देहरादून- कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने आज देहरादून के इंद्र रोड स्थित फाइटोकेमिस्ट्री एवं आयुर्वेदा सोसाइटी द्वारा फाइटोकेमिस्ट्री और आयुर्वेद की क्षमता एवं संभावनाओं के विषय पर आयोजित सेमिनार में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया।
इस अवसर पर मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा कहा गया 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखण्ड का दशक होगा कथन आज साकार होता दिख रहा है। उन्होंने कहा कि इसी दिशा में राज्य को 10वें विश्व आयुर्वेद कांग्रेस एवं आरोग्य एक्सपो के आयोजन का अवसर मिला, जो गत वर्ष देहरादून में सफलतापूर्वक आयोजित हुआ। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया।

मंत्री जोशी ने कहा कि आयुर्वेद भारत की प्राचीन एवं वैज्ञानिक चिकित्सा पद्धति है, जो प्राकृतिक और पारंपरिक तरीकों से स्वस्थ एवं संतुलित जीवन को बढ़ावा देती है। आयुर्वेद न केवल रोग प्रबंधन में सहायक है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन, तंदुरुस्ती और समग्र कल्याण के लिए भी अत्यंत उपयोगी है। उन्होंने फाइटोकेमिस्ट्री पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह विज्ञान की वह शाखा है, जो पौधों में पाए जाने वाले रासायनिक यौगिकों की संरचना, गुण और उपयोग का अध्ययन करती है। फाइटोकेमिस्ट्री के माध्यम से औषधि विकास, पोषण एवं स्वास्थ्य, कृषि, पौध संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में शोध कार्य किए जा रहे हैं।
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि उत्तराखण्ड में आयुर्वेद की संभावनाएं अत्यंत व्यापक हैं। यहां की समृद्ध वनस्पति और जैव विविधता नई औषधियों की खोज के लिए अपार अवसर प्रदान करती है। उन्होंने स्थानीय समुदायों में पीढ़ियों से चले आ रहे पारंपरिक आयुर्वेदिक ज्ञान के संरक्षण पर बल दिया। मंत्री जोशी ने कहा कि राज्य सरकार आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है, ताकि नागरिकों को सुरक्षित और प्राकृतिक चिकित्सा विकल्प उपलब्ध हो सकें। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद और फाइटोकेमिस्ट्री के विकास से रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
उन्होंने एरोमा एवं एरोमेटिक मेडिसिन के क्षेत्र में भी कार्य करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए बताया कि कृषि, उद्यान और सुगंध पौध केंद्र इस दिशा में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। इस दौरान कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने सभी को नव वर्ष की अग्रिम बधाई एवं शुभकामनाएं भी दीं।
इस अवसर पर चेयरमैन एस फारुख, डॉ.आईपी सक्सेना, डॉ. दुर्गेश पंत, वी.के. तिवारी सहित कई लोग उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार मुख्यमंत्री आवास पैंली-पैंली बार उत्तराखण्डी गीत का विमोचन किया
देहरादून- मुख्यमंत्री ने सभी लोक गायकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह गीत जन-जन तक सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों को पहुंचाएगा। उन्होंने कहा इन गीतों के माध्यम से समाज में जागरूकता आएगी एवं उत्तराखंड में पहली बार हुए कार्यों से बड़ी संख्या में लोग अवगत हो सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार द्वारा लिए जा रहे निर्णय अन्य राज्यों के लिए भी उदाहरण बन रहे हैं। उन्होंने लोक कलाकारों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार उत्तराखण्ड की लोकसंस्कृति, भाषा और परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा हमारा राज्य, विकास के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ रहा है। ऐतिहासिक फैसलों और योजनाओं के माध्यम से आम जन को सहूलियत पहुंचाई जा रही है। विभिन्न चुनौतियों के बाद भी राज्य ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, स्टार्टअप, कृषि, रिवर्स पलायन , बागवानी, हर क्षेत्र में नया इतिहास रच रहा है।
“पैली-पैली बार” गीत में उत्तराखण्ड राज्य के इतिहास में पहली बार हुये विकास कार्यों का उल्लेख किया गया है। गीत में नकल विरोधी कानून, वृहद स्तर पर सरकारी जमीनों पर हुये अतिक्रमण को हटाने, धर्मान्तरण और यूसीसी , शीतकालीन यात्रा, पर्यटन व तीर्थाटन को बढावा, आदि कैलाश यात्रा, रिवर्स पलायन, राजस्व वृद्धि, किसानों को प्रदान की जा सुविधाओं, सरकारी सेवाओं में हुई नियुक्तियों जैसे महत्वपूर्ण और विकासपरक योजनाओं का उल्लेख किया गया है।
इस गीत के बोल उत्तराखण्ड के विकास कार्यों को प्रमुखता से उजागर करते हैं और कैसे राज्य का समग्र विकास किया जा रहा है, को भी परिभाषित करते हैं। साथ ही सरकार द्वारा वर्तमान मे चलाए जा रहे अभियान “जन जन की सरकार, जन जन के द्वार” की भावना को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है।
इस गीत में उत्तराखण्ड के प्रमुख लोकगायक सौरभ मैठाणी, गोविन्द दिगारी, राकेश खनवाल, ललित गित्यार, भूपेन्द्र बसेडा, मनोज सामन्त, चन्द्रप्रकाश एवं लोकगायिका सुश्री खुशी जोशी व सोनम ने सम्मिलित रूप से स्वर प्रदान किया गया है। साथ ही इसकी धुन व गीत भूपेन्द्र बसेड़ा द्वारा एवं संगीत ललित गित्यार द्वारा तैयार किया गया है। विभिन्न गायकों/गायिकाओं द्वारा रचित यह उत्तराखण्डी लोकधुन पर आधारित गीत सुनने में अत्यधिक कर्णप्रिय लग रहा है और सरकार की विकास योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने, विकास कार्यों के प्रति समझ को बढ़ाने तथा जन-जन को विकास योजनाओं के बारे में सुगमता से जानकारी प्रदान करने का भरसक प्रयास किया गया है।
इस अवसर पर दायित्वधारी कैलाश पंत, लोकगायक सौरभ मैठाणी, गोविन्द दिगारी (वर्चुअल), खुशी जोशी दिगारी ( वर्चुअल ) ,भूपेन्द्र बसेडा,ललित गित्यार, राकेश खनवाल, चन्द्रप्रकाश, सुश्री सोनम, कुंदन कोरंगा, बसंत तिवारी, नवीन जोशी, पूरन नगरकोटी, भागीरथी नगरकोटी, मीनाक्षी जोशी, मोहित जोशी, संगीतकार सुरेन्द्र बिष्ट एवं अन्य लोग मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अंतर्गत विभिन्न योजनाओं के 4224 श्रमिकों को हस्तान्तरित की ₹ 12 करोड़ 89 लाख 85 हजार की धनराशि
राज्य के 191 कॉमन सर्विस सेन्टर में श्रमिकों की सहायता के लिए विशेष व्यवस्था का हुआ शुभारंभ
देहरादून – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए उत्तराखण्ड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अंतर्गत विभिन्न योजनाओं के 4224 लाभार्थी श्रमिकों के खातों में डीबीटी के माध्यम से ₹ 12 करोड़ 89 लाख 85 हज़ार की धनराशि हस्तान्तरित की। मुख्यमंत्री ने राज्य के 191 कॉमन सर्विस सेन्टर में श्रमिकों की सहायता के लिए विशेष व्यवस्था का भी शुभारंभ किया, जिससे श्रमिकों को योजनाओं से संबंधित जानकारी, पंजीकरण तथा अन्य सेवाएं सुगमता से उपलब्ध हो सकेंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा श्रमिकों की हर समस्या का निस्तारण किया जा रहा है। श्रमिकों एवं उनके आश्रितों के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। जिनके माध्यम से उन्हें आर्थिक सुरक्षा, सामाजिक संरक्षण तथा सम्मानजनक जीवन प्रदान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार द्वारा श्रमिकों एवं उनके आश्रितों की आजीविका के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाकर उनके कौशल विकास से भी जोड़ने का कार्य भी किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिक हमारे राज्य के विकास की सबसे मजबूत नींव हैं। बुनियादी ढांचे के निर्माण में श्रमिकों का योगदान अतुलनीय है। उन्होंने कहा राज्य सरकार का दायित्व है कि जो लोग प्रदेश के विकास में अपनी अहम भूमिका निभाते हैं उनका एवं उनके परिजनों का भविष्य भी सुरक्षित हो। उन्होंने कहा राज्य के 191 कॉमन सर्विस सेंटरों में श्रमिकों के लिए शुरू की गई विशेष व्यवस्था से अब उन्हें सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। साथ ही ब्लॉक तहसील एवं गांव स्तर में ही सीएससी के माध्यम से श्रमिकों को पंजीकरण, नवीनीकरण और योजनाओं से जुड़ी हर सहायता एक ही स्थान पर मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्मकार बोर्ड द्वारा अब तक 51 करोड़ रूपये की धनराशि विगत 06 माह में श्रमिको एवं उनके परिजनों के खातों में हस्तान्तरित की जा चुकी है। पूर्व में कर्मकार बोर्ड द्वारा श्रमिको के पंजीकरण / नवीनीकरण तथा लाभ के आवेदन हेतु विकासखण्ड स्तर पर व्यवस्था का शुभारम्भ भी किया जा चुका है।
श्रम आयुक्त पी.सी. दुम्का ने कहा कि मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में बोर्ड द्वारा निरंतर श्रमिकों के हित में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया मुख्यमंत्री द्वारा 4224 लाभार्थी श्रमिकों के खातों में डीबीटी के माध्यम से ₹ 12 करोड़ 89 लाख 85 हज़ार की धनराशि हस्तान्तरित की गई है। उन्होंने कहा भविष्य में भी बोर्ड द्वारा मुख्यमंत्री के विजन सरलीकरण समाधान निस्तारण और संतुष्टि के अनुसार ही कार्य किया जाएगा।
इस अवसर पर अध्यक्ष राज्य संविदा श्रम सलहाकार बोर्ड कैलाश पंत, उप श्रम आयुक्त विपिन कुमार, सहायक श्रम आयुक्त धर्मराज, आई०टी० एक्सपर्ट दुर्गा चमोली एवं अन्य लोग मौजूद रहे।
देर रात देहरादून चिड़ियाघर की टीम ने ट्रेंकुलाइज कर पिंजरे में बंद किया
चमोली – जिले में मानव बस्तियों के नजदीक दिखाई दे रहे एक जंगली भालू को वन विभाग ने सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया है। यह कार्रवाई पोखरी क्षेत्र के भिकोना गांव के आसपास की गई, जहां पिछले कुछ समय से भालू की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत बनी हुई थी।
वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में देहरादून चिड़ियाघर से विशेषज्ञों की एक टीम क्षेत्र में तैनात की गई थी। देर रात विशेष अभियान के तहत वन्यजीव विशेषज्ञों ने भालू को बेहोश कर उसे सुरक्षित रूप से पिंजरे में शिफ्ट किया। पकड़ा गया भालू लगभग छह वर्ष की मादा बताया जा रहा है।
ट्रॉमा सेंटर में चल रहा था इलाज, पैसों के विवाद में रची गई थी हत्या की साजिश
ऋषिकेश- एम्स ऋषिकेश में इलाज के दौरान कुख्यात अपराधी विनय त्यागी की मौत हो गई। वह पिछले तीन दिनों से ट्रॉमा सेंटर में भर्ती था, जहां गुरुवार को उसने दम तोड़ दिया। एम्स प्रशासन ने उसकी मृत्यु की आधिकारिक पुष्टि कर दी है। विनय त्यागी को पुलिस हिरासत में कोर्ट पेशी के दौरान हुई फायरिंग में गंभीर रूप से घायल किया गया था।
घटना हरिद्वार जनपद के लक्सर-हरिद्वार हाईवे स्थित ओवरब्रिज पर हुई थी। मेरठ निवासी विनय त्यागी को धोखाधड़ी के एक मामले में रुड़की जेल से लक्सर न्यायालय में पेशी के लिए ले जाया जा रहा था। पुलिस का सरकारी वाहन जैसे ही फ्लाईओवर के बीच ट्रैफिक जाम में रुका, पहले से घात लगाए बैठे बाइक सवार बदमाशों ने अचानक पुलिस वाहन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं।
फायरिंग के दौरान विनय त्यागी के सीने, हाथ और गले में गोलियां लगीं, जिससे वह वाहन के भीतर ही गिर पड़ा। हालांकि वाहन में मौजूद पुलिसकर्मी बड़ी घटना से बच गए, लेकिन दो पुलिसकर्मियों को हल्की चोटें आईं। हमलावर हथियार लहराते हुए मौके से फरार हो गए। घायल अवस्था में विनय त्यागी को पहले लक्सर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसे कड़ी सुरक्षा में एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया था।
घटना की सूचना मिलते ही जिले के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर जांच शुरू की गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दूसरे दिन ही खानपुर थाना क्षेत्र के जंगल से दोनों शूटरों को गिरफ्तार कर लिया। गैंगवार की आशंका को देखते हुए आरोपियों को बाद में रुड़की की बजाय हरिद्वार जेल में स्थानांतरित किया गया।
पूछताछ में मुख्य आरोपी सन्नी यादव उर्फ शेरा ने अपने साथी अजय के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देने की बात कबूल की है। पुलिस के अनुसार विनय त्यागी और सन्नी के बीच लंबे समय से पैसों के लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था। धमकियों और तनाव के चलते सन्नी ने विनय की हत्या की साजिश रची और उसकी पेशी की जानकारी मिलने के बाद रेकी कर घटना को अंजाम दिया।
पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों का आपराधिक इतिहास रहा है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
30 दिसंबर से एक जनवरी तक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ गिरने की संभावना, मैदानी जिलों में शीत दिवस और घने कोहरे का येलो अलर्ट
देहरादून- उत्तराखंड में नए साल की शुरुआत मौसम के मिजाज के साथ होने के संकेत मिल रहे हैं। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक वर्ष के अंतिम दिनों में प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है, जबकि मैदानी इलाकों में ठंड का प्रकोप और बढ़ सकता है।
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 27 दिसंबर को देहरादून समेत छह जिलों में शीत दिवस की स्थिति बन सकती है। इस दौरान तापमान सामान्य से नीचे बना रहेगा और ठंडक अधिक महसूस की जाएगी। वहीं देहरादून, पौड़ी, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, चंपावत और नैनीताल जिलों के कुछ हिस्सों में घने कोहरे को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। अन्य जिलों में मौसम फिलहाल शुष्क रहने की संभावना है।
विशेषज्ञों का कहना है कि कोहरे और ठंडी हवाओं के कारण पर्वतीय क्षेत्रों के साथ-साथ मैदानी इलाकों में भी सर्दी का असर तेज रहेगा। हालांकि 29 दिसंबर तक प्रदेशभर में मौसम साफ बना रह सकता है।
इसके बाद 30 और 31 दिसंबर के साथ-साथ एक जनवरी को उत्तरकाशी, चमोली, पिथौरागढ़ और रुद्रप्रयाग जिलों के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी के आसार हैं। इसके अलावा 3500 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ गिरने की संभावना जताई गई है, जिससे पूरे प्रदेश में तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है।
मौसम विभाग ने लोगों को ठंड और कोहरे को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है।
अटल बिहारी वाजपेयी के विचारों पर मंथन, सुशासन और लोकतंत्र पर चर्चा
श्रीनगर (गढ़वाल)। पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में श्रीनगर में आयोजित अटल स्मृति सम्मेलन में कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत ने प्रतिभाग किया। सम्मेलन में अटल बिहारी वाजपेयी के राष्ट्रवादी विचारों, सुशासन की अवधारणा और लोकतांत्रिक मूल्यों पर विस्तार से मंथन किया गया।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने अटल जी के प्रेरणादायी व्यक्तित्व, दूरदर्शी नेतृत्व और राष्ट्र के प्रति उनके समर्पण को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन आज भी देश के युवाओं और समाज के लिए मार्गदर्शक है। सम्मेलन में अटल जी के आदर्शों को अपनाने और उन्हें व्यवहार में उतारने का आह्वान किया गया।

इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष कमल किशोर रावत, खिर्सू प्रमुख अनिल भंडारी, जिला महामंत्री गणेश भट्ट सहित वरिष्ठ कार्यकर्ता और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। सम्मेलन युवाओं के लिए प्रेरणा का केंद्र बना और अटल बिहारी वाजपेयी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संदेश दिया गया।
वीर बाल दिवस देश के बच्चों और युवाओं को भारत के गौरवशाली इतिहास से जोड़ने का सशक्त माध्यम है- जोशी
देहरादून। धर्म और आस्था की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर साहिबजादे बाबा जोरावर सिंह जी और बाबा फतेह सिंह जी के बलिदान को समर्पित “वीर बाल दिवस” के अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने पटेलनगर, देहरादून पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने साहिबजादों के जीवन, संघर्ष और अद्वितीय बलिदान पर आधारित प्रदर्शनी का विधिवत उद्घाटन किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गणेश जोशी ने कहा कि वीर बाल दिवस देश के बच्चों और युवाओं को भारत के गौरवशाली इतिहास से जोड़ने का सशक्त माध्यम है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी में देशभक्ति, नैतिक मूल्यों और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध की भावना को मजबूत करते हैं।
उन्होंने कहा कि मातृभूमि और धर्म की रक्षा के लिए साहिबजादों द्वारा दिया गया बलिदान अतुलनीय है, जिसे देश सदैव श्रद्धा और सम्मान के साथ स्मरण करता रहेगा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग, बच्चे और युवा उपस्थित रहे, जिन्होंने साहिबजादों के शौर्य और बलिदान को नमन किया।
ट्रैफिक जाम से राहत के लिए जिलाधिकारी का बड़ा फैसला
देहरादून। शहर में लगातार लग रहे यातायात जाम और आमजन को हो रही परेशानी को देखते हुए जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। जिलाधिकारी सविन बसंल के निर्देश पर लैंसडाउन चौक के समीप रेंजर्स ग्राउंड में लगने वाले रविवार साप्ताहिक बाजार को स्थानांतरित कर दिया गया है। अब यह संडे बाजार आईएसबीटी देहरादून के पास उत्तराखंड मेट्रो रेल शहरी अवस्थापना एवं भवन निर्माण निगम लिमिटेड की खाली भूमि पर आयोजित किया जाएगा।
प्रशासन के अनुसार, रेंजर्स ग्राउंड में हर रविवार बाजार लगने से लैंसडाउन चौक, दर्शनलाल चौक, बुद्धा चौक, दून अस्पताल चौक और आसपास के इलाकों में भारी भीड़ और अव्यवस्थित पार्किंग के कारण गंभीर जाम की स्थिति बन जाती थी। इसका सीधा असर दून अस्पताल और मेडिकल कॉलेज आने-जाने वाले मरीजों, उनके परिजनों और एंबुलेंस सेवाओं पर पड़ रहा था।
जिला प्रशासन ने बताया कि रेंजर्स ग्राउंड के आसपास अस्पताल, प्रमुख कार्यालय और मुख्य मार्ग स्थित हैं। ऐसे में रविवार बाजार के कारण उत्पन्न यातायात अवरोध बुजुर्गों, बच्चों और आपातकालीन सेवाओं के लिए खतरा बन रहा था। इसे ध्यान में रखते हुए रविवार वीकली बाजार कल्याण समिति के अनुरोध और बैठक में हुई चर्चा के बाद बाजार को अन्य उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया।
जिलाधिकारी ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163(1) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह आदेश जारी किया है। आदेश के अनुसार, संडे बाजार अब आईएसबीटी के समीप उस भूमि पर संचालित होगा, जो उत्तराखंड शासन के 2 मार्च 2023 के शासनादेश के तहत मेट्रो परियोजना के लिए लीज पर दी गई थी और वर्तमान में खाली है। यह व्यवस्था तब तक लागू रहेगी, जब तक उक्त भूमि पर मेट्रो परियोजना का वास्तविक कार्य शुरू नहीं हो जाता।
प्रशासन का कहना है कि इस फैसले से शहर की यातायात व्यवस्था सुचारु होगी और आमजन को जाम से राहत मिलेगी।
नैनीताल में वीर बाल दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री धामी
नैनीताल। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नैनीताल जिला मुख्यालय के मल्लीताल स्थित गुरुद्वारे में पहुंचकर माथा टेका तथा वीर बाल दिवस के अवसर पर दशमेश पिता गुरु गोविंद सिंह जी तथा उनके चारों साहिबजादों — बाबा अजीत सिंह, बाबा जुझार सिंह, बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह — की शहादत को श्रद्धापूर्वक नमन किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु गोविंद सिंह जी के चारों साहिबजादों का बलिदान केवल भारत के इतिहास में ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व इतिहास में साहस, धर्मनिष्ठा और त्याग का एक अनुपम एवं अनोखा अध्याय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा साहिबजादों की शहादत को सम्मान देने हेतु ‘वीर बाल दिवस’ मनाने की घोषणा उनके बलिदान को सच्ची श्रद्धांजलि है। यह निर्णय आने वाली पीढ़ियों तक साहिबजादों की वीरता, शौर्य और पराक्रम की गाथाओं को जीवंत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु गोविंद सिंह जी के वीर साहिबजादों ने अल्पायु में ही धर्म, सत्य और न्याय की रक्षा के लिए अद्भुत साहस का परिचय देते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। उनका यह बलिदान नई पीढ़ी को साहस, शौर्य और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा देता है तथा हमें अपने कर्तव्यों के प्रति सजग और समर्पित बने रहने की शक्ति प्रदान करता है।
इस अवसर पर विधायक नैनीताल श्रीमती सरिता आर्या, उत्तराखंड सरकार में दायित्वधारी डॉ. अनिल कपूर डब्बू, नवीन वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, गुरु सिंह सभा के प्रधान सरदार जोगिंदर सिंह आनंद, सचिव अमरप्रीत सिंह नोनू, संदीप सिंह, गुरप्रीत सिंह, जीत सिंह आनंद, जगजीत सिंह, गगनदीप सिंह, जसमीत सिंह, सतनाम सिंह, हरनमन सिंह, अजीत सिंह के अलावा जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टी.सी. व अन्य प्रशासनिक अधिकारी आदि उपस्थित रहे।
