देहरादून। प्रदेश के प्रतिष्ठित तीलू रौतेली पुरस्कार के लिए 13 महिलाओं का चयन किया गया है। पुरस्कार वितरण 4 सितंबर को किया जाएगा। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि तीलू रौतेली पुरस्कार के लिए इस साल प्रदेश भर से कुल मिलाकर 13 महिलाओं का चयन किया गया है। इसके अलावा 33 महिलाओं को राज्य स्तरीय आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का पुरस्कार दिया जाएगा।
यह आयोजन 4 सितंबर को आईआरडीटी के सभागार में किया जाएगा। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि हमारी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां अपनी सामर्थ्य से बढ़कर काम कर रही हैं और उन्होंने प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में कई नए आयाम खड़े किए हैं।
उन्होंने कहा कि इन सभी महिलाओं को सशक्त करना सरकार की जिम्मेदारी है, इस काम में सरकार बिल्कुल भी पीछे नहीं रहेगी।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि महिला सशक्तिकरण का असली काम हमारी आंगनबाड़ी बहने करती हैं और उन्हें इसका श्रेय मिलना चाहिए।
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में मंगलवार को सचिवालय में पर्वतमाला परियोजना के अन्तर्गत केदारनाथ और हेमकुंड साहिब में रोपवे के विकास के लिए राज्य सरकार और नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड (एनएचएलएमएल) के बीच समझौता हुआ। इस समझौते के अन्तर्गत इक्विटी भागीदारी में एनएचएलएमएल की 51 प्रतिशत और राज्य सरकार की 49 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी। राजस्व साझेदारी के अन्तर्गत 90 प्रतिशत धनराशि उत्तराखण्ड राज्य में पर्यटन, परिवहन एवं गतिशीलता के क्षेत्र में व्यय की जायेगी। इस समझौते के अवसर पर राज्य मंत्री सड़क परिवहन एवं राजमार्ग, भारत सरकार अजय टम्टा एवं उत्तराखण्ड के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह समझौता प्रदेश की धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर को वैश्विक पटल पर नई पहचान दिलाने के साथ ही पर्यटन, रोजगार, पर्यावरण संरक्षण और बुनियादी ढ़ाचे के क्षेत्र में नई संभावनाओं का मार्ग प्रशस्त करेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पर्वतमाला परियोजना के तहत सोनप्रयाग से केदारनाथ के बीच लगभग 4100 करोड रूपए की लागत से 12.9 किलोमीटर लंबी तथा गोविंदघाट से हेमकुण्ड साहिब के बीच 2700 करोड़ से अधिक की लागत की 12.4 किलोमीटर लंबी रोपवे परियोजनाओं के निर्माण को मंजूरी प्रदान की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ये परियोजनाएं राज्य में रोपवे कनेक्टिविटी के विस्तार में नए आयाम स्थापित करने के साथ ही राज्य की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राज्य में रेल, रोड और रोपवे कनेक्टिविटी का तेजी से विस्तार हो रहा है। चारधाम ऑलवेदर रोड, दिल्ली देहरादून एलिवेटेड रोड, सितारगंज से टनकपुर मोटर मार्ग, पौंटा साहिब देहरादून, बनबसा से कंचनपुर, भानियावाला से ऋषिकेश, काठगोदाम से लालकुंआ, हल्द्वानी बाईपास और सीमांत क्षेत्रों में रोड कनेक्टिविटी से जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से कनेक्टिविटी को सशक्त करने की दिशा में कार्य हो रहे हैं। रेल कनेक्टिविटी के विस्तार पर भी तेजी से कार्य हो रहे हैं।
केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग, राज्य मंत्री अजय टम्टा ने कहा कि राज्य में रोपवे के विकास की दृष्टि से यह महत्वपूर्ण दिन है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य में हर क्षेत्र में तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं। इन रोपवे के निर्माण के बाद श्रद्धालुओं को केदारनाथ और हेमकुण्ड साहिब के दर्शन करने में काफी सुगमता होगी।

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि यह समझौता राज्य में पर्यटन के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा। इन रोपवे के निर्माण के बाद स्थानीय स्तर पर लोगों की आर्थिकी और रोजगार में वृद्धि होगी।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, अपर सचिव, सड़क परिवहन और राजमार्ग, भारत सरकार विनय कुमार, सचिव दिलीप जावलकर, धीराज गर्ब्याल, युगल किशोर पंत, मुख्य कार्यकारी अधिकारी एनएचएलएमएल राजेश मलिक, वाइस प्रेजीटेंट, रोपवे एनएचएलएमएल प्रशांत जैन, अपर सचिव अभिषेक रोहिला और पर्यटन विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
मसूरी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मसूरी गोलीकांड की 31वीं बरसी पर आयोजित कार्यक्रम में शहीद राज्य आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके परिवारजनों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रदेश सरकार राज्य आंदोलनकारियों के सपनों का उत्तराखंड बनाने के लिए कृतसंकल्प होकर कार्य कर रही है।
मंगलवार को मसूरी स्थित शहीद स्मारक पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड राज्य आंदोलन के दौरान मसूरी में शहीद हुए आंदोलनकारी बलबीर सिंह नेगी, बेलमती चौहान, हंसा धनाई, धनपत सिंह, राय सिंह बंगारी और मदन मोहन ममगई को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि राज्य आंदोलनकारियों ने हमारे बेहतर भविष्य के लिए अपना वर्तमान दांव पर लगाकर उत्तराखंड के निर्माण में अपना अद्वितीय योगदान दिया। उन्होंने कहा कि 2 सितंबर 1994 का दिन राज्य के इतिहास में एक काले अध्याय के रूप में अंकित रहेगा। इस दिन मसूरी की वीरभूमि पर शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे आंदोलनकारियों को पुलिस की गोलियों का सामना करना पड़ा। यह घटना उस समय के सत्ताधारी दलों के दमनकारी रवैये का प्रतीक थी, जिन्होंने एक शांतिपूर्ण आंदोलन को निर्दयता के साथ कुचलने का प्रयास किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा राज्य आंदोलनकारियों के प्रति अपनी कृतज्ञता प्रकट करते हुए उनके और उनके आश्रितों के लिए सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण लागू किया गया है। साथ ही शहीद आंदोलनकारियों के परिवारों के लिए 3000 रुपये मासिक पेंशन की सुविधा भी प्रारंभ की गई है। घायल और जेल गए आंदोलनकारियों को 6000 रुपये तथा सक्रिय आंदोलनकारियों को 4500 रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जा रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पूर्व की सरकारों के समय में राज्य आंदोलनकारियों के केवल एक आश्रित के लिए क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था थी, परंतु अब नए कानून के अंतर्गत चिह्नित आंदोलनकारियों की परित्यक्ता, विधवा और तलाकशुदा पुत्रियों को भी इस आरक्षण का लाभ मिल सकेगा। यही नहीं, राज्य सरकार ने चिन्हित राज्य आंदोलनकारियों को पहचान पत्र जारी करने के साथ ही 93 आंदोलनकारियों को राजकीय सेवा में सेवायोजित भी किया है। इसी के साथ राज्य आंदोलनकारियों के बच्चों को स्कूलों और कॉलेजों में निःशुल्क शिक्षा की व्यवस्था और आंदोलनकारियों को सरकारी बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण भी लागू किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों का सपना था कि एक ऐसा उत्तराखंड बने जहां हमारी संस्कृति, भाषा और परंपराओं का संरक्षण हो। इसी उद्देश्य से प्रदेश सरकार ने “समान नागरिक संहिता” लागू कर राज्य में सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार और कर्तव्य सुनिश्चित कर दिए हैं। वहीं, प्रदेश के युवाओं को पारदर्शिता के साथ रोजगार के समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए देश का सबसे प्रभावी नकल विरोधी कानून लागू किया गया और 100 से अधिक नकल माफियाओं को जेल भेजा गया। इसके बाद उत्तराखंड में 25 हजार से अधिक युवाओं ने सरकारी नौकरियां पाने में सफलता प्राप्त की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार देवभूमि उत्तराखंड की डेमोग्राफी को बचाए रखने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। इसके लिए जहां एक ओर प्रदेश में सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून लागू किया गया, वहीं 9 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है। इसके साथ ही प्रदेश सरकार ने दंगाइयों को सबक सिखाने के लिए सख्त दंगारोधी कानून बनाकर दंगों में होने वाले नुकसान की भरपाई भी उनसे ही करने का कार्य किया है। हाल ही में सरकार ने नया कानून लागू कर राज्य में मदरसा बोर्ड को समाप्त करने का निर्णय लिया है। इस कानून के लागू होने के बाद एक जुलाई 2026 के बाद उत्तराखंड में केवल वही मदरसे संचालित हो पाएंगे, जिनमें सरकारी बोर्ड द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा। राज्य में अवैध रूप से संचालित ढाई सौ से अधिक मदरसों को भी बंद करवाया गया है। प्रदेश सरकार राज्य में सनातन संस्कृति को बदनाम करने वाले पाखंडियों के विरुद्ध ‘ऑपरेशन कालनेमि’ के माध्यम से भी सख्त कार्रवाई कर रही है।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने गढ़वाल सभा भवन जल्द बनाने और सिफन कोर्ट का मामला जल्द हल करने की बात कही तथा मसूरी में वेंडर जोन की घोषणा सहित अन्य मांगों पर भी शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया। सीएम ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड आंदोलन के प्रमुख चेहरा रहे स्वर्गीय इंद्रमणि बड़ोनी के जन्मशताब्दी समारोह को भी भव्य तरीके से मनाएगी।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने मसूरी तहसील बनाने के लिए सीएम का आभार व्यक्त करने के साथ ही मसूरी की विभिन्न मांगों को मुख्यमंत्री के सामने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में पालिकाध्यक्ष मीरा सकलानी, दर्जाधारी सुभाष बड़थ्वाल, पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला, पूर्व पालिकाध्यक्ष मनमोहन मल्ल सहित राज्य आंदोलनकारियों एवं बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी शामिल हुए।
मौसम विभाग ने रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया
देहरादून। प्रदेश में लगातार बारिश के चलते जनजीवन प्रभावित हुआ है। उत्तरकाशी और चमोली जिलों में कई राष्ट्रीय और आंतरिक मार्ग मलबा गिरने से बाधित हो गए हैं। बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग सेलंग के पास बंद है, जबकि मौसम विभाग ने देहरादून और उत्तरकाशी जिलों के लिए रेड अलर्ट, और अन्य जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
उत्तरकाशी जिले में गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग डबरानी के पास मलबा आने से बंद है। यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग भी झर्जर गाड़, जंगलचट्टी, बनास, नारदचट्टी, कल्याणी, हरेती और फेडी के पास मलबा व पत्थर आने से अवरुद्ध है। एनएच विभाग मार्ग खोलने का कार्य कर रहा है।
स्यान चट्टी में राहत की खबर है। यमुना नदी पर बनी झील का जलस्तर घटा है, जिससे स्थानीय लोगों और प्रशासन ने राहत की सांस ली। हालांकि सुरक्षा कारणों से मोटर पुल पर आवाजाही अभी भी बंद है। वहीं, बड़कोट–डामटा–विकासनगर मार्ग, उत्तरकाशी–सुवाखोली–देहरादून मार्ग और उत्तरकाशी–लम्बगांव मार्ग पर यातायात सुचारू है।
नंदानगर। खेतों में चारा लेने गई एक महिला पर भालू ने हमला कर दिया, जिसमें महिला की मौत हो गई। घटना से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है।
तांगला गांव की 50 वर्षीय बसंती देवी पत्नी जगत सिंह अपनी सहेली के साथ घटबगड़ तोक क्षेत्र में घास लेने गई थीं। इसी दौरान झाड़ी में दो बच्चों के साथ मौजूद भालू ने अचानक उन पर हमला कर दिया। हमले में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। साथ मौजूद दूसरी महिला ने शोर मचाकर ग्रामीणों को बुलाया, जिससे भालू अपने बच्चों के साथ जंगल की ओर भाग गया।
घायल महिला को ग्रामीण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नंदानगर लेकर पहुंचे, लेकिन तब तक उन्होंने दम तोड़ दिया था। नायब तहसीलदार राकेश देवली ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। घटना के बाद गांव के लोग सहमे हुए हैं।
भोजन भत्ते की दर बढ़ाने का आदेश जारी, अभी तक मिलते थे प्रतिदिन ढाई सौ रुपए
देहरादून। प्रदेश के खिलाड़ियों के लिए एक अच्छी खबर है। राष्ट्रीय व इससे उच्च स्तर की खेल प्रतियोगिताओं से पहले आयोजित होने वाले प्रशिक्षण शिविरों के दौरान खिलाड़ियों को मिलने वाला दैनिक भोजन भत्ता ₹250 से बढ़ाकर ₹400 कर दिया गया है।
खेल मंत्री रेखा आर्या ने पिछले दिनों विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान इस बारे में अधिकारियों को निर्देश जारी किया था। उनका कहना था कि खिलाड़ियों के लिए ₹250 दैनिक भोजन भत्ता पर्याप्त नहीं है, इसलिए इसे साई जैसी संस्थाओं द्वारा वर्तमान में दिए जा रहे भत्ते के समकक्ष करना जरूरी है।
खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि इस प्रस्ताव को राज्यपाल की मंजूरी मिल गई है और इसे तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
इसके साथ ही राष्ट्रीय स्तर व इससे उच्च स्तर की खेल प्रतियोगिताओं से पहले आयोजित होने वाले खेल प्रशिक्षण शिविरों में भी खिलाड़ियों को नई बढ़ी हुई दर से भोजन भत्ता दिया जाएगा। प्रशिक्षण शिविरों के दौरान खिलाड़ियों के अलावा कोच और अन्य सहयोगी स्टाफ को भी बढ़ी हुई दर से भोजन भत्ता मिलेगा।
खेल मंत्री ने कहा कि भोजन भत्ता बढ़ने से अब खिलाड़ियों को ज्यादा पौष्टिक आहार उपलब्ध हो सकेगा और इससे उनके प्रदर्शन में गुणात्मक सुधार आएगा।
खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि प्रदेश सरकार खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने और उनके प्रदर्शन में सुधार लाने के लिए सभी प्रयास कर रही है और यह भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
पुलिस-प्रशासन अलर्ट मोड़ पर, प्रभावितों को हरसंभव मदद का भरोसा
चमोली। नंदानगर के बैंड बाजार क्षेत्र में भू-धंसाव की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। रविवार रात कुंवर कॉलोनी में नरेंद्र सिंह और गोविंद सिंह के मकान भी धंसकर क्षतिग्रस्त हो गए। अब तक सात भवन पूरी तरह जमींदोज हो चुके हैं, जबकि 16 अन्य भवन खतरे की जद में बताए जा रहे हैं।
प्रभावित क्षेत्र से पानी की निकासी के लिए जल संस्थान और तहसील प्रशासन की टीम ने चार इंच के रबड़ पाइप से लगभग 400 मीटर दूरी तक अस्थायी लाइन डाली है। जल संस्थान के जेई यशपाल नेगी के अनुसार जमीन से करीब दो इंच पानी का रिसाव लगातार हो रहा था, जो अब साफ नज़र आ रहा है।
प्रशासन ने दो बरातघरों को राहत शिविर में तब्दील किया है, हालांकि कई परिवार अपने सामान के साथ वहां टिक नहीं पा रहे। ऐसे में 18 परिवार किराये के मकानों में चले गए हैं। पांच पर्यावरण मित्र राहत शिविर में तैनात किए गए हैं। नायब तहसीलदार राकेश देवली ने बताया कि प्रभावितों को पशुओं के लिए टिन की चादर, तिरपाल और चारा उपलब्ध कराया जा रहा है।
पुलिस-प्रशासन अलर्ट पर
एसपी सर्वेश पंवार और सीओ मदन सिंह बिष्ट ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर लोगों से मुलाकात की। उन्होंने पुलिसकर्मियों को प्रभावित परिवारों की हरसंभव मदद करने और भारी बारिश की स्थिति में लोगों को सतर्क करने के निर्देश दिए।
मुआवजे की घोषणा
थराली विधायक भूपाल राम टम्टा ने भरोसा दिलाया कि नंदानगर के आपदा प्रभावितों को भी थराली की तर्ज पर मुआवजा मिलेगा। इस संबंध में उनकी मुख्यमंत्री से बात हो चुकी है। विधायक ने बताया कि थराली में नौ आपदा प्रभावित परिवारों को 5-5 लाख रुपये की सहायता राशि दी जा चुकी है। नंदानगर के प्रभावित परिवारों को भी इसी तर्ज पर राहत दी जाएगी।
खटीमा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को आईआईटी कानपुर के सहयोग से हेमवती नन्दन बहुगुणा राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, खटीमा में ‘‘साथी केंद्र’’ का शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी देश का सामाजिक और आर्थिक विकास उसकी शिक्षा की गुणवत्ता पर निर्भर करता है। इसी उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2020 में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम से देश की शिक्षा व्यवस्था में व्यापक स्तर पर सुधार लाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया। उन्होंने कहा कि आज इस नीति के माध्यम से विद्यार्थियों को रोजगारपरक शिक्षा के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करने में भी सहायता मिल रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व में देश के समस्त विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और समान अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वर्ष 2023 में साथी प्रोजेक्ट की शुरुआत की गई थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके माध्यम से, आज आईआईटी और आईआईएससी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के प्रोफेसर ऑनलाइन क्लासेज द्वारा विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवा रहे हैं। आज यह प्रोजेक्ट इंजीनियरिंग, मेडिकल, बैंकिंग, रेलवे और क्लैट जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं के लिए दूरस्थ क्षेत्रों और निर्धन परिवारों के विद्यार्थियों सहित अन्य सभी विद्यार्थियों को मार्गदर्शन प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस केन्द्र में 80 छात्रों को ऑफलाइन कोचिंग और मेंटरिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस सुविधा का सीधा लाभ खटीमा और आसपास के ग्रामीण अंचलों के सभी प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को मिलेगा। उन्होंने कहा कि आज देशभर में 15 लाख से अधिक विद्यार्थी “प्रोजेक्ट साथी” से लाभान्वित हो चुके हैं। हमारे राज्य में भी अब तक लगभग 29 हजार विद्यार्थी इस पहल का हिस्सा बन चुके हैं और पिछले वर्ष 500 से अधिक विद्यार्थियों ने इस प्लेटफॉर्म की मदद से विभिन्न परीक्षाओं में सफलता प्राप्त की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 द्वारा प्रदेश के विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और बिग डेटा जैसे कोर्स संचालित करने की पहल की जा रही है। साइंस सिटी, एस्ट्रो पार्क आदि का निर्माण कर राज्य में वैज्ञानिक शोध को बढ़ावा देने की दिशा में भी कार्य किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महाविद्यालयों में इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के साथ ही 9 नए महाविद्यालयों की स्थापना की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। “मुख्यमंत्री शोध प्रोत्साहन योजना“ के माध्यम से, राज्य के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में कार्यरत प्राध्यापकों को 18 लाख रुपये तक का शोध अनुदान प्रदान किया जा रहा है। उत्कृष्ट शोध पत्र प्रकाशन हेतु राज्य सरकार द्वारा प्रोत्साहन पुरस्कार भी प्रदान किया जा रहा है।
इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, सांसद अजय भट्ट, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद जोशी, दर्जा राज्य मंत्री डॉ. अनिल कपूर डब्बू, सचिव उच्च शिक्षा डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, निदेशक उच्च शिक्षा डॉ. बी. एन. खाली, निदेशक आईआईटी कानपुर मनिंदर अग्रवाल, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा, निदेशक उच्च शिक्षा डॉ बी0 एन0 खाली, निदेशक आईआईटी कानपुर मनिंदर अग्रवाल, प्राचार्य डॉ. पंकज कुमार सहित अनेक जनप्रतिनिधि, शिक्षकगण एवं विद्यार्थी मौजूद थे।
भारी बारिश और भूस्खलन की चेतावनी के चलते प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा के लिए लिया निर्णय
देहरादून। उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के चलते सरकार ने चारधाम और हेमकुंड साहिब यात्रा को 5 सितंबर 2025 तक स्थगित कर दिया है। गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय ने बताया कि प्रदेश में कई स्थानों पर भूस्खलन और मलबा आने से मार्ग बाधित हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार इन मार्गों को प्राथमिकता के आधार पर खोल रही है, लेकिन यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को देखते हुए फिलहाल यात्रा स्थगित की गई है। कमिश्नर ने यात्रियों से अपील की है कि वे प्रतिकूल मौसम की स्थिति को देखते हुए यात्रा पर न निकलें और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।
गढ़वाल कमिश्नर ने यह भी बताया कि मौसम सामान्य होने और मार्ग पूरी तरह सुरक्षित पाए जाने के बाद ही यात्राएं पुनः प्रारम्भ की जाएंगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार और स्थानीय प्रशासन द्वारा सड़क मार्गों की निगरानी, सफाई और यात्रियों की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। यात्रियों से अनुरोध किया गया है कि वे धैर्य बनाए रखें और यात्रा संबंधी अद्यतन जानकारी के लिए प्रशासनिक नियंत्रण कक्ष से संपर्क करते रहें।
शहीद आंदोलनकारियों के आश्रितों को किया सम्मानित
खटीमा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को खटीमा में उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलन के दौरान शहीद हुए आन्दोलनकारियों की स्मृति में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।
इस अवसर पर उन्होंने शहीद राज्य आन्दोलनकारियों को श्रद्धा सुमन अर्पित किये और उनके आश्रित्रों तथा राज्य आन्दोलनकारियों को सम्मानित भी किया।
मुख्यमत्री ने कहा कि आज का दिन उत्तराखंड राज्य आन्दोलन के दौरान खटीमा गोलीकांड में अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले अमर बलिदानियों भगवान सिंह सिरौला , प्रताप सिंह , रामपाल, सलीम अहमद, गोपीचंद, धर्मानन्द भट्ट और परमजीत सिंह को स्मरण करने का दिन है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड का हर नागरिक इन सभी वीर सपूतों का सदैव ऋणी रहेगा। राज्य आन्दोलन के अपने अनुभवों को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कि इस घटना ने लोगों को उत्तराखंड के अधिकारों की लड़ाई को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। हम सभी मिलकर उनके सपनों के उत्तराखंड का निर्माण करें, यही उनके लिए हमारी सबसे बड़ी श्रद्धांजलि होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार राज्य आंदोलनकारियों के आदर्शों और उनके सपनों को साकार करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। राज्य आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों के लिए राज्य सरकार की नौकरियों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण लागू किया है। शहीद आंदोलनकारियों के परिवारों के लिए 3 हजार रुपये मासिक पेंशन की सुविधा भी शुरू की है, साथ ही घायल और जेल गए आंदोलनकारियों को 6000 रुपये और सक्रिय आंदोलनकारियों को 4500 रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जा रही है। नए कानून के अंतर्गत चिह्नित आंदोलनकारियों की परित्यक्ता, विधवा और तलाकशुदा पुत्रियों को भी इस आरक्षण का लाभ मिल सकेगा। चिन्हित राज्य आंदोलनकारियों को पहचान पत्र जारी करने के साथ ही 93 आंदोलनकारियों को राजकीय सेवा में सेवायोजित भी किया है। आंदोलनकारियों को सरकारी बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के आंदोलन में नारी शक्ति की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है, उन्होंने आंदोलन में बढ़ चढ़कर भाग लिया। राज्य निर्माण में मातृशक्ति की भूमिका को देखते हुए ही राज्य सरकार ने राज्य की महिलाओं के लिए सरकारी नौकरी में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण लागू किया गया है। राज्य के समग्र विकास के साथ ही प्रदेश के हित में कई ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। उत्तराखंड ने देश में सबसे पहले “समान नागरिक संहिता” को लागू किया है। देश का सबसे प्रभावी नकल विरोधी कानून लागू किया है, जिसके बाद लगभग 24 हजार से अधिक युवाओं ने सरकारी नौकरियां पाने में सफलता प्राप्त की है।
सरकार देवभूमि उत्तराखंड की डेमोग्राफी को बचाए रखने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश में सख्त धर्मांतरण विरोधी और दंगा विरोधी कानूनों लागू किया गया है। 7 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया है। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनसमुदाय को हिमालय बचाओ अभियान की शपथ भी दिलाई। उन्होंने कहा कि हिमालय के पर्यावरण की रक्षा करना हम सबकी जिम्मेदारी है।
इस अवसर पर सांसद अजय भट्ट, जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, विधायक भुवन कापड़ी, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद जोशी, दर्जा राज्य मंत्री डॉ.अनिल कपूर डब्बू, सुभाष बर्थवाल, फरजाना बेगम, ब्लॉक प्रमुख सरिता राणा, दान सिंह रावत, नंदन सिंह खड़ायत, जीवन सिंह धामी, गोपाल सिंह राणा, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा, उपाध्यक्ष जिला विकास प्राधिकरण जय किशन, डीएफओ हिमांशु बागरी, एडीएम पंकज उपाध्याय सहित अनेक जनप्रतिनिधि, राज्य आंदोलनकारी एवं जनता मौजूद थी।
