सोशल मीडिया मंथन कार्यक्रम में बोले धामी—फेक नैरेटिव की काट बनें जिम्मेदार क्रिएटर्स
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स और इन्फ्लुएंसर्स से अपने कंटेंट में उत्तराखंड के पर्यटन स्थलों, स्थानीय उत्पादों, सांस्कृतिक धरोहरों और सामाजिक उपलब्धियों को प्रमुखता से उजागर करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर, फेक न्यूज या नकारात्मक नैरेटिव की भी प्रभावी काट कर सकते हैं।
“सोशल मीडिया मंथन” कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज सोशल मीडिया संचार और सूचना के आदान-प्रदान का सबसे तेज और प्रभावी माध्यम बन चुका है। दुनिया के किसी भी कोने में बैठा व्यक्ति अपने विचार और अपना दृष्टिकोण को कुछ ही क्षणों में पूरे विश्व तक पहुँचा सकता है। सोशल मीडिया ने आम नागरिक की आवाज को मंच प्रदान किया है। यही कारण है कि आज विश्व की बड़ी से बड़ी घटना से लेकर एक गांव की छोटी सी समस्या तक कुछ ही सेकंड में लाखों-करोड़ों लोगों तक पहुँच जाती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2014 में सत्ता संभालने के साथ ही सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को शासन व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया को संवाद, पारदर्शिता और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी का ऐसा सशक्त माध्यम बनाया है, जिसने शासन व्यवस्था को न केवल जनकेंद्रित बनाया, बल्कि प्रत्येक नागरिक को नीति-निर्माण और निर्णय प्रक्रिया से भी प्रत्यक्ष रूप से जोड़ा है। उन्होंने कहा कि मोदी ने X, फेसबुक, ‘मन की बात’, माईगॉव और पीएमओ के डिजिटल इकोसिस्टम जैसे माध्यमों से भारत में ‘डिजिटल गवर्नेंस’ की एक नई मिसाल स्थापित की है। वो स्वयं भी विश्व के सबसे अधिक फॉलो किए जाने वाले राजनेताओं में शीर्ष स्थान पर हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की प्रेरणा से प्रदेश सरकार भी “डिजिटल उत्तराखंड” निर्माण के लिए संकल्पबद्ध है। मुख्यमंत्री कार्यालय से लेकर सभी विभाग तक जनता से सीधे संवाद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले शिकायत दर्ज करने के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, परन्तु आज एक ट्वीट या फेसबुक संदेश से तत्काल समाधान मिल जाता है। वो स्वयं प्रतिदिन राज्य के विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर आने वाले सुझावों, शिकायतों और जनसमस्याओं की निगरानी करते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कई बार सिर्फ एक पोस्ट या लाइव के कारण किसी बच्चे का इलाज संभव हुआ है, किसी बुजुर्ग की पेंशन बहाल हुई है, किसी सड़क की मरम्मत हुई या किसी आपदा या विपत्ति में फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बचाने में सहायता मिली है। वहीं, दूसरी तरफ सोशल मीडिया का तेजी से दुरुपयोग भी बढ़ रहा है। आज फेक न्यूज़, अफवाहों और नकारात्मक नैरेटिव्स के माध्यम से समाज में भ्रम फैलाने की प्रवृत्ति एक चुनौती बनकर उभरी है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग सोशल मीडिया की शक्ति का उपयोग वैचारिक विभाजन पैदा करने, सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने और सरकार की जनहितकारी योजनाओं को लेकर गलत धारणाएँ फैलाने के लिए भी कर रहे हैं। ऐसे समय में जिम्मेदार सोशल मीडिया वॉरियर की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल के दिनों में कुछ धर्म विरोधी और राष्ट्र-विरोधी मानसिकता वाले लोग भ्रामक खबरों, फेक नैरेटिव और झूठे प्रचार के माध्यम से हमारी धार्मिक आस्था और समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे समय में किसी भी भ्रामक, तथ्यहीन या समाज-विरोधी सामग्री का न केवल तत्काल फैक्ट-चेक किए जाने की जरूरत है, बल्कि उसकी तथ्यात्मक जानकारी भी जन-जन तक पहुँचाए जाने की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि कई बार कुछ नेगेटिव कंटेंट क्रिएटर्स सरकार, समाज, धर्म और प्रदेश के गौरव से जुड़ी खबरों को तोड़ मरोड़कर भ्रामक तथ्यों के साथ प्रस्तुत कर अधिक व्यूज और लाइक बटोरना चाहते हैं। लेकिन सभी को ये समझने की आवश्यकता है कि प्रसिद्धि और फॉलोअर्स की दौड़ के बीच एक बारीक रेखा हमारी नैतिक जिम्मेदारी और सामाजिक कर्तव्य की भी होती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने जब से देवभूमि उत्तराखंड के मूल स्वरूप की रक्षा के लिए विभिन्न कानून के माध्यम से अराजक तत्वों खिलाफ कठोर कदम उठाए हैं। तभी से कुछ राष्ट्र विरोधी तत्व और अर्बन नक्सल गैंग के लोग सोशल मीडिया पर अलग-अलग नामों से फर्जी अकाउंट बनाकर फेक नरेटिव बनाने का प्रयास कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कंटेंट क्रिएटर्स, इन्फ्लुएंसर्स से अपील करते हुए कहा कि सभी लोग अपने कंटेंट में उत्तराखंड के पर्यटन स्थलों, स्थानीय उत्पादों, सांस्कृतिक धरोहरों और सामाजिक उपलब्धियों को प्रमुखता से उजागर करें। इससे “ब्रांड उत्तराखंड” की पहचान और मजबूत होगी। इस मौके पर महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित हुए।
सोमेश्वर विधानसभा क्षेत्र के मजखाली मंडल के 5 गांवों में जन मिलन कार्यक्रम सम्पन्न
सोमेश्वर/अल्मोड़ा। उत्तराखंड कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने सोमेश्वर विधानसभा क्षेत्र के मजखाली मंडल के नैनी, डिगोटी, जाना,मल्ली रियूणी और गिनाई गांवों में जन मिलन कार्यक्रम आयोजित कर स्थानीय समस्याओं को सुना और विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने पीड़ितों की शिकायतों के आधार पर पेयजल योजनाओं, सड़क निर्माण, सामुदायिक भवनों और स्कूलों के निर्माण व सुधार कार्यों के लिए विधायक निधि से धन राशि जारी करने की घोषणा की।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि प्रदेश सरकार विकास कार्यों के लिए प्रतिबद्ध है और जल्द ही सभी लंबित परियोजनाओं को पूरा कर दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी विकास की राजनीति करती है और बिहार विधानसभा चुनाव का परिणाम भी इसी का नतीजा है। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि 2027 में उत्तराखंड में भी कुछ ऐसे ही नतीजे दोहराए जाने वाले हैं।
प्रमुख घोषणाएं और निर्देश
नैनी गांव: भंडार कक्ष निर्माण हेतु 3 लाख रुपये विधायक निधि से जारी किए जाएंगे।
डिगोटी गांव: प्राइमरी पाठशाला निर्माण के लिए 2 लाख, शिल्पकार बस्ती में सामुदायिक कक्ष के लिए 2.5 लाख, मजेटी में कालिका मंदिर सौंदर्यीकरण के लिए 2.5 लाख रुपये की घोषणा की गई। मजेटी में 10 सोलर लाइट लगाने की घोषणा भी की गई। सड़क निर्माण हेतु 1 लाख रुपये की घोषणा।
जाना गांव: पेयजल योजना के सुधार हेतु विधायक निधि से 2.5 लाख रुपये जारी होंगे।
गिनाई गांव: एएनएम सेवा सप्ताह में दो दिन मिलेगी। बरसात में स्थानांतरित प्राइमरी स्कूल की मरम्मत कर पुनः उसी भवन में शिफ्टिंग होगी। मंदिर सौंदर्यीकरण के लिए 3 लाख रुपये की घोषणा। 20 सोलर लाइट लगाने की घोषणा भी की गई।
मल्ली रियूणी: प्राचीन शिव मंदिर सौंदर्यीकरण के लिए 2.50 लाख रुपए, गांव में दो अलग-अलग सड़कों के लिए दो-दो लाख रुपए, 10 सोलर लाइट देने और रोजगार के लिए दो सिलाई मशीन देने की घोषणा
कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष दीपक बोरा, मंडल महामंत्री राज अधिकारी, दीपक रावत, जिला पंचायत सदस्य कन्नू शाह, विधायक प्रतिनिधि भुवन जोशी, ग्राम प्रधान हेमा बिष्ट, क्षेत्र पंचायत सदस्य सुशीला अधिकारी, ग्राम प्रधान हेमा देवी, हर्ष सिंह बिष्ट, पूरन सिंह बिष्ट, विनोद बिष्ट, महेंद्र बिष्ट, प्रदीप अधिकारी, दीवान राम, सौरभ अधिकारी, दिनेश वर्मा, राजू रावत, मंजू वर्मा, बूथ अध्यक्ष हरीश सिंह, और नरेंद्र नेगी सहित कई अन्य गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।
सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर “यूनिटी मार्च” का आयोजन
बाघ के हमले में मारी गई रानी देवी के परिजनों से भी की मुलाकात
पौड़ी (चौबट्टाखाल)। स्वतंत्र भारत के प्रथम गृह मंत्री लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल का राष्ट्र के एकीकरण में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में उनके आदर्शों पर चलकर प्रदेश में सभी वर्गों के सर्वांगीण विकास एवं उत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
उक्त बात प्रदेश पर्यटन, लोक निर्माण, सिंचाई, पंचायतीराज, ग्रामीण निर्माण, जलागम, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री एवं क्षेत्रीय विधायक सतपाल महाराज ने बुधवार को अपने विधानसभा क्षेत्र तहसील चौबट्टाखाल में लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के पर आयोजित “यूनिटी मार्च” के समापन अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि अपने संबोधन में कही। उन्होंने कहा कि पूरे देश में जगह-जगह लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर भव्य आयोजन किए जा रहे हैं। उत्तराखण्ड में भी जगह-जगह कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की जा रही है। इसी कड़ी में भारतीय जनता पार्टी चौबट्टाखाल द्वारा “यूनिटी मार्च का शुभारंभ नौगांवखाल से होकर समापन तहसील चौबट्टाखाल में किया गया है।

महाराज ने कहा कि सरदार पटेल ने भारत की एकता और अखंडता के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। स्वतंत्रता के पश्चात उन्होंने 562 से अधिक रियासतों को एकत्रित करके भारत को मजबूत और एकजुट राष्ट्र बनाने में मदद की। उनकी जयंती के अवसर जो यूनिटी मार्च निकाला गया वह भारत की एकता और अखंडता के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। यह यूनिटी मार्च हमें सरदार पटेल के आदर्शों और मूल्यों को याद दिलाता रहेगा।
कार्यक्रम में भाजपा मंडल अध्यक्ष राकेश नैथानी, जिला महामंत्री महिपाल नेगी, पूर्व ब्लाक प्रमुख नीरज पांथरी, सर्वेंद्र, शैलेश दर्शन, नरेंद्र डंडरियाल, वेद प्रकाश वर्मा, प्रभु शरण बुडाकोटी, गणेश रावत, देवेंद्र भट्ट, सुरेंद्र बिष्ट, सीमा सजवान सहित अनेक भाजपा कार्यकर्ता एवं क्षेत्रीय जनता मौजूद थी।
कार्यक्रम के पश्चात कैबिनेट मंत्री एवं चौबट्टाखाल विधायक सतपाल महाराज ने बाघ के हमले में मारी गई विकासखंड पोखडा, बगड़ीगाड निवासी रानी देवी पत्नी रमेशचंद्र के परिजनों से मुलाकात कर मृतक के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवार की हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
भारत-चीन सीमा के 51 और भारत-नेपाल सीमा के 40 गांवों में आधुनिक सुविधाओं के विकास को मिली गति
देहरादून। ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने आयुक्त, ग्राम्य विकास से वाइब्रेंट विलेज योजना (वीवीपी) की प्रगति रिपोर्ट विस्तृत रूप से प्राप्त की। मंत्री जोशी ने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, व्यापक प्रचार-प्रसार और समयबद्ध कार्यवाही के निर्देश देते हुए सीमांत गांवों के समग्र विकास पर जोर दिया।
ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने बताया कि सीमांत क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण, आजीविका सृजन और आबादी को रोकने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा संचालित वाइब्रेंट विलेज योजना (वीवीपी) के तहत उत्तराखण्ड राज्य में भारत-चीन एवं भारत-नेपाल सीमा से सटे कुल 91 गांवों का चयन किया गया है। योजना का उद्देश्य इन दुर्गम सीमांत गांवों को मॉडल विलेज के रूप में विकसित कर वहां के नागरिकों को बेहतर जीवन-स्तर, सुविधा और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।
वीवीपी-1 : भारत-चीन सीमा क्षेत्र में 51 गांव चयनित
भारत-चीन सीमा से लगे जनपदों में –उत्तरकाशी (भटवाड़ी ब्लॉक) – 10 गांव, चमोली (जोशीमठ ब्लॉक) – 14 गांव, पिथौरागढ़ (मुनस्यारी – 08, धारचूला – 17, कनालीछीना – 02 गांव) इस प्रकार कुल 51 गांवों को वीवीपी-1 के तहत चयनित किया गया है। इन गांवों में आर्थिक गतिविधियों को मजबूत करने, संपर्क मार्गों के निर्माण, स्थानीय संस्कृति एवं पर्यटन के प्रसार तथा आधुनिक सुविधाओं के विकास के लिए राज्य सरकार द्वारा (₹520.13 करोड़) गृह मंत्रालय को भेजी गई थीं, जिनमें से ₹110 करोड़ से अधिक की धनराशि राज्य को मिल गई है।
वीवीपी-2 : भारत-नेपाल सीमा के 40 गांव शामिल
वीवीपी-2 के अंतर्गत—चम्पावत – 11 गांव, पिथौरागढ़ – 24 गांव, ऊधम सिंह नगर – 06 गांव। इन 40 गांवों का चयन किया गया है। इन गांवों का डेटा संकलन और सत्यापन कार्य प्रगति पर है। वीवीपी के रोड कंपोनेंट के अंतर्गत पिथौरागढ़ जनपद में पीएमजीएसवाई की 5 सड़कों के निर्माण हेतु ₹119.44 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं। इससे सीमा क्षेत्रों में आवाजाही, व्यापार और रणनीतिक दृष्टि से सड़क संपर्क और अधिक सुदृढ़ होगा।
ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का सीमांत गांवों के प्रति विशेष लगाव प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि “माणा को देश का अंतिम नहीं, प्रथम गांव बनाने का संदेश प्रधानमंत्री मोदी की उत्तराखंड के प्रति संवेदनशीलता दर्शाता है। मंत्री जोशी ने कहा कि वाइब्रेंट विलेज योजना राज्य के दूरस्थ गांवों में आधुनिक सुविधाएं, स्थायी आजीविका, कृषि-बागवानी, सुरक्षित वातावरण और पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगी। योजना के पूर्ण क्रियान्वयन से पलायन पर नियंत्रण और राष्ट्रीय सुरक्षा को सुदृढ़ करने में भी मदद मिलेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह योजना उत्तराखंड के सीमांत गांवों को आत्मनिर्भर, सुरक्षित और उन्नत मॉडल विलेज में बदलने की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगी।
मुख्यमंत्री धामी ने उच्च स्तरीय बैठक में अधिकारियों को दिए निर्देश
शीतकालीन यात्रा व्यवस्थाओं के विस्तार पर भी जोर
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य के दोनों मंडलों में एक-एक स्प्रिचुअल इकोनॉमिक ज़ोन की स्थापना के लिए विस्तृत कार्ययोजना (रोडमैप) शीघ्र तैयार की जाए। सीएम ने कहा कि यह पहल उत्तराखंड को वैश्विक आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
उन्होंने निर्देश दिए कि परियोजना के अंतर्गत धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण के साथ-साथ तीर्थ स्थलों एवं उनके आसपास के क्षेत्रों का समग्र विकास किया जाए। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। सीएम ने स्पष्ट किया कि इस वित्तीय वर्ष में ही इस योजना पर धरातल पर कार्य प्रारंभ किया जाए। योजना के तहत योग, ध्यान, आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा, स्थानीय हस्तशिल्प, पर्वतीय उत्पादों और सांस्कृतिक आयोजनों को भी बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह पहल उत्तराखंड की पहचान ‘आध्यात्मिक राजधानी’ के रूप में और प्रबल करेगी।

मुख्यमंत्री ने बैठक में शीतकालीन यात्रा व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि शीतकालीन स्थलों पर बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करते हुए यात्रा, आवास, परिवहन और सुरक्षा व्यवस्थाओं को मजबूत किया जाए, ताकि अधिक से अधिक पर्यटक राज्य की प्राकृतिक और सांस्कृतिक विविधता का अनुभव कर सकें। उन्होंने निर्देश दिए कि शीतकालीन स्थलों के प्रचार-प्रसार के लिए पारंपरिक और आधुनिक माध्यमों का इस्तेमाल करते हुए पर्यटन संभावनाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया जाए।
सीएम ने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ ही जनसामान्य के जीवन स्तर में सुधार लाना और राज्य की प्राकृतिक व आध्यात्मिक धरोहरों को संरक्षित रखते हुए सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ना सरकार का लक्ष्य है। उन्होंने अधिकारियों को ठोस कार्यनीति तैयार करने और समयबद्ध मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में वर्चुअल माध्यम से पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज जुड़े। बैठक में बद्री-केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, धीराज सिंह गर्ब्याल, स्थानिक आयुक्त अजय मिश्रा, अपर सचिव अभिषेक रोहिला और संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
विभिन्न विषयों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति से अस्पतालों में बढ़ेगी स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता
देहरादून। उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड ने राजकीय मेडिकल कॉलेजों के अंतर्गत विभिन्न संकायों के 142 असिस्टेंट प्रोफेसर का परीक्षा परिणाम विषयवार घोषित कर दिया है। चयन आयोग द्वारा चयनित इन संकाय सदस्यों को शीघ्र ही प्रदेश के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में प्रथम तैनाती दी जायेगी। असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति से मेडिकल कॉलेजों में जहां फैकल्टी की कमी दूर होगी वहीं छात्र-छात्राओं को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा और सम्बद्ध चिकित्सालयों में मरीजों को भी बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ होंगी।
सूबे के राजकीय मेडिकल कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर की स्थाई नियुक्ति के लिये विभागीय मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के निर्देश पर चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड को असिस्टेंट प्रोफेसर के रिक्त 439 पदों पर सीधी भर्ती के लिये अधियाचन भेजा गया था। जिसके क्रम में चयन बोर्ड के द्वारा उक्त पदों पर निर्धारित मानकों के तहत भर्ती प्रक्रिया आयोजित कर चयनित अभ्यर्थियों का अन्तिम परीक्षा परिणाम विषयवार घोषित कर दिया है। चयन बोर्ड द्वारा दो दर्जन से अधिक संकायों के लिये 142 विशेषज्ञ चिकित्साकों का चयन किया गया है। जिसमें एनेस्थीसिया संकाय में 16 असिस्टेंट प्रोफेसर का चयन हुआ है। इसी प्रकार एनाटॉमी, पीडियाट्रिक्स व बॉयोकैमेस्ट्री में 7-7, ब्लड बैंक, रेडियोथेरेपी व डर्मेटोलॉजी में 3-3, कम्युनिटी मेडिसिन व पैथोलॉजी 12-12, डेंटिस्ट्री 2, इमरजेंसी व फॉरेन्सिक मेडिसिन 1-1, जनरल मेडिसिन, जनरल सर्जरी, रेस्पीरेट्री मेडिसिन व फार्माकोलॉजी 5-5, माइक्रोबॉयोलॉजी व आर्थोपीडिक्स 9-9, ऑब्स्टेट्रीक एंड गायनी 8, ऑप्थैल्मोलॉजी 4 तथा ओटो-राइनो-लेरिंगोलॉजी, साईकाइट्री व फिजियोलॉजी संकाय में 6-6 असिस्टेंट प्रोफेसर का चयन हुआ है। इन सभी चयनित असिस्टेंट प्रोफेसर को शीघ्र ही प्रदेशभर के राजकीय मेडिकल कॉलेजों में प्रथम तैनाती दी जायेगी। इनकी नियुक्ति से मेडिकल कॉलेजों में शिक्षण व प्रशिक्षण कार्यों में गुणात्मक वृद्धि होगी, जिसका फायदा मेडिकल छात्र-छात्राओं को मिलेगी ही साथ ही सम्बद्ध अस्पतालों में उपचार को आये मरीजों को भी बेहतर इलाज मिल सकेगा।
बयान-
उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड ने राजकीय मेडिकल कॉलेजों के अंतर्गत दो दर्जन से अधिक संकायों में 142 असिस्टेंट प्रोफेसर का चयन परिणाम घोषित कर दिया है। इन चयनित फैकल्टी को शीघ्र ही मेडिकल कॉलेजों में नियुक्ति दी जायेगी। स्थाई फैकल्टी मिलने से मेडिकल कॉलेजों में शिक्षण, प्रशिक्षण एवं शोधात्मक कार्यों में गुणात्मक वृद्धि होगी, जिसका फायदा मेडिकल छात्र-छात्राओं को मिलेगी।– डॉ. धन सिंह रावत, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड।
सीएम धामी ने डॉक्टरों से ली विस्तृत जानकारी, शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल पहुँचे, जहाँ उन्होंने उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री दिवाकर भट्ट की कुशलक्षेम पूछी। न्यूरो संबंधी उपचार हेतु अस्पताल में भर्ती दिवाकर भट्ट से मुख्यमंत्री ने मुलाकात कर उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।
अस्पताल में वरिष्ठ न्यूरो सर्जन डॉ. पंकज अरोड़ा की देखरेख में दिवाकर भट्ट का उपचार चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, पिछले तीन दिनों से अस्पताल में भर्ती दिवाकर भट्ट को पहले एचडीयू में मेडिकल सपोर्ट पर रखा गया था। वर्तमान में उनकी स्थिति स्थिर है और स्वास्थ्य में निरंतर सुधार हो रहा है। फिलहाल उन्हें प्राइवेट कक्ष में शिफ्ट किया गया है।

सीएम धामी ने न केवल दिवाकर भट्ट का हालचाल लिया बल्कि अस्पताल में मौजूद अन्य मरीजों और उनके तीमारदारों से भी बातचीत की। उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं के संबंध में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. गौरव रतूड़ी से जानकारी प्राप्त की।
इस दौरान मुख्य जनसंपर्क अधिकारी भूपेन्द्र रतूड़ी, पीआरओ हरिशंकर गौड़, पीआरओ पीयूष गुसाईं सहित डॉक्टरों एवं नर्सिंग स्टाफ की टीम उपस्थित रही। मुख्यमंत्री धामी ने दिवाकर भट्ट के जल्द स्वस्थ होकर सार्वजनिक जीवन में सक्रिय होने की कामना व्यक्त की।
धौलास–आमवाला आवासीय योजनाओं को मिली नई गति, मार्च 2026 तक लक्ष्य पूर्ण करने के आदेश
एमडीडीए की समीक्षा बैठक में उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी सख्त, विकास कार्यों में समयबद्ध गुणवत्तापूर्ण प्रगति के दिए निर्देश
देहरादून। मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी की अध्यक्षता में प्राधिकरण की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति का मूल्यांकन करना और लंबित योजनाओं में गति लाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करना था। उपाध्यक्ष तिवारी ने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा कि विकास कार्यों में अनावश्यक देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। योजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा करना प्राधिकरण की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बैठक में धौलास आवासीय योजना में निर्माणाधीन ईडब्ल्यूएस यूनिटों की प्रगति पर विशेष ध्यान दिया गया। उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने निर्देश दिया कि सभी यूनिटों का निर्माण 31 मार्च 2026 तक हर हाल में पूरा किया जाए। इसी क्रम में आमवाला तरला आवासीय योजना के फ्लैटों के एलॉटमेंट की प्रक्रिया को भी मार्च 2026 तक शुरू करने के आदेश जारी किए गए। उन्होंने कहा कि यह योजनाएँ सीधे सामान्य और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के हितों से जुड़ी हैं, इसलिए इनमें पारदर्शिता और समयबद्धता अत्यंत आवश्यक है।
बैठक में सभी सेक्टरों के सहायक अभियंताओं और अवर अभियंताओं को प्रत्येक माह कम से कम पाँच पत्रावलियाँ को कम्पाउंडिंग करते हुए निस्तारित करने का लक्ष्य सौंपा गया। इसके साथ ही अन्य मानचित्र पत्रावलियों को भी ससमय निस्तारित करने के निर्देश दिए गए, ताकि नागरिकों की लंबित फाइलों का समय रहते समाधान हो सके। इसके अलावा लैंड पूलिंग नीति के तहत भूमि क्रय की प्रक्रिया को तेज करने और उपयुक्त भूखंडों के चयन के लिए भी निर्देश दिए गए। जिससे की प्राधिकरण का लैंड बैंक बढ़ाया जा सके।
बैठक में यह भी तय किया गया कि देहरादून जनपद में एमडीडीए द्वारा निर्मित व निर्माणाधीन पार्कों का संयुक्त निरीक्षण उपाध्यक्ष एवं सचिव द्वारा दिसंबर माह के प्रथम सप्ताह में किया जाएगा। उपाध्यक्ष ने कहा कि हरित क्षेत्र, पार्क और सार्वजनिक स्थान गुणवत्ता और सुरक्षा के साथ तैयार किए जाएँ, ताकि शहरवासियों को बेहतर सुविधाएँ मिल सकें। बैठक में प्राधिकरण सचिव मोहन सिंह बर्निया, मुख्य अभियंता एस.सी.एस. राणा, वित्त नियंत्रक संजीव कुमार, अधिशासी अभियंता गण, सहायक अभियंता गण, अवर अभियंता एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी गण उपस्थित रहे।
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का बयान
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण का लक्ष्य देहरादून और मसूरी क्षेत्र में योजनाबद्ध, समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण विकास सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि किसी भी कार्य में अनावश्यक विलंब स्वीकार्य नहीं है। आवासीय योजनाएँ आम जनता के हित और अपेक्षाओं से सीधे जुड़ी होती हैं, इसलिए इनके क्रियान्वयन में पारदर्शिता और तत्परता अनिवार्य है। तिवारी ने कहा कि कम्पाउंडिंग, भूमि चयन और पार्क विकास के कार्य निर्धारित समयसीमा में पूर्ण किए जाएँ।
सचिव मोहन सिंह बर्निया का बयान
सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि एमडीडीए विकास कार्यों में गुणवत्ता और गति दोनों सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि विभागीय टीम को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए हैं कि सभी योजनाएँ तय समयसीमा में धरातल पर उतरें। बर्निया ने कहा कि कम्पाउंडिंग मामलों के त्वरित निस्तारण, लैंड पूलिंग प्रक्रिया में तेजी और पार्कों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्राधिकरण जनता को बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए पूरी ईमानदारी से कार्य कर रहा है।
उत्तराखंड को FICCI द्वारा आयोजित ‘इंडिया स्पोर्ट्स अवार्ड 2025’ में सर्वश्रेष्ठ उभरता राज्य का खिताब
खेल मंत्री रेखा आर्या ने मुख्यमंत्री और प्रदेशवासियों को दी हार्दिक शुभकामनाएं
देहरादून। उत्तराखंड की खेल मंत्री रेखा आर्या ने प्रदेश को ‘इंडिया स्पोर्ट्स अवार्ड 2025’ में सर्वश्रेष्ठ राज्य (उभरता हुआ) का गौरव हासिल करने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और पूरे उत्तराखंड को बधाई दी है। मंत्री रेखा आर्य ने इस उपलब्धि को प्रदेश के खेल विकास के प्रति समर्पण और खेलों के क्षेत्र में किए गए निरंतर प्रयासों का जीवंत प्रमाण बताया।
उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार उत्तराखंड की खेल नीतियों और खिलाड़ियों के समर्पण की प्रमाणिकता है, जिसने उत्तराखंड की खेल छवि को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई ऊँचाइयों तक पहुंचाया है।
रेखा आर्या ने कहा कि मुख्यमंत्री धामी के सशक्त नेतृत्व में खेलों को बढ़ावा देने के लिए प्रभावी कदम उठाए गए हैं, जिससे खेल जगत में उत्तराखंड की नई पहचान बनी है।
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38वें राष्ट्रीय खेलों के आयोजन ने खेल जगत में उत्तराखंड को एक नई पहचान दी है, साथ ही खेलों में युवा प्रतिभाओं को उभरने का अवसर दिया है और प्रदेश में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के साथ खेलों की संस्कृति को मजबूती प्रदान की है।
मंत्री ने पूरे प्रदेशवासियों को इस ऐतिहासिक सफलता के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हम सभी मिलकर उत्तराखंड को खेलों में अभूतपूर्व सफलता के साथ और भी ऊँचा ले जाएंगे।
इंडिया स्पोर्ट्स अवार्ड 2025 समारोह का आयोजन 21 नवंबर 2025 को शाम 6 बजे नई दिल्ली के फिक्की फेडरेशन हाउस में किया जाएगा।
देहरादून। भाजपा नेता व श्री बदरीनाथ- केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के पूर्व अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने आज मुख्य सचिव आनंद वर्धन से भेंट कर प्रदेश में तीर्थाटन की संभावनाओं को लेकर चर्चा की और राज्य में स्थित ऐतिहासिक व पौराणिक तीर्थ स्थलों के विकास के लिए ठोस व समग्र नीति बनाने की मांग की।
अजेंद्र ने आज सचिवालय में मुख्य सचिव आनंद वर्धन से भेंट के दौरान कहा कि प्रदेश में तीर्थाटन की असीमित संभावनाएं हैं। लिहाजा, इस दिशा में गंभीर प्रयासों की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ऐतिहासिक व पौराणिक महत्व के तमाम मंदिर व तीर्थ स्थल हैं। प्रदेश सरकार को ऐसे प्रमुख मंदिरों में आधारभूत ढांचे के विकास के लिए विस्तृत योजना बनानी चाहिए। उन्होंने कहा कि आधारभूत ढांचे के विकास से उन स्थानों तक श्रद्धालुओं की पहुंच आसान होगी। इससे उन क्षेत्रों में भी आर्थिकी के नए द्वार खुलेंगे।
अजेंद्र ने प्रदेश में सरकार नियंत्रित मंदिरों के प्रबंधन और विकास के लिए हिमाचल प्रदेश में लागू हिमाचल प्रदेश हिंदू पब्लिक रिलिजियस इंस्टीट्यूशंस एंड चैरिटेबल एंडोमेंट्स एक्ट – 1984 और हाल ही में हिमाचल हाई कोर्ट द्वारा मंदिरों के प्रबंधन, वित्तीय पारदर्शिता, भ्रष्टाचार व कई अन्य बिंदुओं को लेकर दिए गए निर्देशों का अध्ययन कर उपयोगी प्रावधानों को लागू करने की भी जरूरत पर जोर दिया।
