अनिल बलूनी ने जताया केंद्र का आभार, कहा—युवाओं को मिलेगी नई दिशा
देहरादून/चमोली। केंद्रीय खेल मंत्रालय ने ज्योतिर्मठ में सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक के निर्माण को स्वीकृति प्रदान करते हुए 9.5 करोड़ रुपये की धनराशि भी जारी कर दी है। यह परियोजना क्षेत्र के युवाओं और खिलाड़ियों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आधुनिक खेल सुविधाएं उपलब्ध होने से स्थानीय प्रतिभाओं को बेहतर प्रशिक्षण का अवसर मिलेगा और वे राज्य व राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार हो सकेंगे।
ज्योतिर्मठ सहित पूरे गढ़वाल क्षेत्र में इस निर्णय का स्वागत किया जा रहा है। पौड़ी सांसद अनिल बलूनी ने केंद्र सरकार का आभार जताते हुए कहा कि यह पहल खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ-साथ युवाओं को सकारात्मक दिशा प्रदान करेगी।
ग्राफिक एरा इंस्टीट्यूट की पहल, ग्रामीण क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवा का लक्ष्य
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरूवार को “ग्रामीण गढ़वाल समग्र स्वास्थ्य सेवा परियोजना” के अंतर्गत मोबाइल मेडिकल यूनिट वाहनों का फ्लैग‑ऑफ किया। यह परियोजना ग्राफिक एरा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एवं हॉस्पिटल, देहरादून ने मुख्यमंत्री की प्रेरणा से शुरु की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि लोग भौगोलिक और आर्थिक कारणों से स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित न रहे। इस पहल से दूरस्थ गांवों तक समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा पहुंचाना आसान होगा। दूरस्थ एवं दुर्गम ग्रामीण इलाकों में प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधा, निःशुल्क जांच, परामर्श एवं दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराने की दिशा में यह अच्छा प्रयास है।
इस परियोजना का प्रथम चरण जनपद चमोली एवं टिहरी गढ़वाल में आरंभ किया गया है। जहां दो पूर्णतः सुसज्जित मोबाइल मेडिकल यूनिट्स को तैनात किया गया है। इसके माध्यम से सामान्य चिकित्सा, 29 से अधिक निशुल्क पैथोलॉजी जांच, निःशुल्क दवा वितरण, नेत्र जांच, स्वास्थ्य परामर्श एवं रेफरल सेवाएं प्रदान की जायेंगी। हर मोबाइल यूनिट में डॉक्टर मौजूद रहेंगे l ये यूनिट गांव, कस्बों, स्कूलों और बाजारों में निर्धारित समय पर जाकर चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराएंगी l इसके लिए जनपदों के अधिकारियों से सामंजस्य रखा जाएगा l
इस अवसर पर ग्राफिक एरा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एवं हॉस्पिटल के चेयरमैन कमल घनसाला, डॉ. पुनीत त्यागी डॉ. एस.एल. जेठानी, मेजर जनरल (रिटा) ओ.पी सोनी एवं डॉ. सुभाष गुप्ता मौजूद थे।
बंद निकासी गेट खुला, आईएसबीटी में मरम्मत और पार्किंग व्यवस्था तेज
देहरादून। आईएसबीटी (अंतर्राज्यीय बस टर्मिनल) क्षेत्र की अव्यवस्थाओं को दूर करने के लिए जिला प्रशासन ने सुधार कार्यों की शुरुआत कर दी है। जिलाधिकारी सविन बंसल द्वारा हाल ही में किए गए निरीक्षण के दौरान सामने आई खामियों के बाद संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे, जिनके अनुपालन में अब व्यवस्थाएं सुदृढ़ की जा रही हैं।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने आईएसबीटी का निकासी गेट बंद होने, अव्यवस्थित पार्किंग और सड़क किनारे अतिक्रमण को गंभीरता से लिया था। इसके बाद निकासी गेट को खोलने के साथ ही उसकी मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया गया है। साथ ही फ्लाईओवर के नीचे व्यवस्थित पार्किंग विकसित करने का काम भी प्रगति पर है।
यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने के उद्देश्य से सड़क किनारे उपलब्ध खाली भूमि पर पार्किंग के लिए टाइल बिछाने का कार्य प्रारंभ किया गया है, ताकि अनियंत्रित पार्किंग पर रोक लगाई जा सके। इसके अलावा क्षेत्र में क्रॉसओवर निर्माण का कार्य भी शुरू हो गया है, जिससे ट्रैफिक का दबाव कम होने की उम्मीद है।
जिलाधिकारी के निर्देशों के तहत सड़क किनारे किए गए अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई भी संबंधित विभागों द्वारा सुनिश्चित की जा रही है। इसके साथ ही फ्लाईओवर के नीचे कलर-कोड आधारित पार्किंग व्यवस्था विकसित करने और आईएसबीटी के निकासी गेट को शीघ्र चालू करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि यात्रियों और आम नागरिकों को सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने अधिकारियों को सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि निर्माण कार्यों के दौरान यात्रियों और यातायात को न्यूनतम असुविधा हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। जिला प्रशासन की ओर से आईएसबीटी क्षेत्र को सुव्यवस्थित, सुरक्षित और यात्री-अनुकूल बनाने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।
अटल बिहारी वाजपेयी के विचार आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं- मुख्यमंत्री
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह ने पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में उनके चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उनको नमन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वाजपेयी जी कुशल प्रशासक, ओजस्वी वक्ता तथा दूरदृष्टा नेता थे, जिन्होंने राष्ट्र निर्माण को नई दिशा प्रदान की। उनका संपूर्ण जीवन सुशासन, संवेदनशीलता एवं सर्वसमावेशी विकास के प्रति समर्पित रहा। उन्होंने राजनीति को जनसेवा का माध्यम बनाकर लोकहित को सर्वोपरि रखा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वाजपेयी के विचार आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उनकी कार्यशैली से प्रेरणा लेते हुए राज्य सरकार पारदर्शी प्रशासन, त्वरित निर्णय एवं जनहितकारी नीतियों के माध्यम से विकसित उत्तराखंड की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में प्रतिबद्धतापूर्वक कार्य कर रही है।
डॉ. रावत ने कहा- पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का व्यक्तित्व और कृतित्व आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बना रहेगा
पौड़ी। भारत रत्न और पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर डॉ. धन सिंह रावत ने पौड़ी में उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धापूर्वक नमन किया। इस मौके पर उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान को स्मरण करते हुए उन्हें राष्ट्रनिर्माण को समर्पित एक महान युगपुरुष बताया।
डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी केवल एक कुशल राजनेता ही नहीं थे, बल्कि उनके विचार, आदर्श और ओजस्वी नेतृत्व ने देश को नई दिशा देने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि अटल जी का जीवन राष्ट्रसेवा, सुशासन और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति समर्पण का प्रतीक रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का व्यक्तित्व और कृतित्व आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बना रहेगा। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे।
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पेशावर कांड के नायक वीर चन्द्र सिंह ‘गढ़वाली’ की जयंती पर मुख्यमंत्री आवास में उनके चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर उनका भावपूर्ण स्मरण किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने देश की आज़ादी के लिए आंदोलनरत निहत्थी जनता पर गोली चलाने के आदेश को अस्वीकार कर अद्वितीय देशभक्ति, साहस एवं नैतिक दृढ़ता का परिचय दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की आज़ादी के संघर्ष में ‘पेशावर कांड’ एक महत्वपूर्ण पड़ाव रहा है। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में यह घटना मील का पत्थर सिद्ध हुई, जिसने स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा और क्रांतिकारी आधार प्रदान किया।
अब तक प्रदेशभर में आयोजित 113 शिविरों में 56 हजार से अधिक लोग कर चुके हैं भागीदारी
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के तहत जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने अभियान को जनता से सीधे जुड़ने का प्रभावी माध्यम बताते हुए इसे पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ संचालित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक प्रदेशभर में आयोजित 113 शिविरों में 56 हजार से अधिक लोग भागीदारी कर चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य केवल औपचारिकता निभाना नहीं, बल्कि शासन की योजनाओं और सुविधाओं को सीधे आमजन तक पहुंचाना है। यह अभियान त्वरित समाधान, संवेदनशील प्रशासन और जनविश्वास को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिविरों के आयोजन में यदि कहीं बजट की समस्या हो तो उसे तुरंत संज्ञान में लाया जाए, ताकि कार्यक्रम की गति प्रभावित न हो।

सीएम धामी ने विशेष रूप से दिव्यांगजन और कमजोर वर्गों तक अभियान की जानकारी पहुंचाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि शिविर केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि वास्तव में आम जनता के लिए ‘गेम चेंजर’ साबित हों। मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों से भी अपील की कि वे निरीक्षण की भूमिका से आगे बढ़कर सेवा और सहभागिता की भावना के साथ मैदान में सक्रिय भूमिका निभाएं।
बैठक में राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, प्रदेश संगठन महामंत्री अजय कुमार, प्रदेश सरकार के सभी कैबिनेट मंत्री, सांसद, विधायक तथा भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी और दायित्वधारी मौजूद रहे।
2026 में कुल 28 सरकारी छुट्टियां, पांच दिवसीय सप्ताह वाले कार्यालयों में 25 ही मान्य
देहरादून। राज्य सरकार ने वर्ष 2026 के लिए सार्वजनिक अवकाशों की आधिकारिक सूची जारी कर दी है। इस बार अवकाश कैलेंडर में कोई नया अवकाश नहीं जोड़ा गया है। शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार वर्ष 2026 में कुल 28 सार्वजनिक अवकाश रहेंगे। हालांकि, जिन कार्यालयों में पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू है—जैसे सचिवालय और विधानसभा—वहां केवल 25 अवकाश ही मान्य होंगे। कैलेंडर के मुताबिक दो अवकाश रविवार और दो शनिवार को पड़ रहे हैं, जबकि बैंक और कोषागार संस्थानों में कुल 23 अवकाश ही अनुमन्य होंगे।
सामान्य प्रशासन विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिलाधिकारी अपने-अपने जिलों में स्थानीय महत्व के अवसरों पर वर्ष में अधिकतम तीन स्थानीय अवकाश घोषित कर सकते हैं। इन स्थानीय अवकाशों के दौरान सचिवालय और विधानसभा के कार्य सामान्य रूप से चलते रहेंगे।
वर्ष 2026 के घोषित सार्वजनिक अवकाश इस प्रकार हैं—
गणतंत्र दिवस: 26 जनवरी
महाशिवरात्रि: 15 फरवरी
होलिका दहन: 3 मार्च
होली: 4 मार्च
ईद-उल-फितर: 21 मार्च
रामनवमी: 26 मार्च
महावीर जयंती: 31 मार्च
गुड फ्राइडे: 3 अप्रैल
डॉ. भीमराव आंबेडकर जयंती: 14 अप्रैल
बुद्ध पूर्णिमा: 1 मई
ईद-उल-अजहा: 27 मई
मोहर्रम: 26 जून
हरेला: 16 जुलाई
स्वतंत्रता दिवस: 15 अगस्त
ईद-उल-मिलाद: 26 अगस्त
रक्षाबंधन: 28 अगस्त
जन्माष्टमी: 4 सितंबर
महात्मा गांधी जयंती: 2 अक्टूबर
दशहरा: 20 अक्टूबर
महर्षि वाल्मीकि जयंती: 26 अक्टूबर
दीपावली: 8 नवंबर
गोवर्धन पूजा: 10 नवंबर
ईगास-बग्वाल: 20 नवंबर
गुरु नानक जयंती: 24 नवंबर
क्रिसमस: 25 दिसंबर
शासन का कहना है कि अवकाश कैलेंडर जारी होने से कर्मचारियों और आमजन को पहले से अपनी योजनाएं बनाने में सुविधा मिलेगी।
सचिवालय व विधानसभा को छोड़ प्रदेश में इन दिनों भी रहेगा अवकाश
चेटीचंद – 19 मार्च
विश्वकर्मा पूजा – 17 सितंबर
गुरु तेगबहादुर शहीद दिवस- 24 नवंबर
बिना स्वीकृति विकसित कॉलोनियों पर सख्ती, एमडीडीए की ध्वस्तीकरण कार्रवाई जारी
देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण द्वारा प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत अवैध प्लॉटिंग के विरुद्ध सख्त रुख अपनाते हुए निरंतर प्रवर्तन कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में आज विभिन्न क्षेत्रों में बिना स्वीकृति की जा रही प्लॉटिंग पर ध्वस्तीकरण की कार्यवाही की गई। एमडीडीए का स्पष्ट संदेश है कि प्राधिकरण क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अवैध प्लॉटिंग, अवैध निर्माण और भूमि उपयोग परिवर्तन को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह कार्रवाई शहर की सुव्यवस्थित योजना, पर्यावरण संरक्षण और आम नागरिकों के हितों को ध्यान में रखते हुए की जा रही है। प्राधिकरण की टीमें लगातार क्षेत्र में सक्रिय हैं और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। एमडीडीए का उद्देश्य अवैध कॉलोनियों पर प्रभावी रोक लगाकर नियोजित शहरी विकास को बढ़ावा देना है।
इसी क्रम में पवन, अमित, गोविन्द एवं अन्य द्वारा सेरगढ़ माजरी ग्रांट, हरिद्वार रोड, डोईवाला, देहरादून क्षेत्र में लगभग 20 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। मौके पर बिना किसी वैधानिक अनुमति के सड़कें काटने, भूखण्डों का विभाजन करने और प्लॉटिंग विकसित करने की गतिविधियां पाई गईं, जिस पर प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माणों और संरचनाओं को ध्वस्त किया। इस कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता प्रमोद मेहरा, अवर अभियंता प्रवेश नौटियाल, सुपरवाइजर स्वती दीपक नौटियाल तथा पर्याप्त पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा, जिससे कार्रवाई शांतिपूर्ण और प्रभावी ढंग से संपन्न हुई।
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का बयान
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहा है। बिना मानचित्र स्वीकृति और लेआउट अप्रूवल के की जा रही प्लॉटिंग न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि इससे भविष्य में आम जनता को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। प्राधिकरण का उद्देश्य शहर और आसपास के क्षेत्रों में नियोजित, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल विकास सुनिश्चित करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
सचिव मोहन सिंह बर्निया का बयान
सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि अवैध प्लॉटिंग करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार ध्वस्तीकरण और सीलिंग की कार्रवाई लगातार की जा रही है। आम नागरिकों से अपील है कि किसी भी भूमि या प्लॉट को खरीदने से पूर्व उसकी वैधानिक स्थिति की जांच अवश्य करें। एमडीडीए की स्वीकृति के बिना विकसित की जा रही कॉलोनियों में निवेश न करें, अन्यथा नुकसान की जिम्मेदारी स्वयं की होगी।
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में कुल 11 प्रस्तावों पर मुहर लगी है।
कैबिनेट द्वारा लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय
1. राज्य में नैचुरल गैस पर वैट की दर को 20 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत किये जाने का कैबिनेट द्वारा लिया गया निर्णय।
उत्तराखण्ड राज्य में पर्यावरण संवर्द्धन एवं वर्तमान परिदृश्य में हरित (Green) तथा स्वच्छ (Clean) ऊर्जा की अवधारणा लागू होने के कारण राज्य की विभिन्न औद्योगिक विकास योजनाओं के अन्तर्गत प्रदूषण मुक्त औद्योगिक इकाईयों को स्थापित किये जाने को प्राथमिकता दिये जाने एवं कर संवर्द्धन की सम्भावना के दृष्टिगत् राज्य में पी०एन०जी० एवं सी०एन०जी० पर वर्तमान में लागू 20 प्रतिशत कर की दर को घटाकर 5 प्रतिशत किये जाने का निर्णय कैबिनेट द्वारा लिया गया है।
2. आपदा से प्रभावित धराली / आसपास के क्षेत्र (उत्तरकाशी) के रॉयल डिलीशियस सेब का ₹ 51 / प्रति किलोग्राम तथा रेड डिलीशियस सेब एवं अन्य सेब का ₹ 45 / प्रति किलोग्राम की दर पर (ग्रेड-सी सेब को छोड़कर) उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा उपार्जन करने तथा इसकी धनराशि घोषणा मद से स्वीकृत किए जाने के संबंध में मुख्यमंत्री की घोषणा को कैबिनेट द्वारा अनुमोदित किया गया।
3. उत्तराखण्ड वृद्ध एवं विपन्न कलाकारों तथा लेखकों को मासिक पेंशन बढ़ाने का कैबिनेट ने लिया निर्णय।
प्रदेश की सांस्कृतिक परम्पराओं एवं ऐतिहासिक क्षेत्रीय लोक कलाओं, गीतों, नृत्यों, वाद्ययंत्रों एवं साहित्य को जीवित रखने एवं इनका प्रचार-प्रसार करने वाले प्रदेश के कलाकारों तथा लेखकों को वृद्धावस्था में जीवीकोपार्जन हेतु वर्ष 2010 में मासिक पेंशन की धनराशि ₹ 3000 निर्धारित करते हुए उत्तराखण्ड वृद्ध एवं विपन्न कलाकारों तथा लेखकों को मासिक पेंशन नियमावली, 2010 प्रख्यापित की गयी थी। वर्तमान में वर्ष 2010 की अपेक्षा मंहगाई दर कहीं अधिक हो चुकी है। जिसे देखते हुए संस्कृति विभाग के द्वारा वृद्ध एवं विपन्न कलाकारों तथा लेखकों को दी जा रही मासिक पेंशन ₹ 3000 से बढ़ाकर ₹ 6000 किये जाने हेतु उत्तराखण्ड वृद्ध एवं विपन्न कलाकारों तथा लेखकों को मासिक पेंशन (संशोधन) नियमावली, 2025 के प्रख्यापन को कैबिनेट ने दी मंजूरी।
4. भारत सरकार द्वारा प्रयोजित Ease of doing Business (EoDB) के अधीन भवन मानचित्र स्वीकृत की प्रक्रिया में संशोधन किये जाने की व्यवस्था का कैबिनेट ने दिया अनुमोदन।
भारत सरकार द्वारा प्रयोजित Ease of doing Business (EoDB) के अधीन भवन मानचित्र स्वीकृत की प्रक्रिया में ऐसे भवन, जो भवन निम्न जोखिम वाले हैं (जैसे सिंगल रेसिडेंशियल हाउस, छोटे व्यवसाय भवन ), उन भावनो को इंपैनल आर्किटेक्चर द्वारा स्वप्रमाणित करते हुए नक्शा पास कराए जा सकते हैं।
भवन मानचित्र स्वीकृत की प्रक्रिया में ऐसे भवन जिनमें जोखिम की सम्भावना कम है, में Empanalled Architect द्वारा स्वप्रमाणित किए जाने के संबंध में की गई व्यवस्था का कैबिनेट द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया है। इसके अंतर्गत सम्बन्धित निर्माणकर्ता द्वारा भवन का निर्माण/पुनर्निर्माण के आवेदन के साथ SC-1, SC-2 Form सहित समस्त अभिलेख सक्षम प्राधिकारी के समक्ष अनुमोदन हेतु सूचना प्रस्तुत करेगा कि भवन प्लान न्यून जोखिम श्रेणी के भवन के रूप में Empanalled Architect द्वारा स्वप्रमाणित किया गया है। जिसमें सभी प्रकार के शुल्क भी देय होंगे।
05. उत्तराखण्ड सामान्य औद्योगिक विकास नियंत्रण (संशोधन) विनियमावली, 2025 प्रख्यापित किये जाने के निर्णय का कैबिनेट द्वारा अनुमोदन।
कंप्लायंस बर्डन को कम करने, व्यापार सुगमता को बढ़ावा देने तथा इसे और अधिक स्पष्ट करने के लिए औद्योगिक भूखण्डों के सम्बन्ध में आवश्यक संशोधन विलोपन और परिवर्द्धन के उद्देश्य से उत्तराखण्ड सामान्य औद्योगिक विकास नियंत्रण (संसोधन) विनियम-2022 यथासंशोधित, 2024 में संशोधन किये जाने के संबंध में कैबिनेट द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया। इसके अंतर्गत एम.एस.एम.ई यूनिट और इंडस्ट्री यूनिटों के ग्राउंड कवरेज को बढ़ाया गया है
6 . उत्तराखण्ड बांस एवं रेशा विकास परिषद् के संगठनात्मक ढांचे के पुनर्गठन के सम्बन्ध में कैबिनेट द्वारा लिया गया निर्णय।
उत्तराखण्ड बांस एवं रेशा विकास परिषद् की परियोजनायें एक निश्चित समयावधि के अन्तर्गत क्रियान्वित की जानी होती है। इसमें बदलती परिस्थितियों में विशेषज्ञता की भी आवश्यकता होती है तथा इसके ढांचे में व्यावसायिक एवं तकनीकी प्रकृति के पद के 13 स्थाई पद पूर्व से सृजित हैं। जिन्हें खुले बाजार या आउटसोर्स पर रखे जाने की आवश्यकता को देखते हुए 13 पदों का संशोधित ढांचा स्वीकृत किया गया है।
7. सिंचाई एवं लोक निर्माण विभाग के वर्कचार्ज कार्मिकों की वर्कचार्ज सेवा अवधि को पेंशन हेतु आगणित किये जाने का कैबिनेट में लिया निर्णय।
8. राज्य में आयुष्मान एवं अटल आयुष्मान योजना को 100% इंश्योरेंस मोड में और गोल्डन कार्ड को हाइब्रिड मोड में संचालित किए जाने पर कैबिनेट द्वारा निर्णय लिया गया है। हाइब्रिड मोड में गोल्डन कार्ड को संचालित किए जाने पर ₹ 5 लाख से कम के क्लेम इंश्योरेंस मोड एवं 5 लाख से ऊपर का क्लेम ट्रस्ट मोड में किया जाएगा। इसके साथ ही गोल्डन कार्ड का बकाए करीब 125 करोड़ को राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।
9. उत्तराखण्ड चिकित्सा शिक्षा सेवा (संशोधन) नियमावली, 2025 के प्रख्यापन को कैबिनेट ने दी मंजूरी।
इसके अंतर्गत प्रोफेसर एवं एसोसिएट प्रोफेसर की नियुक्ति के उम्र को बढ़ाकर 50 से बढ़ाकर 62 कर दिया गया है। सुपर स्पेशलिटी सर्विसेज एवं नए NMC के नियमों के अनुसार सुपर स्पेशलिटी सर्विसेज के लिए भी डिपार्टमेंट बनाए गए हैं। इसके अतिरिक स्वामी राम कैंसर संस्थान, हल्द्वानी के लिए 4 पदों का सृजन किया गया है।
10. राजकीय मेडिकल कॉलेज, श्रीनगर में कार्यरत संविदा, दैनिक वेतन, नियत वेतन एवं प्रबन्धन समिति आदि के माध्यम से कार्यरत कुल 277 कार्मिकों को समान कार्य-समान वेतन प्रदान किए जाने का प्रकरण कैबिनेट ने मंत्रिमंडल की उपसमिति को भेजा ।
11. पी०एम०एच०एस० संवर्ग के अन्तर्गत विशेषज्ञ चिकित्सकों को पर्वतीय/दुर्गम/अति दुर्गम क्षेत्रों में सेवायें दिये जाने हेतु तथा उनकी उपस्थिति सुनिश्चित किये जाने हेतु 50 प्रतिशत् अतिरिक्त भत्ता अनुमन्य किये जाने के संबंध में कैबिनेट द्वारा लिया गया निर्णय।
उत्तराखण्ड राज्य पर्वतीय क्षेत्रों / दुर्गम क्षेत्रों के चिकित्सालयों में क्लीनिकल कार्य करने वाले विशेषज्ञ चिकित्सकों को पर्वतीय क्षेत्रों / दुर्गम क्षेत्रों में सेवायें देने तथा वहां ठहराव सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 50 प्रतिशत् अतिरिक्त भत्ता (वेतन मैट्रिक्स लेवल में न्यूनतम वेतनमान का 50 प्रतिशत) अनुमन्य किए जाने का फैसला लिया गया है। उक्त भत्तें को सेवानिवृत्ति के उपरान्त पेंशनरी लाभों की गणना में सम्मिलित नहीं किया जायेगा। उक्त भत्ता पर्वतीय / दुर्गम क्षेत्र के चिकित्सालयों में क्लीनिकल कार्य करने वाले विशेषज्ञ चिकित्सकों ही अनुमन्य होगा। उक्त चिकित्सकों को शासनादेश दिनांक 19.9.2014 के द्वारा मूल वेतन (ग्रेड पे को छोड़कर) का 20 प्रतिशत् अतिरिक्त अनुमन्य रूप से प्राप्त देय भत्ता समाप्त माना जायेगा। राज्य के पर्वतीय / दुर्गम क्षेत्रों से मैदानी क्षेत्रों में सम्बद्ध विशेषज्ञ चिकित्सकों को उक्त भत्ता देय नहीं होगा।
इसके अतिरिक्त प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा देहरादून में परेड ग्राउंड स्थित प्रेस क्लब के लिये भूमि को सूचना विभाग को हस्तांतरित करने के निर्देश दिए गए हैं।उक्त प्रेस क्लब का भवन नजूल भूमि पर स्थित है। जिस वजह से उक्त भूमि पर नक्शा पास करने में दिक्कतें आ रही हैं। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार सूचना विभाग भूमि हस्तांतरण के बाद प्रेस क्लब की बिल्डिंग बना कर देगा।
