विभागीय नियमावली के तहत ही होगी नर्सिंग अधिकारियों की भर्ती
देहरादून। चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग में नर्सिंग अधिकारियों की भर्ती को लेकर विपक्ष प्रदेश के युवाओं को गुमराह कर रहा है। जबकि उक्त विभागों में नर्सिंग अधिकारियों की भर्ती उत्तराखंड अधीनस्थ नर्सिंग (अराजपत्रित) सेवा (संशोधन) नियमवाली, 2022 में निहित प्राविधानों के अनुरूप राज्य चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड के माध्यम से की जा रही है।
विपक्षी दलों द्वारा लगाये गये आरोपों पर पलटवार करते हुये सूबे के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत कहा कि विपक्षी दलों ने हमेशा प्रदेश के युवाओं को बरगलाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार की रोजगारपरक नीतियों से विपक्षी दल परेशान हैं, जिसके चलते वह अब युवाओं को गुमराह करने में जुटे हैं। डॉ. रावत ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के बेराजगार युवाओं को सरकारी नौकरियों में लगातार अवसर दे रही है। जिसे क्रम में स्वास्थ्य विभाग में 103 तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग में 587 पदों पर राज्य चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड के माध्यम से नर्सिंग अधिकारियों की भर्ती निकाली गई है। उन्होंने कहा कि नर्सिंग अधिकारियों की भर्ती उत्तराखंड अधीनस्थ नर्सिंग (अराजपत्रित) सेवा (संशोधन) नियमवाली, 2022 में निहित प्राविधानों के अनुरूप पारदर्शी तरीके से की जायेगी। पूर्व में चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभागों में की गई नर्सिंग अधिकारियों की भर्ती के लिये राज्य सरकार ने तत्कालीन आवश्यकताओं व लंबे समय से विभाग में भर्ती न होने उपजी परिस्थितियों तथा युवाओं की मांग पर लिखित परीक्षा में छूट के लिये एकबार शिथिलता प्रदान की गई थी। जिसके तहत लिखित परीक्षा के स्थान पर वर्षवार मेरिट के आधार पर पारदर्शिता से भर्ती की गई। जिसमें प्रदेश के युवाओं का चयन हुआ था न कि बाहरी राज्यों के व्यक्तियों का।डॉ रावत ने बताया कि यह प्रक्रिया सिर्फ एक बार के लिये की गई। जबकि अब आगे की नर्सिंग भर्ती परीक्षा पूर्व की भांति नियमावली के अनुरूप आयोजित की जायेगी। उन्होंने बताया कि युवाओं की मांग पर ही चयन बोर्ड को नई भर्ती का अधियाचन भेजा गया है।
विरोध की बजाय अपने कार्यकाल की उपलब्धि गिनायें विपक्ष- डॉ. रावत
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रावत ने विपक्षी पार्टी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के उस बयान को निराशा एवं हताशा का द्योतक बताया जिसमें वह नर्सिंग अधिकारी भर्ती को लेकर सरकार पर बिना जानकारी के मनगढ़ंत आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों के नेताओं के पास जनता के सामने अपनी उपलब्धि गिनाने के लिये कुछ भी नहीं है लिहाजा विपक्ष सरकार की उपब्धियों से बौखलाकर युवाओं के साथ ही आम जनता को भी गुमराह कर सत्ता पर काबिज होना चाहती है। डॉ. रावत ने कहा कि इतिहास गवाह है कि कोई भी राजनैतिक दल बिना अपनी किसी उपलब्धि के सत्तापक्ष की आलोचना करके अपने मकसद में कामयाब नहीं हुआ है। उन्होंने विपक्षी दलों को ललकारते हुये कहा कि अगर वह सही मायने में उत्तराखंड की जनता के हितैषी हैं तो पृथक राज्य गठन के बाद कांग्रेस सरकार द्वारा किये गये कार्यों को जनता के समक्ष रख कर स्वस्थ राजनीति का उदाहरण पेश करें। डॉ. रावत ने कहा कि प्रदेश की जनता काफी समझदार और शिक्षित है जो भती-भांति जानती है कि कौन राजनीतिक दल उनका हितैषी है। उन्होंने कहा कि विपक्ष सरकार के जनकल्याणकारी नितियों व विकास कार्यों से घबरा गया है ऐसे में झूटे आरोप लगाना विपक्ष की नियति बन गई है।
देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग और निर्माणों के खिलाफ चलाया जा रहा सख्त अभियान लगातार जारी है। राजधानी के विकास को व्यवस्थित, सुरक्षित और नियमानुसार बनाए रखने के उद्देश्य से एमडीडीए रोजाना विभिन्न क्षेत्रों में निरीक्षण और कार्रवाई कर रहा है। अवैध कॉलोनाइज़र और नियमों को दरकिनार कर भूमि का दुरुपयोग कर रहे व्यक्तियों पर कार्रवाई की जा रही है, ताकि भविष्य में प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध और असंगठित विकास न बढ़ सके। एमडीडीए का यह अभियान न केवल शहर के सुनियोजित विकास को दिशा दे रहा है, बल्कि आम नागरिकों के हितों और सुरक्षा को भी सुनिश्चित कर रहा है।
विकासनगर, शिमला बाईपास सहित कई क्षेत्रों में बड़ी कार्रवाई
मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत विकसित नगर, शिमला बाईपास और आसपास के ग्रामीण इलाकों में अवैध प्लॉटिंग पर एमडीडीए की टीम ने कार्रवाई जारी रखी। होरोवाला रोड, छरबा, देहरादून में मदन सिंह नेगी द्वारा लगभग 04-05 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग का ध्वस्तीकरण किया गया। टीम में अवर अभियंता सिद्धार्थ सेमवाल, अमन पाल, सुपरवाइज़र तथा पुलिस बल मौके पर मौजूद रहे।
शेरपुर सेलाकुई में 20 बीघा प्लॉटिंग पर ध्वस्तीकरण
बीते दिन बुधवार को प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत शेरपुर सेलाकुई, देहरादून में की जा रही बड़ी अवैध प्लॉटिंग पर भी निर्णायक कार्रवाई हुई। नवीन गुप्ता व अन्य द्वारा लगभग 20 बीघा भूमि में की गई अनधिकृत प्लॉटिंग को ध्वस्त किया गया। कार्रवाई के दौरान अवर अभियंता नितेश राणा और सुपरवाइज़र मौके पर उपस्थित रहे तथा संपूर्ण कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई।
उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी का बयान- एमडीडीए का उद्देश्य देहरादून और आसपास के क्षेत्रों को नियोजित तरीके से विकसित करना है। अवैध प्लॉटिंग और निर्माण न केवल शहर के स्वरूप को बिगाड़ते हैं, बल्कि नागरिकों के लिए भविष्य में गंभीर समस्याएँ भी पैदा करते हैं, जैसे मूलभूत सुविधाओं का अभाव, सड़क, बिजली, सीवर और जलापूर्ति की दिक्कतें। इसलिए प्राधिकरण द्वारा किसी भी प्रकार के अनधिकृत विकास को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हमने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि चाहे मामला छोटा हो या बड़ा, अवैध गतिविधियों पर तत्काल प्रभाव से सीलिंग और ध्वस्तीकरण हो। यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा और पूरी पारदर्शिता के साथ चलाया जाएगा।
सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया का बयान- एमडीडीए की टीम लगातार मैदानी स्तर पर निगरानी कर रही है। जहां भी अवैध प्लॉटिंग या निर्माण पाया जा रहा है, वहीं मौके पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। हमारा लक्ष्य क्षेत्र में व्यवस्थित, नियमसम्मत और सुरक्षित विकास सुनिश्चित करना है और इसके लिए कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
हिंदुस्तान स्काउट एवं गाइड समागम कार्यक्रम का किया समापन
विजेता प्रतियोगियों को पुरस्कार देकर किया सम्मानित
पंतनगर। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने गुरुवार को पंतनगर में कुमाऊं मंडल स्काउट गाइड समागम 2025 कार्यक्रम का समापन किया। इस अवसर पर उन्होंने तीन दिन चले समागम में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विजेताओं को मेडल देकर सम्मानित किया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि रेखा आर्या ने इस अवसर पर कहा कि हमें देश के युवा को सिर्फ शिक्षित ही नहीं करना है बल्कि उसे अनुशासन और नेतृत्व क्षमता जैसे गुणों से युक्त भी करना है। तभी युवा एक अच्छा नागरिक बनकर देश के विकास में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि स्काउट और गाइड इन गुणों का सबसे बेहतर तरीके से प्रतिनिधित्व करते हैं।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि अपनी क्षमताओं की पहचान करना सफलता की राह का एक अहम पड़ाव है। उन्होंने युवाओं को सांस्कृतिक आदान-प्रदान के जरिए एक भारत श्रेष्ठ भारत की भावना को मजबूत करने और अपने भीतर मानवीय गुणों को विकसित करने के लिए भी प्रेरित किया।
कार्यक्रम में विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर दर्शकों का दिल जीत लिया। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने विभिन्न प्रतिस्पर्धा में श्रेष्ठता प्रदर्शित करने वाले कैडेट्स को सम्मानित किया।
इस अवसर पर प्रदेशिक संगठन आयुक्त हिमांशु सक्सेना, सहायक प्रदेशिक संगठन आयुक्त अलका मिश्रा, दुग्ध संघ डायरेक्टर उधम सिंह नगर इंदर सिंह मेहता, मंडल महामंत्री टीकम सिंह कोरंगा, दीपक कुमार तिवारी, कविता तिवारी आदि उपस्थित रहे।
2003 की मतदाता सूची से की जाएगी वर्तमान मतदाता सूची की मैपिंग
देहरादून। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के बाद उत्तराखण्ड राज्य में प्री एसआईआर गतिविधियां शुरु कर दी गई हैं। इस चरण में आगामी विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर प्रारम्भिक तैयारियां की जाएंगी, साथ ही एसआईआर के दौरान मतदाताओं को किसी प्रकार की असुविधा ना हो इसके दृष्टिगत “प्रत्येक मतदाता तक पहुंच , समन्वय और संवाद’ अभियान पर कार्य किया जा रहा है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा अलग-अलग वर्षों में इससे पूर्व 11 बार विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम (एसआईआर) पूरे देश में संपादित किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि उत्तराखण्ड में वर्ष 2003 में एसआईआर किया गया था। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में आयोग द्वारा पहले चरण में बिहार और दूसरे चरण में 12 अन्य राज्यों में एसआईआर की प्रक्रिया गतिमान है। उन्होंने बताया कि आयोग का इस पूरी प्रकिया के पीछे उद्देश्य हर पात्र मतदाता को मतदाता सूची में शामिल करना है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि प्री एसआईआर फेज में प्रदेश की वर्तमान मतदाता सूची में शामिल लगभग 40 वर्ष तक की आयु के ऐसे मतदाता जिनके नाम 2003 की मतदाता सूची में दर्ज थे उनकी सीधे बीएलओ एप से मैपिंग की जाएगी।
इसके साथ ही 40 वर्ष या उससे अधिक आयु के ऐसे मतदाता जिनके नाम 2003 की मतदाता सूची में किसी कारणवश नहीं है तो उनके माता-पिता अथवा दादा-दादी के नाम के आधार पर प्रोजनी के रुप में मैपिंग की जाएगी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि वर्ष 2003 की मतदाता सूची www.ceo.uk.gov.in एवं www.voters.eci.gov.in पर सर्च की जा सकती है।
राष्ट्रीय राजनैतिक दलों से बीएल नियुक्त करने की अपील
मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ० बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने प्रदेश के सभी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनैतिक दलों से अपने-अपने बूथ लेवल एजेंट्स (बीएलए) नियुक्त करने की अपील की है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में 11733 बूथ के सापेक्ष 4155 बीएलए ही नियुक्त हैं।
हेल्प डेस्क होगी स्थापित
मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ० बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने बताया कि सभी जनपदों में जिलाधिकारी, ईआरओ और बीएलओ को मतदाताओं के बीच अपनी पहुंच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि जनपद एवं ईआरओ स्तर पर एक हेल्प डेस्क स्थापित की जा रही है ताकि मतदाताओं को आसानी से मदद मिल सके।
बहुउद्देशीय शिविर में उठी समस्या का तुरंत समाधान
देहरादून। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर मात्र 24 घंटे के भीतर राजकीय प्राथमिक विद्यालय लिस्ट्राबाद में नई शिक्षिका की तैनाती कर दी गई है। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा तैनाती आदेश जारी कर दिए गए हैं।
ग्राम इठारना में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित बहुउद्देशीय शिविर के दौरान ग्राम प्रधान, लिस्ट्राबाद ग्रांट ने अवगत कराया कि रा.प्रा.वि. लिस्ट्राबाद में 34 छात्र-छात्राएँ अध्ययनरत हैं, लेकिन विद्यालय में केवल एक अध्यापिका कार्यरत हैं, जिससे पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है। ग्राम प्रधान ने विद्यालय में एक अतिरिक्त शिक्षक की आवश्यकता जताई।

शिकायत का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी सविन बंसल ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को विद्यालय में तत्काल शिक्षक तैनात करने के निर्देश दिए। निर्देशों का पालन करते हुए शिक्षा विभाग ने उप शिक्षा अधिकारी, विकासखण्ड डोईवाला द्वारा भेजे गए प्रस्ताव के आधार पर औवंधिक स.अ. को रा.प्रा.वि. लिस्ट्राबाद में कार्ययोजित कर दिया है।
उप शिक्षा अधिकारी, डोईवाला को आदेश के अनुपालन की पुष्टि सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
दिल्ली से देहरादून आ रही थी वॉल्वो बस, परिचालक घायल
देहरादून। देहरादून-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक भीषण सड़क हादसा हो गया, जब नुंनावाला, भानियावाला के पास यात्रियों से भरी एक वॉल्वो बस अचानक अनियंत्रित होकर आगे चल रहे गन्ने से लदे ट्रैक्टर-ट्राले से भिड़ गई। तेज टक्कर के कारण बस चालक की मौत हो गई, जबकि परिचालक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय पुलिस के साथ एसडीआरएफ की टीम तत्काल मौके पर पहुंची।
सूचना मिलते ही रेस्क्यू शुरू किया गया, जिसके तहत क्षतिग्रस्त बस में फंसे चालक को कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया। पुलिस के अनुसार दुर्घटना सुबह करीब 5:30 बजे हुई, जब दिल्ली से देहरादून आ रही वॉल्वो बस नुंनावाला गुरुद्वारा के पास अचानक नियंत्रण खो बैठी और सीधे ट्रैक्टर-ट्राले से जा टकराई। हादसे में चालक के अलावा परिचालक भी घायल हुआ, जिसे उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। डॉक्टरों ने बस चालक को मृत घोषित कर दिया।
चौकी प्रभारी नवीन डंगवाल ने बताया कि हादसे में बस के सभी यात्री सुरक्षित हैं और किसी यात्री को गंभीर चोट नहीं आई है। मृतक चालक की पहचान योगेंद्र (52) पुत्र ओमशरण निवासी पटला, थाना मोदी नगर (गाजियाबाद) के रूप में हुई है, जबकि घायल परिचालक का नाम दिलशान (32) पुत्र इंसाफ निवासी आरिफपुर, थाना बाबूगढ़ जिला हापुड़, उत्तर प्रदेश बताया गया है।
पुलिस ने बताया कि दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है और ट्रैक्टर ट्राले सहित दोनों वाहनों को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पौड़ी। प्रदेश पर्यटन, लोक निर्माण, सिंचाई, पंचायतीराज, ग्रामीण निर्माण, जलागम, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री एवं चौबट्टाखाल विधायक सतपाल महाराज ने जिलाधिकारी पौड़ी से दूरभाष पर वार्ता कर विकासखण्ड बीरोंखाल के अन्तर्गत मां कालिंका मन्दिर में 06 दिसम्बर, 2025 को होने वाले मेले की व्यवस्थाओं को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिये हैं।
प्रदेश पर्यटन, लोक निर्माण, सिंचाई, पंचायतीराज, ग्रामीण निर्माण, जलागम, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री एवं चौबट्टाखाल विधायक सतपाल महाराज ने गुरुवार को जिलाधिकारी पौड़ी से दूरभाष पर वार्ता कर विकासखण्ड बीरोंखाल के अन्तर्गत मां कालिंका मन्दिर में 06 दिसम्बर, 2025 को होने वाले मेले की व्यवस्थाओं को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा हेतु पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने के साथ-साथ मेडिकल टीम, ऐम्बुलेंस पेयजल की समुचित व्यवस्थाएं और मोटर मार्गो को चुस्त दुरुस्त करने को कहा है।
महाराज ने जिलाधिकारी से मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पौड़ी, रामनगर, कोटद्वार, धूमाकोट और बैजरों आदि क्षेत्रों से बसों की पर्याप्त व्यवस्था करावाने के भी निर्देश दिए हैं।
हल्द्वानी कोतवाली की जिम्मेदारी अब इंस्पेक्टर विजय सिंह मेहता को सौंपी गई
नैनीताल। नैनीताल जिले में पुलिस विभाग में देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारियों के तबादले से जुड़े आदेश जारी करते हुए कई थानों की कमान बदली है। हल्द्वानी, बनभूलपुरा, भीमताल, मुखानी और रामनगर सहित कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में नए प्रभारियों की नियुक्ति की गई है।
हल्द्वानी कोतवाली की जिम्मेदारी अब इंस्पेक्टर विजय सिंह मेहता को सौंपी गई है, जबकि पूर्व कोतवाल इंस्पेक्टर अमर चंद्र शर्मा को जिला कंप्लेंट सेल का प्रभारी बनाया गया है। वहीं, बनभूलपुरा कोतवाली की कमान इंस्पेक्टर सुशील कुमार को मिली है।
भीमताल थाने में इंस्पेक्टर राजेश यादव को नया कोतवाल नियुक्त किया गया है। रामनगर की कमान इंस्पेक्टर दिनेश सिंह फर्त्याल के हाथों में सौंपी गई है। इसके साथ ही सम्मन सेल की ज़िम्मेदारी संभाल रहे इंस्पेक्टर राजेंद्र सिंह रावत को अब डीसीआरबी का इंचार्ज बनाया गया है।
सब-इंस्पेक्टर स्तर पर भी बदलाव किए गए हैं। मुखानी थाना प्रभारी पद से हटाए गए एसआई दिनेश जोशी को एसएसआई मल्लीताल की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि उनकी जगह एसआई सुशील चंद्र जोशी को मुखानी थाने का नया एसओ नियुक्त किया गया है।

प्रेज़िडेंट पुलिस मेडल विजेताओं को मिलेंगे 5 लाख रुपये- सीएम धामी
हल्द्वानी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल कैंप मुख्यालय हल्द्वानी में आयोजित पूर्व अर्धसैनिक बलों के सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा कि अर्धसैनिक बलों के वीर जवानों ने कश्मीर से कन्याकुमारी और कच्छ से अरुणाचल तक हर मोर्चे पर अदम्य साहस, शौर्य और समर्पण के साथ देश की सेवा की है। तिरंगे की शान को बढ़ाने में इन वीर सपूतों का योगदान अविस्मरणीय है। उन्होंने अर्द्धसैनिक बल के जवानों को वीरता, साहस और देश भक्ति का प्रतीक बताते हुए उन्हें राष्ट्र की शान बताया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अर्द्धसैनिक बलों के कल्याण के लिए घोषणा की कि भविष्य में प्रेजिडेन्ट पुलिस मेडल-गैलेन्ट्री वीरता पदक से अलंकृत होने वाले अर्द्धसैनिक को एकमुश्त 05 लाख रूपये की अनुदान राशि दी जायेगी, पूर्व अर्द्धसैनिक एवं अर्द्धसैनिक की वीर नारी, जिसके पास स्वयं की कोई अचल सम्पत्ति नहीं है, को उत्तराखण्ड राज्य में जीवनकाल में एक बार अचल सम्पत्ति क्रय किये जाने में स्टाम्प शुल्क में 25 प्रतिशत तक की छूट दी जायेगी, उत्तराखण्ड राज्य अर्द्धसैनिक बल कल्याण परिषद् को क्रियाशील किया जायेगा और परिषद् के लिए पुलिस मुख्यालय में एक कार्यालय कक्ष आवंटित किया जायेगा, सैनिक कल्याण निदेशालय में उपनिदेशक (अर्द्धसैनिक) एवं बड़े जिलों के जिला सैनिक कल्याण कार्यालयों में सहायक जिला सैनिक कल्याण अधिकारी (अर्द्धसैनिक) के एक-एक पद स्वीकृत किये जायेंगे, जिसमें पूर्व अर्द्धसैनिक संविदा में नियुक्त किये जायेंगे, जो अर्द्ध सैनिक बलों के बच्चे हैं, उनको शादी हेतु हमारे सैनिकों के भांति धनराशि प्रदान की जाएगी तथा मुख्यमंत्री ने सीजीएचएस भवन निर्माण हेतु तत्काल प्राथमिकता देते हुए भूमि चयन करने के निर्देश जिलाधिकारी को दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सैनिक कभी भी ‘भूतपूर्व’ नहीं होता, वह जीवनपर्यंत सैनिक ही रहता है। उन्होंने बताया कि वे स्वयं एक सैनिक परिवार से आते हैं और सैनिकों व उनके परिवारों की चुनौतियों को नजदीक से समझते हैं। शहीदों की शहादत की कोई कीमत नहीं हो सकती और राज्य सरकार का दायित्व है कि उनके परिवारों को किसी प्रकार की कठिनाई न होने पाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने अर्द्धसैनिक बलों और शहीदों के परिजनों के सम्मान हेतु अनुग्रह राशि को 10 लाख से बढ़ाकर 50 लाख रुपये किया है। अशोक चक्र, कीर्ति चक्र और शौर्य चक्र से अलंकृत वीरों की पुरस्कार राशि एवं वार्षिक अनुदान में भी महत्वपूर्ण वृद्धि की गई है। शहीदों की स्मृति में स्मारक एवं शहीद द्वार निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इस वर्ष 10 वीर बलिदानियों की स्मृति में नए स्मारकों की स्वीकृति दी गई है। साथ ही शहीदों के परिजनों के एक सदस्य को सरकारी नौकरी में समायोजित करने की व्यवस्था भी लागू की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में सेना का आधुनिकरण तेजी से हुआ है। भारत आज रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भर बनते हुए कई देशों को रक्षा उपकरण निर्यात कर रहा है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने भारत के स्वदेशी हथियारों की क्षमता को विश्व स्तर पर सिद्ध किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में अवैध बसावट और अन्य गलत गतिविधियों के खिलाफ सरकार कड़े कदम उठा रही है। 10 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि कब्जामुक्त कराई गई है तथा 550 से अधिक अवैध संरचनाओं को ध्वस्त किया गया है। राज्य में समान नागरिक संहिता, सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगा-रोधी कानून और भू-कानून लागू कर सामाजिक समरसता एवं आंतरिक सुरक्षा को मजबूत किया गया है।
उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड वीरभूमि भी है, और यहां की धरोहर, संस्कृति तथा परंपरा की रक्षा करना सभी का दायित्व है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार “विकल्प रहित संकल्प” के साथ उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
कार्यक्रम में सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि राज्य सरकार पूर्व सैनिकों के कल्याण हेतु निरंतर दृढ़ता से कार्य कर रही है।
इस अवसर पर मेयर हल्द्वानी गजराज सिंह बिष्ट, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दीपा दरमवाल, विधायक राम सिंह कैड़ा, दायित्व धारी डॉ. अनिल डब्बू, शंकर कोरंगा, रेनू अधिकारी, आई जी रिद्धिम अग्रवाल, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के डीआईजी शंकर दत्त पांडे, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ मंजूनाथ टीसी, पूर्व अर्धसैनिक संगठन उत्तराखंड के अध्यक्ष एस.एस. कोटियाल, सेवानिवृत्त आईजी एम.एल. वर्मा, एच.आर. सिंह, भानु प्रताप सिंह सहित बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
व्यवस्थाओं की समीक्षा, महिलाओं-बालिकाओं को गर्म कपड़े व मिठाई की वितरित; सुरक्षा, स्वास्थ्य और इन्फ्रास्ट्रक्चर सुधार के निर्देश
देहरादून। जिलाधिकारी सविन बंसल ने केदारपुरम अवस्थित राजकीय नारी निकेतन, बालिका निकेतन, बाल गृह एवं शिशु सदन का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। जिलाधिकारी ने सबसे पहले परिसर का भ्रमण किया और यहां पर आवास, सुरक्षा, भोजन, स्वास्थ्य, साफ, सफाई एवं शौचालय संबंधी व्यवस्थाओं की समीक्षा की। निकेतन में निवासरत महिलाओं, बालिकाओं एवं अधिकारियों से यहां की आवश्यकताओं और समस्याओं की जानकारी ली।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि संस्थान में निवासरत महिलाओं, बालक एवं बालिकाओं को सुरक्षित, स्वच्छ और अनुकूल वातावरण मिल सके, इसके लिए अधिकारी नियमित मॉनिटरिंग करना सुनिश्चित करें। इस दौरान जिलाधिकारी ने बढ़ती ठंड को देखते हुए निकेतन की महिलाओं, बालिकाओं और शिशुओं को स्वायटर, टोपी इत्यादि गर्म कपडे प्रदान करते हुए मिठाई बांटी। केदारपुरम स्थित निकेतन में 173 बेसहारा, परित्यक्त व शोषित महिलाएं निवासरत है। वहीं बालिका निकेतन में 19 और बाल गृह व शिशु सदन 23 बच्चे रह रहे है। जिन्हें सामाजिक सुरक्षा, आश्रय और अन्य सुविधाएं प्रदान की जा रही है।
जिलाधिकारी ने कहा कि नारी निकेतन, बालिका निकेतन, बाल गृह एवं शिशु सदन हमारे बहुत महत्वपूर्ण संस्थान है। यहां पर बेसहारा, परित्यक्त, शोषित व खास वर्ग के महिलाएं व बच्चे रहते है, जिनको मुख्यधारा मे लाने के लिए अतिरिक्त देखभाल और सलाह की आवश्यकता रहती है। ये लोग किसी न किसी सदमे से प्रभावित हुए है। एक्सपर्ट की मदद से इनको सदमे से बाहर लाते हुए इनके व्यवहार में परिवर्तन कर मुख्यधारा में लाया जा रहा है। निकेतन में इन्फ्रास्ट्रेक्चर, सीवर लाइन, डोरमेट्री से लेकर जो भी आवश्यकताएं है, उसको जिला प्लान और खनन न्यास से पूरा किया जा रहा है। निकेतन की महिलाओं और बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच से लेकर संतुलित डाइट भी सुनिश्चित की जा रही है। जिलाधिकारी ने कहा कि निकेतन में निवासरत बेसहारा एवं शोषित महिलाओं व बच्चों को मुख्यधारा में जोड़ने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे है। जिलाधिकारी ने कहा कि पिछले निरीक्षण के दौरान निकेतन में डोर मैट्री भवन स्वीकृत किया गया था, जिसका निर्माण कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है और अगले दो महीनों के भीतर भवन निकेतन को विधिवत् समर्पित किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि बालिका निकेतन में निवासरत बालिकाओं के सर्वागीण विकास के लिए खेल गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों निर्देश दिए कि बालिका निकेतन परिसर में एक समुचित खेल मैदान का निर्माण किया जाए। कहा कि खेल मैदान का डिजाइन इस तरह से तैयार किया जाए जिसमें खो-खो, कबड्डी, बैडमिंटन और योग गतिविधियां हो सके। वहीं जिलाधिकारी ने ठंड को ध्यान में रखते हुए शिशु निकेतन के सभी कमरों में ऑयल हीटर लगाने के भी निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने नारी निकेतन की सुरक्षा व्यवस्थाओं और सुदृढ़ करने के लिए नारी निकेतन में दो अतिरिक्त होमगार्ड की तैनाती तुरंत प्रभाव से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ मुख्य चिकित्सा अधिकारी को नारी निकेतन में दो अतिरिक्त नर्सों की नियुक्ति करने और निकेतन के लिए तैनात डॉक्टर को नियमित रूप से निकेतन का विजिट सुनिश्चित कराने को कहा। ताकि महिलाओं की समय-सयम पर स्वास्थ्य जांच हो सके। जिलाधिकारी ने कहा कि निकेतन में बालिकाओं और शिशुओं के समुचित स्वास्थ्य परीक्षण, पोषण स्थिति की जांच तथा समय-समय पर आवश्यक उपचार उपलब्ध कराना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिया कि आरबीएसके टीम नियमित अंतराल पर निकेतन पहुंचकर बच्चों का संपूर्ण स्वास्थ्य परीक्षण करे और किसी भी बीमारी या कमी की पहचान कर त्वरित उपचार व आवश्यक रेफरल की व्यवस्था सुनिश्चित करे। इस दौरान जिलाधिकारी ने नारी निकेतन में महिलाओं व बच्चों के आधार कार्ड बनाने के लिए 11 मोबाइल फोन और सिम की मौके पर ही स्वीकृति प्रदान की।
जिलाधिकारी ने नारी निकेतन परिसर का निरीक्षण करते हुए ग्रामीण निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्माणाधीन अतिरिक्त भवन के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि नारी निकेतन में रहने वाली महिलाओं, बालिकाओं एवं शिशुओं के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसलिए निर्माण कार्य में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अतिरिक्त भवन तैयार होने से नारी निकेतन की क्षमता और सुविधाओं में महत्वपूर्ण सुधार होगा।
नारी निकेतन में काउंसलिंग कक्ष के समक्ष शौचालय व स्नानागार, डायनिंग एरिया के शौचालय सुदृढीकरण, मंदिर के चारों ओर ग्रिल कार्य, जिम और प्रयोगात्मक क्षेत्र का समतलीकरण, छत मरम्मत, अलमीरा, रसोई के पीछे फर्स, लॉडरी रूम व नए भवन के पीछे फैसिंग, आलम्बन भवन के मुख्य द्वार का अनुरक्षण, डबल बैटर इनवर्टर लगाने को काम किया जा रहा है। वहीं बालिका निकेतन में अधीक्षक का कार्यालय, स्टोर कक्ष, आंगन, आधुनिक किचन, खिडकियों पर सरिया, गेट, लोहे के दरवाजे, डबल बैटरी इन्वर्टर, समर सेविल हेतु विद्युत संयोजन, भण्डारण कक्ष, छत व फर्स मरम्मत, टिन शेड का काम चल रहा है। शिशु व बाल गृह में कक्ष का पार्टीशन, शौचालय, स्टोर रूम, पार्क के तीनों तरफ सीढियां, तीनों संस्थान को जोड़ने का रास्ता, पार्किंग, फैंसिंग, परिसर में स्थायी मंच निर्माण सहित बच्चों के लिए 20 रजाई, 10 लोहे के बैड, 10 डबल गद्दे आदि काम किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था को संचालित सभी कार्याे को जल्द से जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए।
इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, उप जिलाधिकारी सदर हरिगिरि, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, सहायक निदेशक सूचना बद्री चंद, एसीएमओ डा वंदना सेमवाल, अध्यक्ष बाल कल्याण समिति नमिता ममगाई आदि सहित ग्रामीण निर्माण विभाग व पेयजल के अधिकारी मौजूद थे।
