राबाइंका का सात दिवसीय एनएसएस शिविर शुरू..
शिविर में योग प्रशिक्षक ने छात्राओं को सिखाए योग के गुर..
रुद्रप्रयाग। शिविरार्थी शिविर के माध्यम से लोगों को नशे के प्रति जागरूक करने के साथ ही समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करने का प्रयास करें। अनुशासन में रहकर शिविर से कुछ नया सीखें और अपनी छाप छोड़ें। प्राथमिक विद्यालय पुनाड़ रुद्रप्रयाग में लगे राजकीय बालिका इंटर काॅलेज रुद्रप्रयाग के सात दिवसीय एनएसएस शिविर के दूसरे दिन शिविरार्थियों को संबोधित करते हुए व्यापार संघ अध्यक्ष चन्द्रमोहन सेमवाल ने यह बात कही।
दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए उन्होंने कहा कि एनएसएस के माध्यम से छात्राओं में समाजसेवा का भाव जागृत होता है। उन्होंने छात्राओं से शिविर से प्राप्त अनुभवों का लाभ समाज तक पहुंचाने का आह्वान किया। राप्रावि की प्रधानाचार्य गोदाम्बरी बिन्दोला ने एनएसएस स्वयंसेवियों को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया। साथ ही शिविर के उद्देश्यों के अनुरूप कार्य करने का आह्वान किया। योग प्रशिक्षक संतोष बत्र्वाल ने छात्राओं को योग के गुर सिखाए। उन्होंने कहा कि छात्राओं को सुबह के समय योग करना चाहिए। इससे बौद्धिक ज्ञान बढ़ता है और मनुष्य हर दिन ताजगी महसूस करता है।
कार्यक्रम अधिकारी अंजू बिष्ट ने शिविर के दौरान होने वाले कार्यों की रूपरेखा प्रस्तुत करने के साथ ही सेवा योजना के इतिहास की जानकारी दी। कहा कि शिविर में 30 स्वयंसेवी प्रतिभाग कर रहे हैं और शिविर मंे आयोजित होने वाली गतिविधियों में बेहतर कार्य करने वाली छात्रा को सम्मानित भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिविर के दौरान विशेष तौर पर लोगों को नशे के प्रति जागरूक किया जायेगा। इस दौरान छात्राओं ने सरस्वती वंदना, स्वागत गीत आदि रंगारंग कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी। इस मौके पर राबाइंका की प्रधानाचार्या डाॅ ममता नौटियाल, मीनाक्षी नेगी, शोभा डोभाल, रेशमा खान सहित स्वयंसेवी मौजूद थे।
डीएम ने ली वन भूमि हस्तांतरण प्रकरणों की समीक्षा बैठक..
रुद्रप्रयाग। वन भूमि हस्तांतरण से संबंधित किसी भी जन कल्याणकारी योजना के प्रस्ताव लंबित न रहे, इसके लिए सभी संबंधित अधिकारी आपसी समन्वय के साथ तत्परता से कार्य करते हुए लंबित प्रकरणों का निस्तारण शीघ्रता से शीघ्र करना सुनिश्चित करें। यह निर्देश जिलाधिकारी मनुज गोयल ने जिला कार्यालय सभागार में वन भूमि हस्तांतरण प्रकरणों की समीक्षा बैठक करते हुए संबंधित अधिकारियों को दिए।
बैठक की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनपद में वन भूमि हस्तांतरण से संबंधित लंबित मामलों का सभी अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए लंबित प्रस्तावों का त्वरित गति से निराकरण करना सुनिश्चित करें। इसमें किसी भी प्रकार की कोई शिथिलता न बरती जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जिन प्रस्तावों में संयुक्त निरीक्षण किया जाना है। उनका संयुक्त निरीक्षण करते हुए तत्काल आवश्यक कार्यवाही करना सुनिश्चित करें तथा जो सीए लैंड से संबंधित प्रकरण हैं। उन पर संबंधित उप जिलाधिकारी से समन्वय स्थापित करते हुए इस संबंध में त्वरित कार्यवाही करना सुनिश्चित करें।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जिन प्रस्तावों पर भारत सरकार से आपत्ति लगाई गई है। उन आपत्तियों पर यथोचित कार्यवाही करते हुए उनका निस्तारण करना सुनिश्चित करें, जिसके लिए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि लंबित प्रस्तावों पर आवश्यक कार्यवाही करते हुए 15 मार्च तक पूर्ण विवरण उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें, ताकि संबंधित प्रस्तावों को भारत सरकार एवं शासन को आवश्यक कार्यवाही के लिए प्रेषित किया जा सके।
इस अवसर पर प्रभागीय वनाधिकारी वैभव कुमार सिंह ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि स्टेज-वन से संबंधित वन भूमि हस्तांतरण के विभिन्न विभागों के 23 प्रस्ताव लंबित हैं, जिसमें लोनिवि रुद्रप्रयाग के छः, ऊखीमठ के तीन, एनएच-109 सिल्ली के तीन, पेयजल निर्माण निर्माण के तीन, प्राविधिक शिक्षा के एक, मत्स्य के एक, नगर पंचायत तिलवाड़ा के एक, रेल विकास निगम लि. ऋषिकेश के चार तथा पुलिस विभाग से संबंधित एक प्रकरण आवश्यक कार्यवाही के लिए लंबित हैं, जिस पर जिलाधिकारी ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को त्वरित आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
बैठक में उप जिलाधिकारी जखोली परमानंद राम, मुख्य शिक्षा अधिकारी यशवंत सिंह चौधरी, अधिशासी अभियंता लोनिवि रुद्रप्रयाग निर्भय सिंह, ऊखीमठ मनोज भट्ट, अधिशासी अभियंता पीएमजीएसवाई कमल सिंह सजवाण, सहायक अभियंता मोहित उनियाल, अधिशासी अभियंता पेयजल निगम नवल कुमार, सहित संबंधित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
उत्तराखंड में स्कूलों में छात्राओं को अब नहीं मिलेगा पका पकाया भोजन..
उत्तराखंड: प्रदेश में कक्षा एक से आठवीं तक के छात्र-छात्राओं को जनवरी व फरवरी का 21 दिनों का खाद्य सुरक्षा भत्ता दिया जाएगा। राज्य परियोजना निदेशक बंशीधर तिवारी ने समस्त जिला शिक्षा अधिकारियों को दिए निर्देश में कहा कि स्कूलों में उपस्थिति के आधार पर छात्र-छात्राओं को भत्ता दिया जाए।
आपको बता दे कि राज्य परियोजना निदेशक ने समस्त सीईओ को दिए निर्देश में कहा कि 16 जनवरी 2022 से 31 जनवरी 2022 तक समस्त शैक्षिक संस्थान बंद किए गए थे। जिसके बाद शासन के चार फरवरी 2022 के आदेश पर कक्षा एक से 9वीं तक के समस्त शिक्षा बोर्डों के शिक्षण संस्थानों को भौतिक रूप से 7 फरवरी 2022 से पठन-पाठन के लिए खोले जाने की अनुमति दी गई।
छात्र उपस्थिति के आधार पर दिया जाएगा भत्ता
आदेश में कहा गया कि छात्र-छात्राओं को अगले आदेश तक पका पकाया भोजन न दिया जाए, लेकिन जो स्कूल प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण (पीएम घोषणा) के दायरे में आ रहे हैं, उन स्कूलों के छात्र-छात्राओं को खाद्य सुरक्षा भत्ता दिया जाना है। वित्तीय वर्ष 2021-22 में कक्षा एक से कक्षा 8 वीं तक के छात्र-छात्राओं को 21 दिनों का खाद्य सुरक्षा भत्ता दिए जाने के लिए निर्देशित किया गया। एक से चार फरवरी तक चार दिन और सात फरवरी से 28 फरवरी तक 17 दिन का छात्र उपस्थिति के आधार पर भत्ता दिया जाएगा। राज्य परियोजना निदेशक की ओर से भोजन माताओं को फरवरी 2022 का मानदेय भुगतान के भी निर्देश दिए गए हैं।
जंगल में पकड़ी गई अवैध हथियार बनाने की फैक्ट्री..
उत्तराखंड: नैनीताल के कालाढूंगी के जंगल में पकड़ी गई अवैध हथियार बनाने की फैक्ट्री नैनीताल पुलिस ने घने जंगल के भीतर अवैध तमंचा बनाने की एक फैक्ट्री पकड़कर दो लोगों को गिरफ्तार किया है ।पुलिस कप्तान का कहना हैं कि आरोपियों से अवैध तमंचों को बेचने की जानकारी जुटाई जा रही है और दो फरार आरोपियों को भी तलाश जा रहा है ।आपको बता दे कि सोमवार देर रात लगभग 11 बजे कालाढूंगी पुलिस स्टेशन क्षेत्र में एक सूचना के बाद पुलिस और वन विभाग की टीम जंगल में 12 किलोमीटर अंदर घुस गई। पुलिस को सूचना मिली थी कि बरहनी रेन्ज जंगल में एक अवैध मादक पदार्थ बनाने वाली फैक्ट्री चल रही है ।कप्तान पंकज भट्ट के मादक पदार्थ के खिलाफ कार्यवाही के आदेशों का पालन करते हुए अभियान चलाया गया ।
कालाढूंगी के बरहैनी रेन्ज के जंगल में अवैध कच्ची शराब की भट्टीयों की धरपकड के लिए संयुक्त रूप से टीम की काम्बिंग में अवैध तमंचे बनाने की फैक्ट्री पकड़ में आ गयी।पुलिस टीम ने 315 बोर के दो निर्मित तमंचे, एक अर्ध निर्मित तमंचा और तमंचा बनाने के लिए इस्तेमाल किये जाने वापी उपकरणों को भी बरामद कर लिया । पुलिस के हत्थे दो आरोपी चढ़े जबकी एक आरोपी फरार होने में कामयाब हो गया। पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ 40/22 धारा 3/5/25 आयुध अधिनियम के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया है ।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना नाम 30 वर्षीय गदरपुर निवासी गुरमीत सिंह और 34 वर्षीय गदरपुर निवासी अमरजीत सिंह बताया। पुलिस का कहना हैं कि अंधेरे और घने जंगल का फायदा उठाकर भागने वाले आरोपी गदरपुर निवासी राजेन्द्र उर्फ राजू की पहचान कर ली गई है । पुलिस टीम ने जंगल में खोजबीन की तो जंगल में कुछ सफेद प्लास्टिक के कट्टे मील और वहां भट्टी में आग जलायी गई थी । इसके अलावा तमंचे बनाने में इस्तेमाल किये जाने वाले उपकरण भी पुलिस के हाथ लगे हैं। पुलिस कप्तान ने टीम के लिए पांच हजार रुपये का इनाम घोषित किया है ।
रुद्रप्रयाग के सारी गॉँव में भूस्खलन,कई परिवारो को सुरक्षित स्थानों पर किया शिफ्ट..
उत्तराखंड: जनपद रुद्रप्रयाग के तल्लानागपुर की सारी गॉँव से इस वक्त बड़ी खबर सामने आ रही हैं। आज सुबह लगभग 9 बजे अचानक भूस्खलन से एक मकान क्षतिग्रस्त हुआ है, गौशाला व शौचालय जमीदोश हो चुके हैं। बताया जा रहा रहा हैं की हरिलाल पुत्र रजी लाल, वीरेंद्र पुत्र रजी लाल अनुसूचित वस्ती ग्राम सारी इनका गौशाला शौचालय चौक टूट कर के गधेरे में पहुंच गया और अब मकान किसी भी समय टूट सकता है। भूस्खलन निरंतर जारी है मकान पर दरारें भी आ चुकी है और धीरे-धीरे खिसक रहा है। ग्रामीणों की मदद से मकान खाली कर दिया गया है,पीड़ित परिवार अब खुले आसमान के नीचे रोने को मजबूर है।
वही रेस्क्यू टीम ने ग्रामीणों की मदद से 11 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर दिया है। जबकि मकानों को खाली किया जा रहा है। जिलाधिकारी मनुज गोयल का कहना हैं कि खतरे की आशंका को देखते हुए सभी लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जा रहा है। प्रभावित लोगों को स्कूल, पंचायत भवन और रिश्तेदारों के यहां सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर दिया गया है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी एनएस रजवार का कहना हैं कि डीडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंचकर राहत बचाव कर रही है।
उन्होंने बताया कि 11 मकानों को लगातार खतरा बना है, यहां के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर दिया गया है। इस क्षेत्र में कुल 18 परिवार हैं जिसमें 117 लोग रहते हैं। जबकि 24 जानवर हैं। सभी को सुरक्षित स्थानों पर रखे जाने का प्रयास चल रहा है। इधर प्रभावित लोगों के सामने आशियाने का संकट पैदा हो गया है। घटना के बाद मौके पर तहसीलदार, राजस्व उपनिरीक्षक, कांग्रेस जिलाध्यक्ष ईश्वर सिंह विष्ट सहित कई लोग पहुंच गए।
जीत के लिए मंदिरों में पूजा अर्चना करते नजर आये सीएम पुष्कर सिंह धामी..
उत्तराखंड: विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भाजपा की जीत और प्रदेश की खुशहाली के लिए मंदिरों में पूजा-अर्चना कर रहे हैं। गुरुवार सुबह करीब नौ बजे सीएम ने भवाली के निकट घोड़ाखाल के गोल्ज्यू मंदिर में जाकर पूजा अर्चना की। सुबह करीब 10 बजे नैनीताल पहुंचे। यहां पहले तल्लीताल स्थित पाषाण देवी मंदिर और उसके बाद मल्लीताल स्थित नैना देवी मंदिर में पूजा-अर्चना की।
नैनीताल के बाद धामी ने काशीपुर जाकर कुंडेश्वरी रोड स्थित साई धाम मंदिर में भी विधिवत पूजा-अर्चना की। विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होने के बाद राजनीति के जानकार प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस के बीच इस बार कड़ी टक्कर बता रहे हैं। कांग्रेस से पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत लगातार अपनी सक्रियता बढ़ाए हुए हैं। वहीं भाजपा में मुख्यमंत्री धामी लगातार अलग-अलग स्थानों के दौरे कर रहे हैं।
भाजपा की जीत के लिए मंदिरों में पूजा-पाठ का दौर भी जारी है। गुरुवार को नैनीताल पहुंचे मुख्यमंत्री धामी ने कई मंदिरों में पूजा-अर्चना करते हुए इन पूजास्थलों पर काफी समय भी बिताया। उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं से केवल मंदिर में ही मुलाकात की। नैनीताल के नैना देवी मंदिर में पुजारी बसंत बल्लभ पांडे ने धामी को विशेष पूजा-अर्चना कराई। इस दौरान मुख्यमंत्री ने भाजपा की जीत के साथ ही प्रदेश की खुशहाली की कामना की
महाशिवरात्रि के पर्व पर केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि होगी तय..
उत्तराखंड: एक मार्च को महाशिवरात्रि के पर्व पर विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के दिन की घोषणा की जाएगी। परम्परानुसार केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तारीख के साथ ही समय का निर्धारण किया जाता है। इस शुभ कार्य के लिए ओंकारेश्वर मंदिर में तैयारियां शुरू होने लगी है।
महाशिवरात्रि पर्व पर है कपाट खुलने का दिन घोषित होने की वर्षो पुरानी परम्परा। केदारनाथ मंदिर के रावल भीमा शंकर लिंग द्वारा बद्री-केदार मंदिर समिति के वेदपाठी, आचार्य, हक-हकूकधारी एवं स्थानीय लोगों की मौजूदगी में शुभ मुहूर्त की घोषणा की जाएगी। इसके साथ ही केदारनाथ धाम की यात्रा से जुड़े लोग यात्रा की तैयारियों में जुट जाते हैं। साथ ही प्रशासन, पुलिस, बीकेटीसी और यात्रा से जुड़े तमाम विभाग अपने-अपने कार्यो की तैयारी में लगते हैं और यात्रा शुरू होने तक सभी व्यवस्थाओं को चाक-चौबंध करने का काम करते हैं।
यहीं नहीं होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे और दुकान से जुड़े लोग भी रंग-रौगन से लेकर अन्य व्यवस्थाओं को बेहतर करने में लगते हैं। बद्री-केदार मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी बीडी सिंह का कहना हैं कि महाशिवरात्रि के पर्व पर ऊखीमठ ओंकारेश्वर मंदिर में केदारनाथ के कपाट खुलने का दिन घोषित होगा। इसके लिए सभी अधिकारी कर्मचारियों को दिशा-निर्देश दे दिए गए हैं साथ ही इस शुभ मुहूर्त के लिए तैयारियां भी शुरू कर दी गई है।
योगी को कुटिया बनाने के लिए दे दूंगा जमीन- हरीश रावत..
देश-विदेश: प्रदेश में चुनाव संपन्न होने के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत उत्तर प्रदेश में पार्टी के प्रचार में जुट गए हैं। बुधवार को प्रयागराज पहुंचे हरीश रावत ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तंज कसा और कहा कि हार के बाद उन्हें कुटिया बनाने के लिए उत्तराखंड में जमीन दे देंगे। हरीश रावत का कहना हैं कि उत्तराखंड में बीजेपी की हार होगी। चुनाव के नतीजे घोषित होने से पहले ही सीएम पद के लिए दावेदारी जताने में जुटे हरीश रावत ने कहा कि उत्तराखंड में कांग्रेस को बहुमत मिलेगा।
उन्होंने यूपी में भी बीजेपी की हार का दावा करते हुए सीएम योगी पर कटाक्ष किया। हरीश रावत ने कहा, ”बीजेपी को उत्तराखंड से भगा दिया गया है। हम सीएम योगी को (यूपी में चुनाव हारने के बाद) उत्तराखंड में कुटिया बनाने के लिए जगह दे देंगे।” गौरतलब है कि योगी आदित्यनाथ का जन्म अविभाजित यूपी के पौड़ी गढ़वाल में हुआ था, जो अब उत्तराखंड में है।
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने सिविल लाइंस के एक होटल में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि नेहरू परिवार की पांचवीं पीढ़ी जनता से सेवा का मौका मांग रही है, उसे भी मौका दें। उन्होंने कहा कि मोती लाल नेहरू, जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी के बाद अब राहुल और प्रियंका जनता की सेवा के लिए सामने आए हैं।
विधानसभा चुनाव के संदर्भ में हरीश रावत ने कहा कि उत्तराखंड में भाजपा को खदेड़ दिया और अब यूपी में भी ऐसा होगा। प्रयागराज त्रिवेणी संगम का क्षेत्र है। प्रयाग की माटी से कांग्रेस का पुराना नाता है। इस लगाव को अब ऊर्जा देने का वक्त आ गया है। उनका कहना हैं कि भाजपा ने यूपी की जनता के अरमान रौंदने का काम किया। ऐसे में अब कांग्रेस ही एकमात्र विकल्प है। कोरोनाकाल में लोग बेबसी के हाल में घरों को लौटे। सरकार ने लोगों को मरने के लिए सड़कों पर छोड़ दिया था।
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में महसूस हुए भूकंप के झटके..
उत्तराखंड: प्रदेश में एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए तो लोग घरों से बाहर निकल आए। बता दे कि बीती रात पिथौरागढ़ जनपद में 1:45 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 2.0 मापी गई है। भूकंप के झटके महसूस होने पर लोग अपने घरों से बाहर निकल आये। जिले में फिलहाल किसी भी प्रकार के नुकसान की कोई सूचना नहीं हैं। आपको बता दें कि भूकंप के लिहाज से पिथौरागढ़ जिला जोन फाइव में आता है। वैज्ञानिको का कहना हैं कि उत्तराखंड में भूकंप के छोटे छोटे झटके किसी बड़े खतरे की तरफ इशारा कर रहा है।
दरअसल हिमालय में मौजूद इंडियन प्लेट हर साल औसतन पांच सेमी मध्य एशिया की ओर खिसक रही है, जिसकी वजह से भूगर्भीय हलचल जारी है। वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी के भूकंप विज्ञानियों का मानना है कि अमूमन भूगर्भ में दो प्लेटों के टकराने के बाद दोनों प्लेट स्थिर हो जाती हैं, लेकिन अप्रत्याशित तरीके से इंडियन प्लेट स्थिर नहीं हुई। भूगर्भीय हलचल के लिहाज से ये चिंता का विषय है।
ऋषि गंगा आपदा: तपोवन सुरंग में शव मिलने का सिलसिला जारी, इसी महीने मिल चुकीं तीन लाशें
उत्तराखंड: तपोवन सुरंग में आपदा के एक साल बाद भी शव मिलने का सिलसिला जारी हैं। एनटीपीसी की जल विद्युत परियोजना की सुरंग से मंगलवार को एक और शव बरामद हुआ है। शव की पहचान दीपक टम्टा निवासी रविग्राम के रूप में हुई है। इसी महीने सुरंग से तीन शव बरामद हो चुके हैं। जबकि अभी तक 138 शव बरामद किए जा चुके हैं।
पिछले साल सात फरवरी को ऋषिगंगा की आपदा में एनटीपीसी की 520 मेगावाट की जल विद्युत परियोजना की तपोवन सुरंग में कार्य कर रहे कई लोग दफन हो गए थे। जबकि कुल 206 लोगों की मौत हो गई थी। तब कई महीने तक रेस्क्यू किया गया और कुछ शव भी बरामद हुए थे।
सुरंग से मलबा हटाने का काम अब भी चल रहा है, जिसके चलते फिर यहां से शव मिलने का सिलसिला शुरू हो गया है। मंगलवार को यहां एक और शव बरामद हुआ, जिसकी शिनाख्त दीपक टम्टा निवासी रविग्राम जोशीमठ के रूप में हुई है। सोमवार को भी एक शव बरामद हुआ था, जबकि एक सप्ताह पहले भी एक इंजीनियर का शव इसी सुरंग से बरामद हुआ था। तीनों शव एनटीपीसी की निर्माणदायी संस्था ऋत्विक कंपनी के कर्मचारियों के हैं। अभी तक कुल 137 के शव बरामद किए जा चुके हैं।
