चारधाम में रिकॉर्ड श्रद्धालुओं के बीच भाजपा-कांग्रेस पर वार पर पलटवार..
उत्तराखंड: चारधाम यात्रा को लेकर पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा आमने सामने आ गए। माहरा ने जहां यात्रा में बदइंतजामी को लेकर सरकार पर आरोप लगाए हैं वहीं, महाराज ने कहा कि सरकार के प्रयासों से इस बार रिकॉर्ड श्रद्धालु चारधाम के लिए पहुंचे। मंत्री ने चारधाम यात्रा पर इस बार रिकॉर्ड श्रद्धालुओं के पहुंचने को सरकार के प्रयासों की सफलता बताया। उन्होंने कहा कि गुरुवार को केदारनाथ मंदिर के कपाट बंद हो गए। इस वर्ष रिकॉर्ड 15,61,882 श्रद्धालु केदारनाथ धाम में दर्शन को पहुंचे। कपाट बंद होने के दौरान भी तीन हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए।
महाराज का कहना हैं कि इस बार चारधाम यात्रा में रिकार्ड पैंतालीस लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे हैं। ये सब सरकार की ओर से किए गए प्रयासों के कारण हुआ है। पीएम नरेंद्र मोदी के प्रयासों से नई केदारपुरी अस्तित्व में आ चुकी है। यहां तीर्थयात्रियों को हरसंभव सुविधाए मुहैया हो रही हैं। केदारनाथ रोपवे बनने के बाद से यात्रा और सुगम हो जाएगी। मंत्री ने बताया, अब शीतकालीन यात्रा की तैयारियां शुरू हो गई हैं।
भगवान केदारनाथ की पंचमुखी डोली शीतकालीन गद्दी स्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ प्रस्थान कर चुकी है। डोली 29 अक्तूबर को ऊखीमठ पहुंचेगी। इसी के साथ इस वर्ष केदारनाथ यात्रा का समापन हो जाएगा। पंचकेदार गद्दी स्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर में केदारनाथ की शीतकालीन पूजाएं शुरू होंगी। 19 नवंबर को बदरीनाथ धाम के कपाट बंद हो जाएंगे।
बदइंतजामी के बीच हुई यात्रा में बना मौतों का रिकॉर्ड करन
चारधाम यात्रा को लेकर सरकारी दावों पर कांग्रेस ने राज्य सरकार को घेरा। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने चारधाम यात्रा में बदइंतजामी को लेकर सरकार पर आरोप लगाए। माहरा ने गुरुवार को यमुना कॉलोनी स्थित अपने आवास पर पत्रकार वार्ता की। इस दौरान उन्होंने कहा कि इस बार यात्रा पर रिकॉर्ड श्रद्धालुओं की आमद को लेकर सरकार अपनी पीठ थपथपा रही है।
जबकि हकीकत ये है कि यात्रियों की संख्या में ये इजाफा, कोरोना के बाद हुई यात्रा के चलते हुआ। उन्होंने कहा कि सरकार यात्रा की बेहतर तैयारियों का हवाला देते हुए इसका श्रेय लेना चाह रही है। सच्चाई इसके बिलकुल उलट है। करन ने कहा कि सरकार को मालूम था कि कोरोना के बाद इस बार श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ेगी। इसके बाद भी पुख्ता तैयारियां नहीं की गईं।
खासतौर पर स्वास्थ्य सुविधाएं दम तोड़ती नजर आईं। यात्रियों के रुकने के पुख्ता व पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए। केदारनाथ धाम में यात्रियों को खुले आसमान के नीचे रात गुजारने को मजबूर होना पड़ा। हेली कंपनियों ने यात्रियों से मनमाना किराया वसूला। कन्फर्म टिकट ऐन मौके पर कैंसिल कर नए सिरे से महंगे दामों पर टिकट बेचे गए। करन ने आरोप लगाया कि इस बार रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालुओं की मौत हुई। न सिर्फ बुजुर्ग बल्कि युवा श्रद्धालुओं तक की जान गई। सरकार ने बदइंतजामी बढ़ने पर मौत के आंकड़े तक छुपाए। कुल मिलाकर सरकार की विफलता से पूरे देश में उत्तराखंड की छवि धूमिल हुई है।
लैंसडाउन का नाम परिवर्तन करना गुलामी की पहचान मिटाने की दिशा मे अच्छा कदम- महेंद्र भट्ट..
उत्तराखंड: भारतीय जनता पार्टी ने सेना द्वारा गुलामी की पहचान मिटाने की कोशिशों में लैंसडाउन का नाम परिवर्तन को शामिल करने का स्वागत किया है । भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री महेंद्र भट्ट का कहना हैं कि भारतीय सेना का अपने संस्थानों के ब्रिटिश कालीन नामों को उनके असली पहचान वाले नामों में बदलने की यह मुहिम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की औपनिवेशिक व गुलाम मानसिकता वाली सोच को परास्त करने की मुहिम में एक कड़ी है ।
भाजपा अध्यक्ष श्री भट्ट ने इसी क्रम में पौड़ी स्थित लैंसडाउन छावनी के नाम बदलने के प्रस्ताव भेजे जाने पर प्रसन्नता ज़ाहिर करते हुए कहा कि भाजपा सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के सिद्धांतों पर चलने वाली पार्टी है, लिहाज़ा प्रदेश व देशवासियों का नैतिक मनोबल व स्वाभिमान बढ़ाने वाले प्रत्येक कदम में साथ है । उनका कहना हैं कि स्थानीय लोगों व प्रदेशवासियों की लंबे समय से इस स्थान के मौलिक नाम कालो का डांडा को पुनर्स्थापित करने की मांग रही है । उन्होंने उम्मीद जताते हुए कहा कि लैंसडाउन छावनी अधिकारियों द्वारा सैन्य योजना के अनुशार व जनभावनाओं के अनुरूप नाम परिवर्तन का यह प्रस्ताव शीघ्र ही मंजूर हो जाएगा ।
श्री भट्ट ने इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि 70 साल तक देश में सत्ता सुख भोगने वालों को विचार करना चाहिए, अपनी राजनैतिक महत्वकांक्षा से अधिक देश समाज की सांस्कृतिक व स्वाभिमान बढ़ाने वाली पहचान को सम्मान देना अधिक जरूरी है ।
अब अगले वर्ष कपाट खुलने पर होगा मां गौरी और भगवान शंकर का मिलन..
रुद्रप्रयाग। केदारनाथ धाम यात्रा के प्रमुख पड़ाव गौरीकुंड स्थित मां गौरीमाई के कपाट भैयादूज को शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए हैं। अब छह महीने मां गौरीमाई की पूजा-अर्चना गौरी गांव स्थित मां चंडिका मंदिर में होगी।
बृहस्पतिवार प्रातः गौरीमाई मंदिर गौरीकुंड में विधि-विधान के साथ पुजारी एवं आचार्य गणों की उपस्थिति में विशेष पूजा अर्चना कर कपाट बंद करने की प्रक्रिया प्रारम्भ की गई।
ठीक साढ़े आठ बजे माता की मूर्ति को थाल कंडी में रखकर बाहर लाया गया, जिसे ग्रामवासियों ने गौरी गांव स्थित मां चंडिका मन्दिर ले जाया गया। माता की मूर्ति बाहर आते ही मन्दिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। बता दें कि केदारनाथ डोली के कैलाश के लिए प्रस्थान करते समय पंच मुखी उत्सव डोली गौरीमाई मंदिर में एक रात्रि प्रवास करती है और अगले दिन डोली स्नान करने के बाद रवाना होती है।
उस दौरान यह दृश्य भी भावुक कर देता है। छः माह यात्रा कपाट खुलने पर मां गौरी और भगवान शंकर का मिलन होता है। अब अगले वर्ष मां गौरी और भंगवान शंकर का अदभुत मिलन होगा। इस अवसर पर मठाधिपति सम्पूर्णा नंद गोस्वामी, कुल पुरोहित विमल जमलोकी, अनूप गोस्वामी, सुशील गोस्वामी, रामचन्द्र गोस्वामी, अरविंद गोस्वामी, प्रीतम गोस्वामी सहित मन्दिर समिति के कर्मचारी एवं भक्त मौजूद थे।
जानें क्या है टैक्स डिपार्टमेंट की लकी ड्रा योजना..
उत्तराखंड: राज्य कर विभाग की बिल लाओ-इनाम पाओ योजना के लिए गूगल और एप्पल स्टोर पर एप एक सप्ताह के भीतर आ जाएगा। हालांकि विभाग की वेबसाइट पर यह एप काफी दिनों से उपलब्ध है। राज्य कर विभाग ने 200 से अधिक की खरीद के बिलों पर ईनाम पाओ योजना शुरू की है। इस योजना के तहत सितम्बर के बाद के बिल विभाग के एप पर अपलोड किए जा सकते हैं।
राज्य कर आयुक्त अहमद इकबाल का कहना हैं कि विभाग का एप तैयार है जिसका लिंक विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध है। लेकिन अभी एप गूगल और एप्पल स्टोर पर नहीं आया है। उन्होंने कहा कि इन दोनों ही स्टोर में एप आने की एक प्रक्रिया है और वह अभी चल रही है। दो से तीन दिन के भीतर यह एप वहां से भी डाउनलोड होना शुरू हो जाएगा। उनका कहना हैं कि योजना के तहत पहला मासिक लकी ड्रा नवम्बर महीने के अंत में होगा। इस लकी ड्रा में सितम्बर से लेकर नवम्बर तक के बिलों को लिया जाएगा।
बिल ऐसे करें अपलोड
राज्य कर विभाग के अधिकारियों का कहना हैं कि बिल अपलोड़ करने के लिए http//gst.uk.gov.in पर जाकर बिल लाओ इनाम पाओ बॉक्स पर क्लिक कर अपना मोबाइल नंबर दर्ज करें। उसके बाद आपके पास एसएमएस के द्वारा लिंक भेजा जाएगा। एसएमएस से मिले लिंक पर क्लिक करें और डाउनलोड बटन पर क्लिक करें। डाउनलोड पूरा हो जाने के बाद डाउनलोड फोल्डर पर जाएं और फाइल को क्लिक करें। पूछे जाने पर एलाव फ्रॉम अदर सोर्स का चयन करें। फिर इंस्टॉल बटन पर क्लिक करके ऐप इंस्टॉल किया जा सकता है।
आज बंद होंगे गंगोत्री धाम के कपाट, अगले छह महीने यहां होगी पूजा..
उत्तराखंड: गंगोत्री धाम के कपाट आज बुधवार को अन्नकूट पर्व पर शीतकाल के लिए बंद होंगे। कपाट बंद होने के बाद मां गंगा की उत्सव डोली यात्रा गंगोत्री धाम से शीतकालीन पड़ाव मुखबा के लिए प्रस्थान करेगी जो लंका स्थित भैरव मंदिर में विश्राम के बाद अगले दिन बृहस्पतिवार को मुखबा पहुंचेगी। श्री पांच गंगोत्री मंदिर समिति के अध्यक्ष रावल हरीश सेमवाल का कहना हैं कि विजयदशमी पर्व पर गंगोत्री धाम की कपाट बंदी का समय तय किया गया था जिसके अनुसार गंगोत्री धाम के कपाट बुधवार आज अन्नकूट पर्व पर 12:01 बजे पर शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे। धाम से मां गंगा की उत्सव डोली यात्रा 12:05 बजे अपने शीतकालीन पड़ाव मुखबा (मुखीमठ) के लिए रवाना होगी जो कि एक दिन लंका स्थित भैरव मंदिर में रात्रि विश्राम के बाद अगले दिन मुखबा पहुंचेगी। शीतकाल के छह माह मां गंगा की उत्सव डोली मुखबा स्थित मंदिर में विराजमान रहेगी।
पीएम मोदी ने केदारनाथ में पूजा-अर्चना,12 सौ करोड़ की दी सौगात..
उत्तराखंड: पीएम मोदी आज बाबा केदार के दर्शन किए। जहां उन्होंने बाबा केदार की पूजा अर्चना की। जिसके बाद उन्होंने बाबा केदार के भक्तों को 12 सौ करोड़ की सौगात दी है। उन्होंने सोनप्रयाग से केदारनाथ तक बनने वाले रोपवे प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया। पीएम मोदी ने हाथ जोड़कर तीर्थयात्रियों और यहां मौजूद लोगों का अभिवादन किया। प्रधानमंत्री केदारनाथ में पूजा करने के बाद बद्रीनाथ के लिए रवाना हो गए है। पीएम मोदी करीब 11 बजे बद्रीनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे। इसके साथ ही उत्तराखंड में कई परियोजनाओं का शिलान्यास भी करेंगे।
इस दौरान उन्होंने मंदिर के गर्भ गृह में भगवान शिव की रुद्राभिषेक पूजा की। पीएम मोदी ने करीब आधा घंटे तक विशेष पूजा की। इसके बाद मंदिर की परिक्रमा की। बताया जा रहा है कि इसके बाद पीएम मोदी ने 1267 करोड़ की लागत से बनने वाले गौरीकुंड-केदारनाथ रोपवे की आधारशिला रखी। यह रोपवे करीब 9.7 किलोमीटर लंबा होगा। यह गौरीकुंड को केदारनाथ से जोड़ेगा, जिससे दोनों स्थानों के बीच यात्रा का समय वर्तमान में 6-7 घंटे से कम होकर लगभग 30 मिनट का रह जाएगा।
धनतेरस और दीपावली को लेकर डीजीपी ने अधिकारियों को दिए ये आदेश..
उत्तराखंड: प्रदेश में त्योहारी सीजन को लेकर शासन अलर्ट पर रहा। धनतेरस और दीपावली पर शहर की यातायात व्यवस्था की चुनौती से निपटने को डीजीपी अशोक कुमार ने सख्त रुख अपना लिया है। डीजीपी ने यातायात व्यवस्था को लेकर अफसरों के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। डीजीपी अशोक कुमार ने निर्देश दिए है कि यातायात इस तरह से व्यवस्थित किया जाए कि आम लोगों और व्यापारियों को दिक्कत ना हो। घुड़सवार पुलिस, सीपीयू यूनिट, क्रेन यूनिट को पूरे अलर्ट मोड पर रखा जाए। उन्होंने कहा कि कन्ट्रोल रूम में निरीक्षक स्तर के अधिकारी को तैनात किया जाए। आम जन को पार्किंग एवं रूट की जानकारी देने के लिए पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम टीमें बनाई जाएं। यातायात के प्रेशर प्वाइंट पहले ही चिह्नित कर वहां ड्यूटियां लगा ली जाएं।
बताया जा रहा है कि डीजीपी ने निर्देश दिए कि शहर में नो पार्किंग और संवेदनशील जगहों की ड्रोन से निगरानी और कार्रवाई की जाए। ट्रैफिक को सुचारू रखना चौकी और थाना प्रभारी की जिम्मेदारी होगी। जाम या अन्य दिक्कत होने पर दोनों पर कार्रवाई भी हो सकती है। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रमुख सड़कों व जगहों पर सड़क किनारे अस्थायी अतिक्रमण तत्काल हटा लिया जाए। शहर में धनतेरस से पहले ही अतिरिक्त पार्किंग स्थलों, रूट डायवर्जन आदि की तैयारी कर ली जाए।
जांच के लिए केदारघाटी पहुंची DGCA की टीम..
उत्तराखंड: नागर विमामन महानिदेशालय (डीजीसीए) की टीम दिल्ली से केदारघाटी पहुंच गई है। बुधवार को टीम ने यहां पहुंचकर घटना की प्रांरभिक जानकारी ली। आने वाले एक दो दिन में टीम हेलीकॉप्टर दुर्घटना की व्यापक रिपोर्ट लेगी साथ ही जांच करेगी। गरुड़चट्टी में आर्यन हेली कंपनी के हेलीकॉप्टर क्रैश होने के बाद दिल्ली से डीजीसीए की टीम बुधवार को केदारघाटी पहुंची। तीन सदस्यीय टीम जाखधार हेलीपैड पहुंची।
यहां से टीम ने बीते दिन हुई हेली दुर्घटना को लेकर प्रारंभिक रिर्पोट ली। हालांकि कहा जा रहा है कि अभी टीम एक दो दिन यहां रुकेगी। टीम गरुड़चट्टी का भी निरीक्षण करेगी। साथ ही एयर रूट और मौसम का अपडेट लेगी। टीम हेलीकॉप्टर के रख रखाव, संचालन, हेलीकॉप्टर की मौजूदा स्थिति आदि को लेकर जानकारी लेगी। केदारघाटी में संचालित सभी हेलीकॉप्टर कंपनियों से टीम वार्ता करेगी।
आपको बता दे कि गरुड़चट्टी में हेलीकॉप्टर क्रैश होने के बाद मृतक सात शवों का बुधवार को जिला चिकित्सालय में पोस्टमार्टम किया गया। इसके बाद सभी शवों को संबंधित क्षेत्रों के लिए भेजा गया। प्रशासन और पुलिस की निगरानी में सभी शव रुद्रप्रयाग से भेजे गए। केदारनाथ से हेलीकॉप्टर द्वारा मंगलवार देर सांय तक सभी सात शव जिला चिकित्सालय लाए गए। यहां डॉक्टरों की एक टीम ने सातों शवों का पोस्टमार्टम किया।
केदारनाथ स्थित गरूड़चट्टी में हुआ था मंगलवार को आर्यन कंपनी का हेलीकाॅप्टर क्रैश..
आर्यन कंपनी के पायलट का शव हेली के माध्यम से भेजा दिल्ली..
रुद्रप्रयाग। केदारनाथ स्थित गरुड़चट्टी में हेलीकॉप्टर क्रैश होने के बाद मृतक सात शवों का बुधवार को जिला चिकित्सालय में पोस्टमार्टम किया गया। इसके बाद सभी शवों को संबंधित क्षेत्रों के लिए भेजा गया। प्रशासन और पुलिस की निगरानी में सभी शव रुद्रप्रयाग से भेजे गए।
केदारनाथ से हेलीकॉप्टर के जरिये मंगलवार देर सांय तक सभी सात शव जिला चिकित्सालय लाए गए। यहां डॉक्टरों की एक टीम ने सातों शवों का पोस्टमार्टम किया। सुबह दस बजे करीब 57 वर्षीय पायलट अनिल सिंह निवासी महाराष्ट्र का शव आर्यन हेलीकॉप्टर के जरिये रुद्रप्रयाग गुलाबराय मैदान से दिल्ली के लिए भेजा गया। जबकि दोपहर बाद अन्य छह शवों को भी संबंधितों के घर के लिए भेजा गया। जहां उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
बताया गया कि मृतकों के परिजन हरिद्वार और जौलीग्रांट में पहुंच गए हैं। सुबह से पुलिस और राजस्व विभाग की एक टीम इस कार्य में जिला अस्पताल में तैनात रही। इधर, उप जिलाधिकारी सदर अर्पणा ढौंडियाल ने बताया कि सभी शवों का पोस्टमार्टम करने के बाद उनके घरों के लिए भिजवा दिया गया है।
डीजीसीए की टीम ने केदारनाथ पहुंचकर घटना की जानकारी ली..
बुधवार को डीजीसीए टीम ने केदारनाथ पहुंचकर घटना की प्रांरभिक जानकारी ली। आने वाले एक-दो दिन में टीम हेलीकॉप्टर दुर्घटना की व्यापक रिपोर्ट लेगी और साथ ही जांच करेगी। गरुड़चट्टी में आर्यन हेली कंपनी के हेलीकॉप्टर क्रैश होने के बाद दिल्ली से डीजीसीए की टीम बुधवार को केदारघाटी पहुंची। तीन सदस्यीय टीम जाखधार हेलीपैड पहुंची। यहां से टीम ने बीते दिन हुई हेली दुर्घटना को लेकर प्रारंभिक रिपोर्ट ली।
हालांकि बताया जा रहा है कि अभी टीम एक दो दिन यहां रुकेगी। टीम गरुड़चट्टी का भी निरीक्षण करेगी। साथ ही एयर रूट और मौसम का अपडेट लेगी। टीम हेलीकॉप्टर के रख रखाव, संचालन, हेलीकॉप्टर की मौजूदा स्थिति आदि को लेकर जानकारी लेगी। केदारघाटी में संचालित सभी हेलीकॉप्टर कंपनियों से टीम वार्ता करेगी।
शिक्षक भर्ती का मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट..
उत्तराखंड: राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) से डीएलएड (डिप्लोमा इन एलिमेंट्री एजुकेशन) कर चुके उम्मीदवारों को 2648 पदों पर चल रही शिक्षक भर्ती में शामिल करने या न करने के मामले में सरकार कोई निर्णय लेती, उससे पहले ही यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया। वरिष्ठ अधिवक्ता एवं उत्तराखंड के पूर्व महाधिवक्ता उमाकांत उनियाल ने प्रकरण में बीएड उम्मीदवारों की ओर से एसएलपी दाखिल कर दी है।
एनआईओएस से डीएलएड अभ्यर्थियों को शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में शामिल शामिल करने और बाद में सरकार के अपने ही निर्णय को पलटे जाने के खिलाफ अभ्यर्थी हाईकोर्ट चले गए थे। हाईकोर्ट ने करीब एक महीने पहले इन आवेदकों को शिक्षक भर्ती में शामिल करने का फैसला किया था। सरकार इस बात पर बहस कर रही है कि क्या हाई कोर्ट के इस फैसले का पालन किया जाना चाहिए या इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की जानी चाहिए। समस्या को लेकर कानून विभाग से मशविरा किया जा रहा है, लेकिन इससे पहले कि सरकार इस पर कोई कार्रवाई करे, बीएड टीईटी के अभ्यर्थियों ने मंगलवार को हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की।
सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता और राज्य के पूर्व महाधिवक्ता उमाकांत उनियाल की ओर से इस मामले में एसएलपी दाखिल की गई है। उनियाल का कहना हैं कि एनआईओएस से डीएलएड मामले में एनसीटीई की ओर से कोई अधिसूचना जारी नहीं की गई थी। इनके मामले में केवल सर्कुलर जारी किया गया था। अपात्र होने की वजह से उत्तर प्रदेश में इन लोगों को भर्ती से बाहर कर दिया गया था।
जो राजनीतिक मुद्दा बन गया था। उनका कहना हैं कि यह निजी स्कूलों में अप्रशिक्षित शिक्षक थे। जिन्हें 31 मार्च 2019 तक एक बार 18 महीने के सेवारत प्रशिक्षण का अवसर दिया गया था। पूर्व महाधिवक्ता ने कहा कि सरकार जब एक बार शिक्षक भर्ती शुरू कर चुकी है तो बीच में भर्ती के लिए शैक्षिक योग्यता को बदला नहीं जा सकता।
यह है मामला
आपको बता दे कि प्रदेश के राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापकों की भर्ती के लिए शिक्षा विभाग ने वर्ष 2020-21 में 2648 पदों के लिए आवेदन मांगे थे। शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों से डीएलएड और बीएड अभ्यर्थियों के साथ ही एनआईओएस से डीएलएड करने वालों ने भी इसके लिए आवेदन किए थे। सरकार ने एनआईओएस से डीएलएड अभ्यर्थियों को पहले शिक्षक भर्ती में शामिल किया और बाद में इन्हें शिक्षक भर्ती में शामिल न करने का निर्णय लिया गया। इसके खिलाफ अभ्यर्थी हाईकोर्ट चले गए। हाईकोर्ट ने शासन के इन्हें भर्ती में शामिल न करने के 10 फरवरी के आदेश को रद्द कर दिया था।
