मुख्यमंत्री धामी ने व्यक्त किया शोक, पीड़ित परिवार को हरसंभव सहयोग का दिया आश्वासन
देहरादून। दिवंगत वरिष्ठ पत्रकार पंकज मिश्रा की पत्नी लक्ष्मी मिश्रा तथा उनके भाई अरविंद मिश्रा ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भेंट की। इस दौरान उन्होंने दिवंगत पत्रकार से जुड़े घटनाक्रम की जानकारी मुख्यमंत्री को दी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि दुख की इस घड़ी में राज्य सरकार शोक संतप्त परिवार के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। उन्होंने परिवार को हरसंभव सहयोग का आश्वासन देते हुए कहा कि इस प्रकरण में विधि सम्मत कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाएगी।

मुख्यमंत्री ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करने और शोकाकुल परिवार को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की।
प्राधिकरण क्षेत्र में बिना स्वीकृति किए गए किसी भी निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा- उपाध्यक्ष एमडीडीए
देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अपने अधीन क्षेत्र में अवैध निर्माण और बिना स्वीकृति किए जा रहे विकास कार्यों के विरुद्ध सख्त रुख अपनाते हुए विधिसम्मत कार्रवाई की है। प्राधिकरण द्वारा यह कार्रवाई ग्राम कण्डोगल, कुड़ियाल गाँव, थानों तहसील डोईवाला, देहरादून में स्थित एक प्रकरण में की गई है, जहां बिना अनुमति के पूर्व निर्मित आवासीय भवन के प्रथम एवं द्वितीय तल पर मस्जिद का संचालन किया जा रहा था।
प्राधिकरण के संज्ञान में आने पर यह पाया गया कि विपक्षी प्रबन्धक, इन्तजामिया कमेटी जामा मस्जिद ग्राम कण्डोगल द्वारा लगभग 20 गुणा 40 फीट के क्षेत्रफल में बिना मानचित्र स्वीकृति एवं बिना अनुमति के निर्माण एवं संचालन किया जा रहा है। इस पर एमडीडीए द्वारा उत्तराखण्ड नगर एवं ग्राम नियोजन तथा विकास अधिनियम, 1973 की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए निर्माण एवं विकास कार्य पर रोक लगा दी गई थी।
प्रकरण में सुनवाई के लिए तिथियां नियत की गईं, लेकिन विपक्षी की ओर से किसी भी तिथि पर कोई संतोषजनक प्रतिउत्तर या आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए। अवर अभियन्ता एवं सहायक अभियन्ता की आख्या में यह भी स्पष्ट किया गया कि उत्तराखण्ड मदरसा शिक्षा परिषद, देहरादून के पत्र संख्या 673 दिनांक 25 मार्च 2025 के अनुसार थानो न्याय पंचायत क्षेत्र में कोई भी मदरसा परिषद में पंजीकृत अथवा मान्यता प्राप्त नहीं है। वहीं उत्तराखण्ड वक्फ बोर्ड के पत्र संख्या 1493 दिनांक 22 मार्च 2025 में भी संबंधित क्षेत्र में किसी मस्जिद के वक्फ अभिलेखों में दर्ज न होने की पुष्टि की गई है।
विपक्षी द्वारा आज तक कोई शमन मानचित्र प्रस्तुत न किए जाने और बार-बार शिकायतें प्राप्त होने के चलते यह प्रतीत हुआ कि प्रकरण को जानबूझकर लंबित रखा जा रहा है। उपलब्ध अभिलेखों, अभियन्ताओं की आख्या तथा उत्तराखण्ड नगर एवं ग्राम नियोजन तथा विकास अधिनियम, 1973 की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत प्राधिकरण ने समस्त अवैध निर्माण के विरुद्ध सीलिंग आदेश पारित किए गये थे। जिसे पुलिस बल की मौजूदगी में प्राधिकरण की टीम द्वारा सील कर दिया गया।
उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी का बयान
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में बिना स्वीकृति किए गए किसी भी निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि संबंधित प्रकरण में सभी पक्षों को सुनवाई का पूरा अवसर दिया गया, लेकिन नियमों का पालन नहीं किया गया। शहर के सुनियोजित विकास, सुरक्षा और पारदर्शिता को बनाए रखने के लिए ऐसी विधिसम्मत कार्रवाई आवश्यक है और भविष्य में भी यह अभियान जारी रहेगा।
सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया का बयान
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि यह कार्रवाई उत्तराखण्ड नगर एवं ग्राम नियोजन तथा विकास अधिनियम के तहत की गई है। सभी तकनीकी आख्या और अभिलेखों के आधार पर निर्णय लिया गया है। नियमों के उल्लंघन पर प्राधिकरण आगे भी सख्ती से कार्रवाई करता रहेगा।
उत्तराखण्ड के विकास और सांस्कृतिक विषयों पर हुई चर्चा
देहरादून /नई दिल्ली | उत्तराखण्ड विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण ने आज नई दिल्ली में देश के गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने गृह मंत्री से मार्गदर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त किया।
भेंट के दौरान विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण ने उत्तराखण्ड की समृद्ध लोकसंस्कृति एवं परंपरा की प्रतीक, यूनेस्को द्वारा मान्यता प्राप्त “रम्माण” लोकनाट्य पर आधारित एक पुस्तक गृह मंत्री को भेंट की। साथ ही उन्होंने इस अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण, संवर्धन एवं विस्तार की आवश्यकता पर अंतरराष्ट्रीय संसदीय अध्ययन, शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी देते हुए राज्य की विशिष्ट सांस्कृतिक विरासत से उन्हें अवगत कराया।
इस अवसर पर कोटद्वार के समग्र विकास, सांस्कृतिक संरक्षण तथा लोक परंपराओं के संवर्धन सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर भी सार्थक चर्चा हुई। गृह मंत्री अमित शाह ने इन सभी विषयों पर मार्गदर्शन प्रदान करते हुए आवश्यक सहयोग हेतु आश्वस्त किया।
गृह मंत्री द्वारा प्रदान किया गया स्नेह, प्रेरक मार्गदर्शन एवं अमूल्य समय उत्तराखण्ड के सर्वांगीण विकास तथा सांस्कृतिक पहचान को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में निरंतर प्रेरणास्रोत बना रहेगा।
विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण ने गृह मंत्री अमित शाह के प्रति हार्दिक आभार एवं कृतज्ञता व्यक्त की।
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने गढ़वाल एवं कुमाऊं मंडल में एक-एक टिशू कल्चर लैब स्थापित करने के दिए निर्देश
कृषि योजनाओं की समीक्षा बैठक, मंत्री गणेश जोशी ने दिए अहम निर्देश
देहरादून। सूबे के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने आज कृषि एवं उद्यान विभाग के अधिकारियों के साथ अपने कैंप कार्यालय में बैठक कर केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में कृषि मंत्री ने प्रदेश में टिशू कल्चर को बढ़ावा देने पर विशेष जोर देते हुए गढ़वाल एवं कुमाऊं मंडल में एक-एक टिशू कल्चर लैब स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि टिशू कल्चर तकनीक किसानों को कम लागत, कम जोखिम और अधिक आय का अवसर प्रदान करेगी। यह खेती को आधुनिक, वैज्ञानिक और व्यावसायिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित होगा।
कृषि मंत्री जोशी ने टिशू कल्चर को प्रोत्साहित करने हेतु विभागीय अधिकारियों को ठोस कार्ययोजना तैयार करने के साथ-साथ किसानों को अधिक लाभ देने वाली फसलों की ओर प्रेरित कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के निर्देश दिए। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने एरोमा सेक्टर की संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए पहाड़ी क्षेत्रों में लैवेंडर, डेंडेलाइन जैसी फसलों पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि एरोमा के क्षेत्र में अधिक से अधिक किसानों को जोड़ते हुए नवाचार आधारित कार्य किए जाएं। साथ ही कृषि एवं उद्यान क्षेत्र में उत्कृष्ट एवं इनोवेटिव कार्य कर रहे निजी संस्थानों को भी योजनाओं से जोड़ने पर बल दिया।
बैठक के दौरान मंत्री ने विदेशी बाजारों में निर्यात होने वाले कृषि एवं उद्यान उत्पादों की अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप जांच के लिए राज्य में टेस्टिंग लैब की डीपीआर शीघ्र तैयार करने तथा इसके लिए उपयुक्त भूमि चिन्हित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा फूड प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना से संबंधित सभी आवश्यक कागजी कार्यवाही जल्द पूर्ण कर कार्य प्रारंभ करने के निर्देश भी दिए।
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने अधिकारियों से कहा कि सभी योजनाएं समयबद्ध एवं प्रभावी ढंग से धरातल पर उतरें, इसके लिए अधिकारी पूरी निष्ठा और मनोयोग से कार्य करें, ताकि किसानों को योजनाओं का वास्तविक लाभ मिल सके।
इस अवसर पर कृषि उद्यान महानिदेशक वंदना सिंह, निदेशक बागवानी मिशन महेंद्र पाल, एके उपाध्याय, संयुक्त निदेशक दिनेश कुमार सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
सोमेश्वर के रैत में किया मिनी स्टेडियम का शिलान्यास
सोमेश्वर/अल्मोड़ा। प्रदेश की खेल मंत्री रेखा आर्या ने अल्मोड़ा में सोमेश्वर विधानसभा क्षेत्र के रैत में मिनी स्टेडियम का शिलान्यास किया। इस स्टेडियम का निर्माण 97.89 लाख रुपए की लागत से किया जा रहा है ।
सोमेश्वर के रैत में मिनी स्टेडियम का शिलान्यास करते हुए कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि प्रदेश के कोने कोने में खेल सुविधाएं पहुंचना उनका प्राथमिक लक्ष्य है जिससे हर घर से खिलाड़ी तैयार करने का सपना पूरा हो सके।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने सोमेश्वर में खेल मैदान के नाम पर महज एक जमीन का टुकड़ा छोड़कर खानापूर्ति कर ली थी लेकिन मौजूदा सरकार ने इस सपने को साकार करने का काम किया है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी सरकार जो घोषणा करती है उसे अंजाम तक पहुंच कर ही रहती है।

खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि उच्च स्तरीय खेल सुविधा वाला मिनी स्टेडियम बनने के बाद इस क्षेत्र से राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के तैयार होने का रास्ता साफ होगा।
इस अवसर पर जिला अध्यक्ष महेश नयाल, मण्डल अध्यक्ष सुन्दर राणा, गणेश जलाल, खड़क सिंह, विधायक प्रतिनिधी भुवन जोशी, राजेन्द्र कैडा, अनिल राणा, चन्दन बोरा जी, भरत भाकुनी, विनोद मेहरा, शंकर बिष्ट, वन्दना आर्या, प्रकाश भण्डारी, बहादुर सिंह, नरेन्द्र नेगी, ग्राम प्रधान शंकर राम, गोपाल राणा, सुनील कुमार, कमल कैड़ा, बबलू बोरा, पंकज बजेली, कैलाश राणा, हरीश कुमार, दलीप रौतेला, कैलाश बोरा आदि उपस्थित रहे।
एक्स-रे मशीन का लोकार्पण किया
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बुधवार को सोमेश्वर में नवनिर्मित उप जिला अस्पताल में एक्स-रे मशीन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि जल्द ही यह अस्पताल अपनी पूरी क्षमता के साथ संचालित होने जा रहा है जिसके बाद क्षेत्र की जनता को स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़ी सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि अब सिर्फ बेहद गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए ही क्षेत्र के लोगों को कहीं बाहर जाने की जरूरत होगी क्योंकि इस अस्पताल में लगभग सभी बीमारियों का उपचार संभव होगा। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि अस्पताल का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है और यहां स्टाफ की नियुक्ति संबंधी औपचारिकताएं पूरी करने की तैयारी चल रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा- उत्तराखंड सरकार का लक्ष्य युवाओं को रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाना है
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को राज्य के युवाओं और स्वरोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत 3,848 लाभार्थियों के खातों में 33.22 करोड़ रुपये की सहायता राशि सीधे ऑनलाइन ट्रांसफर की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार का लक्ष्य युवाओं को रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना राज्य में पलायन रोकने और गांवों में आर्थिक गतिविधियों को मजबूत करने में प्रभावी साबित हो रही है। विशेष रूप से कोविड-19 के बाद लौटे प्रवासी, युवा उद्यमी, कारीगर, हस्तशिल्प से जुड़े लोग और शिक्षित बेरोजगार इस योजना से लाभान्वित हो रहे हैं। स्वरोजगार को बढ़ावा देकर राज्य सरकार रिवर्स माइग्रेशन को प्रोत्साहित कर रही है।

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि योजना के तहत उत्तराखंड के स्थायी निवासियों को विनिर्माण, सेवा और व्यापार क्षेत्रों में बैंक ऋण की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। विनिर्माण इकाइयों के लिए 25 लाख रुपये तक और सेवा व व्यापार इकाइयों के लिए 10 लाख रुपये तक की परियोजनाओं को मंजूरी दी जा रही है। इसके साथ ही परियोजना लागत का 15 से 25 प्रतिशत तक अनुदान सरकार द्वारा दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत अब तक 35 हजार से अधिक लोग लाभ उठा चुके हैं, जबकि कुल 1,389 करोड़ रुपये से ज्यादा का ऋण वितरित किया जा चुका है। इससे प्रदेश में करीब 65 हजार नए रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये आंकड़े साबित करते हैं कि योजना केवल घोषणा तक सीमित नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू हो रही है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सब्सिडी की राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में ऑनलाइन ट्रांसफर की जा रही है, जिससे पारदर्शिता बनी है और भ्रष्टाचार की संभावना खत्म हुई है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना आत्मनिर्भर उत्तराखंड की दिशा में एक मजबूत आधार है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के विजन को आगे बढ़ाते हुए डबल इंजन सरकार राज्य के हर जिले, हर गांव और हर युवा तक रोजगार पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
नौणी–सोलन विश्वविद्यालय में मिलेगा आधुनिक सेब और कीवी उत्पादन का प्रशिक्षण
देहरादून। प्रदेश के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने अपने कैंप कार्यालय से जिला योजना के अंतर्गत जनपद देहरादून के 28 कृषकों के दल और दो उद्यान कार्मिकों को 05 दिवसीय सेब एवं कीवी उत्पादन प्रशिक्षण हेतु डॉ. वाईएस परमार कृषि एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी–सोलन (हिमाचल प्रदेश) के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस अवसर पर कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि प्रदेश में सेब और कीवी जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों की अपार संभावनाएं हैं। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों से कृषकों को आधुनिक तकनीक, उन्नत किस्मों, पौध संरक्षण एवं विपणन की जानकारी प्राप्त होगी, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कृषकों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
गौरतलब है कि इसी क्रम में जनपद देहरादून में पूर्व में 56 कृषकों को संरक्षित खेती (पाली हाउस) के प्रशिक्षण हेतु पंतनगर विश्वविद्यालय भेजा जा चुका है। मंत्री ने विश्वास जताया कि प्रशिक्षण प्राप्त कर लौटने के बाद कृषक अपने अनुभवों का लाभ अन्य किसानों को भी देंगे, जिससे जनपद एवं प्रदेश में बागवानी को नई दिशा मिलेगी।
सरकार के फैसले को हाईकोर्ट में झटका
देहरादून। उत्तराखंड में शराब के दाम बढ़ाने के राज्य सरकार के फैसले को बड़ा झटका लगा है। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने सरकार द्वारा जारी मूल्य वृद्धि के आदेश पर फिलहाल रोक लगा दी है। इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति रवीन्द्र मैठाणी और न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की खंडपीठ में हुई, जहां अदालत ने प्रथम दृष्टया याचिकाकर्ता के तर्कों को सुनते हुए अंतरिम राहत प्रदान की।
यह मामला शराब निर्माता कंपनी मैसर्स इंडियन ग्लाइकोल्स लिमिटेड की ओर से दायर याचिका के बाद न्यायालय के समक्ष आया। याचिका में कंपनी ने राज्य सरकार के 28 नवंबर को जारी उस नोटिफिकेशन को चुनौती दी, जिसके जरिए प्रदेश में शराब के दामों में वृद्धि की गई थी। याचिकाकर्ता का कहना था कि आबकारी वर्ष के बीच में शराब की कीमतों में बढ़ोतरी नियमों के विपरीत है।
कंपनी ने दलील दी कि आबकारी नीति से जुड़े नियमों में संशोधन केवल नोटिफिकेशन के माध्यम से नहीं किया जा सकता। इसके लिए निर्धारित विधिक प्रक्रिया अपनाना आवश्यक है, जिसमें नियमावली में औपचारिक संशोधन शामिल होता है। याचिका में यह भी कहा गया कि बिना प्रक्रिया पूरी किए कीमतों में वृद्धि करना व्यापारिक अधिकारों का उल्लंघन है।
वहीं, राज्य सरकार की ओर से अदालत में यह तर्क रखा गया कि सरकार को जनहित और राजस्व कारणों से शराब के दामों में संशोधन करने का अधिकार है। सरकार ने अपने फैसले को नीतिगत निर्णय बताते हुए उसे वैध ठहराने का प्रयास किया।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद उच्च न्यायालय ने सरकार के 28 नवंबर के नोटिफिकेशन पर रोक लगाते हुए अगली सुनवाई तक दाम बढ़ोतरी को लागू न करने के निर्देश दिए हैं। अदालत के इस आदेश से फिलहाल प्रदेश में शराब के पुराने दाम ही प्रभावी रहेंगे।
मनसा देवी मंदिर के पास रेलवे फाटक के समीप हुआ हादसा
ऋषिकेश। ऋषिकेश में देर रात एक भीषण सड़क हादसे में चार लोगों की जान चली गई। मनसा देवी मंदिर के पास रेलवे फाटक के समीप तेज रफ्तार कार सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकराकर उसके नीचे जा घुसी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार सभी लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस और राहत दल मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद शवों को बाहर निकाला गया।
पुलिस के अनुसार यह हादसा रात करीब 10:30 बजे हुआ, जब एक कार हरिद्वार से ऋषिकेश की ओर आ रही थी। बताया जा रहा है कि कार तेज गति में थी और रास्ते में कई वाहनों को ओवरटेक कर रही थी। इसी दौरान अचानक वाहन चालक ने नियंत्रण खो दिया और कार सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकरा गई। टक्कर के बाद कार ट्रक के नीचे फंस गई, जिससे भीतर बैठे लोगों को बाहर निकालने में काफी समय लगा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे से ठीक पहले चालक ने किसी जानवर को बचाने के प्रयास में कार को मोड़ा, जिससे वाहन असंतुलित हो गया। सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ट्रक और कार को अलग करने के लिए क्रेन की मदद ली। वाहन को काटकर शवों को बाहर निकाला गया।
कोतवाली प्रभारी केसी भट्ट ने बताया कि कार के नंबर के आधार पर वाहन स्वामी की पहचान सोनू कुमार निवासी चंद्रेश्वर मार्ग, ऋषिकेश के रूप में की गई है। उनसे संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन फोन रिसीव नहीं हो सका। प्रारंभिक जांच में दो मृतकों की पहचान धीरज जायसवाल (30) निवासी चंद्रेश्वर नगर, ऋषिकेश और हरिओम (22) निवासी गुमानीवाला, ऋषिकेश के रूप में हुई है। शेष दो मृतकों की पहचान की जा रही थी।
पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर अत्यधिक गति और लापरवाही को हादसे का मुख्य कारण माना जा रहा है।
शहरी विकास, स्मार्ट सिटी और पर्यावरणीय प्रबंधन की व्यावहारिक समझ के लिए 14 से 26 दिसंबर तक देश के प्रमुख शहरों का दौरा
देहरादून। एटीआई नैनीताल द्वारा आवास अनुभाग में नवनियुक्त कनिष्ठ अभियंताओं को व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। विभागीय कार्यों में गुणवत्ता, नवाचार और आधुनिक तकनीकों के समावेश के उद्देश्य से कनिष्ठ अभियंताओं के लिए 14 दिसंबर से 26 दिसंबर 2025 तक एक व्यापक राष्ट्रीय अध्ययन भ्रमण (स्टडी टूर) का आयोजन किया गया है। यह अध्ययन भ्रमण देश के प्रमुख शहरी केंद्रों देहरादून, शिमला, चंडीगढ़, नोएडा एवं दिल्ली में आयोजित किया जा रहा है। इस अध्ययन भ्रमण का मुख्य उद्देश्य अभियंताओं को शहरी नियोजन, आवासीय विकास, स्मार्ट सिटी परियोजनाओं, अपशिष्ट प्रबंधन, सीवेज ट्रीटमेंट, ढलान स्थिरता, पार्किंग समाधान, सार्वजनिक स्थलों के प्रबंधन तथा सतत विकास मॉडल से व्यावहारिक रूप से अवगत कराना है।
अभियंताओं का सहस्रधारा क्षेत्र में विकसित सिटी फॉरेस्ट पार्क का भ्रमण
अध्ययन भ्रमण की शुरुआत देहरादून से हुई। अध्ययन भ्रमण के प्रथम चरण में अभियंताओं को मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा सहस्रधारा क्षेत्र में विकसित सिटी फॉरेस्ट पार्क का भ्रमण कराया गया। इस दौरान अभियंताओं ने पार्क की योजना, लैंडस्केप डिज़ाइन, हरित विकास मॉडल, पर्यावरण संरक्षण से जुड़े उपायों तथा नागरिक सुविधाओं के प्रबंधन का विस्तार से अध्ययन किया। भ्रमण के दौरान अभियंताओं ने पार्क में भ्रमण हेतु आए विभिन्न विद्यालयों के छात्र–छात्राओं, शिक्षकों एवं उनके परिजनों से संवाद स्थापित कर सिटी फॉरेस्ट को लेकर उनकी प्रतिक्रिया और अनुभव भी जाने। आम नागरिकों से प्राप्त फीडबैक के माध्यम से अभियंताओं को यह समझने का अवसर मिला कि किस प्रकार सार्वजनिक हरित स्थलों को नागरिकों की आवश्यकताओं और पर्यावरणीय संतुलन के अनुरूप विकसित किया जा सकता है। यह अनुभव अभियंताओं के लिए अत्यंत उपयोगी एवं सीखप्रद रहा।
इसके साथ ही अभियंता देहरादून के अन्य क्षेत्रों का भ्रमण कर इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC), आईटीडीए, स्मार्ट सिटी परियोजनाओं, शहरी निगरानी प्रणाली, सार्वजनिक पार्कों की लैंडस्केपिंग, मटेरियल रिकवरी सेंटर एवं विरासत स्थलों के पुनर्विकास कार्यों का अध्ययन करेंगे। इसके पश्चात अभियंताओं का दल शिमला पहुंचेगा। शिमला में हिमाचल प्रदेश हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी (HIMUDA) द्वारा संचालित पहाड़ी क्षेत्रों की आवासीय योजनाओं, ढलान आधारित निर्माण तकनीक, शहरी गतिशीलता, संरचित पार्किंग, हेरिटेज पब्लिक स्पेस तथा शहरी प्रशासन से जुड़े नवाचारों का प्रत्यक्ष अवलोकन किया जाएगा।
अगले चरण में अध्ययन भ्रमण चंडीगढ़ में आयोजित होगा, जहां अभियंता पिंक मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी, आरडीएफ प्लांट, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, कंस्ट्रक्शन एंड डिमोलिशन वेस्ट प्लांट, कैपिटल कॉम्प्लेक्स, रॉक गार्डन, सुखना लेक एवं सिटीवाइड डेटा इंटीग्रेशन से जुड़े आईसीसीसी का अध्ययन करेंगे। अध्ययन भ्रमण के अंतिम चरण में अभियंता नोएडा और दिल्ली में आधुनिक कार्यालय भवनों, वेटलैंड आधारित अपशिष्ट प्रबंधन, निजी आवासीय परियोजनाओं, बड़े सार्वजनिक स्थलों, रोबोटिक पार्किंग प्रणाली तथा अक्षरधाम मंदिर जैसे उच्च जन-आवागमन वाले स्थलों के प्रबंधन मॉडल को समझेंगे। अध्ययन भ्रमण का समापन 26 दिसंबर 2025 को होगा। विभाग का विश्वास है कि यह पहल भविष्य में उत्तराखंड को एक सुव्यवस्थित, स्मार्ट और पर्यावरण-संतुलित राज्य के रूप में विकसित करने में सहायक सिद्ध होगी।
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का बयान
अध्ययन भ्रमण के संबंध में उपाध्यक्ष मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण { एमडीडीए } बंशीधर तिवारी ने कहा कि आज के समय में शहरी विकास केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह स्मार्ट तकनीक, पर्यावरणीय संतुलन और नागरिक सुविधाओं के समन्वय का विषय बन चुका है। इस अध्ययन भ्रमण के माध्यम से हमारे कनिष्ठ अभियंता देश के अग्रणी शहरों में अपनाए जा रहे आधुनिक मॉडल को प्रत्यक्ष रूप से समझेंगे, जिससे उत्तराखंड में योजनाओं के क्रियान्वयन की गुणवत्ता और प्रभावशीलता में उल्लेखनीय सुधार आएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि उत्तराखंड में टिकाऊ, सुरक्षित और नागरिक-केंद्रित शहरी विकास को बढ़ावा दिया जाए और इस दिशा में अभियंताओं का प्रशिक्षण अत्यंत महत्वपूर्ण है।
सचिव मोहन सिंह बर्निया का बयान
वहीं सचिव मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण { एमडीडीए } मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि यह अध्ययन भ्रमण कनिष्ठ अभियंताओं की तकनीकी क्षमता, योजना निर्माण कौशल और नवाचार को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। विभिन्न राज्यों की श्रेष्ठ प्रथाओं को समझकर अभियंता उन्हें उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप लागू कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि इस भ्रमण से अभियंताओं को अपशिष्ट प्रबंधन, सीवेज ट्रीटमेंट, स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर, पहाड़ी क्षेत्रों में सुरक्षित निर्माण एवं आधुनिक पार्किंग समाधान जैसे विषयों पर व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा, जिसका सीधा लाभ राज्य की आवासीय एवं शहरी परियोजनाओं को मिलेगा।
