शहरी सौंदर्यीकरण और हरित क्षेत्रों के विकास पर एमडीडीए का फोकस
देहरादून। मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) प्राधिकरण क्षेत्र के समग्र और संतुलित विकास के लिए निरंतर प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। जनहित से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता देते हुए एमडीडीए द्वारा शहरी सौंदर्यीकरण, हरित क्षेत्रों के विकास, सार्वजनिक स्थलों के उन्नयन और आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण की दिशा में तेज़ी से कार्य किए जा रहे हैं। इन्हीं प्रयासों के क्रम में देहरादून के नींबूवाला क्षेत्र में स्थित शहीद पार्क का विधिवत लोकार्पण विधायक देहरादून कैंट श्रीमती सविता कपूर द्वारा किया गया। यह शहीद पार्क देश की रक्षा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर सपूतों की स्मृति में विकसित किया गया है। पार्क में विशेष रूप से कारगिल युद्ध में शहीद शिव चरण प्रसाद, जम्मू-कश्मीर युद्ध में शहीद मेजर संजय सिंह तथा द्रास सेक्टर में ऑपरेशन विजय रक्षक के दौरान शहीद देवेंद्र सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। पार्क में स्थापित स्मृति चिह्न, हरित परिदृश्य, बैठने की समुचित व्यवस्था तथा प्रकाश व्यवस्था इसे एक गरिमामय और प्रेरणादायी स्थल बनाती है। मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण द्वारा इस पार्क के सौंदर्यीकरण और विकास कार्यों को योजनाबद्ध तरीके से पूर्ण किया गया है। पार्क को न केवल स्मारक स्वरूप दिया गया है, बल्कि इसे स्थानीय नागरिकों के लिए एक स्वच्छ, सुरक्षित और उपयोगी सार्वजनिक स्थल के रूप में भी विकसित किया गया है, जहां आने वाली पीढ़ियां वीर शहीदों के बलिदान से प्रेरणा ले सकें।
विधायक देहरादून कैंट सविता कपूर का बयान
लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान विधायक श्रीमती सविता कपूर ने कहा कि शहीद पार्क केवल एक उद्यान नहीं, बल्कि देशभक्ति, सम्मान और कृतज्ञता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह स्थल क्षेत्रवासियों के लिए गर्व का विषय है और आने वाले समय में यह बच्चों एवं युवाओं को देश के प्रति कर्तव्य और समर्पण की प्रेरणा देगा। उन्होंने एमडीडीए द्वारा किए गए विकास कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि प्राधिकरण द्वारा शहर के विभिन्न क्षेत्रों में हरित एवं सार्वजनिक स्थलों का विकास किया जा रहा है, जिससे शहरी जीवन की गुणवत्ता में निरंतर सुधार हो रहा है। एमडीडीए द्वारा प्राधिकरण क्षेत्र में सड़कों के सुधार, पार्कों के विकास, अवैध निर्माणों पर कार्रवाई, योजनाबद्ध विकास एवं पर्यावरण संतुलन को ध्यान में रखते हुए अनेक कार्य किए जा रहे हैं। नागरिकों की सुविधाओं को केंद्र में रखकर तैयार की जा रही योजनाओं का उद्देश्य देहरादून और मसूरी को एक सुव्यवस्थित, स्वच्छ और आधुनिक शहरी क्षेत्र के रूप में विकसित करना है।
उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी का बयान
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण जनहित और जनभावनाओं को सर्वोपरि रखते हुए विकास कार्य कर रहा है। शहीद पार्क जैसे प्रोजेक्ट केवल शहरी सौंदर्यीकरण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये हमारे वीर शहीदों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण का प्रयास है कि शहर में अधिक से अधिक हरित और सार्वजनिक स्थल विकसित किए जाएं, ताकि नागरिकों को बेहतर वातावरण मिल सके। आने वाले समय में भी एमडीडीए इसी सोच के साथ योजनाबद्ध विकास को आगे बढ़ाएगा।
सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया का बयान
एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि शहीद पार्क का विकास कार्य निर्धारित समय और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूर्ण किया गया है। उन्होंने बताया कि प्राधिकरण द्वारा जनसुविधाओं, हरित क्षेत्रों और सार्वजनिक स्थलों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। एमडीडीए की प्राथमिकता है कि विकास कार्य टिकाऊ, पर्यावरण अनुकूल और नागरिकों की आवश्यकताओं के अनुरूप हों। एमडीडीए का संकल्प है कि भविष्य में भी जनहित से जुड़े विकास कार्यों को इसी प्रतिबद्धता और पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ाया जाएगा, ताकि मसूरी–देहरादून क्षेत्र एक आदर्श, सुव्यवस्थित और संवेदनशील शहरी क्षेत्र के रूप में विकसित हो सके।
लोकार्पण कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण के अधिकारी, क्षेत्रीय गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई और उनके बलिदान को स्मरण किया गया। क्षेत्रवासियों ने शहीद पार्क के निर्माण और सौंदर्यीकरण के लिए माननीय विधायक श्रीमती सविता कपूर एवं एमडीडीए का आभार व्यक्त किया। शहीद पार्क का विकास न केवल नींबूवाला क्षेत्र, बल्कि पूरे देहरादून के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह पार्क आने वाले समय में सामाजिक, सांस्कृतिक और शैक्षिक गतिविधियों का भी केंद्र बनेगा। मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण द्वारा किए जा रहे ऐसे प्रयास यह दर्शाते हैं कि प्राधिकरण केवल संरचनात्मक विकास ही नहीं, बल्कि सामाजिक और भावनात्मक मूल्यों को भी समान महत्व देता है।
डबल इंजन सरकार 2026 में भी सेवा और सुशासन को देगी मजबूती- सीएम
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आंग्ल नववर्ष 2026 के अवसर पर सभी प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व और जन-जन के सहयोग से राज्य में डबल इंजन सरकार वर्ष 2026 में भी सेवा, सुशासन और संवेदनशीलता के संकल्प को और अधिक सशक्त रूप से आगे बढ़ाएगी।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य विकास की धारा को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है, चाहे वह दूरस्थ पहाड़ी गांव हो या सीमांत क्षेत्र। उन्होंने कहा कि युवाओं को सशक्त बनाना, मातृशक्ति को आत्मनिर्भर करना और पर्यावरण संरक्षण के साथ पर्यटन, कृषि व उद्योग को संतुलित गति देना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
सीएम धामी ने कहा कि इन उद्देश्यों को हासिल करने की दिशा में राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है और नववर्ष में विकास व जनकल्याण के प्रयासों को और तेज किया जाएगा।
19 सिलेंडर पकड़े गए, 43 हजार 700 रुपये का लगाया जुर्माना
पौड़ी। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया के निर्देश पर घरेलू गैस सिलेंडरों के दुरुपयोग को रोकने के लिए बुधवार को खाद्य आपूर्ति विभाग ने जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में सघन अभियान चलाया। इस दौरान होटल, ढाबों और अन्य प्रतिष्ठानों में औचक निरीक्षण किया गया। अभियान में कुल 129 होटल–ढाबों की जांच की गयी, जिसमें घरेलू गैस के दुरुपयोग के 19 मामले सामने आए। विभाग ने मौके पर ही 43 हजार 700 रुपये का जुर्माना वसूल किया।
खाद्य आपूर्ति विभाग की टीम ने पौड़ी नगर क्षेत्र में पूर्ति निरीक्षक शैलेंद्र बडोला के नेतृत्व में 24 होटल व ढाबों का निरीक्षण किया। यहां नौ घरेलू सिलेंडरों के दुरुपयोग पर 20 हजार 700 रुपये का जुर्माना किया गया। दुगड्डा क्षेत्र में क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी कृष्ण बौंठियाल की टीम ने 14 होटलों की जांच की। उफरैंखाल क्षेत्र में पूर्ति निरीक्षक शशिबाला रावत और विशेष राठौड़ के नेतृत्व में 11 होटलों का निरीक्षण किया गया, जहां एक घरेलू सिलेंडर के दुरुपयोग पर 2 हजार 300 रुपये का जुर्माना लगाया गया। खोलाचौरी व घुड़दौड़ी क्षेत्र में पूर्ति निरीक्षक राकेश पंत की टीम ने 14 होटलों की जांच की।
नगर निगम श्रीनगर क्षेत्र में पूर्ति निरीक्षक विजय कैंतुरा के नेतृत्व में 19 होटलों का निरीक्षण किया गया। यहां सात घरेलू सिलेंडरों के दुरुपयोग पर 16 हजार 100 रुपये का जुर्माना किया गया। वहीं नगर निगम कोटद्वार क्षेत्र में क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी करण सिंह क्षेत्री की टीम ने 24 होटलों का निरीक्षण कर दो घरेलू सिलेंडरों के दुरुपयोग पर 4 हजार 600 रुपये का जुर्माना किया। नीलकंठ व लक्ष्मणझूला क्षेत्र में पूर्ति निरीक्षक ज्योति नेगी और दिव्या मुखिया के नेतृत्व में 23 होटलों की जांच की गयी।
जिला पूर्ति अधिकारी अरुण कुमार वर्मा ने बताया कि घरेलू गैस सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग नियम विरुद्ध है। आगे भी इस तरह के औचक निरीक्षण जारी रहेंगे और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सैनिकों और पूर्व सैनिकों के सम्मान व कल्याण के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध- सीएम धामी
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को हाथीबड़कला, देहरादून में नव वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित पूर्व सैनिक मिलन कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सैनिकों और पूर्व सैनिकों की वीर भूमि है और राज्य सरकार उनके सम्मान, पुनर्वास एवं कल्याण के लिए निरंतर संवेदनशील एवं सक्रिय है। उन्होंने कहा कि सैनिक पुत्र होने की वजह से उन्होंने सेना के अनुशासन, त्याग और देशभक्ति को करीब से देखा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे सैनिकों से संबंधित हर कार्यक्रम में जाने का प्रयास करते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हर महत्वपूर्ण अवसर पर सैनिकों के बीच जरूर जाते हैं। सैनिकों एवं पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए लिए प्रधानमंत्री ने अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिये हैं। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण, सीमावर्ती क्षेत्रों के तीव्र विकास, सैनिकों के लिए आधुनिक उपकरणों, आवास एवं कल्याण सुविधाओं में लगातार वृद्धि की गई है, जिससे सक्रिय सैनिकों के साथ-साथ पूर्व सैनिक समुदाय का मनोबल और गौरव भी और अधिक बढ़ा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार राज्य में शहीद आश्रितों, पूर्व सैनिकों और सेवा निवृत्त सैन्य कर्मियों के लिए विविध कल्याणकारी योजनाएँ संचालित कर रही है।
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि सैनिक और पूर्व सैनिक देश की शान हैं, जिनके त्याग, बलिदान और अनुशासन के कारण आज भारत सुरक्षित और सशक्त है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के कल्याण के लिए निरंतर ठोस कदम उठा रही है। राज्य सरकार द्वारा सैनिकों को मिलने वाली पुरस्कार एवं सम्मान राशि में कई गुना वृद्धि की गई है, जिससे शहीदों और वीर सैनिकों के सम्मान को और अधिक गरिमा मिली है। उन्होंने कहा कि सीमा पर देश की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त होने वाले जवानों के परिजनों को सरकारी नौकरी प्रदान करने का संवेदनशील और ऐतिहासिक निर्णय धामी सरकार ने लिया है। उन्होंने कहा कि अब तक 28 शहीद सैनिकों के परिजनों को सरकारी सेवा में रोजगार प्रदान किया जा चुका है, जो सरकार की सैनिक परिवारों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
इस अवसर सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल एके सिंह, ब्रिगेडियर केजी बहल, मेजर जनरल सम्मी सबरवाल, ले.जनरल अश्वनी कुमार, मेजर जनरल ओपी राणा, ब्रिगेडियर जेएनएस बिष्ट, मेजर जनरल देवेश अग्निहोत्री, मेजर जनरल ओपी सोनी, मेजर जनरल आनंद रावत सहित पूर्व सैनिक उपस्थित रहे।
कानून-व्यवस्था और आपदा प्रबंधन को मजबूती, सीएम धामी ने की पुलिस की सराहना
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में 215 उपनिरीक्षकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये। जिसमें 104 उप-निरीक्षक, 88 गुल्मनायक (पी.ए.सी) एवं 23 अग्निशमन द्वितीय अधिकारी शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था, जनसुरक्षा तथा आपदा प्रबंधन प्रणाली को और अधिक सशक्त बनाने में पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने नवनियुक्त उप निरीक्षकों से कहा कि अब तक की उनकी परीक्षा केवल शुरुआत थी, असली परीक्षा अब शुरू हो रही है। उन्हें अब प्रदेश की सुरक्षा, कानून व्यवस्था, आपदा प्रबंधन एवं अग्निशमन जैसे महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा, अनुशासन और समर्पण के साथ करना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड दो अंतरराष्ट्रीय एवं दो आंतरिक सीमाओं से लगा राज्य है। राज्य में शांति एवं सुव्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ नशा, साइबर क्राइम, महिला अपराध, यातायात, आपदा प्रबंधन, चारधाम एवं कांवड़ यात्रा जैसे अनेक मोर्चों पर पुलिस की प्रभावी भूमिका होती है।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘स्मार्ट पुलिस’ के विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार पुलिस बल को आधुनिक तकनीक, अत्याधुनिक उपकरणों और उत्कृष्ट प्रशिक्षण से परिपूर्ण करने के लिए कृतसंकल्प है। बीते तीन वर्षों में पुलिस कर्मियों के आवास के लिए लगभग 500 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं तथा कैशलैस स्वास्थ्य सुविधा की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि पुलिस कर्मियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा एवं डेटा एनालिटिक्स जैसी उन्नत तकनीकों में प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। महिला सुरक्षा को लेकर उत्तराखंड पुलिस के प्रदर्शन की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य ने महिला अपराधों के निस्तारण में राष्ट्रीय औसत से दोगुनी सफलता प्राप्त की है तथा गृह मंत्रालय की रिपोर्ट अनुसार पोक्सो एवं महिला अपराधों के मामलों के निस्तारण में देश में पाँचवाँ स्थान प्राप्त किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है। इसके परिणामस्वरूप बीते चार वर्षों में 26 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है। राज्य में सभी परीक्षाएँ पूरी तरह पारदर्शी एवं निष्पक्ष तरीके से आयोजित की जा रही हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नवनियुक्त कार्मिक अपने कर्तव्यों का निर्वहन ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण के साथ करेंगे तथा राज्य की शांति, सुरक्षा और जनता के विश्वास को और अधिक मजबूत बनाएँगे।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक खजानदास, उमेश शर्मा काऊ, सचिव गृह शैलश बगोली, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, अपर पुलिस महानिदेशक डॉ. वी. मुरूगेशन, ए.पी अंशुमान, आईजी योगेन्द्र सिंह रावत एवं पुलिस के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
डीजी से लेकर सचिव स्तर तक प्रमोशन, सरकार ने जारी की सूची
देहरादून। राज्य सरकार ने आईएएस और आईपीएस अधिकारियों की पदोन्नति के आदेश जारी करते हुए उन्हें बड़ी जिम्मेदारियां सौंपी हैं। कार्मिक विभाग और गृह विभाग द्वारा जारी आदेशों के तहत कई अधिकारियों को उच्च पदों और वेतनमान में पदोन्नत किया गया है, जिससे प्रशासनिक और पुलिस व्यवस्था को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
कार्मिक विभाग की ओर से जारी आदेशों के अनुसार वर्ष 2010 बैच के आठ आईएएस अपर सचिवों को सचिव पद पर पदोन्नत किया गया है। इनमें डॉ. अहमद इकबाल, सोनिका, रंजना राजगुरु, ईवा आशीष श्रीवास्तव, आनंद स्वरूप, देवकृष्ण तिवारी, उमेश नारायण पांडेय और राजेंद्र कुमार शामिल हैं। प्रतिनियुक्ति पर तैनात ईवा आशीष श्रीवास्तव को परफॉर्मा पदोन्नति दी गई है। इसके अलावा, 2001 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी आर. मीनाक्षी सुंदरम को लेवल-15 ग्रेड में पदोन्नत किया गया है।
राज्य सरकार ने अन्य बैच के अधिकारियों को भी वेतनमान में उन्नयन का लाभ दिया है। 2013 बैच के आईएएस अधिकारियों मयूर दीक्षित, वंदना, विनीत कुमार, रीना जोशी और डॉ. आनंद श्रीवास्तव को चयन वेतनमान लेवल-13 प्रदान किया गया है। वहीं, 2017 बैच के आईएएस अधिकारियों को कनिष्ठ प्रशासनिक वेतनमान लेवल-12 में पदोन्नत किया गया है। इस सूची में नमामि बंसल, गौरव कुमार, संदीप तिवारी, रवनीत चीमा, विनोद गिरी गोस्वामी, प्रशांत कुमार आर्या, आशीष कुमार भटगाई, प्रकाश चंद्र, दीप्ति सिंह और निधि यादव शामिल हैं। इसके साथ ही 2022 बैच के आईएएस दीपक रामचंद्र सेठ, राहुल आनंद और आशिमा गोयल को वरिष्ठ वेतनमान लेवल-11 दिया गया है।
इसी क्रम में गृह विभाग ने भी आईपीएस अधिकारियों की पदोन्नति के आदेश जारी किए हैं। एडीजी अभिनव कुमार को डीजी रैंक में पदोन्नत किया गया है। वहीं, डीआईजी निवेदिता कुकरेती, पी. रेणुका देवी और बरिंदरजीत सिंह को आईजी पद पर पदोन्नति दी गई है। इसके अतिरिक्त, प्रहलाद नारायण मीणा, प्रीति प्रियदर्शिनी और यशवंत सिंह को एसएसपी से डीआईजी पद पर पदोन्नत किया गया है।
अन्य पदोन्नतियों में आईपीएस तृप्ति भट्ट और रामचंद्र राजगुरु को सेलेक्शन ग्रेड लेवल-13, आईपीएस अर्पण यदुवंशी को जूनियर एडमिनिस्ट्रेटिव ग्रेड तथा आईपीएस निशा यादव और जितेंद्र चौधरी को वरिष्ठ वेतनमान लेवल-11 प्रदान किया गया है। सभी पदोन्नति आदेश एक जनवरी से प्रभावी होंगे।
टनल हादसे के बाद त्वरित रेस्क्यू, सभी घायल सुरक्षित बाहर निकाले गए
चमोली।अलकनंदा नदी पर निर्माणाधीन विष्णुगाड-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना की सुरंग के भीतर एक हादसा हो गया। परियोजना की सुरंग के भीतर शिफ्ट परिवर्तन के दौरान दो लोको ट्रेनों के आमने-सामने टकरा जाने से अफरा-तफरी मच गई। इस हादसे में बड़ी संख्या में मजदूर और कर्मचारी घायल हो गए, जिन्हें तुरंत उपचार के लिए अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
घटना पीपलकोटी के समीप मायापुर गांव क्षेत्र में बनी लगभग सात किलोमीटर लंबी सुरंग में हुई। टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉरपोरेशन द्वारा संचालित इस परियोजना में सुरंग के भीतर आवाजाही और सामग्री ढुलाई के लिए लोको ट्रेनों का उपयोग किया जाता है। हादसे के समय एक ट्रेन श्रमिकों व अधिकारियों को लेकर जा रही थी, जबकि दूसरी ट्रेन निर्माण सामग्री से लदी हुई थी।
प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार, टक्कर के समय दोनों ट्रेनों में कुल 109 लोग सवार थे। हादसे में करीब 60 मजदूर और कर्मचारी घायल हुए। राहत एवं बचाव दल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी घायलों को सुरक्षित सुरंग से बाहर निकाला। गंभीर रूप से घायल 10 लोगों को जिला अस्पताल गोपेश्वर रेफर किया गया, जबकि अन्य घायलों का उपचार पीपलकोटी के विवेकानंद अस्पताल और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में किया गया।
चमोली के पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने बताया कि परियोजना की सुरक्षा व्यवस्था सीआईएसएफ के अधीन है और सभी घायलों का इलाज जारी है। प्रशासन ने हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में तकनीकी खराबी या आपसी संचार में चूक की आशंका जताई जा रही है।
देर रात हुए इस हादसे के बाद परियोजना प्रबंधन, जिला प्रशासन और बचाव दल ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया। सुरंग के भीतर फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में स्थानीय कर्मचारियों और रेस्क्यू टीम की अहम भूमिका रही।
घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जिलाधिकारी चमोली से फोन पर वार्ता कर स्थिति की जानकारी ली और घायलों को हर संभव बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही आवश्यकता पड़ने पर घायलों को उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर करने को कहा गया।
पुल निर्माण को स्वीकृति मिलने पर क्षेत्रीय जनता ने जताया सीएम धामी व लोनिवि मंत्री का आभार
यमकेश्वर (पौड़ी)। जनपद के विधानसभा क्षेत्र यमकेश्वर के अन्तर्गत शीला काण्डई मोटर मार्ग पर बनने वाले 24 मीटर स्टील ट्रस सेतु के निर्माण कार्य की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति मिल चुकी है। क्षेत्रीय जनता एवं जनप्रतिनिधियों ने यमकेश्वर के अन्तर्गत शीला काण्डई मोटर मार्ग में 158.17 लाख (रुपये एक करोड़ अठावन लाख सत्रह हजार मात्र) की लागत से बनने वाले 24 मीटर स्टील ट्रस सेतु के निर्माण कार्य की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसके लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और लोक निर्माण मंत्री सतपाल महाराज का आभार व्यक्त किया है।
यमकेश्व क्षेत्र की जनता एवं जनप्रतिनिधियों ने राज्य योजना के अन्तर्गत जनपद पौड़ी गढ़वाल के विधानसभा क्षेत्र यमकेश्वर के अन्तर्गत शीला काण्डई मोटर मार्ग में पर 158.17 लाख (रुपये एक करोड़ अठावन लाख सत्रह हजार मात्र) की लागत से बनने वाले 24 मीटर लम्बे स्टील ट्रस सेतु के निर्माण कार्य की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसके लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और लोक निर्माण मंत्री सतपाल महाराज का आभार व्यक्त किया है।
लोनिवि मंत्री महाराज ने कहा कि अधिकारियों को पुल के निर्माण का कार्य गुणवत्ता पूर्ण और तय समय पर पूरा करने के निर्देश दे दिए गए हैं। शीघ्र ही टेंडर प्रक्रिया के पश्चात निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया जायेगा। पुल के बन जाने पर लोगों काफी सुविधा और राहत मिलेगी।
प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत नियमों से खिलवाड़ नहीं होगा बर्दाश्त- बंशीधर तिवारी
देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत अवैध निर्माणों के विरुद्ध निरंतर प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में सहस्त्रधारा रोड क्षेत्र में बिना स्वीकृति एवं मानचित्र के विपरीत किए जा रहे अवैध निर्माणों पर सीलिंग की कार्रवाई अमल में लाई गई। यह कदम शहरी नियोजन, जनसुरक्षा तथा सुव्यवस्थित विकास को सुनिश्चित करने की दिशा में उठाया गया है।
प्राधिकरण द्वारा किए गए निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि सहस्त्रधारा रोड क्षेत्र में कुछ भवन निर्माण नियमों का उल्लंघन कर अवैध रूप से किए जा रहे हैं। संबंधित प्रकरणों में नियमानुसार नोटिस एवं प्रक्रिया के उपरांत सीलिंग की कार्रवाई की गई। एमडीडीए का स्पष्ट रुख है कि प्राधिकरण क्षेत्र में किसी भी प्रकार का अवैध, अनियोजित अथवा नियम विरुद्ध निर्माण स्वीकार नहीं किया जाएगा।
इस कार्रवाई के अंतर्गत कैलाशवीर सिंह द्वारा गंगा इन्क्लेव, सहस्त्रधारा रोड, देहरादून में किए गए अवैध बहुमंज़िला निर्माण को सील किया गया। इसके साथ ही भरत सिंह द्वारा कुलहान, सहस्त्रधारा रोड, देहरादून में किए गए अवैध व्यवसायिक निर्माण पर भी सीलिंग की कार्रवाई की गई। दोनों ही मामलों में निर्माण बिना वैध स्वीकृति के तथा स्वीकृत मानचित्र के विपरीत पाया गया।
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि अवैध निर्माण शहर की आधारभूत संरचना, यातायात व्यवस्था, पर्यावरण संतुलन और आपदा प्रबंधन के लिए गंभीर चुनौती बनते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्राधिकरण का उद्देश्य दंडात्मक कार्रवाई नहीं, बल्कि सुनियोजित और नियमबद्ध विकास सुनिश्चित करना है। बावजूद इसके, यदि कोई व्यक्ति नियमों की अनदेखी करता है तो उसके विरुद्ध सख़्त कार्रवाई की जाएगी। आने वाले समय में भी ऐसे अवैध निर्माणों के विरुद्ध अभियान और तेज़ किया जाएगा।
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने जानकारी देते हुए बताया कि सहस्त्रधारा रोड क्षेत्र में की गई यह सीलिंग की कार्रवाई पूरी तरह नियमानुसार एवं सक्षम प्राधिकारी के निर्देशों के अनुरूप की गई है। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण द्वारा आमतौर पर भवन स्वामियों को नियमों के पालन हेतु अवसर प्रदान किए जाते हैं, किंतु इसके बावजूद अवैध निर्माण जारी रहने पर कार्रवाई अनिवार्य हो जाती है। सचिव ने आम नागरिकों, भवन स्वामियों एवं डेवलपर्स से अपील की कि किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य प्रारंभ करने से पूर्व मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण से आवश्यक अनुमति अवश्य प्राप्त करें। इससे न केवल कानूनी जटिलताओं से बचा जा सकता है, बल्कि शहर का नियोजित विकास भी सुनिश्चित होगा।
उक्त सीलिंग की कार्रवाई संयुक्त सचिव गौरव चटवाल के आदेशों के अनुपालन में सम्पन्न की गई। कार्रवाई सहायक अभियन्ता शैलेन्द्र सिंह रावत, अवर अभियन्ता गौरव तोमर, संबंधित सुपरवाइज़र तथा पुलिस बल की उपस्थिति में शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से पूर्ण की गई। कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की गई थी।
मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों के विरुद्ध यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। एमडीडीए का लक्ष्य देहरादून एवं मसूरी क्षेत्र में पारदर्शी, सुरक्षित और सुनियोजित शहरी विकास सुनिश्चित करना है, जिसमें आमजन का सहयोग अपेक्षित है।
सीएम धामी ने वरिष्ठ नागरिकों को बताया समाज की धरोहर
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को जी.एम.एस रोड, देहरादून में स्व. उमेश अग्रवाल की 66वीं जयन्ती के अवसर पर आयोजित मातृ-पितृ भक्ति दिवस कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वर्गीय उमेश अग्रवाल की जयंती पर उन्हें श्रंद्धाजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका संपूर्ण जीवन संगठन, समाज और राष्ट्रसेवा को समर्पित रहा। स्व. उमेश ने देहरादून में भाजपा विभिन्न दायित्वों का निर्वहन करते हुए संगठन को सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने हमेशा जनसेवा और विकास को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बनाए रखा। उन्होंने प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के कार्यकारी अध्यक्ष तथा दून उद्योग व्यापार मंडल के संरक्षक के रूप में व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर संघर्ष किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वरिष्ठजन हमारे परिवार के संरक्षक के साथ संस्कृति, परंपराओं और मूल्यों के जीवंत वाहक भी होते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए भी कार्य कर रही है। वृद्धावस्था पेंशन योजना के अंतर्गत प्रतिमाह ₹ 1500 पेंशन प्रदान की जा रही है। जिसके अंतर्गत राज्य के लगभग 6 लाख वृद्धजनों को पेंशन दी जा रही है। इसमें पात्र, पति और पत्नी दोनों को अलग-अलग पेंशन का लाभ भी किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा केंद्र सरकार के सहयोग से रुद्रपुर में मॉडल वृद्धाश्रम का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा राज्य में पहली बार वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल के लिए मानव संसाधन तैयार करने की दिशा में जेरियाट्रिक केयर गिवर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया है। जिसमें करीब 20 मास्टर ट्रेनर तैयार किए गए। उन्होंने कहा इस वर्ष प्रत्येक जनपद में कम से कम 50 व्यक्तियों को मास्टर ट्रेनर बनाने के साथ ही 150 व्यक्तियों को जेरियाट्रिक केयर गिवर प्रशिक्षण प्रदान करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार वरिष्ठ नागरिकों को निःशुल्क मोतियाबिंद सर्जरी की सुविधा भी प्रदान कर रही है। इस वर्ष 1,300 वरिष्ठ नागरिकों की निशुल्क सर्जरी कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सरकार ने बदलते समय के साथ रिश्तों में आई चुनौतियों को देखते हुए वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों की रक्षा हेतु राज्य में माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण अधिनियम भी लागू किया है। जिसके तहत बुजुर्गों को यह कानूनी अधिकार प्राप्त हो जाता है कि वे अपने बच्चों या कानूनी उत्तराधिकारियों से भरण-पोषण की मांग कर सकें।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, महामंत्री संगठन अजेय कुमार, विधायक सविता कपूर, खजान दास, उमेश शर्मा काऊ, अध्यक्ष महानगर सिद्धार्थ अग्रवाल एवं अन्य लोग मौजूद रहे।
