13 अक्टूबर तक जवाब मांगा
देहरादून। चुनाव आयोग ने उत्तराखंड के दो पंजीकृत लेकिन अमान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को नोटिस जारी किया है। आरोप है कि इन दलों ने पिछले छह वर्षों के दौरान चुनाव लड़े, लेकिन निर्धारित समय सीमा में अपनी वार्षिक ऑडिट रिपोर्ट और चुनावी व्यय विवरण आयोग के समक्ष प्रस्तुत नहीं किए। नियमों के अनुसार विधानसभा चुनाव के 75 दिन और लोकसभा चुनाव के 90 दिन के भीतर रिपोर्ट दाखिल करना अनिवार्य है।
आयोग ने इन दलों को 13 अक्तूबर तक जवाब देने का समय दिया है। नोटिस भारतीय सर्वोदय पार्टी (पटेल नगर, देहरादून) और उत्तराखंड प्रगतिशील पार्टी (सुभाष रोड, देहरादून) को जारी किए गए हैं।
लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा-29 के तहत पंजीकृत दलों को आयोग से कई तरह की सुविधाएं मिलती हैं, जिनमें आयकर से छूट, चुनाव चिह्न आवंटन और स्टार प्रचारकों के नामांकन जैसी रियायतें शामिल हैं। नियमों का पालन न करने पर आयोग पहले ही 17 दलों का पंजीकरण रद्द कर चुका है।
खेल मंत्री ने किया उत्तराखंड प्रीमियर लीग सीजन 2 का उद्घाटन
देहरादून। राजीव गांधी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में उत्तराखंड प्रीमीयर लीग (यूपीएल) सीजन-2 की धूमधाम से शुरुआत हुई। इस अवसर पर प्रदेश की खेल मंत्री रेखा आर्या बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहीं।
उन्होंने दोनों महिला टीमों की कप्तानों को टॉस के बाद शुभकामनाएं दीं और खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। रेखा आर्या ने कहा कि उत्तराखंड प्रीमीयर लीग प्रदेश में क्रिकेट को लोकप्रिय बनाने के साथ ही युवाओं को बड़ी पहचान दिलाने का माध्यम बनेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि निकट भविष्य में इस टूर्नामेंट की गूंज पूरे देश में सुनाई देगी। खेल मंत्री ने कहा कि इस तरह के टूर्नामेंट से युवाओं को न सिर्फ बड़े मंच पर खुद को साबित करने का अवसर मिलेगा, बल्कि प्रदेश में खेल संस्कृति को भी मजबूती मिलेगी।
खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि प्रदेश तभी सच्चे अर्थों में खेल भूमि बन सकता है जब यहां हर घर से एक खिलाड़ी निकले। इसके लिए वातावरण तैयार करने में उत्तराखंड प्रीमीयर लीग जैसे आयोजनों की बड़ी भूमिका रहने वाली है।
कार्यक्रम के अंत में उन्होंने यूपीएल के आयोजकों, खेल प्रेमी दर्शकों और सहभागिता करने वाले सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दीं।
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक संपन्न हो गई है। धामी मंत्रिमंडल की बैठक में कुल 6 प्रस्तावों पर मुहर लगी है।
देखें, कैबिनेट की बैठक के फैसले
01 – कृषि एवं कृषि कल्याण विभाग
उत्तराखंड महक क्रांति नीति 2026 – 2036 का प्राख्यापन, इस नीति के तहत प्रथम चरण में 91 हजार लाभार्थियों के माध्यम से 22750 हैक्टेयर भूमि को सगंध फसलों से आच्छादित करने का लक्य्म रखा गया है। नीति के तहत किसानों को एक हैक्टेयर तक खेती पर 80 प्रतिशत और उससे उपर लागत का 50 प्रतिशत अनुदान प्रदान किया जाएगा।
02 – विद्यालयी शिक्षा
राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद् उत्तराखण्ड द्वारा वर्तमान में पी एम ई विद्या कार्यक्रम के अन्तर्गत पांच फ्री शैक्षिक टीवी चैनलों का प्रसारण किया जा रहा है। पी एम ई विद्या कार्यक्रम के सुचारू संचालन हेतु सुव्यवस्थित स्टूडियो स्थापित करने हेतु न्यूनतम कार्य आवश्यकता के दृष्टिगत संयुक्त निदेशक (पदेन) 01 पद, उप निदेशक (पदेन) 01 पद, सहायक निदेशक (पदेन) 01 पद, प्रवक्ता/चैनल समन्वयक (पदेन) 01 पद, स्टूडियो इंजीनियर आउटसोर्स 01 पद, स्टूडियो तकनीकी सहायक (आउटसोर्स) 01 पद, कम्प्यूटर ऑपरेटर (आउटसोर्स) 01 पद एवं MTS (Multy Task Staff) / चतुर्थ श्रेणी (आउटसोर्स) 01 पद, कुल 08 पद सृजित किए जाएंगे। उक्त कार्मिकों को मानदेय इत्यादि पर कुल वार्षिक लगभग रू0 10,56,000/- (रूपये दस लाख छप्पन हजार मात्र) व्ययभार प्रस्तावित है।
03 – आवास विभाग
प्रधानमंत्री आवास योजना के अन्तर्गत ग्राम बागवाला तहसील रुद्रपुर, जिला उधमसिंहनगर में जिलास्तरीय विकास प्राधिकरण द्वारा निम्न आय वर्ग के लोगों के लिए 1872 किफायती आवासों का निर्माण किया जा रहा है। परियोजना के आवासों की विशिष्टियों में परिवर्तन के कारण आंकलित अतिरिक्त व्ययभार रू0 2785.07 लाख (रू० सत्ताईस करोड़ पिचासी लाख सात हजार मात्र) को राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।
बेसिक शिक्षा
मा० सर्वोच्च न्यायालय, नई दिल्ली में पारित निर्णयादेशों के क्रम में उत्तराखंड राजकीय प्रारम्भिक शिक्षा (अध्यापक) (संशोधन) सेवा नियमावली में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की शिक्षा के लिये प्रारम्भिक शिक्षा संवर्ग के राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक (विशेष शिक्षा) हेतु प्राविधान तथा सहायक अध्यापक प्राथमिक के पद पर नियुक्ति हेतु निर्धारित अर्हता में सितम्बर 2017 से 31 मार्च, 2019 के मध्य एन.आई.ओ.एस. द्वारा दूरस्थ शिक्षा (ODL) के माध्यम से कराये गये सेवारत डी०एल०एड० प्रशिक्षण को सम्मिलित किया गया।
05 – समाज कल्याण
समाज कल्याण विभागान्तर्गत विभिन्न विवाह अनुदान योजनायें (यथा-अनुसूचित जाति/जनजाति की पुत्रियों की शादी व निराश्रित विधवाओं की पुत्रियों की शादी, परित्यक्तता विवाहित महिला व मानसिक रूप से विकृत व्यक्ति अथवा उसकी पत्नी की पुत्री के विवाह हेतु अनुदान योजना, अन्तर्जातीय विवाह पुरस्कार अनुदान योजना एवं दिव्यांग युवक/युवती से विवाह करने पर विवाह प्रोत्साहन अनुदान योजना) संचालित हैं।
चूंकि विभागान्तर्गत वर्तमान में दिव्यांग युवक/युवती से विवाह करने पर विवाह प्रोत्साहन अनुदान योजना को छोड़कर अन्य विवाह अनुदान योजनाओं के अन्तर्गत अनुदान सहायता राशि रू0 50,000/- निर्धारित है। इसी क्रम में अन्य शादी अनुदान योजनान्तर्गत प्रदान की जाने वाली अनुदान सहायता राशि रू0 50,000/- की भाँति ही दिव्यांग युवक/युवती से विवाह करने पर विवाह प्रोत्साहन अनुदान योजनान्तर्गत दम्पति को प्रदान की जाने वाली सहायता राशि रू0 25,000/- से बढ़ाकर रू0 50,000/- कर दी गई है।
06 –कारागार प्रशासन
उत्तराखंड कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवा विभाग के ढांचे का पुनर्गठन करते हुए महिला प्रधान बंदीरक्षक के दो, महिला बंदीरक्षक के 22, अपर महानिरीक्षक कारागार (सुधारात्मक विंग), रेसिडेंट मेडिकल ऑफिसर और वैयक्तिक सहायक के एक एक पदों को मंजूरी प्रदान की गई। कारागार मुख्यालय में स्वच्छकार, माली एवं अधीनस्थ कारागारों में नाई, स्वच्छकारों की सेवाएं आउटसोर्स के माध्यम से ली जाएगी।
धान और मंडुआ खरीद के लिए 600 करोड़ का बजट आवंटित
1 अक्टूबर से शुरू होगी खरीद, विभागीय बैठक में मंत्री ने की समीक्षा
देहरादून। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने खरीफ फसलों की खरीद के 72 घंटे के अंदर किसानों को भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। सचिवालय स्थित देवेंद्र शास्त्री भवन में मंगलवार को आयोजित खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की बैठक में खरीफ की फसलों, धान और मंडुआ की खरीद की तैयारियों की समीक्षा की गई।
बैठक में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रेखा आर्या ने अधिकारियों को आदेश दिए कि इस बार किसानों को उनकी उपज का भुगतान नियमानुसार 48 से 72 घंटे के भीतर हर हाल में किया जाए। केंद्र सरकार ने इस वर्ष धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2369 रुपये प्रति क्विंटल और मंडुआ का 4886 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है। किसानों को समय पर लाभ पहुंचाने के लिए राज्य सरकार ने पहले से ही 600 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान कर दिया है।

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि फसल भंडारण के लिए गोदाम की सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी और खरीद के लिए जूट के बैग की पर्याप्त उपलब्धता हर खरीद स्थल पर सुनिश्चित होगी। इसके लिए अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए। बैठक में एफसीआई, मंडी समिति और राइस मिल संगठन के प्रतिनिधियों की ओर से रखी गई मांगों के भी शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया गया।
बैठक में प्रमुख सचिव एल फैनई, खाद्य आयुक्त चंद्रेश कुमार, एमएस बिसेन, सीएम घिल्डियाल, आरएफसी गढ़वाल अरविंद पांडे, लता मिश्रा, अपर आयुक्त पीएस पांगती, राइस मिल एसोसिएशन अध्यक्ष सचिन गोयल, पंकज सहित अन्य अधिकारी और प्रतिनिधि मौजूद रहे।
7.50 एलएमटी है धान खरीद का लक्ष्य
बैठक के बाद खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि इस साल प्रदेश में धान खरीद का लक्ष्य 7.50 लाख मीट्रिक टन और मंडुआ खरीद का लक्ष्य 5000 मीट्रिक टन तय किया गया है। उन्होंने बताया कि इस साल गढ़वाल और कुमाऊं दोनों मंडलों में खरीद केंद्रों की संख्या बढ़ाई गई है। गढ़वाल मंडल में पिछले साल 120 खरीद केंद्रों के मुकाबले इस साल 135 खरीद केंद्र बनाए जाएंगे जबकि कुमाऊं मंडल में पिछले साल के 564 खरीद केंद्रों के मुकाबले इस साल 600 खरीद केंद्र बनाए जा रहे हैं।
देहरादून में अतिवृष्टि से 211 करोड़ से अधिक का अनुमानित नुकसान
देहरादून। जिलाधिकारी सविन बंसल ने ऋषिपर्णा सभागार, कलेक्ट्रेट में आपदा से हुई क्षति एवं पुनर्स्थापना कार्यों की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। 15 सितम्बर की रात्रि को हुई अतिवृष्टि से जनपद में अब तक लगभग 211 करोड़ रुपये से अधिक की अनुमानित क्षति आंकी गई है, हालांकि आंकलन कार्य अभी जारी है।
डीएम ने बताया कि वे स्वयं सभी आपदाग्रस्त क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर चुके हैं तथा राहत एवं बचाव कार्यों के बाद अब नुकसान की गणना कराई जा रही है। उन्होंने सीडीओ, एसडीएम, अधीक्षण अभियंताओं, कृषि, पशुपालन एवं उद्यान अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर आवश्यक निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि बिजली, सड़क, पेयजल की त्वरित बहाली और घर, खेत व फसल के नुकसान का शीघ्र मुआवज़ा प्रशासन की प्राथमिकता है। प्रत्येक प्रभावित को राहत पहुँचाना प्रशासन का दायित्व है। इसके लिए सभी क्षेत्रों में वरिष्ठ QRT टीमें तैनात की गई हैं। सहस्त्रधारा, मझाड़ (कार्लीगाड), भीतरली किमाड़ी, सिरोना-फुलेत सहित अन्य क्षेत्रों पर विशेष फोकस किया जा रहा है।
जिलाधिकारी ने विभागों को निर्देशित किया कि बजट का इंतजार किए बिना प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल व्यवस्थाएं बनाई जाएं तथा शासन को शीघ्र प्रस्ताव भेजे जाएं। लोनिवि और पीएमजीएसवाई को युद्धस्तर पर संपर्क विहीन गांवों की कनेक्टिविटी बहाल करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने पेयजल, विद्युत, सिंचाई, स्वास्थ्य एवं अन्य आवश्यक सेवाओं की बहाली हेतु प्रतिदिन मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि सभी विभाग संयुक्त सर्वे कर भवन, कृषि, उद्यान एवं पशु हानि का आंकलन करें और हैण्ड-टू-हैण्ड मुआवज़ा वितरण सुनिश्चित करें।
जनपद में अब तक दर्ज प्रमुख क्षति में – लोनिवि के 13 पुल व अन्य संरचनाएं (46 करोड़), एनएचआई पुल (13.46 करोड़), पेयजल निगम (18.23 करोड़), जल संस्थान (13.31 करोड़), सिंचाई विभाग (64.50 करोड़), विद्युत (10.63 करोड़), शिक्षा (4.18 करोड़), ग्रामीण विकास (4.15 करोड़), पीएमजीएसवाई (26.38 करोड़), स्वास्थ्य (35 लाख), कृषि (54 लाख), उद्यान (8.78 लाख) सहित विभिन्न विभागों को कुल 211 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, एडीएम वित्त एवं राजस्व के.के. मिश्रा सहित सिंचाई, लोनिवि, यूपीसीएल, जल संस्थान, पीएमजीएसवाई तथा अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
CAG रिपोर्ट में राज्य की आर्थिक मजबूती और पारदर्शी वित्तीय प्रबंधन की तारीफ
देहरादून। उत्तराखंड ने वित्तीय वर्ष 2022-23 में ऐतिहासिक वित्तीय उपलब्धि हासिल की है। भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, राज्य ने इस अवधि में ₹5,310 करोड़ का राजस्व अधिशेष दर्ज कर अपनी वित्तीय सुदृढ़ता का परिचय दिया है। यह उपलब्धि उत्तराखंड को उन राज्यों की सूची में शामिल करती है, जिन्होंने हाल ही में राजस्व अधिशेष दर्ज किया है।
CAG रिपोर्ट में राज्य की आर्थिक प्रगति और वित्तीय अनुशासन की तारीफ की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, राजस्व अधिशेष का यह आंकड़ा उत्तराखंड की वित्तीय स्थिति में उल्लेखनीय सुधार और सशक्त प्रबंधन का प्रतीक है। कभी “बिमारू” राज्यों की श्रेणी में शामिल उत्तराखंड ने अब पारदर्शी नीतियों और सतर्क वित्तीय प्रबंधन के जरिए यह उपलब्धि हासिल की है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह केवल आंकड़ों की उपलब्धि नहीं है, बल्कि उत्तराखंड की आर्थिक आत्मनिर्भरता और समृद्ध भविष्य की दिशा में एक मजबूत कदम है। उन्होंने कहा, “सरकार पारदर्शिता, जवाबदेही और वित्तीय अनुशासन के सिद्धांतों पर काम कर रही है, ताकि उत्तराखंड को एक विकसित और आत्मनिर्भर राज्य बनाया जा सके। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प से प्रेरित होकर हमने ठोस कदम उठाए हैं।”
CAG रिपोर्ट की इस उपलब्धि ने राज्य के वित्तीय सुधार, आर्थिक मजबूती और सुशासन की नीति को उजागर किया है, जो भविष्य में निवेश और विकास की संभावनाओं को और मजबूत करेगी।
काशीपुर। काशीपुर नगर में हाल ही में हुए उपद्रव के बाद प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए अली खां मोहल्ला क्षेत्र में अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। पुलिस-प्रशासन की संयुक्त टीम ने क्षेत्र में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करते हुए अवैध कब्ज़ों को हटाने का अभियान चलाया।
नगर निगम और प्रशासन की संयुक्त टीम ने जेसीबी मशीनों की मदद से अवैध अतिक्रमण को ध्वस्त किया। इस दौरान दो बुलडोज़र लगातार तैनात रहे और अतिक्रमणकारियों में हड़कंप की स्थिति देखने को मिली। उपद्रव की घटनाओं के मद्देनज़र सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतज़ाम किए गए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया है कि उपद्रव फैलाने वालों और अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ सरकार किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरतेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि शांति व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों पर कठोरतम कार्रवाई की जाए।
प्रशासन की इस सख्ती से अराजक तत्वों और अवैध कब्ज़ाधारियों को स्पष्ट संदेश गया है कि सरकार कानून व्यवस्था और जनता की सुरक्षा के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं करेगी।
किसी भी निर्माण से पहले एमडीडीए से स्वीकृति अवश्य लें- बंशीधर तिवारी
ऋषिकेश। मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने ऋषिकेश में अवैध निर्माण पर सख़्त कार्रवाई की है। भानु रावत द्वारा गली नंबर 9, निर्मल बाग, ब्लॉक–बी, ऋषिकेश में किए जा रहे अवैध बहुमंजिला निर्माण को सोमवार को एमडीडीए टीम ने सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता शशांक सक्सेना, अवर अभियंता मनीष डिमरी, अमित भारद्वाज, सुपरवाइज़र बीरेंद्र खंडूरी, सतीश कुमार सहित पुलिस बल भी मौके पर मौजूद रहा।

एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा प्राधिकरण की प्राथमिकता है कि शहर और आसपास के क्षेत्रों में बिना अनुमति के हो रहे निर्माणों को रोका जाए। नियमों के विरुद्ध निर्माण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आमजन को भी सलाह है कि किसी भी निर्माण से पहले एमडीडीए से स्वीकृति अवश्य लें। एमडीडीए ने स्पष्ट किया है कि ऐसे अवैध निर्माणों पर भविष्य में भी इसी प्रकार की सख़्त कार्रवाई जारी रहेगी।
परीक्षा प्रणाली को बदनाम करने वालों का होगा पर्दाफाश
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि कुछ लोग परीक्षा प्रणाली को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं, उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि नकल माफिया को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा है कि उत्तराखंड का आने वाला समय स्थिरता और विकास के नाम रहेगा। स्थानीय होटल में साप्ताहिक समाचार पत्र अड्डा इनसाइडर के विमोचन अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि 4 जुलाई 2021 को उन्होंने जब मुख्य सेवक के रूप में काम काज संभाला तो उस वक्त, विभिन्न विभागों में करीब 22 हजार पद रिक्त पड़े हुए थे, अब सरकार के प्रयासों से 25 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिल चुकी है, इसमें एक भी परीक्षा में नकल का मामला सामने नहीं आया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भर्ती प्रकिया में बाधा न पहुंचे इसके लिए सरकार सख्त नकल विरोधी कानून लेकर आई। इससे कुछ लोगों के पेट में दर्द होने लगा, जिस कारण वो सरकार का बदनाम करने का प्रयास करने लगे। रविवार को भी फिर ऐसा प्रयास किया गया, जबकि ये पेपर लीक जैसा मामला नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ नकल माफिया, कोचिंग माफिया सरकार को बदनाम करने का षडयंत्र रच रहे हैं, इसका जल्द खुलासा होगा। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि नकल माफिया को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसा षडयंत्र पूर्व में भी हो चुका है, लेकिन सरकार ने पारदर्शिता के साथ सभी परीक्षाओं को सम्पन्न कराकर नकल माफिया के इरादों पर पानी फेर दिया।
जनता ने चुना राजनैतिक स्थिरता और विकास
एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की जनता ने विकास और स्थिरता को चुना है, उत्तराखंड का आने वाला समय विकास और स्थिरता के नाम रहेगा।
आपदा में फर्स्ट रिस्पांडर
एक अन्य सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार पूरा हिमालयी क्षेत्र आपदा की जद में आया है, इसलिए उनकी कोशिश रहती है वो आपदा प्रभावितों के बीच पहुंचकर लोगों का दुख दर्द बांट सके, साथ ही तत्काल राहत और बचाव अभियान भी संचालित हो सके। उन्होंने कहा कि सरकार उत्तराखंड में मौजूद वैज्ञानिक संस्थानों के जरिए उत्तराखंड में आपदा के कारणों का पता लगाते हुए, आपदा की पूर्व सूचना जुटाने और नुकसान को कम से कम करने की दिशा में प्रयासरत है।
इस मौके पर कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक, कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, प्रमुख सचिव डॉ आर मीनाक्षी सुंदरम, सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी, प्रो. सुरेखा डंगवाल, प्रो दुर्गेश पंत, वरिष्ठ पत्रकार पवन लालचंद सहित तमाम लोग उपस्थित हुए।
श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के फिजियोथेरेपी विभाग की ओर से एक दिवसीय सेमिनार सह कार्यशाला का आयोजन
कंधे, गर्दन तथा पीठ दर्द की विभिन्न स्थितियों के नैदानिक मूल्यांकन और उपचार कौशल पर महत्वपूर्ण जानकारियाँ साझा की
देहरादून। “दवा से कहीं अधिक असरदार है नियमित फिजियोथेरेपी, यह न केवल दर्द को कम करती है बल्कि जीवनशैली को फिर से सक्रिय बनाती है“। इसी संदेश के साथ श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के फिजियोथेरेपी विभाग की ओर से एक दिवसीय सेमिनार सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विशेषज्ञों ने मैनुअल थेरेपी से जुड़े विभिन्न पहलुओं को रेखांकित किया और कंधे, गर्दन तथा पीठ दर्द की विभिन्न स्थितियों के नैदानिक मूल्यांकन और उपचार कौशल पर महत्वपूर्ण जानकारियाँ साझा कीं। श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के चेयरमैन श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने कार्यक्रम आयोजकों को शुभकामनाएं दीं।
सोमवार को श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में कार्यशाला का शुभारंभ डॉ. आर.पी. सिंह (कोऑर्डिनेटर, श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय), डॉ. सोनिया गम्भीर (निदेशक, आईक्यूएसी, एसजीआरआरयू), डॉ. कीर्ति सिंह (डीन, स्कूल ऑफ पैरामेडिकल एंड एलाइड साइंसेज) तथा डॉ. शारदा शर्मा (विभागाध्यक्ष, फिजियोथेरेपी विभाग, श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल) एवम् प्रो. डाॅ नीरज कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डाॅ. अभिषेक शर्मा, रिसोर्स पर्सन, फाउंडर फिजियोक्लासरूम, अन्तर्राष्ट्रीय इंस्ट्रक्टर पीआरआरटी लंदन यूनाइटेड किंगडन ने महत्वपूर्णं जानकारियां सांझा कीं। डॉ. अभिषेक शर्मा एक अनुभवी मस्कुलोस्केलेटल एवं न्यूरो फिजियोथेरेपिस्ट हैं, जिन्हें इस क्षेत्र में 18 वर्षों से अधिक का समृद्ध अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में वे लंदन में एनएचएस के साथ बैंड 7 एमएसके क्लिनिशियन एवं एफसीपी के रूप में सेवाएँ दे रहे हैं। वे 700 से अधिक शैक्षणिक वीडियो वाले वैश्विक शिक्षा मंच फिजियो क्लासरूम के संस्थापक हैं। अंतर्राष्ट्रीय पीआरआरटी प्रशिक्षक के रूप में उन्होंने दुनिया भर के फिजियोथेरेपिस्टों को दर्द प्रबंधन, मैनुअल थेरेपी और उन्नत नैदानिक तर्क की तकनीकों में प्रशिक्षित किया है।
उन्होंने अपने वक्तव्य में बताया कि किस प्रकार फिजियोथेरेपी द्वारा कंधे का दर्द (फ्रोजन शोल्डर, रोटेटर कफ इंजरी), गर्दन का दर्द, सर्वाइकल स्पोंडलाइटिस, मसल स्पास्म, कमर दर्द, लंबर पेन, साइटिका तथा घुटने की समस्याएं जैसी जटिल बीमारियों का प्रभारी उपचार सम्भव है। उन्होंने लाइव डेमो के माध्यम से मैनुअल थेरेपी, मोबिलाइजेशन तकनीक और स्ट्रेचिंग एक्सरसाइसाइज की बारीकियों को भी समझाया। उन्होंने अपना अनुभव सांझा करते हुए कहा कि नियमित फिजियोथेरेपी न केवल दर्द को कम करती है, बल्कि रोगी को दीर्घकालीन आराम और सक्रिय जीवनशैली की ओर अग्रसर करती है। प्रो. डाॅ. नीरज कुमार ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में डाॅ शमा परवीन, डाॅ संदीप कुमार, डाॅ तबस्सुम, डाॅ सुरभि, डाॅ रविन्द्र, डाॅ अकांक्षा, डाॅ अभिषेक, डाॅ सुषांत, डाॅ विशाल डाॅ जयदेव का विशेष सहयोग रहा।
