देहरादून, उत्तरकाशी और चमोली में कक्षा 1 से 12 तक के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश
उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में मौसम एक बार फिर से कहर बरपाने की तैयारी में है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि आने वाले दिनों में देहरादून, टिहरी, उत्तरकाशी, चमोली, बागेश्वर और नैनीताल के कुछ हिस्सों में भारी से भारी बारिश हो सकती है। इसके लिए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है।
वहीं, राज्य के अन्य जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है, जहां गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है। विभाग के मुताबिक, 25 अगस्त को भी पर्वतीय क्षेत्रों में मूसलधार बारिश के आसार हैं, जबकि 27 अगस्त तक प्रदेशभर में रुक-रुक कर तेज बारिश जारी रह सकती है।
भारी बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए जिला प्रशासन ने सतर्कता बरतते हुए देहरादून, उत्तरकाशी और चमोली जनपदों में कक्षा 1 से 12 तक के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित कर दिया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बिना आवश्यकता के यात्रा न करें और नदी-नालों के किनारे जाने से बचें।
ज्योर्तिमठ मॉडल पर आधारित राहत पैकेज की सिफारिश, आज सरकार को सौंपी जाएगी रिपोर्ट
उत्तरकाशी- उत्तरकाशी ज़िले के धराली गांव में आई आपदा से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और स्थायी आजीविका सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई तीन सदस्यीय समिति ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली है। माना जा रहा है कि समिति सोमवार को यह रिपोर्ट शासन को सौंप देगी। इसमें ज्योर्तिमठ मॉडल को आधार मानकर राहत और पुनर्वास पैकेज देने की सिफारिश की गई है।
गौरतलब है कि 5 अगस्त को खीरगंगा में आए भीषण सैलाब ने धराली गांव को मलबे में तब्दील कर दिया था। इसके बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर सचिव राजस्व डॉ. सुरेंद्र नारायण पांडे की अध्यक्षता में समिति गठित की गई। इसमें यूकाडा के सीईओ डॉ. आशीष चौहान और अपर सचिव वित्त हिमांशु खुराना सदस्य के रूप में शामिल हैं।
समिति ने वर्ष 2023 में ज्योर्तिमठ भू-धंसाव प्रभावितों के पुनर्वास मॉडल का अध्ययन कर धराली के लिए सिफारिशें दी हैं। रिपोर्ट के अनुसार, आपदा से कुल 115 परिवार प्रभावित हुए हैं। प्रभावितों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन से सुझाव लेने के बाद समिति ने पुनर्वास स्थलों के तौर पर जांगला, लंका और कोपांग के नाम प्रस्तावित किए हैं।
ज्योर्तिमठ प्रभावितों की तर्ज पर धराली के लिए भी भूमि और मकानों की क्षति पर एकमुश्त समाधान (वन टाइम सेटलमेंट), घर के बदले घर और भूमि के बदले भूमि देने की बात कही गई है। साथ ही अधिकतम 100 वर्ग मीटर तक घर बनाने का प्रावधान और पुनर्वास स्थलों पर 75 वर्ग मीटर तक डुप्लेक्स मकान उपलब्ध कराने का सुझाव भी रिपोर्ट में शामिल है।
पीड़ितों को हरसंभव मदद का भरोसा, राहत कार्यों की प्रगति की समीक्षा की
सीएम धामी ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश– समय पर पहुंचे मदद, लापरवाही बर्दाश्त नहीं
थराली (चमोली)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को आपदा प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं और आवश्यकताओं की जानकारी ली। साथ ही उन्होंने हर संभव मदद का भरोसा भी दिलाया।
सीएम धामी ने मौके पर मौजूद अधिकारियों के साथ राहत एवं बचाव कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रभावितों तक समय पर सहायता पहुँचनी चाहिए और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि आपदा की इस कठिन घड़ी में राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है। प्रशासनिक तंत्र को ग्राउंड जीरो पर सक्रिय रहकर राहत और पुनर्वास कार्यों को तेज़ी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने प्रभावितों से मिलकर हर संभव सहायता देने का भरोसा दिलाया
कुलसारी (चमोली)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कुलसारी पहुंचकर आपदा राहत शिविर का निरीक्षण किया और प्रभावित लोगों से मुलाकात कर उन्हें इस संकट की घड़ी में हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। राहत शिविर में उपलब्ध सुविधाओं और व्यवस्थाओं के संबंध में मुख्यमंत्री ने सीधे पीड़ितों से फीडबैक लिया।

इस दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि प्रभावित नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और सभी आवश्यक सहायता समय पर और पूरी संवेदनशीलता के साथ उपलब्ध कराई जाए। मुख्यमंत्री ने प्रभावितों के पूर्णतः क्षतिग्रस्त मकानों और मृतकों के परिजनों को ₹5-5 लाख की तत्काल सहायता देने के निर्देश दिए। इसके साथ ही थराली क्षेत्र में बेघर हुए लोगों के पुनर्वास की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए भी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पूरी प्रतिबद्धता और संवेदनशीलता के साथ आपदा प्रभावित लोगों के साथ खड़ी है और हर प्रभावित परिवार के लिए राहत एवं सहायता सुनिश्चित की जा रही है।
उत्तरकाशी। उत्तरकाशी जनपद के धराली क्षेत्र में हाल ही में आई भीषण प्राकृतिक आपदा ने जनजीवन को बुरी तरह झकझोर कर रख दिया है। सैकड़ों परिवार बेघर हुए हैं और बड़ी संख्या में लोग बुनियादी जरूरतों जैसे खाद्य सामग्री और गैस सिलेंडर से भी वंचित हैं। इस विकट स्थिति में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने पीड़ितों के लिए राहत का हाथ बढ़ाया है, जिससे 80 सर्वाधिक प्रभावित परिवारों को बड़ी मदद मिलेगी।
80 परिवारों को सर्वाधिक नुकसान
धराली गांव के कुल 280 परिवारों में से 80 परिवार ऐसे हैं जो इस आपदा से सर्वाधिक प्रभावित हुए हैं। इनके पास न तो गैस सिलेंडर है और न ही भोजन पकाने व जीवनयापन की अन्य आवश्यक सामग्री। इनके लिए हर दिन एक नई चुनौती बनकर सामने आ रहा है।
RSS ने भेजा ‘राहत हाथ’
संकटग्रस्त परिवारों की सहायता के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने त्वरित कदम उठाए। ऋषिकेश के नटराज चौक से एक राहत ट्रक को धराली के लिए रवाना किया गया। इस ट्रक में आवश्यक खाद्य सामग्री, दैनिक उपयोग की वस्तुएं और गैस सिलेंडर जैसी जीवनदायिनी सामग्री शामिल है।

सेवा संकल्प का उद्घोष
राहत सामग्री रवाना करते समय राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचारक शैलेन्द्र ने कहा, “राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ हमेशा राष्ट्र और समाज की सेवा के लिए प्रतिबद्ध रहा है। आपदा की इस घड़ी में हमारे स्वयंसेवक पीड़ितों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। यह सिर्फ सामग्री नहीं, बल्कि यह विश्वास है कि हम सब एक हैं और मिलकर हर चुनौती का सामना करेंगे।”
सामाजिक सहयोग से बढ़ा अभियान
इस राहत अभियान में उत्तराखंड हथकरघा एवं हस्तशिल्प विकास परिषद के राज्य मंत्री वीरेंद्र दत्त सेमवाल का भी महत्वपूर्ण सहयोग मिला। ऋषिकेश से राहत सामग्री को रवाना करते समय संघ के प्रांत कार्यवाह दिनेश सेमवाल, ऋषिकेश के महापौर शंभु पासवान, प्रतीक कालिया सहित कई स्वयंसेवक और समाजसेवी मौजूद रहे।
महापौर ने की सराहना
ऋषिकेश के महापौर शंभु पासवान ने संघ की इस पहल की सराहना करते हुए कहा, “यह अत्यंत सराहनीय पहल है। ऐसे समय में जब धराली के लोग गहरे संकट में हैं, संघ की यह मदद उन्हें बड़ी राहत देगी। मैं सभी सामाजिक संगठनों से अपील करता हूँ कि वे आगे आकर पीड़ितों की सहायता करें।”
आपदा की इस भयावह घड़ी में, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और अन्य सामाजिक संगठनों की यह संयुक्त पहल धराली के पीड़ित परिवारों के लिए न केवल भौतिक सहायता, बल्कि एक नई उम्मीद और जीने की हिम्मत लेकर आई है।
कुथनौर, सिलाई बैंड, फूलचट्टी समेत कई क्षेत्रों में मलबा आने से यातायात ठप
उत्तरकाशी। लगातार हो रही भारी बारिश ने यमुनोत्री हाईवे पर संकट और बढ़ा दिया है। कुथनौर, सिलाई बैंड, ओजरी, डाबरकोट, जंगलचट्टी, नारदचट्टी और फूलचट्टी में मलबा व बोल्डर आने के कारण मार्ग कई जगहों पर बंद पड़ा है। वहीं, स्यानाचट्टी में यमुना नदी के मुहाने पर दोबारा मलबा जमने से कृत्रिम झील बनने लगी है। हालांकि नदी का एक छोर खुला होने से पानी की निकासी हो रही है, लेकिन खतरा अभी भी टला नहीं है।
शुक्रवार रात हुई तेज बारिश के बाद यमुना नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया था और तेज प्रवाह से बनी झील का मुहाना अपने आप खुल गया था। अब दोबारा यहां झील बनने से स्थानीय लोग भयभीत हैं। नदी का बहाव यमुनोत्री हाईवे के पुल से महज तीन-चार फीट नीचे है, जिसके कारण आसपास के होटलों के निचले हिस्से अभी भी पानी में डूबे हुए हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि बुधवार को कुपड़ा खड्ड से आए मलबे और बोल्डरों ने यमुना का पानी रोक दिया था, जिससे झील का स्तर तेजी से बढ़ा और देखते ही देखते स्यानाचट्टी के घरों, होटलों और सरकारी स्कूलों में पानी घुस गया। हालात इतने गंभीर हो गए कि हाईवे का पुल भी जलमग्न हो गया और पूरा कस्बा दो मंजिला इमारतों तक डूब गया। लोगों को भागकर दो-तीन किलोमीटर दूर ऊंचे स्थानों पर शरण लेनी पड़ी।
स्यानाचट्टी के जयपाल सिंह रावत, नवदीप और पटमी देवी ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर यह घटना रात में घटित होती तो बड़ी त्रासदी हो सकती थी। दिन में होने के कारण लोग सतर्क रहे और समय रहते अपनी जान बचा सके। उन्होंने चेतावनी दी कि कुपड़ा खड्ड से लगातार आ रहा मलबा अभी भी क्षेत्र के लिए बड़ा खतरा बना हुआ है।
मुख्यमंत्री धामी ने राहत कार्यों की समीक्षा कर पुनर्वास को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए
देहरादून। चमोली जिले के थराली क्षेत्र में आई आपदा को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपदा परिचालन केंद्र में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। उन्होंने प्रभावित परिवारों को त्वरित राहत उपलब्ध कराने और पुनर्वास कार्यों को प्राथमिकता से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने जिलाधिकारी चमोली को आदेश दिए कि आपदा में क्षतिग्रस्त मकानों के मालिकों और मृतकों के परिजनों को तत्काल पाँच-पाँच लाख रुपये की सहायता राशि उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि थराली में बेघर हुए लोगों के लिए अस्थायी आश्रय की व्यवस्था की जाए और पुनर्वास कार्य को तेजी से पूरा किया जाए।
सीएम ने बिजली, पानी, सड़क नेटवर्क जैसी मूलभूत सुविधाओं को जल्द बहाल करने पर जोर देते हुए प्रभावितों को मिलने वाली राहत सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि राहत सामग्री और आवश्यक सामान एक साथ उपलब्ध कराया जाए ताकि प्रभावितों को बार-बार परेशानी का सामना न करना पड़े।
मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी और प्रशासनिक टीम की त्वरित प्रतिक्रिया की सराहना की और कहा कि आपदा प्रभावित अन्य क्षेत्रों में भी इसी प्रकार समन्वित ढंग से राहत व बचाव कार्य सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की तत्परता की भी प्रशंसा की।
धामी ने राज्य में अगले दो दिनों तक जारी ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए सभी जिलाधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने, आवश्यक उपकरण और आपदा प्रबंधन सामग्री संवेदनशील इलाकों में पहले से ही उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने चमोली (थराली), पौड़ी (सैजी) और उत्तरकाशी (धराली) में हाल ही में आई आपदाओं के पैटर्न का अध्ययन करने के लिए विशेषज्ञों और वैज्ञानिकों की एक समिति गठित कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने का आदेश दिया। बैठक में मुख्य सचिव सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
कांग्रेस ने साधा निशाना, कहा -अंकिता भंडारी मामले में वीआईपी को बचाया अब हिमांशु चमोली को बचाने में जुटी भाजपा
देहरादून। उत्तराखंड कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि जिस तरह अंकिता भंडारी हत्याकांड में सरकारी मशीनरी ने मुख्य आरोपी को बचाने का काम किया, उसी तरह जितेंद्र नेगी आत्महत्या मामले में भी भाजपा नेताओं को संरक्षण दिया जा रहा है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करण माहरा ने शनिवार को कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि मृतक जितेंद्र नेगी ने अपने वीडियो संदेश में भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश मंत्री हिमांशु चमोली को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया था। इसके बावजूद पुलिस ने एक ही घटना की दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं, जिससे केस कमजोर करने की कोशिश साफ दिखाई देती है।
माहरा ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मांग की कि थाना स्तर पर दर्ज की गई दूसरी एफआईआर को तत्काल रद्द किया जाए और दोहरी एफआईआर दर्ज करने वाले पुलिस अधिकारियों को निलंबित किया जाए। उन्होंने कहा कि यह पूरे प्रदेश के लिए हैरानी की बात है कि मृतक के पिता की ओर से 21 अगस्त को दर्ज की गई रिपोर्ट में आरोपी का स्पष्ट उल्लेख होने के बावजूद, कुछ देर बाद उसी घटना की एक और रिपोर्ट अवैध हथियार की धारा में दर्ज कर ली गई।
कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के दबाव में पुलिस मुख्य आरोपी को बचाने में जुटी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पीड़ित परिवार से फोन पर संवेदना जताने का दिखावा कर रहे हैं, जबकि उनकी पुलिस ही मामले को कमजोर कर रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में कानून व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है और भाजपा शासन में “जंगल राज” कायम है। अंकिता भंडारी हत्याकांड, चंपावत-काशीपुर की घटनाएं, हरिद्वार की नाबालिग से दुष्कर्म और पंचायत चुनावों में हुई धांधलियां इसका प्रमाण हैं। यहां तक कि राष्ट्रपति के दौरे के दौरान भी डकैतियां हुईं, जो प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलती हैं।
माहरा ने चेतावनी दी कि कांग्रेस आने वाले दिनों में बिगड़ती कानून व्यवस्था और महिलाओं पर बढ़ते अपराध के खिलाफ बड़ा आंदोलन करेगी।
इस मौके पर प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना, विधायक लखपत बुटोला, पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण, महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला, प्रवक्ता शीशपाल सिंह, सुजाता पॉल, डॉ. प्रतिमा सिंह, महामंत्री नवीन जोशी और आईटी विभाग अध्यक्ष विकास नेगी भी मौजूद रहे।
भाजपा उत्तराखंड के प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम से दिल्ली में मिले सांसद त्रिवेन्द्र
नई दिल्ली। सांसद हरिद्वार एवं उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने आज नई दिल्ली में भाजपा उत्तराखंड के प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर गढ़वाल सांसद एवं भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख अनिल बलूनी भी उपस्थित रहे।
भेंट के दौरान उत्तराखंड से जुड़े विभिन्न समसामयिक विषयों एवं संगठनात्मक गतिविधियों पर सारगर्भित चर्चा हुई। इस संवाद में राज्य के विकास, संगठन की मजबूती तथा आने वाले समय की रणनीति को लेकर सकारात्मक विचार-विमर्श किया गया।
सांसद त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि गौतम का मार्गदर्शन उत्तराखंड में भाजपा संगठन को और अधिक सुदृढ़ बनाने में सहायक होगा।
मसूरी कार्यक्रम में तीरथ सिंह रावत का तीखा बयान, भ्रष्टाचार पर साधा निशाना
देहरादून। मसूरी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने प्रदेश की नौकरशाही और व्यवस्था पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राज्य बनने के बावजूद भ्रष्टाचार की रफ्तार नहीं थमी, फर्क सिर्फ इतना है कि अब “ड्राइवर और यात्री दोनों यहीं के हो गए हैं।” रावत ने तंज कसते हुए कहा कि पहले जब उत्तराखंड उत्तर प्रदेश का हिस्सा था, तब अफसर यहां से “ट्रक भरकर” ले जाते थे, लेकिन अब भरने वाले भी यहीं के हैं और खाने-खिलाने वाले भी। कार्यक्रम में उनकी यह टिप्पणी सुनकर लोग भले चौंके, लेकिन तालियों से समर्थन भी जताया।
रावत ने उत्तराखंड आंदोलन की याद दिलाते हुए कहा कि कभी लोग “कोदा-झंगोरा खाएंगे, उत्तराखंड बनाएंगे” का जज्बा रखते थे, मगर आज उस पर कोई बात नहीं करता। उन्होंने साफ कहा कि जिन सपनों के लिए राज्य बना था, वह अब भी अधूरा है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने अधिकारियों की भूमिका पर भी सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि जैसे कुछ नेता ईमानदार होते हैं और कुछ भ्रष्ट, वैसे ही अफसर भी दो तरह के होते हैं। जब तक सरकार योजनाबद्ध ढंग से काम नहीं करेगी, जनता का भला संभव नहीं।
उन्होंने सुझाव दिया कि राज्य के विकास के लिए नेताओं, अफसरों, कलाकारों और समाज के सभी वर्गों को मिलकर आगे आना होगा। ईमानदारी और जनसेवा का भाव ही उत्तराखंड को प्रगति की राह पर ले जाएगा, वरना आंदोलनकारियों की कुर्बानियां व्यर्थ चली जाएंगी।
