जांच अधिकारी ने कहा- बीकेटीसी ने ना खुद सोना खरीदा, ना अपने स्तर से लगवाया
देहरादून। केदारनाथ धाम के गर्भगृह को स्वर्ण मंडित कराने को लेकर हुए विवाद के बाद उत्तराखंड शासन के निर्देश पर गढ़वाल आयुक्त द्वारा की गयी जांच में किसी प्रकार की अनियमितता की बात सामने नहीं आयी है। गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि श्री बदरीनाथ – केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने ना ही सोना खरीदा और ना ही अपने स्तर से लगवाया। बीकेटीसी ने स्वर्ण मंडित करने वाले दानीदाता को शासन से प्राप्त निर्देशों के क्रम में अपेक्षित सहयोग प्रदान किया।
सूचना अधिकार कार्यकर्त्ता अनिल सेमवाल द्वारा केदारनाथ धाम के गर्भगृह को स्वर्ण मंडित कराने के प्रकरण को लेकर शासन के पर्यटन व धर्मस्व विभाग से विभिन्न बिंदुओं को लेकर सूचना मांगी गयी थी। इसके जवाब में पर्यटन अनुभाग ने आवेदक को शासन स्तर पर प्रचलित पत्रावली और गढ़वाल आयुक्त की जांच रिपोर्ट प्रेषित की है।
जांच रिपोर्ट में आयुक्त पांडेय ने कहा है कि केदारनाथ धाम के गर्भगृह में सोने की प्लेटें लगाए जाने में बरती गई कथित अनियमितताओं के संबंध में शासन द्वारा 23 जून, 2023 को उन्हें जांच अधिकारी नियुक्त किया गया था। इस क्रम में वे 21 जुलाई, 2023 को स्वर्ण परत लगाने के दौरान रुद्रप्रयाग में तैनात जिलाधिकारी और उनके स्थानांतरण के पश्चात नियुक्त रहे जिलाधिकारी तथा बीकेटीसी के तत्कालीन मुख्य कार्याधिकारी के साथ केदारनाथ पहुंचे और मामले की जांच की। गौरतलब है कि केदारनाथ धाम के गर्भगृह को स्वर्ण मंडित कराने के दौरान रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी पद पर मयूर दीक्षित और गढ़वाल आयुक्त की जांच के समय सौरभ गहरवार जिलाधिकारी पद पर तैनात थे। जबकि मुख्य कार्याधिकारी के पद पर वरिष्ठ पीसीएस अधिकारी योगेंद्र सिंह तैनात थे।
अपनी रिपोर्ट में गढ़वाल आयुक्त ने गर्भगृह में सोने की परतें लगाए जाने की प्रक्रिया का बिंदुवार उल्लेख किया है। उन्होंने कहा कि शासन की स्वीकृति के पश्चात कार्य प्रारंभ होने से पूर्व भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग व सीबीआरआई, रुड़की की टीम द्वारा गर्भगृह का निरीक्षण किया गया, जिसमें उन्होंने कतिपय शर्तों के साथ उक्त कार्य को कराये जाने को उपयुक्त पाया। इसके पश्चात दानीदाता दलीप लाखी, जेम्स इम्पैक्स प्रा०लि० के द्वारा अधिकृत महालक्ष्मी अंबा ज्वैलर्स, नई दिल्ली के कारीगरों ने सबसे पहले गर्भगृह में लगी हुई चांदी की प्लेटों को उतारा। करीब 230 किग्रा वजन की इन चांदी की प्लेटों को बीकेटीसी द्वारा तत्समय मंदिर भंडार गृह में रक्षित किया गया।
इसके पश्चात दानीदाता के ज्वैलर्स द्वारा गर्भगृह की दीवारों पर नापजोख हेतु तांबे की प्लेटें स्थापित गईं और फिर इन्हें उतार कर स्वर्ण बर्क चढ़ाने के लिए अपने साथ दिल्ली ले गए। तांबे की प्लेटों पर स्वर्ण बर्क चढ़ाए जाने के बाद दिल्ली से इन्हें वापस लाया गया। गौरीकुंड से केदारनाथ तक घोड़े- खच्चरों के माध्यम से कड़ी सुरक्षा के साथ केदारनाथ पहुंचाया गया। स्वर्ण मंडित प्लेटों को केदारनाथ में पुलिस निगरानी में बीकेटीसी के इग्लू हट में रखा गया। पुलिस निगरानी में ही कारीगरों द्वारा प्लेटों को इग्लू हट से मंदिर गर्भगृह तक ले जाया गया। बीकेटीसी कार्मिकों व पुलिस की निगरानी में गर्भगृह को स्वर्ण मंडित कराने का कार्य किया गया।
आयुक्त ने अपनी रिपोर्ट के साथ दानीदाता द्वारा उपलब्ध कराये गए बिल भी संलग्न किये हैं, जिनमें सोने के बर्क का वजन कुल 23 किग्रा 777 ग्राम 800 मिग्रा और तांबे का वजन 1001.300 किग्रा है। इसे मंदिर समिति ने अपने स्टॉक रजिस्टर में भी दर्ज किया है।
पर्यटन विभाग द्वारा उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार 04 अगस्त, 2022 को बीकेटीसी के तत्कालीन अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने तत्कालीन सचिव, संस्कृति व धर्मस्व को पत्र प्रेषित कर एक दानदाता के सहयोग से केदारनाथ मंदिर के गर्भगृह को स्वर्ण मंडित कराने के बावत आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया था। इसके पश्चात 03 सितम्बर, 2022 को स्वयं दानीदाता दलीप लाखी ने सचिव, संस्कृति को इस संबंध में पत्र लिखा।
बीकेटीसी अध्यक्ष व दानीदाता के पत्रों के क्रम में तत्कालीन सचिव, संस्कृति व धर्मस्व हरिचंद्र सेमवाल ने जिलाधिकारी, रुद्रप्रयाग और बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी से आख्या मांगी और इसके पश्चात डीएम व सीईओ को एक अन्य पत्र के माध्यम से दानीदाता फर्म जेम्स इम्पैक्स प्राइवेट लिमिटेड को अपेक्षित सहयोग प्रदान करने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री धामी ने प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि और उन्नति की कामना की
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को शारदीय नवरात्रि की शुरुआत पर शासकीय आवास में पूर्ण विधि-विधान के साथ माँ आदिशक्ति भगवती की पूजा-अर्चना की।

नवरात्रि के प्रथम दिन की अधिष्ठात्री देवी माँ शैलपुत्री के चरणों में नमन करते हुए सीएम धामी ने प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और राज्य की प्रगति के लिए प्रार्थना की।
डीएवी इंटर कॉलेज पौड़ी में चार दिवसीय आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ
पौड़ी। डीएवी इंटर कॉलेज पौड़ी में भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी, जिला शाखा पौड़ी के तत्वावधान में चार दिवसीय आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारम्भ जिलाधिकारी एवं अध्यक्ष, भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी जिला शाखा पौड़ी, स्वाति एस. भदौरिया द्वारा किया गया।
सोमवार को आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यशाला के उद्घाटन कार्यक्रम में जिलाधिकारी ने कहा कि उत्तराखण्ड का अधिकांश क्षेत्र प्राकृतिक आपदाओं के दृष्टिगत संवेदनशील है। पहाड़ों की भौगोलिक एवं जलवायु संबंधी परिस्थितियाँ भूस्खलन, बादल फटना, सड़क दुर्घटनाएँ, जंगल की आग और भूकंप जैसी आपदाओं की चुनौती हमारे सामने बार-बार खड़ी करती हैं। ऐसे समय में यदि समाज के हर वर्ग विशेषकर युवा तैयार रहें तो बड़ी से बड़ी त्रासदी का सामना धैर्य और संयम से किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि पूर्व में घटित आपदाओं से यह स्पष्ट हुआ है कि समय रहते किया गया छोटा-सा प्रयास भी जीवन और मृत्यु के बीच अंतर पैदा कर सकता है। यही कारण है कि आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण आवश्यक है। इस कार्यशाला के माध्यम से युवाओं को प्रथम प्रत्युत्तरकर्ता (फर्स्ट रिस्पॉन्डर) के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा ताकि वे आपदा के समय सीमित संसाधनों के बीच राहत एवं बचाव कार्य को अंजाम देने में सक्षम बन सकें। प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल तकनीकी जानकारी देना ही नहीं है, बल्कि मनोवैज्ञानिक रूप से सुदृढ़ रहकर स्वयं को और दूसरों को सुरक्षित रखने की क्षमता विकसित करना भी है। कहा कि इस प्रकार के छोटे-छोटे प्रयास आगे चलकर मुसीबत में फॅंसी अनेक जिंदगियों के लिए जीवनदायी सिद्ध होंगे।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में कक्षा 9 से 11 तक छात्र-छात्रा प्रतिभाग कर रहे हैं। प्रशिक्षण के पहले दिन मास्टर ट्रेनर द्वारा प्राथमिक उपचार, आपदा में बचाव के तरीके तथा आपदाग्रस्त क्षेत्र में पहुंचने के तरीकों से संबंधित प्रशिक्षण दिया गया।
रेडक्रॉस सोसायटी के सचिव केसर सिंह असवाल ने कहा कि मानवीय सेवा के लिए कार्य करती है। समाज के जरूरतमंद वर्गों तक राहत पहुँचाना, रक्तदान शिविरों का आयोजन करना, वस्त्र, कम्बल, टेंट और खाद्य सामग्री वितरण जैसे कार्य रेडक्रॉस के प्रमुख सरोकार रहे हैं। इस कार्यशाला के माध्यम से रेडक्रॉस का उद्देश्य युवाओं में समाज सेवा की भावना जागृत करना और उन्हें जिम्मेदार नागरिक के रूप में तैयार करना है।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. शिवमोहन शुक्ला, मुख्य शिक्षा अधिकारी नागेन्द्र बर्तवाल, जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) रणजीत सिंह नेगी, डीएवी इंटर कॉलेज पौड़ी के प्रधानाचार्य बालेश्वर प्रसाद सहित विद्यालय के शिक्षकगण एवं छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।
प्राकृतिक स्रोतों पर लगी लंबी कतारें, लोग डिब्बे-कैन लेकर भर रहे पानी
देहरादून। देहरादून में आपदा से मची तबाही का असर अब तक खत्म नहीं हो पाया है। सड़कों, पुलों और घरों के साथ-साथ पेयजल लाइनों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। स्थिति यह है कि दून के करीब 35 हजार लोग पिछले कुछ दिनों से पानी की गंभीर किल्लत झेल रहे हैं।
शिखर फॉल से जुड़ी मुख्य पेयजल लाइन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है, जिसकी वजह से राजपुर, जाखन, मालसी, कुठालगेट, सपेरा बस्ती, सुमन नगर और कैरवान गांव जैसे क्षेत्रों में सप्लाई पूरी तरह ठप है। मजबूरन लोग ओल्ड मसूरी रोड किनारे बह रहे प्राकृतिक स्रोतों से पानी भरने को मजबूर हैं। सुबह से ही लोग लाइन लगाकर बर्तन, डिब्बे और केन में पानी भरते नजर आते हैं। कई युवक यहीं नहाते हैं तो महिलाएं कपड़े धोकर काम चला रही हैं।
सचिव पेयजल शैलेश बगौली ने 17 सितंबर को निर्देश दिए थे कि 19 सितंबर तक आपूर्ति बहाल कर दी जाए, लेकिन अब तक स्थिति जस की तस है। जल संस्थान की टीमें लगातार मरम्मत में जुटी हैं और प्रभावित क्षेत्रों में टैंकर भेजे जा रहे हैं, हालांकि जहां सड़कें टूटी हुई हैं वहां टैंकर भी नहीं पहुंच पा रहे हैं।
सरकार व आयोग के खिलाफ नारेबाज़ी के साथ करेंगे पुतला दहन
देहरादून। उत्तराखंड अधीनस्थ चयन सेवा आयोग की स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा में पेपर लीक के आरोपों को लेकर प्रदेश कांग्रेस आज प्रदेशव्यापी प्रदर्शन करेगी। सभी जिला मुख्यालयों पर पार्टी कार्यकर्ता धरना देंगे और सरकार व आयोग के खिलाफ नारेबाज़ी के साथ पुतला दहन करेंगे।
प्रदेश कांग्रेस संगठन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि यह मामला प्रदेश के बेरोजगार युवाओं के साथ बड़ा धोखा है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा के निर्देश पर 22 सितंबर को पूरे प्रदेश में प्रदर्शन होगा। धस्माना ने सवाल उठाया कि परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों को दिए गए प्रश्नपत्र के तीन पन्ने बाहर कैसे पहुंचे और वे सोशल मीडिया पर वायरल कैसे हुए।
परीक्षा समाप्त होने के बाद जब अभ्यर्थियों ने वायरल पन्नों का मिलान किया तो उनमें वही प्रश्न पाए गए। ऐसे में प्रदेश सरकार, जो सख्त नकलरोधी कानून बनाने का दावा करती है, उसे इस मामले में जवाब देना होगा। कांग्रेस का कहना है कि सरकार और आयोग की लापरवाही के खिलाफ अब सड़क पर उतरकर आंदोलन किया जाएगा।
यूकेडी का आरोप
उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) के केंद्रीय उपाध्यक्ष जयप्रकाश उपाध्याय ने भी इस मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पेपर लीक राज्य के बेरोजगार युवाओं के साथ सीधा धोखा है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उपाध्याय ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने मिलकर राज्य को भ्रष्टाचार का गढ़ बना दिया है, इसलिए इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच अनिवार्य है।
एशियन कैडेट कप फेंसिंग चैंपियनशिप के पदक विजेताओं को किया सम्मानित
प्रतियोगिता में टीम इंडिया ने हासिल किया पहला स्थान
17 एशियाई देशों के 200 से ज्यादा खिलाड़ी हुए शामिल
हल्द्वानी। खेल मंत्री रेखा आर्या ने हल्द्वानी में आयोजित एशियश कैडेट कप फेंसिंग चैंपियनशिप के विजेताओं को पुरस्कार वितरित किए। इंडिया की फेंसिंग टीम ने इस प्रतियोगिता में पहला स्थान हासिल किया है।प्रतियोगिता में कुल 17 देश के 200 से ज्यादा खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया।
इंदिरा गांधी इंटरनेशनल स्पोर्ट्स स्टेडियम में 19 सितंबर से चल रही एशियाई कैडेट कप फेंसिंग चैंपियनशिप का समापन हो गया। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या प्रतियोगिता का अंतिम मैच देखने स्टेडियम पहुंची थी। इसके बाद उन्होंने सभी विजेता खिलाड़ियों और टीमों को पदक वितरित कर सम्मानित किया।

खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि उत्तराखंड में लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन की संख्या बढ़ रही है और इससे यहां के खिलाड़ी भी प्रेरित होंगे। उन्होंने कहा कि फेंसिंग जैसे पुराने खेल में उत्तराखंड को भी एक बड़ी ताकत बनाए जाने की जरूरत है।
खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि 38वें राष्ट्रीय खेलों के दौरान फेंसिंग में उत्तराखंड के कई खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया था लेकिन इस खेल के विकास के लिए अभी यहां काफी काम किया जाना बाकी है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार हर खेल के विकास के लिए लगातार काम कर रही है और उत्तराखंड को खेल भूमि के रूप में विकसित करने के लिए आवश्यक है कि यहां हर घर से एक खिलाड़ी निकले।
इस अवसर पर भारतीय ओलंपिक संघ के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष अनिल खन्ना, फेंसिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया के महासचिव राजीव मेहता, उत्तरांचल ओलंपिक संघ के अध्यक्ष महेश नेगी, इराक फेंसिंग संगठन के महासचिव हसन घालिब, ईरान फेंसिंग संगठन के अध्यक्ष जायद हसन, उत्तरांचल ओलंपिक संघ के महासचिव डीके सिंह, अशोक दुधारे, डीके साहू, सुरजीत सिंह, देवेंद्र सिंह बिष्ट आदि उपस्थित रहे।
देहरादून। सोमवार से लागू हो रही जीएसटी की नई दरों को कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने मध्यम वर्ग की क्रय शक्ति बढ़ाने वाला कदम बताया है। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा जीएसटी के स्लैब में किए गए बदलाव से मध्य और गरीब वर्ग को सबसे अधिक फायदा मिलेगा । उनके लिए महंगाई कम होगी और इससे उनकी क्रय शक्ति में इजाफा होगा।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि रसोई और घर का खर्च कम होने से महिलाओं के हाथ में ज्यादा पैसा बचेगा । रेखा आर्या ने कहा कि जीएसटी के स्लैब में बदलाव होने से देश के लोग स्वदेशी अपनाने की तरफ भी आकर्षित होंगे जिससे देश की अर्थव्यवस्था के दीर्घकालीन लक्ष्यों की प्राप्ति में मदद मिलेगी, परिणाम स्वरूप भारतीय उद्योग जगत मजबूत होगा।
फिट इंडिया मूवमेंट को दी नई दिशा
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को देहरादून में सेवा पखवाड़ा कार्यक्रम के तहत आयोजित ‘नमो युवा रन’ को हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने दौड़ में स्वयं भाग लेकर युवाओं का उत्साह बढ़ाया और उनकी ऊर्जा की सराहना की।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि ‘नमो युवा रन’ सिर्फ एक खेल प्रतियोगिता नहीं है, बल्कि यह युवाओं में स्वास्थ्य, अनुशासन, सकारात्मक ऊर्जा और देशभक्ति की भावना को प्रोत्साहित करने वाला मंच है। उन्होंने यह भी बताया कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ को और व्यापकता और जन सहभागिता प्रदान करती है।
उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे सक्रिय और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर न केवल अपनी व्यक्तिगत क्षमताओं को बढ़ाएं, बल्कि राष्ट्र के विकास में भी अपना योगदान दें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा पखवाड़ा के माध्यम से समाज के प्रत्येक वर्ग को समाजसेवा और राष्ट्रहित में भाग लेने का अवसर मिलता है, और ऐसे कार्यक्रम युवाओं की ऊर्जा को सार्थक दिशा प्रदान करते हैं।
22 सितंबर से लागू होंगी नई जी.एस.टी. दरें
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को वर्चुअल माध्यम से प्रदेश के मंत्रीगणों, विधायकगणों एवं अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक की। मुख्यमंत्री ने कहा कि 22 सितंबर से देशभर में जी.एस.टी. की नई दरें प्रभावी होंगी, जिसका लाभ आमजन और व्यापारिक समुदाय को मिलेगा। उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि 22 से 29 सितंबर तक प्रदेशभर में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए। इस दौरान प्रभारी मंत्री अपने जनपदों में तथा विधायकगण अपनी विधानसभाओं में कार्यक्रमों का नेतृत्व करेंगे। उन्होंने कहा कि संशोधित दरों से प्रदेश की आर्थिकी को मजबूती मिलेगी और “वोकल फॉर लोकल” तथा “लोकल टू ग्लोबल” की दिशा में राज्य को नई गति मिलेगी।
धामी ने कहा कि “हाउस ऑफ हिमालयाज” ब्रांड, जी.आई. टैग प्राप्त 27 उत्पाद, “एक जनपद दो उत्पाद” योजना, स्थानीय हस्तशिल्प व कृषि उत्पादों को नई दरों से प्रोत्साहन मिलेगा। इससे स्वरोज़गार के अवसर बढ़ेंगे और आत्मनिर्भर उत्तराखंड की परिकल्पना साकार होगी।
उन्होंने जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया कि यह अभियान केवल प्रचार तक सीमित न रहे बल्कि आमजन की सहभागिता सुनिश्चित हो। नुक्कड़ नाटकों, लोकगीतों, सांस्कृतिक माध्यमों और मीडिया प्लेटफॉर्मों का उपयोग कर संदेश व्यापक स्तर तक पहुँचाने पर बल दिया।
बैठक में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने नई दरों से आमजन और व्यवसायियों को होने वाले लाभ पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, रेखा आर्या सहित विधायकगण व अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
देहरादून। जिलाधिकारी सविन बंसल ने आपदा प्रभावित गांव फुलेत एवं चमरौली के ग्रामीणों से किया गया वादा निभाते हुए सितंबर माह का खाद्यान्न हेली से भिजवाया।
कुछ दिन पूर्व डीएम सविन बंसल 12 किलोमीटर पैदल चलकर फुलेत और चमरौली पहुँचे थे। उस दौरान ग्रामीणों ने शिकायत की थी कि सितंबर माह का खाद्यान्न अब तक नहीं पहुँचा। डीएम ने तत्काल वादा किया था कि मुख्यालय पहुँचते ही राशन भेजा जाएगा और प्रभावित क्षेत्र में स्पेशल तहसीलदार तैनात रहेंगे।
आज प्रातः डीएम के निर्देश पर अपर सिटी मजिस्ट्रेट अपूर्वा सिंह ने हेली के माध्यम से खाद्यान्न आपूर्ति शुरू की। वहीं, मौके पर तैनात स्पेशल तहसीलदार चमन सिंह ने खाद्यान्न प्राप्त कर ग्रामीणों में वितरण कराया। जिलाधिकारी के आदेशानुसार राहत कार्य युद्धस्तर पर जारी है।
