टिहरी में भयानक सड़क हादसा, टायर फटने से खाई में गिरी वैन, 3 घायल..
उत्तराखंड: टिहरी में चलती मारुति ईको वैन का टायर फट गया। टायर फटने के कारण वैन गहरी खाई में जा गिरी। इस हादसे में वाहन में सवार तीन लोग घायल हो गए। सभी की हालत गंभीर बताई जा रही है। घायलों को स्थानीय लोगों की मदद से सीएचसी ले जाया गया। जहां से उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है।कोडार -दीनगांव-मुखेम मोटर मार्ग पर स्थित दीनगांव में शुक्रवार शाम दर्दनाक हादसा हो गया। शाम को ग्राम पंचायत दीनगांव निवासी गोकल सिंह पंवार के वाहन का अचानक टायर फटने के कारण वाहन अनियंत्रित हो गया और खाई में जा गिरा। हादसे में चालक समेत तीन लोग घायल हो गए। मिली जानकारी के अनुसार हादसे में चालक गोकुल सिंह पंवार, मदन लाल निवासी दीनगांव और सोहनपाल सिंह रावत निवासी हेरवालगांव गंभीर रूप से घायल हो गए। सड़क मार्ग से वाहन लगभग 800 मी गहरी खाई में जा गिरी। घायल लोगों को स्थानीय लोगों की मदद से सीएचसी चोंड लंबगांव लाया गया। जहां घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने हायर सेन्टर रेफर कर दिया। घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
UKSSSC ने नकलची अभ्यर्थियों पर की सख्ती, नियमावली तैयार..
उत्तराखंड: भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक प्रकरणों से उबरने के बाद अब उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) ने नकलचियों पर और सख्ती कर दी है। वह कानूनी दांव-पेच में आयोग की डिबार होने की कार्रवाई से अदालत में जाकर नहीं बच पाएंगे। इसके लिए आयोग ने नियमावली तैयार की है, जिसके तहत आयोग एक से पांच साल के लिए सीधे तौर पर प्रतिवारित (डिबार) करेगा। आपको बता दे कि आयोग ने आठ भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक प्रकरणों में 249 अभ्यर्थियों को परीक्षाओं से पांच साल के लिए डिबार किया था। इनमें से करीब 65 अभ्यर्थी हाईकोर्ट से स्टे ले आए थे। आयोग ने डिबार की कार्रवाई पुलिस की जांच के आधार पर की थी, लेकिन पुलिस ने ज्यादातर अभ्यर्थियों को सरकारी गवाह बना लिया। इसके चलते यह अभ्यर्थी फिलहाल परीक्षाओं में शामिल हो सकते हैं। लेकिन इन कानूनी दांव-पेच से अब आने वाले समय में अभ्यर्थी डिबार होने बच नहीं पाएंगे।
आयोग के अध्यक्ष जीएस मर्तोलिया का कहना हैं कि आयोग ने एक नियमावली तैयार करके शासन को भेजी है। इसके तहत पांच श्रेणियों में अभ्यर्थियों को दंडित किया जाएगा। इसमें परीक्षा कक्ष में मोबाइल या कैलकुलेटर का इस्तेमाल करने, किसी अन्य के स्थान पर परीक्षा में शामिल होने, ओएमआर शीट की अदला-बदली करके नकल करने, परीक्षा में ओएमआर की डुप्लीकेट कॉपी भी अपने साथ ले जाने और अन्य किसी तरह से नकल करने की श्रेणी शामिल है।
उन्होंने कहा कि इसमें श्रेणीवार आयोग ने एक से पांच साल तक डिबार करने का नियम बनाया है। शासन से मंजूरी मिलने के बाद आयोग आने वाली सभी भर्ती परीक्षाओं में इस नियमावली का लागू कर देगा। इसके लागू होने के बाद बेहद बारीकी से आयोग अभ्यर्थियों को डिबार करेगा।
नकलरोधी कानून से नहीं होगा कोई टकराव..
यूकेएसएसएससी के अध्यक्ष जीएस मर्तोलिया ने कहा कि राज्य में जो नकलरोधी कानून लागू है, वह पुलिस के स्तर से कार्रवाई होने की सूरत में लागू है। इस कानून के तहत अभ्यर्थियों के लिए दंड के अलग प्रावधान हैं। लेकिन आयोग ने अपने स्तर पर कार्रवाई करने के लिए ये नियमावली बनाई है। मामले की गंभीरता के हिसाब से आयोग एफआईआर भी कराएगा।
श्रमिकों के बच्चों को निःशुल्क मिलेगी तकनीकी शिक्षा, श्रम विभाग उठाएगा जिम्मा..
उत्तराखंड: प्रदेश में श्रमिकों के बच्चों को निःशुल्क तकनीकी शिक्षा देने का जिम्मा अब श्रम विभाग उठाएगा। तकनीकी शिक्षा के साथ ही विद्यार्थियों को रहने-खाने की भी निःशुल्क सुविधा दी जाएगी। सीएम पुष्कर सिंह धामी 28 जून को इसकी घोषणा करने वाले हैं। श्रम विभाग के भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (बीओसीडब्ल्यू) में पंजीकृत श्रमिकों को इसका लाभ दिया जाएगा। हालांकि, तकनीकी शिक्षा का ज्ञान लेने के लिए हर साल प्रदेश में सिर्फ 75 विद्यार्थियों को ही चुना जाएगा। इन विद्यार्थियों का चयन एक कमेटी करेगी।
आइटीआइ या पालीटेक्निक के विभिन्न कोर्सों में रुचि रखने वाले श्रमिकों के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा सहायता देने के लिए श्रम विभाग यह पहल करने जा रहा है। इससे पूर्व निर्माण साइटों पर रहने वाले श्रमिकों के बच्चों को बेसिक ज्ञान देने के लिए श्रम विभाग ने डिजिटल लर्निंग बस शुरू की थी, जिसमें 400 से अधिक बच्चों को बस में डिजिटल तकनीक से शिक्षा का ज्ञान दिया गया।
विभाग अब 10वीं व 12वीं पास विद्यार्थियों को विभिन्न तकनीकी कोर्स कराने के लिए उन्हें निश्शुल्क शिक्षा दिलाएगा। विद्यार्थियों को आवासीय छात्रावास के साथ ही भरपेट भोजन भी दिया जाएगा। इसके बाद तकनीकी कोर्स पूरा कर उन्हें कंपनियों में नौकरी के लिए प्लेसमेंट भी दिया जाएगा। तकनीकी कोर्स करने के बाद विद्यार्थी स्वरोजगार भी कर सकते हैं। नौनिहालों को डिजिटल शिक्षा देने के लिए श्रम विभाग ने नैनीताल व देहरादून जिले में डिजिटल लर्निंग बस शुरू की है। अब इसकी तर्ज पर हरिद्वार व ऊधमसिंह नगर जिले में भी लर्निंग बस शुरू की जाएगी, जिसका सीएम पुष्कर सिंह धामी 28 जून को उद्घाटन करेंगे। इसके बाद दोनों जिलों में कंस्ट्रक्शन साइट में कार्य करने वाले श्रमिकों के बच्चों को बस के अंदर बैठाकर डिजिटल शिक्षा दी जाएगी।
उत्तराखंड के चार जिलों में आरंभ होंगे लैब्स ऑन व्हील्स मोबाइल सांइस लैब प्रोजेक्ट..
उत्तराखंड: लैब्स ऑन व्हील्स, यानी चलती-फिरती साइंस लैब की शुरुआत पहले चरण में चंपावत, अल्मोड़ा, देहरादून और पौड़ी से होगी, जिसे छह माह बाद सभी जिलों में संचालित करने की योजना है। उत्तराखंड सरकार और यूकॉस्ट परिषद की इस महत्वाकांक्षी परियोजना का मकसद उत्तराखंड के दूरदराज के ग्रामीण और पर्वतीय इलाकों में कक्षा छह से 10वीं तक के विद्यार्थियों को विज्ञान, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और गणित विषयों में क्रियात्मक ज्ञान की वृद्धि के लिए मोबाइल साइंस लैब उपलब्ध कराना है। शासन ने मोबाइल साइंस लैब के लिए पांच करोड़ रुपये की धनराशि जारी की है। प्रथम चरण में चार जिलों में छह महीने तक कार्यक्रम का सफल संचालन किए जाने की योजना है। इसके बाद इस प्रोजेक्ट को सभी जनपदों में संचालित किया जाएगा। इस संबंध में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने लैब्स ऑन व्हील्स नाम से चल रहे इस प्रोजेक्ट की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मंगलवार को एक बैठक में मोबाइल साइंस लैब प्रोजेक्ट की समीक्षा की।
इस दौरान प्रथम चरण में चंपावत, अल्मोड़ा, देहरादून एवं पौड़ी में इस प्रोजेक्ट को संचालित करने के निर्देश दिए। प्रोजेक्ट के तहत बालिकाओं को विशेष रूप से विज्ञान की शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करने के निर्देश भी दिए। बैठक में अपर सचिव रंजना राजगुरु, महानिदेशक बंशीधर तिवारी, यूकॉस्ट महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत व अगस्तया फाउंडेशन के संस्थापक उपस्थित रहे। मुख्य सचिव रतूड़ी ने राज्य के दुर्गम एवं ग्रामीण पर्वतीय क्षेत्रों में छात्र-छात्राओं के लिए साइंस फिल्मों के प्रदर्शन, टेलीस्कॉप से लाइव स्काई ऑब्जर्वेशन, विज्ञान मेलों एवं वर्कशॉप का आयोजन और शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण व कार्यशालाओं के आयोजन के निर्देश दिए। उनका कहना हैं कि मोबाइल साइंस लैब से राज्य के ग्रामीण एवं सुदूर पर्वतीय क्षेत्रों के विद्यालयों में विज्ञान प्रयोगशालाओं को सुदृढ़ किया जाए और विज्ञान संचार गतिविधियों को बढ़ावा देने का कार्य किए जाए। विद्यार्थियों में व्यावहारिक प्रदर्शन, मॉडल्स, प्रदर्शनों के माध्यम से जीव विज्ञान, रसायन विज्ञान, भौतिक और गणित पाठ्यक्रम में अनुभवात्मक कौशल विकसित करने और व्यावहारिक शिक्षा को प्रोत्साहित करने का भी निर्देश दिया।
फिर लोकसभा स्पीकर बने ओम बिरला, लगातार दूसरी बार संभालेंगे पद..
देश-विदेश: बीजेपी सांसद ओम बिरला को लोकसभा का नया स्पीकर चुन लिया गया है। ओम बिरला को ध्वनितम से स्पीकर चुना गया है। पीएम मोदी और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने स्पीकर ओम बिरला को परंपरा के अनुसार, आसन तक लेकर गए। बता दें कि लगातार दूसरी बार ओम बिरला लोकसभा स्पीकर पद की जिम्मेदारी संभालेंगे। लोकसभा स्पीकर का चुनाव होते ही प्रोटेम स्पीकर भृतहरि महताब को प्रोटें स्पीकर की जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया गया है।
ओम बिरला के राजनीतिक करियर की बात करें तो 2003 से लेकर अब तक लगातार वो हर चुनाव जीतते आए हैं। साल 2003 में उन्होनें कोटा से पहला विधानसभा चुनाव लड़ा और जीते। इसके बाद 2008 में उन्होनें कोटा दक्षिण सीट से कांग्रेस के शांति धारीवाल को हराकर विधानसभा चुनाव जीता। तीसरा विधानसभा चुनाव भी उन्होनें कोटा दक्षिण से 2013 में जीता था। वहीं साल 2014 में कोटा सीट से लोकसभा चुनाव जीतकर ओम बिरला ने विधानसभा सीट से इस्तीफा दे दिया था। उन्होनें लोकसभा को जिस ढंग से चलाया उसकी सभी ने तारीफ की है। एक बार फिर अब साल 2024 में लोकसभा चुनान जीतने के बाद ओम बिरला लोकसभा अध्यक्ष के दावेदार बन चुके हैं।
जानिए आखिर क्यों रद्द हुई देहरादून के सन वैली स्कूल की मान्यता..
उत्तराखंड: शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत बच्चों को प्रवेश देने से इंकार करने वाला निजी स्कूल अगले साल मार्च महीने से बंद हो जाएगा। ऐसे में इस विद्यालय के करीब दो हजार छात्र शहर के 19 अलग-अलग विद्यालयों में पढ़ेंगे। इस संबंध में विद्यालयों ने सहमति दे दी है। शिक्षा विभाग की ओर से सन वैली स्कूल की मान्यता रद्द की गई है। मंगलवार को एमकेपी इंटर काॅलेज में मुख्य शिक्षा अधिकारी ने 22 विद्यालयों के प्रधानाचार्याें के साथ बैठक की। उप शिक्षा अधिकारी रायपुर पीएल भारती का कहना हैं कि बीती 12 जून को मुख्य शिक्षा अधिकारी प्रदीप रावत की ओर से सन वैली स्कूल की मान्यता खत्म करने के आदेश दिए गए थे। जिसमें कहा गया था, स्कूल ने अल्पसंख्यक संस्थान बताते हुए आरटीई के तहत बच्चों को दाखिला देने से मना किया था।
इस संबंध में विभाग की ओर से कई बार स्कूल प्रबंधन को नोटिस दिए गए। लेकिन स्कूल की ओर से न तो खुद को अल्पसंख्यक संस्थान होने का प्रमाण दिया गया न ही नियम मानते हुए आरटीई में गरीब बच्चों को दाखिले दिए। ऐसे में विद्यालय की ओर से आरटीई के नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में विभाग की ओर से मान्यता रद्द कर दी गई है। जिसके चलते आगामी मार्च महीने से स्कूल बंद हो जाएगा। इस स्कूल के करीब दो हजार छात्र-छात्राओं को प्रवेश देने के लिए आसपास के 19 विद्यालयों ने सहमति दे दी है। इसके साथ ही विभाग अभिभावकों से भी राय लेकर अन्य विद्यालयों में भी सुविधा बढ़ाने पर जोर देगा।
धामी सरकार इन 16 मंदिरों का कराएगी सुंदरीकरण..
उत्तराखंड: देवभूमि में चारधाम की भांति अब मानसखंड मंदिर माला मिशन के तहत कुमाऊं क्षेत्र के तीर्थाटन, पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण मंदिरों और धार्मिक स्थलों को संवारने के लिए सरकार तेजी से कदम बढ़ा रही है। सीएम पुष्कर सिंह धामी के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल इस मिशन के अंतर्गत प्रथम चरण में 16 में नौ मंदिरों को निखारने के लिए 30.12 करोड़ रुपये का बजट जारी किया गया है। इसमें शामिल प्रसिद्ध कैंचीधाम में हेलीपैड की संभावनाएं भी तलाशी जा रही हैं। इसके लिए उपयुक्त भूमि मिलने पर हेलीपैड का निर्माण कराया जाएगा। जिससे आने वाले समय में देश-विदेश से श्रद्धालु हेली सेवा से आसानी से कैंचीधाम पहुंच सकेंगे।
केदारखंड में चारधाम बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री धामों की यात्रा प्रदेश की आर्थिकी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इस वर्ष अब तक 26 लाख से अधिक तीर्थयात्री चारधाम के दर्शन कर चुके हैं। चारधाम यात्रा की तरह ही मानसखंड यानी कुमाऊं क्षेत्र के मंदिरों को भी तीर्थाटन व पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के उद्देश्य से सरकार ने मानसखंड मंदिर माला मिशन शुरू किया है। इसकी जिम्मेदारी यूटीडीबी (उत्तराखंड टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड) को सौंपी गई है। जिसके प्रथम चरण में 16 मंदिरों को मिशन में शामिल किया गया है। अब इनमें यात्रियों की सुविधा के दृष्टिगत अवस्थापना संबंधी कार्य तेजी से कराने पर जोर दिया जा रहा है। इसी कड़ी में बोर्ड ने नौ मंदिरों में होने वाले विभिन्न कार्यों के लिए 70 करोड़ रुपये के बजट का प्रविधान किया है। इनमें से प्रथम किस्त के तौर पर 30.12 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। निर्माण कार्यों के लिए लोक निर्माण विभाग को कार्यदायी संस्था बनाया गया है। लोनिवि ने टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है।
ये होंगे निर्माण कार्य..
मानसखंड मंदिर माला मिशन के तहत सभी मंदिरों में पार्किंग, रोशनी, सुंदरीकरण, आस्था पथ का निर्माण, पहुंच मार्गों का सुंदृढ़ीकरण सहित कई कार्य कराए जाएंगे। वहीं कैंचीधाम में मल्टीलेवल पार्किंग बनेगी। इसके अलावा मंदिर के प्रवेश द्वार पर वन-वे व्यवस्था होगी। मंदिर में पीछे की तरफ निकासी द्वार बनेगा, जो सीधे पार्किंग से जुड़ेगा। इससे वहां उमड़ने वाली भीड़ भी नियंत्रित रहेगी।
इन मंदिरों का होगा कायाकल्प..
जागेश्वर धाम – अल्मोड़ा -11 करोड़
बैजनाथ – बागेश्वर – 1.87 करोड़
नैना देवी – नैनीताल – 11 करोड़
कैंची धाम – नैनीताल – 28.15 करोड़
पाताल रुद्रेश्वर – चंपावत – 2.31 करोड़
पाताल भुवनेश्वर – पिथौरागढ़ – 2.43 करोड़
हाटकालिका मंदिर – पिथौरागढ़ – 6.58 करोड़
मां बाराही देवी – चंपावत – 12.54 करोड़
नंदा देवी मंदिर – अल्मोड़ा – 04 करोड़
मानसखंड मंदिर माला मिशन में शामिल नौ मंदिरों के विकास के लिए 30.12 करोड़ रुपये बजट जारी हुआ है। जल्द ही सभी मंदिरों में निर्माण कार्य शुरू होंगे। कैंचीधाम में हेलीपैड बनाने की संभावना भी तलाशी जा रही है।
सीएम धामी ने पार्वती कुंड के पास लगाया ध्यान, अब कांग्रेस ने पीएम मोदी को लेकर कही ये बात..
उत्तराखंड: पूर्व सीएम व वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत ने सीएम पुष्कर सिंह धामी के आदि कैलाश क्षेत्र में पार्वती कुंड के पास ध्यान लगाने को लेकर तीन दिन बाद अपने ही अंदाज में टिप्पणी की। उन्होंने सीएम के इस कदम को सराहा, साथ में कैलाश मानसरोवर यात्रा को लेकर केंद्र की मोदी सरकार को निशाने पर लिया। इंटरनेट पर अपनी पोस्ट में पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि सीएम धामी के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का अनुसरण करते हुए पार्वती कुंड के पास ध्यान लगाया। निश्चय ही उनके इस कार्य से आदि कैलाश परंपरागत यात्रा को बढ़ावा मिला है, लेकिन इस ध्यान में प्रायश्चित का भी समावेश होना चाहिए।
उत्तराखंड की गौरव अंतरराष्ट्रीय तीर्थयात्रा कैलाश मानसरोवर इसी भू-भाग से होकर गुजरती थी। उन्होंने यह प्रयास किया था कि यूनेस्को यात्रा की प्राचीनता देखते हुए उसे मान्यता प्रदान करे, लेकिन मोदी सरकार ने हमसे हमारा गौरव कैलाश मानसरोवर यात्रा छीन ली। इससे तकलाकोट, सांगरू क्षेत्र से चीन के साथ हमारा व्यापार भी प्रभावित हुआ। चौदास-ब्यास की रंग संस्कृति को अभूतपूर्व बताते हुए उन्होंने स्थानीय निवासियों को सावधान किया कि जहां-जहां भाजपा की नजर पड़ी है, वहां-वहां जमीन बिकी हैं।
उन्होंने क्षेत्रीय विधायक हरीश धामी और उनके सहयोगियों से कहा कि वे भी ध्यान लगाकर मुख्यमंत्री को कैलाश मानसरोवर की खो चुकी यात्रा के लिए ध्यान लगाने को बाध्य करें। राज्य सरकार ने इसे पूरी तरह विस्मृत कर दिया है। ये यात्रा पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की सौगात थी। यात्रा के पहले जत्थे के साथ कैलाश मानसरोवर की परिक्रमा करने का साैभाग्य उन्हें और डॉ सुब्रमण्यम स्वामी को प्राप्त हुआ था।
मुख्यमंत्री घोषणा के तहत खटीमा स्थित शहीद स्थल पर शैड सहित कई विकास कार्यों के लिए प्रदान की स्वीकृति..
उत्तराखंड: सीएम पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री घोषणा के क्रम में जनपद उधमसिंह नगर के विधानसभा क्षेत्र खटीमा स्थित शहीद स्थल पर शैड के निर्माण हेतु 66 लाख की धनराशि की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की हैं। सीएम धामी ने प्रदेश के विकासखण्डवार हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट के टॉपर 5-5 छात्र-छात्राओं को भारत दर्शन-शैक्षिक भ्रमण कार्यक्रम में सम्मिलित किये जाने की स्वीकृति प्रदान की है। पहले यह संख्या विकासखण्डवार 2-2 छात्र-छात्राओं की थी। सीएम धामी ने भारत सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना के घटक बाबू जगजीवन राम छात्रावास योजनान्तर्गत शहीद दुर्गामल्ल राजकीय महाविद्यालय डोईवाला, हुकम सिंह बोरा बालिका छात्रावास, अल्मोड़ा एवं औ. प्रशिक्षण संस्थान पाईन्स नैनीताल में छात्रावासों के निर्माण हेतु राज्यांश के रूप में 7 करोड़ 64 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की।
शासन स्तर पर तैयार की जा रही चिकित्साधिकारियों की सूची..
उत्तराखंड: स्वास्थ्य विभाग में जल्द ही बड़ा फेरबदल होगा। कई जिलों में मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) बदले जा सकते हैं। जबकि बागेश्वर, उत्तरकाशी, नैनीताल जिले में स्थायी सीएमओ की तैनाती की जाएगी। शासन स्तर पर चिकित्साधिकारियों की सूची तैयार की जा रही है। स्वास्थ्य महानिदेशालय में लंबे समय में तैनात अधिकारियों को भी जिलों में भेजा जा सकता है। 30 जून को स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. विनीता शाह सेवानिवृत्त हो रहीं हैं। इसके बाद निदेशक डॉ. तारा आर्य महानिदेशक का अतिरिक्त कार्यभार संभालेंगी। वर्तमान में उनके पास स्वास्थ्य निदेशक कुमाऊं मंडल का कार्यभार है। जुलाई महीने में स्वास्थ्य विभाग में निदेशालय और जिला स्तर पर फेरबदल के लिए कवायद चल रही है।
बागेश्वर, उत्तरकाशी और नैनीताल जिले में वर्तमान में प्रभारी सीएमओ हैं। जबकि 30 जून को सीएमओ चमोली भी सेवानिवृत्त हो रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग इन जिलों में स्थायी सीएमओ तैनात करेगी। साथ ही अन्य जिलों में तैनात सीएमओ इधर से उधर किए जाएंगे। सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर. राजेश कुमार का कहना है कि 30 जून को कई अधिकारी सेवानिवृत्त होने से पद खाली हो रहे हैं। इन पदों पर अधिकारियों की तैनाती की जाएगी। फेरबदल के लिए विचार किया जा रहा है।
