पौड़ी में शिक्षक ने क्रूरता की हद कर दी, पीट-पीटकर छात्र का तोड़ा डाला हाथ..
उत्तराखंड: प्रदेश के स्कूल पढ़ाई के लिए कम और विवादों के लिए ज्यादा चर्चा में रहते हैं। पौड़ी जिले में भी एक सरकारी शिक्षक पर छात्र को बेरहमी से पीटने का आरोप लगा है। आरोप है कि टीचर ने छात्र को इतनी क्रूरता से पीटा कि उसका एक हाथ ही टूट गया। इस घटना के बाद से क्षेत्र के लोग स्तब्ध हैं। छात्र के परिजन भी परेशान हैं, क्योंकि छात्र अब परीक्षा देने में असमर्थ है। 27 फरवरी से छात्र की परीक्षाएं भी होनी हैं। मामला कल्जीखाल ब्लॉक के राजकीय इंटर कॉलेज कांडा का है। बता दे कि पीड़ित छात्र कक्षा 9 में पढ़ता है।
स्कूल में भूपेंद्र थपलियाल नाम के शिक्षक की तैनाती है, जिस पर छात्र को पीटने का आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि स्कूल परिसर में एक लावारिस कुत्ता घुस गया था। इस बात के लिए टीचर ने छात्र को जिम्मेदार ठहराया और उसे पीटने लगा। टीचर ने छात्र को इतनी बुरी तरह पीटा कि उसका हाथ ही तोड़ दिया। छात्र के हाथ की हड्डी टूट गई है।
परिजनों के साथ-साथ स्थानीय लोगों में भी घटना को लेकर आक्रोश है। बच्चे के हाथ में प्लास्टर लगा है। परिजनों का कहना हैं कि आगामी 27 फरवरी से छात्र की परीक्षाएं होनी हैं, अब वो परीक्षा में कैसे बैठ पाएगा। परिजनों ने इस संबंध में उच्चाधिकारियों से शिकायत करते हुए आरोपी शिक्षक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
केदारनाथ यात्रा पड़ाव के सीतापुर व गौरीकुंड में किया जा रहा शौचालयों का निर्माण..
रुद्रप्रयाग। केदारनाथ धाम के कपाट 25 अप्रैल को श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे। केदारनाथ यात्रा के सफल संचालन के लिए संबंधित विभागों द्वारा की जाने वाली तैयारियों एवं व्यवस्थाओं को मार्च माह के अंत तक पूर्ण करने के निर्देश जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने दिए है, ताकि केदारनाथ धाम में दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की कोई समस्या न हो।
जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुपालन में केदारनाथ धाम यात्रा को सुगम एवं सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए संबंधित अधिकारियों द्वारा यात्रा मार्ग में किए जानी व्यवस्थाओं एवं तैयारियों के लिए कार्य शुरू कर दिए गए हैं। यात्रा में आने वाले तीर्थ यात्रियों को सुलभ शौचालय की कोई परेशानी न हो, इसके लिए यात्रा मार्ग एवं विभिन्न पड़ावों में सुलभ इंटरनेशल द्वारा तैयार किए जाने वाले शौचालयों का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है।
इंचार्ज सुलभ इंटरनेशनल धनंजय पाठक ने बताया कि सीतापुर पार्किंग नंबर वन में 10 एवं 25 तथा पार्किंग नंबर दो में 25 सीट तथा गौरीकुंड घोड़ा पड़ाव में 6 सीट के शौचालयों निर्माण का कार्य प्रगति पर है। अधिशासी अभियंता डीडीएमए प्रवीण कर्णवाल ने बताया कि केदारनाथ यात्रा मार्ग में जिन स्थानों में मार्ग क्षतिग्रस्त हैं एवं रैलिंग टूट गई है उनका मरम्मत कार्य गतिमान है तथा यात्रा मार्ग में चीरबासा हेलीपैड के पास क्षतिग्रस्त मार्ग एवं रैलिंग का मरम्मत कार्य पूर्ण कर लिया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि केदारनाथ यात्रा मार्ग से बर्फ हटाने का कार्य निरंतर जारी है तथा बड़ी लिनचोली के आगे यात्रा मार्ग में बर्फ हटाने का कार्य प्रगति पर है।
सीएम धामी ने प्रदेशवासियों को दी लाखों की सौगात..
उत्तराखंड: सीएम धामी द्वारा की गई घोषणाओं के तहत विभिन्न विकास योजनाओं के क्रियान्वयन हेतु लगभग 7 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है। सीएम द्वारा संस्कृति एवं धर्मस्व विभाग के अन्तर्गत जनपद अल्मोड़ा में प्राचीन रूद्रेश्वर मंदिर का जीर्णोद्धार व पैदल मार्ग निर्माण हेतु 35.84 लाख एवं जनपद अल्मोड़ा में विधानसभा क्षेत्र सोमेश्वर के अन्तर्गत सोमेश्वर मंदिर के सौन्दर्यीकरण हेतु 92.12 लाख की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
विधासभा सोमेश्वर के अन्तर्गत ही बयालाखालसा मंदिर में कार्य हेतु 72.07 लाख तथा जनपद अल्मोड़ा में ग्राम सभा जाख-भगेतिया में स्वर्गाश्रम के सौन्दर्यीकरण हेतु 42.18 लाख की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है। जनपद पिथौरागढ़ में शहरी विकास विभाग के अन्तर्गत ग्राम ल्न्ठयूड़ा में बहुउद्देशीय मैदान के निर्माण हेतु तथा चण्डाक पिथौरागढ़ में जल संचय, जल क्रीड़ा हेतु मिनी झील का अवशेष कार्य हेतु 01-01 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
जनपद पिथौरागढ़ में पंचायतीराज विभाग के अन्तर्गत चुकानीबगर से नाजरीकोट ट्रेक रूट के निर्माण हेतु 86.34 लाख, पिथौरागढ़ में ग्राम जारजिबली बाननी से छिपला केदार तक ट्रैक रूट के निर्माण हेतु 46 लाख की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है। साथ ही जनपद उधम सिंह नगर में समाज कल्याण विभाग के अन्तर्गत विधानसभा क्षेत्र सितारगंज में पर्वतीय विकास भवन हेतु 40 लाख तथा विधानसभा क्षेत्र सितारगंज में ही बंग भवन हेतु 91.08 लाख की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
उत्तरकाशी में करंट फैलने से सेना के जवान की मौत..
उत्तराखंड: उत्तरकाशी के शहीद पार्क ज्ञानसू पुलिस लाइन मार्ग में सेना के एक जवान की करंट लगने से मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हो गए। आंधी चलने से टेंट उड़ने की आशंका पर कुछ जवानों में टेंट पकड़ा हुआ था और हाईटेंशन लाइन उसके ऊपर जा रही थी। आशंका जताई जा रही है कि यह हादसा टेंट में लगे लोहे के हुक के कारण करंट फैल गया और यह हादसा हो गया। झुलसे लोगों को जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है।
बुधवार को शहीद पार्क में पूर्व सैनिकों के लिए एक कार्यक्रम होना था, जिसमें पूर्व सैनिकों की समस्याओं सहित कई अन्य मुद्दों पर चर्चा की जानी थी। कार्यक्रम के आयोजन के लिए शहीद पार्क में सेना की ओर से मंगलवार सुबह से टेंट लगाने का कार्य शुरू किया गया था। कार्यक्रम की तैयारियों में मदद के लिए जवान हर्षिल से यहां पहुंचे थे। टेंट के ठीक ऊपर हाई टेंशन लाइन थी। शाम साढ़े चार बजे आंधी चलने से टेंट उड़ने की आशंका पर टेंट की बल्लियों को कुछ जवानों ने पकड़ा हुआ था। इसी दौरान अचानक टेंट में करंट फैल गया। जिन जवानों ने टैंट की बल्लियों को पकड़ा था। वह करंट लगने से जोर के झटके के साथ इधर-उधर गिर गए।
घटना में राइफलमैन करण सिंह (22) ग्राम चुनेरा (मड़ापट्टी) तहसील महलपुर जम्मू कश्मीर की मौके पर मौत हो गई जबकि राइफलमैन विशाल शर्मा निवासी ग्राम चाका जनपद सांबा, हवलदार पवन कुमार निवासी ग्राम रामपुर जिला सांबा व दिनेश राज तहसील मारवान जम्मू कश्मीर झुलस गए। उन्हें
जिला अस्पताल में भर्ती कराया। चिकित्सकों ने झुलसे लोगों की स्थिति को खतरे से बाहर बताया। एसडीएम सीएस चौहान का कहना हैं कि घटना की जानकारी सेना के उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। आशंका है कि टैंट में लगे लोहे के हुक के कारण करंट टैंट में फैल गया होगा।
विधायक ने जताया शोक..
घटना पर गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान ने दुख जताया। विधायक ने जिला अस्पताल पहुंचकर झुलसे जवानों की मुलाकात की। वहीं श्री विश्वनाथ पूर्व सैनिक कल्याण समिति के अध्यक्ष बीरेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि यह दुखद घटना है।
टिहरी झील के ऊपर बने हेलीपैड में आई दरारें, डीएम ने दिए ये निर्देश..
उत्तराखंड: प्रदेश के कई इलाकों में जोशीमठ जैसे हालात बनते जा रहे हैं। टिहरी से जहां पहले घरों में दरारों की खबर आई थी वहीं अब झील के ऊपर डोबरा चांठी पुल के पास बने हेलीपैड में भी दरारों की खबर आई हैं। आपको बता दे कि टिहरी में आपदा आदि को देखते हुए पर्यटक को बढ़ावा देने के लिए 13 साल पहले हैलिपेड का निर्माण कराया गया था।
लेकिन अब यहां दरारे आ रही है। बताया जा रहा है कि हेलीपैड पर पड़ी दरारें लगातार चौड़ी होती जा रही है। जो हादसों को न्यौता दें रही है। वहीं लोगों की मांग है कि तत्काल इस हेलीपैड को ठीक कराया जाए। जिस पर जिला अधिकारी डॉ सौरभ गहरवार ने मामले का संज्ञान लिया है। डीएम ने लोक निर्माण विभाग चंबा और पर्यटन के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वह तत्काल इस हेलीपैड को ठीक करें।
हरिद्वार और देहरादून में छात्रवृत्ति की 50 फीसदी रकम डकार गए घोटालेबाज..
उत्तराखंड: शिक्षण संस्थानों के साथ मिलकर अधिकारी हरिद्वार और देहरादून जिलों से जारी छात्रवृत्ति की रकम में से 50 फीसदी का गबन कर गए। इन दोनों जिलों से करीब 200 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति शिक्षण संस्थानों को भेजी गई थी। इसमें से 100 करोड़ रुपये अधिकारियों और शिक्षण संस्थानों ने तमाम तिकड़म लगाते हुए खुद के प्रयोग में ले लिए।
आपको बता दे कि शुरुआत में यह घोटाला 400 करोड़ रुपये का बताया जा रहा था। इसके लिए कुमाऊं और गढ़वाल में जांच टीम लगाई थी। हरिद्वार और देहरादून के कॉलेजों की जांच के लिए एसआईटी हरिद्वार में बनाई गई थी। एसआईटी ने पाया कि दोनों जिलों से देहरादून, हरिद्वार, सहारनपुर, मेरठ आदि शहरों के करीब 150 शिक्षण संस्थानों को उत्तराखंड के छात्रों के लिए 200 करोड़ रुपये छात्रवृत्ति जारी की थी। एसआईटी के अनुसार, जब इसका सत्यापन किया गया तो कई चौंकाने वाली बातें सामने आई थीं। अधिकारियों और शिक्षण संस्थानों ने कई तरीके अपनाते हुए इसमें से 100 करोड़ रुपये का गबन कर डाला।
इस मामले में समाज कल्याण विभाग के बड़े अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया था। इनमें से कई को जमानत मिल चुकी है। वर्तमान में कई अधिकारी बहाल होकर शासन में उच्च पदों पर तैनात हैं। बताया जा रहा है कि एसआईटी के रडार पर अब भी कई अधिकारी हैं। इनके खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन से अनुमति का एसआईटी इंतजार कर रही है।
इंडियन आर्मी में अग्निवीरों की बंपर भर्ती, 8वीं-10वीं पास भी करें अप्लाई..
उत्तराखंड: भारतीय सेना में उत्तराखंड समेत देशभर में अग्निवीरों की बंपर भर्ती निकली है। जो युवा 8वीं और 10वीं पास हैं। वो फौज में भर्ती होने का अपना सपना साकार कर सकते हैं। सेना में शामिल होने के लिए उम्मीदवारों को तीन चरणों से होकर गुजरना पड़ेगा। भर्ती का प्रोसेस क्या है, ये जानने के लिए राज्य समीक्षा के साथ बने रहें। भारतीय सेना द्वारा भर्ती रैली का आयोजन आगरा, आइजोल, अल्मोड़ा, अमेठी, बरेली, बैरकपुर, बेहरमपुर, कटक, गोपालपुर, हमीरपुर और अन्य स्थानों सहित कई स्थानों पर किया जाएगा।
16 फरवरी से आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है, लास्ट डेट 15 मार्च है। ऑनलाइन परीक्षा 17 अप्रैल 2023 को आयोजित होगी। जो भी युवा 8वीं और 10वीं पास हैं, वो भर्ती रैली में हिस्सा ले सकते हैं। अग्निवीर जनरल ड्यूटी और ऑल आर्म्स के लिए अभ्यर्थी का किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड या संस्थान से 45% अंकों के साथ 10 वीं पास होना जरूरी है। हर विषय में 33 प्रतिशत मार्क्स होने चाहिए। अग्निवीर टेक्निकल-ऑल आर्म्स के लिए फिजिक्स, केमेस्ट्री, मैथ्स और इंग्लिश के साथ इंटर पास होना जरूरी है। न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक होने चाहिए, साथ ही हर विषय में 40 प्रतिशत अंक होने जरूरी हैं। अग्निवीर क्लर्क-स्टोर कीपर टेक्निकल के पद के लिए कुल 60 प्रतिशत अंकों के साथ किसी भी स्ट्रीम से इंटर पास होना जरूरी है।
उत्तराखंड के गांव सड़क मार्ग से जुड़े, बढ़ रहे रोजगार के अवसर..
उत्तराखंड: रोजगार मेले के अवसर पर पीएम मोदी ने कहा कि आज जैसे-जैसे उत्तराखंड के दूरस्थ क्षेत्र सड़क, रेल और इंटरनेट से जुड़े हैं, वैसे वैसे पर्यटन भी बढ़ रहा है। पर्यटन मानचित्र को नए स्थलों के साथ अद्यतन किया जा रहा है। इससे उत्तराखंड के युवाओं को अब उसी क्षेत्र में रोजगार मिल पा रहा है, जिसके लिए उन्हें पहले बड़े शहरों का का रुख करते थे।
प्रधानमंत्री मोदी का कहना हैं कि उत्तराखंड को इस समय अपने इंफ्रास्ट्रक्चर में इतना बड़ा निवेश मिल रहा है कि दूर-दूर तक आना-जाना आसान होने के साथ-साथ रोजगार की नई संभावनाएं भी पैदा हो रही हैं। केंद्र सरकार ने हाल ही में देश भर के हजारों युवाओं को नियुक्ति पत्र भेजे हैं। केंद्र सरकार पहाड़ों में रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर मुहैया कराने के लिए लगातार काम कर रही है केंद्र सरकार का निरंतर यह प्रयास रहा है कि पहाड़ में रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर बनाए जाएं।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उत्तराखंड के रोजगार मेले में पीएम मोदी ने कहा कि उत्तराखंड में इस संकल्प को जमीन पर उतारने का दायित्व आप जैसे मेरे युवा साथियों के कंधों पर है। केंद्र सरकार हो या उत्तराखंड की भाजपा सरकार हो हमारा यह निरंतर प्रयास है कि हर युवा को उसकी रुचि, योग्यता के अनुसार नए अवसर मिलें। सभी को आगे बढ़ने का उचित माध्यम मिले। अपने सेवा भाव से आपको राज्य और राष्ट्र में विकास और विश्वास के प्रयासों में अपना भरपूर योगदान देना है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम से भारत के युवाओं को नई सदी के लिए तैयार करने का संकल्प आज देश ने लिया है।
यात्रा में तैनात अधिकारी एवं कर्मचारियों को उचित प्रशिक्षण देने के दिए निर्देश..
रुद्रप्रयाग। केदारनाथ यात्रा को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करने को लेकर बद्री-केदार मंदिर समिति अध्यक्ष अजेन्द्र अजय ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि समय पर केदारनाथ यात्रा की तैयारियां पूरी कर ली जांए। जो गलतियां पिछले यात्रा सीजन में रह गई हैं, उन गलतियों को सुधारा जाए। जिससे देश-विदेश से यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को असुविधा का सामना न करना पड़े।
जिला कार्यालय के एनआईसी कक्ष में अधिकारियों की बैठक लेते हुए बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति अध्यक्ष ने कहा कि केदारनाथ धाम के कपाट 25 अप्रैल को श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे। यात्रा को सुव्यवस्थित एवं सफल संचालन के लिए जिस स्तर से व्यवस्थाएं एवं तैयारियां की जानी है, वह सभी व्यवस्थाएं 15 अप्रैल से पूर्व ही पूरी कर ली जांए।
उन्होंने कहा कि केदारनाथ पैदल मार्ग पर बर्फ हटाने का कार्य त्वरित गति से शुरू किया जाए और जहां पर भी मार्ग क्षतिग्रस्त है, उसका मरम्मत कार्य शीघ्रता से किया जाए। उन्होंने कहा कि केदारनाथ यात्रा व्यवस्थाओं को संपादित करने के लिए तैनात किए जाने वाले सभी अधिकारी एवं कर्मचारियों को उचित प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जाए, ताकि यात्रा व्यवस्थाओं को संचालित करने में किसी प्रकार की काई परेशानी न हो। उन्होंने पुलिस अधीक्षक को भी निर्देश दिए कि यात्रा के दौरान यातायात व्यवस्था को संचालित करने में काफी परेशानी होती है, इसके लिए उचित पार्किंग एवं यातायात प्लान तैयार किया जाए।
उन्होंने केदारनाथ धाम सहित यात्रा मार्ग में उचित स्वास्थ्य सुविधाएं, साफ-सफाई व्यवस्था, पर्याप्त शौचालयों की व्यवस्था तथा संचालित होने वाले घोड़े-खच्चरों के लिए उचित पानी की व्यवस्था और यात्रा मार्ग में विद्युत सहित अन्य सभी व्यवस्थाओं को दुरस्त रखने के भी निर्देश दिए।
बैठक में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने अध्यक्ष को बताया कि केदारनाथ यात्रा के सफल संचालन के लिए तैनात किए गए अधिकारियों एवं कार्मिकों को उचित प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है और उन्हें सौंपे गए दायित्वों एवं कार्यों के बारे में पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि यात्रा व्यवस्था में किसी प्रकार की कोई समस्या न आने पाए।
उन्होंने कहा कि केदारनाथ यात्रा मार्ग को सुचारू करने के लिए बर्फ हटवाने का कार्य सोमवार से ही शुरू किया जायेगा तथा यात्रा मार्ग में जिन स्थानों में वर्तमान में बर्फ नहीं है उस क्षेत्र के क्षतिग्रस्त मार्ग को ठीक कराने के निर्देश डीडीएमए को दिए गए हैं। उन्होेंने यह भी बताया कि यात्रा मार्ग में घोड़े-खच्चरों के साथ किसी प्रकार की कोई क्रूरता न हो तथा बीमार व कमजोर घोड़े-खच्चरों का किसी भी दशा में संचालन न किया जाए। इसकी निगरानी के लिए 20 पीआरडी जवानों की तैनाती की गई है। जिन्हें उचित प्रशिक्षण उपलब्ध कराते हुए यात्रा मार्ग में घोड़े-खच्चरों की निगरानी के लिए विभिन्न यात्रा पड़ावों में तैनात किए जाएंगे।
बैठक में पुलिस अधीक्षक डाॅ. विशाखा अशोक भदाणे, मुख्य विकास अधिकारी नरेश कुमार, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी केदारनाथ योगेंद्र सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. एचसीएस मार्तोलिया, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डाॅ. आशीष रावत, अधिशासी अभियंता प्रवीण कर्णवाल, जिला पर्यटन अधिकारी सुशील नौटियाल, मंदिर समिति से आरसी तिवारी, नगर पालिका अध्यक्ष गीता झिंक्वाण, अध्यक्ष नगर पंचायत अगस्त्यमुनि अरुणा बेंजवाल, तिलवाड़ा संजू जगवाण सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
18 मार्च तक गैरसैंण में होगा बजट सत्र,कैबिनेट की बैठक में हुआ फैसला..
उत्तराखंड: ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण में स्थित विधानसभा में 13 मार्च से 18 मार्च तक बजट सत्र की मेजबानी की जाएगी। कैबिनेट में यह फैसला किया गया। मार्च 2021 को कोविड काल के बाद सरकार ने गैरसैंण में बजट सत्र आयोजित किया था। 2022 के विधानसभा के कारण वहां बजट सत्र नहीं हो पाया था।
नई सरकार के गठन के बाद जून 2022 में बजट सत्र देहरादून विधानसभा में आयोजित किया गया। सरकार ने बजट सत्र को गैरसैंण में न कराने की पीछे चारधाम यात्रा को भी कारण बताया था। गैरसैंण में बजट सत्र नहीं कराने पर विपक्ष ने सरकार की आलोचना की थी।
उसके बाद दिसम्बर 2022 में शीतकालीन सत्र भी देहरादून में आयोजित किया गया। सरकार के निर्णय के अनुसार बजट सत्र अब गैरसैंण में होगा। पहले दिन राज्यपाल का अभिभाषण होगा। सरकार ने बजट सत्र छह दिन चलाने का निर्णय लिया है।
