देहरादून। उत्तराखंड के त्रिस्तरीय पंचायत सामान्य निर्वाचन-2025 के लिए नामांकन पत्रों की जांच प्रक्रिया 9 जुलाई को पूरी हो गई। राज्य निर्वाचन आयोग के मुताबिक विभिन्न पदों के लिए दाखिल कुल 63,509 नामांकन पत्रों में से 3,382 निरस्त किए गए और 60,127 नामांकन वैध पाए गए।
जिला पंचायत सदस्य पद के लिए दाखिल 1,885 नामांकनों में से 37 निरस्त हुए और 1,848 वैध पाए गए। क्षेत्र पंचायत सदस्य पद पर 11,430 नामांकनों में से 317 निरस्त हुए और 11,113 वैध घोषित किए गए। प्रधान ग्राम पंचायत के लिए 21,876 नामांकनों में से 297 निरस्त और 21,579 वैध पाए गए। ग्राम पंचायत सदस्य पद पर सबसे ज्यादा 28,318 नामांकन दाखिल हुए, जिनमें से 2,731 निरस्त किए गए और 25,587 वैध पाए गए।
अब अगले चरण में प्रत्याशी 10 और 11 जुलाई को पूर्वाह्न 8 बजे से अपराह्न 3 बजे तक अपने नामांकन वापस ले सकते हैं। नाम वापसी के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि कितने उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए और किन पदों पर मुकाबला होगा।
राज्य निर्वाचन आयोग ने निष्पक्ष, पारदर्शी और स्वतंत्र चुनाव संपन्न कराने की प्रतिबद्धता दोहराई है।
किरसाली चौक से शांति विहार तक जनता से मिले, समस्याएं सुनीं और राहत कार्यों के दिए निर्देश
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को देहरादून में रायपुर क्षेत्र के अंतर्गत अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने किरसाली चौक, आई.टी पार्क, ननूरखेड़ा, आमवाला, तपोवन, शांति विहार में स्थानीय लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को सुनते हुए कहा कि जनता की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने निरीक्षण के दौरान जिला प्रशासन को प्रभावित लोगो को हर संभव मदद पहुंचाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने नियमित रूप से नालियों की सफाई करने और जल भराव वाले क्षेत्रों में ड्रेनेज की समुचित व्यवस्था किए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतते हुए चेतावनी बोर्ड भी लगाए जाएं।

मुख्यमंत्री ने स्थानीय पुलिस बलों, सभी विभागों को भी अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी आकस्मिकता की स्थिति में त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। साथ ही रिस्पॉन्स समय को कम से कम रखते हुए प्रभावित लोगों की जान माल की सुरक्षा के लिए हर संभव प्रयास करें।
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष विनय रुहेला, विधायक उमेश शर्मा काऊ एवं जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों को समयबद्ध पूर्णता और समन्वित आयोजन के दिए निर्देश
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री आवास में उच्च स्तरीय बैठक के दौरान अधिकारियों को रुद्रपुर में प्रस्तावित 1 लाख करोड़ रूपये की ग्राउंडिंग सेरेमनी के सफल आयोजन के लिए तैयारियाँ समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम भव्य और प्रभावशाली स्वरूप में आयोजित किया जाए, जिससे राज्य की औद्योगिक प्रगति को नई गति और पहचान मिले।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस भव्य आयोजन में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि होंगे। यह आयोजन राज्य के औद्योगिक भविष्य को नई दिशा देगा तथा उत्तराखंड के युवाओं को रोजगार के व्यापक अवसर प्रदान करेगा। वर्ष 2023 में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान राज्य सरकार को ₹3.5 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए थे। इनमें से ₹1 लाख करोड़ की ग्राउंडिंग हो चुकी है, जो उत्तराखंड के औद्योगिक विकास के प्रति निवेशकों के विश्वास को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आयोजन स्थानीय उद्यमिता को प्रोत्साहन देगा और राज्य की आर्थिक समृद्धि के नए द्वार खोलेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि आयोजन से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं सजगता और समन्वय के साथ सुनिश्चित की जाएं, जिससे राज्य की सकारात्मक छवि और निवेश-अनुकूल वातावरण को देश-दुनिया के समक्ष सशक्त रूप से प्रस्तुत किया जा सके।
बैठक में प्रमुख सचिव आर.के.सुधांशु, आर.मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, विनय शंकर पाण्डेय, अपर पुलिस महानिदेशक ए.पी.अंशुमन, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, अपर सचिव बंशीधर तिवारी, प्रबंध निदेशक उद्योग सौरभ गहरवार उपस्थित थे।
देहरादून। गुरुवार सुबह मसूरी विधानसभा क्षेत्र के देहरादून कैनाल रोड स्थित बाला सुंदरी मंदिर के पास भारी बारिश के चलते क्षतिग्रस्त हुई दीवार की सूचना मिलने पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान मंत्री जोशी ने संबंधित विभागीय अधिकारियों से दूरभाष पर बात कर मुख्य मार्ग से लगी क्षतिग्रस्त दीवार के पुनर्निर्माण कार्य को शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान भाजपा मंडल अध्यक्ष प्रदीप रावत, पूर्व पार्षद कमल थापा, अमित कुमार, नरेश पुंज, राजेश्वर, सुरेंद्र राणा, सोनू, आशुतोष, आशीष थापा, रितेश अग्रवाल, दीपक कुकरेती सहित कई स्थानीय कार्यकर्ता एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।
खेल मंत्री रेखा आर्या ने देखा मैच, विजेता टीम को किया सम्मानित
देहरादून। दसवीं जूनियर राष्ट्रीय रग्बी चैंपियनशिप के फाइनल में बिहार की टीम ने जीत दर्ज कर चैंपियनशिप जीत ली है। बिहार की टीम ने फाइनल मैच में एक तरफा मुकाबले में उड़ीसा को 14-5 के अंतर से हरा दिया।
इस प्रतियोगिता में कल 27 प्रदेश और केंद्र शासित प्रदेशों की टीमों ने हिस्सा लिया था। बालिका वर्ग का फाइनल रजत जयंती खेल परिसर में गंगा एथलेटिक्स स्पोर्ट्स स्टेडियम में फ्लड लाइट्स की रोशनी में खेला गया। पहले ही हाफ में बिहार की टीम ने 14-0 की बढ़त बना ली। दूसरे हाफ में उड़ीसा की टीम ने कड़ा संघर्ष किया लेकिन समय समाप्त होने तक में स्कोर को 14-5 तक ही ले जा सकी। खेल मंत्री रेखा आर्या भी स्टेडियम में फाइनल मैच देखने पहुंची थी। उन्होंने दोनों टीमों के खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर मैच का उद्घाटन किया। खेल मंत्री रेखा आर्या ने विजेता और उपविजेता टीमों के खिलाड़ियों को ट्रॉफी भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि उत्तराखंड में अब नियमित रूप से राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताएं आयोजित होने लगी है। इससे यह स्पष्ट है कि प्रदेश में खेल संस्कृति बहुत तेजी से आगे बढ़ रही है और यहां के खिलाड़ी भी इससे प्रेरणा लेकर राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी चमक बिखेरेंगे।
इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष रुड़की शोभाराम प्रजापति, राज्य मंत्री श्यामवीर सैनी, उत्तराखंड रग्बी एसोसिएशन अध्यक्ष सूर्यकान्त सैनी, सचिव यशवन्त सिंह, कोषाध्यक्ष आयुष कुमार, रुड़की के पूर्व अध्यक्ष दिनेश कौशिक आदि उपस्थित रहे।
शहर में नो पार्किंग से गाड़ी जब्ती हेतु क्रेेन किए जाएं डबल- डीएम
देहरादून। जिलाधिकारी सविन बंसल ने ऋषिपर्णा सभागार, कलेक्ट्रेट में शहर के शहरी पुनर्विकास, पार्किंग व्यवस्था और ट्रैफिक प्रबंधन से संबंधित योजनाओं की समीक्षा के लिए महत्वपूर्ण बैठक की। इस दौरान एमडीडीए और स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा तैयार की गई योजनाओं की प्रस्तुति प्रजेंटेशन के माध्यम से दी गई।
बैठक में मौहब्बेवाला-राजपुर रोड और धूलकोट-कुंआवाला कॉरिडोर योजना सहित इंदिरा मार्केट रि-डेवलपमेंट और नए आढ़त बाजार की स्थिति की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सभी विभागों – एमडीडीए, नगर निगम, लोनिवि, यूपीसीएल, एनएच, पुलिस और परिवहन विभाग – को आपसी समन्वय के साथ व्यावहारिक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
10 प्रमुख जंक्शनों की डीपीआर इसी माह शासन को भेजी जाएगी
जिलाधिकारी ने बताया कि शहर के 10 अत्यधिक व्यस्त जंक्शनों की डीपीआर तैयार कर ली गई है, जिसे इस माह शासन को वित्तीय स्वीकृति हेतु भेजा जाएगा। वहीं आईएसबीटी कारगी मोड़ पर भूमि अधिग्रहण का प्रस्ताव भी अंतिम चरण में है और शीघ्र शासन को भेजा जाएगा।
अवैध पार्किंग पर सख्ती, क्रेन की संख्या होगी दोगुनी
डीएम बंसल ने पुलिस को निर्देश दिए कि अवैध रूप से सड़कों पर खड़े वाहनों को सीज करते हुए क्रेन से हटाया जाए और उन्हें रेंजर्स कॉलेज या काबुल हाउस भेजा जाए। आईएसबीटी पर अनधिकृत सवारी चढ़ाने-उतारने वाले वाहनों पर भी आरटीओ व पुलिस संयुक्त कार्रवाई करेंगे।
पार्किंग का व्यवसायिक उपयोग नहीं
एमडीडीए को निर्देश दिए गए कि कमर्शियल काम्प्लेक्स में बनी पार्किंग का उपयोग केवल वाहन पार्किंग के लिए हो। यदि वहां अन्य व्यवसायिक गतिविधि संचालित होती पाई जाए तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इंदिरा मार्केट व आढ़त बाजार निर्माण की टाइमलाइन पर निगरानी
जिलाधिकारी ने इंदिरा मार्केट पुनर्विकास और आढ़त बाजार निर्माण की प्रत्येक गतिविधि की साप्ताहिक समीक्षा के निर्देश दिए। शॉप अलॉटमेंट, पुनर्वास आदि कार्य प्रशासनिक टाइमलाइन के अनुरूप पूरे होंगे।
गूगल शीट से होगी योजनाओं की ट्रैकिंग
सभी संबंधित विभागों को गूगल शीट पर अपने अद्यतन कार्यों को नियमित रूप से अपडेट करने के निर्देश दिए गए हैं। इसकी समीक्षा स्वयं डीएम स्तर पर की जाएगी।
सुरक्षित और सुगम यातायात के लिए व्यापक योजना
मुख्यमंत्री के सुगम एवं सुरक्षित यातायात के संकल्प के तहत जिला प्रशासन शहरी गतिशीलता सुधार (मोबिलिटी रि-डेवलपमेंट) की दिशा में ठोस पहल कर रहा है। बैठक में बताया गया कि सड़क नेटवर्क विस्तार, सार्वजनिक परिवहन प्रणाली का सुदृढ़ीकरण, साइकिल ट्रैक, फुटपाथ, जेब्रा क्रॉसिंग, ट्रैफिक सिग्नल, सुव्यवस्थित पार्किंग, बस स्टॉप/टैक्सी स्टैंड की व्यवस्थित स्थापना जैसे अनेक पहलुओं पर काम किया जाएगा।
प्रमुख स्थानों पर सुरक्षित पैदल मार्ग, साइन बोर्ड, लेन मार्किंग और जेब्रा क्रॉसिंग जैसे सड़क चिह्नांकन, तथा स्कूल-कॉलेज के पास पैदल यात्री टेबल टॉप क्रॉसिंग की भी व्यवस्था की जाएगी।
बैठक में वरिष्ठ अधिकारी रहे उपस्थित
इस बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के.के. मिश्रा, नगर मजिस्ट्रेट प्रत्युष सिंह, एसडीएम हरिगिरि, संयुक्त सचिव एमडीडीए गौरव चटवाल, लोनिवि अधीक्षण अभियंता ओमपाल सिंह, आरटीओ दीपक सैनी, अधीशासी अभियंता जितेंद्र कुमार त्रिपाठी, सीओ ट्रैफिक समेत अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
चारधाम यात्रा के सफल संचालन पर बद्री-केदार समिति ने जताया आभार
मुख्यमंत्री धामी बोले – चारधाम यात्रा हमारी श्रद्धा और सेवा का प्रतीक
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास पर बद्री-केदार मंदिर समिति के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के नेतृत्व में आए प्रतिनिधियों ने चारधाम यात्रा के सफल, सुचारु और सुरक्षित संचालन के लिए राज्य सरकार का आभार प्रकट किया।
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को बताया कि इस वर्ष यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधाओं, मार्ग व्यवस्था, आपातकालीन सेवाओं और समग्र प्रबंधन को लेकर सरकार द्वारा किए गए प्रयास अत्यंत सराहनीय रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के समर्पित कार्यों के परिणामस्वरूप यात्रियों को यात्रा के दौरान न केवल बेहतर सुविधा मिली, बल्कि सुरक्षा का भरोसा भी बना रहा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिनिधिमंडल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार चारधाम यात्रा को श्रद्धा, व्यवस्था और सुरक्षा के संतुलन के साथ संचालित करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि हर श्रद्धालु इस पवित्र यात्रा से सुखद अनुभव लेकर लौटे और उत्तराखंड की संस्कृति एवं सेवा भावना की सकारात्मक छवि देश-दुनिया में जाए।
देहरादून। बीसवीं राष्ट्रीय आइस स्केटिंग प्रतियोगिता के विजयी खिलाड़ियों को खेल मंत्री रेखा आर्या ने सम्मानित कर आशीर्वाद प्रदान किया। 25 से 30 जून के बीच देहरादून स्थित हिमाद्री आइस स्केटिंग रिंक में आयोजित 20 वीं राष्ट्रीय आइस स्केटिंग प्रतियोगिता में देश भर से 500 से अधिक खिलाड़ियों ने भाग लिया। जिसमें उत्तराखंड के स्पीड और फिगर स्केटिंग के 23 खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए विभिन्न स्पर्धाओं में 9 मेडल हासिल किए। खेल मंत्री रेखा आर्या ने अपने कैंप कार्यालय में उत्तराखंड के विजयी खिलाड़ियों को सम्मानित किया।
इस अवसर पर खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि आइस रिंक के दोबारा शुरू होने के बाद अब आइस गेम्स में भी उत्तराखंड के खिलाड़ी राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नाम रोशन करेंगे। खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि हाल ही में भारत की जिस महिला आइस हॉकी टीम ने यूएई में कांस्य पदक जीता है, उस टीम को भी रवानगी से पहले एक महीना हिमाद्री आइस रिंक में ही ट्रेनिंग दी गई थी। खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि प्रतिभाशाली स्केटिंग खिलाड़ियों को कम से कम शुल्क के साथ अभ्यास के सुविधा दी जाएगी।
इस अवसर पर आइस स्केटिंग एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के अध्यक्ष शिव पैन्यूली, कोषाध्यक्ष ज्योति गैरोला , तकनीकी सचिव रूपा सिंह, मैनेजर नागेन्द्र सिंह नेगी, यशवंत सिंह और सुखवीर रावत के साथ कई अभिभावक भी उपस्थित रहे।
हरेला पर्व पर वृक्षारोपण को लेकर हुई चर्चा
देहरादून। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी से उनके कार्यालय में 127 इन्फैंट्री बटालियन (टीए) इको गढ़वाल राइफल्स के कमान अधिकारी कर्नल प्रतुल थपलियाल ने शिष्टाचार भेंट की। भेंट के दौरान सैनिक कल्याण मंत्री जोशी ने आगामी हरेला पर्व के अवसर पर इको गढ़वाल राइफल्स से वृहद स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की पारंपरिक संस्कृति और प्रकृति संरक्षण की भावना के अनुरूप यह पर्व हमारे लिए पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी निभाने का अवसर है।
कर्नल प्रतुल थपलियाल ने मंत्री को हरेला पर्व पर कार्यक्रम आहूत करने की सहमति करते हुए आयोजित कार्यक्रम में सम्मिलित होने का आमंत्रण भी दिया। साथ ही उन्होंने अवगत कराया कि इकाई की स्थापना के बाद से अब तक 127 इन्फैंट्री बटालियन (टीए) इको गढ़वाल राइफल्स द्वारा कुल 1.98 करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं, जिससे 23,101 हेक्टेयर भूमि पर हरियाली फैलाई गई है।
कमान अधिकारी ने वर्ष 2023 में टीए को उद्यान विभाग के माध्यम से दो बोलेरो पिकअप और दस हीरो होंडा मोटरसाइकिल प्रदान किए जाने पर आभार व्यक्त किया। साथ ही उन्होंने दूरदराज के क्षेत्रों में बेहतर कार्य संपादन हेतु सीएसआर के तहत दो महिंद्रा बोलेरो पिकअप उपलब्ध कराने का अनुरोध किया।
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने इकाई के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्रीय सेवा के इस समर्पण को राज्य सरकार पूर्ण समर्थन देगी। उन्होंने कमान अधिकारी को आश्वस्त किया कि आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।
2007 में खरीदी गई भूमि 2020 में दोबारा बेची गई, जांच के बाद रिकॉर्ड में हुई दुरुस्ती
देहरादून। जिलाधिकारी सविन बंसल ने भूमि फर्जीवाड़ा के एक गंभीर मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए यह साफ कर दिया है कि प्रशासन अब इस प्रकार के मामलों में कोई ढिलाई नहीं बरतेगा। शास्त्रीनगर तपोवन निवासी पुलमा देवी की शिकायत पर त्वरित जांच के बाद जिला प्रशासन ने पीड़िता के पक्ष में भूमि का नामांतरण कराकर न्याय दिलाया है।
2007 में खरीदी थी भूमि, 2020 में दोबारा बेची गई
फुलसनी गांव में वर्ष 2007 में पुलमा देवी द्वारा खरीदी गई आवासीय भूमि (जो टिहरी विस्थापितों के लिए आवंटित की गई थी) को वर्ष 2020 में पूर्व भूमि स्वामी ने दोबारा किसी अन्य को बेच दिया। यह मामला जून माह के द्वितीय जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी के संज्ञान में आया, जिस पर तुरंत संज्ञान लेते हुए डीएम ने जांच के आदेश दिए।
2019 में की गई पुनः भूमिधरी को निरस्त किया गया
जांच में पाया गया कि चन्दरू पुत्र अमरू ने पहले 2007 में भूमि विक्रय कर दी थी, लेकिन 2019 में पुनर्वास विभाग को गुमराह कर उसी भूमि पर दोबारा भूमिधरी हासिल कर ली। इस घोर लापरवाही पर डीएम ने अवस्थापना (पुनर्वास) खंड ऋषिकेश को फटकार लगाई। विभाग ने 07 जुलाई को तहसील विकासनगर को पत्र भेजकर 2019 की भूमिधरी को निरस्त करने तथा अभिलेखों में दुरुस्तीकरण करने का निर्देश दिया, जिसे तहसील प्रशासन ने तत्परता से पूरा किया।
जांच में खुलासा: विभागीय लापरवाही से हुआ फर्जीवाड़ा
डीएम की जांच में सामने आया कि चन्दरू ने 2007 में भूमि बेचने के बावजूद 2019 में पुनर्वास विभाग से भूमिधरी दोबारा प्राप्त कर ली। वरिष्ठ प्रबंधक (पुनर्वास), टिहरी बांध परियोजना ने भी इस बात की पुष्टि की कि तथ्यों को छिपाते हुए गलत तरीके से भूमिधरी हासिल की गई थी।
डीएम का सख्त संदेश – दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा
जिलाधिकारी ने अधीक्षण अभियंता (टिहरी बांध पुनर्वास) का वाहन जब्त करने और उन्हें विवरण सहित तलब करने के निर्देश दिए। मामले की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत क्रिमिनल जांच के लिए एसडीएम मुख्यालय अपूर्वा को जांच अधिकारी नामित किया गया है।
प्रशासन का स्पष्ट रुख – न्याय तक नहीं रुकेगी कार्रवाई
डीएम सविन बंसल ने स्पष्ट किया कि जब तक पुलमा देवी को पूरी तरह न्याय नहीं मिल जाता, तब तक प्रशासन इस मामले में कार्रवाई जारी रखेगा। उन्होंने पुनर्वास परियोजना में हो रही अनियमितताओं पर भी सख्त चेतावनी दी है। यह प्रकरण अब जिले में पारदर्शिता और न्याय की दिशा में एक सख्त उदाहरण बन गया है।
