एडीजी ने दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
देहरादून। दिल्ली में हुए धमाके के बाद उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय ने पूरे प्रदेश में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय और अंतरराज्यीय सीमाओं पर चौकसी बढ़ा दी गई है। एडीजी कानून व्यवस्था डॉ. वी. मुरुगेशन ने गढ़वाल और कुमाऊं रेंज के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक कर सुरक्षा उपायों की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
एडीजी ने बताया कि धमाके के बाद उत्तराखंड पुलिस लगातार दिल्ली पुलिस, उत्तर प्रदेश एटीएस और अन्य सीमावर्ती राज्यों की पुलिस के संपर्क में है। हिमाचल व सहारनपुर बॉर्डर पर विशेष निगरानी रखी जा रही है, जबकि नेपाल सीमा पर एसएसबी के साथ समन्वय को और मजबूत किया गया है।
प्रदेश में मौजूद सैन्य प्रतिष्ठानों, एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, बस अड्डों, होटल, धर्मशालाओं और भीड़भाड़ वाले बाजारों में बम निरोधक दस्ते और श्वान दलों के साथ चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी सतत निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी तरह की अफवाह या संदिग्ध गतिविधि को तुरंत रोका जा सके।
डॉ. मुरुगेशन ने सभी जिलों को अलर्ट मोड पर रहने और इंटेलीजेंस से निरंतर संपर्क बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में प्रतिक्रिया समय कम से कम हो, इसके लिए डायल 112 की रिस्पॉन्स टाइम सुधारने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। वर्तमान में कुछ पहाड़ी जिलों में यह समय 20 से 23 मिनट है, जबकि औसत 12 से 13 मिनट का है। इसे संतुलित करने के लिए संबंधित जिलों को निर्देश दिए गए हैं।
साथ ही एडीजी ने आदेश दिया कि वाहन चोरी और स्नैचिंग जैसी घटनाओं की समीक्षा जिला प्रभारी स्वयं करें और एसपी टेलीकॉम प्रत्येक माह स्ट्रीट क्राइम से संबंधित रिपोर्ट तैयार करें, ताकि अपराध नियंत्रण की दिशा में ठोस कार्रवाई की जा सके।
सीएम ने उत्कृष्ट प्रदर्शन पर दी बधाई और शुभकामनाएं
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से उनके शासकीय आवास पर वर्ल्ड कप विजेता भारतीय टीम की सदस्य एवं उत्तराखंड की बेटी स्नेह राणा ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्नेह राणा को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि स्नेह राणा ने अपने समर्पण, अनुशासन और निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन से न केवल उत्तराखंड बल्कि पूरे देश का नाम विश्व पटल पर रोशन किया है। उन्होंने कहा कि स्नेह राणा जैसी खिलाड़ी राज्य की उभरती हुई महिला खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उनकी उपलब्धियों ने प्रदेश की उन बेटियों के सपनों को पंख दिए हैं, जो खेल जगत में अपनी अलग पहचान बनाना चाहती हैं।
एप्लीकेशन तैयार, मार्गदर्शन के बाद होगा मॉडिफिकेशन और टेंडरिंग प्रोसेस की शुरुआत
देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में परिसंपत्तियों यथा भूमि के क्रय – विक्रय का वर्चुअल रजिस्ट्रेशन करने के संबंध में समीक्षा बैठक आयोजित की गई।मुख्य सचिव ने संबंधित अधिकारियों से वर्चुअल रजिस्ट्रेशन के कार्यों की प्रगति का स्टेटस लेते हुए निर्धारित टाइमलाइन में इसका क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने कहा कि भूमि के क्रय – विक्रय का वर्चुअल रजिस्ट्रेशन पूर्ण करने के लिए सभी संबंधित हितधारकों से समन्वय स्थापित किया जाए।
उन्होंने निर्देश दिए कि संबंधित एप्लीकेशन /पोर्टल में इस तरह का प्रावधान किया जाए कि भूमि के क्रय – विक्रय से संबंधित जितने भी दस्तावेज विभिन्न हित धारकों, विभागों, निकायों और एजेंसियों के बीच शेयर करने होते हैं वे सभी दस्तावेज ऑटो मोड पर और पेपरलेस प्रक्रिया से त्वरित गति से शेयर हो जाए।
उन्होंने कहा कि इस परियोजना के तैयार होने से भूमि के क्रय- विक्रय में पारदर्शिता आएगी, विभिन्न विभागों, निकायों, एजेंसियों और हितधारकों के मध्य भूमि का एक जैसा और सही रिकॉर्ड साझा हो सकेगा तथा इससे भूमि के क्रय- विक्रय से जुड़े विवादों में भी कमी आएगी।
इस दौरान अधिकारियों ने अवगत कराया कि संबंधित एप्लीकेशन बन चुकी है तथा इस संबंध में आज प्राप्त हुए मार्गदर्शन के अनुसार इसका थोड़ा मॉडिफिकेशन किया जाएगा। उसके पश्चात इसके इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए टेंडरिंग प्रोसेस प्रारंभ की जाएगी।
अवगत कराया कि इस एप्लीकेशन /पोर्टल में भूमि के क्रय – विक्रय के संबंध में तीन तरह के विकल्प उपलब्ध रहेंगे।
पहले विकल्प के तहत भौतिक रूप से दस्तावेज सहित रजिस्ट्रेशन के लिए रजिस्ट्रार कार्यालय में उपस्थित होना होगा। दूसरे विकल्प के अंतर्गत रजिस्ट्रेशन कार्यालय में बिना किसी दस्तावेज़ के (पेपरलेस) उपस्थित होकर रजिस्ट्रेशन किया जा सकेगा। तीसरे विकल्प के अंतर्गत बिना किसी मीडिएटर के वर्चुअल (ऑनलाइन) माध्यम से भूमि की रजिस्ट्री की जा सकेगी।
कहा कि इस परियोजना को 1 अप्रैल 2026 से पूरे राज्य में लागू करने के प्रयास किए जाएंगे।
इस दौरान बैठक में सचिव दिलीप जावलकर, अपर सचिव श्रीमती सोनिका व आलोक कुमार पांडेय, सहायक महानिरीक्षक निबंधक अतुल शर्मा, उपसचिव सुनील सिंह सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
मंत्री गणेश जोशी ने दिए कृषि और उद्यान विभाग के लंबित प्रकरण जल्द निपटाने के निर्देश
देहरादून। कृषि एवं उद्यान मंत्री गणेश जोशी ने आज गढ़ी कैंट स्थित सर्किट हाउस के औद्यानिक परिषद सभागार में विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर कृषि एवं उद्यान विभाग के लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए।
बैठक में मंत्री जोशी ने कहा कि मिशन एप्पल और सेब की अति सघन बागवानी योजना के अंतर्गत किसानों के लंबित भुगतान शीघ्र किए जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि संबंधित किसानों का दो दिन के भीतर भौतिक सत्यापन कर लंबित भुगतान की कार्यवाही पूरी की जाए। साथ ही उन्होंने आपदा प्रभावित जनपद उत्तरकाशी के ए ग्रेड और बी ग्रेड के सेब काश्तकारों का भुगतान भी शीघ्र करने को कहा।
मंत्री जोशी ने पॉलीहाउस निर्माण में हो रही देरी पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा में निर्माण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में इस विषय पर भी चर्चा हुई कि पॉलीहाउस निर्माण का कार्य एजेंसी की बजाय किसानों द्वारा स्वयं कराए जाने और सरकार द्वारा डीबीटी के माध्यम से सब्सिडी दिए जाने की व्यवस्था पर भी चर्चा की गई।
उन्होंने राज्य के सभी जिलों में स्थित राजकीय उद्यानों और पौधशालाओं में 415 माली के पदों पर भर्ती प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए। साथ ही जायका परियोजना के कार्यों में भी तेजी लाने को कहा। मंत्री जोशी ने अधिकारियों को ड्रैगन फ्रूट नीति, कीवी और मिलेट नीति का ब्लॉक स्तर तक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश देते हुए कहा कि चौबटिया गार्डन सहित प्रदेश के 93 राजकीय उद्यानों को रिवाइब किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हॉर्टी टूरिज्म और फ्लोरीकल्चर की अपार संभावनाओं को देखते हुए इस दिशा में कार्य किया जाए। उन्होंने बैठक में अधिकारियों को लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के भी सख्त निर्देश दिए।
बैठक में महानिदेशक कृषि वंदना सिंह, अपर सचिव कृषि आनंद श्रीवास्तव, निदेशक कृषि परमाराम, संयुक्त निदेशक कृषि दिनेश कुमार, अपर निदेशक उद्यान रतन कुमार, बागवानी मिशन के निदेशक महेन्द्र पाल सहित विभाग के अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
राज्य निर्वाचन आयोग ने 12 जिलों में उपचुनाव की तारीखों का किया ऐलान
देहरादून। उत्तराखंड में त्रिस्तरीय पंचायतों के खाली पड़े हजारों पदों को भरने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने उपचुनाव की अधिसूचना जारी कर दी है। हरिद्वार को छोड़कर राज्य के 12 जिलों में ये चुनाव कराए जाएंगे। आयोग ने नामांकन प्रक्रिया 13 और 14 नवंबर को रखी है, जबकि मतदान 20 नवंबर को होगा। मतगणना की प्रक्रिया 22 नवंबर को पूरी की जाएगी। अगस्त-सितंबर में हुए पंचायत चुनावों के बाद राज्य में ग्राम पंचायत सदस्य, प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्य के कई पद खाली रह गए थे। अब आयोग ने इन रिक्त पदों को भरने की दिशा में प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिसूचना जारी होने के साथ ही आदर्श आचरण संहिता भी लागू हो गई है, जो मतगणना पूरी होने तक प्रभावी रहेगी।

32 हजार से अधिक सदस्य पद रिक्त, अब पंचायतों में लौटेगी सक्रियता
राज्य में ग्राम पंचायत सदस्य के 32,934 पद लंबे समय से खाली पड़े थे। इसके अलावा ग्राम प्रधान के 22 पद, क्षेत्र पंचायत सदस्य के 2 पद और एक पद जिला पंचायत सदस्य का भी रिक्त था। रुद्रप्रयाग जिले में जिला पंचायत सदस्य का एक पद खाली है, जबकि उत्तरकाशी और चमोली में एक-एक पद क्षेत्र पंचायत सदस्य का रिक्त है। आयोग के अनुसार, इन सभी पदों पर शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से चुनाव कराए जाएंगे।
उपचुनाव कार्यक्रम एक नजर में
नामांकन दाखिल करने की तिथि : 13 और 14 नवंबर (सुबह 10 से शाम 5 बजे तक)
नामांकन पत्रों की जांच : 15 नवंबर
नाम वापसी की अंतिम तिथि : 16 नवंबर दोपहर 3 बजे तक
चुनाव चिन्ह आवंटन : 16 नवंबर दोपहर बाद
मतदान : 20 नवंबर (सुबह 8 से शाम 5 बजे तक)
मतगणना : 22 नवंबर (सुबह 8 बजे से कार्य समाप्ति तक)

नामांकन और खर्च सीमा
ग्राम पंचायत सदस्य पद के लिए सामान्य उम्मीदवारों को नामांकन पत्र का मूल्य 150 रुपये और आरक्षित वर्ग और महिलाओं के लिए 75 रुपये रखा गया है। ग्राम प्रधान पद के लिए सामान्य वर्ग के लिए 300 रुपये और आरक्षित वर्ग व महिला प्रत्याशियों के लिए 150 रुपये नामांकन शुल्क होगा।
निर्वाचन आयोग ने चुनाव खर्च सीमा भी तय की है—
ग्राम पंचायत सदस्य : अधिकतम 10,000
ग्राम प्रधान एवं क्षेत्र पंचायत सदस्य : अधिकतम 75,000
जिला पंचायत सदस्य : अधिकतम 2,00,000

यहां होंगे उपचुनाव
राज्य के 12 जिलों में सदस्य ग्राम पंचायत, प्रधान ग्राम पंचायत, सदस्य क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के रिक्त पदों पर चुनाव होंगे। इनमें अल्मोड़ा (6241 सदस्य पद), पौड़ी (6068 पद), टिहरी (4170 पद), पिथौरागढ़ (2927 पद), चमोली (2812 पद), उत्तरकाशी (1961 पद), बागेश्वर (1610 पद), रुद्रप्रयाग (1436 पद), नैनीताल (2268 पद), चंपावत (1702 पद), ऊधमसिंह नगर (938 पद) और देहरादून (801 पद) शामिल हैं।
आयोग की तैयारी
राज्य निर्वाचन आयुक्त सुशील कुमार ने बताया कि जिन ग्राम पंचायतों में मतदान आवश्यक नहीं होगा, वहां पोलिंग पार्टियों को भेजने से पहले स्थिति स्पष्ट की जाएगी। कई जगहों पर सदस्य निर्विरोध चुने जाने की संभावना भी है। आयोग ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नामांकन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही पोलिंग पार्टियों की नियुक्ति आदेश जारी करें।
मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक- मुख्य सचिव ने सभी विभागों को एजेंडा शीघ्र प्रस्तुत करने के दिए निर्देश
समाज कल्याण विभाग को अनुसूचित जनजाति मंत्रालय से स्पेलिंग संशोधन और एकलव्य विद्यालय प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश
देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में आगामी मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक में राज्य की ओर से प्रस्तुत किए जाने वाले बिंदुओं का एजेंडा तैयार करने के संबंध में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। मुख्य सचिव ने ऐसे सभी विभागों जिनका अभी तक मध्य क्षेत्रीय परिषद की स्थाई समिति में प्रस्तुत किए जाने वाले प्रकरणों का एजेंडा अप्राप्त हैं को निर्देशित किया कि राज्य की ओर से विभागों द्वारा मध्य क्षेत्रीय परिषद समिति की आगामी बैठक में प्रस्तुत किए जाने वाले एजेंडे को तत्काल तैयार कर प्रस्तुत करें। उन्होंने निर्देशित किया कि एजेंडे में उन सभी पक्षों का स्पष्ट और संक्षिप्त विवरण हो जिसमें भारत सरकार से जिस स्तर का सहयोग अथवा संशोधन अपेक्षित हो।
मुख्य सचिव ने समाज कल्याण विभाग को जौनसारी/ जेनसारी शब्द विषयक प्रकरण के संबंध में निर्देश दिए कि उक्त प्रकरण को अनुसूचित जनजाति मंत्रालय को उनके पोर्टल में शब्द की स्पेलिंग को संशोधन करने का अनुरोध तैयार करें। साथ ही कहा कि इस संबंध में यदि विधायिका स्तर का संशोधन भी अपेक्षित हो तो उसका भी लीगल मार्गदर्शन प्राप्त कर लें। उन्होंने समाज कल्याण विभाग को निर्देशित किया कि भोटिया और राजी जनजाति हेतु जनपद पिथौरागढ़ में एक एकलव्य आदर्श विद्यालय की स्थापना तथा सामाजिक सुरक्षा पेंशन में बढ़ोतरी से संबंधित विषय का एजेंडा भी तैयार करें।
मुख्य सचिव ने ग्राम्य विकास विभाग को SECC (सोशियो इकोनोमिक एंड कास्ट सेंसस) डाटा के स्थान पर अन्य मानक/ विकल्प बनाए जाने पर विचार करने का अनुरोध तैयार करने को कहा ताकि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के संबंध में आसानी से कार्रवाई की जा सके।
उन्होंने आपदा प्रबंधन, ऊर्जा, पेयजल और सिंचाई विभाग को आपदा से क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों के मानक में संशोधन करते हुए धनराशि में बढ़ोतरी विषयक एजेंडा तैयार करने, परिवहन विभाग को RRTS ( रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) को मोदीनगर, मेरठ से हरिद्वार तक विस्तारीकरण किए जाने हेतु अनुरोध तैयार करने तथा टनकपुर- बागेश्वर एवं ऋषिकेश- उत्तरकाशी रेल परियोजना में सड़क निर्माण के प्रावधान का भी उल्लेख का एजेंडा तैयार करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त कृषि विभाग को मंडी शुल्क से संबंधित प्रकरण का एजेंडा भी तैयार करने के निर्देश दिए।
इस दौरान बैठक में सचिव सचिन कुर्वे, विनोद कुमार सुमन, वी वी आर पुरुषोत्तम, बृजेश संत सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
सीएम ने अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए
देहरादून। राज्य की रजत जयंती वर्ष उत्सव के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनसंवाद को और तेज कर दिया है। इसी क्रम में मंगलवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित जनता मिलन कार्यक्रम में उन्होंने प्रदेशभर से आए लोगों की समस्याएं और शिकायतें सुनीं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनता से प्राप्त शिकायतों एवं मांगों पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि फीडबैक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाना आवश्यक है, ताकि जनता को यह महसूस हो कि उनकी बात सुनी और समझी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कार्यक्रम प्रशासन को जनता के और अधिक करीब लाने का अवसर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य जन समस्याओं का समयबद्ध और संतोषजनक निस्तारण करना है। इसके लिए प्रत्येक विभाग को जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करते हुए जन अपेक्षाओं के अनुरूप सक्रिय, संवेदनशील और पारदर्शी व्यवहार अपनाना होगा। उन्होंने शिकायत निवारण प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और तकनीकी रूप से सुलभ बनाने पर भी जोर दिया।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य की रजत जयंती वर्ष जनभागीदारी और संवाद का अवसर है। इस दौरान जनता से प्राप्त सुझावों और मांगों को नीति निर्माण प्रक्रिया का हिस्सा बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि राज्य के हर नागरिक तक विकास योजनाओं का लाभ शीघ्र और सीधे तौर पर पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने जनता से भी राज्यहित में रचनात्मक सुझाव देने और जनसेवा के प्रयासों में सहभागी बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरकार की प्रत्येक नीति और निर्णय का मूल उद्देश्य जनता का हित और प्रदेश का समग्र विकास है।
शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने रामलीला मैदान, श्रीनगर में आयोजित कार्यक्रम में किया प्रतिभाग
श्रीनगर। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने रामलीला मैदान, श्रीनगर में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया, जो राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के गौरवशाली 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में मनाया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और स्थानीय नागरिकों ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम के दौरान ‘वंदे मातरम्’ के सामूहिक गायन का आयोजन किया गया, जिसमें श्रीनगर के छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। शिक्षा मंत्री ने इसे अत्यंत प्रेरणादायक क्षण बताते हुए कहा कि “महान राष्ट्रभक्त बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा ‘आनंदमठ’ में रचित यह अमर राष्ट्रगीत आज भी देशभक्ति और एकता की भावना को प्रज्वलित करता है।”

डॉ. रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज विकास और समृद्धि के मार्ग पर अग्रसर है, और ‘वंदे मातरम्’ का भाव हमारे लिए पथप्रदर्शक की तरह कार्य करता है। उन्होंने इस आयोजन में शामिल सभी छात्र-छात्राओं और शिक्षकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “युवा पीढ़ी जब राष्ट्रभक्ति के इस स्वर में जुड़ती है, तो यह नए भारत की सशक्त तस्वीर प्रस्तुत करती है।”
अंत में मंत्री ने ‘वंदे मातरम्’ के 150 गौरवशाली वर्ष पूर्ण होने पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएं दीं और इसे भारतीय एकता, संस्कृति और स्वाभिमान का प्रतीक बताया।
ग्राम पंचायत सदस्य 10 हजार, ग्राम प्रधान और क्षेत्र पंचायत सदस्य 75 हजार तक कर सकेंगे व्यय
देहरादून। उत्तराखंड राज्य निर्वाचन आयोग ने आगामी पंचायत उपचुनावों को लेकर उम्मीदवारों के खर्च की सीमा निर्धारित कर दी है। आयोग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, ग्राम पंचायत सदस्य अधिकतम 10 हजार रुपये, ग्राम प्रधान और क्षेत्र पंचायत सदस्य 75 हजार रुपये, जबकि जिला पंचायत सदस्य 2 लाख रुपये तक खर्च कर सकेंगे।
निर्वाचन आयोग ने जारी किए दिशा-निर्देश
प्रदेश में पंचायतों की खाली सीटों पर उपचुनाव की तारीख घोषित होते ही राज्य निर्वाचन आयोग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में मुख्य विकास अधिकारियों (CDO) और जिला पंचायत राज अधिकारियों (DPRO) के साथ बैठक कर चुनाव व्यय और अन्य प्रक्रियाओं को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए गए। राज्य निर्वाचन आयुक्त सुशील कुमार ने कहा कि पारदर्शिता और समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक श्रेणी के लिए खर्च सीमा स्पष्ट रूप से तय की गई है।
नामांकन पत्रों की फीस में भी अंतर
आयोग ने विभिन्न पदों और वर्गों के उम्मीदवारों के लिए नाम निर्देशन पत्रों का मूल्य (फीस) भी निर्धारित किया है।
सामान्य वर्ग के ग्राम पंचायत सदस्य उम्मीदवारों को ₹150 और अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग व महिला उम्मीदवारों को ₹75 शुल्क देना होगा।
ग्राम प्रधान पद के लिए सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों को ₹300 और अन्य वर्गों के उम्मीदवारों को ₹150 शुल्क देना होगा।
पारदर्शी और निष्पक्ष चुनाव पर जोर
आयोग ने सभी जिलों को निर्देशित किया है कि चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निर्धारित खर्च सीमा के भीतर हो। चुनाव खर्च की निगरानी के लिए संबंधित ब्लॉक और जिला स्तर पर विशेष टीमें गठित की जा रही हैं।
प्रभावित संपत्तिधारकों को पूरी पारदर्शिता के साथ मुआवजा और भूखंड आवंटन दिया जा रहा है- बंशीधर तिवारी
सड़क चौड़ीकरण के साथ क्षेत्र होगा और सुंदर, बनेगा फुटपाथ, स्ट्रीट लाइटिंग की होगी व्यवस्था- मोहन सिंह बर्निया
देहरादून। आढत बाजार तहसील चौक सड़क चौड़ीकरण परियोजना से जुड़े प्रभावित लोगों को मुआवजा देने और भूखंड आवंटन की प्रक्रिया में मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने बड़ी प्रगति की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों और जनहित को ध्यान में रखते हुए एमडीडीए ने एक अहम कदम उठाया। आढत बाजार क्षेत्र के दाहिनी ओर स्थित दो परिसम्पत्तियों की रजिस्ट्री लोक निर्माण विभाग के पक्ष में कराई गई। साथ ही, इन परिसम्पत्तियों के प्रभावितों को लगभग कुल 5 करोड़ का मुआवजा चैक के माध्यम से प्राधिकरण द्वारा रजिस्ट्री के समय कर दिया गया। भुगतान प्रभावितों को मौके पर ही चेक के माध्यम से किया गया।
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने बताया कि यह एमडीडीए की कोशिश है कि आढ़त बाजार शिफ्टिंग, सड़क चौड़ीकरण जैसे सार्वजनिक कार्यों में लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो और सभी को समय पर उचित मुआवजा मिले। सड़क चौड़ीकरण के पहले चरण में लगभग 80 प्रभावित परिसम्पत्तियाँ की रजिस्ट्री में आने वाले व्यय 25 हजार रुपये प्रति रजिस्ट्री की दर से लगभग 20 लाख रुपये की राशि प्राधिकरण द्वारा लोक निर्माण विभाग को हस्तांरिंत कर दी गई है। आढत बाजार-तहसील चौक सड़क चौड़ीकरण परियोजना शहर के लिए बहुत अहम है। इससे न केवल यातायात सुगम होगा बल्कि बाजार क्षेत्र का सौंदर्य भी बढ़ेगा। प्रभावित संपत्तिधारकों को पूरी पारदर्शिता के साथ मुआवजा और भूखंड आवंटन दिया जा रहा है। हमारा उद्देश्य है कि सभी कार्य गुणवत्तापूर्ण और समय पर पूरे हों। उन्होंने कहा कि यह सड़क चौड़ीकरण देहरादून के भीड़भाड़ वाले इलाकों में यातायात दबाव को कम करेगा। इसके साथ ही सड़क चौड़ीकरण के बाद क्षेत्र में फुटपाथ, स्ट्रीट लाइटिंग, और सौंदर्यीकरण की भी योजना है। यह परियोजना देहरादून को नई दिशा देने वाली साबित होगी। इससे न केवल यातायात व्यवस्था सुधरेगी, बल्कि नागरिकों के लिए शहर को और भी सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जा सकेगा।
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि प्राधिकरण ने प्रभावित संपत्तियों के प्रतिकरण और रजिस्ट्री की प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता और कानूनी रूप से सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ाया है। लोक निर्माण विभाग सहित सभी संबंधित विभागों के साथ लगातार समन्वय बनाया गया है, ताकि कार्य निर्धारित समय में पूरा हो सके। उन्होंने आगे बताया कि अगले चरण में शेष प्रभावित परिसम्पत्तियों की रजिस्ट्री और मुआवजा प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी। एमडीडीए लगातार ऐसे विकास कार्य कर रहा है जो शहर की सूरत निखारने के साथ-साथ नागरिकों के जीवन को आसान बनाने में मददगार हैं।
