गणेश जोशी ने शिवराज सिंह चौहान को भगवान बदरीनाथ धाम का पटका एवं प्रसाद भेंट किया
देहरादून। प्रदेश की कृषि मंत्री गणेश जोशी ने आज जॉलीग्रांट एयरपोर्ट पर केंद्रीय कृषि एवं कृषक कल्याण एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान का उत्तराखंड आगमन पर पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत एवं अभिनंदन किया।

इस दौरान कृषि मंत्री गणेश जोशी ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को भगवान बदरीनाथ धाम का पटका एवं प्रसाद भी भेंट किया।
राष्ट्रीय बालिका दिवस पर सीएम धामी ने दी समस्त प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि शिक्षित और आत्मनिर्भर बेटियाँ ही सशक्त, समृद्ध और प्रगतिशील समाज की मजबूत नींव होती हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इसके लिए विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के माध्यम से निरंतर प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि प्रदेश की हर बेटी को आगे बढ़ने के समान अवसर मिल सकें और वह अपने सपनों को साकार कर सके।
राज्य में संचालित एवं प्रस्तावित सड़क परियोजनाओं को लेकर हुई चर्चा
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से उनके शासकीय आवास पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा ने शिष्टाचार भेंट की।
इस दौरान राज्य में संचालित एवं प्रस्तावित सड़क परियोजनाओं को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही उत्तराखंड के विकास से जुड़े विभिन्न समसामयिक विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ।
पारिवारिक परिस्थितियों से दुकान पर काम करने को मजबूर 2 बेटियां अब अपने शिक्षा के पंखों से भर सकेंगी भविष्य की उड़ान
डीएम सविन बंसल के निर्देश पर जीरो टॉलरेंस, बालश्रम पर सख्त कार्रवाई
देहरादून। जिला प्रशासन द्वारा बालश्रम और भिक्षावृत्ति के विरुद्ध चलाए जा रहे सघन अभियान के तहत एक और प्रभावी कार्रवाई सामने आई है। सहस्त्रधारा रोड क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान एक दुकान में कार्यरत दो नाबालिग बालिकाओं को प्रशासन की टीम ने रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद दोनों बालिकाओं के पुनर्वास और उज्ज्वल भविष्य के लिए आवश्यक कदम उठाए गए।
रेस्क्यू के पश्चात बालिकाओं की काउंसलिंग की गई, ताकि उनके मानसिक और भावनात्मक पक्ष को समझा जा सके। साथ ही उनके माता-पिता से संवाद कर उन्हें बालश्रम के दुष्परिणामों, बच्चों के कानूनी अधिकारों और शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक किया गया।
आईसीसी में नामांकन
सभी आवश्यक औपचारिकताओं के बाद दोनों बालिकाओं का जिला प्रशासन के इंटेंसिव केयर सेंटर (आईसीसी) में नामांकन कराया गया। यहां उन्हें संरक्षण, परामर्श और शैक्षणिक मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके साथ ही बालिकाओं को साधुराम इंटर कॉलेज में नामांकित कर औपचारिक रूप से शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा गया।
जिला प्रशासन की ओर से बालिकाओं की पढ़ाई में किसी प्रकार की बाधा न आए, इसके लिए उन्हें किताबें, स्कूल बैग और जूते भी उपलब्ध कराए गए। प्रशासन का कहना है कि यह पहल न केवल बच्चों के वर्तमान को सुरक्षित कर रही है, बल्कि उनके भविष्य को सशक्त बनाने की दिशा में भी एक मजबूत कदम है।
जीरो टॉलरेंस नीति
जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशानुसार जनपद में बालश्रम और भिक्षावृत्ति के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। रेस्क्यू किए गए प्रत्येक बच्चे के समग्र पुनर्वास, शिक्षा, स्वास्थ्य और मानसिक विकास को प्राथमिकता दी जा रही है।
इंटेंसिव केयर सेंटर के माध्यम से बच्चों को योग, संगीत, खेल सहित विभिन्न गतिविधियों से जुड़ा सुरक्षित वातावरण प्रदान किया जा रहा है, ताकि उन्हें आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी नागरिक बनाया जा सके।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि बालश्रम और भिक्षावृत्ति में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी, जबकि रेस्क्यू किए गए बच्चों को हरसंभव सहायता देकर उनके भविष्य को संवारा जाएगा।
ऋषिकेश–डोईवाला बाईपास रेल लाइन पर संयुक्त सर्वे के निर्देश
देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में मण्डल रेल प्रबन्धक, उत्तर रेलवे मुरादाबाद विनीता श्रीवास्तव के साथ मुख्य सचिव कार्यालय में बैठक सम्पन्न हुई। बैठक के दौरान उत्तर रेलवे से सम्बन्धित प्रकरणों एवं परियोजनाओं के सम्बन्ध में विस्तार से चर्चा हुई।
मुख्य सचिव ने ऋषिकेश- डोईवाला बाईपास रेलवे लाईन परियोजना के तहत् जिलाधिकारी देहरादून को राजाजी नेशनल पार्क एवं वन विभाग की 3.62 हेक्टेयर वन भूमि को लेकर रेलवे, मुख्य वन्यजीव वार्डन और राजाजी नेशनल पार्क के साथ मिलकर संयुक्त सर्वेक्षण कराते हुए निरीक्षण आख्या शासन को उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य सचिव ने देहरादून- मोहण्ड- सहारनपुर टनल आधारित रेलवे लाईन परियोजना के सम्बन्ध में परियोजना का फाईनल लोकेशन सर्वे कराते हुए अद्यतन स्थिति से शीघ्र अवगत कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने रेलवे को हर्रावाला रेलवे स्टेशन विस्तारीकरण का मास्टर प्लान को भी शासन से साझा किए जाने की बात कही। कहा कि रेलवे और जिला प्रशासन संयुक्त सर्वे करते हुए शीघ्र ही निरीक्षण आख्या शासन को उपलब्ध कराए।
मुख्य सचिव ने कुम्भ मेला – 2027 के दौरान यातायात व्यवस्था दुरूस्त रखने एवं श्रद्धालुओं को सुगम यात्रा उपलब्ध कराने के दृष्टिगत रेलवे अधिकारियों को जिलाधिकारी हरिद्वार, एसएसपी हरिद्वार, मेलाधिकारी एवं राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) को मिलकर संयुक्त रूप से ट्रैफिक प्लान तैयार किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने रेलवे सुरंग हरिद्वार के पास ढलान स्थिरीकरण (slop stabilization) कार्य को शीघ्र कराते हुए कृत कार्यवाही की आख्या शासन को भी उपलब्ध कराए जाने की बात कही।
इस अवसर पर सचिव परिवहन बृजेश कुमार संत, अपर सचिव रीना जोशी सहित रेलवे के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
वसंत पंचमी के पावन अवसर पर हुई तिथि घोषित
जोशीमठ। उत्तराखंड के प्रसिद्ध चारधामों में शामिल बदरीनाथ धाम के कपाट इस वर्ष 23 अप्रैल को श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिए जाएंगे। वसंत पंचमी के पावन अवसर पर कपाटोद्घाटन की तिथि की औपचारिक घोषणा की गई। परंपरागत धार्मिक रीति-रिवाजों के तहत यह घोषणा नरेंद्रनगर राजदरबार में की गई।
कपाटोद्घाटन की प्रक्रिया से पहले डिम्मर गांव से डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत के सदस्य गाडू घड़ा के साथ ऋषिकेश के लिए रवाना हुए। शुक्रवार को डिमरी पुजारी गाडू घड़ा लेकर नरेंद्रनगर राजदरबार पहुंचे, जहां महाराजा मनुजेंद्र शाह की उपस्थिति में पंचांग पूजन के बाद भगवान बदरीविशाल धाम के कपाट खुलने की तिथि घोषित की गई।
23 अप्रैल को ब्रह्म मुहूर्त में खुलेंगे कपाट
धार्मिक परंपराओं के अनुसार भगवान बदरीविशाल के कपाट 23 अप्रैल को ब्रह्म मुहूर्त में सुबह 6 बजकर 15 मिनट पर खोले जाएंगे। वहीं गाडू घड़ा यात्रा की शुरुआत 7 अप्रैल से होगी।
इससे पूर्व बृहस्पतिवार सुबह श्रीलक्ष्मी-नारायण मंदिर, डिम्मर में डिम्मर गांव के पुजारी टीका प्रसाद डिमरी और आचार्यों ने विधिविधान से भगवान और गाडू घड़ा का विष्णु सहस्त्रनाम एवं नामावलियों से महाभिषेक किया। इसके बाद बाल भोग अर्पित कर गाडू घड़ा के साथ मंदिर की परिक्रमा की गई। भगवान बदरीविशाल के जयकारों के बीच गाडू घड़ा यात्रा रात्रि प्रवास के लिए ऋषिकेश रवाना हुई।
वसंत पंचमी की सुबह गाडू घड़ा लेकर डिमरी पुजारी ऋषिकेश से नरेंद्रनगर राजदरबार पहुंचे। यहां महाराजा मनुजेंद्र शाह ने पंचांग पूजन के बाद भगवान बदरीविशाल के कपाटोद्घाटन, महाभिषेक में प्रयुक्त होने वाले तिलों के तेल को पिरोने और गाडू घड़ा तेल कलश यात्रा की तिथियों की घोषणा की।
अक्षय तृतीया पर खुलेंगे गंगोत्री और यमुनोत्री धाम
उल्लेखनीय है कि गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर खोले जाते हैं। इस वर्ष 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया है, हालांकि कपाट खुलने का शुभ मुहूर्त मंदिर समिति की मौजूदगी में बाद में निर्धारित किया जाएगा। वहीं केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि महाशिवरात्रि के अवसर पर घोषित की जाएगी।
विकसित भारत का लक्ष्य प्राप्त करने में भूमिका निभाएगा विकसित उत्तराखंड का विजन
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सिविल सर्विसेस इंस्टीट्यूट में आयोजित चिन्तन शिविर एवं डॉयलाग ऑन विजन 2047 में राज्य के प्रशासनिक अधिकारियों को संबोधित किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस दो दिवसीय शिविर के माध्यम से, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प के अनुसार 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए ठोस, व्यवहारिक और समयबद्ध रणनीति तैयार की जाएगी। इस दौरान उत्तराखण्ड के समग्र विकास से जुड़े सभी प्रमुख क्षेत्रों पर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा। जिससे राज्य के भविष्य के लिए एक स्पष्ट, व्यवहारिक और समयबद्ध दिशा निर्धारित की जा सकेगी।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प तभी साकार हो सकता है जब देश का प्रत्येक राज्य समान रूप से विकसित हो। इसके लिए उत्तराखण्ड को भी अपने संसाधनों, क्षमताओं और विशिष्टताओं के अनुरूप विकास की एक स्पष्ट और दीर्घकालिक दिशा तय करनी होगी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा प्रस्तुत “विकसित भारत” का संकल्प किसी एक सरकार, किसी एक कार्यकाल या किसी एक योजना तक सीमित नहीं है, बल्कि ये एक ऐसा व्यापक और दीर्घकालिक राष्ट्रीय दृष्टिकोण है, जिसमें भारत को आर्थिक, सामाजिक, तकनीकी, सामरिक तथा सांस्कृतिक रूप से सशक्त, आत्मनिर्भर और वैश्विक नेतृत्वकर्ता राष्ट्र के रूप में स्थापित करने का संकल्प निहित है। इस विज़न की सबसे बड़ी विशेषता है कि इसमें विकास को केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि इसे मानव केंद्रित, समावेशी और सतत बनाया गया है। विकसित भारत का अर्थ एक ऐसे भारत का निर्माण है जहाँ प्रत्येक नागरिक को समान अवसर प्राप्त हों, जहाँ शासन व्यवस्था पारदर्शी, संवेदनशील और जन-केंद्रित हो।
प्रशासनिक तंत्र की भूमिका
मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति निर्माण से लेकर उसके क्रियान्वयन और अंतिम सफलता तक प्रशासन की सक्रियता, संवेदनशीलता और दक्षता ही ये तय होती है। इसलिए इस विज़न को साकार करने में प्रशासनिक तंत्र की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके लिए हमारे प्रशासन को न केवल तेजी और पारदर्शिता के साथ कार्य करना होगा, बल्कि प्रत्येक नीति, निर्णय और योजना को ‘लक्ष्य आधारित’ एवं ‘जन-केंद्रित’ दृष्टि से लागू करना होगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि आप लोग अपने कार्यों को केवल आदेश देने या मीटिंग करने तक सीमित न रखें, बल्कि अपने दायरे में आने वाले प्रत्येक कार्य को नवाचार, पारदर्शिता, समयबद्ध और परिणाम केंद्रित दृष्टिकोण के साथ तत्परता और जवाबदेही के साथ पूर्ण करें। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आज हम विकसित उत्तराखंड से विकसित भारत के संकल्प को साकार करने का रोडमैप बना रहे हैं। इसका अर्थ केवल योजनाएं और नीतियां बनाने या लक्ष्य निर्धारित करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि हमें ये ये देखना होगा कि हमारी योजनाओं और नीतियों से आम नागरिकों के जीवन में क्या बदलाव आएगा। इसके लिए हमें, किसानों की आय वृद्धि, युवाओं के लिए रोजगार सृजन, महिलाओं के लिए समान अवसर जैसे मानकों पर ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि इन लक्ष्यों की प्राप्ति ही विकसित उत्तराखंड और विकसित भारत की वास्तविक कसौटी तय करेंगे।
टीम उत्तराखंड की तरह कार्य करें
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि पर्वतीय राज्य होने के नाते हमारे सामने कुछ विशेष चुनौतियाँ भी हैं, लेकिन इन्हीं चुनौतियों के भीतर अनेकों अवसर छिपे हुए हैं। यदि हम अपनी नीतियों और योजनाओं को राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों, स्थानीय आवश्यकताओं और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप ढालें, तो उत्तराखण्ड इकोनॉमी और इकोलॉजी के बीच संतुलन स्थापित कर देश में विकास को नई दिशा दे सकता है। इसके लिए हमें तय करना होगा कि वर्ष 2047 में हमारा राज्य शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, पर्यटन, कृषि, ऊर्जा, तकनीक और सुशासन जैसे क्षेत्रों में किस स्तर तक पहुँचना चाहिए। साथ ही साथ विभागीय सीमाओं से ऊपर उठकर विजन 2047 को साकार करने के लिए सभी विभागों के बीच समन्वय स्थापित करते हुए आगामी पच्चीस वर्षों की स्पष्ट कार्ययोजना तैयार करनी होगी। उन्होंने कहा कि हमें “सोलो प्लेयर” वाली मानसिकता से ऊपर उठकर निकलकर “टीम उत्तराखंड” के रूप में कार्य करना होगा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जिस स्थान से आपने अपनी सेवा शुरु की है वहां के विकास पर विशेष ध्यान दें, साथ ही जन जन की सरकार, जन जन के द्वार कार्यक्रम के दौरान सामने आने वाली जनसमस्याओं को डायरी में नोट करते हुए, उनके निराकरण करें।
विकसित उत्तराखण्ड की नींव
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित उत्तराखंड की नींव सुशासन, तकनीक एवं नवाचार और जन केंद्रित सतत एवं संतुलित विकास के तीन स्तंभों पर टिकी है। सुशासन का अर्थ केवल नियमों और प्रक्रियाओं का पालन करना नहीं बल्कि हमें ये सुनिश्चित करना होगा कि हर निर्णय समय पर हो, हर योजना पारदर्शी हो और हर अधिकारी अपने दायित्व के प्रति जवाबदेह हो। उन्होंने कहा कि हमें ई-गवर्नेंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स सहित आधुनिक तकनीकों का उपयोग करके शासन को और अधिक प्रभावी, तेज और पारदर्शी बनाना होगा। साथ ही ये भी सुनिश्चित करना होगा कि तकनीक केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित न रहे, बल्कि दूरस्थ और सीमांत गाँवों तक भी पहुँचे। इसके साथ ही, हमारी नीतियों और योजनाओं के केंद्र में आम नागरिकों का कल्याण सर्वोपरि होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास प्रशासन की सबसे बड़ी पूंजी है और इसे बनाए रखना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड जैसे पर्यावरणीय दृष्टि से संवेदनशील राज्य में विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। आपदा प्रबंधन को हमें विकास योजना का अभिन्न हिस्सा बनाना होगा।
निर्धारित करें आउटपुट और आउटकम
उन्होंने कहा कि अधिकारियों को प्रत्येक योजना का स्पष्ट आउटपुट और आउटकम निर्धारित करना होगा। केवल रुपया व्यय हो जाना ही किसी योजना की सफलता का पैमाना नहीं है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्रेरित करते हुए कहा कि आपका प्रत्येक निर्णय केवल आज को प्रभावित नहीं करता, बल्कि आने वाले भविष्य की दिशा भी तय करता है। बतौर प्रशासनिक अधिकारी आपके निर्णय, कार्य और नीतियों से जनता के जीवन में जो सकारात्मक परिवर्तन हुए हैं, वही भविष्य में आपकी वास्तविक पहचान बनेंगे। इसलिए अपने दायित्वों को केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी न समझें, बल्कि इसे समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण का अवसर मानकर निभाएँ। उन्होंने कहा कि कभी कभी देखने में आता है कि जनता की बात अनसुनी रह जाती है, कभी लालफीताशाही कार्यों में देरी लाती है ये स्थितियाँ प्रशासन पर जनता के विश्वास को कमजोर करती हैं। उन्होंने कहा कि विकसित भारत और विकसित उत्तराखण्ड की ये यात्रा लंबी है, यदि हमारी दिशा सही रहेगी, हमारी नीति स्पष्ट रहेगी, हमारी नीयत साफ रहेगी और हमारा संकल्प अडिग रहेगा तो हम अपने लक्ष्य को पूर्ण करने में अवश्य सफल रहेंगे।
संबोधन में बाद भी मंथन में शामिल हुए सीएम
सिविल सर्विसेस इंस्टीट्यूट में आयोजित चिन्तन शिविर एवं डॉयलाग ऑन विजन 2047 में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, उद्घाटन सत्र के बाद भी काफी देर तक शामिल हुए। प्रथम सत्र में संबोधन के बाद, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मंच के नीचे हॉल की प्रथम पंक्ति में बैठ गए। इस दौरान मंच पर विभिन्न विषयों पर मंथन और संवाद चलता रहा, सीएम पुष्कर सिंह धामी इस दौरान हॉल में बैठकर, परिचर्चा को सुनते रहे, साथ ही संवाद के प्रमुख बिंदुओं और सुझावों को नोट भी करते रहे।
इस अवसर पर सेतु आयोग के सीईओ शत्रुघ्न सिंह, प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, नीति आयोग से प्रोग्राम डायरेक्टर डॉ. नीलम पटेल, आईएएस अधिकारी एवं विभिन्न विषयों के विशेषज्ञ मौजूद थे।
बसंत पंचमी का पर्व ज्ञान, विवेक और नवीनता का प्रतीक- मुख्यमंत्री
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समस्त प्रदेशवासियों को माँ सरस्वती की आराधना और ऋतुराज बसंत के आगमन के पावन पर्व बसंत पंचमी की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि बसंत पंचमी का पर्व ज्ञान, विवेक और नवीनता का प्रतीक है। उन्होंने कामना की कि यह पावन अवसर प्रदेशवासियों के जीवन में नई ऊर्जा, सकारात्मक सोच और सुख-समृद्धि का संचार करे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि माँ सरस्वती की कृपा से समाज में ज्ञान का प्रकाश फैले और प्रदेश निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़े। उन्होंने सभी से इस पर्व को उत्साह, श्रद्धा और सौहार्द के साथ मनाने का आह्वान किया।
मसूरी, चकराता और धनौल्टी में सीजन की पहली बर्फबारी
28 जनवरी तक खराब मौसम के आसार
देहरादून। लंबे इंतजार के बाद उत्तराखंड में मौसम ने आखिरकार करवट ले ली है। राजधानी देहरादून सहित प्रदेश के कई हिस्सों में शुक्रवार सुबह से बारिश और बूंदाबांदी का सिलसिला जारी है, जबकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी शुरू हो गई है। मौसम में आए इस बदलाव से प्रदेशभर में ठिठुरन बढ़ गई है।
निचले इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो रही है, वहीं केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री, मसूरी, चकराता और धनौल्टी जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फ की फुहारें गिर रही हैं। बर्फबारी से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे शीतलहर का असर बढ़ गया है।
मसूरी, धनौल्टी और चकराता में सीजन की पहली बर्फबारी
पहाड़ों की रानी मसूरी के लालटिब्बा क्षेत्र में हल्की बर्फबारी दर्ज की गई, जिससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों में खासा उत्साह देखने को मिला। वहीं धनौल्टी में बसंत पंचमी के दिन सीजन की पहली बर्फबारी हुई, जिससे पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
चकराता क्षेत्र की ऊंची पहाड़ियों लोखंडी, आसमाड़, खड़म्बा, देवबन, मशक, कोटी कंसार और मुंडोई में भी साल की पहली बर्फबारी हुई है। इन इलाकों में पहाड़ियां सफेद चादर से ढक गई हैं और तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है।
उत्तरकाशी, टिहरी और रुद्रप्रयाग में बदला मौसम
उत्तरकाशी जनपद के गंगोत्री और यमुनोत्री धाम सहित हर्षिल और खरसाली क्षेत्र में हल्की से मध्यम बर्फबारी हो रही है। गंगा के शीतकालीन प्रवास मुखबा और आपदा प्रभावित धराली क्षेत्र में भी बर्फ गिरने से ठंड बढ़ गई है।
नई टिहरी और आसपास के क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी हुई है और बादल छाए हुए हैं। रुद्रप्रयाग जिले में मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार 2300 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना है, जबकि अन्य क्षेत्रों में ओलावृष्टि, बिजली चमकने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।
28 जनवरी तक बना रह सकता है बदला मौसम
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेशभर में 28 जनवरी तक मौसम का मिजाज ऐसा ही बने रहने की संभावना है। निचले इलाकों में बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी जारी रह सकती है।
सीजन की पहली बर्फबारी से जहां ठंड बढ़ी है, वहीं यह पर्यटन कारोबारियों, सैलानियों और किसानों के लिए राहत और उम्मीद भी लेकर आई है। लंबे समय से बर्फबारी का इंतजार कर रहे लोगों के चेहरों पर खुशी साफ नजर आ रही है।
देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में देहरादून शहर एवं उसके आसपास के क्षेत्रों में आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में लगातार कार्य कर रहा है। इसी क्रम में डोईवाला विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले विभिन्न वार्डों और ग्राम क्षेत्रों में सड़क निर्माण एवं आंतरिक मार्गों के विकास से जुड़े कार्यों का स्थानीय विधायक बृजभूषण गैरोला द्वारा संबधित वार्डों के पार्षदों के साथ एमडीडीए अधिकारियों की मौजूदगी में शिलान्यास किया गया। विधायक ने कहा इन विकास कार्यों से स्थानीय नागरिकों को बेहतर आवागमन सुविधा के साथ-साथ सुरक्षित और सुचारु यातायात का लाभ मिलेगा। डोईवाला विधानसभा क्षेत्र में किए गए इन सड़क निर्माण कार्यों का उद्देश्य ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों को मजबूत कनेक्टिविटी प्रदान करना है, जिससे स्थानीय निवासियों, विद्यार्थियों, बुजुर्गों और व्यापारियों को दैनिक आवागमन में सुविधा हो सके। विधायक डोईवाला विधानसभा बृजभूषण गैरोला के मार्गदर्शन में तथा क्षेत्रीय पार्षदों के सहयोग से इन विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर यथाशीघ्र गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जायेगा।
डोईवाला के वार्ड संख्या-08 अठुरवाला क्षेत्र में निर्मल डिमरी के आवास से दीपक पंवार के आवास तक सड़क निर्माण कार्य का शिलान्यास किया गया। इसके साथ ही वार्ड संख्या-07 जोग्याणा में भी सड़क निर्माण कार्य का शिलान्यास किया गया। इन कार्यों में स्थानीय पार्षद रमेश बिष्ट की सक्रिय भूमिका रही।
इसके अतिरिक्त डोईवाला विधानसभा क्षेत्र के ग्राम बुल्लावाला मारखमग्रांट मार्ग पर सड़क निर्माण कार्य का शिलान्यास किया गया। वार्ड संख्या-17 कुड़कावाला में हरजिंदर सिंह के आवास से खुशहाल सिंह के आवास तक सड़क निर्माण कार्य का शिलान्यास किया गया। इन कार्यों में पार्षद विनीत राजपूत की सक्रिया भूमिका रही।
वार्ड संख्या-08 अठुरवाला के सुरकंडा विहार क्षेत्र में आंतरिक सड़क निर्माण कार्य का भी शिलान्यास किया गया। उक्त कार्य में पार्षद संदीप सिंह नेगी की भूमिका सराहनीय रही।
इसी क्रम में वार्ड संख्या-10 भानियावाला क्षेत्र में जगदम्बा चमोली के आवास से रौथाण मार्ट तक सड़क निर्माण कार्य का शिलान्यास किया गया। इसी क्रम में वार्ड नंबर-10 बौराड़ी में निर्मल जुयाल के घर से शीशपाल नेगी के घर तक सड़क निर्माण कार्य का शिलान्यास किया गया। वार्ड 10 की आंतरिक सड़कों के निर्माण कार्यों का भी शिलान्यास किया गया। इन सभी विकास कार्यों में पार्षद ईश्वर सिंह रौथाण द्वारा सक्रिय सहयोग प्रदान किया गया।
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का बयान
उपाध्यक्ष, बंशीधर तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में देहरादून एवं आसपास के क्षेत्रों में आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए एमडीडीए लगातार कार्य कर रहा है। डोईवाला विधानसभा क्षेत्र में विभिन्न वार्डों में सड़क निर्माण कार्य आमजन की लंबे समय से चली आ रही मांगों को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। बेहतर सड़कों से आवागमन सुगम होगा, दुर्घटनाओं में कमी आएगी और स्थानीय विकास को गति मिलेगी। प्राधिकरण का प्रयास है कि जनप्रतिनिधियों के सहयोग से गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जाए।
सचिव मोहन सिंह बर्निया का बयान
सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि भविष्य में भी क्षेत्रीय आवश्यकताओं के अनुरूप सड़क, जल निकासी एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं के विकास कार्य निरंतर जारी रहेंगे। एमडीडीए का लक्ष्य आम नागरिकों को बेहतर, सुरक्षित और टिकाऊ अधोसंरचना उपलब्ध कराना है, जिससे देहरादून शहर और आसपास के क्षेत्रों का समग्र विकास सुनिश्चित हो सके।
