देहरादून। चमोली जिले के थराली में बादल फटने से भारी तबाही हुई है। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने बादल फटने की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए दुख जताया है।
उन्होंने कहा कि जनपद चमोली के थराली क्षेत्र में देर रात बादल फटने की दुःखद सूचना प्राप्त हुई है। जिला प्रशासन, एसडीआरएफ, पुलिस मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्यों में जुटे हुए हैं। उन्होंने बताया कि 20 से 25 भवनों को मलबे से नुकसान पहुंचा है, जिनमें दो मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गए। इस हादसे में एक महिला का शव बरामद हुआ है, जबकि एक व्यक्ति अब भी लापता है। आपदा में पाँच लोग घायल हुए हैं। जिन्हें एयरलिफ्ट कर हायर सेंटर भेजने की कोशिश की जा रही है, लेकिन खराब मौसम राहत-बचाव कार्य में बड़ी बाधा बन रहा है। सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है।
प्रदेश के पर्यटन, लोक निर्माण, सिंचाई, पंचायतीराज, ग्रामीण निर्माण, जलागम, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार थराली क्षेत्र में आपदा राहत कार्य तेज से चल रहे हैं। जिला प्रशासन के साथ ही एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी और एसएसबी द्वारा संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। घायलों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया गया है।
सीएम ने जनप्रतिनिधियों से ली आपदा की जानकारी
चमोली। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चमोली जनपद के थराली क्षेत्र में शुक्रवार देर रात बादल फटने के कारण मलबे में दबने से एक युवती के निधन पर गहरा दुःख प्रकट करते हुए एक व्यक्ति के लापता होने की सूचना पर उनके सुरक्षित व सकुशल होने की कामना की है। इस बीच मुख्यमंत्री के निर्देश पर पुलिस, आपदा प्रबंधन विभाग और जिला प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचकर बचाव और राहत कार्य में जुट गई हैं।
बता दें कि थराली तहसील क्षेत्र के टूनरी गदेरे में शुक्रवार देर रात बादल फटने से थराली बाजार और आसपास के क्षेत्र में भारी मलबा आ गया। मलबे की चपेट में आने से एसडीएम आवास सहित कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए। दुकानों में मलबा भर गया। कई वाहन भी मलबे में दब गए। सूचना मिलते ही राहत और बचाव कार्य के लिए डीडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच चुकी है। वहीं एसडीआरएफ और एनडीआरफ की टीम आपदा क्षेत्र के लिए रवाना हो गई है। कर्णप्रयाग ग्वालदम सड़क भारी बारिश के चलते कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गई है। जिसे सुचारू करने का कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है।
जनप्रतिनिधियों से भी सीएम धामी ने ली जानकारी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चमोली जनपद के जनप्रतिनिधियों से टेलीफोन पर वार्ता कर बादल फटने से हुए नुकसान की विस्तृत जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने आपदा पर गहरा दुःख जताते हुए सभी जनप्रतिनिधियों से राहत और बचाव कार्यों में जिला प्रशासन का सहयोग करने का अनुरोध किया है। इसके साथ उन्होंने स्थानीय विधायक से वार्ता कर उनसे मौके पर रहकर राहत एवं बचाव कार्यो का भौतिक निरीक्षण करने की अपेक्षी की है।
गणेश जोशी ने अधिकारियों को सर्वेक्षण तेज करने और किसानों को शीघ्र मुआवजा देने के निर्देश दिए
देहरादून। प्रदेश के कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने अपने कैंप कार्यालय में कृषि एवं उद्यान विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर अतिवृष्टि से किसानों की फसलों को हुए नुकसान की समीक्षा की।
बैठक में कृषि मंत्री गणेश जोशी ने अधिकारियों से प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाय। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि फसलों के नुकसान का नियमित रूप से सर्वेक्षण कर प्रतिदिन की रिपोर्ट मंत्रालय को भेजी जाए। कृषि मंत्री जोशी ने स्पष्ट किया कि भारत सरकार के मानकों के अनुसार शीघ्र कागजी कार्यवाही पूरी कर किसानों को मुआवजा उपलब्ध कराया जाए, ताकि आपदा से प्रभावित कृषकों को तुरंत राहत मिल सके।
बैठक के दौरान किसानों की फसलों को हुए नुकसान की क्षतिपूर्ति के लिए भारत सरकार की ओर से तय मानकों के अतिरिक्त राज्य सरकार की ओर से भी किसानों को उनकी फसलों की क्षतिपूर्ति के लिए अतिरिक्त सहायता देने पर भी चर्चा की गई। इस संबंध में कृषि मंत्री गणेश जोशी ने अधिकारियों को शीघ्र आंकलन कर प्रस्ताव तैयार करने के भी निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के साथ खड़ी है और किसान भाइयों की हर संभव मदद की जाएगी।
बैठक में अधिकारियों द्वारा बताया गया कि प्रदेश में अतिवृष्टि के कारण कृषि भूमि में सिंचित और असिंचित मिलाकर लगभग 28 हैक्टेयर क्षेत्रफल में नुकसान हुआ है। इसी प्रकार उद्यान क्षेत्र में 4800 हैक्टेयर में फसलों को क्षति पहुँची है। अधिकारियों ने बताया कि उपरोक्त क्षति का क्षेत्रफल भारत सरकार के आपदा के मानकों के अनुसार 33 प्रतिशत से अधिक है, जो मुआवजा वितरण की श्रेणी में आता है।
इस अवसर पर कृषि महानिदेशक रणवीर सिंह चौहान, निदेशक कृषि परमाराम, बागवानी मिशन महेंद्र पाल, संयुक्त निदेशक दिनेश कुमार आदि उपस्थित रहे।
सड़क मार्ग ठप, थराली-देवाल-नारायणबगड़ ब्लॉकों में स्कूल बंद
सीएम धामी ने जताया दुख, स्थिति पर खुद रख रहे नजर
चमोली। उत्तराखंड के चमोली जिले में देर रात बादल फटने से हालात भयावह हो गए। थराली तहसील के टूनरी गदेरा और आसपास के इलाकों में अचानक आए सैलाब ने तबाही मचा दी। थराली बाजार, कोटदीप, चेपड़ों और सागवाड़ा सहित कई जगहों पर मलबा भर गया। घरों और दुकानों को भारी नुकसान पहुंचा है, जबकि कई वाहन मलबे में दब गए।
राहत और बचाव कार्यों के लिए गौचर से एनडीआरएफ और आईटीबीपी, ग्वालदम से एसएसबी की टीमें रवाना हो चुकी हैं। स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें भी मौके पर जुटी हैं। जानकारी के अनुसार, एक युवती समेत दो लोग लापता बताए जा रहे हैं।
तहसील परिसर के राड़ीबगड़ क्षेत्र में बरसाती गदेरा उफान पर आ गया जिससे एसडीएम आवास भी मलबे से प्रभावित हुआ। देर रात एसडीएम और अन्य अधिकारी सुरक्षित स्थानों पर पहुंच गए। थराली-ग्वालदम मार्ग और थराली-सागवाड़ा मार्ग भी भूस्खलन और मलबे के कारण बंद हो गए हैं।
सागवाड़ा गांव में एक व्यक्ति और 20 वर्षीय युवती के मलबे में दबने की सूचना है। वहीं, प्रशासन ने भारी बारिश को देखते हुए थराली, देवाल और नारायणबगड़ ब्लॉकों के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है।
सीएम धामी ने जताया दुख
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चमोली जिले में बादल फटने की घटना पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने बताया कि प्रशासन, एसडीआरएफ और पुलिस राहत-बचाव कार्य में पूरी तरह जुटे हुए हैं और वे स्वयं स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
पुस्तकालयों में महापुरुषों की जीवनी व मैगजीन भी अनिवार्य
देहरादून: प्रोजेक्ट ‘उत्कर्ष’ के तहत जिले के सभी सरकारी स्कूल फर्नीचरयुक्त हो गए हैं और बच्चों को आधुनिक पठन-पाठन व खेल सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं।
प्रोजेक्ट के तहत 46 विद्यालयों में विद्युत संयोजन, 1248 विद्यालयों में व्हाइट बोर्ड, 348 में पानी की टंकी, 754 में मंकी नेट, 246 में झूले, 337 में बेबी स्लाइड, 46 में वॉलीबॉल कोर्ट, 109 में बैडमिंटन कोर्ट और 93 विद्यालयों में वॉल पेंटिंग कराई गई है। 39 प्राथमिक और 45 माध्यमिक विद्यालय फर्नीचरयुक्त किए गए हैं। हर कक्षा में एलईडी स्क्रीन लगाने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।
केजीबीवी कोरवा (कालसी) में डिजिटल बोर्ड, सीसीटीवी कैमरे, इंटरनेट कनेक्शन, रोटीमेकर, वॉटर प्यूरीफायर, डाइनिंग टेबल-कुर्सियां, हीटर और अन्य आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध करा दी गई हैं। छात्रावास में खेल मैदान का समतलीकरण, कोबरा फेंसिंग, पेयजल व वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था भी की जा रही है।
बच्चों को मिलेगी आधुनिक शिक्षा और खेल सुविधाएँ
प्रोजेक्ट उत्कर्ष के अंतर्गत 215 राजकीय विद्यालयों को सीएसआर मद से 6801 फर्नीचर उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अलावा डीएमएफ, हुडको और ओएनजीसी ने भी विशेष सहयोग दिया है।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि प्रत्येक विद्यालय की लाइब्रेरी में समाचार पत्र, सामान्य ज्ञान की पुस्तकें, महापुरुषों की जीवनियाँ, आत्मकथाएँ और प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित किताबें अनिवार्य रूप से रखी जाएँ। बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ खेल और कौशल विकास से भी जोड़ा जा रहा है, ताकि वे भविष्य की प्रतिस्पर्धाओं के लिए तैयार हो सकें।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार ढौंडियाल, जिला शिक्षा अधिकारी और खंड शिक्षा अधिकारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
196 पदों पर ग्रेड पे सहित एसीपी लाभ प्रदान करने का आदेश जारी
देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के चिकित्सकों को बड़ी राहत और सौगात दी है। प्रांतीय चिकित्सा सेवा संवर्ग के चिकित्साधिकारियों को अब एसडी एसीपी (SD ACP) का लाभ प्रदान किया जाएगा। इस संबंध में स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने आदेश जारी कर दिए हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ हमारे डॉक्टर हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर पहाड़ की कठिन परिस्थितियों में भी चिकित्सक पूरी निष्ठा से कार्य कर रहे हैं। उनके हितों का ध्यान रखना हमारी प्राथमिकता है। एसीपी का लाभ मिलने से चिकित्सकों को न केवल आर्थिक मजबूती मिलेगी बल्कि सेवा के प्रति और अधिक समर्पण की भावना भी बढ़ेगी। सरकार हमेशा अपने डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के साथ खड़ी है।
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि सरकार के आदेशानुसार प्रांतीय चिकित्सा सेवा संवर्ग के चिकित्साधिकारियों को एसीपी का लाभ शासनादेश संख्या 654 (दिनांक 14.07.2016) तथा शासनादेश संख्या 154 (दिनांक 04.02.2019) में निहित प्रावधानों के तहत प्रदान किया जाएगा। स्क्रीनिंग कमेटी की संस्तुति के आधार पर इस लाभ की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। कुल 196 पदों का विवरण इस प्रकार है। लेवल 11 में 70 पद स्वीकृत हैं जिनका ग्रेड पे ₹5400 है। लेवल 12 में 56 पद हैं जिनका ग्रेड पे ₹6600 निर्धारित है। लेवल 13 में दो श्रेणियाँ हैं, जिनमें 27 पद ₹7600 ग्रेड पे तथा 43 पद ₹8700 ग्रेड पे वाले हैं। इस प्रकार कुल मिलाकर सभी स्तरों को मिलाकर 196 पद बनते हैं।
इस फैसले से बड़ी संख्या में चिकित्साधिकारियों को लाभ मिलेगा और स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सशक्त बनाने में मदद मिलेगी।
परेड ग्राउंड में आयोजित होगा राष्ट्रीय खेल दिवस पर रंगारंग समारोह
खेल निदेशालय में आयोजित बैठक में कैबिनेट मंत्री ने की तैयारी की समीक्षा
देहरादून। 38 वे राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड के लिए पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को उनकी नगद इनाम धनराशि 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस के समारोह में प्रदान की जाएगी। इनके अलावा प्रदेश के खिलाड़ियों को कुल मिलाकर लगभग 22 करोड रुपए की धनराशि इस दिन वितरित की जाएगी।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने शुक्रवार को खेल निदेशालय के सभागार में आयोजित बैठक में इस समारोह की तैयारी की समीक्षा की। बैठक के बाद खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि परेड ग्राउंड में 29 अगस्त को भव्य समारोह आयोजित किया जाएगा। जिसमे पांडवाज बैंड की परफॉर्मेंस भी होगी। इसके अलावा योगासन और मलखंब जैसी खेल विधाओं का प्रदर्शन भी समारोह में किया जाएगा।
खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि समारोह में 38 वे राष्ट्रीय खेल के पदक विजेताओं को उनकी नगद इनाम धनराशि के 11.69 करोड़ रुपए प्रदान किए जाएंगे। इसके अलावा विभिन्न राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में उत्तराखंड के लिए पदक जीतने वाले कुल 432 खिलाड़ियों और अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में देश के लिए पदक जीतने वाले उत्तराखंड के 27 खिलाड़ियों को भी नगद इनाम धनराशि वितरित की जाएगी।
खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि समारोह में मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना के अंतर्गत 8 से 14 वर्ष तक के 3900 चयनित खिलाड़ियों को 1 करोड़ 75 लाख रुपए से ज्यादा की धनराशि खातों में ट्रांसफर की जाएगी। इसके अलावा मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना के तहत राज्य के 14 से 23 वर्ष तक के 2199 चयनित खिलाड़ियों को 3 करोड़ 97 लाख रुपए से ज्यादा की धनराशि डीबीटी की जाएगी। इन दोनों योजनाओं के लाभार्थियों को 3 महीने मई, जून और जुलाई की राशि एक साथ दी जा रही है।
बैठक में खेल निदेशक आशीष चौहान, अपर निदेशक अजय अग्रवाल, उपनिदेशक शक्ति सिंह और महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज के प्राचार्य राजेश मंमगाई आदि उपस्थित रहे।
सीएम धामी ने केंद्रीय मंत्री से की कुंभ 2027 के लिए विकास परियोजनाओं में सहयोग की मांग
देहरादून/नई दिल्ली। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल खट्टर से भेंट की और राज्य के लिए कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश, हरिद्वार और अन्य तीर्थ क्षेत्रों में आगामी कुंभ 2027 को ध्यान में रखते हुए बुनियादी ढांचे के विकास तथा आवास योजनाओं से जुड़े विषयों पर केंद्र सरकार से सहयोग का अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश के गंगा कॉरिडोर में HT/LT विद्युत लाइनों के भूमिगतकरण और स्वचालन से जुड़े ₹547.83 करोड़ की डीपीआर को RDSS योजना के अंतर्गत स्वीकृति प्रदान करने हेतु केंद्रीय मंत्री का आभार जताया। साथ ही हरिद्वार कुंभ क्षेत्र के लिए ₹315 करोड़ के समान प्रस्ताव को भी RDSS योजना में सम्मिलित करते हुए शीघ्र अनुमोदन का अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के दिशा-निर्देशों के अंतर्गत Whitelisting और Redeemable वाउचर प्रणाली के कारण निजी डेवलपर्स परियोजनाओं में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। उन्होंने पूर्ववर्ती 40:40:20 की चरणबद्ध भुगतान प्रणाली को पुनः लागू करने हेतु अनुरोध किया ताकि योजना के क्रियान्वयन में तेजी लाई जा सके।
मुख्यमंत्री ने अवगत कराया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में राज्य में एएचपी घटक के अंतर्गत 15960 आवासीय इकाइयों का निर्माण प्रगति पर है। इनमें से 15281 इकाइयां लाभार्थियों को आवंटित की जा चुकी हैं। परंतु ईडब्ल्यूएस वर्ग के लाभार्थियों की असंगठित आय एवं कम CIBIL स्कोर के कारण अग्रणी बैंकों से ऋण सुविधा नहीं मिल पा रही है। उन्होंने केंद्र सरकार से अनुरोध किया कि बैंकों, एनबीएफसी, एसएलबीसी और आरबीआई को इस विषय में विशेष दिशा-निर्देश जारी किए जाएं ताकि अधिक से अधिक लाभार्थी योजना का लाभ उठा सकें।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ऋषिकेश-गंगा, हरिद्वार-गंगा और टनकपुर स्थित शारदा रिवरफ्रंट को विश्व स्तरीय धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के रूप में विकसित कर रही है। उन्होंने टीएचडीसी की सीएसआर निधि से ₹100 करोड़ के सहयोग का अनुरोध करते हुए कहा कि यह प्रयास न केवल “नमामि गंगे” कार्यक्रम को बल देगा, बल्कि सतत पर्यटन और स्थानीय आजीविका को भी बढ़ावा देगा।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि केंद्र सरकार से अपेक्षित सहयोग प्राप्त होने पर उत्तराखंड आगामी कुंभ के भव्य, सुरक्षित एवं पर्यावरणीय रूप से संवेदनशील आयोजन के साथ-साथ आवास एवं आधारभूत संरचना विकास के क्षेत्र में एक नई ऊँचाई प्राप्त करेगा।
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने हर सम्भव सहयोग के प्रति आश्वस्त किया।
स्यानाचट्टी के घरों और होटलों में घुसा पानी, लोगों में दहशत
स्यानाचट्टी। उत्तरकाशी जनपद में एक बार फिर कुदरत ने अपना रौद्र रूप दिखाया है। पहले धराली और अब स्यानाचट्टी क्षेत्र भारी मलबे और पत्थरों से प्रभावित हो रहा है। कुपड़ा खड्ड से लगातार मलबा और बोल्डर बहकर आने से यमुना नदी में बनी झील का जलस्तर खतरनाक स्तर तक बढ़ गया है। इसके चलते स्यानाचट्टी के कई घरों और होटलों में पानी घुस गया, जिससे लोगों में दहशत फैल गई।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने स्यानाचट्टी, कुथनौर और खरादी क्षेत्र के सभी भवनों व होटलों को खाली करवा दिया। अब तक करीब 300 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जा चुका है। वहीं, खतरे की आशंका के कारण कई ग्रामीण अपने मूल गांवों – स्यालना, पुजारगांव, पाली और भंसाड़ी लौट गए हैं।
हालांकि दिन में मौसम साफ होने से कुछ राहत मिली और जलस्तर घटा, लेकिन देर शाम दोबारा भारी मलबा आने से संकट और बढ़ गया। तेज धूप में भी कुपड़ा खड्ड से लगातार मलबा और पत्थर आ रहे हैं, जिसके चलते नदी का प्रवाह रुक-रुककर प्रभावित हो रहा है।
यमुनोत्री हाईवे पर बना पुल भी झील के बढ़ते जलस्तर से आधा डूब चुका है, जिससे राहत एवं बचाव कार्य प्रभावित हो रहे हैं। सिंचाई विभाग की तीन पोकलेन मशीनें नदी का प्रवाह सामान्य करने का प्रयास कर रही हैं, लेकिन बार-बार मलबा आने से काम अधर में लटका है।
स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए, ताकि हर बार बारिश में स्यानाचट्टी और आसपास के लोगों को इस भय से जूझना न पड़े। वहीं, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर डटी हुई हैं और स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में वर्चुअल माध्यम से जुड़े ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी
देहरादून। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आगामी सितम्बर माह में होने वाले चिंतन शिविर कार्यक्रम के संबंध में आयोजित वर्चुअल बैठक में उत्तराखंड के ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने भी वर्चुअल माध्यम से प्रतिभाग किया।
बैठक में देशभर के विभिन्न राज्यों के ग्राम्य विकास विभाग से जुड़े मंत्री एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 4-5 सितम्बर, 2025 को राजस्थान के उदयपुर में प्रस्तावित चिंतन शिविर के सफल आयोजन हेतु सभी राज्यों से सुझाव आमंत्रित किए।
इस अवसर पर प्रदेश के ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि यह चिंतन शिविर ग्रामीण विकास की नीतियों को और अधिक प्रभावी बनाने में मील का पत्थर सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार ग्राम्य विकास के क्षेत्र में केंद्र की योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मंत्री जोशी ने ग्रामीण आजीविका, स्वावलंबन, स्वरोजगार एवं प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को बढ़ावा देने से जुड़े अपने सुझाव भी साझा किए।
इस दौरान मंत्री जोशी ने अधिकारियों को नॉर्थ ईस्ट के हिमालयी राज्यों का अध्ययन करने के भी निर्देश दिए, ताकि पर्वतीय राज्यों में ग्राम्य विकास से संबंधित योजनाओं का बेहतर और व्यावहारिक क्रियान्वयन किया जा सके।
इस अवसर पर आयुक्त ग्राम्य विकास अनुराधा पाल, अपर सचिव ग्राम्य विकास झरना कमठान सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
