खेल मंत्री ने महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में किया झंडारोहण
देहरादून। स्वतंत्रता दिवस पर खेल मंत्री रेखा आर्या ने महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज प्रांगण में झंडारोहण किया। इस अवसर पर उन्होंने सभी प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दी।
झंडारोहण के पश्चात स्पोर्ट्स कॉलेज के छात्रों को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि आज के दौर में अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक पालन करना ही सच्ची देशभक्ति है। खेल मंत्री ने कहा कि हमारा जो भी कर्तव्य है उसे ईमानदारी और निष्ठा के साथ करके हम देश के विकास में अपना योगदान दे सकते हैं। उन्होंने युवाओं से कहा कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में सबसे बड़ी भूमिका युवा शक्ति की होने वाली है।
खेल मंत्री रेखा आर्या ने भावी खिलाड़ियों को प्रेरित करते हुए कहा कि 2036 का ओलंपिक भारत में आयोजित होने की पूरी संभावना है और इसके लिए वे अभी से तैयारी में जुट जाएं।
इस अवसर पर खेल मंत्री ने हाल ही में नोएडा में आयोजित अंडर 15 सब जूनियर नेशनल बॉक्सिंग प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीतने वाले खिलाड़ी मनीष कोरंगा को सम्मानित भी किया।
कार्यक्रम में खेल निदेशक आशीष चौहान, अपर निदेशक अजय अग्रवाल, उपनिदेशक शक्ति सिंह, स्पोर्ट्स कॉलेज के प्राचार्य राजेश मंमगाई आदि उपस्थित रहे।
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर सीएम धामी का भावुक संबोधन, पीड़ितों के त्याग को किया नमन
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरूवार को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर काशीपुर, ऊधमसिंहनगर में आयोजित कार्यक्रम में वर्चुअल प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने विभाजन स्मृति स्मारक स्थल का शिलान्यास किया।
मुख्यमंत्री ने देश के विभाजन का दंश झेलने वालों को नमन करते हुए कहा कि 14 अगस्त 1947 का दिन हम कभी नहीं भूल सकते, जब मजहब की आड़ में भारत को दो हिस्सों में बाँट दिया गया। जहां एक ओर 15 अगस्त 1947 को पूरा देश आजादी का जश्न मनाने की तैयारी कर रहा था वहीं, उससे ठीक एक दिन पहले ही, देश को दो टुकड़ों में बाँट दिया गया। करोड़ों लोगों को विभाजन की विभिषिका से गुजरते हुए अपने घर, गाँव, खेत-खलिहान, दुकान-व्यापार और अपनों से बिछड़कर शरणार्थी के रूप में रहने को मजबूर होना पड़ा। आज भी उन लोगों की आँखों में वो पीड़ा है, जिनके माँ-बाप इतिहास के उस काले दौर में उन्हें छोड़ कर इस दुनिया से चले गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी के लिए यह समझ पाना भी कठिन है कि देश की स्वतंत्रता के समय विभाजन की विभीषिका से गुज़रने वाले लोगों ने उस दौर में किस अकल्पनीय पीड़ा, भय और संघर्ष को सहा था। देश की आजादी के बदले किये गये उनके त्याग और बलिदान की भरपाई कर पाना असंभव है। उनके इस त्याग, बलिदान और पीड़ा के महत्त्व को समझते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2021 में 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मरण दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया ताकि आने वाली पीढ़ियां अपने पूर्वजों द्वारा किए गए त्याग और बलिदान को हमेशा याद रख सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह विभाजन केवल एक भूभाग का बँटवारा नहीं था, बल्कि लाखों लोगों की जिंदगियों और उनकी सांस्कृतिक पहचान का भी विभाजन था। मानव विस्थापन का इतना भयानक और विकराल रूप इतिहास ने पहले कभी नहीं देखा था। मुख्यमंत्री ने उस वैमनस्य और दुर्भावना का डटकर सामना करने वाले लोगों के प्रति संवेदना प्रकट की जिन्होंने विभाजन की त्रासदी झेलने के बाद भी अपने धर्म, संस्कृति और राष्ट्र के प्रति अटूट विश्वास को बनाए रखा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का समग्र विकास हो रहा है। हमारी सांस्कृतिक धरोहरों, परंपराओं और मूल्यों के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में अनेक कार्य किए जा रहे हैं। अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर का निर्माण, बद्रीनाथ और केदारनाथ धामों का पुनर्निर्माण, बाबा विश्वनाथ के गलियारे का विस्तार, महाकाल लोक का निर्माण और करतारपुर साहिब कॉरिडोर के निर्माण कार्यों के माध्यम से हमारी धार्मिक विरासत को दिव्यता और भव्यता के साथ पुनर्स्थापित कर देश में सांस्कृतिक पुनर्जागरण की नई धारा प्रवाहित की जा रही है। कश्मीर से धारा 370 की समाप्ति, ट्रिपल तलाक जैसी कुप्रथा का अंत, सीएए एवं वक्फ संशोधन कानून लागू करने तथा 1984 के दंगा पीड़ितों को न्याय दिलाने जैसे निर्णयों के माध्यम से एक भारत, श्रेष्ठ भारत की परिकल्पना को भी साकार रूप प्रदान किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड विकास और समृद्धि के नए आयाम स्थापित कर रहा है। राज्य में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल सहित सभी महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जा रहा है। राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में भी निरंतर कार्य किया जा रहा है। केदारखंड की भांति ही मानसखंड के पौराणिक मंदिरों के भी पुनरुत्थान एवं सौंदर्यीकरण का कार्य किया जा रहा है। काशीपुर के चैती मंदिर को मानसखंड कॉरिडोर का हिस्सा बनाया है। हेमकुंड साहिब आने वाले सिख श्रद्धालुओं की यात्रा को और अधिक सुरक्षित और सहज बनाने के लिए गोविंद घाट से हेमकुंड साहिब तक 12.5 किलोमीटर लंबे रोपवे का निर्माण किया जा रहा है। उत्तराखण्ड देश में सबसे पहले समान नागरिक संहिता को लागू करने वाला राज्य है। देश का सबसे प्रभावी नकल विरोधी कानून लागू होने के बाद लगभग 24 हजार से अधिक युवा सरकारी नौकरियां पाने में सफलता प्राप्त की है। राज्य सरकार उत्तराखंड के सांस्कृतिक मूल्यों और डेमोग्राफी को संरक्षित रखने के लिये पूर्ण रूप से संकल्पबद्ध होकर काम कर रही है। प्रदेश में सख्त धर्मांतरण विरोधी और दंगा विरोधी कानूनों को लागू किया है। प्रदेश में सात हजार एकड़ से अधिक की सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, सांसद अजय भट्ट, मेयर काशीपुर दीपक बाली, मेयर रूद्रपुर विसा शर्मा, विधायक त्रिलोक सिंह चीमा, पूर्व विधायक हरभजन सिंह चीमा,स्वामी हरि चैतन्या महाराज, अजय मौर्य एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
अल्मोड़ा। भारतीय जनता पार्टी की अधिकृत उम्मीदवार हेमा गैडा ने अल्मोड़ा जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में जीत दर्ज की है ।उन्होंने अपनी निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस प्रत्याशी को 4 वोट के अंतर से हराया। भाजपा की चुनाव प्रभारी कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने इस जीत का श्रेय पार्टी संगठन एवं कार्यकर्ताओं को दिया।
प्रदेश भर में अल्मोड़ा जनपद में जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर चुनाव सबसे रोचक मुकाबलों में से एक था और सभी राजनीतिक विश्लेषकों की नजर इस पर थी। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए कुल 45 वोट पड़े। इनमें से भाजपा की हेमा गैड़ा ने 24 वोट प्राप्त कर अपनी निकटतम प्रतिद्वंदी कांग्रेस की सुनीता कुंजवाल को 4 मतों से हराया। सुनीता कुंजवाल को 20 वोट मिले जबकि उक्रांद की सरस्वती किरौला को 1 वोट मिला।

चुनाव परिणाम आने के बाद चुनाव प्रभारी कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि अल्मोड़ा में जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज कर भाजपा ने एक बार फिर जनता का विश्वास जीता है। उन्होंने कहा कि इस जीत का श्रेय पूरी तरह संगठन और पार्टी कार्यकर्ताओं को जाता है। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि अल्मोड़ा के ग्रामीण अंचल में अब ट्रिपल इंजन की सरकार बन गई है और इससे विकास की गति और तेज होगी।
डीएम सविन बंसल का निर्देश – तीन दिन में पोल्ट्री फार्म से रैंडम सैंपल जांच को भेजें
देहरादून। उत्तर प्रदेश में बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद देहरादून जिला प्रशासन सतर्क मोड पर आ गया है। रोकथाम के लिए जिलाधिकारी सविन बंसल ने ऋषिपर्णा सभागार में संबंधित विभागों की बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि बर्ड फ्लू (एवियन इन्फ्लूएंजा) पक्षियों में अत्यधिक संक्रामक रोग है, जो दुर्लभ मामलों में मनुष्यों को भी प्रभावित कर सकता है, इसलिए सतर्कता बेहद जरूरी है।
बैठक में जिलाधिकारी ने पशुपालन विभाग को आदेश दिया कि जनपद के सभी 170 पोल्ट्री फार्म से तीन दिनों के भीतर रैंडम सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे जाएं और नियमित निगरानी रखी जाए। रैपिड रिस्पांस टीम को सक्रिय किया गया है, जबकि वन विभाग को तालाब, झील और नदियों के आसपास पक्षियों पर नजर रखने और मृत या बीमार पक्षियों की सूचना तुरंत पशु चिकित्सा विभाग को देने के निर्देश दिए गए। फिलहाल जिले में बर्ड फ्लू का कोई मामला सामने नहीं आया है, इसलिए पोल्ट्री पर प्रतिबंध नहीं लगाया गया है।
डीएम ने पुलिस विभाग को यूपी सीमा पर चेक पोस्ट स्थापित करने और बाहर से आने वाले जिंदा मुर्गे, मुर्गा मांस और अंडों पर अग्रिम आदेश तक रोक लगाने का निर्देश दिया। साथ ही अनाधिकृत मीट की दुकानों को सीज करने और एसडीएम, पशु चिकित्साधिकारी तथा नगर निकायों को पोल्ट्री फार्म एसोसिएशन व मुर्गा मांस व्यापारियों के साथ बैठक कर जागरूकता फैलाने को कहा।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह, एसडीएम कुमकुम जोशी, उप नगर आयुक्त संतोष कुमार पांडेय, सीएमओ डॉ. मुकेश कुमार शर्मा, सीवीओ डॉ. एस.सी. जोशी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
भूस्खलन शमन, भूविज्ञान और भवन अनुसंधान संस्थानों के विशेषज्ञ कर रहे स्थलीय जांच
धराली। आपदा प्रभावित धराली क्षेत्र में नुकसान और घटना के संभावित कारणों की जांच के लिए शासन द्वारा गठित विशेषज्ञों की टीम मौके पर पहुँची। टीम में उत्तराखंड भूस्खलन शमन एवं प्रबंधन केंद्र (ULMMC) के निदेशक शांतनु सरकार, केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (CBRI) रुड़की के मुख्य वैज्ञानिक डॉ. डी.पी. कानूनगो, भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) के निदेशक रवि नेगी, वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान के वैज्ञानिक डॉ. अमित कुमार और ULMMC के प्रधान सलाहकार मोहित कुमार शामिल रहे।
विशेषज्ञों ने प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण करते हुए मलबे के नमूनों का संग्रह किया, खीरगाड़ के प्रवाह क्षेत्र और मलबे के फैलाव का अध्ययन किया तथा स्थानीय निवासियों से प्रत्यक्ष जानकारी जुटाई। जांच का कार्य आगे भी जारी रहेगा।
दुर्गंध, मच्छरों और जल प्रदूषण से महिलाओं-बच्चों की सेहत पर मंडरा रहा खतरा
देहरादून। उत्तराखंड महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने आज धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र में स्थित कारगी कूड़ा प्रबंधन यार्ड से उत्पन्न जनस्वास्थ्य और पर्यावरणीय संकट को लेकर जिलाधिकारी देहरादून को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में यार्ड के तत्काल विस्थापन की मांग की गई है।
रौतेला ने कहा, “कारगी यार्ड से उठती दुर्गंध, मच्छरों का प्रकोप और जल स्रोतों का प्रदूषण क्षेत्रीय जनता के लिए अभिशाप बन चुका है। महिलाएं, बच्चे और वृद्धजन इस संकट से सबसे अधिक प्रभावित हैं। यह केवल स्वच्छता का नहीं, बल्कि जीवन की गरिमा का प्रश्न है।”
ज्ञापन में निम्नलिखित प्रमुख बिंदुओं को रेखांकित किया गया:
– यार्ड से उत्पन्न दुर्गंध और प्रदूषण से अस्थमा, एलर्जी, डेंगू जैसी बीमारियाँ बढ़ रही हैं।
– बरसात के मौसम में कूड़े का रिसाव जल स्रोतों को प्रदूषित कर रहा है।
– मानसिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव, विशेषकर बच्चों और महिलाओं में चिंता और असहजता की स्थिति।
महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने प्रशासन से मांग की कि यार्ड को किसी गैर-आवासीय, पर्यावरणीय रूप से उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित किया जाए और स्थानांतरण तक नियमित सफाई, छिड़काव और दुर्गंध नियंत्रण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन शीघ्र कार्रवाई नहीं करता, तो महिला कांग्रेस जनहित में आंदोलनात्मक कदम उठाने को बाध्य होगी। इस मौके में आशा मनोरमा शर्मा वरिष्ठ उपाध्यक्ष, नजमा खान वरिष्ठ उपाध्यक्ष, पूनम सिंह जिला अध्यक्ष, पुष्पा पंवार प्रदेश महासचिव, सुशीला शर्मा प्रदेश महासचिव, दीपा चौहान सचिव, भावना सचिव, अनुराधा तिवारी महासचिव, देवेंद्र कोर सचिव,आदि मौजूद रहे।
मालन, सुखरो, सिद्धबली समेत सात पुलों पर लाइटें हुई चालू
कोटद्वार। उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष एवं कोटद्वार विधायक ऋतु खण्डूड़ी भूषण ने आज ₹1 करोड़ 29 लाख की लागत से कोटद्वार विधानसभा क्षेत्र के सात प्रमुख पुलों पर स्थापित एल.ई.डी. स्ट्रीट लाइट्स का लोकार्पण किया। कार्यक्रम के तहत सुखरो नदी के पुल पर क्षेत्रीय जनता की उपस्थिति में स्ट्रीट लाइट का स्विच ऑन कर इन्हें औपचारिक रूप से जनसमर्पित किया गया।
खण्डूड़ी भूषण ने बताया कि मुख्यमंत्री घोषणा संख्या-337 के अंतर्गत, राज्य वित्त आयोग से स्वीकृत इस परियोजना को प्रशासनिक वर्ष में शासन से अनुमोदन प्राप्त कराया गया था, जिसके बाद कार्य प्रारम्भ हुआ और आज यह सफलतापूर्वक पूर्ण हुआ है। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का इस परियोजना की स्वीकृति और समर्थन के लिए हृदय से आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा, “कोटद्वार के सभी सातों पुल — मालन, सुखरो, सिद्धबली, ग्रस्टानगंज, बीएल, गुल्लर और गाड़ीघाट — अब रात्रि में भी सुरक्षित और प्रकाशमान रहेंगे। इसके साथ ही प्रमुख चौराहों पर भी लाइटें लगाई गई हैं, जिससे यातायात और नागरिकों की सुविधा में उल्लेखनीय सुधार होगा।”
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष राज गौरव नौटियाल, महापौर शैलेंद्र सिंह रावत, नगर आयुक्त पी.एल. शाह, मण्डल अध्यक्ष प्रेमा खंतवाल, पार्षद प्रमोद केष्टवाल, कमल नेगी सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।
उत्तराखंड में 136 सड़कें बंद, बहाली में लगी 124 जेसीबी
देहरादून। ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के अंतर्गत बरसात से बाधित सड़कों को प्राथमिकता के साथ खोलने के लिए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं।
बुधवार को हाथीबड़कल स्थित कैंप कार्यालय में यूआरआरडीए की समीक्षा बैठक में मंत्री गणेश जोशी ने पीएमजीएसवाई के अंतर्गत बरसात से हुई क्षति और बंद सड़कों की स्थिति की विस्तार से जानकारी ली। बैठक में मंत्री जोशी ने कहा कि बरसात के कारण बंद हुई सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर युद्धस्तर पर खोला जाए। उन्होंने बरसात से क्षतिग्रस्त हुए सड़क मार्गों एवं पुलों के पुनर्निर्माण के कार्यों को शीघ्रता से पूर्ण किया जाए। विभागीय मंत्री जोशी ने निर्देश दिए कि अधिग्रहित भूमि का मुआवजा ग्रामीणों को मौसम खुलते ही शिविर लगाकर शीघ्रता से वितरित किया जाए और मलबा निस्तारण के लिए उचित स्थानों पर डंपिंग यार्ड की व्यवस्था की जाए, ताकि सड़कों की बहाली के साथ पर्यावरणीय संतुलन भी बना रहे।
बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि भारी वर्षा के कारण गढ़वाल क्षेत्र में 106 सड़कें बंद हुई हैं, जिन पर 92 जेसीबी मशीनें लगाई गई हैं, जबकि कुमाऊं क्षेत्र में बंद 30 सड़कों को खोलने के लिए 32 जेसीबी कार्यरत हैं। पूरे प्रदेश में इस समय कुल 136 सड़कें बंद हैं, जिन्हें युद्धस्तर पर खोलने का कार्य जारी है। बैठक के दौरान मंत्री जोशी ने कर्णप्रयाग विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत पीएमजीएसवाई की सड़कों, पुलों और अप्रोच रोड से जुड़े निर्माण कार्यों को भी समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर मुख्य अभियंता गढ़वाल मनीष मित्तल, अधिक्षण अभियंता अरुण कुमार, अधिशासी अभियंता रघुवीर सिंह गुसाई सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी ने वर्षों से लंबित प्रस्ताव को निकाला, अब भीड़भाड़ से मिलेगी राहत
देहरादून। जिलाधिकारी सविन बंसल ने वर्षों से लंबित पड़ी सरकारी सस्ते गल्ले की नई दुकानों से जुड़ी फाइल को निकालते हुए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। पहले जनमानस को भीड़भाड़ में एक ही दुकान से राशन लेने की मजबूरी थी, लेकिन अब नई दुकानों के खुलने से उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।
जिला पूर्ति कार्यालय द्वारा विभिन्न नगर निगम और नगर पालिका क्षेत्रों में नई सरकारी सस्ता गल्ला दुकानों के आवंटन हेतु इन्वेस्ट उत्तराखण्ड पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए थे। इसके तहत 17 नई दुकानों का आवंटन किया जा चुका है, जबकि 12 दुकानों के लिए टेंडर प्रक्रिया जारी है।
जिलाधिकारी ने बताया कि उचित दर विक्रेताओं की मृत्यु या त्यागपत्र, बढ़ती आबादी और विद्यमान दुकानों पर उपभोक्ताओं का बढ़ता भार देखते हुए सार्वजनिक वितरण प्रणाली को सुदृढ़ बनाने का निर्णय लिया गया है। चयन समिति की संस्तुति पर जनपद के विभिन्न शहरी क्षेत्रों और मोहल्लों में 17 नए विक्रेताओं को दुकानें आवंटित की गई हैं।
अब 12 नई दुकानों के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं, जिनमें शामिल हैं—
नगर निगम देहरादून: डालनवाला क्षेत्र (दून विहार, जाखन), कनाटप्लेस (चुक्खुवाला), मियावाला क्षेत्र (बालावाला, मोहकमपुर, ब्रहमणवाला), रायपुर प्रथम (डांडा लखौण्ड – खुदानेवाला)
नगर पालिका मसूरी: बार्लोगंज
नगर निगम ऋषिकेश: अम्बेडकर चौक, अद्वैतानन्द मार्ग, मुखर्जी चौक, इन्द्रा नगर, आशुतोष नगर
जिला प्रशासन ने इच्छुक आवेदकों से समयसीमा के भीतर ऑनलाइन आवेदन करने की अपील की है।
‘हर घर तिरंगा’ बना राष्ट्रभक्ति का महाअभियान- सीएम
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के अंतर्गत तिरंगा फहराया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से प्रारंभ हुआ ‘हर घर तिरंगा’ अभियान आज जन-जन तक पहुंचकर राष्ट्रभक्ति का एक महाअभियान बन चुका है। तिरंगा हमारी स्वतंत्रता, एकता और समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर का जीवंत प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि इस स्वतंत्रता दिवस पर सभी अपने घर, कार्यालय, दुकान आदि पर तिरंगा गर्व और सम्मान के साथ फहराएं तथा देश की स्वतंत्रता के लिए बलिदान देने वाले वीर सेनानियों को नमन करें। साथ ही तिरंगे के साथ अपनी फोटो लेकर harghartiranga.com पर अवश्य साझा करें।
