दहशत में ग्रामीण, राहत शिविर में पहुंचे 60 से ज्यादा लोग
चमोली। चमोली जिले के ब्लॉक के अनुसूचित बाहुल्य गांव पूर्णा में भू-धंसाव और जमीन से रिस रहे पानी ने लोगों की नींद उड़ा दी है। गांव के करीब 15 घरों में बड़ी दरारें पड़ गई हैं, जो धूप और बारिश के चलते लगातार चौड़ी हो रही हैं। हालात बिगड़ने पर अधिकांश परिवार अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए हैं।
पूर्णा ही नहीं, बल्कि ल्वाणी, धरातल्ला और मोपाटा के बाद अब यह आपदा सेलखोला गांव तक पहुंच गई है। यहां भी आठ घरों में दरारें आ चुकी हैं, जिससे लोग रात के अंधेरे में घर छोड़कर होटलों या रिश्तेदारों के यहां शरण लेने को मजबूर हो गए। प्रभावित परिवार मजदूरी पर निर्भर हैं, जिनके घरों के साथ-साथ गोशालाएं भी धंसाव की चपेट में आ गई हैं।
राहत शिविर और प्रशासन की पहल
प्रशासन ने जीएमवीएन के पर्यटन आवास गृह में राहत शिविर बनाया है, जहां फिलहाल 60 से अधिक लोग रात गुजार रहे हैं। ग्राम प्रधान सीमा देवी और कनिष्ठ उपप्रमुख पिंकी देवी ने प्रशासन से त्वरित मदद और गांव का भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण कराने की मांग की है।
विधायक और प्रशासन मौके पर
क्षेत्रीय विधायक भूपाल राम टम्टा और एसडीएम पंकज भट्ट ने पूर्णा और सेलखोला गांव का दौरा कर प्रभावितों को हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। विधायक ने पूर्णा गांव के लिए 16 राशन किट वितरित किए और प्रशासन को सभी प्रभावित गांवों में राहत शिविर स्थापित करने के निर्देश दिए। साथ ही पानी की धारा को डायवर्ट करने और भू-धंसाव की वैज्ञानिक जांच कराने की बात कही।
देहरादून। प्रदेश में प्रांतीय रक्षक दल स्वयंसेवकों को अब साल भर में कुल 12 दिन का मानदेय सहित अवकाश मिल सकेगा । इस बारे में आदेश जारी कर दिया गया है।
विभागीय मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि चार धाम यात्रा व अन्य सभी महत्वपूर्ण आयोजनों में पीआरडी स्वयंसेवकों की उत्तम सेवा को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।
रेखा आर्या ने बताया कि ऐसे स्वयंसेवक जिनके द्वारा कम से कम 365 दिन की ड्यूटी कर ली गई हो और जो कार्ययोजित हों, उन्हें प्रत्येक 30 दिनों की ड्यूटी पर 1 दिन का आकस्मिक अवकाश मानदेय के साथ मिल सकेगा।
इस आकस्मिक अवकाश की मंजूरी ड्यूटी और तैनाती स्थल से संबंधित कार्यालय, संस्थान या निगम के सक्षम अधिकारी द्वारा दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि जनवरी से जून माह तक कुल 6 माह की अवधि में अधिकतम 6 आकस्मिक अवकाश मान्य होंगे। यदि 6 माह की अवधि के पश्चात कोई आकस्मिक अवकाश बचता है तो उसे आगे नहीं जोड़ा जाएगा। इसी तरह साल के बाकी 6 महीनों के लिए भी 6 आकस्मिक अवकाश मान्य होंगे
पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज बोले – उत्तराखंड यात्रा का जीएसटी यहीं कटे, तभी राज्य को होगा लाभ
देहरादून। देवभूमि उत्तराखंड एक ऐसा स्थान है जहां के विभिन्न पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों पर वर्षभर सबसे अधिक यात्री आते हैं। टूर ऑपरेटर और ट्रैवल एजेंसियों के कार्यालय राजधानी दिल्ली में खुले हैं और वहीं वह जीएसटी भी काटते हैं। जब यात्रा उत्तराखंड की है तो जीएसटी भी उत्तराखंड में कटनी चाहिए। इसलिए टूर ऑपरेटर और ट्रैवल एजेंसियों को उत्तराखंड की यात्रा पर आने वाले यात्रियों के लिए अपने कार्यालय उत्तराखंड में भी खोलने चाहिए ताकि उत्तराखंड को जीएसटी का लाभ मिल सके।
उक्त बात प्रदेश के पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने उत्तराखंड टूरिज्म रिप्रेजेंटेटिवस (उत्तरा) एसोसिएशन एवं उत्तराखण्ड पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में एक स्थानीय होटल में आयोजित उत्तरा सम्मेलन में प्रतिभाग करने आये टूर ऑपरेटर, पर्यटन क्षेत्र से जुड़े विभिन्न विशेषज्ञों, उद्यमियों और संगठनों के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कही। Tour Operator: The Force Behind सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि उन्होंने आयोजनकर्ताओं को बधाई देते हुए कहा कि उत्तराखण्ड, जिसे हम देवभूमि कहते हैं, केवल धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि यह रोमांच, साहसिक पर्यटन, वेलनेस मेडिकल पर्यटन और प्राकृतिक सौंदर्य की दृष्टि से भी अपार संभावनाएँ समेटे हुए है। इसलिए आज जब हम इस आयोजन के अवसर पर पर्यटन के भविष्य की चर्चा कर रहे हैं, तो हमें यह भी स्मरण रखना चाहिए कि पर्यटन केवल अर्थव्यवस्था का माध्यम नहीं है, बल्कि यह हमारी संस्कृति, हमारी परंपराओं और हमारी धरोहर को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का भी एक सशक्त माध्यम है।
पर्यटन मंत्री महाराज ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड एक ऐसा स्थान है जहां के विभिन्न पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों पर वर्षभर सबसे अधिक यात्री आते हैं। टूर ऑपरेटर और ट्रैवल एजेंसियों के कार्यालय राजधानी दिल्ली में खुले हैं और वहीं वह जीएसटी भी काटते हैं। जब यात्रा उत्तराखंड की है तो जीएसटी भी उत्तराखंड में कटनी चाहिए। इसलिए टूर ऑपरेटर और ट्रैवल एजेंसियों को उत्तराखंड की यात्रा पर आने वाले यात्रियों के लिए अपने कार्यालय उत्तराखंड में भी खोलने चाहिए ताकि उत्तराखंड को जीएसटी का लाभ मिल सके और हमारी सरकार टूर ऑपरेटर्स की जो भी समस्याएं हैं उनका समाधान कर उन्हें लाभ दे सके। उन्होंने कहा Tour Operator: The Force Behind न केवल समयानुकूल है आयोजन है बल्कि यह हमें यह भी याद दिलाता है कि किसी भी पर्यटन गंतव्य की सफलता में टूर ऑपरेटरों की भूमिका अति महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि सभी टूर ऑपरेटर हमारे राज्य के पर्यटन ब्रांड एम्बेसडर हैं, जो हर पर्यटक को उत्तराखण्ड की असली छवि दिखाने के साथ-साथ उन्हें गंतव्य तक पहुंचाने का काम करते हैं।
महाराज ने कहा कि हमारी सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप कार्य करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में पर्यटन क्षेत्र के सतत विकास और निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। पर्यटन विभाग की योजनाएँ, प्रोत्साहन पैकेज और नई नीतियाँ इस दिशा में ठोस कदम हैं। हमारे प्रयास हैं कि हम राज्य को साहसिक पर्यटन, धार्मिक पर्यटन, मेडिकल पर्यटन, वेलनेस पर्यटन और ग्रामीण पर्यटन का वैश्विक केन्द्र बना सकें। सतत विकास और संकट की तैयारी (*Sustainability & Crisis Preparedness*) आज की प्रमुख आवश्यकताएँ हैं। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि पर्यटन विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय समुदायों की भागीदारी को भी समान महत्व मिले।
उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है कि इस प्रकार के आयोजन संवाद और सहयोग राज्य को एक नई दिशा देंगे। इससे न केवल पर्यटन क्षेत्र की चुनौतियों के समाधान निकलेंगे बल्कि नई संभावनाओं के द्वार भी खुलेंगे और उत्तराखण्ड को पर्यटन के वैश्विक मानचित्र पर एक नई पहचान मिलेगी।
पर्यटन विभाग के एसीईओ बी.एल. राणा, अपर निदेशक पूनम चंद, आईएटीओ के अध्यक्ष पूर्व राजीव मेहरा, एडीटीओआई के अध्यक्ष वेद खन्ना, वैभव काला, प्रशांत मैठाणी, सुनील सिंह राणा सहित अनेक लोग मौजूद थे।
विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी भी रहीं मौजूद
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मैक्स हॉस्पिटल पहुंचे और पूर्व मुख्यमंत्री व वरिष्ठ राजनेता भुवन चंद्र खंडूरी के स्वास्थ्य की जानकारी ली। खंडूरी इन दिनों स्वास्थ्य संबंधी कारणों से उपचाररत हैं।
मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों से उनकी स्थिति की जानकारी प्राप्त की और उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। इस अवसर पर उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी भूषण भी मौजूद रहीं। मुख्यमंत्री ने उनसे भी खंडूरी के उपचार से जुड़ी जानकारी ली।
“हिमालय देश की आत्मा और धरोहर” – सीएम धामी ने दिया प्रकृति संरक्षण का संदेश
देहरादून। मसूरी रोड स्थित एक होटल में मंगलवार को आयोजित “हिमालय बचाओ अभियान-2025” कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हिमालय और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में सराहनीय कार्य करने वालों को सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2012 में शुरू हुआ हिमालय बचाओ अभियान अब जन-जन का अभियान बन चुका है। हिमालय देश की आत्मा, संस्कृति और प्रकृति की अनमोल धरोहर है, जिसकी नदियां करोड़ों लोगों को जीवनदायी जल और ऊर्जा प्रदान करती हैं। यहां की दुर्लभ वनस्पतियां और जीव-जंतु पर्यावरण की अहम धरोहर हैं।
उन्होंने कहा कि विकास के साथ पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना जरूरी है। राज्य सरकार वन संरक्षण, जल संरक्षण, स्वच्छ ऊर्जा, पौधारोपण और पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से निरंतर प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि हिमालयी क्षेत्र में सतत पर्यटन को बढ़ावा दिया जा रहा है और प्लास्टिक वेस्ट प्रबंधन के लिए डिजिटल डिपॉजिट रिफंड सिस्टम लागू किया गया है, जिससे अब तक 72 टन कार्बन उत्सर्जन में कमी आई है।
उन्होंने कहा कि हिमालय संरक्षण के लिए और व्यापक प्रयास जरूरी हैं। यहां के लोगों की परंपराएं और पारंपरिक ज्ञान प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित करने का मार्ग दिखाते हैं। जब प्रत्येक व्यक्ति अपनी जिम्मेदारी समझेगा, तभी हिमालय को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखा जा सकेगा।
शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने के दिए निर्देश
देहरादून। विद्यालयी शिक्षा विभाग के विभिन्न कार्यालयों एवं विद्यालयों में लम्बे समय से रिक्त पड़े 2364 चतुर्थ श्रेणी कार्मिकों के पदों पर शीघ्र भर्ती की जायेगी। इन सभी पदों को आउटसोर्स के माध्यम से भरा जायेगा, जिसमें स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जायेगी। कार्मिकों की शीघ्र तैनाती के लिये विभागीय अधिकारियों भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दे दिये गये हैं।
विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने मीडिया को जारी बयान में बताया कि राज्य सरकार शिक्षा विभाग में बुनियादी ढ़ांचे के साथ ही मानव संसाधन उपलब्ध कराने में जुटी है। इसी कड़ी में सरकार ने विभाग के विभिन्न कार्यालयों व विद्यालयों में सृजित चतुर्थ श्रेणी कार्मिकों के 2364 रिक्त पदों (मृत संवर्ग) को आउटसोर्स के पदों में परिवर्तित करने की मंजूरी दे दी है, जिसका शासनादेश भी जारी कर दिया गया है। जिसके तहत महानिदेशालय कार्यालय, निदेशालय माध्यमिक शिक्षा, प्राथमिक शिक्षा एवं अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण सहित एससीईआरटी, बोर्ड कार्यालय रामनगर, मण्डलीय अपर निदेशक कार्यालय माध्यमिक/प्राथमिक (गढ़वाल व कुमाऊं), समस्त डायट, मुख्य शिक्षा अधिकारी व जिला शिक्षा अधिकारी मध्यमिक व बेसिक कार्यालय में कुल 334 चतुर्थ श्रेणी के पदों को आउटसोर्स में परिवर्तित कर दिया है।
इसी प्रकार 1000 छात्र संख्या से अधिक प्रत्येक इंटर कॉलेज में परिचारक के 2, स्वच्छक/सह चौकीदार के 1 पद को आउटसोर्स के पदों में परिवर्तित किया गया है। जबकि 500 से 1000 छात्र संख्या वाले इंटर कॉलेजों में 1-1 परिचारक व चौकीदार, 500 छात्र संख्या से नीचे इंटर कॉलेजों व हाईस्कूलों में 1-1 चौकीदार के पद आटसोर्स के लिये स्वीकृत किये गये हैं। जबकि ऐसे नवीन उच्चीकृत विद्यालय जिनमें चतुर्थ श्रेणी व स्वच्छक के पद सृजित नहीं है वहां भी चौकीदार का 1 पद आउटसोर्स के तहत स्वीकृत किया गया है। इस प्रकार राजकीय विद्यालयों में चतुर्थ श्रेणी के 2023 पदों को आउटसोर्सिंग के पदों में परिवर्तित कर दिया गया है। विभगाय मंत्री ने बताया कि चतुर्थ श्रेणी के कुल 2364 पदों को शीघ्र ही आउटसोर्स के माध्यम से भरा जायेगा, जिसमें स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जायेगा। आउटसोर्स से तैनात कार्मिकों को प्रत्येक माह 15,000 रूपये मानदेय दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि चतुर्थ श्रेणी कार्मिकों की नियुक्ति में राज्य में प्रचलित आरक्षण नियमों का पूर्णतः पालन सुनिश्चित किया जायेगा, जिसके निर्देश विभागीय अधिकारियों को दे दिये गये हैं।
पीएनबी में खाते खुलते ही उपनल कर्मियों को मिलेंगी अतिरिक्त बैंकिंग सुविधाएं
देहरादून। उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) में कार्यरत उपनल कर्मचारियों को अब 50 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा कवर मिलेगा। इस सुविधा के लिए उपनल और पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के बीच हुए समझौते के तहत सभी कर्मचारियों के वेतन खाते पीएनबी में खोले जा रहे हैं। बैंक कर्मचारियों को बीमा के साथ-साथ कई अतिरिक्त सुविधाएं भी उपलब्ध कराएगा।
पिछले साल सितंबर में हुए इस अनुबंध के अनुसार, उपनल कर्मचारियों के पीएनबी खाते में वेतन आने पर उन्हें दुर्घटना बीमा समेत विभिन्न लाभ दिए जाएंगे। किसी कर्मचारी की असामयिक मृत्यु होने पर उसके आश्रितों को बीमा की पूरी राशि प्रदान की जाएगी। इसके अलावा, खातेधारक कर्मचारियों को सालाना 40 से 100 तक चेक लीफ नि:शुल्क मिलेंगी। साथ ही, वे सालभर में 2 से 5 आरटीजीएस, एनईएफटी या डिमांड ड्राफ्ट निशुल्क करवा सकेंगे। मकान, वाहन या पर्सनल लोन पर बैंक प्रोसेसिंग शुल्क में 50 प्रतिशत तक की छूट और विशेष ऑफरों के तहत 100 प्रतिशत तक की छूट भी दी जाएगी।
खाते पीएनबी में खुलने के बाद कर्मचारियों को नियमित रूप से माहवार वेतन मिलेगा। हालांकि, अगर लगातार दो महीने से अधिक वेतन अग्रिम दिया गया तो तीसरे माह से कर्मचारी बीमा जैसी सुविधाओं से वंचित हो सकते हैं। वहीं, उपनल के माध्यम से कार्यरत पूर्व सैनिकों को भी पेंशन खाते पीएनबी में स्थानांतरित कराने पर ‘रक्षक प्लस योजना’ के तहत पेंशन बीमा लाभ मिलेगा।
यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक अनिल कुमार ने बताया कि उपनल के पत्र के आधार पर यह प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सभी मुख्य अभियंता, महाप्रबंधक, अधीक्षण अभियंता और अधिशासी अभियंताओं को इस संबंध में अधिसूचना जारी की गई है।
कर्मचारियों का वेतन आधारित श्रेणीकरण:
10,000 से 25,000 रुपये वेतन वाले: सिल्वर-25 श्रेणी
25,001 से 50,000 रुपये वेतन वाले: गोल्ड-50 श्रेणी
50,001 से 1,00,000 रुपये वेतन वाले: प्रीमियम-100 श्रेणी
1,00,001 से 2,00,000 रुपये वेतन वाले: प्लेटिनम-200 श्रेणी
2,00,001 रुपये से अधिक वेतन वाले: टाइटेनियम श्रेणी
सभी श्रेणियों को दुर्घटना बीमा का लाभ मिलेगा, जबकि बैंकिंग सुविधाओं का वितरण वेतन श्रेणी के अनुसार तय किया गया है।
15 सितंबर से नई दरों पर होगी सेवा
देहरादून। केदारनाथ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए हेली सेवा से यात्रा अब पहले से महंगी हो गई है। उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) ने हेलिकॉप्टर सेवाओं के किराये में करीब 46 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी कर दी है। नई दरें 15 सितंबर से लागू होंगी और इसके लिए टिकट बुकिंग 10 सितंबर से आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर शुरू होगी।
इस साल 2 मई से हेली सेवा की शुरुआत हुई थी, लेकिन शुरुआती चरण में उत्तरकाशी और केदार घाटी में हुई दुर्घटनाओं के कारण सेवाएं रोकनी पड़ी थीं। अब दूसरे चरण में 15 सितंबर से सेवाएं नई एसओपी के तहत दोबारा शुरू की जा रही हैं। गृह सचिव शैलेष बगौली की अध्यक्षता में गठित 10 सदस्यीय समिति ने सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए संचालन के दिशा-निर्देश तय किए हैं।
यूकाडा के सीईओ आशीष चौहान के अनुसार, गुप्तकाशी, फाटा और सिरसी से केदारनाथ के लिए चलने वाली हेली सेवाओं में सीटों और शटल उड़ानों की संख्या सीमित होने के चलते किराये में इजाफा किया गया है।
नई किराया दरें (रुपये में):
गुप्तकाशी से केदारनाथ: पहले 8,532 → अब 12,444
फाटा से केदारनाथ: पहले 6,062 → अब 8,842
सिरसी से केदारनाथ: पहले 6,060 → अब 8,839
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने संभाली कमान, प्रदेशभर में स्वास्थ्य पखवाड़े की तैयारियों की समीक्षा
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एंव स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत के स्पष्ट निर्देशों पर उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितम्बर से लेकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जन्मदिन 2 अक्टूबर तक पूरे प्रदेश में “स्वास्थ्य पखवाड़ा” आयोजित करने की व्यापक तैयारियां तेज कर दी हैं। इसको लेकर स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने राज्य सचिवालय में विभागीय अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार का लक्ष्य आम जनता तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुँचाना है। स्वास्थ्य पखवाड़े के दौरान प्रदेशभर में मेडिकल कॉलेजों, जिला व उप जिला चिकित्सालयों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों और उप केन्द्रों में नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में मरीजों को जांच, परामर्श और दवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही जगह-जगह वृहद रक्तदान शिविर भी आयोजित होंगे, जिनमें आम नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और छात्र-छात्राओं को भी सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया जाएगा।
स्वास्थ्य सचिव ने दिए अहम निर्देश
बैठक की अध्यक्षता करते हुए स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एंव स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत के नेतृत्व में प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए लगातार ठोस प्रयास कर रही है। “स्वास्थ्य पखवाड़ा” इसी दिशा में एक बड़ा कदम है, जिसका उद्देश्य न केवल स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ कराना है, बल्कि लोगों को बीमारियों के प्रति जागरूक करना और स्वैच्छिक भागीदारी को बढ़ावा देना भी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्वास्थ्य पखवाड़े को सफल बनाने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए और प्रत्येक स्तर पर उसकी मॉनिटरिंग सुनिश्चित हो। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अभियान का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि समाज का हर वर्ग इससे लाभान्वित हो सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि सांसदों, विधायकों, महापौरों, पार्षदों और अन्य जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी इस अभियान में सुनिश्चित की जाए।
प्रदेशभर में लगेंगे 4604 शिविर
बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में कुल 4604 स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएंगे। इनमें—
अल्मोड़ा – 522
बागेश्वर – 109
चमोली – 206
चम्पावत – 120
देहरादून – 425
हरिद्वार – 367
नैनीताल – 367
पिथौरागढ़ – 679
पौड़ी – 573
रुद्रप्रयाग – 239
टिहरी – 533
ऊधमसिंह नगर– 256
उत्तरकाशी – 208
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि इन शिविरों में गर्भवती महिलाओं, टीबी मरीजों और गंभीर बीमारियों से पीड़ित रोगियों को भी विशेष परामर्श उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही केंद्र व राज्य सरकार द्वारा संचालित सभी स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी लोगों को दी जाएगी।
बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय
1. ब्लड डोनेशन कैंप –
राज्य के प्रत्येक स्वास्थ्य शिविर में वृहद रक्तदान शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों की फोटोग्राफी और रिपोर्ट शासन को अनिवार्य रूप से भेजी जाएगी, ताकि इसकी निगरानी और पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।
2. मेडिकल कॉलेज स्तर पर आयोजन –
सभी मेडिकल कॉलेजों में विशेष रक्तदान शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में मेडिकल छात्रों और चिकित्सकों को भी सक्रिय रूप से जोड़ा जाएगा ताकि युवाओं में स्वैच्छिक रक्तदान की भावना को प्रोत्साहित किया जा सके।
3. हेल्थ डेस्क की स्थापना –
प्रमुख चिकित्सा संस्थानों और जिला अस्पतालों में हेल्थ डेस्क स्थापित किए जाएंगे। यहां आने वाले मरीजों को स्वास्थ्य पखवाड़े से संबंधित जानकारी, सरकारी योजनाओं की जानकारी और नि:शुल्क परामर्श उपलब्ध कराया जाएगा।
4. एसओपी तैयार करना –
स्वास्थ्य विभाग द्वारा शीघ्र ही एक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी की जाएगी। इसके तहत सभी जिलों और इकाइयों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए जाएंगे, ताकि अभियान के दौरान कोई भ्रम या अव्यवस्था न हो।
5. विशेषज्ञ शिविर –
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) स्तर तक विशेषज्ञ शिविर आयोजित किए जाएंगे। इसमें हृदय रोग, मधुमेह, श्वसन संबंधी रोग, प्रसूति व स्त्री रोग, बाल रोग और अन्य गंभीर बीमारियों के लिए विशेषज्ञ चिकित्सक अपनी सेवाएं देंगे।
6. अन्य विभागों से समन्वय –
अभियान को सफल बनाने के लिए अन्य विभागों को भी शामिल किया जाएगा। उनकी भूमिका और जिम्मेदारियां तय कर दी जाएंगी, ताकि एक समन्वित प्रयास के माध्यम से स्वास्थ्य पखवाड़े का प्रभाव और अधिक बढ़ सके।
7. फूड एवं ड्रग कंट्रोलर विभाग का सहयोग –
फूड सेफ्टी और ड्रग कंट्रोलर विभाग के सहयोग से दवाओं और अन्य आवश्यक सामग्रियों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
8. प्राइवेट मेडिकल व नर्सिंग कॉलेज का सहयोग –
निजी मेडिकल कॉलेजों, नर्सिंग कॉलेजों और निजी स्वास्थ्य संस्थानों को भी इस अभियान में जोड़ा जाएगा। उनके संसाधनों और मानव बल का उपयोग जनहित में किया जाएगा।
9. विशेषज्ञ चिकित्सकों की ड्यूटी –
मेडिकल कॉलेजों के विशेषज्ञ चिकित्सकों को स्वास्थ्य शिविरों में ड्यूटी दी जाएगी। इससे ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों को भी विशेषज्ञ परामर्श और उपचार उपलब्ध हो सकेगा।
10. निक्षय मित्र पहल –
जनप्रतिनिधियों को “निक्षय मित्र” बनाने की पहल की जाएगी। इसके तहत वे न केवल शिविरों का हिस्सा बनेंगे, बल्कि लोगों को अधिक से अधिक संख्या में स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने में मदद करेंगे।
अंत में स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एंव स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत के नेतृत्व में उत्तराखंड की स्वास्थ्य सेवाएं दिन-ब-दिन मजबूत हो रही हैं। “स्वास्थ्य पखवाड़ा” प्रदेश की जनता के लिए न केवल स्वास्थ्य सुविधाओं का अवसर है, बल्कि एक जनजागरण अभियान भी साबित होगा, जो समाज को स्वस्थ उत्तराखंड की दिशा में आगे बढ़ाएगा। समीक्षा बैठक में मिशन निदेशक एनएचएम मनुज गोयल, उपसचिव जसबिन्दर कौर, डॉ जेएस चुफाल, डॉ अमित शुक्ला, डॉ कुलदीप मार्तोलिया, डॉ सौरभ सिंह सिंह मौजूद रहे।
