उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने राष्ट्रीय जम्बूरी के मौके पर किया सम्मानित
लखनऊ/देहरादून। भारत स्काउट्ड एंड गाइड्स की 19वीं राष्ट्रीय जम्बूरी के अवसर पर सूबे के कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत को ‘सिल्वर एलीफेंट अवार्ड’ से सम्मानित किया गया। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने डॉ. रावत को यह सम्मान प्रदान किया। इस अवसर पर डॉ. रावत ने कहा कि स्काउटिंग युवाओं में अनुशासन, एकता और देशभक्ति का भाव विकसित करने का बड़ा मंच है, जिसका विस्तार प्रदेश के स्कूलों व कॉलेजों में निरंतर किया जा रहा है।
19वीं राष्ट्रीय जम्बूरी के अवसर पर उत्तर प्रदेश राजभवन में आयोजित एक भव्य समारोह में राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान ‘सिल्वर एलीफेंट अवार्ड’ से कैबिनेट मंत्री व डॉ. धन सिंह रावत को सम्मानित किया। इस अवसर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने डॉ. रावत द्वारा उत्तराखंड में स्काउट-गाइड आंदोलन को मजबूत करने, इसे व्यापक स्तर पर लागू करने तथा युवाओं में सकारात्मक व राष्ट्रनिर्माण की सोच विकसित करने हेतु किये गये प्रयासों की सराहना की और उन्हें शुभकामनाएं भी प्रेषित की।
सिल्वर एलीफेंट अवार्ड से सम्मानित होने पर डॉ. रावत ने कहा कि यह क्षण उनके लिए अत्यंत प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि स्काउटिंग युवाओं में अनुशासन, एकता, सेवा-भाव और देशभक्ति की भावना को विकसित करने का सशक्त मंच है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के स्कूलों एवं कॉलेजों में स्काउट-गाइड गतिविधियों के विस्तार और उसे अधिक प्रभावी बनाने के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है।
डॉ. रावत ने भारत स्काउट्स एंड गाइड्स संगठन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह संस्था देशभर में स्काउट-गाइड गतिविधियों के माध्यम से युवाओं के शारीरिक, बौद्धिक, आध्यात्मिक और सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है साथ ही विश्वव्यापी भाईचारे की भावना को भी सशक्त बना रही है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उन्हें भविष्य में और अधिक समर्पण के साथ जनसेवा व युवा सशक्तिकरण के कार्यों में जुटने की प्रेरणा प्रदान करेगा।
स्थानीय लोगों से लिया विकास कार्यों का फीडबैक
नैनीताल। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नैनीताल में प्रातःकालीन भ्रमण के दौरान स्थानीय नागरिकों, दुकानदारों और युवाओं से मुलाकात कर उनके सुझाव और विचार सुने। इस दौरान उन्होंने प्रदेश सरकार की ओर से संचालित विभिन्न विकास परियोजनाओं एवं जनकल्याणकारी योजनाओं पर जनता का फीडबैक भी लिया।
लोगों के उत्साह और संतुष्टि ने क्षेत्र में हो रहे सकारात्मक बदलाव की झलक दिखाई।

मुख्यमंत्री धामी ने नैना देवी मंदिर परिसर में चल रहे सौंदर्यीकरण कार्यों का निरीक्षण किया। साथ ही अधिकारियों को डीएसए मैदान के सुधार कार्य, वलिया नाला एवं ठंडी सड़क क्षेत्र में भूस्खलन सुरक्षा कार्यों को तेज गति से पूरा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनभागीदारी को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पारदर्शी शासन और समग्र विकास के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
खड़खड़ी श्मशान घाट पर उमड़ा जनसैलाब, दिग्गज नेताओं ने दी अंतिम श्रद्धांजलि
हरिद्वार। उत्तराखंड राज्य आंदोलन के प्रमुख नेताओं में शामिल और पूर्व कैबिनेट मंत्री दिवाकर भट्ट का बुधवार को पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। हरिद्वार के खड़खड़ी श्मशान घाट पर हजारों की संख्या में लोग अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे, जहां जनसैलाब उमड़ पड़ा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोभाल ने दिवाकर भट्ट के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद गार्ड ऑफ ऑनर और अंतिम सलामी के बीच दोपहर 2 बजे दाह संस्कार संपन्न हुआ।
पुत्र ललित भट्ट ने दी मुखाग्नि, शवयात्रा में उमड़ी भारी भीड़
दिवाकर भट्ट की अंतिम यात्रा उनके आवास से शुरू हुई, जिसमें हजारों लोग शामिल हुए। विभिन्न सामाजिक संगठनों, राजनीतिक दलों और आंदोलनकारियों ने शोक व्यक्त करते हुए दिवंगत नेता के योगदान को याद किया। श्मशान घाट पर उनके पुत्र ललित भट्ट ने विधिवत रूप से मुखाग्नि दी।
कई दिग्गज नेता रहे मौजूद, हरिद्वार में शोक की लहर
अंतिम यात्रा में पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, विभिन्न विधायकों, जनप्रतिनिधियों और कई संगठनों के पदाधिकारियों ने भाग लिया। उनके निधन से हरिद्वार सहित पूरे प्रदेश में शोक की लहर है।
प्रभावित परिवारों की मुआवजा राशि बढ़ने पर मुख्यमंत्री का किया आभार व्यक्त
पौड़ी। प्रदेश के पंचायती राज मंत्री सतपाल महाराज ने कहा है कि राज्य के पर्वतीय जनपदों में जंगली जानवरों के बढ़ते हमलों और उनसे आम जन की सुरक्षा के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जा रही है। पंचायत विभाग के अधिकारियों को अनटाइड फंड से रिहायशी इलाकों में ऐसे स्थानों की झाड़ियों को काटवाने के निर्देश दिए गए हैं जहां जंगली जानवरों के छिपे होने की आशंका रहती है। उन्होंने जंगली जानवरों के हमलों में मारे जाने वाले लोगों को 10 लाख की मुआवजा राशि दिये जाने और घायलों के उपचार का पूरा खर्च सरकार द्वारा वहन किये जाने के निर्णय पर प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया है।
महाराज ने कहा कि पर्वतीय जनपदों में जंगली जानवरों के बढ़ते हमलों को देखते हुए आमजन एवं ग्रामीणों की सुरक्षा के मध्येनजर पकड़े गए जंगली जानवरों को प्राणी उद्यानों और वनतारा में रखने की व्यवस्था बनाने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। इसके लिए बड़ी-बड़ी संस्थाओं एवं कंपनियों से उनके रखरखाव एवं खान-पान की व्यवस्था पर होने वाले खर्च को वाहन करने का उनसे अनुरोध किया जा रहा है। क्योंकि एक बाघ को पड़कर यदि किसी भी प्राणी उद्यान में रखा जाता है तो उसके खान-पान एवं रखरखाव पर 20 से 25 लाख रुपए के लगभग वार्षिक खर्च आता है। इसलिए इस तरह की पहल करना आवश्यक है। ताकि आम लोगों के साथ-साथ वन्य जीवों की भी सुरक्षा हो सके।
वार्षिक रिपोर्टों से लेकर महिलाओं की नाइट शिफ्ट अनुमति तक महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मिली मंजूरी
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को सचिवालय में राज्य मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, सौरभ बहुगुणा सहित सभी मंत्री उपस्थित रहे, जबकि कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज और धन सिंह रावत वर्चुअल माध्यम से जुड़े।
बैठक की शुरुआत राज्य निर्माण आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले वरिष्ठ आंदोलनकारी और पूर्व कैबिनेट मंत्री दिवाकर भट्ट के निधन पर दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने से हुई। मंत्रिमंडल ने दिवाकर भट्ट के राज्य निर्माण और राज्य के विकास में योगदान को भी याद किया। कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले किये गए।
कैबिनेट के प्रमुख निर्णय
1. उत्तराखंड जैव विविधता बोर्ड की वार्षिक रिपोर्ट विधानसभा में पेश होगी
पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के प्रस्ताव पर 2024-25 की वार्षिक रिपोर्ट को आगामी विधानसभा सत्र में पटल पर रखने की स्वीकृति प्रदान की गई।
2. अभियोजन विभाग में 46 नए पद सृजित
अभियोजन विभाग के पुनर्गठन के तहत देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंहनगर और नैनीताल में सहायक अभियोजन अधिकारी के 46 अतिरिक्त पद सृजित करने को मंजूरी दी गई, ताकि अदालतों में प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की जा सके।
3. यूजेवीएन लिमिटेड की 2022-23 की रिपोर्ट विधानसभा में पेश होगी
ऊर्जा विभाग के प्रस्ताव के तहत उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड की वित्तीय वर्ष 2022-23 की वार्षिक वित्तीय रिपोर्ट को विधानसभा में प्रस्तुत करने को स्वीकृति मिली।
4. मानचित्र स्वीकृति की अनिवार्यता पर पुनः परीक्षण का निर्णय
आवास विभाग के प्रस्ताव—प्राधिकरण क्षेत्र में मानचित्र स्वीकृति की अनिवार्यता—को मंत्रिमंडल ने पुनः परीक्षण हेतु वापस भेजा।
5. महिलाओं को रात्रि पाली में कार्य की अनुमति
राज्य की दुकानों और प्रतिष्ठानों में महिला कर्मकारों को रात्रि 9 बजे से सुबह 6 बजे तक सुरक्षा प्रावधानों के साथ रात्रि पाली में कार्य की अनुमति दी गई।
महिला कर्मकारों की लिखित सहमति अनिवार्य
आर्थिक सशक्तिकरण और लैंगिक समानता को बढ़ावा
कार्यस्थलों पर अधिक अवसर उपलब्ध होंगे
6. दुकान एवं स्थापना अधिनियम में संशोधन को मंजूरी
उत्तराखंड दुकान एवं स्थापन (रोजगार विनियमन और सेवा-शर्त) अधिनियम में संशोधन अध्यादेश 2025 पर कैबिनेट की मुहर।
संशोधनों से:
छोटे प्रतिष्ठानों पर अतिरिक्त बोझ नहीं बढ़ेगा
बड़े प्रतिष्ठानों पर कर्मकारों को सभी कानूनी लाभ
निवेश को बढ़ावा, कार्य समय में लचीलापन
अधिक रोजगार अवसर और आर्थिक गतिविधि में वृद्धि
7. देहरादून मेट्रो नियो परियोजना पर केंद्र के सुझावों से कैबिनेट अवगत
देहरादून शहर में प्रस्तावित मेट्रो नियो परियोजना पर केंद्र सरकार के सुझावों को कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इस पर आगे मार्गदर्शन लिया जाएगा।
8. वन्यजीव हमलों में मृतकों के आश्रितों को 10 लाख रुपये मुआवजा
मानव वन्यजीव संघर्ष राहत वितरण नियमावली 2025 में संशोधन को मंजूरी।
पहले मुआवजा ₹6 लाख
अब बढ़ाकर ₹10 लाख किया गया
यह संशोधन टाइगर कंज़र्वेशन फ़ाउंडेशन के निर्णय और मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप है।
एसआईआर लागू होने के बाद सिर्फ आवेदन होंगे
देहरादून। उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया शुरू होने से पहले नागरिकों को अपने वोटर कार्ड से संबंधित सभी सुधार करने का अवसर मिला है। इस अवधि में आप नया वोट बनवा सकते हैं, पुराना नाम हटवा सकते हैं या पता बदलवा सकते हैं। जैसे ही एसआईआर लागू होगा, तत्काल सुधार की प्रक्रिया रुक जाएगी और केवल आवेदन दर्ज किए जा सकेंगे, जिनका निस्तारण बाद में किया जाएगा।
चुनाव विभाग ने चेतावनी दी है कि जिन मतदाताओं के नाम दो अलग-अलग जगहों पर दर्ज हैं, वे तुरंत एक स्थान से अपना नाम हटवा दें। दो जगह नाम पाए जाने पर चुनाव आयोग नोटिस जारी कर सकता है। वहीं, ऐसे लोग जिनका अब तक वोटर कार्ड नहीं बना है, वे भी एसआईआर शुरू होने से पहले आवेदन कराएं, ताकि उनकी प्रविष्टि पुनरीक्षण में शामिल हो सके।
नया वोट बनवाने के लिए चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट voters.eci.gov.in पर फॉर्म-6 उपलब्ध है। आवेदक अपनी पहचान और पते से जुड़े दस्तावेज अपलोड कर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यदि किसी मतदाता का नाम दो जगह है, तो एक स्थान से हटवाने के लिए वेबसाइट पर फॉर्म-7 का विकल्प दिया गया है। वहीं, नाम, पता या अन्य जानकारी में सुधार के लिए फॉर्म-8 भरा जा सकता है।
सभी फॉर्म्स के साथ आयोग ने विस्तृत गाइडलाइंस भी उपलब्ध कराई हैं, जिनमें मोबाइल नंबर और आधार कार्ड की आवश्यकता का उल्लेख है।
एसआईआर के दौरान प्रक्रिया:
एसआईआर लागू होने के बाद केवल आवेदन जमा किए जा सकेंगे। इन आवेदनों पर कार्रवाई एसआईआर पूरा होने के बाद ही शुरू होगी। इसलिए विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि समय रहते अपने वोटर कार्ड से जुड़े सभी कार्य पूरे करा लें, ताकि वे पुनरीक्षण प्रक्रिया में शामिल हो सकें।
प्राकृतिक आपदाओं के बावजूद चारधाम यात्रा में भारी वृद्धि, पिछले वर्ष से 4.35 लाख अधिक श्रद्धालु पहुंचे इस साल
केदारनाथ में सर्वाधिक 17 लाख 68 हजार 795 तीर्थ यात्री पहुंचे
देहरादून। श्री बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने के साथ ही चारों धामों के कपाट शीतकाल के छह माह के लिए बंद हो गए हैं। प्राकृतिक आपदाओं के चलते कई दिनों तक यात्रा बाधित होने के बावजूद इस वर्ष भी यात्रा ने नया रिकॉर्ड बनाया है। इस वर्ष 51 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने चारधाम के दर्शन किए हैं। बीते वर्ष के मुकाबले इस वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या 04 लाख 35 हजार 901 अधिक रही है।
इस वर्ष 30 अप्रैल 2025 को श्री यमुनोत्री और श्री गंगोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा का शुभारंभ हुआ था। इसके बाद दो मई को श्री केदारनाथ धाम और चार मई को श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुले थे। इस बार प्राकृतिक आपदाओं के चलते यात्रा कई दिनों तक बाधित होने के बावजूद यात्रियों की संख्या ने रिकॉर्ड बनाया है।
प्रदेश सरकार के कुशल और बेहतर यात्रा प्रबंधन के चलते बीते वर्ष के मुकाबले इस वर्ष 04 लाख 35 हजार 901 अधिक श्रद्धालु चारधाम दर्शन को पहुंचे। बीते वर्ष कुल 46 लाख 69 हजार 074 तीर्थयात्री चारधाम यात्रा पर आए थे, जबकि इस वर्ष यह आंकड़ा रिकॉर्ड वृद्धि के साथ 51 लाख 04 हजार 975 पहुंच गया। केदारनाथ में सर्वाधिक 17 लाख 68 हजार 795 श्रद्धालु पहुंचे हैं। इसी प्रकार बदरीनाथ में 16 लाख 60 हजार 224, गंगोत्री में 07 लाख 57 हजार 010 और यमुनोत्री में 06 लाख 44 हजार 505 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। हेमकुंट साहिब में पहली बार श्रद्धालुओं की संख्या 02 लाख 74 हजार 441 पहुंची है। इससे पहले वर्ष 2023 में 01 लाख 64 हजार 546 और वर्ष 2024 में 01 लाख 85 हजार 972 श्रद्धालु ने हेमकुंट साहिब शीश नवाने पहुंचे थे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में चारधाम यात्रा को सुगम, सुविधाजनक और सुरक्षित बनाया गया है। मानसून सीजन में यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। इस वर्ष प्राकृतिक आपदाओं ने यात्रा को प्रभावित किया, इसके बावजूद यात्रियों की संख्या ने नया रिकॉर्ड बनाया है।
शीतकालीन यात्रा की तैयारियां हुई तेज
श्री बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने के साथ ही अब शीतकालीन यात्रा की तैयारियां तेज हो गई हैं। बद्री विशाल भगवान की पूजा अब शीतकालीन प्रवास स्थल पांडुकेश्वर और नृसिंह भगवान मंदिर ज्योतिर्मठ में होगी। जबकि बाबा केदारनाथ की शीतकालीन पूजा ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ, मां गंगा (गंगोत्री) की पूजा मुखबा और मां यमुना (यमुनोत्री) की पूजा खरसाली में होगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी वर्षभर तीर्थाटन/पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। इसी उद्देश्य से शीतकालीन यात्रा पर जोर दिया जा रहा है। बीते वर्ष मुख्यमंत्री के अनुरोध पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शीतकालीन यात्रा पर उत्तरकाशी जिले में पहुंचे थे। तब प्रधानमंत्री ने मां गंगा के शीतकालीन प्रवास स्थल मुखबा पहुंचकर मां गंगा की पूजा अर्चना की थी।
मुख्यमंत्री ने शीतकालीन यात्रा व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ करने पर जोर देते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि चारों धामों के शीतकालीन प्रवास स्थलों और अन्य सभी प्रमुख पर्यटक स्थलों में ठहरने, परिवहन और सुरक्षा व्यवस्थाओं को मजबूत किया जाए। शीतकालीन यात्रा स्थलों के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए पारंपरिक व आधुनिक माध्यमों के जरिए राज्य की पर्यटन संभावनाओं को देश-विदेश तक पहुंचाया जाए। मुख्यमंत्री के निर्देश पर पर्यटन विभाग शीतकालीन यात्रा और एडवेंचर टूरिज्म को लिंक कर सर्किट बनाने की योजना पर काम कर रहा है।
पूरा साल कठिन चुनौतियों से भरा होने के बावजूद पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष चारधाम यात्रा पर अधिक श्रद्धालु पहुंचे हैं। यात्रियों की सुरक्षा सदा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। इसके लिए यात्रा मार्गों को बेहतर बनाने के साथ ही धामों में स्वास्थ्य केंद्र स्थापित कर दिए गए थे। यात्रा मार्ग, पड़ावों में सभी जरूरी सुविधाएं, बेहतर सड़कें, ट्रैफिक व्यवस्था और संचार सुविधा पर हमने विशेष फोकस किया। पहले सुविधाएं सीमित थी। यात्रियों के ठहरने की पुख्ता व्यवस्था के साथ ही अन्य सभी सुविधाएं भी बढ़ाई गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत केदारनाथ में पुनर्निर्माण कार्य होने के बाद यात्री सुविधाएं बढ़ी हैं। पैदल यात्रा मार्ग को बेहतर बनाया गया है। श्री बदरीनाथ धाम का मास्टर प्लान के अनुसार विकास किया जा रहा है। अब शीतकालीन यात्रा की तैयारियों में भी यात्री सुविधाओं और सुरक्षा पर विशेष फोकस किया जा रहा है। -पुष्कर सिंह धामी मुख्यमंत्री, उत्तराखण्ड
मुख्यमंत्री बोले—युवाओं का अनुशासन और प्रतिबद्धता अधिवेशन को बनाएगा सफल
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने परेड ग्राउंड में Akhil Bharatiya Vidyarthi Parishad (ABVP) के 71वें राष्ट्रीय अधिवेशन की तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने व्यवस्था, मंच, सुरक्षा, आवासीय प्रबंधन और आयोजन से जुड़ी अन्य तैयारियों का जायजा लिया।
सीएम धामी ने कहा कि अधिवेशन को लेकर जिस उत्साह और संगठनात्मक दक्षता के साथ ABVP के कार्यकर्ता निरंतर कार्य कर रहे हैं, वह बेहद सराहनीय है। उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा, अनुशासन और प्रतिबद्धता आगामी राष्ट्रीय अधिवेशन को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।

मुख्यमंत्री ने तैयारियों के दौरान विद्यार्थी परिषद से जुड़े अपने छात्र जीवन की यादों को भी साझा किया। उन्होंने कहा कि परिषद की संगठनात्मक संस्कृति, अनुशासन और सेवा-भाव ने ही उन्हें जीवन में ‘जनसेवा सर्वोपरि’ की भावना के साथ कार्य करने की प्रेरणा दी।
सीएम धामी ने अधिकारियों व आयोजकों को अधिवेशन की तैयारियों को समयबद्ध और उच्च स्तर पर पूरा करने के निर्देश भी दिए।
सीएम धामी बोले—हर बिल प्रदेश के विकास में नागरिकों का महत्वपूर्ण योगदान
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ’बिल लाओ-इनाम पाओ’’ योजना के विजेताओं को पुरस्कार वितरित किए। एक सितंबर 2022 से 31 मार्च 2024 के बीच संचालित इस योजना के तहत कुल 1888 उपभोक्ताओं ने पुरस्कार जीते हैं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि योजना में प्रतिभाग करने वाले सभी लोगों ने राज्य के राजस्व संग्रहण को एक नई चेतना, एक नया दृष्टिकोण और एक नई ऊर्जा प्रदान की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2022 में शुरु “बिल लाओ-इनाम पाओ” योजना राज्य सरकार का एक एक नवाचार था, जिसके द्वारा सरकार ने जनभागीदारी को राजस्व संग्रहण से जोड़ने का प्रयास किया। आज तीन वर्षों में “बिल लाओ-इनाम पाओ” योजना ने लोगों के बीच जागरुकता पैदा करने में कामयाबी हासिल की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना से जनता में ये समझ बनी है कि प्रदेश के विकास में प्रत्येक बिल एक योगदान है। योजना आज जहां एक ओर उपभोक्ता जागरूकता का सशक्त माध्यम बनी है, वहीं उपभोक्ता एवं व्यापारी वर्ग के बीच साझा जिम्मेदारी का प्रतीक भी बनकर उभरी है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में व्यापार, उद्यम, क्रिएटिविटी को साथ लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने एक नया विश्वास पैदा करने का प्रयास किया है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व वाली डबल इंजन की सरकार में व्यापारियों को ’’प्रोत्साहन’’ और ’’प्रॉफिट’’ के साथ ही ’’प्रोटेक्शन’’ भी मिला है।
राज्य सरकार भी इसी क्रम में “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस” और “व्यापार सुधार कार्य योजना” के माध्यम से राज्य में निवेश और उद्यमिता के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने का प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने राज्य में ’’राजकोषीय अनुशासन’’ को मजबूती से स्थापित किया है। इसी का परिणाम है कि राज्य ’’राजकोषीय घाटे को निर्धारित सीमा के भीतर रखने में सफल’’ रहा है।
इस प्रयास को राष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना मिली है, हाल ही में जारी ’’अरुण जेटली नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फाइनेंशियल मैनेजमेंट’’ की रिपोर्ट में उत्तराखंड को ’’देश के सर्वश्रेष्ठ वित्तीय प्रबंधन वाले राज्यों’’ में स्थान दिया गया है। इसके साथ ही ’’सतत विकास लक्ष्यों’’ के राष्ट्रीय सूचकांक में भी ’’उत्तराखंड पूरे देश में शीर्ष स्थान’’ पर है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि जब जनता सरकार पर भरोसा करती है, और सरकार भी जनता के साथ पारदर्शी तरीके से व्यवहार करती है तो विकास की गति अपने आप कई गुना बढ़ जाती है। यही कारण है कि राज्य सरकार ने वित्तीय प्रबंधन के क्षेत्र में नवाचारों के अधिकतम प्रयोग पर बल दिया है।
मुख्यमंत्री ने सभी से अपील करते हुए कहा कि सभी लोग प्रत्येक खरीददारी पर बिल मांगकर लेनदेन की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और राज्य के विकास में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने में सहयोग प्रदान करें। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रमुख सचिव आरके सुधांशु ने कहा कि योजना के तहत 90 हजार उपभोक्ताओं ने 270 करोड़ रुपए मूल्य के 6.5 लाख बिलों के साथ प्रतिभाग किया। आयुक्त कर सोनिका ने बताया कि योजना के तहत कुल 1888 लोगों को पुरस्कार प्रदान किए गए।
इसके अलावा 17 माह तक 1500 प्रति माह मासिक पुरस्कार भी प्रदान किए गए। इस मौके पर विधायक सरिता कपूर, प्रमुख सचिव आरके सुधांधु, आयुक्त कर सोनिका, अपर आयुक्त अनिल सिंह सहित अन्य अधिकारी शामिल हुए।
पुरस्कारों का विवरण
02 ईवी कार, 16 मारुति आल्टो के- 10 कार, 20 ईवी स्कूटर, 50 बाइक, 100 लैपटॉप, 200 स्मार्ट टीवी, 500 टैबलेट, 1000 माइकोवेब।
सुविधाओं का विस्तार-डीएम की प्रेरणा से कोषागार में पेंशनरों के लिए बना सुविधा हॉल, शौचालय, पार्किंग शेड और आरोहण सभागार
जिला प्लान से बना 25 लाख का ‘‘आरोहण’’ सभागार, डीएम ने किया लोकार्पण, पेंशनरों को मिलेगी आधुनिक सुविधा
कोषागार में तकनीकी सुदृढ़ीकरण के लिए डीएम ने मौके पर दी 10 नए कम्प्यूटर की मंजूरी
देहरादून। जिलाधिकारी सविन बसंल ने राज्य स्थापना की रजत जयंती पर 25 नवंबर,2025 को मुख्य कोषागार देहरादून में पेंशन जागरूकता एवं निःशुल्क चिकित्सा शिविर का शुभारंभ करते हुए राज्य आंदोलनकारी पेंशनरों को सम्मानित किया। इस मौके पर जिलाधिकारी ने मुख्य कोषागार में पेंशनरों की सुविधा के लिए जिला प्लान से 25 लाख लागत में नवनिर्मित ‘‘आरोहण’’ सभागार का लोकापर्ण भी किया और मुख्य कोषागार कार्यालय को 10 नए कम्प्यूटर देने की स्वीकृति भी प्रदान की।
शिविर में जिलाधिकारी ने राज्य आंदोलनकारी बजुर्ग पेंशनर श्रीमती गायत्री ढ़ौडियाल, कौशल्या रावत, श्रीमती सरोज सिंह बहुगुणा, राजेश्वर सहित अपने जीवन के 100 वर्ष पूर्ण कर चुकी बजुर्ग पेंशनर श्रीमती प्रेमवती डोभाल को पुष्प गुच्छ, शॉल एवं प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। साथ ही श्रीमती गायत्री ढ़ौडियाल को मौके पर ही पेंशन भुगतान आदेश (पीपीओ) के लिए आधिकारिक तौर पर मंजूरी दी गई।
जिलाधिकारी ने पेंशनरों को संबोधित करते हुए कहा कि कोषागार में जो भी बुजुर्ग पेंशनर आते है, उनको सम्मान के साथ उनका अधिकार मिलना चाहिए। इसके लिए कोषागार को पेंशनरों के लिए सरल एवं सुविधाजनक बनाया गया है। उन्होंने बुजुर्ग पेंशनरों को रिटायर्ड जीवन में सुखी और स्वस्थ्य रहने की कामना करते हुए सामाजिक मेल मिलाप बनाए रखने, पढ़ने की आदतों को जीवित रखते हुए अपने अनुभवों से समाज सेवा में अपना महत्वपूर्ण योगदान बनाए रखने की अपील की।
मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने पेंशनर जागरूकता शिविर को उपयोगी बताते हुए उप कोषागार के माध्यम से जिले के दूरस्थ क्षेत्रों में भी जागरूकता शिविर लगाने की बात कही। ताकि दूरस्थ क्षेत्रों में रह रहे पेंशनरों तक भी आसानी से जानकारी पहुंच सके।
मुख्य कोषाधिकारी नीतू भण्डारी ने बताया कि जिलाधिकारी सविन बंसल ने देहरादून जिले का कार्यभार लेते समय कोषागार का निरीक्षण किया था। तभी उन्होंने कोषागार को पेंशनरों के लिए सरल, स्वच्छ और सुविधाजनक बनाने के निर्देश के साथ बजट की स्वीकृत प्रदान की थी। जिलाधिकारी की प्रेरणा से आज मुख्य कोषागार कार्यालय में फेसिलिटेशन हॉल, दिव्यांगजन व महिलाओं के लिए शौचालय, पार्किंग शेड और ‘‘आरोहण’’ सभागार का निर्माण कराया गया है। जिससे पेंशनरों को उचित सुविधा मिल पा रही है। सीटीओ ने इसके लिए कोषागार परिवार एवं पेंशनरों की तरफ से जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी का आभार व्यक्त किया।
शिविर में पेंशनरों के निःशुल्क चिकित्सा जांच के साथ डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट, साइबर सुरक्षा, आयकर अधिनियम एवं चिकित्सा प्रतिपूर्ति संबंधी विषयों पर जानकारी दी गई। भारत सरकार व राज्य सरकार द्वारा संचालित राज्यव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अभियान के अंतर्गत पेंशनरों को जीवित प्रमाण पत्र डिजिटल माध्यम से घर बैठे एंड्रॉयड मोबाइल ऐप के द्वारा, कोषागार में उपस्थित होकर बायोमेट्रिक उपकरण की सहायता से, पोस्टमैन के माध्यम से, जन सुविधा केन्द्र के माध्यम से जमा कराये जाने हेतु सही विकल्प के बारे में बताया गया। सीटीओ ने बताया कि वर्तमान में कोषागार देहरादून के अंतर्गत लगभग 21,000 पेंशनर पेंशन प्राप्त कर रहे है। पेंशनरों को अधिक से अधिक संख्या में डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने हेतु प्रोत्साहित एवं जानकारी प्रदान करने हेतु प्रशिक्षण दिया गया, जिससे पेंशनर घर बैठे ही अपना जीवन प्रमाण पत्र जमा करा सकेंगे। शिविर में पहुंचे बजुर्ग पेंशनरों की स्वास्थ्य जांच कर निःशुल्क दवा वितरण भी किया गया।
शिविर में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, मुख्य कोषाधिकारी नीतू भंडारी, सेवानिवृत्त सीटीओ पीसी खर्रे, पेंशन यूनियन संघ के अध्यक्ष ओमवीर सिंह सहित कोषागार विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में पेंशनर मौजूद थे।
