कुंभ 2027 होगा दिव्य और भव्य, मास्टर प्लान के तहत घाट, पार्किंग, टेंट सिटी और यातायात व्यवस्था पर जोर
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि हरिद्वार में कुम्भ मेला 2027 के भव्य आयोजन की सभी तैयारियां समय करते हुए स्थायी प्रकृति के कार्य अक्टूबर 2026 तक पूर्ण किये जाएं। कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर वर्गीकृत कर उन्हें पूर्ण किये जाए। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्यों आगे बढ़ायें।
बुधवार को सचिवालय में हरिद्वार कुंभ 2027 की तैयारी के क्रम में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भव्य और दिव्य कुंभ का आयोजन कराना राज्य सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि मेला संबंधित सभी कार्य विस्तारित क्षेत्र और मास्टर प्लान को ध्यान में रख कर किए जाएं। मास्टर प्लान में सभी सेक्टर, मार्ग, पार्किंग, घाट, कैम्प स्थलों को स्पष्ट तौर पर चिन्हित किया जाए, ताकि इसके अनुसार आवश्यक भूमि का अधिग्रहण करने के साथ ही संबंधित भूमि का अस्थायी उपयोग सुनिश्चित किया जा सके। साथ ही भीड़ का दवाब कम करने के लिए नए घाटों का निर्माण, कांगड़ा घाट का विस्तार और मौजूदा घाटों की मरम्मत भी समय से पूरी कर ली जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेला सकुशल सम्पन्न कराने के लिए सरकारी भूमि, सड़कों पर से अतिक्रमण सख्ती के साथ हटाया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यूआईआईडीबी द्वारा हरिद्वार गंगा कॉरिडोर में जो भी कार्य किए जा रहे हैं, उन्हें कुंभ को देखते हुए प्राथमिकता पर पूरा किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्माणाधीन बहादराबाद – श्यामपुर बाईपास को जल्द पूरा किया जाए, ताकि इसका अधिकतम लाभ कुंभ के दौरान मिल सके। इसी तरह श्यामपुर, गैंडीखाता एवं चण्डीघाट क्षेत्र में विशेष टेंट लगाने के लिए मास्टर प्लान तैयार किया जाए। इसी तरह कुंभ क्षेत्र में यातायात एवं पार्किंग व्यवस्था सुदृढ़ की जाए। श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु ट्रैफिक डायवर्जन योजना, पार्किंग स्थल की व्यवस्था की जाए। पार्किंग दूर होने पर शटल सेवा की व्यवस्था पर विचार किया जाए। कुंभ क्षेत्र में आंतरिक मार्गों को भी समय से ठीक किया जाए, इसका लाभ स्थानीय निवासियों को भी मिलेगा। मंसा देवी, चंड़ी देवी पैदल मार्ग के सुदृढीकरण का कार्य समय से पूरा कर लिया जाए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ठोस कचरा अपशिष्ट के लिए जीरो वेस्ट कॉन्सेप्ट अपनाया जाए, कुंभ क्षेत्र में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, डस्टबिन, रीसाइक्लिंग सिस्टम और मोबाइल टॉयलेट की पर्याप्त व्यवस्था की जाए। महिला श्रद़धालुओं की सुविधा के लिए पिंक टायलेट और चेंजिंग रूम की भी पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। घाटों और गंगा तटों पर 24 घंटे सफाई व्यवस्था की जाए। हरकी पैड़ी में श्रद्धालुओं के लिए आरती और बैठने की समुचित व्यवस्था की जाए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कुंभ के दौरान श्रद़धालुओं की सुरक्षा से संबंधित सभी इंतजाम समय से पूरी कर ली जाएं। भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण और पार्किंग व्यवस्था के साथ ही पार्किंग स्थलों पर सभी मूलभूत सुविधाएं दी जाए जाएं। श्रद़धालुओं की सुरक्षा के लिए प्रत्येक घाट पर लाइफगार्ड, सुरक्षा रस्सी और मोटर बोट की उपलब्धता हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि श्रद़धालु उत्तराखंड से अच्छे अनुभव लेकर जाएं, इसके लिए यात्रियों के साथ अच्छा व्यवहार किया जाए। इसके लिए कार्मिकों को अभी से प्रशिक्षण दिया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मेला क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाएं सुदृढ़ रखी जाएं। मेला क्षेत्र में अस्थायी अस्पताल, एम्बुलेंस व मोबाइल चिकित्सा दल की व्यवस्था की जाए। मेला प्रबंधन में आईटी व डिजिटल सेवाओं का अधिकतम उपयोग किया जाए। श्रद्धालुओं को रियल-टाइम सूचना देने के लिए मोबाइल ऐप, हेल्पलाइन और सूचना केंद्र स्थापित किए जाएं। उन्होंने मुख्य सचिव को कुंभ मेला तैयारी की समीक्षा 15 दिन में करने के निर्देश दिए हैं।
बैठक में विधायक मदन कौशिक, प्रेमचंद अग्रवाल, आदेश चौहान, रेनू बिष्ट, रवि बहादुर, अनुपमा रावत, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, डीजीपी दीपक सेठ, प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, एल फेनई, आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, नितेश झा, डॉ पंकज पांडेय, डॉ आर राजेश कुमार, धीराज सिंह गर्ब्याल, युगल किशोर पंत, मेलाधिकारी सोनिका और वर्चुअल माध्यम से गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप एवं संबंधित जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक शामिल हुए।
एक ही छत के नीचे मिलेगी फिजियोथेरेपी, काउंसलिंग, कृत्रिम अंग और रोजगार प्रशिक्षण की सुविधा
देहरादून। गांधी शताब्दी जिला चिकित्सालय में राज्य का प्रथम जिला दिव्यांगजन पुनर्वास केंद्र (डीडीआरसी) शुरू हो गया। इस एकीकृत केंद्र में दिव्यांगजनों को प्रमाण पत्र, आधार पंजीकरण व अपडेट, फिजियोथेरेपी, परामर्श, कृत्रिम अंग, श्रवण यंत्र, रोजगार प्रशिक्षण और विभिन्न चिकित्सकीय सेवाएं एक ही छत के नीचे मिलेंगी।
उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि महापौर सौरभ थपलियाल, विधायक खजान दास, पार्षद सुनीता मजखोला, जिलाधिकारी सविन बंसल और मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह उपस्थित रहे। महापौर ने इसे सशक्त समाज की दिशा में मील का पत्थर बताया। और हेल्पलाइन नंबर 8077386815 जारी किया। मौके पर दिव्यांग बच्चों को पुरस्कार और लाभार्थियों को उपकरण भी वितरित किए गए।
डीएम की पहल पर दिव्यांगजनों के लिए एकीकृत सेवाएं
डीएम सविन बंसल ने बताया कि समाज की लगभग 20 प्रतिशत आबादी किसी न किसी रूप में दिव्यांगता से प्रभावित है। ऐसे में उनका जीवन आसान बनाने और गरिमा के साथ जोड़ने के लिए डीडीआरसी केंद्र स्थापित किया गया है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों को केंद्र तक आने-जाने के लिए विशेष वाहन की भी व्यवस्था की गई है।
डीडीआरसी में फिजियोथेरेपी, स्पीच थेरेपी, काउंसलिंग, अर्ली इंटरवेंशन, प्रमाणन, रोजगारपरक प्रशिक्षण और सहायक उपकरण वितरण की सुविधा उपलब्ध होगी। केंद्र का संचालन समाज कल्याण विभाग की देखरेख में डीडीआरसी देहरादून मुनीशाभा सेवा सदन एवं पुनर्वास संस्थान द्वारा किया जाएगा।
कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के दिए निर्देश
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को सचिवालय में उच्च स्तरीय बैठक कर राज्य की कानून-व्यवस्था, सड़कों की स्थिति, सेवा पखवाड़ा एवं अन्य जनहित से जुड़े विषयों की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि जनता को सुगम, सुरक्षित एवं पारदर्शी व्यवस्था उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि राज्य में कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। सभी संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों से नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।राज्य की सीमाओं पर सघन चेकिंग अभियान चलाया जाए। पुलिस द्वारा रात्रिकालीन गश्त को और अधिक प्रभावी बनाया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसून के बाद सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। बरसात के बाद सड़कों के सुधारीकरण और गड्ढा मुक्त कराने के लिए निविदा प्रक्रिया अभी पूर्ण कर ली जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितम्बर से लेकर 2 अक्टूबर गांधी जयंती तक प्रदेशभर में सेवा पखवाड़ा आयोजित किया जाएगा।इस अवसर पर सभी जनपदों में सेवा, जनजागरूकता एवं जनहित से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक जिले के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर उसे समयबद्ध रूप से लागू किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्वयं सड़क मार्ग से विभिन्न जनपदों का भ्रमण करेंगे और विभिन्न व्यवस्थाओं का प्रत्यक्ष जायजा लेंगे।
मुख्यमंत्री ने रेत मिश्रित नमक से संबंधित शिकायत को गंभीरता से लिया और तत्काल नमूना लेकर जाँच करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में प्रमुख सचिव, मुख्य सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव शैलेश बगोली, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, अपर पुलिस महानिदेशक ए.पी. अंशुमान, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते और अपर सचिव बंशीधर तिवारी मौजूद थे।
देहरादून। कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने संगध पौंध केन्द्र की समीक्षा बैठक के बाद बताया कि प्रदेश में महक क्रांति नीति के विस्तार के लिए वर्ष 2025 से वर्ष 2047 (विकसित भारत संकल्प) तक की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इसके प्रथम चरण में 22,750 हेक्टेयर क्षेत्रफल पर कार्य किया जाएगा, जिससे लगभग 1,050 करोड़ रुपये का टर्नओवर और 91 हजार से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
महक क्रांति नीति के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न जनपदों में औषधीय एवं सुगंधित पौधों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए विशेष वैली विकसित की जाएंगी। जिनमें चमोली एवं अल्मोड़ा में डैमस्क रोज़ वैली (2000 हैक्टेयर), चम्पावत एवं नैनीताल में सिनॉमन वैली (5200 हैक्टेयर), पिथौरागढ़ में तिमूर वैली (5150 हैक्टेयर), हरिद्वार एवं पौड़ी लैमनग्रास वैली (2400 हैक्टेयर), ऊधमसिंह नगर एवं हरिद्वार में मिन्ट वैली (8000 हैक्टेयर) सम्मिलित हैं।
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि महक क्रांति नीति प्रदेश के किसानों के लिए गेमचेंजर साबित होगी और इससे सुगंधित खेती को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि इस महत्वाकांक्षी योजना का ड्राफ्ट शीघ्र ही मंत्रिमंडल की बैठक में प्रस्तुत करने के निर्देश दिये गये हैं।
बैठक में सगंध पौध केंद्र के निदेशक डॉ0 नृपेंद्र चौहान उपस्थित रहे।
नैनीताल में टूटे आठ साल पुराने बारिश के रिकॉर्ड
हल्द्वानी। कुमाऊं क्षेत्र में पिछले दो दिनों से लगातार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। पहाड़ी क्षेत्रों में मलबा गिरने से कई मार्ग अवरुद्ध हो गए हैं, जबकि मैदानी इलाकों में उफान पर आई नदियाँ और नाले लोगों के लिए खतरा बन गए हैं। राज्यभर में करीब 152 सड़कों पर आवागमन बाधित है।
बनबसा में शारदा नदी का जलस्तर एक लाख क्यूसेक से अधिक होने के कारण बैराज में चारपहिया वाहनों का संचालन दो दिन से बंद है। नदी का जलस्तर घटकर एक लाख क्यूसेक के नीचे जाने पर ही आवाजाही फिर से शुरू हो सकेगी।
नैनीताल में इस जनवरी में अब तक 2000 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई, जो पिछले आठ साल का रिकॉर्ड तोड़ने वाली है। हल्द्वानी में गौला नदी के तेज बहाव के कारण नदी पुल के नीचे चेकडैम अपनी जगह छोड़ चुके हैं।
प्रदेश के देहरादून, चंपावत, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल जिलों में भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। चंपावत और नैनीताल में बुधवार को कक्षा एक से 12 तक के सभी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहने की घोषणा की गई है।
पिथौरागढ़ जिले की ऊंची चोटियों पर इस सर्दी का पहला हिमपात भी दर्ज किया गया। व्यास, दारमा और मल्ला जोहार की चोटियां बर्फ से ढक गईं। चार दिन पहले पिथौरागढ़ में तापमान 28 डिग्री सेल्सियस था, जो मंगलवार को गिरकर 21 डिग्री तक आ गया।
धामी सरकार का बड़ा फैसला, सार्वजनिक निकायों और उपक्रमों में कार्यरत कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़ा
5वें और 6ठे वेतनमान पर कार्यरत कर्मियों को डीए बढ़ोतरी का लाभ
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार ने कर्मचारियों और विकास कार्यों को बड़ी राहत दी है। राज्य सरकार ने सार्वजनिक निकायों और उपक्रमों में कार्यरत कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी की है। इसके साथ ही विभिन्न जिलों में अधोसंरचना और सौंदर्यीकरण कार्यों के लिए करोड़ों रुपये की स्वीकृति भी प्रदान की गई है।
धामी कैबिनेट के फैसले के अनुसार, पांचवें वेतनमान के अंतर्गत आने वाले कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 455 प्रतिशत से बढ़ाकर 466 प्रतिशत कर दिया गया है। वहीं, छठे वेतनमान पर कार्यरत कर्मचारियों के लिए यह दर 246 प्रतिशत से बढ़ाकर 252 प्रतिशत कर दी गई है।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने पिथौरागढ़ जिला कारागार में अतिरिक्त आवासीय भवन निर्माण हेतु 417.72 लाख रुपये, रुड़की उपकारागार में नवीन आवासीय भवनों के लिए 251.49 लाख रुपये, धारचूला विस क्षेत्र के किलातम गांव में चैकडैम निर्माण के लिए 95.49 लाख रुपये तथा चंपावत विस क्षेत्र में मेला स्थलों और सौंदर्यीकरण कार्यों के लिए 81.50 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की है।
देहरादून। प्रदेश के प्रतिष्ठित तीलू रौतेली पुरस्कार के लिए 13 महिलाओं का चयन किया गया है। पुरस्कार वितरण 4 सितंबर को किया जाएगा। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि तीलू रौतेली पुरस्कार के लिए इस साल प्रदेश भर से कुल मिलाकर 13 महिलाओं का चयन किया गया है। इसके अलावा 33 महिलाओं को राज्य स्तरीय आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का पुरस्कार दिया जाएगा।
यह आयोजन 4 सितंबर को आईआरडीटी के सभागार में किया जाएगा। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि हमारी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां अपनी सामर्थ्य से बढ़कर काम कर रही हैं और उन्होंने प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में कई नए आयाम खड़े किए हैं।
उन्होंने कहा कि इन सभी महिलाओं को सशक्त करना सरकार की जिम्मेदारी है, इस काम में सरकार बिल्कुल भी पीछे नहीं रहेगी।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि महिला सशक्तिकरण का असली काम हमारी आंगनबाड़ी बहने करती हैं और उन्हें इसका श्रेय मिलना चाहिए।
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में मंगलवार को सचिवालय में पर्वतमाला परियोजना के अन्तर्गत केदारनाथ और हेमकुंड साहिब में रोपवे के विकास के लिए राज्य सरकार और नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड (एनएचएलएमएल) के बीच समझौता हुआ। इस समझौते के अन्तर्गत इक्विटी भागीदारी में एनएचएलएमएल की 51 प्रतिशत और राज्य सरकार की 49 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी। राजस्व साझेदारी के अन्तर्गत 90 प्रतिशत धनराशि उत्तराखण्ड राज्य में पर्यटन, परिवहन एवं गतिशीलता के क्षेत्र में व्यय की जायेगी। इस समझौते के अवसर पर राज्य मंत्री सड़क परिवहन एवं राजमार्ग, भारत सरकार अजय टम्टा एवं उत्तराखण्ड के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह समझौता प्रदेश की धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर को वैश्विक पटल पर नई पहचान दिलाने के साथ ही पर्यटन, रोजगार, पर्यावरण संरक्षण और बुनियादी ढ़ाचे के क्षेत्र में नई संभावनाओं का मार्ग प्रशस्त करेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पर्वतमाला परियोजना के तहत सोनप्रयाग से केदारनाथ के बीच लगभग 4100 करोड रूपए की लागत से 12.9 किलोमीटर लंबी तथा गोविंदघाट से हेमकुण्ड साहिब के बीच 2700 करोड़ से अधिक की लागत की 12.4 किलोमीटर लंबी रोपवे परियोजनाओं के निर्माण को मंजूरी प्रदान की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ये परियोजनाएं राज्य में रोपवे कनेक्टिविटी के विस्तार में नए आयाम स्थापित करने के साथ ही राज्य की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राज्य में रेल, रोड और रोपवे कनेक्टिविटी का तेजी से विस्तार हो रहा है। चारधाम ऑलवेदर रोड, दिल्ली देहरादून एलिवेटेड रोड, सितारगंज से टनकपुर मोटर मार्ग, पौंटा साहिब देहरादून, बनबसा से कंचनपुर, भानियावाला से ऋषिकेश, काठगोदाम से लालकुंआ, हल्द्वानी बाईपास और सीमांत क्षेत्रों में रोड कनेक्टिविटी से जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से कनेक्टिविटी को सशक्त करने की दिशा में कार्य हो रहे हैं। रेल कनेक्टिविटी के विस्तार पर भी तेजी से कार्य हो रहे हैं।
केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग, राज्य मंत्री अजय टम्टा ने कहा कि राज्य में रोपवे के विकास की दृष्टि से यह महत्वपूर्ण दिन है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य में हर क्षेत्र में तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं। इन रोपवे के निर्माण के बाद श्रद्धालुओं को केदारनाथ और हेमकुण्ड साहिब के दर्शन करने में काफी सुगमता होगी।

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि यह समझौता राज्य में पर्यटन के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा। इन रोपवे के निर्माण के बाद स्थानीय स्तर पर लोगों की आर्थिकी और रोजगार में वृद्धि होगी।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, अपर सचिव, सड़क परिवहन और राजमार्ग, भारत सरकार विनय कुमार, सचिव दिलीप जावलकर, धीराज गर्ब्याल, युगल किशोर पंत, मुख्य कार्यकारी अधिकारी एनएचएलएमएल राजेश मलिक, वाइस प्रेजीटेंट, रोपवे एनएचएलएमएल प्रशांत जैन, अपर सचिव अभिषेक रोहिला और पर्यटन विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
मसूरी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मसूरी गोलीकांड की 31वीं बरसी पर आयोजित कार्यक्रम में शहीद राज्य आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके परिवारजनों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रदेश सरकार राज्य आंदोलनकारियों के सपनों का उत्तराखंड बनाने के लिए कृतसंकल्प होकर कार्य कर रही है।
मंगलवार को मसूरी स्थित शहीद स्मारक पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड राज्य आंदोलन के दौरान मसूरी में शहीद हुए आंदोलनकारी बलबीर सिंह नेगी, बेलमती चौहान, हंसा धनाई, धनपत सिंह, राय सिंह बंगारी और मदन मोहन ममगई को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि राज्य आंदोलनकारियों ने हमारे बेहतर भविष्य के लिए अपना वर्तमान दांव पर लगाकर उत्तराखंड के निर्माण में अपना अद्वितीय योगदान दिया। उन्होंने कहा कि 2 सितंबर 1994 का दिन राज्य के इतिहास में एक काले अध्याय के रूप में अंकित रहेगा। इस दिन मसूरी की वीरभूमि पर शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे आंदोलनकारियों को पुलिस की गोलियों का सामना करना पड़ा। यह घटना उस समय के सत्ताधारी दलों के दमनकारी रवैये का प्रतीक थी, जिन्होंने एक शांतिपूर्ण आंदोलन को निर्दयता के साथ कुचलने का प्रयास किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा राज्य आंदोलनकारियों के प्रति अपनी कृतज्ञता प्रकट करते हुए उनके और उनके आश्रितों के लिए सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण लागू किया गया है। साथ ही शहीद आंदोलनकारियों के परिवारों के लिए 3000 रुपये मासिक पेंशन की सुविधा भी प्रारंभ की गई है। घायल और जेल गए आंदोलनकारियों को 6000 रुपये तथा सक्रिय आंदोलनकारियों को 4500 रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जा रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पूर्व की सरकारों के समय में राज्य आंदोलनकारियों के केवल एक आश्रित के लिए क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था थी, परंतु अब नए कानून के अंतर्गत चिह्नित आंदोलनकारियों की परित्यक्ता, विधवा और तलाकशुदा पुत्रियों को भी इस आरक्षण का लाभ मिल सकेगा। यही नहीं, राज्य सरकार ने चिन्हित राज्य आंदोलनकारियों को पहचान पत्र जारी करने के साथ ही 93 आंदोलनकारियों को राजकीय सेवा में सेवायोजित भी किया है। इसी के साथ राज्य आंदोलनकारियों के बच्चों को स्कूलों और कॉलेजों में निःशुल्क शिक्षा की व्यवस्था और आंदोलनकारियों को सरकारी बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण भी लागू किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों का सपना था कि एक ऐसा उत्तराखंड बने जहां हमारी संस्कृति, भाषा और परंपराओं का संरक्षण हो। इसी उद्देश्य से प्रदेश सरकार ने “समान नागरिक संहिता” लागू कर राज्य में सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार और कर्तव्य सुनिश्चित कर दिए हैं। वहीं, प्रदेश के युवाओं को पारदर्शिता के साथ रोजगार के समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए देश का सबसे प्रभावी नकल विरोधी कानून लागू किया गया और 100 से अधिक नकल माफियाओं को जेल भेजा गया। इसके बाद उत्तराखंड में 25 हजार से अधिक युवाओं ने सरकारी नौकरियां पाने में सफलता प्राप्त की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार देवभूमि उत्तराखंड की डेमोग्राफी को बचाए रखने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। इसके लिए जहां एक ओर प्रदेश में सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून लागू किया गया, वहीं 9 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है। इसके साथ ही प्रदेश सरकार ने दंगाइयों को सबक सिखाने के लिए सख्त दंगारोधी कानून बनाकर दंगों में होने वाले नुकसान की भरपाई भी उनसे ही करने का कार्य किया है। हाल ही में सरकार ने नया कानून लागू कर राज्य में मदरसा बोर्ड को समाप्त करने का निर्णय लिया है। इस कानून के लागू होने के बाद एक जुलाई 2026 के बाद उत्तराखंड में केवल वही मदरसे संचालित हो पाएंगे, जिनमें सरकारी बोर्ड द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा। राज्य में अवैध रूप से संचालित ढाई सौ से अधिक मदरसों को भी बंद करवाया गया है। प्रदेश सरकार राज्य में सनातन संस्कृति को बदनाम करने वाले पाखंडियों के विरुद्ध ‘ऑपरेशन कालनेमि’ के माध्यम से भी सख्त कार्रवाई कर रही है।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने गढ़वाल सभा भवन जल्द बनाने और सिफन कोर्ट का मामला जल्द हल करने की बात कही तथा मसूरी में वेंडर जोन की घोषणा सहित अन्य मांगों पर भी शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया। सीएम ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड आंदोलन के प्रमुख चेहरा रहे स्वर्गीय इंद्रमणि बड़ोनी के जन्मशताब्दी समारोह को भी भव्य तरीके से मनाएगी।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने मसूरी तहसील बनाने के लिए सीएम का आभार व्यक्त करने के साथ ही मसूरी की विभिन्न मांगों को मुख्यमंत्री के सामने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में पालिकाध्यक्ष मीरा सकलानी, दर्जाधारी सुभाष बड़थ्वाल, पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला, पूर्व पालिकाध्यक्ष मनमोहन मल्ल सहित राज्य आंदोलनकारियों एवं बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी शामिल हुए।
मौसम विभाग ने रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया
देहरादून। प्रदेश में लगातार बारिश के चलते जनजीवन प्रभावित हुआ है। उत्तरकाशी और चमोली जिलों में कई राष्ट्रीय और आंतरिक मार्ग मलबा गिरने से बाधित हो गए हैं। बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग सेलंग के पास बंद है, जबकि मौसम विभाग ने देहरादून और उत्तरकाशी जिलों के लिए रेड अलर्ट, और अन्य जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
उत्तरकाशी जिले में गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग डबरानी के पास मलबा आने से बंद है। यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग भी झर्जर गाड़, जंगलचट्टी, बनास, नारदचट्टी, कल्याणी, हरेती और फेडी के पास मलबा व पत्थर आने से अवरुद्ध है। एनएच विभाग मार्ग खोलने का कार्य कर रहा है।
स्यान चट्टी में राहत की खबर है। यमुना नदी पर बनी झील का जलस्तर घटा है, जिससे स्थानीय लोगों और प्रशासन ने राहत की सांस ली। हालांकि सुरक्षा कारणों से मोटर पुल पर आवाजाही अभी भी बंद है। वहीं, बड़कोट–डामटा–विकासनगर मार्ग, उत्तरकाशी–सुवाखोली–देहरादून मार्ग और उत्तरकाशी–लम्बगांव मार्ग पर यातायात सुचारू है।
