरफ खान व गर्ग द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माण सील।
9. संस्कृति लोक कॉलोनी, देहरादून
साकिर द्वारा निर्मित दो अवैध भवन सील।

10. चांचक चौक, बंजारावाला
मो. साजिद द्वारा टिन शेड का अस्थायी व्यावसायिक निर्माण ध्वस्त।
मौके पर मौजूद अधिकारी
संयुक्त सचिव गौरव चटवाल, सचिव मोहन सिंह बर्निया के आदेश पर कार्रवाई की गई। कार्रवाई में सहायक अभियंता अभिषेक भारद्वाज, सुरजीत सिंह रावत, निशांत कुकरेती, अवर अभियंता हर्षित मौठानी, जयदीप राणा, नेहा बर्थवाल, सुपरवाइजर एवं पुलिस बल मौजूद रहे।

उपाध्यक्ष एम.डी.डी.ए. बंशीधर तिवारी का बयान
मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण का उद्देश्य शहर में व्यवस्थित एवं नियोजित विकास सुनिश्चित करना है। किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण या प्लॉटिंग नियमों के खिलाफ है और ऐसे मामलों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आम जनता को भी अपील है कि वह किसी भी अवैध कॉलोनी या निर्माण में निवेश न करें और हमेशा अनुमोदित प्लान व मानचित्र की जानकारी लेकर ही संपत्ति क्रय करें।
5 अक्तूबर को होगी सहकारी निरीक्षक व एडीओ सहकारिता भर्ती परीक्षा
देहरादून। स्नातक स्तरीय परीक्षा पेपर लीक प्रकरण में फंसी भर्ती प्रक्रिया फिलहाल अटकी हुई है, लेकिन अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) अब अगली परीक्षा को लेकर सक्रिय हो गया है। आगामी 5 अक्तूबर को सहकारी समितियों में सहकारी निरीक्षक वर्ग-2 और सहायक विकास अधिकारी (सहकारिता) के 45 पदों पर भर्ती परीक्षा आयोजित की जाएगी।
केवल देहरादून और नैनीताल में परीक्षा
अभ्यर्थियों की संख्या कम होने के कारण परीक्षा केवल देहरादून और नैनीताल के केंद्रों पर होगी। आयोग ने दोनों जिलों के डीएम को पत्र भेजकर केंद्रों की सख्त जांच और सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। सभी परीक्षार्थियों को अनिवार्य रूप से परीक्षा केंद्र दो घंटे पहले पहुंचना होगा, वरना चेकिंग न होने पर वे परीक्षा से वंचित रह सकते हैं।
प्रवेश द्वार पर कड़ी चेकिंग
आयोग ने निर्देश दिया है कि परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश द्वार पर ही पूरी जांच की जाए। जैमर, सुरक्षा जांच और अभ्यर्थियों की स्कैनिंग की तैयारी एक दिन पहले रिहर्सल के जरिए परखी जाएगी। हर केंद्र पर चौकीदार की तैनाती, पुलिस की विशेष जांच और परीक्षा से दो घंटे पहले तक सुरक्षा अभियान चलाया जाएगा।
जैमर को लेकर सख्ती
आयोग अध्यक्ष जीएस मर्तोलिया ने साफ किया कि इस बार लेटेस्ट तकनीक वाले जैमर ही लगाए जाएंगे। जैमर न सिर्फ परीक्षा कक्ष बल्कि वॉशरूम तक लगाए जाएंगे। किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। “जो कमियां स्नातक स्तरीय परीक्षा में दिखाई दीं, उन्हें इस बार पूरी तरह दूर करेंगे। जैमर से लेकर सुरक्षा तक हर तैयारी को एक दिन पहले परखा जाएगा।”–जीएस मर्तोलिया, अध्यक्ष, यूकेएसएसएससी
स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान के तहत शिविर में 400 ने कराई जांच
ताकुला/अल्मोड़ा। स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान के तहत शनिवार को सोमेश्वर विधानसभा क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ताकुला में स्वास्थ्य जांच एवं उपचार शिविर में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने प्रतिभाग किया । शिविर में 400 से ज्यादा महिला और बालिकाओं ने अपने स्वास्थ्य जांच कराई।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस वर्ष अपना जन्मदिवस महिला स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता लाने के लिए समर्पित किया है। इसके अंतर्गत प्रदेशभर में 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक महिलाओं और बालिकाओं के लिए स्वास्थ्य जांच एवं मुफ्त उपचार शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने जानकारी दी कि ताकुला शिविर में अब तक 400 से अधिक महिलाओं और बालिकाओं की जांच की जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि 2047 में भारत को विकसित देश बनाने का लक्ष्य तभी पूरा हो सकता है जब यहां की बालिकाओं और महिलाओं के स्वास्थ्य की स्थिति बेहतर होगी।
उन्होंने कहा कि क्षेत्रवासियों के लिए यह खुशी की बात है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ताकुला जल्द ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में उच्चीकृत किया जाएगा। इस विषय पर शनिवार को उनकी वार्ता मुख्य चिकित्सा अधिकारी से हुई, जिसमें उन्होंने निर्देश दिए कि उच्चीकरण संबंधी मानकों की आवश्यक प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण की जाए।
कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष जगदीश डंगवाल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. नवीन चन्द, वरिष्ठ कार्यकर्ता लाल बजेठा, मंडल महामंत्री विरेंदर बिष्ट, मंडल महामंत्री भूधर भाकुनी, जिला मीडिया सह संयोजक प्रदीप नगरकोटी, ग्राम प्रधान अमखोली दीपक सुयाल, कनिष्क प्रमुख निर्मल नयाल, पूर्व मंडल अध्यक्ष भूपाल सिंह रावत, प्रताप सिंह, गोविन्द चौहान, मदन बिष्ट, राजू नेगी, हेम लोहनी, प्रकाश बिष्ट, कृष्णा भंडारी आदि उपस्थित रहे।
जीएसटी रिफॉर्म पर ली ग्रहणियों और दुकानदारों की राय
कार्यक्रम के बाद कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ताकुला में कई घरों और दुकानों में गई और वहां उन्होंने ग्रहणियों और दुकानदारों से हाल ही में जीएसटी की दरों में किए गए बदलाव पर चर्चा की। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने बताया कि गरीब और मध्यम वर्ग की जरूरतमंद चीजों को 18 फ़ीसदी से 5 प्रतिशत के स्लैब में लाने पर आम लोगों और व्यापारियों में खुशी है। इससे उनका खर्च कम होगा और क्रयशक्ति बढ़ाने में मदद मिलेगी। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि इस बदलाव से ग्रहणियों को बहुत फायदा होगा।
डोटियाल गांव में सुनी जन समस्याएं
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने शनिवार को सोमेश्वर विधानसभा क्षेत्र के डोटियाल गांव में हरज्यू मंदिर प्रांगण में जनता दरबार लगाकर लोगों की समस्याएं सुनी। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता की बिजली सब स्टेशन बनाने, गैस गोदाम बनाने और पॉलिटेक्निक में सिविल व फार्मेसी ट्रेड शुरू करने जैसी मांगे पूरी हो चुकी हैं। जल्द ही फसलों की सुरक्षा के लिए तार बाड़ लगाने की मांग भी पूरी होने जा रही है। लोगों द्वारा एक सड़क बनाने की मांग पर उन्होंने कहा कि इसके लिए जमीन उपलब्ध कराएं तो सड़क बनवा दी जाएगी। इस अवसर पर उन्होंने मंदिर के सौंदर्यीकरण के लिए विधायक निधि से ढाई लाख रुपए देने की भी घोषणा की।
“स्वस्थ नारी सशक्त परिवार” के तहत थलीसैंण के बूँगीधार में आयोजित हुआ स्वास्थ्य शिविर
पौड़ी। थलीसैंण विकासखंड के बूँगीधार में “स्वस्थ नारी सशक्त परिवार” कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों ने पहुँचकर स्वास्थ्य परीक्षण कराया और निःशुल्क दवाओं का लाभ उठाया। कार्यक्रम का शुभारंभ कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
शिविर के दौरान मंत्री ने लाभार्थियों को मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट तथा आपदा पीड़ित परिवारों को राशन सामग्री वितरित की। इस अवसर पर विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल भी लगाए गए, जिनके माध्यम से ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी गयी और कई लोग योजनाओं से सीधे लाभान्वित भी हुए। शिविर के दौरान उच्च रक्तचाप, मधुमेह, कैंसर, किशोरियों व महिलाओं में एनीमिया की जांच नि:शुल्क की गयी। गर्भवती महिलाओं के लिये एएनसी देखभाल, आयरन-कैल्शियम की खुराक, जांचें और बच्चों के लिये टीकाकरण सेवाएं भी प्रदान की गयी। स्वास्थ्य शिविर में 126 लोगों की स्वास्थ्य जांच की गयी।
कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि ग्रामीण अंचलों में स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाना हमारी प्राथमिकता है। इस तरह के शिविर न केवल स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराते हैं, बल्कि ज़रूरतमंद परिवारों को राहत और संबल भी प्रदान करते हैं। कहा कि सरकार निरंतर प्रयासरत है कि हर घर तक योजनाओं का लाभ पहुँचे और ग्रामीण क्षेत्र आत्मनिर्भर बनें। उन्होंने कहा कि सभी चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों और सहयोगी टीम की सेवा-भाव से निभायी गयी भूमिका सराहनीय है और समाज को सशक्त बनाने में ऐसे प्रयास मील का पत्थर साबित होंगे।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. शिव मोहन शुक्ला, उपजिलाधिकारी श्रेष्ठ गुनसोला सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी व ग्रामीण उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री धामी ने युवाओं से अपील की- आंदोलन का राजनीतिकरण न होने दें
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि एसआईटी हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में यूकेएसएसएससी स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा में नकल मामले की जांच कर रही है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि जांच के दौरान छात्रों के हित में कोई निर्णय करना पड़े तो सरकार पीछे नहीं हटेगी।
मुख्यमंत्री धामी ने मीडिया से बातचीत में युवाओं से अपील की कि वे सही जानकारी के आधार पर ही आंदोलन का निर्णय लें। उन्होंने कहा कि कुछ लोग राजनीतिक स्वार्थ के लिए युवाओं को भड़काकर सड़क पर ला रहे हैं, जबकि उनका परीक्षा और छात्रों से कोई संबंध नहीं है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार की प्राथमिकता पारदर्शिता, निष्पक्षता और बिना भ्रष्टाचार के भर्ती प्रक्रिया को सुनिश्चित करना है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में 25 हजार नियुक्तियां पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ की गई हैं। यूकेएसएसएससी की परीक्षा के दौरान एक केंद्र पर नकल की शिकायत मिलने पर भर्ती प्रक्रिया को एक माह के लिए स्थगित कर दिया गया है।
धामी ने कहा कि कुछ लोग छात्रों की आड़ में सरकार को निशाना बना रहे हैं और मामले का राजनीतिकरण कर रहे हैं। उन्होंने देशभक्ति और सनातन धर्म के प्रति सम्मान बनाए रखने का भी संदेश दिया और कहा कि उत्तराखंड के युवा राष्ट्रवादी हैं और वे इस मुद्दे पर सोच-समझकर आगे बढ़ेंगे।
अवैध निर्माणों पर एमडीडीए की सख़्त कार्रवाई, अजबपुर कला मोथरोवाला रोड पर अवैध व्यावसायिक निर्माण सील
नियम विरुद्ध निर्माणों के खिलाफ एमडीडीए की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी— बंशीधर तिवारी
देहरादून। मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने नियमविरुद्ध निर्माणों के खिलाफ अपनी कार्रवाई को जारी रखते हुए, देहरादून क्षेत्र में एक अवैध व्यावसायिक निर्माण को सील कर दिया। प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत अजबपुर कला मोथरोवाला रोड, प्राथमिक विद्यालय के निकट कोठियाल द्वारा किये जा रहे अवैध व्यावसायिक निर्माण पर सयुंक्त सचिव गौरव चटवाल के आदेशों पर कार्यवाही की गई। इस दौरान सहायक अभियंता निशांत कुकरेती, अवर अभियंता जयदीप राणा और सुपरवाइजर मौके पर मौजूद रहे।
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण नियमविरुद्ध निर्माणों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रहा है और आगे भी यह अभियान जारी रहेगा। किसी भी अवैध निर्माण को बख्शा नहीं जाएगा। निर्माण मानकों और स्वीकृत नक्शों के अनुरूप ही कार्य करने वालों को ही अनुमति मिलेगी।
केदारनाथ में सबसे ज्यादा 15.73 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
देहरादून। उत्तराखंड की चारधाम यात्रा एक बार फिर रफ्तार पकड़ चुकी है। बारिश और आपदा से उपजे व्यवधान के बाद श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार धामों की ओर उमड़ रही है। अब तक 45.25 लाख से अधिक तीर्थयात्री चारधाम और हेमकुंड साहिब में दर्शन कर चुके हैं। सिर्फ एक दिन में ही 13 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं ने विभिन्न धामों के साथ हेमकुंड साहिब के दर्शन किए।
चारधाम यात्रा का शुभारंभ 30 अप्रैल को गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने से हुआ था। इसके बाद 2 मई को केदारनाथ और 4 मई को बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ यात्रा पूर्ण रूप से शुरू हुई। हालांकि, खराब मौसम और प्राकृतिक आपदाओं ने बीच-बीच में यात्रा को प्रभावित किया। 5 अगस्त को धराली क्षेत्र की आपदा के कारण गंगोत्री और यमुनोत्री धाम की यात्रा पूरी तरह से ठप रही, लेकिन चुनौतियों को पार करते हुए अब यात्रा पटरी पर लौट आई है।
यात्रा मार्गों पर भूस्खलन और सड़कों की क्षति से श्रद्धालुओं को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है, बावजूद इसके श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ है। पर्यटन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार को हरिद्वार, ऋषिकेश और हरबर्टपुर केंद्रों में 1480 तीर्थयात्रियों ने ऑफलाइन पंजीकरण कराया।
अब तक धामों में दर्शन करने वाले श्रद्धालु:
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केदारनाथ: 15,73,796
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बदरीनाथ: 13,93,317
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गंगोत्री: 6,95,113
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यमुनोत्री: 5,99,507
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हेमकुंड साहिब: 2,63,873
